वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. कक्षा-कक्ष एवं कक्षा-कक्ष के बाहर किसी सार्थक क्रियाकलाप को सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक है-
(a) टी. एल. एम. बनाना
(b) पेड़-पौधे लगाना
(c) मैदान की स्वयं सफाई करना
(d) योजना बनाना
उत्तर: (d) योजना बनाना
कक्षा-कक्ष के भीतर अथवा बाहर किसी भी सार्थक क्रियाकलाप को उद्देश्यपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करने के लिए पहले योजना बनाना आवश्यक है।
प्रश्न 2. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-
(a) विद्यालय-भवन
(b) पुस्तकालय
(c) फर्नीचर
(d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय
उत्तर: (d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय
विद्यालय के मानवीय संसाधनों में मुख्य रूप से शिक्षक, बच्चे और समुदाय सम्मिलित होते हैं। भवन, पुस्तकालय और फर्नीचर भौतिक संसाधन हैं।
प्रश्न 3. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-
(a) शिक्षण-प्रक्रिया
(b) निर्णयन-प्रक्रिया
(c) अधिगम-प्रक्रिया
(d) अनुशासन-प्रक्रिया
उत्तर: (b) निर्णयन-प्रक्रिया
समस्या के सम्भावित समाधानों का मूल्यांकन करके उपयुक्त विकल्प चुनना निर्णयन है, इसलिए निर्णय-प्रक्रिया समस्या-समाधान का प्रमुख अंग है।
प्रश्न 4. विद्यालय में भवन, फर्नीचर, पेयजल एवं शौचालय आदि की व्यवस्था की जा सकती है-
(a) ग्राम-शिक्षा समिति द्वारा
(b) अभिभावक-शिक्षक संघ द्वारा
(c) समुदाय द्वारा
(d) उपर्युक्त तीनों के सहयोग द्वारा
उत्तर: (d) उपर्युक्त तीनों के सहयोग द्वारा
विद्यालय की भौतिक सुविधाओं के विकास एवं रख-रखाव में ग्राम-शिक्षा समिति, अभिभावक-शिक्षक संघ और समुदाय तीनों का सहयोग लिया जा सकता है।
प्रश्न 5. एन.सी.ई.आर.टी. (N.C.E.R.T.) स्थित है-
(a) चेन्नई में
(b) लखनऊ में
(c) नई दिल्ली में
(d) कोलकाता में
उत्तर: (c) नई दिल्ली में
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का मुख्यालय श्री अरविन्द मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 6. ग्राम-शिक्षा-समिति के गठन के लिए आवश्यक है-
(a) एक महिला का होना
(b) दो महिलाओं का होना
(c) तीनों का महिला होना
(d) महिला का होना आवश्यक नहीं है
उत्तर: (a) एक महिला का होना
तत्कालीन ग्राम-शिक्षा-समिति व्यवस्था में महिला प्रतिनिधित्व आवश्यक था। दिए गए विकल्पों के अनुसार एक महिला का होना सही उत्तर है।
प्रश्न 7. 'लो-कॉस्ट' 'नो-कॉस्ट' वाली 'शिक्षण-अधिगम सामग्री' का निर्माण किया जा सकता है-
(a) बाजार से वस्तुएँ क्रय करके
(b) शासन द्वारा प्राप्त सामग्री से
(c) स्थानीय परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं से
(d) प्रधानाचार्य द्वारा प्राप्त करायी गई सामग्री से
उत्तर: (c) स्थानीय परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं से
लो-कॉस्ट/नो-कॉस्ट TLM स्थानीय स्तर पर उपलब्ध या अनुपयोगी वस्तुओं जैसे कंकड़, पत्तियाँ, बीज, गत्ता, लकड़ी और कबाड़ आदि से बनाया जा सकता है।
प्रश्न 8. प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पाठ्यपुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती हैं-
(a) भारत-सरकार द्वारा
(b) राज्य सरकार द्वारा
(c) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा
(d) अभिभावक द्वारा
उत्तर: (b) राज्य सरकार द्वारा
प्रश्न-पत्र के सन्दर्भ में प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें राज्य सरकार की व्यवस्था के अन्तर्गत उपलब्ध कराई जाती हैं।
प्रश्न 9. कक्षा एक में कुल निर्धारित पाठ्यपुस्तकें हैं-
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) चार
उत्तर: (a) एक
2016 के प्रश्न-पत्र के तत्कालीन पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा एक के लिए एक समेकित पाठ्यपुस्तक निर्धारित थी।
प्रश्न 10. प्रदेश में 'संस्कृत' विषय का पठन-पाठन किस-कक्षा से प्रारम्भ किया गया है-
(a) कक्षा एक से
(b) कक्षा तीन से
(c) कक्षा पाँच से
(d) कक्षा छह से
उत्तर: (b) कक्षा तीन से
तत्कालीन पाठ्यपुस्तक व्यवस्था में पृथक संस्कृत पाठ्यपुस्तक का अध्ययन कक्षा तीन से प्रारम्भ होता था।
प्रश्न 11. समय-सारणी दर्शाती है-
(a) बच्चों की अधिगम प्रक्रिया को
(b) शिक्षक की शिक्षण प्रक्रिया को
(c) प्रधानाध्यापक के नेतृत्व को
(d) सभी क्रियाकलापों को
उत्तर: (d) सभी क्रियाकलापों को
विद्यालय की समय-सारणी शिक्षण, अधिगम, शिक्षक-कार्य, पाठ्य-सहगामी गतिविधियों तथा अन्य निर्धारित क्रियाकलापों के समयबद्ध संचालन को दर्शाती है।
प्रश्न 12. पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों के संचालन का दायित्व सौंपना चाहिए-
(a) शिक्षकों को
(b) अभिभावकों को
(c) बच्चों को
(d) जिला विद्यालय निरीक्षक को
उत्तर: (a) शिक्षकों को
विद्यालय में पाठ्य-सहगामी गतिविधियों की योजना, मार्गदर्शन और सुरक्षित संचालन का प्रमुख दायित्व शिक्षकों को दिया जाता है।
प्रश्न 13. प्रत्येक जनपद में कार्यरत जिला-समन्वयक अधीन होते हैं-
(a) जिला विद्यालय निरीक्षक के
(b) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के
(c) डायट प्राचार्य के
(d) जिलाधिकारी के
उत्तर: (b) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के
प्रश्न-पत्र के तत्कालीन प्रशासनिक ढाँचे में जिला-समन्वयक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन कार्य करते थे।
प्रश्न 14. 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' का मुख्यालय स्थित है-
(a) इलाहाबाद में
(b) वाराणसी में
(c) लखनऊ में
(d) मेरठ में
उत्तर: (c) लखनऊ में
उत्तर प्रदेश की राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (SCERT) का मुख्यालय लखनऊ में है।
प्रश्न 15. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-
(a) डायट
(b) सीमैट
(c) एस.सी.ई.आर.टी.
(d) बी.आर.सी.
उत्तर: (a) डायट
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जिला स्तर पर शिक्षक-शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अकादमिक सहयोग की प्रमुख संस्था है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. प्रबन्धन-प्रक्रिया के अंग कौन-कौन से हैं?
उत्तर: प्रबन्धन-प्रक्रिया के प्रमुख अंग हैं- नियोजन, संगठन, प्रशासन, निर्देशन तथा नियंत्रण। इन प्रक्रियाओं के माध्यम से संस्था के संसाधनों और कार्यों को उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु व्यवस्थित किया जाता है।
प्रश्न 17. विद्यालयीय-प्रबन्धन के अन्तर्गत कौन-कौन से भौतिक-संसाधन आते हैं?
उत्तर: विद्यालय भवन, कक्षा-कक्ष, फर्नीचर, खेल मैदान, पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, शिक्षण-अधिगम सामग्री तथा अन्य उपकरण भौतिक संसाधन हैं।
प्रश्न 18. मानवीय-प्रबन्धन के प्रमुख घटक बताइए।
उत्तर: विद्यालय के मानवीय प्रबन्धन के प्रमुख घटक प्रधानाध्यापक, शिक्षक, बच्चे तथा समुदाय हैं। इनके समन्वित प्रयास से विद्यालय के शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति होती है।
प्रश्न 19. 'लर्निंग-कॉर्नर' से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: कक्षा या विद्यालय में वह व्यवस्थित स्थान जहाँ बच्चों के उपयोग हेतु शिक्षण-अधिगम सामग्री रखी जाती है, लर्निंग-कॉर्नर कहलाता है। बच्चे वहाँ सामग्री देखकर और प्रयोग करके सीखते हैं।
प्रश्न 20. कक्षा दो में पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की संख्या तथा नाम बताइए।
उत्तर: 2016 के प्रश्न-पत्र के तत्कालीन पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा दो में दो पाठ्यपुस्तकें थीं- किलोल तथा गिनतारा।
प्रश्न 21. पाठ्यपुस्तकों के विकास में किन-किन बिन्दुओं का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है?
उत्तर: पाठ्यपुस्तक में सरल भाषा, आयु एवं मानसिक स्तर के अनुरूप विषयवस्तु, तथ्यात्मक शुद्धता, आकर्षक चित्र, स्थानीय परिवेश, गतिविधियाँ तथा चिंतन एवं स्वाध्याय के अवसर होने चाहिए।
प्रश्न 22. सामान्य विद्यालय में कम से कम कौन-कौन सी समय-सारणी बनाई जाती हैं?
उत्तर: सामान्यतः कक्षा समय-सारणी, शिक्षक समय-सारणी, संयुक्त/मास्टर समय-सारणी, खेल एवं पाठ्य-सहगामी गतिविधियों की समय-सारणी तथा गृहकार्य समय-सारणी बनाई जाती है।
प्रश्न 23. बच्चों से 'प्रॉजेक्ट कार्य' कराने की उपयोगिता बताइए।
उत्तर: प्रोजेक्ट कार्य से बच्चों में करके सीखने, समस्या-समाधान, सहयोग, खोज, निर्णय लेने, उत्तरदायित्व तथा स्वतंत्र चिंतन की क्षमता विकसित होती है।
प्रश्न 24. 'शैक्षिक भ्रमण' का महत्व बताइए।
उत्तर: शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थी वास्तविक स्थानों और वस्तुओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं। इससे सैद्धान्तिक ज्ञान व्यवहार से जुड़ता है तथा अवलोकन, जिज्ञासा और सामाजिक सहभागिता बढ़ती है।
प्रश्न 25. खेलकूद से बच्चों में किन पक्षों का विकास होता है?
उत्तर: खेलकूद से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक विकास होता है तथा अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व, साहस, धैर्य और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।
प्रश्न 26. शिक्षकों से सम्बन्धित पंजिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर: शिक्षक उपस्थिति पंजिका, सेवा-पुस्तिका, वेतन/वेतन-भुगतान पंजिका, अवकाश अभिलेख तथा शिक्षक डायरी आदि शिक्षकों से सम्बन्धित प्रमुख अभिलेख हैं।
प्रश्न 27. वित्तीय अभिलेख कौन-कौन से हैं?
उत्तर: प्रमुख वित्तीय अभिलेख हैं- कैश-बुक, अनुदान एवं आय-व्यय पंजिका, बिल-वाउचर, वेतन भुगतान पंजिका, बैंक अभिलेख, छात्रवृत्ति वितरण पंजिका तथा स्टॉक/सम्पत्ति पंजिका।
प्रश्न 28. बी.आर.सी. तथा एन.पी.आर.सी. में क्या अन्तर है?
उत्तर: BRC ब्लॉक संसाधन केन्द्र था, जो ब्लॉक स्तर पर अकादमिक सहयोग और प्रशिक्षण देता था; जबकि NPRC न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र था, जो छोटे स्थानीय क्षेत्र के विद्यालयों को अकादमिक सहायता देता था।
प्रश्न 29. 'सार्वभौमिकरण' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: प्रारम्भिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण का अर्थ सभी बच्चों के लिए विद्यालय तक पहुँच, नामांकन, नियमित उपस्थिति एवं ठहराव, प्राथमिक/उच्च प्राथमिक शिक्षा की पूर्णता तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 30. उत्तर-प्रदेश के 'राज्य परियोजना कार्यालय' का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के राज्य परियोजना कार्यालय का मुख्यालय विद्या भवन, निशातगंज, लखनऊ में स्थित है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. विद्यालय में प्रबन्धन प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: विद्यालय के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी प्रबन्धन आवश्यक है। इसके द्वारा मानवीय एवं भौतिक संसाधनों का उचित उपयोग, कार्यों का नियोजन एवं समन्वय, उत्तरदायित्वों का वितरण, समय का सदुपयोग, समस्याओं का समाधान तथा अनुशासन स्थापित होता है। इससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनती है।
प्रश्न 32. विद्यालय-भवन को आकर्षक बनाने में समुदाय की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: समुदाय विद्यालय की स्वच्छता, मरम्मत, रंगाई-पुताई, वृक्षारोपण, बागवानी, पेयजल, शौचालय तथा परिसर के रख-रखाव में सहयोग कर सकता है। अभिभावक एवं स्थानीय लोग श्रमदान, उपयोगी सामग्री तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा सकते हैं। सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय के प्रति अपनत्व एवं उत्तरदायित्व भी बढ़ता है।
प्रश्न 33. बच्चों की शारीरिक-अभिवृद्धि को ध्यान में रखकर कुर्सी एवं डेस्क की व्यवस्था की जाती है, क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बच्चों की आयु और शारीरिक वृद्धि के अनुसार उपयुक्त ऊँचाई की कुर्सी-डेस्क से बैठने की सही मुद्रा बनी रहती है। इससे कमर, गर्दन और आँखों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता तथा थकान कम होती है। आरामदायक बैठक व्यवस्था बच्चों की एकाग्रता, लिखने की सुविधा और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 34. विद्यालय में शौचालय की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: विद्यालय में स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोग योग्य शौचालय बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, गरिमा एवं नियमित उपस्थिति के लिए आवश्यक हैं। बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक सुविधाएँ, पर्याप्त पानी, हाथ धोने की व्यवस्था तथा नियमित सफाई होनी चाहिए। विशेषकर बालिकाओं की निरन्तर उपस्थिति में उचित शौचालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 35. मानवीय-प्रबन्धन क्यों आवश्यक है? इसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
उत्तर: विद्यालय के उद्देश्यों की प्राप्ति लोगों के सहयोग से होती है, इसलिए मानवीय प्रबन्धन आवश्यक है। इसमें प्रधानाध्यापक, शिक्षक, बच्चे और समुदाय के बीच स्पष्ट संवाद, कार्य-विभाजन, सहयोग, सहभागिता, अभिप्रेरणा, मानवीय गरिमा का सम्मान, प्रशिक्षण तथा समस्याओं का लोकतांत्रिक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रश्न 36. "विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच एक अन्तर्सम्बन्ध है।" इसे स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बालक के सर्वांगीण विकास में विद्यालय, अभिभावक और समुदाय तीनों की भूमिका होती है। विद्यालय शैक्षिक मार्गदर्शन देता है, अभिभावक घर पर सहयोग एवं निगरानी करते हैं और समुदाय संसाधन तथा सामाजिक अनुभव उपलब्ध कराता है। आपसी संवाद से उपस्थिति, उपलब्धि, अनुशासन और विद्यालय-विकास में सुधार होता है।
प्रश्न 37. सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में वित्तीय प्रबन्धन किस प्रकार सहायक है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: उचित वित्तीय प्रबन्धन द्वारा उपलब्ध धन का आवश्यकता और प्राथमिकता के अनुसार नियोजन एवं उपयोग किया जाता है। इससे पाठ्यपुस्तकें, TLM, पुस्तकालय, उपकरण, भवन-रखरखाव, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षिक गतिविधियों के लिए समय पर संसाधन उपलब्ध होते हैं। सही बजट, अभिलेख और पारदर्शिता से धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होता है।
प्रश्न 38. 'समय-सारणी एक ऐसा चार्ट है, जो विद्यालय में किए जाने वाले सभी कार्य-कलापों को दर्शाता है।' सहमति के आधार पर व्याख्या कीजिए।
उत्तर: समय-सारणी विद्यालय के समय और कार्यों को व्यवस्थित रूप से बाँटती है। इससे प्रत्येक कक्षा, विषय, शिक्षक, खेल तथा पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के लिए निर्धारित समय स्पष्ट होता है। यह कार्यों के टकराव को रोकती है, शिक्षकों के कार्यभार में संतुलन स्थापित करती है और उपलब्ध समय का उचित उपयोग सुनिश्चित करती है।
प्रश्न 39. विद्यालय में पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों का आयोजन क्यों आवश्यक है? बिन्दुवार विवरण लिखिए।
उत्तर: पाठ्य-सहगामी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं। इनके प्रमुख लाभ हैं-
- शारीरिक एवं मानसिक विकास।
- सहयोग, अनुशासन और सामाजिकता का विकास।
- नेतृत्व एवं उत्तरदायित्व की भावना।
- रचनात्मकता एवं प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर।
- ज्ञान का व्यवहारिक प्रयोग।
- अवकाश के समय का सदुपयोग।
- विद्यालय के प्रति रुचि एवं सहभागिता में वृद्धि।
प्रश्न 40. समेकित शिक्षा क्या है? इस सन्दर्भ में जिला समन्वयक के मुख्य दायित्व बताइए।
उत्तर: समेकित शिक्षा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आवश्यक शैक्षिक सहायता एवं संसाधन देकर सामान्य विद्यालय व्यवस्था से जोड़ा जाता है।
जिला समन्वयक के प्रमुख दायित्व-
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, नामांकन एवं शैक्षिक आवश्यकताओं का अनुश्रवण करना।
- आवश्यक मूल्यांकन, सहायक उपकरण एवं शैक्षिक सहायता की व्यवस्था में समन्वय करना।
- शिक्षकों एवं संबंधित कर्मियों के प्रशिक्षण और अकादमिक सहयोग में सहायता करना।
- विद्यालयों का निरीक्षण एवं कार्यक्रमों की प्रगति की निगरानी करना।
- ब्लॉक स्तर के समन्वयकों तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करना।
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