वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. x-6 ÷ x-7 का मान है—
(A) x-1
(B) x-2
(C) x2
(D) x+1
उत्तर: (D) x
दिया गया व्यंजक—
x-6 ÷ x-7
हम जानते हैं—
am ÷ an = am-n
अतः—
= x-6-(-7)
= x-6+7
= x1
= x
अतः सही उत्तर x है, जहाँ x ≠ 0।
प्रश्न 2. (x2 - 4)/(x + 2)2 का न्यूनतम रूप होगा—
(A) (x + 2)/(x - 2)
(B) (x - 2)/(x + 2)
(C) (x - 1)/(x + 2)
(D) (x + 2)/(x - 1)
उत्तर: (B) (x - 2)/(x + 2)
दिया गया व्यंजक—
(x2 - 4)/(x + 2)2
चूँकि—
x2 - 4 = (x + 2)(x - 2)
अतः—
= [(x + 2)(x - 2)]/[(x + 2)(x + 2)]
= (x - 2)/(x + 2)
अतः न्यूनतम रूप (x - 2)/(x + 2) है, जहाँ x ≠ -2।
प्रश्न 3. यदि एक घन की कोर 4 सेमी है, तो उस घन की कोरों की संख्या होगी—
(A) 4
(B) 16
(C) 8
(D) 12
उत्तर: (D) 12
घन में कुल 12 कोरें होती हैं। घन के 6 वर्गाकार फलक तथा 8 शीर्ष होते हैं।
अतः सही उत्तर 12 है।
प्रश्न 4. log13169 का मान होगा—
(A) 13
(B) 169
(C) 169/13
(D) 2
उत्तर: (D) 2
हम जानते हैं—
169 = 132
अतः—
log13169
= log13(132)
= 2 log1313
= 2 × 1
= 2
अतः log13169 का मान 2 है।
प्रश्न 5. अर्द्धवृत्त में स्थित कोण का मान होता है—
(A) 45°
(B) 60°
(C) 90°
(D) 120°
उत्तर: (C) 90°
व्यास द्वारा वृत्त की परिधि पर बनाया गया कोण समकोण होता है।
अतः अर्द्धवृत्त में स्थित कोण—
= 90°
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. यदि 53 = 125 हो, तो इसका लघुगणकीय रूप ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
हम जानते हैं—
यदि an = x, तो—
logax = n
यहाँ—
53 = 125
अतः इसका लघुगणकीय रूप—
log5125 = 3
प्रश्न 7. रेखांकित चेक एवं बेयरर चेक में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| रेखांकित चेक | बेयरर चेक |
|---|---|
| चेक के मुख पर दो समानान्तर रेखाएँ खींची जाती हैं। | इसमें भुगतान वाहक या प्रस्तुतकर्ता को करने का निर्देश होता है। |
| इसका भुगतान सामान्यतः बैंक खाते के माध्यम से किया जाता है। | इसे बैंक में प्रस्तुत करने वाला धारक भुगतान प्राप्त कर सकता है। |
| इसे सामान्यतः सीधे बैंक काउंटर से नकद नहीं भुनाया जाता। | यह सामान्यतः सुपुर्दगी द्वारा हस्तान्तरित किया जा सकता है। |
प्रश्न 8. यदि 8, x, x व 18 समानुपात में हों, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया है—
8 : x :: x : 18
समानुपात के गुण के अनुसार—
बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल
अतः—
8 × 18 = x × x
x2 = 8 × 18
x2 = 144
x = √144
x = 12
अतः समानुपाती धनात्मक राशियों के लिए x = 12।
प्रश्न 9. एक वृत्त पर दिए हुए बिन्दु से स्पर्श रेखा खींचिए।
उत्तर:
बिन्दु P पर त्रिज्या OP के लम्बवत् खींची गई रेखा AB वृत्त की स्पर्श रेखा है।
अर्थात्—
OP ⟂ AB
अतः AB अभीष्ट स्पर्श रेखा है।
प्रश्न 10. समुच्चय A = {2, 3, 5} और B = {5, 7, 3} हो, तो A - B ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया है—
A = {2, 3, 5}
B = {5, 7, 3}
A - B में A के वे अवयव लिए जाते हैं जो B में नहीं हैं।
A के अवयव 2, 3 और 5 हैं।
इनमें 3 तथा 5, B में भी उपस्थित हैं।
केवल 2 ऐसा अवयव है जो B में नहीं है।
अतः—
A - B = {2}
प्रश्न 11. (-12/7 × -14/27) - (-8/45 × 9/16) को सरल कीजिए।
उत्तर:
दिया गया व्यंजक—
(-12/7 × -14/27) - (-8/45 × 9/16)
पहले गुणन करने पर—
(-12/7 × -14/27)
= (12 × 14)/(7 × 27)
= (12 × 2)/27
= 24/27
= 8/9
तथा—
(-8/45 × 9/16)
= -(8 × 9)/(45 × 16)
= -1/10
अतः—
= 8/9 - (-1/10)
= 8/9 + 1/10
= 80/90 + 9/90
= 89/90
अतः दिए गए व्यंजक का मान 89/90 है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. चक्रवृद्धि मिश्रधन ज्ञात करने का प्रतीकात्मक सूत्र लिखिए। यह भी बताइए कि प्रयुक्त प्रतीक किन अर्थों में हैं?
उत्तर:
यदि ब्याज का संयोजन वार्षिक हो, तो चक्रवृद्धि मिश्रधन का सूत्र—
A = P(1 + R/100)n
जहाँ—
- A = मिश्रधन
- P = मूलधन
- R = वार्षिक ब्याज दर प्रतिशत में
- n = समय वर्षों में
चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करने के लिए—
चक्रवृद्धि ब्याज = A - P
प्रश्न 13. 14 - 5x - x2 का गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया गया व्यंजक—
14 - 5x - x2
मध्य पद -5x को -7x + 2x के रूप में लिखने पर—
= 14 - 7x + 2x - x2
समूह बनाने पर—
= 7(2 - x) + x(2 - x)
समान गुणनखण्ड (2 - x) बाहर लेने पर—
= (2 - x)(7 + x)
अतः गुणनखण्ड हैं—
(2 - x)(x + 7)
प्रश्न 14. किसी वृत्त के केन्द्र से 5 सेमी की दूरी पर स्थित जीवा की लम्बाई 24 सेमी है। उस जीवा की लम्बाई ज्ञात कीजिए जो केन्द्र से 12 सेमी की दूरी पर स्थित है।
उत्तर:
पहली जीवा की लम्बाई = 24 सेमी
केन्द्र से जीवा पर खींचा गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।
अतः पहली जीवा की आधी लम्बाई—
= 24/2
= 12 सेमी
केन्द्र से पहली जीवा की दूरी = 5 सेमी
माना वृत्त की त्रिज्या = r
पाइथागोरस प्रमेय से—
r2 = 52 + 122
= 25 + 144
= 169
r = √169
r = 13 सेमी
अब दूसरी जीवा के केन्द्र से दूरी = 12 सेमी
माना दूसरी जीवा की आधी लम्बाई = x सेमी
पुनः पाइथागोरस प्रमेय से—
132 = 122 + x2
169 = 144 + x2
x2 = 169 - 144
x2 = 25
x = 5 सेमी
अतः दूसरी जीवा की पूरी लम्बाई—
= 2 × x
= 2 × 5
= 10 सेमी
अतः अभीष्ट जीवा की लम्बाई 10 सेमी है।
प्रश्न 15. 10 सेमी भुजा के दो घनों को बराबर सटाकर रखने से प्राप्त घनाभ का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
प्रत्येक घन की भुजा = 10 सेमी
दोनों घनों को एक-एक फलक से सटाकर रखने पर प्राप्त घनाभ की—
लम्बाई = 10 + 10
= 20 सेमी
चौड़ाई = 10 सेमी
ऊँचाई = 10 सेमी
घनाभ का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल—
= 2(lb + bh + hl)
= 2(20 × 10 + 10 × 10 + 10 × 20)
= 2(200 + 100 + 200)
= 2 × 500
= 1000 सेमी2
अतः प्राप्त घनाभ का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 1000 सेमी2 है।
प्रश्न 16. ₹2500 पर 6% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 2 वर्ष 6 माह का ब्याज तथा मिश्रधन ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया है—
मूलधन (P) = ₹2500
दर (R) = 6% वार्षिक
समय (T) = 2 वर्ष 6 माह
= 2 + 6/12 वर्ष
= 2 + 1/2 वर्ष
= 2.5 वर्ष
साधारण ब्याज का सूत्र—
SI = (P × R × T)/100
मान रखने पर—
= (2500 × 6 × 2.5)/100
= 37500/100
= ₹375
अब मिश्रधन—
= मूलधन + साधारण ब्याज
= 2500 + 375
= ₹2875
अतः साधारण ब्याज ₹375 तथा मिश्रधन ₹2875 है।
प्रश्न 17. यदि निम्नलिखित आँकड़ों का समान्तर माध्य 21.5 हो, तो k का मान ज्ञात कीजिए।
| पद (x) | 5 | 15 | 25 | 35 | 45 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारम्बारता (f) | 6 | 4 | 3 | k | 2 |
उत्तर:
| x | f | fx |
|---|---|---|
| 5 | 6 | 30 |
| 15 | 4 | 60 |
| 25 | 3 | 75 |
| 35 | k | 35k |
| 45 | 2 | 90 |
| योग | 15 + k | 255 + 35k |
यहाँ—
Σf = 6 + 4 + 3 + k + 2
= 15 + k
तथा—
Σfx = 30 + 60 + 75 + 35k + 90
= 255 + 35k
समान्तर माध्य का सूत्र—
समान्तर माध्य = Σfx/Σf
दिया है समान्तर माध्य = 21.5
अतः—
21.5 = (255 + 35k)/(15 + k)
21.5(15 + k) = 255 + 35k
322.5 + 21.5k = 255 + 35k
322.5 - 255 = 35k - 21.5k
67.5 = 13.5k
13.5k = 67.5
k = 67.5/13.5
k = 5
अतः k = 5।
प्रश्न 18. चित्र में O वृत्त का केन्द्र है। ∠OBC = 15° हो, तो ∠BAC तथा ∠BEC ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
OB तथा OC एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
अतः—
OB = OC
इसलिए ΔOBC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
दिया है—
∠OBC = 15°
समद्विबाहु त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
अतः—
∠OBC = ∠OCB = 15°
अब ΔOBC में तीनों कोणों का योग 180° होता है।
∠BOC + ∠OBC + ∠OCB = 180°
∠BOC + 15° + 15° = 180°
∠BOC + 30° = 180°
∠BOC = 180° - 30°
∠BOC = 150°
अब ∠BOC तथा ∠BAC एक ही लघु चाप BC पर बने क्रमशः केन्द्रीय तथा परिधीय कोण हैं।
एक ही चाप पर बना केन्द्रीय कोण, परिधीय कोण का दोगुना होता है।
अतः—
∠BOC = 2∠BAC
∠BAC = 1/2 × ∠BOC
= 1/2 × 150°
= 75°
अब A, B, E तथा C एक ही वृत्त पर स्थित हैं। अतः ABEC एक चक्रीय चतुर्भुज है।
चक्रीय चतुर्भुज के विपरीत कोणों का योग 180° होता है।
अतः—
∠BAC + ∠BEC = 180°
75° + ∠BEC = 180°
∠BEC = 180° - 75°
∠BEC = 105°
अतः ∠BAC = 75° तथा ∠BEC = 105°।
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