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PYQ 2017 • शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Paper 2017

UP DELED Semester 4 शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन Previous Year Question Paper 2017 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. कक्षा-कक्ष में एवं कक्षा-कक्ष के बाहर किसी सार्थक क्रियाकलाप को सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक है-

(a) नेतृत्व करना

(b) योजना बनाना

(c) प्रशासन करना

(d) प्रबन्धन करना

उत्तर: (b) योजना बनाना

किसी भी सार्थक क्रियाकलाप को उद्देश्यपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पहले योजना बनाना आवश्यक है।

प्रश्न 2. विद्यालय प्रबन्धन के अन्तर्गत किन संसाधनों का समन्वयन होता है-

(a) वित्तीय संसाधन

(b) भौतिक संसाधन

(c) मानवीय संसाधन

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी

विद्यालय प्रबन्धन के अन्तर्गत वित्तीय, भौतिक और मानवीय संसाधनों का समन्वय किया जाता है। मूल प्रश्न में प्रयुक्त 'नहीं' शब्द उत्तर-विकल्प एवं अवधारणा से असंगत है, इसलिए इसे प्रश्न की मुद्रण-त्रुटि मानकर ठीक किया गया है।

प्रश्न 3. विद्यालय में शिक्षण के अलावा बच्चों में विकास हेतु विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए-

(a) गणित विषय का

(b) अन्तर्निहित गुणों का

(c) अन्तर्निहित शक्तियों का

(d) अन्तर्निहित गुणों एवं शक्तियों का

उत्तर: (d) अन्तर्निहित गुणों एवं शक्तियों का

विद्यालय का उद्देश्य केवल विषय-ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों की अन्तर्निहित योग्यताओं, गुणों और शक्तियों का सर्वांगीण विकास करना भी है।

प्रश्न 4. कक्षा-कक्ष में बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जानी चाहिए-

(a) उनकी पठन-क्षमता के अनुसार

(b) उनकी लेखन-क्षमता के अनुसार

(c) उनकी शारीरिक अभिवृद्धि के अनुसार

(d) उनकी योग्यता के अनुसार

उत्तर: (c) उनकी शारीरिक अभिवृद्धि के अनुसार

कुर्सी और डेस्क की ऊँचाई एवं आकार बच्चों की आयु और शारीरिक वृद्धि के अनुरूप होने चाहिए, जिससे सही मुद्रा तथा आरामदायक अध्ययन सम्भव हो।

प्रश्न 5. अधिगम प्रबन्धन का महत्वपूर्ण पक्ष है-

(a) अनुशासन

(b) दण्ड

(c) डाँट-फटकार

(d) प्रशासन

उत्तर: (a) अनुशासन

प्रभावी अधिगम के लिए व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण कक्षा-वातावरण आवश्यक है। इसलिए अनुशासन अधिगम प्रबन्धन का महत्वपूर्ण पक्ष है।

प्रश्न 6. मान्यता के अनुसार बच्चों के अधिक नजदीक होते हैं, उनके-

(a) पिता

(b) माँ

(c) शिक्षक

(d) भाई-बहन

उत्तर: (b) माँ

प्रश्न-पत्र के पाठ्य-सन्दर्भ एवं स्वीकृत उत्तर के अनुसार माँ सही विकल्प है।

प्रश्न 7. ग्राम शिक्षा समिति का सदस्य-सचिव होता है-

(a) बेसिक स्कूल का वरिष्ठ शिक्षक

(b) बेसिक स्कूल का प्रधानाध्यापक

(c) ग्राम प्रधान

(d) अभिभावक

उत्तर: (b) बेसिक स्कूल का प्रधानाध्यापक

तत्कालीन ग्राम शिक्षा समिति व्यवस्था में विद्यालय का प्रधानाध्यापक सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करता था।

प्रश्न 8. उचित वित्तीय प्रबन्धन निर्धारित करता है-

(a) प्रबन्धक की सफलता को

(b) धन की उपलब्धता को

(c) कार्यक्रम की सफलता को

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (a) प्रबन्धक की सफलता को

प्रश्न-पत्र की उत्तर-कुंजी के अनुसार सही विकल्प प्रबन्धक की सफलता है। उपलब्ध धन का नियोजन, व्यय और लेखांकन प्रभावी प्रबन्धन की महत्वपूर्ण कसौटी है।

प्रश्न 9. लर्निंग-कार्नर द्वारा बच्चों में गुण विकसित होता है, स्वयं द्वारा-

(a) अवलोकन करने का

(b) निरीक्षण करने का

(c) निष्कर्ष निकालने का

(d) उपर्युक्त सभी का

उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी का

लर्निंग-कॉर्नर बच्चों को सामग्री के साथ स्वयं कार्य करने का अवसर देता है, जिससे अवलोकन, निरीक्षण और निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित होती है।

प्रश्न 10. परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा-दो में निर्धारित कुल पाठ्यपुस्तकों की संख्या है-

(a) एक

(b) दो

(c) तीन

(d) चार

उत्तर: (c) तीन

2017 के प्रश्न-पत्र की तत्कालीन पाठ्यपुस्तक व्यवस्था के अनुसार कक्षा-दो के लिए कुल तीन पाठ्यपुस्तकें निर्धारित थीं।

प्रश्न 11. सामान्य रूप से विद्यालय में कुल कितनी प्रकार की समय-सारणी बनाई जाती है-

(a) एक

(b) दो

(c) तीन

(d) चार

उत्तर: (c) तीन

पाठ्य-सन्दर्भ में विद्यालय की समय-सारणी के तीन प्रमुख रूप बताए गए हैं- वार्षिक, साप्ताहिक और दैनिक समय-सारणी।

प्रश्न 12. समय-सारणी, उत्तम साधन है-

(a) विद्यालय में अनुशासन स्थापित करने का

(b) नियमित शिक्षण-अधिगम-प्रक्रिया का

(c) शिक्षकों में शिक्षण-अनुशासन का

(d) प्रधानाध्यापक के निरीक्षण की सुविधा का

उत्तर: (b) नियमित शिक्षण-अधिगम-प्रक्रिया का

समय-सारणी विद्यालय की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नियमित, क्रमबद्ध एवं समयबद्ध रूप से संचालित करने का महत्वपूर्ण साधन है।

प्रश्न 13. छोटे बच्चों के लिए एक पीरियड की उपयुक्त अवधि होगी-

(a) दस से पन्द्रह मिनट

(b) तीस से पैंतीस मिनट

(c) साठ से सत्तर मिनट

(d) सत्तर से अस्सी मिनट

उत्तर: (b) तीस से पैंतीस मिनट

प्रश्न-पत्र के पाठ्य-सन्दर्भ में छोटे बच्चों के लिए एक शिक्षण-कालांश की उपयुक्त अवधि 30 से 35 मिनट मानी गई है।

प्रश्न 14. सभी अभिलेख होने चाहिए-

(a) सही

(b) वैध

(c) विश्वसनीय

(d) सही, वैध एवं विश्वसनीय

उत्तर: (d) सही, वैध एवं विश्वसनीय

विद्यालयीय अभिलेख प्रशासनिक, शैक्षिक एवं वित्तीय निर्णयों का आधार होते हैं, इसलिए उनमें दर्ज जानकारी सही, वैध और विश्वसनीय होनी चाहिए।

प्रश्न 15. जिला समन्वयकों के पद सृजित किये गए हैं-

(a) अध्यक्ष, ग्राम शिक्षा समिति के अधीनस्थ

(b) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीनस्थ

(c) जिलाधिकारी के अधीनस्थ

(d) जिला विद्यालय निरीक्षक के अधीनस्थ

उत्तर: (b) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीनस्थ

तत्कालीन व्यवस्था में जिला समन्वयक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन कार्य करते थे।

Section 2 अति लघुउत्तरीय प्रश्न

अति लघुउत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. प्रबन्धन से आपका क्या आशय है?

उत्तर: निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए उपलब्ध मानवीय, भौतिक एवं वित्तीय संसाधनों का नियोजन, संगठन, समन्वय और नियंत्रण करने की प्रक्रिया प्रबन्धन कहलाती है।

प्रश्न 17. कक्षा-शिक्षण हेतु आवश्यक सामग्रियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: कक्षा-शिक्षण हेतु पाठ्यपुस्तक, कार्यपुस्तिका, श्यामपट्ट/बोर्ड, चॉक या मार्कर, चार्ट, मानचित्र, मॉडल, चित्र तथा स्थानीय कम लागत वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री उपयोगी होती है।

प्रश्न 18. मानवीय-प्रबन्धन के प्रमुख घटक बताइए।

उत्तर: विद्यालयीय मानवीय प्रबन्धन के मुख्य घटक शिक्षक, बच्चे और समुदाय हैं। प्रधानाध्यापक इन मानवीय संसाधनों के बीच समन्वय एवं नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्न 19. प्रभावी शिक्षक के गुण बताइए।

उत्तर: प्रभावी शिक्षक में विषय-ज्ञान, स्पष्ट सम्प्रेषण, उचित शिक्षण-विधियों का प्रयोग, निष्पक्षता, धैर्य, संवेदनशीलता, कक्षा-प्रबन्धन तथा बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करने की क्षमता होनी चाहिए।

प्रश्न 20. अध्यापक अनुदान धनराशि का उपयोग कहाँ-कहाँ किया जाता है?

उत्तर: अध्यापक अनुदान मुख्यतः शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के निर्माण एवं उससे सम्बन्धित कम लागत वाली सामग्री क्रय करने में उपयोग किया जाता है, ताकि कक्षा-शिक्षण प्रभावी बनाया जा सके।

प्रश्न 21. शिक्षण-अधिगम सामग्री की क्या भूमिका है?

उत्तर: शिक्षण-अधिगम सामग्री विषयवस्तु को ठोस, सरल, रोचक और बोधगम्य बनाती है। इससे बच्चों की सक्रिय सहभागिता, अवधारणा की स्पष्टता, अवलोकन एवं दीर्घकालीन स्मृति में सहायता मिलती है।

प्रश्न 22. लर्निंग कार्नर क्या है?

उत्तर: कक्षा में बच्चों की पहुँच के भीतर बनाया गया वह स्थान जहाँ पुस्तकें, चित्र, कार्ड, मॉडल एवं अन्य TLM रखे जाते हैं और बच्चे स्वयं प्रयोग करके सीखते हैं, लर्निंग कार्नर कहलाता है।

प्रश्न 23. पाठ्यपुस्तकों की क्या विशेषताएँ होनी चाहिए?

उत्तर: पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु शुद्ध, पाठ्यक्रमानुकूल और आयु-उपयुक्त हो; भाषा सरल एवं स्पष्ट हो तथा उसमें आकर्षक चित्र, गतिविधियाँ, उदाहरण, अभ्यास एवं चिंतन के अवसर होने चाहिए।

प्रश्न 24. समय-सारणी क्यों बनाई जाती है?

उत्तर: विद्यालय के समय, विषयों, शिक्षकों और गतिविधियों का उचित वितरण करने, कार्यों का टकराव रोकने तथा नियमित एवं व्यवस्थित शिक्षण-अधिगम सुनिश्चित करने के लिए समय-सारणी बनाई जाती है।

प्रश्न 25. पर्यवेक्षण का अर्थ बताइए।

उत्तर: विद्यालय एवं शिक्षण-अधिगम कार्यों का अवलोकन करके शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और सुधारात्मक सुझाव देने की प्रक्रिया पर्यवेक्षण कहलाती है। इसका उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाना है।

प्रश्न 26. समेकित शिक्षा किसे कहते हैं?

उत्तर: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधाओं के साथ सामान्य विद्यालयी व्यवस्था और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर शिक्षित करने की व्यवस्था समेकित शिक्षा कहलाती है।

प्रश्न 27. डायट मेण्टर कौन होते हैं?

उत्तर: विद्यालयों एवं शिक्षकों को अकादमिक सहयोग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने के लिए उत्तरदायित्व प्राप्त DIET के संकाय सदस्य डायट मेण्टर कहलाते हैं। वे विद्यालय भ्रमण एवं शिक्षक-सहयोग भी करते हैं।

प्रश्न 28. एन.पी.आर.सी. के तीन प्रमुख कार्य बताइए।

उत्तर: NPRC के प्रमुख कार्य हैं- विद्यालयों का अकादमिक पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन, शिक्षकों की बैठक/प्रशिक्षण एवं TLM सम्बन्धी सहयोग तथा BRC और विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करना।

प्रश्न 29. खेलकूद के प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से हैं?

उत्तर: खेलकूद में सुरक्षा, आयु एवं क्षमता के अनुरूप गतिविधि, सभी की सहभागिता, नियमों का पालन, सहयोग, अनुशासन, निष्पक्षता तथा खेल-भावना का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

प्रश्न 30. लोच का सिद्धान्त क्या है?

उत्तर: समय-सारणी का लोच का सिद्धान्त बताता है कि समय-सारणी अत्यधिक कठोर नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार उसमें उचित समायोजन और परिवर्तन की गुंजाइश होनी चाहिए।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. विद्यालय भवन को आकर्षक बनाने में समुदाय की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विद्यालय समुदाय का महत्वपूर्ण अंग है। विद्यालय-भवन को आकर्षक एवं बाल-अनुकूल बनाने में समुदाय निम्न प्रकार सहयोग कर सकता है-

  1. विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं रख-रखाव में सहयोग।
  2. वृक्षारोपण, बागवानी एवं परिसर के सौन्दर्यीकरण में भागीदारी।
  3. आवश्यक छोटी-मोटी मरम्मत एवं श्रमदान में सहयोग।
  4. स्थानीय स्तर पर उपयोगी सामग्री एवं संसाधन जुटाना।
  5. दीवारों पर शैक्षिक चित्र, संदेश एवं बालोपयोगी सामग्री लगाने में सहयोग।
  6. बच्चों एवं अभिभावकों में विद्यालय की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति उत्तरदायित्व विकसित करना।

प्रश्न 32. 'जल ही जीवन है', को स्पष्ट करते हुए बताइए कि विद्यालय में बच्चों को स्वच्छ पेयजल कैसे-कैसे उपलब्ध हो सकता है?

उत्तर: स्वच्छ पेयजल बच्चों के स्वास्थ्य, उपस्थिति एवं सीखने की क्षमता के लिए आवश्यक है। विद्यालय में सुरक्षित स्रोत से जल उपलब्ध कराया जाए, पानी की टंकी एवं पात्र नियमित साफ किए जाएँ तथा नल और भण्डारण ढके एवं स्वच्छ हों। आवश्यकता के अनुसार जल को फिल्टर, उबालने, क्लोरीनीकरण अथवा अन्य उपयुक्त विधि से शुद्ध किया जा सकता है। पेयजल की गुणवत्ता की समय-समय पर जाँच भी की जानी चाहिए।

प्रश्न 33. शासन द्वारा प्राप्त धनराशि का उपयोग करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: शासन से प्राप्त धनराशि के उपयोग में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  1. धनराशि केवल उसी स्वीकृत मद एवं उद्देश्य में खर्च की जाए जिसके लिए प्राप्त हुई है।
  2. विभागीय नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए।
  3. प्रत्येक व्यय का बिल, वाउचर एवं अन्य प्रमाण सुरक्षित रखा जाए।
  4. कैश-बुक, स्टॉक एवं सम्बन्धित वित्तीय अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन किए जाएँ।
  5. व्यय में पारदर्शिता एवं जवाबदेही रखी जाए।
  6. आवश्यक उपयोग-प्रमाण पत्र एवं लेखा-परीक्षण की व्यवस्था पूरी की जाए।

प्रश्न 34. शिक्षक एवं विद्यार्थी द्वारा विद्यालय के पुस्तकालय का बेहतर उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है?

उत्तर: पुस्तकालय के बेहतर उपयोग के लिए नियमित पुस्तकालय कालांश निर्धारित किया जा सकता है। शिक्षक बच्चों को आयु एवं रुचि के अनुसार पुस्तकें चुनने, पढ़ने और चर्चा करने के लिए प्रेरित करें। पुस्तक निर्गमन-वापसी की सरल व्यवस्था हो तथा पुस्तक-चर्चा, कहानी-पठन और पठन-कोना जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँ। विद्यार्थियों को पुस्तकों के उचित रख-रखाव की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

प्रश्न 35. विद्यालय में पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों का आयोजन क्यों आवश्यक है? इस सन्दर्भ में अपने विचार दीजिए।

उत्तर: पाठ्य-सहगामी गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। इनके माध्यम से-

  1. रचनात्मकता एवं प्रतिभा के विकास का अवसर मिलता है।
  2. आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ती है।
  3. सहयोग, अनुशासन और सामाजिकता विकसित होती है।
  4. नेतृत्व एवं उत्तरदायित्व की भावना बढ़ती है।
  5. पुस्तकीय ज्ञान का व्यवहारिक प्रयोग होता है।
  6. विद्यालय एवं सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है।

खेलकूद, वाद-विवाद, निबन्ध, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बागवानी एवं शैक्षिक भ्रमण इसके उदाहरण हैं।

प्रश्न 36. विद्यालय में खेलकूद की व्यवस्था करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: विद्यालय में खेलकूद की व्यवस्था करते समय बच्चों की आयु, क्षमता एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। मैदान समतल एवं सुरक्षित हो, उपकरण उपयुक्त एवं कार्यशील हों तथा गतिविधियाँ प्रशिक्षित शिक्षक की देखरेख में हों। सभी बच्चों को सहभागिता के अवसर मिलें, खेल के नियम स्पष्ट हों और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध हो। खेलों में अनुशासन, सहयोग और खेल-भावना को प्रोत्साहित करना चाहिए।

प्रश्न 37. विद्यालयीय अभिलेखों की सूची बनाइए। किन्हीं दो अभिलेखों की विषयवस्तु का वर्णन कीजिए।

उत्तर: विद्यालय के प्रमुख अभिलेख हैं- प्रवेश पंजिका, विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका, शिक्षक उपस्थिति पंजिका, शिक्षक दैनन्दिनी, सेवा-पुस्तिका, पत्र-व्यवहार पंजिका, कैश-बुक/आय-व्यय पंजिका, स्टॉक पंजिका, पुस्तकालय पंजिका, मध्याह्न भोजन पंजिका, निरीक्षण पंजिका तथा सामग्री-वितरण पंजिका।

1. शिक्षक दैनन्दिनी- इसमें शिक्षक की पाठ-योजना, पढ़ाई गई विषयवस्तु, शिक्षण गतिविधियाँ, गृहकार्य, मूल्यांकन, बच्चों की प्रगति तथा आगे की कार्ययोजना का विवरण दर्ज किया जाता है।

2. विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका- इसमें प्रत्येक विद्यार्थी की दैनिक उपस्थिति या अनुपस्थिति दर्ज की जाती है। इससे मासिक एवं वार्षिक उपस्थिति, अनियमित बच्चों तथा विद्यालय में ठहराव की स्थिति ज्ञात होती है।

प्रश्न 38. सामुदायिक सहभागिता से आप क्या समझते हैं? नामांकन वृद्धि तथा हास दर की कमी में समुदाय किस प्रकार से सहयोगी हो सकता है?

उत्तर: विद्यालय के विकास एवं बच्चों की शिक्षा में स्थानीय लोगों, अभिभावकों और समितियों की सक्रिय भागीदारी को सामुदायिक सहभागिता कहते हैं। समुदाय घर-घर सम्पर्क करके विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान कर सकता है, अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझा सकता है, नामांकन के लिए प्रेरित कर सकता है तथा अनुपस्थित बच्चों का अनुवर्ती सम्पर्क कर सकता है। विद्यालय के वातावरण, सुविधाओं और अभिभावक-शिक्षक संवाद में सहयोग देकर विद्यालय छोड़ने की दर कम की जा सकती है।

प्रश्न 39. नेतृत्व का आशय स्पष्ट कीजिए। कार्य की सफलता में कुशल नेतृत्व की क्या भूमिका होती है?

उत्तर: किसी समूह को निर्धारित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दिशा, प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करने की प्रक्रिया नेतृत्व कहलाती है। कुशल नेता कार्यों का उचित विभाजन करता है, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करता है, टीम में सहयोग एवं विश्वास उत्पन्न करता है, समस्याओं का समाधान करता है और सदस्यों को आवश्यक सहायता देता है। प्रभावी नेतृत्व से संसाधनों का उचित उपयोग, बेहतर समन्वय और कार्य की सफलतापूर्वक पूर्ति सम्भव होती है।

प्रश्न 40. अध्यापक दैनन्दिनी शिक्षक के कार्यों का दर्पण है, इस कथन की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: अध्यापक दैनन्दिनी में शिक्षक द्वारा किए गए शैक्षिक कार्यों का नियमित अभिलेख रहता है। इसमें पढ़ाई जाने वाली और पढ़ाई गई विषयवस्तु, शिक्षण उद्देश्य, गतिविधियाँ, गृहकार्य, मूल्यांकन, बच्चों की प्रगति तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्य दर्ज किए जाते हैं। इससे शिक्षक अपने कार्य की समीक्षा एवं आगामी शिक्षण की योजना बना सकता है और प्रधानाध्यापक को भी शिक्षण की प्रगति का पता चलता है। इसलिए अध्यापक दैनन्दिनी को शिक्षक के कार्यों का दर्पण कहा जाता है।

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