वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा
खण्ड ‘क’ प्रारम्भिक शिक्षा
1) शिक्षा की संकल्पना, अर्थ (प्राचीन तथा अर्वाचीन) एवं महत्व।
2) शिक्षा के उद्देश्य एवं वर्तमान भारत में शिक्षा के उद्देश्यों को प्रभावित करने वाले कारक।
3) शिक्षा के प्रकार – औपचारिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, दूरस्थ शिक्षा।
4) प्रारम्भिक शिक्षा की पृष्ठभूमि
i) प्राचीन काल (गुरुकुल एवं बौद्धकालीन शिक्षा)
ii) मध्यकालीन शिक्षा (मुगलकालीन शिक्षा)
iii) आधुनिक शिक्षा (स्वतन्त्रता के पूर्व एवं पश्चात्)
5) प्रमुख शैक्षिक विचारधाराएँ एवं विचारक
i) आदर्शवाद
ii) प्रकृतिवाद
iii) प्रयोजनवाद
iv) भारतीय विचारक – विवेकानन्द, रवीन्द्रनाथ टैगोर, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, गिजुभाई बधेका
v) पाश्चात्य विचारक – प्लेटो, रूसो, जॉन ड्यूवी, फ्रॉबेल, मारिया मॉन्टेसरी
खण्ड ‘ख’ शिक्षा और समाज
1) शिक्षा और समाज का अन्तः सम्बन्ध।
2) शिक्षा के प्रभावी कारक – परिवार, समाज, विद्यालय, राज्य एवं जनसंचार साधन।
3) शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन – सामाजिक परिवर्तन के कारक।
4) विद्यालय और समुदाय का सम्बन्ध – विद्यालय: सामुदायिक केन्द्र के रूप में।
5) उभरते समाज के प्रमुख मुद्दे –
i) शिक्षा का सार्वभौमीकरण एवं शैक्षिक अवसरों की समानता।
ii) शिक्षा का व्यवसायीकरण एवं इस पर नियन्त्रण।
iii) बचपन छीनता बालश्रम – निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा में बाधक।
iv) जनसंख्या शिक्षा – अर्थ, आवश्यकता, महत्व एवं समतामूलक मानव संसाधन का विकास।
v) जातिवाद, अलगाववाद, साम्प्रदायिकता एवं इसके दुष्परिणाम, सामाजिक/पारस्परिक सौहार्द व समरसता वर्तमान आवश्यकता।
vi) पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता।
vii) जलसंचयन – ऊर्जा एवं भूमि संरक्षण।
viii) भूमण्डलीय ताप वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) एवं जलवायु परिवर्तन।
ix) भूमण्डलीकरण।
x) लैंगिक असमानता तथा उसका प्रभाव, शिक्षा द्वारा लैंगिक समानता के प्रति समझ व जनसंचार माध्यमों की बढ़ती भूमिका और समाज पर इनका बहुआयामी प्रभाव।
6) शिक्षा एवं मानवीय मूल्य
i) मानवीय मूल्यों की शिक्षा – अर्थ एवं उद्देश्य।
ii) मूल्यों के विकास में परिवार, समाज और विद्यालय की भूमिका।
iii) राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सद्भावना की शिक्षा।
iv) लोकतांत्रिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण का विकास।