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PYQ 2016 • शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Paper 2016

UP DELED Semester 4 शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Question Paper 2016 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. कक्षा-कक्ष एवं कक्षा कक्ष के बाहर किसी सार्थक क्रियाकलाप को सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक है-

(a) टी. एल. एम. बनाना

(b) पेड़-पौधे लगाना

(c) मैदान की स्वयं सफाई करना

(d) योजना बनाना

उत्तर: (d) : कक्षा-कक्ष एवं कक्षा-कक्ष के बाहर किसी सार्थक क्रिया-कलाप को सम्पन्न कराने के लिए योजना बनाना आवश्यक हैं।

प्रश्न 2. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-

(a) विद्यालय-भवन

(b) पुस्तकालय

(c) फर्नीचर

(d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय

उत्तर: (d) : मानवीय प्रबन्धन के घटक शिक्षक, बच्चे और समुदाय है

प्रश्न 3. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-

(a) शिक्षण-प्रक्रिया

(b) निर्णयन-प्रक्रिया

(c) अधिगम-प्रक्रिया

(d) अनुशासन-प्रक्रिया

उत्तर: (b) : समस्या समाधान निर्णयन-प्रक्रिया का प्रमुख अंग है। यह समस्या समाधान का महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि यह छात्रों को समस्याओं का समाधान करने के लिए आवश्यक विकल्पों का मूल्यांकन करने और सबसे अच्छा विकल्प चुनने में मदद करता है।

प्रश्न 4. विद्यालय में भवन, फर्नीचर, पेयजल एवं शौचालय आदि की व्यवस्था की जा सकती है-

(a) ग्राम-शिक्षा समिति द्वारा

(b) अभिभावक-शिक्षक संघ द्वारा

(c) समुदाय द्वारा

(d) उपर्युक्त तीनों के सहयोग द्वारा

उत्तर: (d) : विद्यालय में भवन, फर्नीचर, पेयजल एवं शौचालय आदि की व्यवस्था, ग्राम-शिक्षा समिति द्वारा, अभिभावक-शिक्षक संघ द्वारा, समुदाय द्वारा उपर्युक्त तीनों के सहयोग द्वारा की जा सकती है।

प्रश्न 5. एन.सी.ई.आर.टी. (N.C.E.R.T.) स्थित है-

(a) चेन्नई में

(b) लखनऊ में

(c) नई दिल्ली में

(d) कोलकाता में

उत्तर: (c) एन.सी.ई.आर.टी. (N.C.E.R.T.) नई दिल्ली में स्थित है। इसकी स्थापना राष्ट्र की समेकित शिक्षा का प्रारूप तैयार करने और भारत की सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए हुई थी।

प्रश्न 6. ग्राम-शिक्षा-समिति के गठन के लिए आवश्यक है-

(a) एक महिला का होना

(b) दो महिलाओं का होना

(c) तीनों का महिला होना

(d) महिला का होना आवश्यक नहीं है

उत्तर: (a): ग्राम-शिक्षा-समिति के गठन के लिए 15 सदस्यों की आवश्यकता होती है। इनमें अभिभावक को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाया जाता है। दोनों में से एक महिला पदाधिकारी होना आवश्यक है।

प्रश्न 7. 'लो-कॉस्ट' 'नो कॉस्ट' वाली 'शिक्षण अधिगम-सामग्री' का निर्माण किया जा सकता है-

(a) बाजार से वस्तुएँ क्रय करके

(b) शासन द्वारा प्राप्त सामग्री से

(c) स्थानीय परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं से

(d) प्रधानाचार्य द्वारा प्राप्त करायी गई सामग्री से

उत्तर: (c) : 'लो-कॉस्ट' 'नो कॉस्ट' वाली 'शिक्षण अधिगम सामग्री' का निर्माण स्थानीय परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं से किया जा सकता है। इस शिक्षण सामाग्री में कंकड़, पत्थर, बालू, लकड़ी, फुलवारी, शादी का कार्ड और कबाड़ आदि का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 8. प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पाठ्यपुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती हैं-

(a) भारत-सरकार द्वारा

(b) राज्य सरकार द्वारा

(c) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा

(d) अभिभावक द्वारा

उत्तर: (b): प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पाठ्यपुस्तकें निःशुल्क राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।

प्रश्न 9. कक्षा एक में कुल निर्धारित पाठ्यपुस्तकें हैं-

(a) एक

(b) दो

(c) तीन

(d) चार

उत्तर: (a): कक्षा एक में कुल निर्धारित पाठ्यपुस्तकें एक ही है।

प्रश्न 10. प्रदेश में 'संस्कृत' विषय का पठन-पाठन किस-कक्षा से प्रारम्भ किया गया है-

(a) कक्षा एक से

(b) कक्षा तीन से

(c) कक्षा पाँच से

(d) कक्षा छह से

उत्तर: (b): प्रदेश में 'संस्कृत' विषय का पठन-पाठन कक्षा तीन से प्रारम्भ किया गया है।

प्रश्न 11. समय-सारणी दर्शाती है-

(a) बच्चों की अधिगम प्रक्रिया को

(b) शिक्षक की शिक्षण प्रक्रिया को

(c) प्रधानाध्यापक के नेतृत्व को

(d) सभी क्रियाकलापों को

उत्तर: (d): समय-सारणी में सभी क्रियाकलाप जैसे शिक्षक की शिक्षण प्रक्रिया, प्रधानाध्यापक का नेतृत्व, बच्चों की अधिगम प्रक्रिया को दर्शाती है।

प्रश्न 12. पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों के संचालन का दायित्व सौंपना चाहिए-

(a) शिक्षकों को

(b) अभिभावकों को

(c) बच्चों को

(d) जिला विद्यालय निरीक्षक को

उत्तर: (a): पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों के संचालन का दायित्व शिक्षकों को सौपना चाहिए। पाठ्‌यसहगामी क्रियाओं का आशय उन क्रियाओं से हैं जो पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यालय में करायी जाती है।

प्रश्न 13. प्रत्येक जनपद में कार्यरत जिला-समन्वयक अधीन होते हैं-

(a) जिला विद्यालय निरीक्षक के

(b) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के

(c) डायट प्राचार्य के

(d) जिलाधिकारी के

उत्तर: (b) : प्रत्येक जनपद में कार्यरत जिला-समन्वयक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन होते हैं।

प्रश्न 14. 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' का मुख्यालय स्थित है-

(a) इलाहाबाद में

(b) वाराणसी में

(c) लखनऊ में

(d) मेरठ में

उत्तर: (c) : राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् का मुख्यालय लखनऊ में स्थित है।

प्रश्न 15. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-

(a) डायट

(b) सीमेंट

(c) एस.सी. ई. आर. टी.

(d) बी. आर. सी.

उत्तर: (a) : जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था डायट है। डायट एक नोडल एजेंसी है। इसकी स्थापना 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अनुशंसा से की गयी थी।

Section 2 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. प्रबन्धन-प्रक्रिया के अंग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: प्रबन्धन प्रक्रिया के पाँच अंग होते हैं। जो इस प्रकार है नियोजन, नेतृत्व, नियन्त्रण, आयोजन एवं प्रबन्ध होते हैं।

प्रश्न 17. विद्यालयीय-प्रबन्धन के अन्तर्गत कौन-कौन से भौतिक-संसाधन आते हैं?

उत्तर: विद्यालयी-प्रबन्धन के अन्तर्गत आने वाले भौतिक संसाधन - प्रधानाध्यापक का कमरा, विद्यालय का कार्यालय, कक्षाएँ, खेल का मैदान, विज्ञान कक्ष, भूगोल कक्ष प्रयोगशाला, शौचालय, गर्ल्स कॉमन रूम, पुस्तकालय, छात्रावास आदि।

प्रश्न 18. मानवीय-प्रबन्धन के प्रमुख घटक बताइए।

उत्तर: मानवीय प्रबन्धन के प्रमुख घटक होते हैं प्रधानाचार्य, बच्चे, शिक्षक तथा समुदाय। मानवीय प्रबन्धन वह प्रयास है, जिसके अन्तर्गत सभी घटक मिलकर एक संस्था के हित में कार्य करते हैं। मानवीय प्रबन्धन के उद्देश्य मानवीय प्रबन्धन का प्रमुख उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि करना है। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिताएँ आयोजित करना, जागरूकता रैली तथा नाटक आदि क्रियाकलापों का आयोजन करना भी मानवीय प्रबन्धन का उद्देश्य है।

प्रश्न 19. 'लर्निंग-कॉर्नर' से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: 'लर्निंग कॉर्नर' विद्यालय का वह कोना जहाँ शिक्षण अधिगम सामग्री का संग्रह होता है लर्निंग कार्नर कहलाता है। लर्निंग कार्नर में रखी हुई सामग्री का बच्चे उपयोग कर सकते हैं।

प्रश्न 20. कक्षा दो में पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की संख्या तथा नाम बताइए।

उत्तर: कक्षा दो में पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की संख्या दो हैं।

  1. किसलय पुस्तक
  2. गिनतारा पुस्तक

प्रश्न 21. पाठ्यपुस्तकों के विकास में किन-किन बिन्दुओं का विशेष रुप से ध्यान रखा जाता है?

उत्तर: पाठ्य पुस्तकों के विकास में निम्न बिन्दु होने चाहिए -

  1. भाषा शैली में सरलता
  2. भाषा में प्रवाहशीलता
  3. मानसिक स्तर के अनुरूप
  4. चिन्तन के लिए नवीन विचार

प्रश्न 22. सामान्य विद्यालय में कम से कम कौन-कौन सी समय-सारणी बनाई जाती हैं?

उत्तर: स्कूल के कुशल संचालन के लिए विभिन्न प्रकार की समय-सारणी बनाना अत्यन्त आवश्यक है -

  1. अध्यापकों की समय-सारणी
  2. कक्षा समय-सारणी
  3. संयुक्त समय-सारणी
  4. खेलो की समय सारणी
  5. पाठ्य सहगामी क्रियाओं की समय सारणी
  6. गृह कार्य की समय-सारणी
  7. अध्यापकों के खाली घण्टों की समय सारणी

प्रश्न 23. बच्चों से 'प्रॉजेक्ट कार्य' कराने की उपयोगिता बताइए।

उत्तर: प्रॉजेक्ट कार्य की उपयोगिता प्रॉजेक्ट कार्य के द्वारा बच्चों में ज्ञान एवं विवेक की क्षमता विकसित करना है, जिससे बच्चे इनका प्रयोग अनुकूल परिस्थतियों में निर्णय लेने के लिए कर सके।

प्रश्न 24. 'शैक्षिक भ्रमण' का महत्व बताइए।

उत्तर: शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इससे विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पढ़ने में सहायता मिलती है। पुस्तकें सैद्धान्तिक ज्ञान प्रदान करती है जबकि भ्रमण के द्वारा बच्चे प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करते हैं。

प्रश्न 25. खेलकूद से बच्चों में किन पक्षों का विकास होता है?

उत्तर: खेलों के माध्यम से बच्चों में स्वानुशासन, साहस, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, समाजसेवा, सहयोग, संघर्ष, देशप्रेम आदि गुणों का विकास होता है। खेल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होता है, इनसे बालकों में और भी गुणों का विकास करने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 26. शिक्षकों से सम्बन्धित पंजिकाओं के नाम लिखिए।

उत्तर: अध्यापकों की उपस्थिति रजिस्टर, वेतन रजिस्टर, मिड-डे मील रजिस्टर, सेवा-पुस्तिका, पत्र-व्यवहार रजिस्टर, छात्र उपस्थिति रजिस्टर, छात्रवृत्ति वितरण रजिस्टर, ग्राम शिक्षा समिति बैठक पंजिका।

प्रश्न 27. वित्तीय अभिलेख कौन-कौन से हैं?

उत्तर: वित्तीय अभिलेख निम्नवत् है

  1. वेतन भुगतान रजिस्टर
  2. कैश बुक
  3. शुल्क एकत्रीकरण रजिस्टर
  4. रखरखाव रजिस्टर
  5. छात्रवृत्ति रजिस्टर
  6. फीस रजिस्टर
  7. आकस्मिक राशि आदि

प्रश्न 28. बी.आर.सी. तथा एन.पी.आर.सी. में क्या अन्तर है?

उत्तर: बी. आर. सी. एवं एन. पी. आर. सी. में अन्तर निम्नलिखित है

बी. आर. सी. एन. पी. आर. सी.
1. ब्लाक संसाधन केन्द्र को बी. आर. सी. के नाम से जाना जाता है। बी. आर. सी. ब्लाक स्तर पर शैक्षिक गतिविधि में भाग लेता है। 1. न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र को एन.पी.आर.सी. के नाम से जाना जाता है। एन. पी. आर.सी. न्याय पंचायत स्तर पर शैक्षिक गतिविधि में भाग लेता है।
2. बी.आर.सी. के समन्वयक को अपने क्षेत्र में कम से कम दो विद्यालय जाना अनिवार्य है। 2. एन. पी. आर. सी के समन्वयक को महीने में एक बार अपने क्षेत्र के सभी विद्यालय का निरीक्षण करना अनिवार्य है।

प्रश्न 29. 'सार्वभौमिकरण' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: 'सार्वभौमिकरण' से आशय है कि 6 से 14 वर्ष तक से सभी बालकों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। सार्वभौमिकरण की शुरूआत इग्लैण्ड में हुई थी।

प्रश्न 30. उत्तर-प्रदेश के 'राज्य परियोजना कार्यालय' का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

उत्तर: उत्तर प्रदेश के राज्य परियोजना कार्यालय का मुख्यालय लखनऊ में स्थित है। यह कार्यालय बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत आता है। इसका मुख्य कार्य राज्य में शिक्षा सम्बन्धी योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करना है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. विद्यालय में प्रबन्धन प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: विद्यालय में प्रबन्धन प्रक्रिया के महत्व विद्यालय में प्रबन्धन-प्रक्रिया के महत्व निम्नलिखित है

  1. लक्ष्यों की प्राप्ति - प्रबन्धन प्रक्रिया विद्यालय को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है। यह विद्यायल के सभी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रबन्ध करती है।
  2. कार्यक्षमता में वृद्धि - प्रबन्धन-प्रक्रिया के माध्यम से विद्यालय के सभी कार्यों को व्यवस्थित रूप से चलाया जाता है।
  3. समस्याओं का समाधान - विद्यालय में आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान करना।
  4. अनुशासन में वृद्धि - प्रबन्धन प्रक्रिया के माध्यम से विद्यालय में अनुशासन में वृद्धि होती है।
  5. शिक्षण प्रक्रिया में सुधार - प्रबन्धन प्रक्रिया के माध्यम से विद्यायल में शिक्षण प्रक्रिया में सुधार होता है।

प्रश्न 32. विद्यालय-भवन को आकर्षक बनाने में समुदाय की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: एडम्स का कथन है, "विद्यालय एक ऐसी संस्था है, जहाँ बालक में समाज, देश और युग की आवश्यकतानुसार गुणों का विकास करके उसे एक सुयोग्य नागरिक बनाया जाए" अतः विद्यालय और समुदाय को मिल-जुलकर कार्य करने चाहिए। विद्यालय भवन केवल शिक्षा का केन्द्र नहीं, बल्कि बच्चों के विकास का भी महत्वूपर्ण स्थान होता है। समुदाय विद्यालय भवन को आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जैसे -

  1. भागीदारी - समुदाय के सदस्यों को विद्यालय भवन के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
  2. स्वयंसेवा - समुदाय के सदस्य अपनी विशेषता और समय का उपायेग करके विद्यायल भवन को सुन्दर बनाने में मदद कर सकते हैं।
  3. दान - समुदाय के सदस्य विद्यालय भवन के लिए फर्नीचर, उपकरण या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान कर सकते हैं।
  4. कार्यक्रमों का आयोजन - समुदाय के सदस्य विद्यालय भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएँ या अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं।
  5. बच्चों को प्रेरित करना - समुदाय के सदस्य बच्चों को विद्यालय भवन की देखभाल करने और इसे स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

प्रश्न 33. बच्चों की शारीरिक-अभिवृद्धि को ध्यान में रखकर कुर्सी एवं डेस्क की व्यवस्था की जाती है, क्यों? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: बच्चों की शारीरिक वृद्धि को ध्यान में रखकर कुर्सी एवं डेस्क बनाते समय ध्यान में रखने वाली बातें

  1. सर्व प्रथम बच्चों की अनुमानित आयु पता करना।
  2. फर्नीचर को व्यक्ति विशेषज्ञ के द्वारा ध्यान में रखकर बनाना चाहिए।
  3. कुर्सी की ऊँचाई उचित हो, जिससे बच्चों के पैर जमीन के सम्पर्क में हो।
  4. कुर्सी का पिछला हिस्सा बच्चों के कमर का सहारा बने।
  5. डेस्क की ऊँचाई इतनी हो कि छात्रों को लिखते समय झुकना ना पड़े।
  6. डेस्क की चौड़ाई 18 इंच हो।

प्रश्न 34. विद्यालय में शौचालय की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: विद्यालय में शौचालय की आवश्यकता एवं महत्व

  1. विद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त अलग-अलग शौचालय हो। प्रत्येक शौचालय में फ्लश और पानी का उचित प्रबन्ध होना चाहिए।
  2. प्रत्येक शौचालय में टाइल्स लगी होनी चाहिए, जिससे स्वच्छता पर ध्यान जाता रहे।
  3. प्रत्येक शौचालय को निश्चित समयान्तराल पर फिनाइल से सफाई करवाना चाहिए।
  4. शौचालय सफाई करने से अमोनिया जैसी जहरीली गैस से बचा जा सकता है।

प्रश्न 35. मानवीय-प्रबन्धन क्यों आवश्यक है? इसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक हैं?

उत्तर: मानवीय प्रबन्धन के अन्तर्गत लोगों को प्रेरित करना और उन्हें संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने एक साथ काम करने में मदद करता है। मानवीय प्रबन्धन के माध्यम से, संगठन अपने कर्मचारियों की क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझ और उपयोग कर सकते हैं, जिससे संगठन और कर्मचारियों दोनों को लाभ होता है।
मानवीय-प्रबन्धन निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है -

  1. कर्मचारियों के साथ संचार - संगठन को अपने कर्मचारियों के साथ खुला और पारदर्शी संचार बनाये रखना चाहिए।
  2. मानवीय मूल्यों का सम्मान - मानवीय मूल्यों का सम्मान करना अत्यन्त आवश्यक है।
  3. कर्मचारियों का विकास - मानवीय प्रबन्धन के अन्तर्गत कर्मचारियों के विकास पर ध्यान देना चाहिए।

प्रश्न 36. "विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच एक अन्तर्सम्बन्ध है।" इसे स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विद्यालय, अभिभावक और समुदाय ये तीनों ही बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन तीनों के बीच एक मजबूत और प्रभावी अन्तर्सम्बन्ध है। ये तीनों बच्चों के विकास के लिए मिल-कर कार्य करते हैं। बच्चों की शिक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यह बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा प्रदान करने में मदद करता है। यह बच्चों को शिक्षा, सामाजिक और नैतिक मूल्यों, जीवन कौशल और ज्ञान प्रदान करने में मदद करता है। यह बच्चों को जिम्मेदार और योगदान देने वाले नागरिक बनने के लिए तैयार करता है।

प्रश्न 37. सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में वित्तीय प्रबन्धन किस प्रकार सहायक है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: उत्तम शिक्षा व्यवस्था शिक्षा विकास का एक आधार है। आज अच्छी शिक्षा व्यवस्था शिक्षा की वित्तीय व्यवस्था पर निर्भर करता है। शिक्षा वित्त दिन-प्रतिदिन महत्वपूर्ण होता जा रहा है। यह शिक्षा को अधिक प्रभावी और कुशल बनाने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने, शिक्षा तक पहुँच में वृद्धि करने, शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने और शिक्षा की जवाबदेही में सुधार करने में मदद करता है।
सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में वित्तीय प्रबन्धन के कुछ उदाहरण -

  1. शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए धन उपलब्ध कराना।
  2. छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों और अन्य शिक्षण सामग्री प्रदान करना आदि।

प्रश्न 38. 'समय-सारणी एक ऐसा चार्ट है, जो विद्यालय में किए जाने वाले सभी कार्य-कलापों को दर्शाता है।" सहमति के आधार पर व्याख्या कीजिए।

उत्तर: समय सारणी विद्यालयी क्रियाकलापों को व्यक्त करती है। समय सारणी से निम्नलिखित बातों का पता चलता है -

  1. विद्यालय की कार्यकारी समय की गणना होती है।
  2. समय-सारणी से ही पता चलता है कि विद्यालय में कौन-कौन से विषय पढ़ाये जाते हैं।
  3. समय-सारणी से अध्यापकों की संख्या एवं नाम का पता चलता है।
  4. समय-सारणी द्वारा विद्यालय में संचालित होने वाली पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं का ज्ञान होता है आदि।

प्रश्न 39. विद्यालय में पाठ्य सहगामी क्रिया कलापों का आयोजन क्यों आवश्यक है? बिन्दुवार विवरण लिखिए।

उत्तर: विद्यालय में पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के आयोजन का महत्व

  1. मूल प्रवृत्तियों का शोधन व परिमार्जन
  2. नागरिकता के गुणों का विकास
  3. सामाजिक भावना का विकास
  4. अवकाश के समय का सदुपयोग
  5. ज्ञान का व्यवहारिक प्रयोग
  6. किशोरावस्था की आवश्यकताओं की पूर्ति
  7. शैक्षणिक महत्व
  8. मनोरंजनात्मक महत्व ।

प्रश्न 40. समेकित शिक्षा क्या है? इस सन्दर्भ में जिला समन्वयक के मुख्य दायित्व बताइए।

उत्तर: समेकित शिक्षा - समेकित शिक्षा के अन्तर्गत विशिष्ट आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को समावेशी विद्यालयों में अतिरिक्त सहायता प्रदान कर शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ा जाता है। समेकित शिक्षा का तात्पर्य है अक्षम बालकों का कुछ समय के लिए सामान्य बालकों के साथ अन्तः क्रिया का मौका देना जैसे लंच टाइम (मध्याह्न अवकाश) में, खेल के समय विभिन्न सामाजिक अवसरों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान परन्तु उनका सम्पूर्ण शिक्षण कार्य अलग-अलग होता है।
जिला समन्वयक की भूमिका को निम्नरूप से प्रस्तुत किया गया है -

  1. जिला समन्वयक द्वारा विद्यालय की जाँच एवं निरीक्षण किया जाता है।
  2. वह शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े विद्यालयों का पर्यवेक्षण करके उन्हें निर्देशित करता है।
  3. वह जिला स्तरीय प्रबन्धन की योजनाओं में अपनी भूमिका निभाता हैं।
  4. वह ब्लॉक के सभी समन्वयको की बैठक बुलाकर शिक्षण की नवीन प्रविधियों पर चर्चा करता है।

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शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Paper 2016

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