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PYQ 2019 • शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Paper 2019

UP DELED Semester 4 शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Question Paper 2019 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा भौतिक संसाधन के अन्तर्गत आता है?

(a) छात्र-छात्राएँ

(b) शिक्षक

(c) विद्यालय भवन

(d) प्रधानाध्यापक ।

उत्तर: (c) : विद्यालय में संपूर्ण आधारभूत संरचनाएँ भौतिक संसाधनों के अन्तर्गत आती हैं। जैस विद्यालय की वनस्पतियां, भवन, जलग्रह, कक्षाऐ, फर्नीचर, पुस्तकालय आदि।

प्रश्न 2. विद्यालय की बौद्धिक प्रयोगशाला होता है-

(a) शिक्षण कक्ष

(b) पुस्तकालय

(c) विज्ञान प्रयोगशाला

(d) म्यूजियम।

उत्तर: (b) : पुस्तकालय विद्यालय की बौद्धिक प्रयोगशाला के रूप में जाना जाता है जहाँ छात्र अपने मानसिक शक्तियों का विकास करते हुए अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।

प्रश्न 3. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-

(a) अनुशासन प्रक्रिया

(b) अधिगम प्रक्रिया

(c) निर्णयन प्रक्रिया

(d) शिक्षण प्रक्रिया।

उत्तर: (c) समस्या समाधान किसी विशेष समस्या का स्थायी समाधान खोजने की प्रक्रिया है जिसमें समस्या को हल करने के लिए क्रमबद्ध तरीके की विधि का उपयोग करते हैं जिसमें सात चरण आते हैं।

प्रश्न 4. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-

(a) फर्नीचर

(b) पुस्तकालय

(c) विद्यालय भवन

(d) शिक्षक, छात्र-छात्राएँ एवं समुदाय।

उत्तर: (d): मानवीय प्रबंधन के अंतर्गत छात्र-छात्राएँ, शिक्षक, प्रधानाचार्य। प्राचार्य, प्रबंध कमिटी के सदस्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी आदि शामिल होते हैं।

प्रश्न 5. समय-सारणी को कहा जाता है-

(a) विद्यालय की दूसरी घड़ी

(b) अनुशासन

(c) घण्टा

(d) अध्ययन।

उत्तर: (a): विद्यालय का सफल कामकाज एक उपयुक्त समय सारणी पर निर्भर करता है, इसलिए इसे स्कूल की दूसरी घड़ी कहा जाता है।

प्रश्न 6. विद्यालय के अभिलेखों का मुख्य उद्देश्य होता है-

(a) दण्ड का साक्ष्य

(b) आवश्यक सूचनाओं का रख-रखाव

(c) अनियमितताओं की जानकारी

(d) निरीक्षण में सहयोग।

उत्तर: (b) : विद्यालय के अभिलेख (रिकार्ड) एक निश्चित समयविधि में हुऐ क्रमिक विकास, उत्थान व पतन का पता लगाता है।

प्रश्न 7. कोठारी कमीशन (1964-66) ने राष्ट्र-निर्माता की संज्ञा किसे दी है?

(a) प्रतिभाशाली छात्रों को

(b) इन्जीनियरों को

(c) अध्यापकों को

(d) शिक्षाधिकारियों को।

उत्तर: (c) : कोठारी कमीशन (1964-66) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत में शिक्षा के लिए नीतियां और दिशानिर्देश प्रदान करना। कोठारी कमीशन ने अध्यायपकों को राष्ट्र निर्माण की संज्ञा दी, क्योंकि शिक्षक, सामान्य सामाजिक व्यक्ति से अधिक चरित्रवान, उदार, सहिष्णु, दयालु एवं मर्यादित होता है।

प्रश्न 8. शैक्षिक पर्यवेक्षण का मुख्य उद्देश्य होता है-

(a) शिक्षा की सम्पूर्ण प्रक्रिया में वांछनीय परिवर्तन करना

(b) सामान्य निर्देशन देना

(c) कक्षा-कक्ष का निरीक्षण

(d) अनुदानों की अपव्यय का निरीक्षण।

उत्तर: (a) : शिक्षा की समपूर्ण प्रक्रिया में वांछनीय परिवर्तन करना। शैक्षिक 'पर्यवेक्षण' शिक्षक, छात्र पाठ्यक्रम, विद्यालय तथा शिक्षण विधि आदि की दशाओं में सुधार करता है तथा उत्तम शिक्षा प्रदान करने में मुख्य भूमिका निभाता है।

प्रश्न 9. राज्य शिक्षा संस्थान कहाँ स्थित है?

(a) लखनऊ

(b) वाराणसी

(c) आगरा

(d) प्रयागराज।

उत्तर: (d) : राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यक्रमों में एकरुपता लाने के लक्ष्य से राज्य स्तर पर शिक्षा संस्थान, उत्तर-प्रदेश, इलाहाबाद की स्थापना 1 फरवरी 1964 को की गई।

प्रश्न 10. विद्यालय में अनुशासन स्थापित करने में सहायक नहीं है-

(a) पाठ्य सहगामी क्रियाओं का आयोजन

(b) नैतिक शिक्षा की व्यवस्था

(c) दण्ड की अधिकता

(d) शिक्षक-अभिभावक सहयोग।

उत्तर: (c) : विद्यालय में अनुशासन स्थापित करने के लिए दण्ड की अधिकता का प्रयोग करना उचित नहीं है। यदि दण्ड का बार-बार प्रयोग किया गया इससे बालकों के मस्तिष्क में विभिन्न प्रकार की ग्रन्थियाँ (Complexes) बनने की सम्भावना रहेगी जिसके परिणामस्वरुप उनका व्यक्तित्व असन्तुलित हो जायेगा।

प्रश्न 11. राज्य हिन्दी संस्थान कहाँ स्थित है?

(a) प्रयागराज

(b) वाराणसी

(c) लखलऊ

(d) गोरखपुर।

उत्तर: (b): राज्य हिंदी संस्थान उ०प्र०, वाराणसी की स्थापना मार्च 1969 में राजकीय केन्द्रीय अध्यापन विज्ञान संस्थान, उ०प्र० इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुई थी।

प्रश्न 12. विद्यालय प्रबन्धन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है-

(a) प्रधानाध्यापक की

(b) शिक्षकों की

(c) छात्र-छात्राओं की

(d) प्रधान लिपिक की।

उत्तर: (a) : प्रधानाध्यापक की विद्यालय प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, वह शैक्षिक प्रवृत्तियों की भांति सहशैक्षिक प्रवृत्तियों का आयोजन कर विद्यालय प्रगति के पथ पर अग्रसर करता है।

प्रश्न 13. शैक्षिक प्रबन्धन का महत्वपूर्ण पक्ष है-

(a) दण्ड

(b) पुरस्कार

(c) प्रशासन

(d) अनुशासन।

उत्तर: (c) : शैक्षिक प्रबंधन प्रक्रियाएँ, संसाधनों और नैतिक मूल्यों का प्रबंधन करने में मदद करता है ताकि शिक्षा संस्थानों की शैक्षिक गुणवत्ता प्रदान कर सके।

प्रश्न 14. कौन-सी पाठ्य सहगामी क्रिया तर्कशक्ति का विकास करती है?

(a) अभिनय

(b) खेलकूद

(c) निबन्ध लेखन

(d) वाद-विवाद।

उत्तर: (d) : पाठ्य-सामग्री के माध्यम से छात्रों को विभिन्न दृष्टिकोणों से सूचना प्राप्त होती है, जिससे उनकी विचारशक्ति विकसित होती है।

प्रश्न 15. भगदड़ जैसी आपदाएँ होती हैं-

(a) जागरूकता से

(b) कुप्रबन्धन से

(c) कड़ाई होने से

(d) अधिक सुविधाओं से।

उत्तर: (b) : आपदाएँ प्रबंधन महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये आपदाओं की पहचान, उनके आने वाले खतरों को मूल्यांकन, उनकी रोकथाम और प्रतिस्थापन की योजनाओं को सम्पादित करने में मदद करता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. कुशल प्रबन्धन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: कुशल प्रबंधन वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति या संगठन द्वारा संविधानिक और प्रयोजनमूलक तरीके से संसाधनों का प्रबंधन किया जाता है ताकि वे स्थायी और सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकें। कुशल प्रबंधन कई क्षेत्रों में लागू होता है जैसे कि व्यवसाय, शिक्षा, स्थास्थ्य, औद्योगिक और सार्वजनिक प्रसाशन आदि।

प्रश्न 17. संस्थागत नियोजन से आपका क्या आशय है?

उत्तर: संस्थागत नियोजन से आशय है किसी संस्थान, संगठन या संगठनता के विकास और प्रगति के लिए योजनाएं तैयार करने और अमल में लाने की प्रक्रिया है।

प्रश्न 18. लर्निंग कॉर्नर का उद्देश्य बताइए।

उत्तर: लर्निंग कॉर्नर का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को सुविधाजनक और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि लर्निंग प्रक्रिया में सुधार हो सके और छात्रों को अधिक सफल शिक्षा प्राप्त करने में मदद कर सके।

प्रश्न 19. समय-सारणी के दो महत्व बताइए।

उत्तर: समय सारणी के महत्व-
(i) यह कुशल बढ़ावा और नियमितता को बढ़ावा देता है।
(ii) यह व्यक्तिगत जीवन, शिक्षा, कार्यक्षेत्र और सामाजिक सम्बन्धों में सुधार करने में मदद करती है。
(iii) यह व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होता है।

प्रश्न 20. शैक्षिक प्रशासन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: शैक्षिक प्रशासन शिक्षा क्षेत्र में प्रबंधन और नियमन के क्षेत्र में कार्यरत है। यह विद्यालय, कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थानों के प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है, जैसे कि शिक्षकों का प्रबंधन, शैक्षिक नीतियों का निर्धारण, विद्यार्थियों के प्रबंधन, विद्यालयों की संचालन और शैक्षिक गुणवत्ता की मान्यता।

प्रश्न 21. आपदा प्रबन्धन से आपका क्या आशय है?

उत्तर: आपदा प्रबंधन एक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य आपदाओं और आपलियों के समय प्रबंधन करना है ताकि नुकसान कम हो और मानव और संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो। आपदा प्रबंधन का उद्देश्य है, जीवन को बचाना, संपदा को सुरक्षित रखना और समुचित सुरक्षा प्रदान करना।

प्रश्न 22. पर्यवेक्षण का उद्देश्य बताइए।

उत्तर: पर्यवेक्षण के उद्देश्य -
(1) जानकारी एकत्र करना।
(2) गुणत्ता मानकों का पालन करना।
(3) सुरक्षा और सुरक्षिता का निरीक्षण।
(4) नियमों और विधियों का पालन करना।
(5) समस्याओं की पहचान करना।

प्रश्न 23. ग्राम शिक्षा समिति का कोई एक कार्य बताइए।

उत्तर: ग्राम शिक्षा समिति एक ऐसा संगठन है जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणतत्ता और पहुँच में सुधार करना है। बेहतर शिक्षा का प्रचार, शिक्षाकों का प्रशिक्षण, शैक्षिक योजनाओं का प्रबंधन आदि में मदद करने का कार्य करती है।

प्रश्न 24. अभिलेख से आपका क्या आशय है?

उत्तर: अभिलेख (रिकार्ड) का उपयोग डेटा विश्लेषण, निगरानी और निरीक्षण के उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह नियमित रूप से डेटा (जानकारी) को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

प्रश्न 25. एन. सी. टी. ई. का पूरा नाम बताइए।

उत्तर: NCTE का पूरा नाम "national council for teacher education" है। यह भारत में शिक्षक प्रशिक्षण की मानक संगठन है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में मानको का सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 26. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के विभागों का नाम बताइए।

उत्तर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के विभागों के नाम-
(1) प्रारम्भिक शिक्षा विभाग
(2) उच्च शिक्षा विभाग
(3) शिक्षक प्रशिक्षण विभाग
(4) विद्यालय प्रशासन और प्रशासनिक विभाग

प्रश्न 27. मानवीय संसाधनों से आपका क्या आशय है?

उत्तर: मानवीय संसाधन व्यक्तिगत और सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समृद्धि के साथ समुदायों और राष्ट्रों को विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये संसाधन जातिगत, सांख्यिक और सामाजिक संप्रेरणाओं को मिलाकर समृद्धि और प्रगति की ओर मदद करते हैं।

प्रश्न 28. शिक्षक अभिभावक संघ का उद्देश्य बताइए।

उत्तर: "शिक्षक अभिभावक संघ" शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को बढ़ावा देने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के उद्देश्य के साथ काम करता है।

प्रश्न 29. किन्हीं चार प्राकृतिक आपदाओं का नाम बताइए।

उत्तर: प्राकृतिक आपदाएँ प्रकृति द्वारा प्रदत्त आपदाएँ होती है जैसे कि- भूकंप, बाढ़, सूनामी, तूफान, ज्वालामुखी, जलवायु परिवर्तन आदि।

प्रश्न 30. विज्ञान शिक्षण में प्रयोगशाला का महत्व बताइए।

उत्तर: विज्ञान शिक्षण में प्रयोगशाला अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, यह विज्ञान के अध्ययन को प्रैक्टिकल तथा आवश्यक अनुभव के साथ आयोजित करने में मदद करती है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. विद्यालय प्रबन्धन में किसकी किसकी भूमिका होती है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: एक विद्यालय के प्रबंधन में अनेक व्यक्तियों की भूमिकाएँ होती हैं जैसे कि -
(1) प्रधानाचार्य विद्यालय के प्रमुख होते हैं और विद्यालय के सभी कार्यों की निगरानी करते हैं।
(2) प्रशासनिक कर्मचारी, प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन करते हैं जैसे कि वित्त प्रशासन और शिक्षा कार्यक्रमों का प्रबंधन।
(3) शिक्षक, छात्रों को पढ़ाने और उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं。
(4) छात्रों के माता-पिता, छात्रों की शिक्षा में सहयोगी भूमिका निभाते हैं。

प्रश्न 32. विद्यालय और समुदाय के सम्बन्धों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विद्यालय और समुदाय के संबंध शिक्षा और समाज के बीच महत्वपूर्ण होते हैं। निम्नलिखित कुछ तत्व स्पष्ट करते हैं -
(1) सामाजिक सांविदानिकता - विद्यालय समुदाय की संविदानिकता को बढ़ावादेता है और समुदाय के सदस्यो को एक समय पर एक स्थान पर एकत्र आने का मौका प्रदान करता है。
(2) सामाजिक साझेदारा - यहां छात्र अपने समुदाय के सदस्यों के साथ मिलकर जीवन कौशलों को सीखते हैं。
(3) सामाजिक जागरुकता - विद्यालय छात्रों को सामाजिक मुददों की जगरुकता प्रदान कर सकता है, जैसे कि जाति, लिंग, और धर्म。
(4) सेवा और समर्थन - विद्यालय समुदाय के साथ सेवा और सामर्थ्य विकसित करने में मदद करता है。

प्रश्न 33. प्रमुख विद्यालयी अभिलेखों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: प्रमुख विद्यालय अभिलेख एक विद्यालय के सारे महत्वपूर्ण डाक्यूमेंटस और रिकार्ड्स का संग्रह रखता है। इन अभिलेखों का वर्णन निम्नलिखित हो सकता है -
(1) छात्र प्रोफाइल - इसमें छात्रों के व्यक्तिगत और शैक्षिक जानकारी को शामिल करते हैं, कि छात्र को नाम, पता, जन्मतिथि और प्राप्तांक शामिल होते हैं。
(2) शैक्षिक रिकॉर्ड्स - इसमें छात्र के शैक्षिक प्रदर्शन से संबंधित जानकारी जैसे कि ग्रेड कार्ड, परीक्षा परिणाम, और अध्ययन भी प्रगति शामिल होती है。
(3) वित्तीय रिकॉर्ड्स - यह छात्र के शैक्षिक वित्त, फीस और वित्तीय ट्रेंजैक्शन से संबंधित होता है。
(4) शिक्षक की जानकारी - इसमें शिक्षकों की जानकारी और अभियंत्रण जैसी जानकारी शामिल होती है。

प्रश्न 34. पाठ्य सहगामी किस प्रकार बालक के विकास में उपयोगी होता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: पाठ्य सहगामी क्रियायें बालक के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं। पाठ्य सहगामी क्रियाओं से बालक की रूचि, गति एवं क्षमता का पता चलता है और बालक को स्वतंत्र रूप से विकास का अवसर प्राप्त होता है। पाठ्य सहगामी क्रियायें बालक के व्यावहारिक ज्ञान का आधार होती हैं। बालक के प्रत्यक्ष ज्ञान एवं अनुभव का अवसर प्राप्त होता है。
पाठ्य सहगामी क्रियाओं की उपयोगिता निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट होती है -
1. छात्रों में निहित प्रतिभाओं की खोज एवं विकास - पाठ्य सहगामी क्रियाओं के माध्यम से छात्रों में निहित विभिन्न प्रतिभा की खोज कर उन्हें उजागर किया जा सकता है。
2. शैक्षिक दृष्टि से महत्व - इनके माध्यम से छात्र परस्पर सहयोग, प्रेम, सद्भावना, मेल-मिलाप, सहकारिता आदि गुणों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं。
3. विशेष रूचियों का विकास - पाठ्य सहगामी क्रियाओं का वैविध्य छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता है वे अपनी रूचियों के अनुसार उन्हें अपनाते हैं। इस तरह उन्हें अपनी रूचियों को तृप्त करने का अवसर प्राप्त होता है。

प्रश्न 35. "अच्छी समय सारणी विद्यालय के विविध कार्य संचालन का सच्चा प्रतिबिम्ब है।" स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: समय-सारणी एक ऐसा यंत्र हे जिसके माध्यम से विद्यालय के समस्त कार्यों का वितरण इस प्रकार कर सकते हैं कि विद्यालय के समस्त कार्य विषयानुसार तथा समय अनुसार हो सके। इससे विद्यालय की व्यवस्था में स्थिरता आती है। समय सारणी विद्यालय के विविध कार्य का संचालन करती है जैसे कि-व्यवसस्था में स्थिरता आती है। समय-सारणी विद्यालय के विविध कार्य का संचालन करती है जैसे कि -

  • छात्र एवं अध्यापक को अपने कार्य के प्रति सजग बनाती है।
  • विद्यालय में होने वाली पाठ्यक्रम-सहगामी क्रियाओं को उचित स्थान देती है।
  • प्रधानाध्यापक के निरीक्षण कार्य को सरल बनाती है।
  • समय-सारणी के द्वारा शिक्षकों और छात्रों को कार्य में व्यस्त रखते हैं।
  • समय-सारणी से योग्यतानुसार कार्य का वितरण करते है। जिससे कार्य निपुणता के साथ पूरा हो सके।

प्रश्न 36. कुशल शिक्षक के गुणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: शिक्षक की भूमिका शिक्षार्थियों को प्रेरित करने प्रोत्साहिक करने और शिक्षित करने के लिए है। शिक्षक की भूमिका हमेशा एक सूत्रधार की होनी चाहिए न कि एक तानाशाह की। एक कुशल शिक्षकों में विद्यार्थियों के बारे में समझने और समझाने की क्षमता होनी चाहिए। एक कुशल शिक्षक को उत्साह और प्रेरणा से भरा होना चाहिए। एक कुशल शिक्षक अपने विद्यार्थियों को समझाने कई योजनाएँ बनाता है और एक योजना के काम न करने पर शिक्षक दूसरी योजना आजमाते हैं। एक कुशल शिक्षक हमेशा सीखता रहता है。
कुशल शिक्षक के गुणों में निम्नलिखित बाते शामिल होती हैं-
(1) एक कुशल शिक्षक निष्ठवान और अपने कार्य के प्रति समर्पित होता है。
(2) अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार होते हैं。
(3) एक कुशल शिक्षक सभी बच्चों के प्रति निष्पक्ष होते हैं。
(4) कुशल शिक्षक उत्साहवर्धक होते हैं。
(5) कुशल शिक्षक हमेशा अपने शिक्षार्थियों के हित में सोचता है।
अतः अध्यापक अपने कार्यों को सफलता पूर्वक व उचित प्रकार से करता है। इस दृष्टि से कहा जाता है कि अध्यापक राष्ट्र का निर्माता होता है。

प्रश्न 37. मनोविज्ञानशाला उ. प्र. प्रयागराज के कार्यों को बताइए।

उत्तर: मनोविज्ञानशाला उ०प्र० प्रयागराज में कई मनोविज्ञानी अध्ययन और शोध कार्यों के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। यहां कई प्रमुख मनोविज्ञान संस्थान होते हैं जो मानव मानसिकता और व्यावहारिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध करते हैं। यहां के विश्वविद्यालय और संस्थान विभिन्न मनोविज्ञान साक्षरता कार्यक्रम और शोधक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं。
उ०प्र० प्रयागराज के कार्य -

  1. छात्र/छात्राओं को शैक्षिक, व्यावसायिक तथा वैयक्तिक निर्देशन प्रदान करना।
  2. संवेगात्मक कठिनाई वाले बालकों/बालिकाओं/ व्यस्कों के निदान एवं उपचार में सहायता प्रदान करना।
  3. शैक्षिक पिछड़ेपन का पता लगाना और निराकरण हेतु उपयुक्त सुझाव देना।
  4. शारीरिक व मानसिक रुप से बिकलांग छात्र/छात्राओं के समायोजन हेतु निर्देशन परामर्श देना।
  5. मंडलीय मनोविज्ञान केन्द्रों पर कार्यरत तकनीकि विशेषज्ञों तथा परामर्शदाताओं को पुनबौद्धात्मिक प्रशिक्षण देना आदि।

प्रश्न 38. पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण की भूमिका में अन्तर को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

पर्यवेक्षण निरीक्षण
1. पर्यवेक्षण परिस्थिति की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर सुझाव प्रस्तुत करता है। 1. निरीक्षण केवल तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करता है।
2. पर्यवेक्षण का कार्य शिक्षकों के शैक्षणिक स्तर में सुधार करना है 2. निरीक्षण का कार्य शिक्षकों की आलोचना करना है।
3. पर्यवेक्षण एक शिक्षाप्रद रुप है 3. निरीक्षण एक सत्तावद रुप है
4. पर्यवेक्षण का उद्देश्य समुचित निर्देशन करना है 4. निरीक्षण का उद्देश्य सूचना प्राप्त करना है।
5. पर्यवेक्षण का स्वरूप व्यापक होता है। 5. निरीक्षण का उद्देश्य संकुचित होता है।
6. पर्यवेक्षण में अनुसन्धानों के परिणामों पर अधिक बलदिया जाता है। 6. निरीक्षण में सामान्य सिद्धांतो पर बल दिया जाता है।
7. पर्यवेक्षण नेतृत्व के द्वारा ही सम्भव है। 7. निरीक्षण में नेत्रत्व का आभाव होता है।

प्रश्न 39. कक्षा में अनुशासनहीनता के निवारण हेतु आप अपना विचार दीजिए

उत्तर: अनुशासन हीनता का सामान्य अर्थ है, अनुशासन का पालन न करना अर्थात् स्थापित नियमों एवं प्रक्रियाओं का उल्लंधन करना अनुशासन हीनता कहलाता है। कक्षा में अनुशासन हीनता के कुछ मुख्य कारण है जैस कि दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली, आर्थिक कठिनाइयाँ, राजनीतिक दलों का प्रभाव, सामाजिक स्तर का पतन, शिक्षक-छात्र संबंध का आभावों, उचित मार्गदर्शन का आभाव आदि कारण हो सकते हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है。
कक्षा में अनुशासनहीनता के निवरण हेतु निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -
(1) विद्यालय तथा वर्गों में सीमित छात्र-संख्या हो
(2) छात्र-अध्यापक संपर्क होना चाहिए。
(3) शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा उसके उद्देश्य में स्पष्टता हो
(4) मागदर्शन की व्यवस्था (प्रशिक्षित एवं योग्य मनोविज्ञान शिक्षक होना चाहिए)
(5) परीक्षा प्रणाली में सुधार (पक्षपात नहीं होना चाहिए)
(6) उक्त शैक्षणिक उपादानों की पर्याप्तता आदि होने चाहिए。

प्रश्न 40. ग्राम शिक्षा समिति के कौन-कौन से सदस्य होते हैं? उनके कार्यो को स्पष्ट कीजिए

उत्तर: गावों के बेसिक स्कूलों की देख-रेख तथा रख-रखाव के उद्देश्य से यह समिति गठित की गई थी। प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर इस कमेटी का गठन किया गया है। इस कामेटी का गठन वर्ष 1972 में किया गया।
इस समिति में निम्ननलियित सदस्य होते हैं -

  1. ग्राम पंचायत का अध्यक्ष, प्रधान होगा।
  2. बेसिक स्कूलों के तीन संरक्षक (जिसमें एक संरक्षक महिला होगी)।
  3. ग्राम पंचायत में स्थित बेसिक स्कूल का मुख्य अध्यापक और यदि वहां एक से अधिक स्कूल का मुख्य अध्यापक और यदि वहां एक से अधिक स्कूल हो तो उनके मुख्य अध्यापकों में से, ज्येष्ठतम, सदस्य सचिव होगा।

ग्राम शिक्षा समिति के निम्नलिखित कार्य-

  1. पंचायत क्षेत्र में बेसिक स्कूलों की स्थापना, उनका प्रशासन, नियंत्रण और प्रबंधन करना।
  2. बेसिक स्कूलों के विकास, प्रसार और सुधार के लिए योजनाएँ तैयार करना।
  3. पंचायत क्षेत्र में बेसिक शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा की अभिवृद्धि और विकास करना।
  4. बेसिक शिक्षा से सम्बन्धित ऐसे अन्य कृत्यों को करना, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा उसे सौंपे जाये।

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