वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. प्रकृति प्रदत्त शिक्षण-अधिगम सामग्री नहीं है-
(a) फूल
(b) पत्तियाँ
(c) फल
(d) मानचित्र
उत्तर: (d) मानचित्र
फूल, पत्तियाँ और फल प्राकृतिक परिवेश में उपलब्ध सामग्री हैं, जबकि मानचित्र मानव-निर्मित शिक्षण-अधिगम सामग्री है।
प्रश्न 2. प्राथमिक स्तरीय हिन्दी भाषा की पाठ्य-पुस्तक है-
(a) कलरव
(b) मंजरी
(c) वर्तिका
(d) रेनबो
उत्तर: (a) कलरव
तत्कालीन उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की प्राथमिक कक्षाओं में हिन्दी भाषा की पाठ्यपुस्तक कलरव थी।
प्रश्न 3. छात्रों में सूक्ष्म अवलोकन की क्षमता विकसित होती है-
(a) भ्रमण से
(b) प्रश्नोत्तर से
(c) निबन्ध से
(d) रंगोली से
उत्तर: (a) भ्रमण से
शैक्षिक भ्रमण में विद्यार्थी वस्तुओं, स्थानों और घटनाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखते और उनका अवलोकन करते हैं, जिससे सूक्ष्म अवलोकन क्षमता विकसित होती है।
प्रश्न 4. छात्रों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक विद्यालय में आयोजित क्रियाकलाप कहलाते हैं-
(a) सामाजिक क्रियाकलाप
(b) सहयोगी क्रियाकलाप
(c) मनोरंजात्मक क्रियाकलाप
(d) पाठ्यसहगामी क्रियाकलाप
उत्तर: (d) पाठ्यसहगामी क्रियाकलाप
पाठ्यक्रम के साथ आयोजित खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, कला आदि गतिविधियाँ पाठ्यसहगामी क्रियाकलाप कहलाती हैं और सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
प्रश्न 5. कक्षा-कक्ष में सीखने-सिखाने की सामग्रियों को रखने का स्थान कहलाता है-
(a) खेल कार्नर
(b) लर्निंग कार्नर
(c) कक्षा लाइब्रेरी
(d) मैजिक कार्नर
उत्तर: (b) लर्निंग कार्नर
कक्षा में बच्चों की पहुँच के भीतर विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्रियों को व्यवस्थित रखने और उनके स्वतंत्र प्रयोग हेतु बनाए गए स्थान को लर्निंग कार्नर कहते हैं।
प्रश्न 6. कार्य-पुस्तिकाएँ बच्चों को अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराती हैं-
(a) खेलने के
(b) पढ़ने के
(c) अभ्यास करने के
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) अभ्यास करने के
कार्य-पुस्तिकाओं में गतिविधियाँ एवं अभ्यास दिए जाते हैं, जिससे बच्चों को सीखी गई अवधारणाओं का बार-बार अभ्यास करने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 7. बेसिक शिक्षा अधिनियम पारित हुआ-
(a) वर्ष 1960 में
(b) वर्ष 1965 में
(c) वर्ष 1968 में
(d) वर्ष 1972 में
उत्तर: (d) वर्ष 1972 में
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के गठन एवं बेसिक शिक्षा के प्रशासन से सम्बन्धित प्रावधान किए गए।
प्रश्न 8. शिक्षकों को शैक्षिक सपोर्ट प्रदान करने हेतु जनपद स्तर पर स्थापित अकादमिक संस्था है-
(a) एस.सी.ई.आर.टी.
(b) आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान
(c) ब्लॉक संसाधन केन्द्र
(d) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
उत्तर: (d) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
DIET जनपद स्तर की प्रमुख अकादमिक संस्था है, जो शिक्षक-प्रशिक्षण, शैक्षिक सहयोग, अनुसंधान एवं संसाधन सहायता प्रदान करती है।
प्रश्न 9. विद्यालय में सभी कक्षा-कक्षों में नियमित पठन-पाठन हेतु बनाई जाती है-
(a) शिक्षक डायरी
(b) मूल्यांकन योजना
(c) समय-सारणी
(d) इकाई योजना
उत्तर: (c) समय-सारणी
विद्यालय में कक्षाओं, विषयों और शिक्षकों के नियमित एवं व्यवस्थित पठन-पाठन के लिए समय-सारणी बनाई जाती है।
प्रश्न 10. विद्यालय समय-सारणी होनी चाहिए-
(a) कठोर
(b) लचीली
(c) अपरिवर्तनीय
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) लचीली
समय-सारणी में आवश्यकता एवं परिस्थितियों के अनुसार उचित परिवर्तन और समायोजन की गुंजाइश होनी चाहिए, इसलिए वह लचीली होनी चाहिए।
प्रश्न 11. राज्य हिन्दी संस्थान उ. प्र. स्थित है-
(a) इलाहाबाद में
(b) वाराणसी में
(c) कानपुर में
(d) चेन्नई में
उत्तर: (b) वाराणसी में
राज्य हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश वाराणसी में स्थित है।
प्रश्न 12. एन.सी.ई.आर.टी. का मुख्यालय है-
(a) मुम्बई में
(b) कोलकाता में
(c) दिल्ली में
(d) चेन्नई में
उत्तर: (c) दिल्ली में
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का मुख्यालय श्री अरविन्द मार्ग, नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 13. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में विभागों की संख्या है-
(a) 3
(b) 4
(c) 5
(d) 7
उत्तर: (d) 7
परम्परागत DIET संरचना में सात अकादमिक विभाग/शाखाएँ निर्धारित की गई थीं।
प्रश्न 14. इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की स्थापना हुई-
(a) वर्ष 1980 में
(b) वर्ष 1985 में
(c) वर्ष 1990 में
(d) वर्ष 1992 में
उत्तर: (b) वर्ष 1985 में
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की स्थापना संसद के अधिनियम द्वारा वर्ष 1985 में हुई।
प्रश्न 15. अध्यापक शिक्षा संस्थानों को प्रमाणित करने (मान्यता देने) का कार्य करने वाली संस्था है-
(a) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.)
(b) न्यूपा (एन.यू.ई.पी.ए.)
(c) एन.सी.ई.आर.टी.
(d) सीमैट
उत्तर: (a) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.)
NCTE शिक्षक-शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों को निर्धारित मानकों के आधार पर मान्यता प्रदान करने वाली वैधानिक संस्था है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. संस्थागत नियोजन को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: संस्था के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उपलब्ध संसाधनों, आवश्यकताओं, गतिविधियों एवं मूल्यांकन को ध्यान में रखकर बनाई गई सुव्यवस्थित कार्ययोजना संस्थागत नियोजन कहलाती है।
प्रश्न 17. विद्यालय प्रबन्धन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: विद्यालय के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु उपलब्ध मानवीय, भौतिक और वित्तीय संसाधनों का नियोजन, संगठन, समन्वय, निर्देशन एवं नियंत्रण करने की प्रक्रिया विद्यालय प्रबन्धन कहलाती है।
प्रश्न 18. मीना मंच के कोई दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: मीना मंच के प्रमुख उद्देश्यों में बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना एवं उनकी नियमित उपस्थिति बनाए रखना तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व, जीवन-कौशल और सशक्तीकरण का विकास करना शामिल है।
प्रश्न 19. समय-सारणी के दो प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर: समय-सारणी से विद्यालय के समय का सदुपयोग होता है तथा विषयों, शिक्षकों और गतिविधियों का व्यवस्थित एवं संतुलित संचालन सम्भव होता है।
प्रश्न 20. किन्हीं दो विद्यालयी अभिलेखों के नाम व उनका उपयोग बताइए।
उत्तर: प्रवेश पंजिका में विद्यार्थियों के नामांकन एवं व्यक्तिगत विवरण रखे जाते हैं तथा छात्र उपस्थिति पंजिका में विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति-अनुपस्थिति का अभिलेख रखा जाता है।
प्रश्न 21. आपदा प्रबन्धन किसे कहते हैं?
उत्तर: प्राकृतिक या मानवजनित आपदा से होने वाली हानि को कम करने हेतु रोकथाम, तैयारी, बचाव, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की योजनाबद्ध प्रक्रिया को आपदा प्रबन्धन कहते हैं।
प्रश्न 22. बाल सरकार का गठन विद्यालयों में क्यों किया जाना चाहिए?
उत्तर: बाल सरकार से बच्चों में नेतृत्व, लोकतांत्रिक सहभागिता, उत्तरदायित्व, आत्मविश्वास, सहयोग, निर्णय क्षमता और समस्या-समाधान जैसे गुणों का विकास होता है।
प्रश्न 23. एन.सी.ई.आर.टी. के कोई दो कार्य बताइए।
उत्तर: NCERT के दो प्रमुख कार्य हैं- विद्यालयी पाठ्यक्रम एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री का विकास तथा शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करना।
प्रश्न 24. राष्ट्रीय मुक्त उपयोगी किन्हीं दो शिक्षण-अधिगम सामग्रियों के नाम व उनके उपयोग बताइए।
उत्तर: NIOS की स्व-अध्ययन सामग्री का उपयोग स्वतंत्र अध्ययन हेतु तथा ई-पाठ्यपुस्तकों का उपयोग डिजिटल माध्यम से विषयवस्तु पढ़ने एवं पुनरावृत्ति करने हेतु किया जा सकता है।
प्रश्न 25. शिक्षण में उपयोगी किन्हीं दो शिक्षण-अधिगम सामग्रियों के नाम व उनके उपयोग बताइए।
उत्तर: मल्टीमीडिया प्रस्तुति द्वारा चित्र, ध्वनि एवं वीडियो से विषय को रोचक बनाया जा सकता है तथा ई-पाठ्यपुस्तक से डिजिटल रूप में विषयवस्तु का अध्ययन और पुनरावृत्ति की जा सकती है।
प्रश्न 26. पर्यवेक्षण का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: पर्यवेक्षण का उद्देश्य शिक्षण-अधिगम कार्यों का अवलोकन कर शिक्षकों को मार्गदर्शन देना, समस्याओं की पहचान करना, सुधारात्मक सुझाव देना तथा शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाना है।
प्रश्न 27. सूचना का अधिकार अधिनियम का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को सूचना तक पहुँच देकर सरकारी कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाना तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित करना है।
प्रश्न 28. विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संघ की स्थापना क्यों की जाती है?
उत्तर: अभिभावक-शिक्षक संघ विद्यालय और घर के बीच समन्वय स्थापित करने, बच्चों की प्रगति पर चर्चा करने, समस्याओं का समाधान करने तथा विद्यालय-विकास में अभिभावकीय सहभागिता बढ़ाने के लिए बनाया जाता है।
प्रश्न 29. डायट मेण्टर के कोई दो कार्य लिखिए।
उत्तर: डायट मेण्टर विद्यालयों एवं शिक्षकों को अकादमिक मार्गदर्शन देते हैं तथा विद्यालय भ्रमण, कक्षा-अवलोकन, प्रशिक्षण एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी प्रयोग में सहयोग करते हैं।
प्रश्न 30. मनोविज्ञानशाला की स्थापना किस उद्देश्य से की गई है?
उत्तर: मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश की स्थापना विद्यालयी आयु के बच्चों को शैक्षिक, व्यावसायिक एवं वैयक्तिक निर्देशन-परामर्श तथा मनोवैज्ञानिक परीक्षण एवं सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. संस्थागत नियोजन की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: संस्थागत नियोजन से विद्यालय अपने उद्देश्यों, आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर सकता है। इससे लक्ष्य निर्धारण, संसाधनों का उचित उपयोग, विभिन्न कार्यों में समन्वय, उत्तरदायित्व निर्धारण तथा निरन्तर सुधार सम्भव होता है। इसके द्वारा विद्यालय की कार्यक्षमता और शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
प्रश्न 32. विद्यालयों के गुणवत्तापूर्ण प्रबन्धन में विद्यालय प्रबन्ध समिति की क्या भूमिका है?
उत्तर: विद्यालय प्रबन्ध समिति विद्यालय के कार्यों में समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करती है। यह विद्यालय की कार्यप्रणाली की निगरानी, आवश्यकताओं की पहचान, विद्यालय विकास योजना तैयार करने, प्राप्त अनुदानों के उपयोग की निगरानी तथा बच्चों की उपस्थिति, सुविधाओं और शैक्षिक वातावरण में सुधार हेतु सहयोग करती है।
प्रश्न 33. शिक्षक के कक्षा-शिक्षण को प्रभावी बनाने में शिक्षक सन्दर्शिकाओं के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शिक्षक सन्दर्शिका शिक्षक को पाठ्यवस्तु के उद्देश्यों, शिक्षण-विधियों, गतिविधियों, TLM और मूल्यांकन की योजना बनाने में मार्गदर्शन देती है। इससे पाठ की व्यवस्थित तैयारी होती है, विभिन्न शिक्षण विधियों का उचित प्रयोग सम्भव होता है तथा बच्चों की उपलब्धि का आकलन एवं आवश्यक सुधारात्मक शिक्षण किया जा सकता है।
प्रश्न 34. समय-सारणी बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: समय-सारणी बनाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
- प्राथमिकता- महत्वपूर्ण विषय एवं गतिविधियाँ उपयुक्त समय पर रखी जाएँ।
- समय का अनुमान- प्रत्येक विषय एवं गतिविधि के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
- लचीलापन- आवश्यकता के अनुसार परिवर्तन की गुंजाइश रहे।
- विश्राम- बच्चों के लिए उचित अन्तराल रखा जाए।
- संतुलन- कठिन और सरल विषयों तथा विभिन्न गतिविधियों का संतुलित वितरण हो।
प्रश्न 35. छात्रों के व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास में पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों का क्या महत्व है?
उत्तर: पाठ्यसहगामी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं। इनके माध्यम से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं संवेगात्मक विकास होता है। खेल, वाद-विवाद, कला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक भ्रमण से आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन एवं सामाजिक मूल्यों का विकास होता है।
प्रश्न 36. विद्यालय प्रबन्धन में प्रधानाध्यापक की क्या भूमिका है?
उत्तर: प्रधानाध्यापक विद्यालय का शैक्षिक एवं प्रशासनिक नेता होता है। वह पाठ्यक्रम एवं शिक्षण की निगरानी, शिक्षकों का मार्गदर्शन, विद्यार्थियों का मूल्यांकन, समय-सारणी, विद्यालय बजट, अभिलेख, संसाधन एवं अनुशासन का प्रबन्ध करता है। साथ ही अभिभावकों, समुदाय और कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित कर विद्यालय के विकास को दिशा देता है।
प्रश्न 37. विद्यालय को स्वच्छ रखने के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
उत्तर: विद्यालय में पर्याप्त कूड़ेदान रखकर कचरे का नियमित निस्तारण किया जाए। पेयजल स्रोत एवं पानी की टंकियाँ स्वच्छ रखी जाएँ। शौचालयों में पानी, साबुन और नियमित सफाई की व्यवस्था हो। कक्षा-कक्षों में रोज सफाई, उचित प्रकाश एवं वायु-संचार हो तथा परिसर और नालियों को साफ रखा जाए।
प्रश्न 38. जनपद को अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने में डायट की क्या भूमिका है?
उत्तर: DIET जनपद स्तर पर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षा का प्रमुख अकादमिक संसाधन केन्द्र है। यह सेवा-पूर्व एवं सेवारत शिक्षक-प्रशिक्षण, विद्यालयों को शैक्षिक मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम एवं TLM विकास, शैक्षिक अनुसंधान, नवाचार, कक्षा-अवलोकन तथा अकादमिक समस्याओं के समाधान में सहयोग प्रदान करता है।
प्रश्न 39. छात्रों के लिए पुस्तकालय का क्या महत्व है? प्राथमिक विद्यालय के पुस्तकालय में किस प्रकार की पुस्तकें रखना उपयोगी होगा?
उत्तर: पुस्तकालय बच्चों के ज्ञान, पठन-अभिरुचि, शब्द-भंडार, भाषा-कौशल, कल्पनाशक्ति और स्वाध्याय की आदत का विकास करता है। प्राथमिक विद्यालय में चित्र-पुस्तकें, कहानी एवं कविता की पुस्तकें, बाल-पत्रिकाएँ, सरल विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, जीवनियाँ, गतिविधि-पुस्तकें तथा आयु-उपयुक्त संदर्भ सामग्री रखी जानी चाहिए।
प्रश्न 40. विद्यालय उन्नयन में समुदाय का सहयोग प्राप्त करने हेतु एक शिक्षक के रूप में आप क्या प्रयास करेंगे?
उत्तर: शिक्षक को समुदाय एवं अभिभावकों से नियमित संवाद स्थापित करना चाहिए। विद्यालय की आवश्यकताओं, उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी बैठक, अभिभावक-शिक्षक संघ एवं विद्यालय प्रबन्ध समिति के माध्यम से साझा करनी चाहिए। समुदाय को नामांकन, नियमित उपस्थिति, स्वच्छता, वृक्षारोपण, संसाधन-सहयोग, विद्यालय उत्सव और विकास गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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