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PYQ 2020 • शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 4 शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. NCERT का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

(a) दिल्ली में

(b) राजस्थान में

(c) लखनऊ में

(d) कानपुर में

उत्तर: (a) दिल्ली में। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) का मुख्यालय श्री अरविन्द मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है।

प्रश्न 2. पाठ्य-सहगामी क्रियाकलाप की विशेषताएँ हैं-

(a) सांस्कृतिक कार्यक्रम

(b) राष्ट्रीय पर्व

(c) वृक्षारोपण

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी। सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व तथा वृक्षारोपण आदि विद्यालय में आयोजित की जाने वाली प्रमुख पाठ्य-सहगामी गतिविधियाँ हैं।

प्रश्न 3. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-

(a) विद्यालय भवन

(b) पुस्तकालय

(c) फर्नीचर

(d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय

उत्तर: (d) शिक्षक, बच्चे और समुदाय। शिक्षक, विद्यार्थी, प्रधानाध्यापक, कर्मचारी, अभिभावक तथा समुदाय विद्यालय के मानवीय संसाधनों के अन्तर्गत आते हैं।

प्रश्न 4. विद्यालय प्रबन्धन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है-

(a) प्रधानाध्यापक की

(b) शिक्षक की

(c) बच्चों की

(d) उपर्युक्त सभी की

उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी की। विद्यालय प्रबन्धन में प्रधानाध्यापक नेतृत्व एवं समन्वय करता है, शिक्षक शैक्षिक एवं प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करते हैं तथा विद्यार्थी भी विभिन्न विद्यालयी गतिविधियों एवं उत्तरदायित्वों में भाग लेते हैं।

प्रश्न 5. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-

(a) डायट

(b) सीमैट

(c) NCERT

(d) बी.आर.सी.

उत्तर: (a) डायट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जिला स्तर पर शिक्षक शिक्षा, प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान तथा अकादमिक संसाधन-सहायता प्रदान करने वाली प्रमुख संस्था है।

प्रश्न 6. समस्या समाधान का प्रमुख अंग है-

(a) शिक्षण प्रक्रिया

(b) निर्णयन प्रक्रिया

(c) अधिगम प्रक्रिया

(d) अनुशासन प्रक्रिया

उत्तर: (b) निर्णयन प्रक्रिया। समस्या-समाधान में विभिन्न विकल्पों का विश्लेषण करके सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन करना पड़ता है, इसलिए निर्णयन इसका प्रमुख अंग है।

प्रश्न 7. राज्य हिन्दी संस्थान कहाँ स्थित है?

(a) प्रयागराज

(b) लखनऊ

(c) आगरा

(d) वाराणसी

उत्तर: (d) वाराणसी। राज्य हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश वाराणसी में स्थित है तथा यह राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध संस्था है।

प्रश्न 8. NIOS की स्थापना हुई थी-

(a) 1962 में

(b) 1973 में

(c) 1989 में

(d) 1992 में

उत्तर: (c) 1989 में। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (National Open School) की स्थापना भारत सरकार द्वारा नवम्बर 1989 में की गई थी। जुलाई 2002 में इसका नाम बदलकर National Institute of Open Schooling (NIOS) कर दिया गया।

प्रश्न 9. सूचना का अधिकार विधेयक लोकसभा में कब लाया गया?

(a) दिसम्बर, 2004

(b) दिसम्बर, 2005

(c) दिसम्बर, 2003

(d) दिसम्बर, 2006

उत्तर: (a) दिसम्बर, 2004। सूचना का अधिकार विधेयक, 2004 को 23 दिसम्बर, 2004 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था। बाद में यह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 बना।

प्रश्न 10. भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला स्थित है-

(a) चेन्नई में

(b) प्रयागराज में

(c) लखनऊ में

(d) दिल्ली में

उत्तर: (b) प्रयागराज में। मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश की स्थापना जुलाई 1947 में तत्कालीन इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज में आचार्य नरेन्द्र देव समिति की संस्तुतियों के आधार पर की गई थी। इसे उत्तर प्रदेश की D.El.Ed. पाठ्यसामग्री में भारत की प्रथम मनोविज्ञानशाला बताया गया है।

प्रश्न 11. बाल गणना पंजिका है-

(a) विद्यालयी अभिलेख

(b) शैक्षिक अभिलेख

(c) आर्थिक अभिलेख

(d) सामाजिक अभिलेख

उत्तर: (a) विद्यालयी अभिलेख। बाल गणना अथवा परिवार सर्वेक्षण पंजिका में विद्यालय के सेवित क्षेत्र के बच्चों तथा उनकी शैक्षिक स्थिति से सम्बन्धित विवरण दर्ज किया जाता है।

प्रश्न 12. प्राकृतिक आपदाएँ कितने प्रकार की होती हैं?

(a) तीन

(b) दो

(c) छः

(d) पाँच

उत्तर: (d) पाँच। इस प्रश्न में प्रयुक्त वर्गीकरण के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं को पाँच वर्गों में बाँटा गया है—विवर्तनिक एवं पार्थिव, स्थलाकृतिक, मौसम सम्बन्धी, पर्यावरणीय तथा विविध प्राकृतिक आपदाएँ।

प्रश्न 13. समय-सारणी से बचत होती है-

(a) आय की

(b) समय-श्रम की

(c) शिक्षण की

(d) व्यय की

उत्तर: (b) समय-श्रम की। उचित समय-सारणी कार्यों को निश्चित क्रम और समय में व्यवस्थित करती है, जिससे समय तथा श्रम का सदुपयोग होता है।

प्रश्न 14. साहित्यिक गतिविधि है-

(a) नृत्य

(b) कहानी लेखन

(c) शैक्षिक भ्रमण

(d) उच्चारण प्रतियोगिता

उत्तर: (b) कहानी लेखन। कहानी लेखन, कविता लेखन, निबन्ध लेखन तथा वाद-विवाद आदि साहित्यिक गतिविधियों के अन्तर्गत आते हैं।

प्रश्न 15. टी. ई. टी. का पूरा नाम है-

(a) शिक्षक योग्यता परीक्षा

(b) शिक्षक पात्रता परीक्षा

(c) शिक्षक अभिवृत्ति परीक्षा

(d) शिक्षक शिक्षण परीक्षा

उत्तर: (b) शिक्षक पात्रता परीक्षा। TET का पूरा नाम Teacher Eligibility Test है, जिसे हिन्दी में शिक्षक पात्रता परीक्षा कहते हैं।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. संस्थागत नियोजन का शाब्दिक अर्थ बताइए।

उत्तर: संस्थागत नियोजन का शाब्दिक अर्थ किसी संस्था द्वारा अपनी आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए भविष्य के कार्यों की व्यवस्थित योजना बनाना है।

प्रश्न 17. समुदाय से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्तियों का समूह, जिनमें सामान्य जीवन, हितों तथा सामाजिक सम्बन्धों की भावना होती है, समुदाय कहलाता है।

प्रश्न 18. अभिभावक-शिक्षक संघ के दो उद्देश्य बताइए।

उत्तर: (i) शिक्षक एवं अभिभावकों के बीच परस्पर सहयोग एवं समझ विकसित करना।
(ii) विद्यार्थियों की शैक्षिक एवं व्यवहारगत समस्याओं का मिलकर समाधान करना।

प्रश्न 19. विद्यालय के मानव संसाधन कौन-कौन से हैं?

उत्तर: विद्यालय के प्रमुख मानवीय संसाधन प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यार्थी, गैर-शिक्षण कर्मचारी, अभिभावक तथा समुदाय के सदस्य हैं।

प्रश्न 20. समय-सारणी की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: विद्यालय के निर्धारित समय को विभिन्न विषयों, कक्षाओं, शिक्षकों तथा गतिविधियों के बीच व्यवस्थित रूप से बाँटने वाली तालिका को समय-सारणी कहते हैं।

प्रश्न 21. वित्तीय प्रबन्धन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: किसी संस्था के उपलब्ध धन एवं वित्तीय संसाधनों के नियोजन, प्राप्ति, उपयोग, लेखांकन और नियंत्रण की व्यवस्थित प्रक्रिया को वित्तीय प्रबन्धन कहते हैं।

प्रश्न 22. प्राकृतिक आपदाओं के नाम बताएँ।

उत्तर: भूकम्प, बाढ़, सूखा, चक्रवात, सुनामी, भूस्खलन, हिमस्खलन तथा ज्वालामुखी विस्फोट प्रमुख प्राकृतिक आपदाएँ हैं।

प्रश्न 23. 'शैक्षिक भ्रमण' के दो महत्व बताइए।

उत्तर: (i) शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।
(ii) इससे प्राप्त ज्ञान अधिक स्पष्ट, रुचिकर एवं स्थायी होता है।

प्रश्न 24. विद्यालय का हृदय किसे कहा जाता है?

उत्तर: पुस्तकालय को विद्यालय का हृदय कहा जाता है, क्योंकि यह विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ज्ञान, स्वाध्याय तथा संदर्भ-सामग्री उपलब्ध कराता है।

प्रश्न 25. विद्यालय संगठन का क्या उद्देश्य है?

उत्तर: विद्यालय संगठन का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध मानवीय एवं भौतिक संसाधनों का समुचित उपयोग कर शिक्षा के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति तथा शिक्षण-अधिगम के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

प्रश्न 26. लर्निंग कॉर्नर से क्या समझते हैं?

उत्तर: कक्षा या विद्यालय का वह सुव्यवस्थित स्थान जहाँ बच्चों के स्व-अधिगम हेतु पुस्तकें, चित्र, मॉडल, कार्यपत्रक तथा अन्य शिक्षण-अधिगम सामग्री रखी जाती है, लर्निंग कॉर्नर कहलाता है।

प्रश्न 27. मीना मंच का क्या उद्देश्य है?

उत्तर: मीना मंच का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व एवं जागरूकता विकसित करना तथा उनकी शिक्षा, नियमित उपस्थिति, समानता और अधिकारों को प्रोत्साहित करना है।

प्रश्न 28. प्रयोगशाला के महत्व पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: प्रयोगशाला विद्यार्थियों को स्वयं प्रयोग करके सीखने का अवसर देती है तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निरीक्षण, तार्किक चिंतन और प्रयोगात्मक कौशल विकसित करती है।

प्रश्न 29. ग्राम शिक्षा समिति क्या है?

उत्तर: ग्राम पंचायत क्षेत्र के बेसिक विद्यालयों के प्रशासन, विकास, सुधार एवं निगरानी में सहयोग के लिए गठित समिति को ग्राम शिक्षा समिति कहते हैं। ग्राम प्रधान इसका अध्यक्ष तथा प्रधानाध्यापक/वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक सदस्य-सचिव होता है।

प्रश्न 30. विद्यालय अभिलेख के प्रकार बताइए।

उत्तर: विद्यालयी अभिलेखों के प्रमुख प्रकार हैं—सामान्य अभिलेख, शैक्षिक अभिलेख, परीक्षा अभिलेख, वित्तीय अभिलेख, पुस्तकालय अभिलेख तथा सामग्री/उपकरण सम्बन्धी अभिलेख।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. संस्थागत नियोजन एवं प्रबन्धन के महत्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: संस्थागत नियोजन का अर्थ संस्था की आवश्यकताओं, उद्देश्यों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर भविष्य के कार्यों की योजना बनाना है, जबकि प्रबन्धन उस योजना का व्यवस्थित क्रियान्वयन है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। इनके प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं—

  • संस्था के उद्देश्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने में सहायता मिलती है।
  • उपलब्ध मानवीय, भौतिक एवं वित्तीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग होता है।
  • संस्था की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की पहचान और समाधान सम्भव होता है।
  • विभिन्न कर्मचारियों एवं विभागों के बीच समन्वय स्थापित होता है।
  • समय, धन तथा श्रम की बचत होती है और कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन सम्भव होता है।

प्रश्न 32. राज्य स्तर पर कार्य करने वाले किन्हीं दो अभिकरणों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

1. राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तर प्रदेश—
SCERT, उत्तर प्रदेश की स्थापना 1981 में लखनऊ में की गई। यह राज्य स्तर पर विद्यालयी शिक्षा, शिक्षक शिक्षा और शैक्षिक अनुसंधान की प्रमुख अकादमिक संस्था है। इसके प्रमुख कार्य हैं—

  • विद्यालयी पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तक एवं अन्य शिक्षण-सामग्री का विकास करना।
  • सेवा-पूर्व एवं सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
  • शैक्षिक अनुसंधान, सर्वेक्षण, मूल्यांकन एवं नवाचारों को प्रोत्साहित करना।

2. मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज—
आचार्य नरेन्द्र देव समिति की संस्तुतियों के आधार पर जुलाई 1947 में प्रयागराज में मनोविज्ञानशाला की स्थापना की गई। इसके प्रमुख कार्य हैं—

  • विद्यार्थियों को शैक्षिक, व्यावसायिक एवं वैयक्तिक निर्देशन और परामर्श देना।
  • मनोवैज्ञानिक परीक्षणों, अनुसंधान तथा परीक्षण-सामग्री का विकास करना।
  • शैक्षिक पिछड़ेपन, व्यवहारगत एवं संवेगात्मक समस्याओं के निदान में सहायता करना।

प्रश्न 33. भारत में सूचना के अधिकार पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को लोक प्राधिकरणों के पास उपलब्ध सूचनाएँ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त करने का अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण में सहायता करना है।

सूचना का अधिकार विधेयक 23 दिसम्बर 2004 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया। अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति 15 जून 2005 को मिली और इसके प्रमुख प्रावधान 12 अक्टूबर 2005 से प्रभावी हुए।

प्रश्न 34. शिक्षकों के विद्यालय के प्रति क्या कर्तव्य होते हैं? लिखिए।

उत्तर: शिक्षक विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था का प्रमुख अंग है। विद्यालय के प्रति उसके मुख्य कर्तव्य निम्नलिखित हैं—

  • समय पर विद्यालय आना तथा नियमित रूप से शिक्षण कार्य करना।
  • निर्धारित पाठ्यक्रम को समयानुसार पूरा करना और विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना।
  • विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता तथा अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग देना।
  • विद्यालयी अभिलेखों एवं शिक्षक डायरी को अद्यतन रखना।
  • अभिभावकों से सम्पर्क कर विद्यार्थियों की प्रगति की जानकारी देना।
  • पाठ्य-सहगामी तथा विद्यालय विकास सम्बन्धी कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग देना।

प्रश्न 35. अध्यापक डायरी से क्या अभिप्राय है? वर्णन कीजिए।

उत्तर: अध्यापक डायरी वह व्यवस्थित अभिलेख है जिसमें शिक्षक अपने दैनिक एवं साप्ताहिक शिक्षण कार्य, पाठ-योजना, पाठ्यक्रम की प्रगति, गतिविधियों तथा विद्यार्थियों से सम्बन्धित आवश्यक टिप्पणियाँ दर्ज करता है।

इसके माध्यम से शिक्षक अपने शिक्षण की पूर्व-योजना बनाता है, पूर्ण किए गए कार्य का लेखा रखता है तथा भविष्य के शिक्षण में आवश्यक सुधार कर सकता है। यह प्रधानाध्यापक के लिए भी शैक्षिक कार्य की प्रगति समझने में सहायक होती है।

प्रश्न 36. समय-तालिका की उपयोगिता का वर्णन कीजिए।

उत्तर: समय-सारणी विद्यालय के समस्त शैक्षिक एवं सहशैक्षिक कार्यक्रमों को निर्धारित समय में व्यवस्थित करने का साधन है। इसकी प्रमुख उपयोगिताएँ निम्नलिखित हैं—

  • विद्यालय के दैनिक कार्यक्रम की स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।
  • समय एवं श्रम का सदुपयोग होता है।
  • विषयों तथा शिक्षकों के कार्यभार का संतुलित वितरण होता है।
  • विद्यालयी कार्यों में नियमितता एवं अनुशासन बना रहता है।
  • विद्यार्थियों में अत्यधिक थकान से बचने के लिए कठिन एवं सरल विषयों का उचित क्रम बनाया जा सकता है।
  • प्रधानाध्यापक को शिक्षण कार्य के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण में सुविधा होती है।

प्रश्न 37. शैक्षिक गतिविधियों से क्या अभिप्राय है? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विद्यार्थियों में निर्धारित ज्ञान, कौशल, अभिवृत्ति एवं मूल्यों के विकास के उद्देश्य से विद्यालय में आयोजित योजनाबद्ध क्रियाओं को शैक्षिक गतिविधियाँ कहा जाता है। इनमें विद्यार्थी सक्रिय रूप से भाग लेकर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं।

उदाहरण— प्रयोगशाला में प्रयोग करना, परियोजना कार्य, समूह-चर्चा, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, कहानी लेखन, शैक्षिक भ्रमण, सर्वेक्षण तथा मॉडल निर्माण आदि। इन गतिविधियों से शिक्षण रुचिकर, सक्रिय एवं अनुभव-आधारित बनता है।

प्रश्न 38. विद्यालय प्रबन्ध समिति के अधिकार एवं कर्तव्य लिखिए।

उत्तर: विद्यालय प्रबन्ध समिति (SMC) विद्यालय के संचालन, विकास तथा समुदाय की सहभागिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके प्रमुख कार्य एवं कर्तव्य निम्नलिखित हैं—

  • विद्यालय के कार्यों एवं शैक्षिक गतिविधियों की निगरानी करना।
  • विद्यालय विकास योजना तैयार करना और उसकी संस्तुति करना।
  • विद्यालय को प्राप्त अनुदानों एवं उनके उपयोग की निगरानी करना।
  • विद्यालय के सेवित क्षेत्र के बच्चों का नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करना।
  • शिक्षकों की नियमितता एवं समयपालन पर निगरानी रखना तथा अभिभावक-शिक्षक संवाद को प्रोत्साहित करना।
  • बाल अधिकारों के उल्लंघन, शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न तथा प्रवेश से वंचित किए जाने जैसे मामलों को सम्बन्धित प्राधिकारी के संज्ञान में लाना।
  • मध्याह्न भोजन तथा विद्यालय में निर्धारित मानकों और सुविधाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना।

प्रश्न 39. विद्यालय में खेल के मैदान का क्या महत्व है? समझाइए।

उत्तर: खेल का मैदान विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावात्मक विकास के लिए आवश्यक है। इसका महत्व निम्नलिखित है—

  • दौड़, फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी तथा अन्य खेलों के आयोजन की सुविधा मिलती है।
  • नियमित खेल से शारीरिक स्वास्थ्य, शक्ति, सहनशीलता एवं समन्वय का विकास होता है।
  • खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग, टीम-भावना तथा खेल-भावना विकसित करते हैं।
  • खेल मानसिक तनाव कम करते हैं और मनोरंजन प्रदान करते हैं।
  • प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

प्रश्न 40. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के उद्देश्य व प्रमुख कार्य बताइए।

उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के अन्तर्गत जिला स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा एवं शिक्षक शिक्षा को अकादमिक और संसाधन-सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) की स्थापना की परिकल्पना की गई। इसका प्रमुख उद्देश्य जिले में प्रारम्भिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना तथा शिक्षक-शिक्षा को सुदृढ़ बनाना है।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख उद्देश्य—

  • प्रारम्भिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सहायता करना।
  • भावी एवं कार्यरत शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता का विकास करना।
  • जिला स्तर पर विद्यालयों एवं शिक्षकों को अकादमिक और संसाधन-सहायता प्रदान करना।
  • स्थानीय शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना।

प्रमुख कार्य—

  • प्रारम्भिक शिक्षकों के लिए सेवा-पूर्व तथा सेवाकालीन प्रशिक्षण आयोजित करना।
  • प्रधानाध्यापकों, शिक्षा अधिकारियों तथा अन्य शैक्षिक कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
  • स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्य-सामग्री, शिक्षण-अधिगम सामग्री तथा मूल्यांकन उपकरण विकसित करना।
  • विद्यालयों को अकादमिक मार्गदर्शन एवं संसाधन-सहायता प्रदान करना।
  • क्रियात्मक अनुसंधान, प्रयोग एवं शैक्षिक नवाचारों को प्रोत्साहित करना।
  • समुदाय तथा शिक्षा से जुड़े विभिन्न अभिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करना।
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