वस्तुनिष्ठ प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. NCERT का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) दिल्ली में
(b) राजस्थान में
(c) लखनऊ में
(d) कानपुर में।
उत्तर: (a): राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 2. पाठ्य - सहगामी क्रियाकलाप की विशेषताएँ हैं-
(a) सांस्कृतिक कार्यक्रम
(b) राष्ट्रीय पर्व
(c) वृक्षारोपण
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d): पाठ्य सहगामी क्रियाओं से आशय उन क्रियाओं से है। जो पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यालय में करायी जाती है। जैसे- संस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व, वृक्षारोपण इत्यादि।
प्रश्न 3. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-
(a) विद्यालय भवन
(b) पुस्तकालय
(c) फर्नीचर
(d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय।
उत्तर: (d) : मानवीय प्रबन्धन के घटक शिक्षक, बच्चें और समुदाय है।
प्रश्न 4. विद्यालय प्रबन्धन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है-
(a) प्रधानाध्यापक की
(b) शिक्षक की
(c) बच्चों की
(d) उपर्युक्त सभी की।
उत्तर: (a): प्राधानाध्यापक की भूमिका विद्यालय प्रबन्धन में महत्वपूर्ण होती है। इनकी भूमिका विद्यालय के भीतर निर्देशन और समन्वय प्रदान करना है।
प्रश्न 5. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-
(a) डायट
(b) सीमैट
(c) NCERT
(d) बी.आर.सी.।
उत्तर: (a) : जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) है。
प्रश्न 6. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-
(a) शिक्षण प्रक्रिया
(b) निर्णयन प्रक्रिया
(c) अधिगम प्रक्रिया
(d) अनुशासन प्रक्रिया।
उत्तर: (b) : उपरोक्त विकल्पों में समस्या समाधान का प्रमुख अंग निर्णयन प्रक्रिया है। (नोट: पीडीएफ में उत्तर (c) दिया है, लेकिन व्याख्या निर्णयन की ओर इशारा करती है। 2016 और 2019 के पेपर में भी इसका उत्तर निर्णयन प्रक्रिया (b) है। हम पीडीएफ के अनुसार (b) ले रहे हैं जो तार्किक है, हालांकि पीडीएफ में (c) छपा है।)
प्रश्न 7. राज्य हिन्दी संस्थान कहाँ स्थित है?
(a) प्रयागराज
(b) लखनऊ
(c) आगरा
(d) वाराणसी।
उत्तर: (d): राज्य हिन्दी संस्थान वाराणसी में स्थित है। जिसकी स्थापना मार्च 1969 में हुई है।
प्रश्न 8. NIOS की स्थापना हुई थी-
(a) 1962 में
(b) 1973 में
(c) 1989 में
(d) 1992 में।
उत्तर: (c): राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की स्थापना मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नवम्बर 1989 में एक स्वायत्त संस्था के रूप में की गई।
प्रश्न 9. सूचना का अधिकार विधेयक लोकसभा में कब लाया गया?
(a) दिसम्बर, 2004
(b) दिसम्बर, 2005
(c) दिसम्बर, 2003
(d) दिसम्बर, 2006
उत्तर: (b): सूचना का अधिकार विधेयक लोकसभा में दिसम्बर, 2005 में लाया गया।
प्रश्न 10. भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला स्थित है-
(a) चेन्नई में
(b) प्रयागराज में
(c) लखनऊ में
(d) दिल्ली में
उत्तर: (b): भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला प्रयागराज में स्थित है। जिसकी स्थापना यू० पी० सरकार ने सन् 1947 में की थी।
प्रश्न 11. बाल गणना पंजिका है-
(a) विद्यालयी अभिलेख
(b) शैक्षिक अभिलेख
(c) आर्थिक अभिलेख
(d) सामाजिक अभिलेख ।
उत्तर: (a): बाल गणना पंजिका विद्यालयी अभिलेख में बाल गणना पंजिका किया जाता है इस पंजिका में 3 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों का विवरण अंकित किया जाता।
प्रश्न 12. प्राकृतिक आपदाएँ कितने प्रकार की होती हैं?
(a) तीन
(b) दो
(c) छः
(d) पाँच।
उत्तर: (d): प्राकृतिक आपदाएँ पाँच प्रकार की होती है।-
1. विवर्तिक एवं पार्थिव आपदा-जैसे, भूकम्प, ज्वालामुखी विस्फोट ।
2. स्थलाकृतिक आपदा जैसे, भूस्खलन, हिमस्खल।
3. मौसम से सम्बन्धित आपदा जैसे, चक्रवात, टारनेडों, टाइफून, बाढ़, सुनामी सूखा आदि।
4. पर्यावरणीय आपदायें जैसे, वैश्विक तापन, जलवायु परिवर्तन।
5. विविध आपदायें जैसे, टिड्डियों का प्रकोप, महामारी (हैजा, प्लेग) आदि।
प्रश्न 13. समय सारणी से बचत होती है-
(a) आय की
(b) समय श्रम की
(c) शिक्षण की
(d) व्यय की।
उत्तर: (b): समय-सारणी से समय श्रम की बचत होती है
प्रश्न 14. साहित्यिक गतिविधि है-
(a) नृत्य
(b) कहानी लेखन
(c) शैक्षिक भ्रमण
(d) उच्चारण प्रतियोगिता।
उत्तर: (b): साहित्यिक गतिविधियाँ- निबन्ध, कविता, कहानियाँ, वाद-विवाद चर्चाएं, प्रश्नोन्तरी, सेमिनाए और पुस्तकालय के कार्य जैसी गतिविधियां जो किसी व्यक्ति की साक्षरता से संबंन्धित है।
प्रश्न 15. टी. ई. टी का पूरा नाम है-
(a) शिक्षक योग्यता परीक्षा
(b) शिक्षक पात्रता परीक्षा
(c) शिक्षक अभिवृत्ति परीक्षा
(d) शिक्षक शिक्षण परीक्षा
उत्तर: (b): TET जिसका फुल फार्म Teacher Eligibility Test होता है जिसे हिन्दी में शिक्षक पात्रता परीक्षा कहते है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. संस्थागत नियोजन का शाब्दिक अर्थ बताइए।
उत्तर: संस्थागत नियोजन अर्थ - शिक्षा के क्षेत्र में जब कोई शैक्षिक संस्था अपने उद्देश्यों की पूर्ति उन्नति, विकास एवं सफल संचालन के लिए योजना बनाती है तो ये योजनाएँ संस्थागत नियोजन कहलाती है। इसका मुख्य अर्थ योजनाएँ बनाना होता है। उदाहरण - खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन।
डॉ. बुच के अनुसार "संस्थागत नियोजन आवश्यकताओं और उपलब्ध साधनों के आधार पर निर्मित किसी भौतिक संस्था के विकास की योजना है।"
प्रश्न 17. समुदाय से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: समुदाय का अर्थ - समुदाय शब्द लैटिन भाषा के (Com + munis) शब्दों से बना है। Com का अर्थ Together अर्थात् एक साथ तथा Munis का अर्थ Serving अर्थात् सेवा करना। इस प्रकार समुदाय का अर्थ एक साथ सेवा करना। व्यक्तियों का ऐसा समूह जिसमें परस्पर मिलकर सामान्य उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए तथा सामान्य जीवन व्यतीत करने के लिए एक निश्चित स्थान पर रहते हैं।
आगर्बन एवं निमकाक के अनुसार "एक सीमित क्षेत्र के अन्दर रहने वाले सामाजिक जीवन के पूर्ण संगठन को समुदाय कहा जाता सकता है।"
मेजर के अनुसार "वह समाज जो एक निश्चित भू-भाग में रहता है। समाज कहलाता है।"
प्रश्न 18. अभिभावक-शिक्षक संघ के दो उद्देश्य बताइए।
उत्तर: अभिभावक शिक्षक संघ के दो उद्देश्य निम्न है -
(1) शिक्षक एवं अभिभावक के मध्य परस्पर समझ का विकास करना।
(2) शिक्षक एवं अभिभावक के परस्पर सहयोग से छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना।
(3) विद्यालय की शैक्षिक स्तर को उन्नत करना।
प्रश्न 19. विद्यालय के मानव संसाधन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: विद्यालय के मानव संसाधन - विद्यालय प्रमुख, शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी (कार्यालय और सहायक कर्मचारी), शिष्य समुदाय इत्यादि किसी भी विद्यालय के लिए मानव संसाधन का निर्माण करते हैं。
प्रश्न 20. समय-सारणी की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: समय-सरणी - विद्यालय की जिस तालिका या चार्ट या योजना के अनुसार प्रतिदन के निर्धारित समय को विभिन्न विषयों क्रियाओं एवं कक्षाओं के मध्य प्रदर्शित किया जाता है समय-सारणी कहलाती है। समय-सारणी के चार्ट है जो विद्यालय में किये जाने वाले सभी क्रिया कलापों को दर्शाता है।
प्रश्न 21. वित्तीय प्रबन्धन ने आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वित्तीय प्रबंन्धन - परिवार को उपलब्ध सभी प्रकार की आय वित्त के अंतर्गत आती है जिनमें वेतन, किराया, व्याज, लाभांश, बोनस सेवानिवृत्ति लाभ तथा सभी प्रकार की आय का उपयोग करने की योजना बनाना, नियंत्रण तथा मूल्यांकन वित्तीय प्रबन्धन कहलाता है।
प्रश्न 22. प्राकृतिक आपदाओं के नाम बताएँ।
उत्तर: प्रकृति में घटित होने वाली ऐसी प्राकृतिक घटनायें जिसके घटित होने के फलस्वरूप अधिक संख्या में मानव, जीव-जन्तु एवं प्रकृति संसाधनों का नुकसान हो प्राकृतिक आपदा कहलाती है। जैसे भूकम्प, बाढ़, सूखा, भूस्खलन, सुनामी, चक्रवात आदि है।
प्रश्न 23. 'शैक्षिक भ्रमण' के दो महत्व बताइए
उत्तर: शैक्षिक भ्रमण - हम सारी चीजों को प्रत्यक्ष रूप से देखते है, जिससे ज्ञान स्थायी होते है, साथ ही रसानुभूति की प्रप्ति होती है। और नयन सुख की प्राप्ति होती है।
शैक्षिक भ्रमण के दो महत्व निम्न है -
(1) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है。
(2) शैक्षिक भ्रमण द्वारा विद्यार्थी प्रकृति से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ते हैं。
(3) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों का दृष्टिकोण विस्तृत होता है。
(4) शैक्षिक भ्रमण से व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होती है。
(5) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है。
प्रश्न 24. विद्यालय का हृदय किसे कहा जाता है?
उत्तर: पुस्तकालय को विद्यालय का हृदय कहा जाता है। किसी भी विद्यालय में पुस्तकालय एक ऐसी जगह होती है। जहाँ पर आकर छात्र-छात्रायें विभिन्न तरह के अनुभव समस्याओं तथा अपने प्रश्नों के समाधन को पाते हैं। वे आपस में विचार-विर्मश करते हुये नये-नये ज्ञान के सन्दर्भ में अपनी समस्याओं के समाधान का हल भी खोजते हैं। इसलिए पुस्तकालय को विद्यालय का हृदय कहा गया है。
प्रश्न 25. विद्यालय संगठन का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: विद्यालय संगठन का उद्देश्य-
1. सीखने और सीखाने के लिए उचित वातारण का निर्माण करना。
2. शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायता करना。
3. छात्रों में सामुदायिक भावना का विकास करना。
4. प्रत्येक छात्र में छात्रों की कार्य कुशलता में वृद्धि करना。
5. छात्रों में सहयोगात्मक ढंग से कार्य करने की आदत विकसित करना。
प्रश्न 26. लर्निंग कॉर्नर से क्या समझते हैं?
उत्तर: लर्निंग कार्नर विद्यालय का वह कोना जहां शिक्षण अधिगम सामग्री का संग्रह होता है। लर्निंग कार्नर में रखी सामग्री को बच्चे उपयोग देख व स्पर्श करके सीखते हैं। इसमें सभी सामाग्री व्यवस्थित एवं क्रम अनुसार रखी जाती है, जिससे अधिगम में सहायता प्रदान होती है। लर्निंग कॉर्नर पाठ्यपुस्तकों, कार्य-पुस्तिकाओं, कहानियों का संग्रह होता है, इनसे छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है。
प्रश्न 27. मीना मंच का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: मीना मंच का उद्देश्य- बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए विद्यालयों मे यथेचित एवं विशेष अवसर देना है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ें। बलिकाओं की सुरक्षा पर चर्चा करना एवं आपसी सहयोग से समाधान करना। यह बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने, नियमित विद्यालय आने और लिंग आधारित भेद-भाव के प्रति सजग रहने के लिए प्रोत्साहित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है。
प्रश्न 28. प्रयोगशाला के महत्व का संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: प्रयागशालाओं में सामान्सयतः किए जाने वाले अन्वेषणों द्वारा एक बड़ी संख्या में नई-नई खोज एवं अविष्कार संभव हो सके है। इसलिए विज्ञान के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रयोगात्मक कार्य को एक आवश्यक घटक माना गया है।
प्रयोगशाला के महत्व को निम्न बिन्दु के अन्तर्गत देख सकते हैं -
1. प्रयोगशाला छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि एवं उत्सुकता उत्पन्न करती है。
2. प्रयोगशाला से छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है。
3. प्रयोगशाला में छात्रों को करके सीखने के आधार पर ज्ञान दिया जाता है। जो अधिक स्थायी रहता है。
4. प्रयोगशाला में कार्य करते हुए विभिन्न उपकरणों की मरम्मत एवं निर्माण करने से छात्रों में आत्मनिर्भरता आती है。
5. प्रयोगशाला में प्रयोग करने से छात्रों में सोचने, विचारने, निरिक्षण करने तथा निर्णय करने की क्षमता का विकास होता है。
प्रश्न 29. ग्राम शिक्षा समिति क्या है?
उत्तर: ग्राम शिक्षा समिति - इस कमेटी का गठन वर्ष 1972 का संशोधन वर्ष 1975 में कर के किया गया। इसके लिए प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर ग्राम शिक्षा समिति का गठन किया गया। इस कमेटी का अध्यक्ष, अभिभावक अथवा छात्र के तीन संरक्षक जिनमें एक महिला हो, इस कमेटी का अध्यक्ष ग्राम सभा का प्रधान होता है। तथा प्रधानाध्यापक इस समिति का सचिव होता है。
प्रश्न 30. विद्यालय अभिलेख के प्रकार बताइए।
उत्तर: विद्यालय अभिलेख - किसी योजना का "लिपिबद्ध रिकोर्ड" अर्थात् किसी काम के लिए लेन-देन सम्बन्धी रिकोर्ड को अभिलेख कहते हैं। यदि यह अभिलेख किसी विद्यालय से सम्बन्धित है तो उसे विद्यालय अभिलेख कहा जाता है। इसके प्रकार निम्न है-
1. सामान्य व वित्तीय लेखा सम्बन्धी।
2. सामान्य अभिलेख ।
3. शैक्षिक अभिलेख ।
4. परीक्षा अभिलेख ।
5. पुस्तकालय अभिलेख।
6. उपकरण सम्बन्धी अभिलेख。
लघु उत्तरीय प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. संस्थागत नियोजन एवं प्रबन्धन के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: संस्थागत नियोजन (Institutional planning) - इस प्रकार का नियोजन संस्थाओं द्वारा किया जाता हैं संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं, संसाधनों को ध्यान में रखतें हुए शैक्षिक नियोजन करती है। वर्तमान में संस्थागत नियोजन पर बल दिया जाता है।
प्रबन्धन का कार्य व्यकितयों से कार्य लेना। जेम्स लुडे के अनुसार प्रबन्धन मुख्य रूप से किसी विशिष्ट उद्देश्यों के लिए प्रयासों को नियोजित समन्वित अभिप्रेरित एवं नियंत्रित करने की कला है।
संस्थागत नियोजन एवं प्रबन्धन के महत्व निम्न है -
1. संस्था के लक्ष्यों के निर्धारण में सहायता मिलती है。
2. संस्था के आवश्यकताओं की पहचान वह पूर्ति करना सम्भव होता है。
3. समस्याओं व कठिनाइयों की पहचान होती है तथा उन्हें दूर करने में मदद मिलती है。
4. संस्था के सभी सदस्यों में बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में सहायता मिलती है。
5. समय, धन एवं श्रम की बचत होती है。
प्रश्न 32. राज्य स्तर पर कार्य करने वाले किन्हीं दो अभिकरणों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: राज्य स्तर पर कार्य करने वाले दो अभिकरण निम्न है-
1. SCERT (State council of educational research and training) राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् - शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य NCERT द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। वही कार्य SCERT द्वारा राज्य स्तर पर किया जाता है। इसकी स्थापना 1981 में की गई थी। इसका मुख्यालय लखनऊ में स्थित है। यह राज्य की सरकार की स्वायत्त संस्था है जो कि स्कूल शिक्षा विभाग से सम्बन्धित है। इसके कार्य निम्न है -
(i) राज्य के स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करना。
(ii) पुस्तकों की व्यवस्था करना。
(iii) शिक्षकों को प्रशिक्षण देना。
2. मनोविज्ञानशाला (प्रयागराज) - आचार्य नरेन्द्र देव की समिति की संस्तुति के आधार पर बालकों को मनोवैज्ञानिक सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से UP शिक्षा विभाग के तत्वाधान में 1947 में प्रयागराज में मनोविज्ञानशाला की स्थापना की गई यह मण्डल स्तर पर कार्य करता है। UP के दस मण्डलों में विज्ञानशाला है। इसके कार्य निम्न है -
(i) निर्देशन सेवाएँ प्रदान करना (व्यवसायिक, शैक्षिक, वैयक्तिक निर्देशन)।
(ii) राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के कई विभागों के कर्मचारियों के चयन में मनोवैज्ञानिक सलाह देना。
(iii) विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों का निर्माण करना。
(iv) राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन करना。
प्रश्न 33. भारत में सूचना के अधिकार पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: भ्रष्टाचार के खिलाफ 2005 में एक अधिनियम लागू किया गया जिसे सूचना का अधिकार यानी RTI कहा गया है। इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है बस शर्त यह है की RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
भारत में सूचना का अधिकार - इस अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना, सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना, भ्रष्टाचार को रोकना तथा हमारे लोकतंत्र को सही मायने में लोगों के लिए कार्य के लिए कार्य करने वाला बनाना है。
प्रश्न 34. शिक्षकों के विद्यालय के प्रति क्या कर्तव्य होते हैं? लिखिए।
उत्तर: शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका एवं योगदान है। प्रभावी कक्षाएं तैयार करने और पढ़ाने के अलावा, वे छात्रों की प्रगति को मापने और मूल्यांकन करने के प्रभावी है। एक प्रशिक्षक, परामर्शदाता, सहायोगी आदि होने के नाते, एक ही बार में उनके छात्रो के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आता है। छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना विद्यालय के नियमों को समयबद्ध तरीके से पालन करना।
प्रश्न 35. अध्यापक डायरी से क्या अभिप्राय है? वर्णन कीजिए।
उत्तर: शिक्षक डायरी एक उपकरण है जिसका उपयोग शिक्षकों द्वारा प्रभावी शिक्षण के लिए किया जाता है। यह शिक्षण सीखने की प्रक्रिया में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक के लिए शिक्षक डायरी बनाएं रखना। एक बहुत अच्छा विचार है। शिक्षण डायरियाँ एक शोध उपकरण के रूप में उपयोगी है। वे एक ऐसा माध्यम है। जहाँ शिक्षक इस बारें में गंभीरता से सोचता है कि वह कैसे पढ़ाता है। समस्याओं का विश्लेषण किया जा सकता है, और अच्छे विचारों को ठोस बनाया जा सकता है。
प्रश्न 36. समय-तालिका की उपयोगिता का वर्णन कीजिए।
उत्तर: समय-तालिका उपयोगिता - समय-ताकिका एक ऐसा दर्पण है। जिसमें विद्यालय के समस्त शैक्षणिक कार्यक्रम प्रतिबिम्ब होते है। समय-तालिका के महत्व एवं उपयोग को हम निम्नलिखित प्रकार से व्यक्त कर सकते है।
(1) विद्यालय कार्यक्रमों का ज्ञान
(2) निरीक्षण की सुविधा
(3) कार्य-विवरण में समानता
(4) थकान एवं शिथिलता में कमी
(5) नैतिक गुणों का विकास
(6) समय एवं श्रम का सदुपयोग。
(7) कार्यों में नियमितता ।
(8) विषय विभाजन में उपयोगी。
प्रश्न 37. शैक्षिक गतिविधियों से क्या अभिप्राय है? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शैक्षिक गतिविधि बच्चे अपनी ध्वन्यात्मक शिक्षाओं को जीवन में लाने के लिए डिजिटल कैमरे का उपयोग कर सकते हैं, गेम खेल सकते है, अक्षरों की तलाश कर सकते है, वर्णमाला की किताबें बना सकते है और बहुत कुछ कर सकते है।
बच्चा एक अक्षर खेल खेल सकता है, जहाँ शिक्षक या माता-पिता एक 'अक्षर ध्वनि' निकालेगें और बच्चे को वह अक्षर ढूँढ़ना होगा。
प्रश्न 38. विद्यालय प्रबन्ध समिति के अधिकार एवं कर्तव्य लिखिए।
उत्तर: विद्यालय प्रबन्ध समिति के अधिकार एवं कर्तव्य निम्न है-
1. विद्यालय के आस-पड़ोस में रहने वाले आबादी को बालअधिकारों की सामान्य एवं रचनात्मक तरीकों से जानकारी देना तथा साथ ही राज्य सरकार स्थानीय प्राधिकरी, विद्यालय, माता-पिता, अभिभावक एवं संरक्षक के कर्तव्यों की जानकारी देना。
2. विद्यालय के आस-पड़ोस के 6-14 आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं के विद्यालय में नामांकन व उसकी सतत उपस्थिति को सुनिश्चित करेगी。
3. विद्यालय में मध्याह्न भोजन के क्रियान्वयन पर निगरानी रखना。
4. राज्य सरकार/सर्वशिक्षा अभियान अथवा अन्य प्राधिकृत संस्था द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना。
5. बाल अधिकारों के हनन विशेषकर बालकों को भौतिक एवं मानसिक प्रताड़ना संबंधी प्रकरणों, प्रवेश नहीं दिये जाने, निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन संबंधी प्रकरणों को स्थानीय प्राधिकारी के ध्यान में लायेगी。
प्रश्न 39. विद्यालय में खेल के मैदान का क्या महत्व है? समझाइए।
उत्तर: विद्यालय में खेल के मैदान का महत्व निम्न है-
1. खेल के मैदान फुटबाल, हाँकी, बैडमिण्टन, क्रिकेट, टेनिस व बास्केटबॉल आदि खेलों के आयोजन के लिए आवश्यक हैं। जो कि व्यायाम के दृष्टिकोण से बहुत उपयोगी है。
विद्यालय में खेल मैदान होने से खेलों से शरीर सुन्दर, सुव्यवसिति एवं सबले होता है। खेलों से परस्पर प्रेम व सहयोग की भावना में वृद्धि होती है। विद्यालयों में होने वाले खेलों से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी विकसित होते है。
प्रश्न 40. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के उद्देश्य व प्रमुख कार्य बताइए।
उत्तर: पिछड़े बालकों से संबधित विभिन्न समस्याओं पर परामर्श तथा फर्स्ट जनरेशन लर्नर के लिए उपचारात्मक शिक्षक व्यवस्था एवं मार्गदर्शन प्रदान करना। शारीरिक एवं मानसिक रूप से दिब्यांग बच्चों की शिक्षण व्यवस्था हेतु मार्गदर्शन। संस्था की विभिन्न शाखाओं के कार्यों में सहयोग प्रदान करना。
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य उद्देश्य -
1. शिक्षा संस्थाओं, जिला शिक्षा बोर्ड, विद्यालय संगम (संकुल) आदि को शैक्षिक सलाह एवं मार्ग निर्देशन देना。
2. औपचारिक विद्यालय निकाय के अध्यापकों की सेवा पूर्व एवं सेवारत शिक्षा तथा प्रशिक्षण व्यवस्था करना。
3. सामुदायिक कार्यकर्ता, स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता एवं अन्य विद्यालय से सम्बन्धित व्यक्तियों को नवाचारों से अवगत कराना。
4. प्राथमिक शिक्षा के सार्वजनीकरण के कार्यक्रम एवं व्यूह रचना क लिए प्राथमिक स्तर पर अकादमिक तथा सन्दर्भ व्यक्तियों को तैयार करना。
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख कार्य-
1. 'डायट' से भिन्न केन्द्रों पर उपयुक्त लक्ष्यगत समूहों के लिए उपर्युक्त कार्यक्रम चलायेंगी। यह व्यक्तियों की संसाधन उपलब्ध कराती है, उनका मार्गदर्शन करती है तथा उनके लिए प्रभावी योजनाओं का निर्माण करती है。
2. प्रधानाध्यापक, विद्यालय, स्कूलों के प्रधान और खण्ड स्तर तक शिक्षा विभाग के अधिकारी वर्ग को प्रशिक्षण प्रदान करना。
3. प्रारम्भिक विद्यालयों के अध्यापक (सेवा पूर्व और सेवाकालीन दोनों) को प्रशिक्षण देना。
4. जिला शिक्षा बोर्ड (डी.बी.ई.) और ग्राम शिक्षा समितियों के सदस्य समुदाय के नेतागण युवा और अन्य स्वयं सेवक जो शैक्षिक कार्यकर्ताओं के रूप में कार्य करना चाहे उनहें अवसर व संसाधन उपलब्ध कराना。