वस्तुनिष्ठ प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् का मुख्यालय स्थित है-
(a) नई दिल्ली
(b) भोपाल
(c) लखनऊ
(d) वाराणसी।
उत्तर: (a): राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 2. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना किस शिक्षा नीति / आयोग के तहत की गई?
(a) नई शिक्षा नीति, 1968
(b) नई शिक्षा नीति, 2020
(c) नई शिक्षा नीति, 1986
(d) कोठारी आयोग।
उत्तर: (c) : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की स्थापना 1986 में नई शिक्षा नीति आयोग के तहत की गई।
प्रश्न 3. विद्यालय की बौद्धिक प्रयोगशाला है-
(a) विज्ञान प्रयोगशाला
(b) शिक्षण-कक्ष
(c) पुस्तकालय
(d) म्यूजियम।
उत्तर: (c): वास्तव में पुस्तकालय एक बौद्धिक प्रयोगशाला है, जहाँ हम अपनी बुद्धि के विकास हेतु प्रयास करते हैं।
प्रश्न 4. "औपचारिक रूप से संगठित समूहों में व्यक्तियों से मिलकर कार्य करने की कला ही प्रबन्धन है।" यह कथन है-
(a) लारेन्स
(b) पीटर एफ. ड्रकर
(c) हैरोल्ड कीनज
(d) एफ. डब्ल्यू. टेलर।
उत्तर: (c) : हैरोल्ड कीनज के अनुसार, "औपचारिक रूप से संगठित समूहों में व्यक्तियों से मिलकर कार्य करने की कला ही प्रबन्धन है।"
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किस आकार का भवन नहीं होता है?
(a) 'A' आकार
(b) 'T' आकार
(c) 'E' आकार
(d) 'D' आकार।
उत्तर: (a&d): विद्यालय भवनों के अनेक प्रकार होते हैं। I, E, H, U, T, L, Y आकार प्रमुख होता है इसमें E आकार अधिक व्यवहारिक होता है। अतः A तथा D आकार का भवन नहीं होता है। (विकल्प में a व d दोनों सही हैं)
प्रश्न 6. कुर्सी व मेज की स्थिति छात्रों के लिए होनी चाहिए-
(a) धनात्मक
(b) ऋणात्मक
(c) शून्यात्मक
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (b) : कुर्सी व मेज की स्थिति छात्रों के लिए ऋणात्मक होनी चाहिए।
प्रश्न 7. मातृ शिक्षक संघ (एम.टी.ए.) की बैठक माह के किस दिन कराने का प्रावधान होता है?
(a) शुक्रवार
(b) शनिवार/रविवार
(c) बुधवार
(d) मंगलवार।
उत्तर: (b) : मातृ शिक्षक संघ (MTA) की बैठक माह के शनिवार / रविवार के दिन कराने का प्रावधान होता है।
प्रश्न 8. इन्दिरा गाँधी मुक्त वि.वि. (इग्नू) की स्थापना कब हुई?
(a) सन् 1982 में
(b) सन् 1985 में
(c) सन् 1885 में
(d) सन् 1986 में।
उत्तर: (b) : इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की स्थापना सन् 1985 में हुई थी। इसका मुख्य कार्यालय नयी दिल्ली में स्थापित है। (Note: PDF explains 1985 but marks option c which has 1885. The correct year is 1985 which is option b)
प्रश्न 9. ग्राम शिक्षा समिति का सदस्य सचिव होता है-
(a) बेसिक स्कूल का वरिष्ठ शिक्षक
(b) ग्राम प्रधान
(c) अभिभावक
(d) बेसिक स्कूल का प्रधानाध्यापक ।
उत्तर: (d) : ग्राम शिक्षा समिति का सदस्य सचिव बेसिक स्कूल का प्रधानाध्यापक होता है।
प्रश्न 10. निम्नलिखित में से कौन-सी पाठ्य सहगामी क्रिया छात्रों में तर्कशक्ति का विकास करती है?
(a) निबन्ध लेखन
(b) अभिनय
(c) खेलकूद
(d) वाद-विवाद।
उत्तर: (d) : पाठ्य सहगामी क्रिया विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वाद-विवाद क्रिया द्वारा छात्रों में तर्कशक्ति का विकास होता है।
प्रश्न 11. विद्यालय के अभिलेखों का मुख्य उद्देश्य होता है-
(a) दण्ड का साक्ष्य
(b) अनियमितताओं की जानकारी
(c) निरीक्षण में सहयोग
(d) आवश्यक सूचनाओं का रख-रखाव।
उत्तर: (d): विद्यालय के अभिलेखों का मुख्य उद्देश्य आवश्यक सूचनाओं का रख-रखाव करने से होता है।
प्रश्न 12. शैक्षिक पर्यवेक्षण का मुख्य उद्देश्य होता है-
(a) शिक्षा की सम्पूर्ण प्रक्रिया में वांछनीय परिवर्तन करना
(b) सामान्य निर्देश देना
(c) कक्षा-कक्ष का निरीक्षण
(d) अनुदानों की अपव्यय का निरीक्षण।
उत्तर: (a) : शैक्षिक पर्यवेक्षण का मुख्य उद्ददेश्य शिक्षा की सम्पूर्ण प्रक्रिया में वांछनीय परिवर्तन करने से होता है।
प्रश्न 13. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-
(a) सीमैट
(b) बी.आर.सी.
(c) एस.सी.ई.आर.टी.
(d) डायट।
उत्तर: (d): जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) है।
प्रश्न 14. आपदा प्रबन्धन विधेयक संसद में कब प्रस्तुत किया गया?
(a) सन् 2002 में
(b) सन् 2004 में
(c) सन् 2005 में
(d) सन् 2006 में
उत्तर: (c) : आपदा प्रबंधन विधेयक संसद में सन् 2005 में प्रस्तुत किया गया। यह अधिनियम आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और उससे जुड़े या उसके "आकस्मिक" मामलों का प्रावधान करता है।
प्रश्न 15. आंग्ल-भाषा शिक्षण संस्थान स्थित है-
(a) लखनऊ
(b) प्रयागराज
(c) मेरठ
(d) आगरा
उत्तर: (b) : आंग्ल-भाषा शिक्षण संस्थान प्रयागराज में स्थित है। इस शिक्षण संस्थान के द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के अंग्रेजी सुधारने के लिए लैंग्वेज किट तैयार की गई है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. शैक्षिक प्रबन्धन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शैक्षिक प्रबन्धन - शैक्षिक प्रबन्धन एक ऐसा क्षेत्र है जो शैक्षिक संगठनों के संचालन से संबंधित है। यह स्कूल के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए स्कूल में गतिविधियों की योजना बनाने, आयोजन करने और निर्देशित करने, मानव और भौतिक संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की प्रक्रिया है।
विलियम एच. न्यूमैन के अनुसार, "किसी सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए किसी व्यक्ति समूह के प्रयत्नों का मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं नियंत्रण ही प्रबन्ध कहलाता है।"
प्रश्न 17. लर्निंग कार्नर से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: लर्निंग कार्नर विद्यालय का वह कोना जहां शिक्षण अधिगम सामग्री का संग्रह होता है। लर्निंग कार्नर में रखी सामग्री को बच्चे उपयोग देख व स्पर्श करके सीखते हैं। इसमें सभी सामाग्री व्यवस्थित एवं क्रम अनुसार रखी जाती है, जिससे अधिगम में सहायता प्रदान होती है। लर्निंग कॉर्नर पाठ्यपुस्तकों, कार्य-पुस्तिकाओं, कहानियों का संग्रह होता है, इनसे छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है。
प्रश्न 18. विद्यालय संगठन का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: विद्यालय संगठन का उद्देश्य-
1. सीखने और सीखाने के लिए उचित वातारण का निर्माण करना。
2. शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायता करना。
3. छात्रों में सामुदायिक भावना का विकास करना。
4. प्रत्येक छात्र में छात्रों की कार्य कुशलता में वृद्धि करना。
5. छात्रों में सहयोगात्मक ढंग से कार्य करने की आदत विकसित करना。
प्रश्न 19. मीना मंच का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: मीना मंच- मीना मंच विद्यालयों में बालिकाओं के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें अपनी बात को खुलकर कहने के लिए अवसर देता है। यह बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने, नियमित विद्यालय आने और लिंग आधारित भेदभाव के प्रति सजग रहने के लिए प्रोत्साहित करता है。
मीना मंच का उद्देश्य-
- समस्त बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना और उनका ठहराव बनाए रखना।
- बालिकाओं को सीखने पढ़ने लिखने एवं सह शैक्षिक गतिविधियों से जोड़ने हेतु अधिकतम अवसर सामूहिक सहयोग देना।
- बालिकाओं की सुरक्षा पर चर्चा करना एवं आपसी सहयोग से समाधान करना।
- जेंडर भेद-भाव एवं सामाजिक कुरीतियों पर समझ विकसित करना और बालिकाओं को इन मुद्दों पर अपने विचार अभिव्यक्त करने हेतु मंच प्रदान करना।
प्रश्न 20. पाठ्य सहगामी क्रियाओं से आपका क्या आशय है?
उत्तर: पाठ्य सहगामी क्रियायें (Co-Curricular Activities)- पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं से अभिप्राय उन क्रिया कलापों से है, जो छात्र के सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास करने तथा शिक्षा के पूर्व-निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता देती है। जिनका आयोजन विद्यालय द्वारा किया जाता है, तथा उनमें एक ही विद्यालय अथवा अनेक विद्यालयों के छात्र भाग लेते हैं। शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद, संगीत, कला, मनोरंजन अभिनय, भ्रमण आदि जैसे क्रिया को पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाएँ कहते हैं。
प्रश्न 21. किन्हीं चार प्राकृतिक आपदाओं के नाम बताइए।
उत्तर: प्राकृतिक आपदा - प्राकृतिक आपदा वह आपदा होती है जो भयानक, खतरनाक तथा अचानक घटित होती है, इससे बड़ी मात्रा में जान-माल की हानि होती है。
प्राकृतिक आपदाओं के नाम ज्वालामुखी, बाढ़, भूकम्प, सूखा, बिजली गिरना तथा सुनामी आदि。
प्रश्न 22. प्रबन्धन एवं प्रशासन में क्या अन्तर है?
उत्तर: प्रबन्धन एंव प्रशासन में अन्तर
| प्रबन्धन | प्रशासन |
|---|---|
| 1. प्रबन्धन विद्यालय के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों का निर्धारण करता है। | 1. प्रशासन, प्रबन्धन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु नियमों का निर्माण करता है। |
| 2. इसका उपयोग व्यापक स्तर पर होता है। | 2. इसका उपयोग विद्यालय के दायरे में होता है। |
| 3. यह प्रशासन की अपेक्षाकृत लचीला होता है। | 3. यह अत्यधिक कठोर होता है। |
| 4. इसका कार्य नियमों से बंधा नहीं है। | 4. यह नियम-कानून के अंतर्गत कार्य करता है। |
| 5. यह सम्पूर्ण संगठन की कार्यशीलता को बढ़ाता है। | 5. यह कर्मचारियों की कुशलता पर ध्यान देता है। |
| 6. शैक्षिक प्रबन्धन में शैक्षिक प्रशासन शामिल है। | 6. शैक्षिक प्रशासन, प्रबंधन का एक अंग है। |
प्रश्न 23. डायट मेण्टर कौन होते हैं?
उत्तर: डायट मेण्टर - डायट के प्रवक्ता को ब्लॉकवार मेण्टर बनाया जाता है। एक या एक से अधिक ब्लॉकों का कार्यभार डायट मेण्टर को सौंपा जाता है。
कार्य-
1. बी.आर.सी. की मासिक बैठकों में प्रतिभाग करना。
2. आवंटित क्षेत्रों के विद्यालयों, ब्लॉक संसाधन केन्द्रों का प्रति सप्ताह भ्रमण करना。
3. प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन एवं संचालन करना。
4. विद्यालय स्तर पर शिक्षकों के कार्यों की समीक्षा तथा बच्चों की सहायता करना。
प्रश्न 24. विद्यालय अभिलेख के महत्वपूर्ण प्रकार बताइए।
उत्तर: विद्यालय अभिलेख के महत्वपूर्ण प्रकार निम्न है -
1. सामान्य व वित्तीय लेखा सम्बन्धी。
2. सामान्य अभिलेख ।
3. शैक्षिक अभिलेख ।
4. परीक्षा अभिलेख ।
5. पुस्तकालय अभिलेख。
6. उपकरण सम्बन्धी अभिलेख。
प्रश्न 25. शैक्षिक पर्यवेक्षण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: शैक्षिक पर्यवेक्षण शैक्षिक प्रशासन का महत्वपूर्ण अंग है जिसके द्वारा व्यक्तियों को किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए क्रियाशील रखा जाता है। शैक्षिक पर्यवेक्षण का कार्य उस समय प्रारंभ होता है जब शिक्षक कक्षा में होता है। शैक्षिक पर्यवेक्षक का संबंध मुख्यतः मानवीय तत्व से होता है। यह विद्यालय में मुख्यतः विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा संपन्न किया जाता है। इसका विकास संगोष्ठी, सेमिनार और कार्यशाला पर आधारित है。
प्रश्न 26. संचयी अभिलेख पत्र में किसका लेखा रखा जाता है?
उत्तर: संचयी अभिलेख छात्र के बारे में एक स्थायी अभिलेख है। इसे अद्यतित रखा जाता है। जब भी छात्र के बारे में कोई नई जानकारी प्राप्त होती है तो उसे कार्ड में दर्ज किया जाता है। यह छात्र की शैक्षिक प्रगति, उसकी पिछली उपलब्धियों और उसकी वर्तमान स्थिति की पूरी तस्वीर प्रस्तुत करता है। एक संचयी अभिलेख कार्ड में एक छात्र या शिक्षार्थी के अध्ययन के दौरान समय-समय पर किये गये विभिन्न आकलनों और निर्णयों के परिणाम होते हैं。
प्रश्न 27. विद्यालय से सम्बन्ध रखने वाले प्रमुख मानवीय संसाधनों के नाम लिखिए।
उत्तर: विद्यालय में मानवीय संसाधन- मानवीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन ही किसी विद्यालय एवं शैक्षिक व्यवस्था का प्रमुख आधार है उत्तम शिक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक है कि मानवीय संसाधनों का सदुपयोग किया जाये विद्यालय में शैक्षिक प्रबंधन में प्रधानाचार्य प्रमुख मानवीय प्रबंधक होता है, इसके अतिरिक्त अध्यापक, कर्मचारी, छात्र और अभिभावकों का महत्वपूर्ण स्थान है。
प्रश्न 28. जिला समन्वयक जिले के किस अधिकारी के अधीनस्थ कार्य करता है?
उत्तर: जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम (DPEP) और सर्व शिक्षा अभियान या अन्य शैक्षिक परियोजना वाले जनपदों में शिक्षा की गुणवत्ता व सर्व सुलभता हेतु प्रत्येक जनपद में जिला समन्वयक के पद सृजित किए गए है。
जिला समन्वयक जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के अधीनस्थ कार्य करता है。
प्रश्न 29. शैक्षिक भ्रमण के कोई दो महत्व बताइए।
उत्तर: शैक्षिक भ्रमण के महत्व-
(1) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है。
(2) शैक्षिक भ्रमण द्वारा विद्यार्थी प्रकृति से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ते हैं。
(3) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों का दृष्टिकोण विस्तृत होता है。
(4) शैक्षिक भ्रमण से व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होती है。
(5) शैक्षिक भ्रमण से छात्रों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है。
प्रश्न 30. भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम किस वर्ष से प्रभावी हुआ?
उत्तर: सूचना का अधिकार भारत के प्रत्येक नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत दिया गया अधिकार है और यह 12 अक्टूबर 2005 से लागू हुआ。
लघु उत्तरीय प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. विद्यालयों के शैक्षिक प्रबन्धन के अन्तर्गत कक्षा-कक्ष प्रबन्धन व पुस्तकालय प्रबन्धन को समझाइए।
उत्तर: कक्षा-कक्ष प्रबन्धन (Classroom Mangment)
कक्ष प्रबन्धन में अध्यापक तथा बच्चों के सम्बन्धों और अंतः सम्बन्धों के माध्यम से अधिगम प्रक्रिया चलायी जाती है तथा कक्षा में कार्य एवं क्रियाकलाप से अधिगम परिस्थितियाँ उत्पन्न की जाती है。
कक्षा-कक्ष प्रबन्धन के उद्देश्य
1. अधिगम को स्थायी बनाना。
2. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना。
3. कक्षा में शैक्षिक वातावरण को स्वच्छ होना。
4. कक्षा से सम्बंधित तथ्यों के बीच समन्वय स्थापित करना。
पुस्तकालय प्रबन्धन
पुस्तकों को व्यवस्थित तरीके से रखने के स्थान को पुस्तकालय कहा जाता है। पुस्तकालय को विद्यालय का हृदय कहा जाता है। इसके अन्तर्गत निम्न प्रबन्धन आते हैं -
1. पाठ्य-पुस्तकों का प्रबन्धन किसी विषय के ज्ञान को जब एक स्थान पर पुस्तक के रूप में संगठित ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। उसे पाठ्य-पुस्तक कहते हैं। कक्षा में सुचारु ढंग से शिक्षण कार्य के प्रबन्धन में पाठ्य पुस्तकों की बड़ी महत्वपूर्ण व अपरिहार्य भूमिका होती है। इस हेतु राज्य सरकार सभी छात्रों के लिए पर्याप्त पाठ्य-पुस्तकें निःशुल्क प्रदान करती है。
2. प्राथमिक स्तर के नवीन पाठ्य-पुस्तकों का स्वरूप
पाठ्य-पुस्तक के उपागम मुख्यता बाल केंद्रित होते हैं। बालक का परिवेश, बच्चों की उम्र, मानसिक स्तर, कल्पनाशील आदि पक्षों को ध्यान में रखकर ही पाठ्य-पुस्तकें विकसित की जाती है। चित्र रंगीन और आकर्षक होती है। पाठ्यवस्तु सुस्पष्ट बोलचाल की सहज भाषा में होती है तथा बच्चों को अपने आप सीखने के अवसर प्रदान किये जाते हैं। बच्चों की बौद्धिक क्षमता को दृष्टिगत रखकर पाठ्य-पुस्तकों में गतिविधियों, प्रयोगों एवं अभ्यास प्रश्नों की संरचना की गई है。
3. उच्च प्राथमिक स्तर की नवीन पाठ्य-पुस्तकों का स्वरूप
उच्च प्राथमिक स्तर पर विषयवार नवीनतम जानकारियाँ, चित्र- मानचित्र, कक्षा चित्र, गतिविधियाँ, इसे भी जानों, महत्वपूर्ण अंशों एवं अवधारणों को रंगीन कर पाठ्य पुस्तक को अधिक रोचक एवं बोधगम्य बनाने का प्रयास किया जाता है。
प्रश्न 32. विद्यालय प्रबन्धन में प्रधानाध्यापक की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विद्यालय प्रबन्धन में प्रधानाध्यापक की भूमिका
प्रधानाध्यापक विद्यालय का प्रधान शिक्षक होता है। प्रधान होने के कारण उसका कार्य थोड़ा बढ़ जाता है। एक शिक्षक के कार्यों का निर्वहन तो उसे करना ही होता है। उसके साथ-साथ शिक्षकों का भी नेतृत्व तथा मार्गदर्शन करना होता है। यदि शिक्षक का कार्य शिक्षा प्रदान करना है तो यह प्रधानाध्यापक का कर्त्तव्य होता है कि वह विद्यालय में ऐसा वातावरण उत्पन्न करे कि शिक्षण का कार्य कुशलता एवं सफलता से बिना किसी रूकावट के चलता रहें。
प्रधानाध्यापक विद्यालय के भीतर नेतृत्व, निर्देशन और समन्वय प्रदान करता है। वह विद्यालय की गतिविधियों की योजना बनाता है और उनका आयोजन करता है। कर्मचारियों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के कर्त्तव्यों का आवंटन करता है। माता-पिता, समुदाय और सरकार के साथ सम्बन्ध बनाये रखता है。
प्रश्न 33. शिक्षक सन्दर्शिका से क्या अभिप्राय है? इसके प्रबन्धन पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: शिक्षक संदर्शिका - कक्षा में अध्यापकों को दक्ष बनाने व आत्मविश्वासपूर्वक कक्षा शिक्षण करने हेतु राज्य परियोजना कार्यालय उत्तर प्रदेश में सभी के लिए शिक्षा परियोजना परिषद लखनऊ द्वारा कक्षा 1 से 8 तक कक्षावार, विषयवार शिक्षक सन्दर्शिकाओं का प्रकाशन किया है जो सभी विद्यालय में उपलब्ध है। शिक्षकों को प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण देकर सन्दर्शिकाओं के प्रयोग की विधि बतायी जाती है। इसमें पढ़ाने के लिए प्रबन्धन का स्पष्ट विविरण दिया जाता है。
शिक्षक सन्दर्शिकाओं का प्रबन्धन -
1. प्राथमिक स्तर की शिक्षक सन्दर्शिकाओं में पाठ्यवस्तु के उद्देश्य, पूर्व ज्ञान प्रयुक्त सामग्री शिक्षण अधिगम सामग्री प्रस्तुतीकरण की विधियाँ, रोचक गतिविधियाँ, अवलोकन, भ्रमण, प्रयोग आदि का विवरण सम्मिलित किया गया है。
2. इसके प्रारम्भ में 'सामान्य जानकारी' शीर्षक के अन्तर्गत सभी शिक्षण युक्तियाँ, सावधानियाँ स्वयं करके सीखने का उल्लेख किया गया है。
3. पाठ को पढ़ाने हेतु समय प्रबन्धन का स्पष्ट विवरण दिया गया है。
प्रश्न 34. पाठ्य सहगामी क्रियाएँ किस प्रकार बालकों के विकास में सहायक हैं?
उत्तर:
1. पाठ्य सहगामी क्रिया बालकों का सर्वांगीण विकास करने में सहायता करता है。
2. छात्रों को स्वअनुशासन सीखने में मदद करता है。
3. विभिन्न वातावरणों से आये बालकों में सहयोग की भावना का विकास करता है。
4. विद्यालय के सम्पूर्ण शैक्षिक कार्यक्रम तथा विद्यालय की चारित्रिक भावना का विकास करने में सहायता करता है。
5. छात्रों के भावी जीवन के लिए तैयार करता है。
प्रश्न 35. ग्राम-शिक्षा समिति के सदस्य कौन-कौन होते हैं? इनके प्रमुख कार्य बताइए।
उत्तर: ग्राम-शिक्षा समिति का अध्यक्ष प्रधान होता है। इस 15 सदस्यीय समिति में 11 अभिभावक, हेडमास्टर, ग्रामपंचायत सदस्य, लेखपाल और एएनएम को शामिल किया जाता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत स्कूल में तैनात टीचर ही बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए हाउस होल्ड सर्वे का काम कर रहे हैं。
ग्राम शिक्षा समिति के प्रमुख कार्य -
1. पंचायत क्षेत्र में बेसिक स्कूलों की स्थापना, उनका प्रशासन, नियंत्रण और प्रबन्धन करना。
2. बेसिक स्कूलों, उनको भवनों और उपकरणों के सुधार के लिए जिला पंचायत को सुझाव देना。
3. बेसिक स्कूलों के विकास, प्रचार एवं सुधार के लिए योजनाएँ बनाना。
प्रश्न 36. राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एव प्रशासन संस्थान (NIEPA) का संक्षिप्त परिचय दीजिए एवं उसके प्रमुख उद्देश्य बताइए।
उत्तर: राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान - मई 1979 ई. से यह नीपा नाम से प्रचलित है यह राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक योजना और प्रबन्धन का काम देखती है। इसका मुख्य कार्य शोध प्रशिक्षण एवं परामर्श द्वारा शिक्षा नीतियों के निर्धारण, नियोजन तथा प्रबन्धन के क्षेत्र में सरकार का सहयोग करना है。
उद्देश्य
1. राज्य सरकारों तथा शैक्षिक संस्थाओं का परामर्श देना
2. विचारों एवं समाचारों का आदान-प्रदान करना
3. देश-विदेश की विभिन्न शैक्षिक एजेन्सियों संस्थाओं तथा संगठनों से परस्पर सहयोग करने की व्यवस्था करना。
प्रश्न 37. बेसिक शिक्षा अधिकारी के प्रमुख दायित्व बताइए।
उत्तर: बेसिक शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा के मुख्य अधिकारी होते हैं। जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों की प्रबन्धन की व्यवस्था बेसिक शिक्षा अधिकारी ही देखते हैं। जिले के सभी योजनाएँ इनके निर्णय पर ही तैयार की जाती है। यह जिले के स्कूलों का पर्यवेक्षण करके अध्यापकों के नये पदों की सूचना शासन को भेजते हैं और इन्हीं के द्वारा नये प्राथमिक स्कूलों व उच्च प्राथमिक विद्यलायों को खोलने की स्वीकृति दी जाती है साथ ही धन उपलब्ध कराने में मदद करते हैं。
राजकीय प्राइमरी, जूनियर तथा नॉर्मल एवं मॉर्डन स्कूलों के वार्षिक प्रबन्ध का प्रस्ताव प्रस्तुत करना तथा निर्देशालय के आदेश के पश्चात स्थानीय प्रबन्धन स्वयं करना。
प्रश्न 38. ब्लॉक संसाधन केन्द्र (BRC) की संरचना एवं कार्यों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: ब्लॉक संसाधन केन्द्र (BRC) की संरचना एवं कार्य -
1. शिक्षकों की क्षमता वृद्धि का क्षेत्र BRC के समन्वय द्वारा इस क्षेत्र में निम्न कार्य किये जाते हैं -
(i) वार्षिक शैक्षिक कैलेण्डर बनाना
(ii) शैक्षिक नवाचार。
(iii) शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण प्रयोग और प्रदर्शन करना
(iv) बच्चों के लिए विषय आधारित क्विज, वाद-विवाद, सुलेख, वर्तनी, गाना आदि कार्यक्रम का आयोजन करना。
(2) जन सहभागिता आधारित कार्यक्रम -
(i) बच्चों के विद्यालय में नामांकन हेतु विशेष कार्यक्रम जैसे स्कूलों चलो अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ。
(ii) ग्राम शिक्षा योजना बनाना。
(3) उपयोगी संस्थाओं का समन्वय -
(i) बाल विकास विभाग से सम्पर्क करना。
(ii) स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क स्थापित करना。
प्रश्न 39. शैक्षिक प्रशासन के निर्णयवादी सिद्धान्त एवं भूमिका संघर्ष सिद्धान्त का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
(1) निर्णय का सिद्धान्त - शैक्षिक प्रशासन को समस्त प्रशासकीय अधिकारों, नियमों व सिद्धान्तों का समुचित ज्ञान होना चाहिए। ताकि वह सही प्रकार से निर्णय ले सके। इस प्रकार यह सिद्धान्त प्रशानिक अधिकारियों के शैक्षिक प्रशासन के नियमों एवं सिद्धान्तों से समुचित ज्ञान से सम्बन्धित होता है。
(2) भूमिका संघर्ष सिद्धान्त - भूमिका संघर्ष का सिद्धान्त इस बात की पुष्टि करता है। कि किसी भी संगठन के अन्तर्गत व्यक्ति किस प्रकार अपनी भूमिका का सम्पादन करते हैं। इस सिद्धान्त के अनुसार संगठन एक प्रकार से सामाजिक प्राणी है। जिसमें व्यक्ति अनेक परिस्थितियों में कार्य करते हैं। प्रत्येक व्यक्ति कि एक निश्चित स्थिति ही उसकी भूमिका का निर्धारण करती है। जिसके अनुसार उसे अपने उच्चाधिकारियों के समान स्थिति वाले व्यक्तियों तथा निम्न स्तर के व्यक्तियों से व्यवहार करना होता है। शैक्षिक प्रशासन को समस्त कर्मचारियों तथा शिक्षकों को प्रयास समन्वय हेतु हर सम्भव प्रयास करना चाहिए। जिससे संस्था के सम्पूर्ण विकास में सभी योगदान करे。
प्रश्न 40. (नोट: पीडीएफ में प्रश्न 40 नहीं दिया गया है। 39 के बाद 40 का कोई अलग प्रश्न नहीं है। प्रश्न 39 का उत्तर ही प्रश्न 40 की जगह ले रहा है। मैंने पीडीएफ के अनुसार ही प्रश्न 39 को अंतिम प्रश्न माना है।)