बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. जब कोई बालक किसी भी अवस्था में प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण किए बिना ही विद्यालय छोड़कर चला जाता है, तो कहलाता है—
(a) अवरोध
(b) ह्रास
(c) पृथक्करण
(d) अपव्यय
उत्तर: (d) अपव्यय
किसी विद्यार्थी द्वारा निर्धारित शिक्षा-स्तर पूरा करने से पहले विद्यालय छोड़ देना अपव्यय (Wastage) कहलाता है। एक ही कक्षा में अपेक्षित समय से अधिक रुकना अवरोधन कहलाता है।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद् का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(a) लखनऊ
(b) भुवनेश्वर
(c) मद्रास
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (d) नई दिल्ली
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
प्रश्न 3. उत्तर प्रदेश में 'मिड-डे-मील' योजना का शुभारम्भ किस वर्ष हुआ?
(a) 1990-91
(b) 1997-98
(c) 1995-96
(d) 1999-2000
उत्तर: (c) 1995-96
राष्ट्रीय स्तर पर National Programme of Nutritional Support to Primary Education 15 अगस्त 1995 से प्रारम्भ हुआ और उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया गया। प्रारम्भ में खाद्यान्न दिया जाता था; बाद में प्रदेश में पका हुआ मध्याह्न भोजन लागू किया गया।
प्रश्न 4. निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम-2009 कितने अध्यायों में विभक्त है?
(a) चार
(b) दो
(c) सात
(d) तीन
उत्तर: (c) सात
बच्चों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 कुल सात अध्यायों में विभक्त है। यह 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।
प्रश्न 5. नवोदय विद्यालय की स्थापना किस आयोग/नीति की संस्तुति पर की गयी?
(a) कोठारी आयोग (1964-66)
(b) माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952)
(c) नई शिक्षा नीति (1986)
(d) नई शिक्षा नीति (1968)
उत्तर: (c) नई शिक्षा नीति (1986)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए आवासीय नवोदय विद्यालयों की स्थापना पर बल दिया गया।
प्रश्न 6. शिक्षक-शिक्षा हेतु नियामक संस्था है—
(a) NCTE
(b) NCERT
(c) CTE
(d) MHRD
उत्तर: (a) NCTE
National Council for Teacher Education (NCTE) भारत में अध्यापक शिक्षा के नियोजन, समन्वय, मानकों एवं नियमन से सम्बन्धित सांविधिक संस्था है।
प्रश्न 7. शिक्षा को किस 'सूची' में रखा गया है?
(a) केन्द्रीय सूची
(b) समवर्ती सूची
(c) राज्य सूची
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) समवर्ती सूची
42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा शिक्षा को राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची में रखा गया।
प्रश्न 8. "सरकार को समाज के उच्च वर्गों में उच्च शिक्षा का प्रसार करना चाहिए, जिनके पास अध्ययन के लिए अवकाश है और जिनकी संस्कृति जनता में छनकर पहुँचती है।" यह कथन किस सिद्धान्त की पुष्टि करता है?
(a) निस्यन्दन का सिद्धान्त
(b) पुनर्बलन का सिद्धान्त
(c) प्राच्य-पाश्चात्य विवाद
(d) हण्टर आयोग
उत्तर: (a) निस्यन्दन का सिद्धान्त
अधोमुखी निस्यन्दन सिद्धान्त में पहले समाज के उच्च एवं प्रभावशाली वर्ग को शिक्षित करके शिक्षा को क्रमशः सामान्य जनता तक पहुँचाने की धारणा थी।
प्रश्न 9. राष्ट्रीय शिक्षा आयोग (1964-66) अन्य किस नाम से जाना जाता है?
(a) मुदालियर आयोग
(b) कोठारी आयोग
(c) राधाकृष्णन आयोग
(d) हण्टर कमीशन
उत्तर: (b) कोठारी आयोग
शिक्षा आयोग (1964-66) के अध्यक्ष डॉ. दौलत सिंह कोठारी थे, इसलिए इसे कोठारी आयोग कहा जाता है।
प्रश्न 10. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना का क्षेत्र है—
(a) ग्रामीण
(b) नगरीय
(c) (a) और (b) दोनों
(d) मेट्रो
उत्तर: (a) ग्रामीण
कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना मूलतः शैक्षिक रूप से पिछड़े विकासखण्डों एवं कठिन क्षेत्रों की वंचित बालिकाओं को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ की गई थी। दिए गए विकल्पों में ग्रामीण अभीष्ट उत्तर है।
प्रश्न 11. "सम्पूर्ण साक्षरता अभियान" का प्रेरक वाक्य है—
(a) एक पढ़ाये एक
(b) एक पढ़ाये दो
(c) दो पढ़ाये एक
(d) सब पढ़ायें सब
उत्तर: (a) एक पढ़ाये एक
“एक पढ़ाये एक” (Each One, Teach One) साक्षरता अभियानों से जुड़ा प्रसिद्ध प्रेरक सूत्र है।
प्रश्न 12. स्कूली शिक्षा के शैक्षिक बोझ को कम करने से सम्बन्धित समिति के अध्यक्ष हैं—
(a) प्रो. यशपाल
(b) प्रो. डी. एस. कोठारी
(c) प्रो. बी. के. पासी
(d) डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
उत्तर: (a) प्रो. यशपाल
स्कूली बच्चों पर शैक्षिक बोझ कम करने के उपाय सुझाने हेतु गठित राष्ट्रीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. यशपाल थे। समिति ने 1993 में Learning Without Burden रिपोर्ट प्रस्तुत की।
प्रश्न 13. लॉर्ड कर्जन ने 'शिमला शिक्षा सम्मेलन' का आयोजन कब किया?
(a) सन् 1901
(b) सन् 1900
(c) सन् 1904
(d) सन् 1905
उत्तर: (a) सन् 1901
लॉर्ड कर्जन ने सितम्बर 1901 में शिमला शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया था।
प्रश्न 14. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की समीक्षा के लिए श्री राममूर्ति की अध्यक्षता में समिति का गठन कब किया गया?
(a) सन् 1992
(b) सन् 1990
(c) सन् 1988
(d) सन् 1968
उत्तर: (b) सन् 1990
आचार्य राममूर्ति समिति का गठन 1990 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 की समीक्षा के लिए किया गया था।
प्रश्न 15. 'बाल अधिकार का प्रस्ताव पारित किया—'
(a) संयुक्त राष्ट्र संघ
(b) यूनेस्को
(c) भारत सरकार
(d) विश्व बैंक
उत्तर: (a) संयुक्त राष्ट्र संघ
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1959 में बाल अधिकारों की घोषणा तथा 20 नवम्बर 1989 को बाल अधिकार अभिसमय (CRC) को स्वीकार किया।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना किस शिक्षा आयोग/नीति की संस्तुति पर हुई?
उत्तर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 की संस्तुतियों के आधार पर की गई।
प्रश्न 17. हंसा मेहता समिति 1962 के प्रमुख सुझावों को लिखिए।
उत्तर: समिति ने लड़के-लड़कियों के पाठ्यक्रम में लिंग के आधार पर अनावश्यक भेद न करने तथा प्राथमिक एवं मध्य स्तर पर समान पाठ्यक्रम एवं समान शैक्षिक अवसर देने पर बल दिया।
प्रश्न 18. स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम क्या है?
उत्तर: स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम नवप्रवेशी बच्चों को खेल एवं गतिविधियों द्वारा विद्यालयी वातावरण, भाषा, संख्या-बोध एवं सामाजिक व्यवहार के लिए तैयार करता है।
प्रश्न 19. P-MOST एवं NPEGEL का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: P-MOST का पूरा नाम Programme of Mass Orientation of School Teachers तथा NPEGEL का पूरा नाम National Programme for Education of Girls at Elementary Level है।
प्रश्न 20. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के अनुसार एक आदर्श शिक्षक के गुणों को लिखिए।
उत्तर: शिक्षक सुगमकर्ता, संवेदनशील मार्गदर्शक, सह-अधिगामी एवं चिंतनशील शिक्षाकर्मी हो तथा बालक को सक्रिय रूप से ज्ञान-निर्माण के अवसर प्रदान करे।
प्रश्न 21. शैक्षिक उन्नयन में ब्लॉक संसाधन केन्द्रों की क्या भूमिका है?
उत्तर: BRC शिक्षकों को सेवाकालीन प्रशिक्षण, विषयगत अकादमिक सहयोग, शिक्षण-सामग्री एवं विद्यालय-स्तरीय मार्गदर्शन प्रदान करता है।
प्रश्न 22. ECCE का पूरा नाम एवं इसका उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: ECCE का पूरा नाम Early Childhood Care and Education है। इसका उद्देश्य जन्म से लगभग 6 वर्ष तक बच्चों की देखभाल तथा शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक एवं भावात्मक विकास को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 23. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में 'प्रारम्भिक शिक्षा' से क्या आशय है?
उत्तर: RTE Act, 2009 में प्रारम्भिक शिक्षा का अर्थ कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की शिक्षा है।
प्रश्न 24. भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा के विकास से सम्बन्धित अनुच्छेद कौन-सा है?
उत्तर: संविधान का अनुच्छेद 351 संघ को हिन्दी भाषा के प्रसार एवं विकास के लिए निर्देश देता है।
प्रश्न 25. "स्कूल चलो अभियान" कब प्रारम्भ किया गया?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए स्कूल चलो अभियान जुलाई 2001 में प्रारम्भ किया गया।
प्रश्न 26. सर्व शिक्षा अभियान की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ थीं— प्रारम्भिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण तथा शिक्षा की गुणवत्ता एवं सामाजिक-लैंगिक समानता में सुधार।
प्रश्न 27. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से सम्बन्धित आयोग का नाम लिखिए।
उत्तर: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से सम्बन्धित आयोग विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (1948-49) है, जिसे राधाकृष्णन आयोग भी कहा जाता है।
प्रश्न 28. मिशनरी स्कूल की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: मिशनरी विद्यालयों में आधुनिक/अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार तथा ईसाई धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता था।
प्रश्न 29. DPEP परियोजना का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: DPEP का मुख्य कार्य प्राथमिक शिक्षा की पहुँच, नामांकन, ठहराव एवं गुणवत्ता बढ़ाना तथा सामाजिक एवं लैंगिक असमानताओं को कम करना था।
प्रश्न 30. बेसिक शिक्षा अधिनियम कब पारित हुआ?
उत्तर: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 में पारित हुआ था।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
प्रारम्भिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण एवं गुणवत्ता के मार्ग में अनेक समस्याएँ हैं। प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं—
- गरीबी एवं बाल-श्रम: आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक बच्चे नियमित विद्यालय नहीं जा पाते।
- ड्रॉपआउट एवं अपव्यय: अनेक बच्चे प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने से पहले विद्यालय छोड़ देते हैं।
- शिक्षकों की कमी: अनेक विद्यालयों में पर्याप्त प्रशिक्षित शिक्षक एवं संतुलित शिक्षक-तैनाती नहीं होती।
- आधारभूत सुविधाओं की कमी: कक्षा-कक्ष, पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय एवं शिक्षण-सामग्री का अभाव।
- शैक्षिक असमानता: बालिकाओं, वंचित समूहों, दिव्यांग बच्चों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अवसरों की असमानता।
- अधिगम स्तर: नामांकन के बावजूद भाषा, गणित एवं अन्य मूलभूत दक्षताओं का अपेक्षित विकास न होना।
- भाषायी समस्या: बच्चों की मातृभाषा में उपयुक्त शिक्षक एवं सामग्री का अभाव।
इन समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षित शिक्षक, समान शैक्षिक अवसर एवं गुणवत्तापूर्ण बाल-केन्द्रित शिक्षण आवश्यक है।
प्रश्न 32. कोठारी आयोग के पंचमुखी कार्यक्रम का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कोठारी आयोग (1964-66) ने शिक्षा को राष्ट्रीय विकास का शक्तिशाली साधन मानते हुए पाँच प्रमुख राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ने का सुझाव दिया। इन्हें आयोग का पंचमुखी कार्यक्रम कहा जाता है।
- शिक्षा द्वारा उत्पादकता में वृद्धि: विज्ञान शिक्षा, कार्यानुभव, व्यावसायिक शिक्षा तथा कृषि एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर शिक्षा को उत्पादन से जोड़ना।
- सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना: समान विद्यालय प्रणाली, समाज-सेवा, राष्ट्र-सेवा एवं उपयुक्त भाषा-नीति द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना।
- लोकतंत्र को सुदृढ़ करना: समान शैक्षिक अवसर, नागरिक उत्तरदायित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनभागीदारी का विकास करना।
- राष्ट्र का आधुनिकीकरण: विज्ञान एवं तकनीक, स्वतंत्र चिन्तन, आधुनिक दृष्टिकोण और नवीन कौशलों के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक आधुनिकीकरण करना।
- सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास: विद्यार्थियों में नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, सहिष्णुता एवं मानवीय मूल्यों का विकास करना।
इस प्रकार आयोग ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्रदान करने वाली प्रक्रिया न मानकर उत्पादकता, लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता, आधुनिकीकरण और मूल्य-विकास से जोड़ा।
प्रश्न 33. 'ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड' क्या है? इसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए 1987-88 में प्रारम्भ किया गया।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ—
- प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम-से-कम दो उपयोग योग्य कक्षा-कक्ष उपलब्ध कराना।
- प्रारम्भ में कम-से-कम दो शिक्षकों की व्यवस्था, जिनमें यथासम्भव एक महिला शिक्षक हो।
- श्यामपट्ट, नक्शे, चार्ट, खिलौने एवं आवश्यक शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराना।
- बालोपयोगी पुस्तकें एवं पुस्तकालय-सामग्री उपलब्ध कराना।
- प्राथमिक विज्ञान, गणित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना।
- विद्यालयी वातावरण को अधिक आकर्षक एवं बाल-केन्द्रित बनाना।
- 1992 के विस्तारित कार्यक्रम में आवश्यकता के अनुसार तीन कक्ष एवं तीन शिक्षक तथा भविष्य की नियुक्तियों में महिला शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया।
इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम सुविधाएँ सुनिश्चित करके शिक्षा की गुणवत्ता एवं बच्चों के ठहराव में सुधार करना था।
प्रश्न 34. 'राधाकृष्णन आयोग' की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (1948-49) का गठन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता में स्वतंत्र भारत की विश्वविद्यालय शिक्षा का अध्ययन एवं सुधार करने के लिए किया गया था।
इसकी प्रमुख संस्तुतियाँ—
- उच्च शिक्षा के उद्देश्य: लोकतांत्रिक नागरिकता, चरित्र, नेतृत्व एवं सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना।
- शिक्षण स्तर: विश्वविद्यालयों में उच्च गुणवत्ता, ट्यूटोरियल, सेमिनार एवं बेहतर शिक्षण-विधियों पर बल।
- प्रवेश: विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट स्तर अर्थात् लगभग 12 वर्ष की विद्यालयी शिक्षा पूरी होना अपेक्षित माना गया।
- विद्यार्थी संख्या: शिक्षण विश्वविद्यालय में लगभग 3000 तथा सम्बद्ध महाविद्यालय में लगभग 1500 विद्यार्थियों की अधिकतम सीमा सुझाई गई।
- कार्य-दिवस: परीक्षा के दिनों को छोड़कर लगभग 180 शिक्षण दिवस रखने की संस्तुति की गई।
- शिक्षक: शिक्षकों के वेतन, सेवा-शर्तों, योग्यता एवं पदोन्नति में सुधार पर बल दिया गया।
- अनुसंधान: स्नातकोत्तर शिक्षा एवं शोध के विकास के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई।
- विश्वविद्यालय अनुदान: विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता एवं समन्वय के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसी संस्था की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रश्न 35. शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य-पाश्चात्य विवाद क्या है?
उत्तर:
प्राच्य-पाश्चात्य विवाद ब्रिटिशकालीन भारत में इस प्रश्न को लेकर उत्पन्न हुआ कि भारतीयों की शिक्षा में प्राचीन भारतीय भाषाओं एवं ज्ञान को महत्व दिया जाए या अंग्रेजी भाषा और पाश्चात्य विज्ञान-साहित्य को।
प्राच्यवादी मत—
- संस्कृत, अरबी एवं फारसी जैसी प्राच्य भाषाओं को संरक्षण दिया जाए।
- भारतीय साहित्य, दर्शन एवं पारम्परिक ज्ञान की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाए।
पाश्चात्यवादी मत—
- अंग्रेजी को आधुनिक शिक्षा का प्रमुख माध्यम बनाया जाए।
- पाश्चात्य विज्ञान, साहित्य एवं आधुनिक ज्ञान का प्रसार किया जाए।
1813 के चार्टर एक्ट में शिक्षा के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के बाद यह विवाद अधिक स्पष्ट हुआ। मैकाले के 1835 के विवरण-पत्र और बैंटिक के निर्णय के बाद अंग्रेजी एवं पाश्चात्य शिक्षा को सरकारी समर्थन प्राप्त हुआ।
प्रश्न 36. भारतीय शिक्षा में लॉर्ड कर्जन का क्या योगदान है?
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन ने भारतीय शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासन, निरीक्षण एवं शिक्षक-प्रशिक्षण सुधारने के लिए अनेक कदम उठाए।
प्रमुख योगदान—
- 1901 में शिमला शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया।
- प्राथमिक शिक्षा के विस्तार एवं उसके लिए सरकारी आर्थिक सहायता बढ़ाने पर बल दिया।
- प्राथमिक स्तर पर स्थानीय अथवा मातृभाषा को महत्व दिया।
- प्राथमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं उनकी कार्यकुशलता सुधारने पर बल दिया।
- विद्यालयों की निरीक्षण एवं मान्यता व्यवस्था को मजबूत किया।
- 1902 में भारतीय विश्वविद्यालय आयोग गठित किया।
- 1904 में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित कराया।
- विश्वविद्यालयों में शिक्षण, प्रशासन एवं सम्बद्धता व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया।
कर्जन की नीतियों ने शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रशासन पर ध्यान बढ़ाया, किन्तु विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियन्त्रण बढ़ाने के कारण उसकी आलोचना भी हुई।
प्रश्न 37. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संरचना शिक्षक शिक्षा 2009 की आवश्यकता एवं महत्व बताइए।
उत्तर:
National Curriculum Framework for Teacher Education, 2009 (NCFTE-2009) को शिक्षक-शिक्षा को अधिक व्यावसायिक, मानवीय, चिंतनशील एवं विद्यालयी वास्तविकताओं से जुड़ा बनाने के लिए विकसित किया गया। इसका प्रमुख विचार “Preparing Professional and Humane Teacher” है।
आवश्यकता—
- शिक्षक-शिक्षा को बाल-केन्द्रित एवं निर्माणवादी शिक्षण-दृष्टिकोण से जोड़ना।
- शिक्षक को केवल सूचना देने वाला न मानकर चिंतनशील एवं संवेदनशील पेशेवर बनाना।
- शिक्षक-प्रशिक्षण में सिद्धान्त और विद्यालयी व्यवहार के बीच दूरी कम करना।
- समावेशी शिक्षा, विविधता, समानता एवं सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना।
- शिक्षकों में सतत् व्यावसायिक विकास एवं आत्म-चिन्तन की प्रवृत्ति विकसित करना।
महत्व—
- शिक्षक-शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में सहायता करता है।
- प्रशिक्षु शिक्षकों को वास्तविक विद्यालय एवं कक्षा-अनुभव से जोड़ता है।
- बालकों की व्यक्तिगत एवं सामाजिक विविधताओं को समझने की क्षमता विकसित करता है।
- शिक्षक को लोकतांत्रिक, मानवीय एवं उत्तरदायी शिक्षाकर्मी के रूप में विकसित करने पर बल देता है।
प्रश्न 38. राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना क्या है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (National Child Labour Project—NCLP) भारत सरकार द्वारा 1988 में बाल श्रमिकों के शैक्षिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए प्रारम्भ की गई थी।
इसके प्रमुख उद्देश्य—
- बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें कार्य से मुक्त कराना।
- विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से ब्रिज शिक्षा प्रदान करना।
- व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास उपलब्ध कराना।
- पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं अन्य पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान करना।
- बच्चों को औपचारिक विद्यालयी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना।
- बाल-श्रम के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता उत्पन्न करना।
इस प्रकार NCLP का प्रमुख उद्देश्य बाल श्रमिकों को केवल श्रम से हटाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा एवं पुनर्वास के माध्यम से मुख्यधारा में लाना था।
प्रश्न 39. प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबन्ध समिति के गठन एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विद्यालय प्रबन्ध समिति (School Management Committee—SMC) का गठन शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा उत्तर प्रदेश RTE नियम, 2011 के अन्तर्गत विद्यालय एवं समुदाय के बीच सहभागिता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में गठन—
- समिति में कुल 15 सदस्य होते हैं।
- इनमें 11 सदस्य विद्यार्थियों के माता-पिता अथवा अभिभावक होते हैं।
- कम-से-कम 50 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ होती हैं।
- शेष सदस्यों में स्थानीय प्राधिकारी का प्रतिनिधि, ANM, लेखपाल तथा प्रधानाध्यापक/वरिष्ठ शिक्षक सम्मिलित होते हैं।
- समिति का प्रत्येक दो वर्ष में पुनर्गठन किया जाता है।
प्रमुख कार्य—
- विद्यालय के कार्य एवं बच्चों की उपस्थिति की निगरानी करना।
- सभी पात्र बच्चों के नामांकन एवं नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना।
- विद्यालय विकास योजना तैयार करना।
- विद्यालय को प्राप्त अनुदान एवं संसाधनों के उपयोग की निगरानी करना।
- विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं एवं बच्चों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना।
- अभिभावकों, शिक्षकों एवं समुदाय के बीच सहयोग बढ़ाना।
इस प्रकार SMC विद्यालय के लोकतांत्रिक प्रबन्ध, उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करती है।
प्रश्न 40. 'सर्व शिक्षा अभियान' के सफल क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा कौन-कौन से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं?
उत्तर:
सर्व शिक्षा अभियान (SSA) का उद्देश्य सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण प्रारम्भिक शिक्षा पहुँचाना था। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए अनेक सहायक कार्यक्रम एवं हस्तक्षेप संचालित किए गए—
- शिक्षा गारण्टी एवं वैकल्पिक/नवाचारी शिक्षा: विद्यालय से बाहर एवं कठिन पहुँच वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना।
- NPEGEL: प्रारम्भिक स्तर पर वंचित बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना।
- कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय: शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की वंचित बालिकाओं के लिए आवासीय शिक्षा।
- स्कूल चलो एवं नामांकन अभियान: विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान करके उनका नामांकन करना।
- निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं अन्य प्रोत्साहन: विशेषकर बालिकाओं एवं वंचित वर्गों के बच्चों की शिक्षा में सहायता।
- शिक्षक-प्रशिक्षण: शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता एवं शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाना।
- विद्यालयी आधारभूत सुविधाएँ: अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास।
- समावेशी शिक्षा: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य विद्यालयी व्यवस्था से जोड़ने के लिए सहायता प्रदान करना।
- सामुदायिक सहभागिता: विद्यालय प्रबन्ध समितियों एवं स्थानीय समुदाय को विद्यालयी नियोजन एवं निगरानी में सम्मिलित करना।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि पहुँच, ठहराव, समानता और गुणवत्तापूर्ण अधिगम सुनिश्चित करना था।
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