वस्तुनिष्ठ प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. प्रबन्धन की मुख्य प्रक्रिया है-
(a) नियोजन करना
(b) व्यवस्था करना
(c) प्रशासन
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d) : प्रबन्धन की मुख्य प्रक्रिया एक दूसरे से जुड़ी हुई होती है। इन प्रक्रियाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग करके, संगठन अपनी लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और सफल हो सकते हैं।
प्रश्न 2. विद्यालय का बौद्धिक प्रयोगशाला है-
(a) विज्ञान प्रयोगशाला
(b) पुस्तकालय
(c) शिक्षण कक्ष
(d) म्यूजियम
उत्तर: (b) : वास्तव में पुस्तकालय एक बौद्धिक प्रयोगशाला है, जहाँ हम अपनी बुद्धि के विकास हेतु प्रयास करते हैं।
प्रश्न 3. "इतिहास का वास्तविक निर्माण अध्यापक होता है।" किसका कथन है-
(a) डॉ. राधाकृष्णन
(b) एच.जी.वेल्स
(c) हुमायूँ कबीर
(d) गारफोर्ड
उत्तर: (b): "इतिहास का वास्तविक निर्माण अध्यापक होता है।" यह कथन एच.जी. वेल्स ने कहा है। यह प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक थे। इन्होंने विज्ञान कथा और सामाजिक टिप्पणी पर कई उपन्यास और लघु कथायें लिखीं है।
प्रश्न 4. मीना-मंच का प्रमुख उद्देश्य है-
(a) प्रौढ़ शिक्षा का विकास
(b) बालिकाओं की शिक्षा का विकास
(c) महिलाओं की शिक्षा का विकास
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (b): मीना मंच उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना 2022 में शुरू की गई थी और इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी मीनाक्षी अम्मा के नाम पर रखा गया है।
प्रश्न 5. भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला स्थित है-
(a) चेन्नई
(b) प्रयागराज
(c) लखनऊ
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (b): भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला प्रयागराज में स्थित है। इसकी स्थापना 1915 में की गई थी। यह मनोविज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
प्रश्न 6. इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (इग्नू) कहाँ स्थित है-
(a) मुम्बई
(b) अहमदाबाद
(c) हरियाणा
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (d) : इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की स्थापना सन् 1985 में हुई थी। इसका मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 7. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-
(a) शिक्षण-प्रक्रिया
(b) निर्णयन-प्रक्रिया
(c) अधिगम-प्रक्रिया
(d) अनुशासन-प्रक्रिया
उत्तर: (b) : समस्या समाधान निर्णयन-प्रक्रिया का प्रमुख अंग है। यह समस्या समाधान का महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि यह छात्रों को समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक विकल्पों का मूल्यांकन करने और सबसे अच्छा विकल्प चुनने में मदद करता है।
प्रश्न 8. वित्तीय प्रबन्धन के साधन है-
(a) विद्यालय अनुदान
(b) टी.एस.एम.ग्रान्ट
(c) समुदाय से प्राप्त धन
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d): वित्तीय प्रबन्धन के साधन में विद्यालय अनुदान, टी.एस.एम.ग्रान्ट, समुदाय से प्राप्त धन, विद्यालय द्वारा प्राप्त शुल्क और अन्य संसाधन शामिल है।
प्रश्न 9. "कल के विश्व" को कौन चलाता है-
(a) शिक्षक
(b) प्रधानाचार्य
(c) विद्यार्थी
(d) विद्यालय प्रबन्धक
उत्तर: (a) : "कल के विश्व" को शिक्षक चलाते हैं। शिक्षक विद्यार्थी को कल के नेता, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर बनाते हैं। वे दुनिया को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हैं
प्रश्न 10. SCERT की स्थापना कब की गई थी?
(a) सन् 1978
(b) सन् 1981
(c) सन् 1985
(d) सन् 1990
उत्तर: (b): SCERT का अर्थ State Council of Educational Research and Training (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) इसकी स्थापना 1981 में की गई थी। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित एक स्वायत्त संस्था है।
प्रश्न 11. राज्य हिन्दी संस्थान कहाँ स्थित हैं-
(a) प्रयागराज
(b) वाराणसी
(c) लखनऊ
(d) गोरखपुर
उत्तर: (b): राज्य हिन्दी संस्थान उत्तर प्रदेश वाराणसी में स्थित है। यह संस्थान 1975 में स्थापित किया गया था और इसका उद्देश्य हिन्दी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 12. समय सारिणी को कहा जाता है-
(a) विद्यालय की दूसरी घड़ी
(b) अनुशासन
(c) घण्टा
(d) अध्ययन
उत्तर: (a) : समय सारिणी को विद्यालय की दूसरी घड़ी कहा जाता है। यह विद्यालय में अनुशासन बनायें रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रश्न 13. ग्राम-शिक्षा समिति के गठन के लिए आवश्यक है-
(a) एक महिला का होना
(b) दो महिलाओं का होना
(c) तीनों का महिला होना
(d) महिलाओं का होना आवश्यक नही है।
उत्तर: (a): ग्राम-शिक्षा समिति के गठन के लिए कम से कम एक महिला का होना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं की शिक्षा को ग्राम शिक्षा समिति के कार्यों में योगदान देना चाहिए।
प्रश्न 14. लर्निंग-कार्नर द्वारा बच्चों में गुण विकसित होता है, स्वंय द्वारा-
(a) अवलोकन करने का
(b) निरीक्षण करने का
(c) निष्कर्ष निकालने का
(d) उपर्युक्त सभी का।
उत्तर: (d) : लर्निंग-कार्नर द्वारा बच्चों में उपर्युक्त सभी गुण विकसित होता है। जैसे स्वयं द्वारा अवलोकन करना, निरीक्षण करना तथा निष्कर्ष निकालना आदि।
प्रश्न 15. न्यूपा परिषद् का अध्यक्ष होता है-
(a) राष्ट्रपति
(b) प्रधानमंत्री
(c) मानव संसाधन विकास मंत्री
(d) कुलपति
उत्तर: (c) : न्यूपा परिषद् का अध्यक्ष मानव संसाधन विकास मंत्री होता है
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. समुदाय का अर्थ बताइये
उत्तर: समुदाय का अर्थ - समुदाय शब्द लैटिन भाषा के (Com + munis) शब्दों से बना है। Com का अर्थ Together अर्थात् एक साथ तथा Munis का अर्थ Serving अर्थात् सेवा करना इस प्रकार समुदाय का अर्थ एक साथ सेवा करना।
व्यक्तियों का ऐसा समूह जिसमें परस्पर मिलकर सामान्य उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए तथा सामान्य जीवन व्यतीत करने के लिए एक निश्चित स्थान पर रहते हैं।
आगर्बन एवं निमकाक के अनुसार- "एक सीमित क्षेत्र के अन्दर रहने वाले सामाजिक जीवन के पूर्ण संगठन को समुदाय कहा जाता सकता है।"
मेजर के अनुसार- "वह समाज जो एक निश्चित भू-भाग में रहता है, समाज कहलाता है।"
प्रश्न 17. राष्ट्रीय शिक्षक-शिक्षा परिषद् अधिनियम कब बना?
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षक-शिक्षा परिषद् अधिनियम 1993 में बना। यह अधिनियम भारत में शिक्षक शिक्षा को विनियमित करने के लिए बनाया गया था
प्रश्न 18. ग्राम शिक्षा समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: ग्राम-शिक्षा समिति का अध्यक्ष प्रधान होता है। इसमें 15 सदस्यीय समिति के अन्तर्गत 11 अभिभावक, प्रधानाध्यापक, ग्रामपंचायत सदस्य, लेखपाल और एएनएम को शामिल किया जाता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत विद्यालय में तैनात शिक्षक ही बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए हाउस होल्ड सर्वे का काम कर रहे हैं।
प्रश्न 19. समय-सारणी क्या है?
उत्तर: समय-सारणी बनाना एक सरल एवं प्रभावी तरीका है। जिससे व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। समय-सारणी के कई लाभ है, जैसे -
1. समय प्रबंधन - समय-सारणी बनाने से हमें अपने समय का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है। इससे हमें क्या करना है और कब करना है, तो हम अपने समय का अधिक कुशलता से उपयोग कर सकते हैं।
2. उत्पादकता - समय-सारणी बनाने से हमारी उत्पादकता बढ़ जाती है। जब किसी योजना के अनुसार कार्य किया जाता है, तो हम अधिक काम कर सकते हैं और इससे समय कम बर्बाद होता है।
3. तनाव कम करना - समय-सारणी बनाने से तनाव कम हो सकता है क्योंकि हमें क्या करना है और कब करना है, इस बारे में चिन्ता नहीं करना पड़ता है आदि।
प्रश्न 20. मानवीय संसाधन के अंग बताइये।
उत्तर: मानवीय प्रबन्धन के प्रमुख अंग होते हैं प्रधानाचार्य, बच्चे, शिक्षक तथा समुदाय। मानवीय प्रबन्धन वह प्रयास है, जिसके अन्तर्गत सभी घटक मिलकर एक संस्था के हित में कार्य करते हैं।
प्रश्न 21. लॉग बुक क्या है? समझाइये।
उत्तर: लॉग बुक - लॉग बुक कक्षा में होने वाली घटनाओं को रिकॉर्ड करने और उन पर नज़र रखने का एक तरीका है। लॉग बुक महत्वपूर्ण कक्षा प्रबंधन उपकरण है जिनका उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। इसके अन्तर्गत विद्यालय विशेष की घटनाओं, नीवन पाठ्य-पुस्तकों, विद्यालय कार्य के घण्टों, आने वाली तथा जाने वाली सूचनाओं का विवरण आदि दिया जाता है。
प्रश्न 22. एक सफल शिक्षक के दो गुणों का उल्लेख कीजिए
उत्तर: शिक्षक की भूमिका हमेशा एक सूत्रधार की होनी चाहिए न कि एक तानाशाह की। सफल शिक्षक के गुणों में निम्नलिखित बाते शामिल होती हैं-
(1) एक कुशल शिक्षक निष्ठवान और अपने कार्य के प्रति समर्पित होता है。
(2) अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार होते हैं
(3) एक कुशल शिक्षक सभी बच्चों के प्रति निष्पक्ष होते हैं。
(4) एक अच्छा वक्ता और श्रोता。
(5) विद्यार्थियों के हित का ध्यान रखने वाला。
प्रश्न 23. टी.एल.एम. का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: टी.एल.एम. का पूरा नाम - सहायक शिक्षण सामग्री (Teaching Learning Material)
प्रश्न 24. विद्यालयक प्रबन्धन से आप क्या समझते है
उत्तर: विद्यालय प्रबन्धन शिक्षा की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह विद्यालय के सभी पहलुओं के व्यवस्थित और समन्वित करने की प्रक्रिया है, ताकि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जा सके。
विद्यालय प्रबन्धन के मुख्य घटक निम्नलिखित है -
• शैक्षिक योजना
• संसाधन प्रबंधन
• वित्तीय प्रबंधन
• कार्मिक प्रबंधन
• नेतृत्व और प्रेरणा
प्रश्न 25. पर्यवेक्षण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: पर्यवेक्षण किसी चीज या काम की निगरानी या देखभाल करना है, ताकि वह सही से हो सके।
प्रश्न 26. राज्य परियोजना कार्यालय कहां पर स्थित है?
उत्तर: राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ में स्थित है
प्रश्न 27. राज्य विज्ञान संस्थान कहां पर स्थित है?
उत्तर: राज्य विज्ञान संस्थान इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित है
प्रश्न 28. विद्यालय प्रबन्ध समिति में सदस्यों की संख्या कितनी होती है?
उत्तर: विद्यालय प्रबन्ध समिति में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिसमें 11 अभिभावक सदस्य तथा 4 अन्य सदस्य (लेखपाल, मिडवाइस, प्रधान द्वारा नामित सदस्य और प्रधानाध्यापक) होते हैं।
प्रश्न 29. दो प्राकृतिक आपदा के नाम लिखिए।
उत्तर: प्राकृतिक आपदा के नाम - भूकम्प, सुनामी, बाढ़, तूफान तथा भूस्खलन आदि।
प्रश्न 30. सूचना एवं अभिलेखों का विद्यालय प्रबन्धन में स्थान बताइये।
उत्तर: सूचना एवं अभिलेखों का विद्यालय प्रबन्धन में महत्वपूर्ण स्थान है। इसके माध्यम से विभिन्न अभिलेखों से परिचत हुआ जा सकता है तथा विद्यालय दैनिदंनी को महत्व को समझा जा सकता है। प्रत्येक विद्यालय को कई ऐसी अभिलेखों की सुरक्षा करनी पड़ती है। जिनसे इस विद्यालय के उद्देश्य परिलक्षित होते हैं। सूचना कोई इकाई या रूप जो अनिश्चितता का समाधान करती है तथा अभिलेख से विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की जीवनी द्वारा सम्पर्क सूचना शैक्षिक प्रगति अनुशासन स्वास्थ्य आदि की जानकारी मिलती है。
लघु उत्तरीय प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. परीक्षा नियामक प्राधिकारी का परिचय लिखिए तथा इनके कार्यो को समझाइए।
उत्तर: परिचय - उत्तर प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता में निरन्तर सुधार करने के उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) की स्थापना रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएँ उत्तर प्रदेश के नाम से सन् 1872 ई. के आस-पास हुई थी। वर्ष 1921 में माध्यमिक शिक्षा परिषद के गठन से पूर्व प्रदेश की समस्त शैक्षिक परीक्षाओं का उत्तरदायित्व इसी विभाग का था。
कार्य -
1. शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तर प्रदेश (UPTET) कराना。
2. डी. एल. एड. परीक्षा करवाना
3. विशिष्ट बी.टी.सी. प्रशिक्षण परीक्षा करवाना
4. शिक्षा मित्रों की पत्राचार प्रशिक्षण परीक्षा करवाना。
प्रश्न 32. अध्यापक डायरी से क्या अभिप्राय है? समझाइये।
उत्तर: अध्यापक डायरी (Teacher's Diary) - इसमें शिक्षक द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषय व शिक्षण के दौरान की जाने वाली गतिविधियों का निर्धारण किया जाता है। उसके द्वारा शिक्षण में तारतम्यता रहती है तथा शिक्षक को यह मालूम रहता है कि उसके द्वारा कितना पाठ्यक्रम पूर्ण किया जा चुका है
प्रश्न 33. बेसिक शिक्षा परिषद के कार्य बताइये
उत्तर: बेसिक शिक्षा परिषद के कार्य निम्नलिखित है-
1. शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों पर नियन्त्रण रखना
2. शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों के चयन, नियुक्ति, स्थानांतरण, दण्ड देने तथा सेवा सम्बन्धी मामलों पर निर्णय लेना。
3. विभिन्न स्तरों की परीक्षाओं की व्यवस्था。
4. पाठ्यक्रमों का निर्धारण करना。
5. शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करना。
6. विद्यालयों की स्थापना एवं प्राथमिक शिक्षा स्तर के संस्थान को मान्यता प्रदान करना आदि。
प्रश्न 34. विद्यालय प्रबन्धन में शिक्षक की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विद्यालय प्रबन्धन में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक छात्रों को सीखने में, आसान बनाने में, मदद करने में, मार्गदर्शन करने और एक अनुकूल वातावरण प्रदान करके सीखने की सुविधा प्रदान करता है। शिक्षक ज्ञान और जानकारी देता है, छात्रों के स्तर को बहुत स्पष्ट और सरल तरीके से उपयुक्त करता है। ताकि वे नयी जानकारी को सीख सकें और अवधारणा बना सकें。
प्रश्न 35. सूचना का अर्थ समझाइये।
उत्तर: सूचना का अर्थ - सूचना पद का अर्थ किसी को कोई जरूरी बात बताना, कहना, समाचार सुनना, किसी को बताई गई बात आदि सब सूचना कहलाती है। सामान्यतः सूचना किसी प्रकार के प्रश्न का उत्तर प्रदान करती है। इस प्रकार यह डेटा और ज्ञान से सम्बन्धित है, क्योंकि डेटा मापदण्डों के लिए जिम्मेदार मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है, और ज्ञान वास्तविक चीजों या अमूर्त अवधारणों की समझ का प्रतीक है。
जे.बेकर के अनुसार "किसी विषय से सम्बन्धित तथ्यों को सूचना कहते हैं।"
प्रश्न 36. वित्तीय प्रबन्धन से क्या आशय है? समझाइये।
उत्तर: वित्तीय प्रबन्धन - वित्तीय प्रबन्धन से तात्पर्य धन की दक्ष एवं प्रभावी प्रबन्धन से है। जिससे संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके。
वित्तीय प्रबन्धन का अर्थ - वित्तीय प्रबन्धन के अन्तर्गत हम उन सभी क्रियाओं को सम्मिलित करते हैं जिससे धन की संलग्नता होती है जैसे- खरीदना, बेचना
जिस प्रकार किसी मोटर साइकिल को चलाने के लिए पेट्रोल की आवश्यकता होती है उसी प्रकार किसी संस्था के संचालन हेतु वित्त की आवश्यकता होती है
बियरमैन व स्मिथ के अनुसार - "वित्तीय प्रबन्धन पूंजी के स्त्रोतों का निर्धारण करने तथा उसके अनुकूलतम उपयोग का मार्ग खोजने वाली विधि है।"
प्रश्न 37. स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एन.सी.ई.आर.टी. का योगदान बताइये।
उत्तर: भारत में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अकादमिक सहायता प्रदान करने के लिए 1 सितम्बर, 1961 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की स्थापना की गई थी। यह भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अकादमिक सलाहकार है
एन.सी.ई.आर.टी. का योगदान -
1. स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षा की सभी शाखाओं में अनुसंधान को सहायता देना, बढ़ावा देना और समन्वय करना。
2. शिक्षकों के लिए सेवापूर्व और सेवाकालीन शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करना
3. छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री और सम्बन्धित शिक्षक की हैंडबुक तैयार करना और प्रकाशित करना。
4. शिक्षा के सभी क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना, व्यवस्थित करना。
5. विशेष अध्ययन सर्वेक्षण और जांच करना
प्रश्न 38. मनोविज्ञान शाला प्रयागराज के कार्यो का वर्णन कजिए।
उत्तर: मनोविज्ञान शाला प्रयागराज में कई मनोविज्ञानी अध्ययन और शोध कार्यों के लिए महत्वपूर्ण स्थल है।
यहाँ कई प्रमुख मनोविज्ञान संस्थान होते हैं जो मानव मानसिकता और व्यावहारिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध करते हैं। यहां के विश्वविद्यालय और संस्थान विभिन्न मनोविज्ञान साक्षरता कार्यक्रम और शोधक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं。
मनोविज्ञान शाला प्रयागराज के कार्य -
(1) छात्र/छात्राओं को शैक्षिक, व्यावसायिक तथा वैयक्तिक निर्देशन प्रदान करना。
(2) संवेगात्मक कठिनाई वाले बालकों/बालिकाओं/ व्यस्कों के निदान एवं उपचार में सहायता प्रदान करना。
(3) शैक्षिक पिछड़ेपन का पता लगाना और निराकरण हेतु उपयुक्त सुझाव देना。
(4) शारीरिक व मानसिक रुप से विकलांग छात्र/छात्राओं के समायोजन हेतु निर्देशन परामर्श देना。
(5) मंडलीय मनोविज्ञान केन्द्रों पर कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञों तथा परामर्शदाताओं को पुनबौद्धात्मिक प्रशिक्षण देना आदि。
प्रश्न 39. भूस्खलन से क्या तात्पर्य है? इसके प्रभाव बताइये।
उत्तर: भूस्खलन के आशय - पर्वतीय ढाल पर कोई भी चट्टान गुरुत्व के कारण नीचे की ओर खिसकती है तो उसे भूस्खलन कहते हैं。
भूस्खलन के कारण एवं प्रभाव - पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षों की कमी होने से चट्टानें कमजोर हो जाती हैं। खनने तथा बाँध निर्माण आदि से भूस्खलन होता है। गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण चट्टानें नीचे तो खिसकती ही हैं, परन्तु मानवजनित कारणों से भी भू-स्खलन होता है。
भूस्खलन जब आबादी वाले क्षेत्रों में होता है तो लोग मलबे के ढेर में दब जाते हैं। इससे जन व धन की हानि होती है। आवागमन के मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं। कई बार भूस्खलनों से नदियों के मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं एवं वहाँ अस्थाई झीलें बन जाती हैं। यह झील जब कभी टूटती है तो जन-धन की बहुत हानि होती है。
प्रश्न 40. मातृ-शिक्षक संघ के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: मातृ-शिक्षक संघ के निम्न उद्देश्य है
1. बालिकाओं का संघ बनाना एवं विद्यालय संघ में भाग लेने का अधिकार
2. बालिकाओं का समाज में उन्नयन。
3. बालिका शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करना。
4. बालिकाओं का चहुँमुखी विकास करना。
5. नवीन शैक्षिक योजनाओं के संचालन व क्रियान्वयन में महिलाओं का योगदान
6. बालिकाओं का बालकों के समान शिक्षा प्राप्त करने की अवधारणा का प्रसार
7. बालिकाओं को समाज में उचित स्थान तथा उनके अधिकारों का ज्ञान
8. बालिका शिक्षा सम्बन्धी समस्याओं को दूर करना。