वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. पुस्तकालय से छात्रों का-
(a) संवेगात्मक विकास होता है
(b) शारीरिक विकास होता है
(c) मानसिक विकास होता है
(d) सर्वांगीण विकास होता है
उत्तर: (d) सर्वांगीण विकास होता है। पुस्तकालय विद्यार्थियों के ज्ञान, चिंतन, कल्पनाशक्ति, भाषा, रुचियों तथा व्यक्तित्व के विकास में सहायता करता है, इसलिए यह उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 2. मातृ-शिक्षक संघ का अध्यक्ष होता है-
(a) ग्राम प्रधान
(b) प्रधानाध्यापक
(c) माताओं में से कोई एक
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (c) माताओं में से कोई एक। मातृ-शिक्षक संघ में विद्यार्थियों की माताओं में से किसी एक माँ को अध्यक्ष बनाया जाता है। यदि विद्यालय में महिला शिक्षक हो तो वह संघ की सचिव होती है।
प्रश्न 3. उ.प्र. में SCERT की स्थापना कब की गई?
(a) सन् 1978
(b) सन् 1981
(c) सन् 1985
(d) सन् 1990
उत्तर: (b) सन् 1981। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तर प्रदेश की स्थापना 1981 में की गई थी।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में कौन-सा तथ्य प्रकृतिजन्य आपदाओं से सम्बन्धित है-
(a) बाढ़ एवं भूकम्प
(b) वनाग्नि एवं सूखा
(c) महामारी एवं तूफान
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी। बाढ़, भूकम्प, सूखा, तूफान तथा महामारी प्राकृतिक या जैविक खतरों से उत्पन्न आपदाओं के उदाहरण हैं। वनाग्नि प्राकृतिक तथा मानवजनित दोनों कारणों से हो सकती है।
प्रश्न 5. मीना मंच प्रोग्राम में भूमिका है-
(a) एक बालिका की
(b) एक बालक की
(c) अध्यापक की
(d) किसी की नहीं
उत्तर: (a) एक बालिका की। मीना मंच बालिकाओं की सक्रिय सहभागिता, नेतृत्व, आत्मविश्वास तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बनाया गया मंच है।
प्रश्न 6. राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान स्थित है-
(a) प्रयागराज में
(b) लखनऊ में
(c) आगरा में
(d) मथुरा में
उत्तर: (a) प्रयागराज में। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश प्रयागराज में स्थित है।
प्रश्न 7. सूचना का अधिकार अधिनियम कब बना?
(a) 2001
(b) 2003
(c) 2005
(d) 2007
उत्तर: (c) 2005। सूचना का अधिकार अधिनियम वर्ष 2005 में अधिनियमित हुआ और इसके प्रमुख प्रावधान 12 अक्टूबर 2005 से प्रभावी हुए।
प्रश्न 8. टी.ई.टी. का पूरा नाम है-
(a) शिक्षक योग्यता परीक्षा
(b) शिक्षक पात्रता परीक्षा
(c) शिक्षक अभिवृत्ति परीक्षा
(d) शिक्षक शिक्षण परीक्षा
उत्तर: (b) शिक्षक पात्रता परीक्षा। TET का पूरा नाम Teacher Eligibility Test है, जिसे हिन्दी में शिक्षक पात्रता परीक्षा कहते हैं।
प्रश्न 9. वित्तीय प्रबन्धन के साधन हैं-
(a) विद्यालय अनुदान
(b) टी.एल.एम. ग्रान्ट
(c) समुदाय से प्राप्त धन
(d) ये सभी
उत्तर: (d) ये सभी। विद्यालय अनुदान, शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) अनुदान तथा समुदाय से प्राप्त धन विद्यालय के वित्तीय संसाधनों में सम्मिलित होते हैं।
प्रश्न 10. NIOS की स्थापना हुई थी-
(a) 1962 ई. में
(b) 1973 ई. में
(c) 1989 ई. में
(d) 1992 ई. में
उत्तर: (c) 1989 ई. में। संस्था की स्थापना नवम्बर 1989 में National Open School के रूप में हुई थी। जुलाई 2002 में इसका नाम बदलकर National Institute of Open Schooling (NIOS) किया गया।
प्रश्न 11. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-
(a) शिक्षण-प्रक्रिया
(b) निर्णयन-प्रक्रिया
(c) अधिगम-प्रक्रिया
(d) अनुशासन-प्रक्रिया
उत्तर: (b) निर्णयन-प्रक्रिया। समस्या समाधान में विभिन्न सम्भावित विकल्पों का विश्लेषण करके सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनना आवश्यक होता है, इसलिए निर्णयन इसका प्रमुख अंग है।
प्रश्न 12. यू.पी.टी.ई.टी. प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि क्या है?
(a) पाँच (5) वर्ष
(b) सात (7) वर्ष
(c) दस (10) वर्ष
(d) आजीवन
उत्तर: (d) आजीवन। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्रमाण-पत्र की वैधता सभी श्रेणियों के लिए परीक्षा परिणाम जारी होने की तिथि से आजीवन है।
प्रश्न 13. निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का संविधान संशोधन वर्ष है-
(a) सन् 2002 ई.
(b) सन् 2003 ई.
(c) सन् 2006 ई.
(d) सन् 2004 ई.
उत्तर: (a) सन् 2002 ई.। संविधान (86वाँ संशोधन) अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जिसमें 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया।
प्रश्न 14. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में विभागों की संख्या है-
(a) तीन
(b) चार
(c) पाँच
(d) सात
उत्तर: (d) सात। DIET की परम्परागत संरचना में सात प्रमुख अकादमिक शाखाएँ निर्धारित की गई थीं—PSTE, WE, DRU, IFIC, CMDE, ET तथा Planning & Management।
प्रश्न 15. प्रधानाध्यापक में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है-
(a) सुगमकर्ता
(b) प्रेरणादायक
(c) नेतृत्व की क्षमता
(d) ये सभी
उत्तर: (d) ये सभी। प्रभावी प्रधानाध्यापक को सुगमकर्ता, प्रेरक एवं सक्षम नेतृत्वकर्ता होना चाहिए, जिससे विद्यालय के शैक्षिक और प्रशासनिक कार्यों का प्रभावी संचालन हो सके।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. संस्थागत नियोजन का शाब्दिक अर्थ बताइए।
उत्तर: किसी संस्था द्वारा अपनी आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं उद्देश्यों के आधार पर विकास और सुधार के लिए व्यवस्थित योजना बनाने की प्रक्रिया को संस्थागत नियोजन कहते हैं।
प्रश्न 17. विद्यालय में बजट के प्रकार लिखिए।
उत्तर: विद्यालयी बजट के प्रमुख प्रकार हैं—चालू बजट, दीर्घकालीन बजट, विद्यालय कार्यक्रम बजट तथा परम्परागत बजट।
प्रश्न 18. खेलकूद से बच्चों में किन पक्षों का विकास होता है?
उत्तर: खेलकूद से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक पक्षों का विकास होता है तथा उनमें सहयोग, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं।
प्रश्न 19. विद्यालय वित्तीय प्रबन्धन के दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: (i) उपलब्ध धन एवं संसाधनों का उचित और मितव्ययी उपयोग करना।
(ii) आय-व्यय में पारदर्शिता, उचित लेखांकन एवं वित्तीय उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना।
प्रश्न 20. लॉग बुक क्या है?
उत्तर: विद्यालय की महत्वपूर्ण घटनाओं, उपलब्धियों, निरीक्षणों एवं विशेष गतिविधियों का तिथिवार और क्रमबद्ध विवरण जिस अभिलेख में रखा जाता है, उसे लॉग बुक कहते हैं।
प्रश्न 21. टी.एल.एम. का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: TLM का पूरा नाम Teaching-Learning Material अर्थात् शिक्षण-अधिगम सामग्री है।
प्रश्न 22. समय-सारणी के दो प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर: (i) विद्यालय के समय एवं कार्यों का उचित उपयोग होता है।
(ii) शिक्षकों और विद्यार्थियों में नियमितता तथा अनुशासन बनाए रखने में सहायता मिलती है।
प्रश्न 23. पर्यवेक्षण का उद्देश्य बताएँ।
उत्तर: पर्यवेक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सुधार करना तथा शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और सुझाव देकर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है।
प्रश्न 24. राज्य परियोजना कार्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: समग्र शिक्षा का राज्य परियोजना कार्यालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ में स्थित है।
प्रश्न 25. संस्थागत नियोजन की एक परिभाषा लिखिए।
उत्तर: संस्था की आवश्यकताओं एवं उपलब्ध साधनों के आधार पर उसके विकास और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए तैयार की गई व्यवस्थित योजना को संस्थागत नियोजन कहते हैं।
प्रश्न 26. विद्यालय प्रबन्धन के दो सोपान लिखिए।
उत्तर: विद्यालय प्रबन्धन के दो प्रमुख सोपान हैं—नियोजन (Planning) तथा संगठन (Organizing)।
प्रश्न 27. मीना मंच से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: मीना मंच विद्यालयों में बालिकाओं को अपनी बात अभिव्यक्त करने तथा आत्मविश्वास, नेतृत्व, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने का मंच है।
प्रश्न 28. एन.पी.आर.सी. का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: NPRC का पूरा नाम Nyaya Panchayat Resource Centre अर्थात् न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र है।
प्रश्न 29. मनोविज्ञानशाला उ.प्र. के दो कार्य बताइए।
उत्तर: (i) विद्यार्थियों को शैक्षिक, व्यावसायिक एवं वैयक्तिक निर्देशन और परामर्श देना।
(ii) मनोवैज्ञानिक परीक्षण, निदान एवं अनुसंधान से सम्बन्धित कार्य करना।
प्रश्न 30. जिला परियोजना कार्यालय के मुखिया के कार्य क्या हैं?
उत्तर: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जिला परियोजना कार्यालय का प्रमुख होता है। वह जिले में शैक्षिक योजनाओं के क्रियान्वयन, समन्वय, वित्तीय प्रबन्धन, अनुश्रवण एवं प्रगति की समीक्षा करता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. प्रबन्धन के अर्थ को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी एवं कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए उपलब्ध मानवीय, भौतिक और वित्तीय संसाधनों का नियोजन, संगठन, निर्देशन, समन्वय और नियंत्रण करने की प्रक्रिया को प्रबन्धन कहते हैं।
प्रबन्धन के माध्यम से कार्यों का उचित विभाजन किया जाता है, व्यक्तियों के प्रयासों में समन्वय स्थापित किया जाता है तथा उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करके संस्था के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की जाती है।
प्रश्न 32. विद्यालय भवन में किन कक्षों का होना आवश्यक है?
उत्तर: विद्यालय भवन में विद्यार्थियों की संख्या और स्तर के अनुसार पर्याप्त एवं हवादार कक्षा-कक्ष होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित कक्ष एवं सुविधाएँ उपयोगी हैं—
- प्रधानाध्यापक एवं कार्यालय कक्ष।
- शिक्षक कक्ष।
- पुस्तकालय एवं वाचनालय।
- विज्ञान प्रयोगशाला एवं आवश्यकतानुसार कम्प्यूटर कक्ष।
- शिक्षण-अधिगम सामग्री एवं भण्डार कक्ष।
- बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक एवं स्वच्छ शौचालय।
- जहाँ आवश्यक हो, बहुउद्देशीय/गतिविधि कक्ष।
इन कक्षों में पर्याप्त प्रकाश, वायु, स्वच्छता, सुरक्षा तथा सुगम आवागमन की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रश्न 33. शिक्षक के महत्त्व को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: शिक्षक शिक्षा-प्रक्रिया का प्रमुख आधार है। वह विद्यार्थियों को केवल विषय-ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व, चरित्र, कौशल, मूल्यों एवं सामाजिक व्यवहार के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- विद्यार्थियों को ज्ञान एवं आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
- उनमें जिज्ञासा, तार्किक सोच और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करता है।
- नैतिक मूल्यों, अनुशासन और उत्तरदायित्व का विकास करता है।
- विद्यार्थियों को मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं प्रोत्साहन देता है।
प्रश्न 34. कक्षा में शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: कक्षा में शिक्षक की भूमिका बहुआयामी होती है। वह ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का नियोजक, सुगमकर्ता, मार्गदर्शक, प्रेरक एवं मूल्यांकनकर्ता भी होता है।
- विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार प्रभावी शिक्षण की योजना बनाता है।
- सक्रिय सहभागिता एवं करके सीखने के अवसर देता है।
- कक्षा में सकारात्मक एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखता है।
- विद्यार्थियों की कठिनाइयों की पहचान कर मार्गदर्शन देता है।
- अधिगम की प्रगति का निरन्तर मूल्यांकन करके आवश्यक सुधार करता है।
प्रश्न 35. शिक्षण में लर्निंग कॉर्नर का महत्त्व बताइए।
उत्तर: लर्निंग कॉर्नर कक्षा का वह व्यवस्थित स्थान है जहाँ पुस्तकें, चित्र, मॉडल, खिलौने, कार्यपत्रक तथा अन्य शिक्षण-अधिगम सामग्री बच्चों की पहुँच में रखी जाती है। इसका महत्व निम्नलिखित है—
- बच्चों को स्वयं एवं अपनी गति से सीखने का अवसर मिलता है।
- अवलोकन, खोज, प्रयोग और निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित होती है।
- अधिगम रुचिकर, सक्रिय एवं अनुभव-आधारित बनता है।
- भाषा, गणित, सृजनात्मकता तथा सामाजिक कौशलों के विकास में सहायता मिलती है।
प्रश्न 36. न्यूपा के कार्य बताइए।
उत्तर: न्यूपा (NUEPA—National University of Educational Planning and Administration) शिक्षा के नियोजन एवं प्रशासन से सम्बन्धित राष्ट्रीय संस्था का पूर्व नाम था। वर्ष 2017 से इसका नाम पुनः NIEPA—National Institute of Educational Planning and Administration है। इसके प्रमुख कार्य हैं—
- शैक्षिक नियोजन, प्रशासन एवं प्रबन्धन के क्षेत्र में प्रशिक्षण और क्षमता-विकास करना।
- शिक्षा नीति, नियोजन एवं प्रशासन पर अनुसंधान करना।
- केन्द्र एवं राज्य सरकारों तथा शैक्षिक संस्थाओं को व्यावसायिक एवं अकादमिक सहायता देना।
- शैक्षिक प्रशासकों एवं योजनाकारों के लिए कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण एवं अध्ययन कार्यक्रम आयोजित करना।
- शैक्षिक आँकड़ों, नीति एवं प्रबन्धन से सम्बन्धित ज्ञान और शोध का प्रसार करना।
प्रश्न 37. डायट की संरचना पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जिला स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा और शिक्षक-शिक्षा की प्रमुख अकादमिक संस्था है। इसकी परम्परागत संरचना में प्रधानाचार्य एवं उपप्रधानाचार्य के अधीन सात प्रमुख अकादमिक शाखाएँ निर्धारित की गई थीं—
- पूर्व-सेवा शिक्षक शिक्षा (PSTE)।
- कार्य-अनुभव (WE)।
- जिला संसाधन इकाई (DRU)।
- सेवाकालीन कार्यक्रम, क्षेत्रीय अन्तःक्रिया एवं नवाचार समन्वय (IFIC)।
- पाठ्यक्रम एवं सामग्री विकास तथा मूल्यांकन (CMDE)।
- शैक्षिक प्रौद्योगिकी (ET)।
- नियोजन एवं प्रबन्धन (P&M)।
इसके अतिरिक्त पुस्तकालय, प्रशासनिक तथा सहायक कर्मचारी संस्थान के कार्यों में सहयोग करते हैं।
प्रश्न 38. प्रबन्धन एवं प्रशासन में क्या अन्तर है?
उत्तर:
| प्रशासन | प्रबन्धन |
|---|---|
| 1. प्रशासन संस्था की प्रमुख नीतियों, उद्देश्यों एवं नियमों के निर्धारण से सम्बन्धित होता है। | 1. प्रबन्धन निर्धारित नीतियों एवं उद्देश्यों को कार्यरूप देने से सम्बन्धित होता है। |
| 2. इसका स्वरूप मुख्यतः नीतिगत एवं निर्णयात्मक होता है। | 2. इसका स्वरूप मुख्यतः क्रियात्मक एवं संचालनात्मक होता है। |
| 3. इसमें व्यापक एवं दीर्घकालीन निर्णयों पर अधिक बल दिया जाता है। | 3. इसमें उपलब्ध संसाधनों, व्यक्तियों एवं दैनिक कार्यों के समन्वय पर बल दिया जाता है। |
| 4. प्रशासन सामान्यतः उच्च स्तर से सम्बन्धित माना जाता है। | 4. प्रबन्धन प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को विभिन्न स्तरों पर पूरा करता है। |
प्रश्न 39. ग्राम शिक्षा समिति के उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: ग्राम शिक्षा समिति का उद्देश्य ग्राम स्तर पर समुदाय एवं अभिभावकों की सहभागिता से बेसिक शिक्षा के विकास एवं विद्यालयों के प्रभावी संचालन में सहयोग करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं—
- पंचायत क्षेत्र के बेसिक विद्यालयों के प्रशासन, नियंत्रण एवं प्रबन्धन में सहयोग करना।
- विद्यालयों के विकास, विस्तार और सुधार की योजनाएँ बनाना।
- विद्यालय भवन एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था और सुधार में सहयोग करना।
- बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति एवं ठहराव को बढ़ावा देना।
- शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमितता और समयपालन पर ध्यान देना।
- ग्राम स्तर पर बेसिक एवं प्रौढ़ शिक्षा के विकास में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाना।
प्रश्न 40. कुशल शिक्षक के गुणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कुशल शिक्षक विषय-ज्ञान से सम्पन्न होने के साथ-साथ विद्यार्थियों की आवश्यकताओं, रुचियों एवं व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझता है। उसके प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं—
- विषय का पर्याप्त एवं अद्यतन ज्ञान।
- स्पष्ट एवं प्रभावी सम्प्रेषण क्षमता।
- उपयुक्त एवं बाल-केंद्रित शिक्षण विधियों का प्रयोग।
- विद्यार्थियों के प्रति धैर्य, सहानुभूति एवं निष्पक्षता।
- प्रेरक, सहयोगी एवं सकारात्मक व्यवहार।
- अनुशासन, समयपालन एवं कर्तव्यनिष्ठा।
- विद्यार्थियों की प्रगति का उचित मूल्यांकन एवं मार्गदर्शन।
- निरन्तर सीखने और अपने शिक्षण में सुधार करने की प्रवृत्ति।
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