वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. ग्रेग के अनुसार प्रबन्धन को कितने भागों में बाँटा गया है?
(a) 5
(b) 4
(c) 7
(d) 9
उत्तर: (c) 7। रसेल टी. ग्रेग ने प्रशासनिक प्रक्रिया की सात प्रमुख क्रियाएँ बताई हैं—निर्णयन, नियोजन, संगठन, सम्प्रेषण, प्रभाव डालना/अभिप्रेरणा, समन्वय तथा मूल्यांकन।
प्रश्न 2. संस्थागत नियोजन का घटक नहीं है-
(a) बौद्धिक घटक
(b) राजनीतिक घटक
(c) उत्पादन घटक
(d) सामाजिक घटक
उत्तर: (c) उत्पादन घटक। इस प्रश्न में दिए गए वर्गीकरण के अनुसार बौद्धिक, राजनीतिक तथा सामाजिक घटक संस्थागत नियोजन से सम्बन्धित हैं, जबकि उत्पादन घटक इसमें सम्मिलित नहीं है।
प्रश्न 3. एक प्रबन्धक को होना चाहिए-
(a) कठोर
(b) लचीला
(c) मेलजोल, भागीदार
(d) नौकरशाह
उत्तर: (c) मेलजोल, भागीदार। प्रभावी प्रबन्धक को सहयोगी, सहभागितापूर्ण और अच्छे मानवीय सम्बन्ध स्थापित करने वाला होना चाहिए, जिससे संगठन के सदस्य मिलकर उद्देश्यों की प्राप्ति कर सकें।
प्रश्न 4. विद्यालय भवन निर्माण में बन्द योजना के अन्तर्गत नहीं आते हैं-
(a) ठोस आयत
(b) आयत
(c) L टाइप
(d) शून्य आयत
उत्तर: (c) L टाइप। ठोस आयत, आयत तथा शून्य आयत बन्द योजना के अन्तर्गत आते हैं, जबकि L आकार खुली योजना का उदाहरण है।
प्रश्न 5. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-
(a) डायट
(b) सीमैट
(c) बी.आर.सी.
(d) एस.सी.ई.आर.टी.
उत्तर: (a) डायट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जिला स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण तथा अकादमिक सहायता प्रदान करने वाली प्रमुख अकादमिक संस्था है।
प्रश्न 6. "लो कॉस्ट-नो कॉस्ट" वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री का निर्माण किया जाता है-
(a) स्थानीय परिवेश से उपलब्ध वस्तुओं से
(b) शासन द्वारा प्राप्त सामग्री से
(c) वस्तुएँ बाजार से क्रय करके
(d) उपर्युक्त सभी से
उत्तर: (a) स्थानीय परिवेश से उपलब्ध वस्तुओं से। लो कॉस्ट-नो कॉस्ट शिक्षण-अधिगम सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध, अनुपयोगी अथवा बहुत कम लागत वाली वस्तुओं से तैयार की जाती है।
प्रश्न 7. राज्य हिन्दी संस्थान किसका आनुषंगिक संस्थान है?
(a) उ.प्र. शासन का
(b) एस.सी.ई.आर.टी. का
(c) सीमैट का
(d) यू.जी.सी. का
उत्तर: (b) एस.सी.ई.आर.टी. का। राज्य हिन्दी संस्थान, वाराणसी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तर प्रदेश की अधीनस्थ अकादमिक संस्था है।
प्रश्न 8. प्रबन्धन सहायक होता है-
(a) नियोजन में
(b) अभिप्रेरणा में
(c) नियन्त्रण में
(d) उपर्युक्त सभी में
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी में। प्रभावी प्रबन्धन में नियोजन, संगठन, अभिप्रेरणा, समन्वय तथा नियन्त्रण जैसी प्रक्रियाएँ सम्मिलित होती हैं।
प्रश्न 9. "सर्वोत्तम शिक्षा व्यवस्था सुयोग्य शिक्षकों के अभाव में असफल हो जाती है, जबकि अच्छे शिक्षकों के सहयोग से दूषित शिक्षा प्रणाली भी ठीक कर दी जाती है।" यह कथन किसका है?
(a) डॉ. राधाकृष्णन का
(b) महात्मा गाँधी का
(c) हुमायूँ कबीर का
(d) सुकरात का
उत्तर: (c) हुमायूँ कबीर का। हुमायूँ कबीर ने शिक्षा-व्यवस्था की सफलता में शिक्षक की गुणवत्ता को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना और स्पष्ट किया कि अच्छे शिक्षक व्यवस्था की कमियों को भी काफी हद तक दूर कर सकते हैं।
प्रश्न 10. समय-सारणी को कहा जाता है-
(a) विद्यालय की दूसरी घड़ी
(b) अनुशासन
(c) घण्टा
(d) अध्ययन
उत्तर: (a) विद्यालय की दूसरी घड़ी। समय-सारणी विद्यालय के दैनिक कार्यों, कक्षाओं एवं गतिविधियों को निश्चित समय के अनुसार संचालित करती है, इसलिए इसे विद्यालय की दूसरी घड़ी कहा जाता है।
प्रश्न 11. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-
(a) अनुशासन प्रक्रिया
(b) अधिगम प्रक्रिया
(c) निर्णयन प्रक्रिया
(d) शिक्षण प्रक्रिया
उत्तर: (c) निर्णयन प्रक्रिया। समस्या समाधान में विभिन्न विकल्पों का विश्लेषण करके सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करना पड़ता है, इसलिए निर्णयन इसका प्रमुख अंग है।
प्रश्न 12. राज्य शिक्षा संस्थान कहाँ स्थित है?
(a) लखनऊ
(b) आगरा
(c) प्रयागराज
(d) वाराणसी
उत्तर: (c) प्रयागराज। राज्य शिक्षा संस्थान (State Institute of Education), उत्तर प्रदेश प्रयागराज में स्थित है।
प्रश्न 13. इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की स्थापना कब हुई?
(a) सन् 1982 में
(b) सन् 1985 में
(c) सन् 1885 में
(d) सन् 1986 में
उत्तर: (b) सन् 1985 में। इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की स्थापना इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय अधिनियम, 1985 के अन्तर्गत की गई थी।
प्रश्न 14. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् का मुख्यालय स्थित है-
(a) नई दिल्ली
(b) भोपाल
(c) लखनऊ
(d) वाराणसी
उत्तर: (a) नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) का मुख्यालय श्री अरविन्द मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 15. आंग्ल-भाषा शिक्षण संस्थान स्थित है-
(a) लखनऊ
(b) प्रयागराज
(c) मेरठ
(d) आगरा
उत्तर: (b) प्रयागराज। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (English Language Teaching Institute—ELTI), उत्तर प्रदेश प्रयागराज में स्थित है और अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं शिक्षक प्रशिक्षण से सम्बन्धित कार्य करता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. विद्यालय में बजट के प्रकार बताइए।
उत्तर: विद्यालयी बजट के प्रमुख प्रकार हैं—चालू अथवा वार्षिक बजट, दीर्घकालीन बजट, परम्परागत बजट तथा विशिष्ट कार्यक्रम बजट।
प्रश्न 17. मीना मंच के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: मीना मंच का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना, विद्यालय में उनका ठहराव बढ़ाना तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व, लैंगिक समानता एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
प्रश्न 18. मानवीय संसाधन के घटक बताइए।
उत्तर: विद्यालय के प्रमुख मानवीय संसाधन प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यार्थी, गैर-शिक्षण कर्मचारी, अभिभावक तथा समुदाय के सदस्य हैं।
प्रश्न 19. प्रबन्धन का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: निर्धारित उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए मानवीय एवं भौतिक संसाधनों के नियोजन, संगठन, निर्देशन, समन्वय और नियन्त्रण की प्रक्रिया को प्रबन्धन कहते हैं।
प्रश्न 20. शिक्षण में लर्निंग कॉर्नर का महत्त्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लर्निंग कॉर्नर बच्चों को उपलब्ध शिक्षण-अधिगम सामग्री को देखकर, छूकर और प्रयोग करके स्वयं सीखने का अवसर देता है तथा उनमें अवलोकन, खोज और निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित करता है।
प्रश्न 21. पर्यवेक्षण का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शिक्षण-अधिगम एवं विद्यालयी कार्यों में सुधार हेतु कार्य का अवलोकन करके शिक्षक को आवश्यक सहयोग, निर्देशन और सुझाव देने की सतत प्रक्रिया को पर्यवेक्षण कहते हैं।
प्रश्न 22. सूचना-संकलन के सोपानों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: सूचना-संकलन के प्रमुख सोपान हैं—उद्देश्य निर्धारित करना, आवश्यक सूचना एवं स्रोत पहचानना, उपयुक्त विधि/उपकरण चुनना, सूचना एकत्र करना, उसका वर्गीकरण एवं सत्यापन करना और उपयोग हेतु व्यवस्थित करना।
प्रश्न 23. ग्राम शिक्षा समिति के कौन-कौन सदस्य होते हैं?
उत्तर: ग्राम शिक्षा समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष, तीन अभिभावक सदस्य जिनमें कम-से-कम एक महिला तथा बेसिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक/एकाधिक विद्यालय होने पर वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक सदस्य-सचिव होता है।
प्रश्न 24. समय-सारणी से क्या लाभ होते हैं?
उत्तर: समय-सारणी से समय एवं श्रम का सदुपयोग, कार्यों में नियमितता, विषयों व शिक्षकों के कार्यभार का उचित वितरण तथा विद्यालयी गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन सम्भव होता है।
प्रश्न 25. पाठ्य सहगामी क्रियाओं के उद्देश्य बताइए।
उत्तर: पाठ्य सहगामी क्रियाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना तथा उनमें प्रतिभा, रुचि, नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन, सामाजिकता और नागरिक गुणों का विकास करना है।
प्रश्न 26. एन.सी.टी.ई. का पूरा नाम बताइए।
उत्तर: NCTE का पूरा नाम National Council for Teacher Education अर्थात् राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् है।
प्रश्न 27. किन्हीं चार प्राकृतिक आपदाओं के नाम बताइए।
उत्तर: भूकम्प, बाढ़, सूखा और चक्रवात चार प्रमुख प्राकृतिक आपदाएँ हैं।
प्रश्न 28. भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम किस वर्ष से प्रभावी हुआ?
उत्तर: सूचना का अधिकार अधिनियम सन् 2005 में प्रभावी हुआ। इसके प्रमुख प्रावधान 12 अक्टूबर 2005 से पूर्ण रूप से लागू हुए।
प्रश्न 29. डायट मेंटर कौन होते हैं?
उत्तर: विद्यालयों के अकादमिक अनुश्रवण एवं शिक्षक-सहयोग हेतु किसी ब्लॉक के लिए नामित DIET के संकाय सदस्य/प्रवक्ता को डायट मेंटर कहा जाता है।
प्रश्न 30. प्रारम्भिक शिक्षा के क्षेत्र में कौन राष्ट्रस्तरीय अभिकरण हैं?
उत्तर: प्रारम्भिक शिक्षा से जुड़े प्रमुख राष्ट्रस्तरीय अभिकरण NCERT, NCTE, NIEPA, IGNOU तथा NIOS हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. समेकित शिक्षा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: समेकित शिक्षा वह व्यवस्था है जिसमें विशेष आवश्यकता वाले अथवा दिव्यांग बच्चों को आवश्यक सहायता और सुविधाओं के साथ सामान्य बच्चों के साथ सामान्य विद्यालय एवं कक्षा में शिक्षा दी जाती है। इसका उद्देश्य उन्हें मुख्य शैक्षिक धारा से जोड़ना, समान अवसर देना तथा सामाजिक समायोजन एवं आत्मनिर्भरता विकसित करना है।
प्रश्न 32. निर्णय प्रक्रिया के सोपान बताइए।
उत्तर: निर्णय लेना किसी समस्या के समाधान हेतु उपलब्ध विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनने की प्रक्रिया है। इसके प्रमुख सोपान हैं—
- समस्या की पहचान एवं स्पष्ट परिभाषा करना।
- सम्बन्धित आवश्यक सूचनाएँ एकत्र करना।
- सम्भावित विकल्पों की खोज करना।
- प्रत्येक विकल्प के सम्भावित परिणामों का विश्लेषण करना।
- सर्वोत्तम विकल्प का चयन कर उसे कार्यान्वित करना।
- निर्णय के परिणामों का मूल्यांकन करना।
प्रश्न 33. पुस्तकालय एवं वाचनालय में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| पुस्तकालय | वाचनालय |
|---|---|
| 1. पुस्तकालय में पुस्तकों, संदर्भ-ग्रन्थों तथा अन्य अध्ययन-सामग्री का व्यवस्थित संग्रह होता है। | 1. वाचनालय वह स्थान है जहाँ बैठकर पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों का अध्ययन किया जाता है। |
| 2. पुस्तकालय में सामग्री का संग्रह, वर्गीकरण, संरक्षण तथा निर्गमन आदि किया जाता है। | 2. वाचनालय का मुख्य उद्देश्य शांत एवं सुविधाजनक अध्ययन-स्थान उपलब्ध कराना है। |
| 3. अनेक पुस्तकों को नियमानुसार घर ले जाने की सुविधा भी दी जा सकती है। | 3. वाचनालय की सामग्री सामान्यतः वहीं बैठकर पढ़ी जाती है। |
प्रश्न 34. आदर्श शिक्षण के गुण बताइए।
उत्तर: आदर्श शिक्षण बाल-केंद्रित, उद्देश्यपूर्ण, सक्रिय एवं प्रभावी होता है। इसके प्रमुख गुण हैं—
- शिक्षण स्पष्ट, सरल, क्रमबद्ध एवं विद्यार्थियों के स्तर के अनुरूप हो।
- विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और करके सीखने पर बल दिया जाए।
- व्यक्तिगत भिन्नताओं, रुचियों एवं आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।
- उपयुक्त उदाहरणों तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री का प्रयोग किया जाए।
- प्रश्नोत्तर, पुनर्बलन और सतत मूल्यांकन द्वारा सीखने की जाँच की जाए।
प्रश्न 35. विद्यालय में शौचालय की समुचित व्यवस्था हेतु सुझाव दीजिए।
उत्तर: विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग, सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय होने चाहिए। पर्याप्त जल, साबुन एवं हाथ धोने की व्यवस्था उपलब्ध हो तथा नियमित सफाई की जाए। बालिकाओं की मासिक धर्म स्वच्छता तथा दिव्यांग विद्यार्थियों की सुगम पहुँच का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रश्न 36. NIEPA का संक्षिप्त परिचय दीजिए एवं इसके प्रमुख उद्देश्य बताइए।
उत्तर: राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (National Institute of Educational Planning and Administration—NIEPA) नई दिल्ली स्थित शिक्षा नियोजन, प्रशासन, प्रबन्धन, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख संस्था है। इसकी संस्थागत उत्पत्ति 1962 से मानी जाती है और 1979 में इसे NIEPA नाम मिला।
इसके प्रमुख उद्देश्य—
- शैक्षिक योजना एवं प्रशासन के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास करना।
- शैक्षिक योजना, प्रशासन एवं प्रबन्धन से सम्बन्धित अनुसंधान करना और प्रोत्साहित करना।
- केन्द्र एवं राज्य सरकारों तथा शैक्षिक संस्थाओं को अकादमिक एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन देना।
- कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ, सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- शैक्षिक योजना एवं प्रशासन सम्बन्धी ज्ञान, शोध एवं सूचनाओं का प्रसार करना।
प्रश्न 37. शिक्षक सन्दर्शिका से आप क्या समझते हैं? इसके प्रबन्धन पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: शिक्षक सन्दर्शिका वह सहायक सामग्री है जो शिक्षक को पाठ के उद्देश्यों, पूर्वज्ञान, शिक्षण विधियों, गतिविधियों, टी.एल.एम. तथा मूल्यांकन के सम्बन्ध में मार्गदर्शन देती है।
विद्यालय में कक्षावार एवं विषयवार सन्दर्शिकाएँ उपलब्ध कराई जानी चाहिए, शिक्षकों को इनके प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए तथा पाठ-योजना बनाते समय स्थानीय परिस्थितियों और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार इनका उचित उपयोग करना चाहिए।
प्रश्न 38. विद्यालय प्रबन्धन में किस-किस की भूमिका होती है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विद्यालय प्रबन्धन सामूहिक उत्तरदायित्व है जिसमें विभिन्न व्यक्तियों की भूमिका होती है—
- प्रधानाध्यापक: नेतृत्व, नियोजन, प्रशासन, पर्यवेक्षण और समन्वय करता है।
- शिक्षक: शिक्षण, मूल्यांकन, अनुशासन तथा विद्यार्थियों के विकास में भूमिका निभाते हैं।
- विद्यार्थी: विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता एवं अनुशासन का पालन करते हैं।
- गैर-शिक्षण कर्मचारी: कार्यालयी, वित्तीय एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते हैं।
- अभिभावक एवं समुदाय: विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों की प्रगति एवं विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता करते हैं।
प्रश्न 39. प्रमुख विद्यालयी अभिलेखों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षिक कार्यों का व्यवस्थित विवरण विभिन्न अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाता है। प्रमुख विद्यालयी अभिलेख हैं—
- प्रवेश एवं विद्यालय-त्याग पंजिका: विद्यार्थियों के प्रवेश एवं विद्यालय छोड़ने का विवरण।
- उपस्थिति पंजिका: विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति।
- अध्यापक डायरी: शिक्षक के दैनिक शिक्षण एवं पाठ्यक्रम की प्रगति का विवरण।
- परीक्षा एवं प्रगति अभिलेख: विद्यार्थियों के प्राप्तांक एवं शैक्षिक प्रगति का विवरण।
- कैश बुक: विद्यालय की आय-व्यय का लेखा।
- स्टॉक पंजिका: फर्नीचर, उपकरण एवं अन्य सामग्री का विवरण।
- लॉग बुक: विद्यालय की महत्वपूर्ण घटनाओं एवं उपलब्धियों का क्रमबद्ध विवरण।
प्रश्न 40. मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश के कार्यों को बताइए।
उत्तर: मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक एवं व्यावसायिक सेवाएँ प्रदान करने वाली SCERT की अधीनस्थ संस्था है। इसके प्रमुख कार्य हैं—
- विद्यार्थियों को शैक्षिक, व्यावसायिक एवं वैयक्तिक निर्देशन और परामर्श देना।
- मनोवैज्ञानिक परीक्षण एवं निदान से सम्बन्धित सामग्री विकसित करना।
- विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक, संवेगात्मक एवं शैक्षिक समस्याओं के निदान में सहायता करना।
- निर्देशन एवं मनोविज्ञान से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- मनोविज्ञान एवं निर्देशन के क्षेत्र में अनुसंधान तथा शैक्षिक सामग्री का विकास करना।
- प्रतिभाशाली एवं विशेष सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए उचित निर्देशन देना।
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