वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. किसी ठोस द्वारा घेरे गए स्थान की माप कहलाती है—
(a) क्षेत्रफल
(b) आयतन
(c) धारिता
(d) परिमाप
उत्तर: (b) आयतन
किसी ठोस वस्तु द्वारा त्रिविमीय स्थान में घेरे गए स्थान की माप को उसका आयतन कहते हैं।
क्षेत्रफल किसी सतह द्वारा घेरे गए द्विविमीय क्षेत्र की माप होती है।
अतः सही उत्तर आयतन है।
प्रश्न 2. -1 और 1 के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ प्राप्त हो सकती हैं?
(a) एक
(b) शून्य
(c) अनन्त
(d) दो
उत्तर: (c) अनन्त
किन्हीं भी दो अलग-अलग परिमेय संख्याओं के बीच अनन्त परिमेय संख्याएँ होती हैं।
-1 और 1 के बीच भी—
-1/2, -1/4, 0, 1/4, 1/2 आदि अनन्त परिमेय संख्याएँ प्राप्त की जा सकती हैं।
अतः सही उत्तर अनन्त है।
प्रश्न 3. a2 - 2ab + b2 बराबर होता है—
(a) (a + b)2
(b) (a - b)2
(c) a2 - b2
(d) a2 + b2
उत्तर: (b) (a - b)2
हम जानते हैं—
(a - b)2
= a2 - 2ab + b2
अतः—
a2 - 2ab + b2 = (a - b)2
प्रश्न 4. एक वर्ग का परिमाप 4 मीटर है। उसका क्षेत्रफल होगा—
(a) 1 मीटर2
(b) 2 मीटर2
(c) 4 मीटर2
(d) 6 मीटर2
उत्तर: (a) 1 मीटर2
वर्ग का परिमाप—
= 4 × भुजा
दिया है—
4 = 4 × भुजा
भुजा = 4/4
= 1 मीटर
वर्ग का क्षेत्रफल—
= (भुजा)2
= 12
= 1 वर्ग मीटर
अतः सही उत्तर 1 वर्ग मीटर है।
प्रश्न 5. निम्न में से कौन-सा रैखिक समीकरण नहीं है?
(a) 2m + 3 = 3m
(b) 5y - 5 = 3
(c) 5(2p + 1) = 4
(d) x + 1/x = 7
उत्तर: (d) x + 1/x = 7
एक चर वाले रैखिक समीकरण में चर की उच्चतम घात 1 होती है।
लेकिन—
x + 1/x = 7
दोनों पक्षों में x से गुणा करने पर—
x2 + 1 = 7x
x2 - 7x + 1 = 0
यह द्विघात समीकरण है।
अतः x + 1/x = 7 रैखिक समीकरण नहीं है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. -4/5 को संख्या रेखा पर प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर:
-4/5 = -0.8
अतः -4/5 संख्या रेखा पर -1 और 0 के बीच स्थित होगी।
-1 से 0 के बीच के भाग को 5 बराबर भागों में विभाजित करने पर -1 से दाईं ओर पहला बिन्दु -4/5 को प्रदर्शित करेगा।
अतः संख्या रेखा पर दर्शाया गया बिन्दु -4/5 है।
प्रश्न 7. स्तम्भाकृति (Histogram) और स्तम्भ आरेख (Bar Diagram) में दो अन्तर बताइए।
उत्तर:
1. Histogram में आयताकार स्तम्भ एक-दूसरे से जुड़े हुए होते हैं, जबकि Bar Diagram में स्तम्भों के बीच कुछ दूरी होती है।
2. Histogram का प्रयोग मुख्यतः सतत वर्गीकृत आँकड़ों के लिए होता है, जबकि Bar Diagram का प्रयोग असतत या श्रेणीबद्ध आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 8. x2 - x और x3 + x2 + x का म.स. ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
पहला व्यंजक—
x2 - x
= x(x - 1)
दूसरा व्यंजक—
x3 + x2 + x
= x(x2 + x + 1)
दोनों व्यंजकों में उभयनिष्ठ गुणनखण्ड x है।
अतः—
म.स. = x
प्रश्न 9. [3x3y3 × 4xy3] ÷ 6x2y को सरल कीजिए।
उत्तर:
दिया गया व्यंजक—
[3x3y3 × 4xy3] ÷ 6x2y
पहले अंश को सरल करने पर—
3x3y3 × 4xy3
= 12x4y6
अतः—
= 12x4y6 / 6x2y
= (12/6) × x4-2 × y6-1
= 2x2y5
प्रश्न 10. एक घनाभ के आधार का क्षेत्रफल 125 वर्ग मीटर है। यदि उसकी ऊँचाई 4.5 मीटर है, तो उसका आयतन ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
घनाभ के आधार का क्षेत्रफल = 125 वर्ग मीटर
ऊँचाई = 4.5 मीटर
घनाभ का आयतन—
= आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई
= 125 × 4.5
= 562.5 घन मीटर
अतः घनाभ का आयतन 562.5 घन मीटर है।
प्रश्न 11. x2 - 4x - 5 व्यंजक को पूर्ण वर्ग बनाकर गुणनखण्ड कीजिए।
उत्तर:
दिया गया व्यंजक—
x2 - 4x - 5
पूर्ण वर्ग बनाने के लिए 4 जोड़कर और घटाकर—
= x2 - 4x + 4 - 4 - 5
= (x - 2)2 - 9
= (x - 2)2 - 32
हम जानते हैं—
a2 - b2 = (a - b)(a + b)
अतः—
= [(x - 2) - 3][(x - 2) + 3]
= (x - 5)(x + 1)
अतः गुणनखण्ड (x - 5)(x + 1) हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. एक शंकु 216 सेमी ऊँचा है। इसके आधार की त्रिज्या 16 सेमी है। इसे पिघलाकर एक गोले के रूप में ढाला गया है। गोले की त्रिज्या बताइए।
उत्तर:
शंकु की ऊँचाई (h) = 216 सेमी
शंकु के आधार की त्रिज्या (r) = 16 सेमी
माना बने हुए गोले की त्रिज्या = R सेमी
शंकु को पिघलाकर गोला बनाया गया है, इसलिए दोनों के आयतन बराबर होंगे।
अतः—
शंकु का आयतन = गोले का आयतन
(1/3)πr2h = (4/3)πR3
मान रखने पर—
(1/3)π × 162 × 216 = (4/3)πR3
162 × 216 = 4R3
R3 = (16 × 16 × 216)/4
= 64 × 216
= 13824
R3 = 243
अतः—
R = 24 सेमी
अतः गोले की त्रिज्या 24 सेमी है।
प्रश्न 13. प्रशिक्षुओं द्वारा संस्थान आने हेतु अपनाए गए साधनों का विवरण निम्नवत् है। प्रशिक्षुओं की संख्या को पिक्टोग्राफ द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
| यातायात का साधन | प्रशिक्षुओं की संख्या |
|---|---|
| स्कूटर | 8 |
| ऑटो | 9 |
| पैदल | 18 |
| मोटर साइकिल | 10 |
| अन्य | 15 |
उत्तर:
माना—
● = 2 प्रशिक्षु
◐ = 1 प्रशिक्षु
| यातायात का साधन | पिक्टोग्राफ |
|---|---|
| स्कूटर | ● ● ● ● |
| ऑटो | ● ● ● ● ◐ |
| पैदल | ● ● ● ● ● ● ● ● ● |
| मोटर साइकिल | ● ● ● ● ● |
| अन्य | ● ● ● ● ● ● ● ◐ |
अतः उपर्युक्त पिक्टोग्राफ में एक पूरा ● दो प्रशिक्षुओं तथा ◐ एक प्रशिक्षु को प्रदर्शित करता है।
प्रश्न 14. समीकरण (4x + 1)/(8x - 4) = 2 को हल कीजिए एवं उत्तर की जाँच भी कीजिए।
उत्तर:
दिया गया समीकरण—
(4x + 1)/(8x - 4) = 2
जहाँ—
8x - 4 ≠ 0
अर्थात x ≠ 1/2
क्रॉस गुणा करने पर—
4x + 1 = 2(8x - 4)
4x + 1 = 16x - 8
16x - 4x = 8 + 1
12x = 9
x = 9/12
x = 3/4
उत्तर की जाँच—
x = 3/4 रखने पर—
बायाँ पक्ष—
= [4(3/4) + 1]/[8(3/4) - 4]
= (3 + 1)/(6 - 4)
= 4/2
= 2
दायाँ पक्ष = 2
अतः—
L.H.S. = R.H.S.
इसलिए x = 3/4 सही है।
प्रश्न 15. एक समानान्तर चतुर्भुज की दो संलग्न भुजाएँ क्रमशः 6 सेमी और 10 सेमी हैं तथा उसका विकर्ण 8 सेमी है। समानान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
समानान्तर चतुर्भुज की संलग्न भुजाएँ = 6 सेमी और 10 सेमी
विकर्ण = 8 सेमी
विकर्ण समानान्तर चतुर्भुज को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँटता है।
एक त्रिभुज की भुजाएँ—
6 सेमी, 8 सेमी और 10 सेमी
जाँच करने पर—
62 + 82
= 36 + 64
= 100
= 102
अतः यह समकोण त्रिभुज है।
एक त्रिभुज का क्षेत्रफल—
= 1/2 × 6 × 8
= 24 वर्ग सेमी
समानान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल—
= 2 × 24
= 48 वर्ग सेमी
अतः समानान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 48 वर्ग सेमी है।
प्रश्न 16. (x + 4y)3 - (x - 4y)3 को सरल कीजिए।
उत्तर:
दिया गया व्यंजक—
(x + 4y)3 - (x - 4y)3
पहले दोनों घनों का विस्तार करते हैं—
(x + 4y)3
= x3 + 3x2(4y) + 3x(4y)2 + (4y)3
= x3 + 12x2y + 48xy2 + 64y3
और—
(x - 4y)3
= x3 - 12x2y + 48xy2 - 64y3
अतः—
(x + 4y)3 - (x - 4y)3
= x3 + 12x2y + 48xy2 + 64y3
- x3 + 12x2y - 48xy2 + 64y3
= 24x2y + 128y3
अतः सरल रूप 24x2y + 128y3 है।
प्रश्न 17. x × (y + z) = (x × y) + (x × z) को सत्यापित कीजिए, जहाँ x = 2/7, y = 9/2 तथा z = 2/3 है।
उत्तर:
दिया है—
x = 2/7
y = 9/2
z = 2/3
बायाँ पक्ष—
x(y + z)
= 2/7 × (9/2 + 2/3)
= 2/7 × (27/6 + 4/6)
= 2/7 × 31/6
= 62/42
= 31/21
दायाँ पक्ष—
xy + xz
= (2/7 × 9/2) + (2/7 × 2/3)
= 18/14 + 4/21
= 9/7 + 4/21
= 27/21 + 4/21
= 31/21
अतः—
बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष
31/21 = 31/21
इसलिए x(y + z) = xy + xz सत्यापित है।
प्रश्न 18. त्रिभुज के सन्दर्भ में सर्वांगसमता की विभिन्न शर्तों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दो त्रिभुज सर्वांगसम कहलाते हैं यदि उनका आकार और माप दोनों समान हों। सर्वांगसमता को ≅ चिह्न से प्रदर्शित किया जाता है।
त्रिभुजों की प्रमुख सर्वांगसमता शर्तें निम्नलिखित हैं—
- SSS (भुजा-भुजा-भुजा) नियम: यदि दो त्रिभुजों की तीनों संगत भुजाएँ क्रमशः बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- SAS (भुजा-कोण-भुजा) नियम: यदि दो त्रिभुजों की दो संगत भुजाएँ तथा उन भुजाओं के बीच का संगत कोण बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- ASA (कोण-भुजा-कोण) नियम: यदि दो त्रिभुजों के दो संगत कोण तथा उनके बीच की संगत भुजा बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- AAS (कोण-कोण-भुजा) नियम: यदि दो त्रिभुजों के दो संगत कोण तथा कोई एक संगत भुजा बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
- RHS (समकोण-कर्ण-भुजा) नियम: यदि दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण तथा कोई एक संगत भुजा बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
अतः SSS, SAS, ASA, AAS तथा RHS त्रिभुजों की प्रमुख सर्वांगसमता शर्तें हैं।
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