बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. 'पटेल एक्ट' सम्बन्धित है-
(a) निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के विरोध से
(b) अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा पर बने कानून से
(c) प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक व परिमाणात्मक वृद्धि से
(d) पूर्व प्राथमिक शिक्षा से
उत्तर: (c) : 'पटेल एक्ट' प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक व परिमाणात्मक वृद्धि से सम्बन्धित है।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अनुसार मार्गदर्शक सिद्धान्त में निहित है-
(a) पाठ्यचर्या का संवर्धन पाठ्यपुस्तक पर केन्द्रित करना ।
(b) पाठ्यक्रम के कुछ उपविषयों को रटन्त प्रणाली से मुक्त करना ।
(c) विद्यालय में प्राप्त ज्ञान को बाहरी दुनिया से जोड़ना
(d) कक्षा की गतिविधियों को परीक्षा में कम महत्व देना ।
उत्तर: (c) : राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) के अनुसार मार्गदर्शक सिद्धान्त-
- ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना।
- पढ़ाई को रटंत पद्धति से मुक्त करना।
- परीक्षा को अपेक्षाकृत अधिक लचीला बनाना व कक्षा की गतिविधियों से जोड़ना।
प्रश्न 3. 'गोखले विधेयक' प्रस्तुत किया गया था-
(a) 16 मार्च 1910
(b) 20 मार्च 1911
(c) 16 मार्च 1911
(d) 20 अप्रैल 1910
उत्तर: (c) : 'गोखले विधेयक' 16 मार्च 1911 में प्रस्तुत किया गया था। सर्वप्रथम भारत में निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की माँग को गति देने का कार्य गोपाल कृष्ण गोखले के द्वारा किया गया।
प्रश्न 4. हण्टर कमीशन के समक्ष प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य व निःशुल्क करने का प्रस्ताव रखा-
(a) दादा भाई नौरोजी ने
(b) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने
(c) महात्मा गाँधी ने
(d) जवाहर लाल नेहरू ने
उत्तर: (a) : हण्टर कमीशन के समक्ष प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य व निःशुल्क करने का प्रस्ताव दादा भाई नौरोजी ने रखा।
प्रश्न 5. प्राच्य - पाश्चात्य विवाद का जन्म हुआ-
(a) हण्टर आयोग से
(b) 1813 के आज्ञापत्र से
(c) मैकाले के वितरण पत्र से
(d) वुड के आदेश पत्र से
उत्तर: (b) : प्राच्य-पाश्चात्य विवाद का जन्म ईस्ट इण्डिया कम्पनी के 1813 के आज्ञापत्र से हुआ था।
प्रश्न 6. शिक्षा आयोग 1964-66 के अध्यक्ष थे-
(a) डॉ ए लक्ष्मणस्वामी मुदालियर
(b) श्री एम. टी. व्यास
(c) श्री डी. एस कोठारी
(d) डॉ ताराचन्द
उत्तर: (c) : भारत के लिए एक सुसंगत शिक्षा नीति तैयार करने के लिए कोठारी आयोग (1964-66) की स्थापना डॉ. दौलत सिंह कोठारी की अध्यक्षता में की गयी थी। कोठारी आयोग को भारतीय शिक्षा आयोग के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 7. 'राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना' संचालित की गई-
(a) आठवीं पंचवर्षीय योजना में
(b) नवीं पंचवर्षीय योजना में
(c) दसवीं पंचवर्षीय योजना में
(d) ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में
उत्तर: (b) : नवीं पंचवर्षीय योजना (वर्ष 1997-2002) में राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना संचालित की गई।
प्रश्न 8. उ.प्र. के समस्त जिलों में स्कूल चलो अभियान-
(a) वर्ष 2001 से
(b) वर्ष 2002 से
(c) वर्ष 2003 से
(d) वर्ष 2004 से
उत्तर: (b) : जुलाई सन् 2002 ई. में उत्तर-प्रदेश सरकार ने 'स्कूल चलो अभियान' की शुरूआत की तथा उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों में 'स्कूल चलो अभियान' संचालित है।
प्रश्न 9. राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की स्थापना के बाद सर्वप्रथम सम्पूर्ण साक्षरता अभियान की घोषणा की गई-
(a) केरल राज्य में
(b) मध्य-प्रदेश में
(c) राजस्थान में
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) : राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की स्थापना 5 मई 1988 ई. में हुई। राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की स्थापना के बाद सबसे पहले 26 जनवरी 1989 में केरल में सम्पूर्ण साक्षरता अभियान की घोषणा की गई।
प्रश्न 10. पूर्व प्राथमिक शिक्षा सम्बन्धित है-
(a) 0 से 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए
(b) 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए
(c) 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए
(d) 6 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए
उत्तर: (b) : पूर्व प्राथमिक शिक्षा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दी जाती है।
प्रश्न 11. यशपाल समिति का गठन किया गया-
(a) वर्ष 1990 में
(b) वर्ष 1991 में
(c) वर्ष 1992 में
(d) वर्ष 1993 में
उत्तर: (c) : डॉ यशपाल की अध्यक्षता में यशपाल समिति का गठन वर्ष 1992 में बच्चों पर एकेडमिक बोझ कम करने के लिए किया गया था।
प्रश्न 12. बुनियादी शिक्षा से सम्बन्धित नहीं हैं-
(a) महात्मा गाँधी
(b) जाकिर हुसैन
(c) बी.जी. खेर
(d) एस.के. सिन्हा
उत्तर: (c) : भारत में बुनियादी शिक्षा का श्रेय महात्मा गाँधी को दिया जाता है। बुनियादी शिक्षा को नई तालीम शिक्षा वर्धा शिक्षा आदि नामों से भी जाना जाता है। महात्मा गाँधी जाकिर हुसैन तथा एस.के. सिन्हा बुनियादी शिक्षा से सम्बन्धित हैं जबकि बी.जी.खेर सम्बन्धित नहीं हैं।
प्रश्न 13. पोषाहार वितरण योजना का उद्देश्य नहीं है-
(a) बच्चों का विद्यालय में ठहराव तथा वृद्धि करना
(b) बच्चों को स्वस्थ एवं पुष्ट बनाना
(c) शिक्षा में अपव्यय तथा अवरोधन को कम करना
(d) कुपोषण की समस्या को दूर करना ।
उत्तर: (d) : पोषाहार वितरण योजना का उद्देश्य-
- बच्चों को स्वस्थ एवं पुष्ट बनाना।
- शिक्षा में अपव्यय तथा अवरोधन को कम करना।
अतः पोषाहार वितरण योजना का उद्देश्य कुपोषण की समस्या को दूर नहीं करना है।
प्रश्न 14. शिमला शिक्षा सम्मेलन (1901) का आयोजन किया गया था-
(a) लॉर्ड आकलैण्ड द्वारा
(b) लार्ड रिपन द्वारा
(c) लॉर्ड कर्जन द्वारा
(d) लार्ड विलियम बैंटिक द्वारा
उत्तर: (c) : शिमला शिक्षा सम्मेलन (1901) का अयोजन लॉर्ड कर्जन द्वारा किया गया था।
प्रश्न 15. शिक्षा को समवर्ती सूची में स्थान दिया गया-
(a) 1970 ई. में
(b) 1975 ई. में
(c) 1976 ई. में
(d) 1980 ई. में
उत्तर: (c) : शिक्षा को 1976 ई. में समवर्ती सूची में स्थान दिया गया। समवर्ती सूची के अन्तर्गत केन्द्र व राज्य सरकार दोनों को कानून बनाने का अधिकार है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. 'कलकत्ता मदरसा' एवं 'बनारस संस्कृत' कॉलेज की स्थापना किस उद्देश्य से की गई थी ?
उत्तर: कलकत्ता मदरसा- कलकत्ता मदरसा की स्थापना सन् 1781 ई. में प्रथम गवर्नर जनरल 'वारेन हेस्टिंग्स' ने की। इसका उद्देश्य मुस्लिम बच्चों को राज्य में उत्तरदायी व लाभदायक पदों के योग्य बनाना था।
बनारस संस्कृत कॉलेज- इसकी स्थापना सन् 1791 ई. में 'जोनाथन डंकन' ने की थी। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिन्दू जनता का प्रेम प्राप्त करना तथा न्यायाधीशों की सहायता के लिए योग्य हिन्दुओं को शिक्षित करना था।
प्रश्न 17. मैकाले की शिक्षानीति दोषपूर्ण होने के बावजूद इसका तत्कालीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ा ?
उत्तर: मैकाले की शिक्षा नीति दोषपूर्ण होने के बावजूद इसका तत्कालीन भारतीय शिक्षा प्रणाली पर निम्न दूरगामी प्रभाव पड़ा है-
- मैकाले को भारतीय शिक्षा का अग्रदूत माना जा सकता है। वह पहला अंग्रेज विद्वान था, जिसके विचारों से प्रभावित होकर एक ऐसी सरकारी नीति निर्धारित हुई, जिससे प्राच्य-पाश्चात्य विवाद समाप्त हो गया और आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा की नींव पड़ गयी।
- मैकाले के विवरण पत्र से भारत के लिए प्राच्य-पाश्चात्य ज्ञान-विज्ञान का द्वार खुल गया, क्योंकि अंग्रेजी भाषा को माध्यम के रूप में स्वीकृत किये जाने पर पाश्चात्य वैज्ञानिक ज्ञान भारतीयों के लिए सुलभ हो गया।
- अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीय जनता में समानता, स्वतन्त्रता और बन्धुत्व की भावनाएँ उत्पन्न करके उनमें राजनैतिक जागृति उत्पन्न कर दी। यदि भारत में अंग्रेजी शिक्षा का प्रादुर्भाव न हुआ होता तो भारत में स्वतंत्रता संग्राम न छिड़ता।
मैकाले के विवरण-पत्र में कुछ खामियाँ थीं। उसकी सिफारिशों को मान लेने पर भारतीय जनता पर कुछ दुष्प्रभाव भी पड़े। इसीलिए मैकाले की कटु आलोचना भी की जाती है।
प्रश्न 18. प्राथमिक शिक्षा के विस्तार के सम्बन्ध में चार्ल्स वुड की सिफारिशों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: प्राथमिक शिक्षा के सम्बन्ध में चार्ल्स वुड के सिफारिश/सुझाव -
- घोषणा पत्र में स्वीकार किया गया कि भारतीय शिक्षा का उत्तरदायित्व सरकार पर है।
- विद्यालयों के लिए सहायता अनुदान प्रणाली शुरू की जानी चाहिए।
- सरकार प्राथमिक शिक्षा पर अधिक व्यय करे।
- प्रत्येक जिले में स्कूलों की स्थापना की जाये।
- प्रतिभाशाली और निर्धन छात्रों के लिए छात्रवृत्तियों की व्यवस्था की जाए जिससे उनको निम्नस्तर से उच्च स्तर तक शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा हो।
प्रश्न 19. प्राथमिक शिक्षा के सन्दर्भ में 'अपव्यय' व 'अवरोधन' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अपव्यय- प्राथमिक शिक्षा पूरी होने से पहले किसी भी स्तर पर बच्चों की समय से पहले वापसी को अपव्यय कहते हैं। (अर्थात् बीच में विद्यालय छोड़ देना)
अवरोधन- अवरोधन से हमारा तात्पर्य है 'रूकावट'। जब कोई बालक एक ही कक्षा में एक से अधिक बार अनुत्तीर्ण हो जाता है या एक ही कक्षा में एक वर्ष से अधिक बार रहता है तो उसे अवरोधन में सम्मिलित किया जाता है।
(हर्टोग समिति ने शिक्षा में अपव्यय व अवरोधन पर सुझाव दिया था।)
प्रश्न 20. पी-मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: पी-मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम सेवारत अध्यापकों का विस्तृत अभिविन्यास कार्यक्रम (Programme of Mass Orientation of School Teachers) है।
प्रश्न 21. एस.ओ.पी.टी किस स्तर के अध्यापकों हेतु संचालित की गई ?
उत्तर: भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों के विशेष अनुस्थापन हेतु चलायी जा रही प्रायोजित योजना को एस.ओ.पी.टी (SOPT) के नाम से जाना जाता है। इस कार्यक्रम का आरम्भ वर्ष 1993-94 से किया गया। N.C.E.R.T को सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण का उत्तरदायित्व सौंपा गया।
प्रश्न 22. उ.प्र बेसिक शिक्षा परियोजना मूलतः किन-किन कार्यों से सम्बन्धित है ? संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: उ.प्र बेसिक शिक्षा परियोजना के प्रमुख कार्य -
- शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा पाठ्य पुस्तक सामग्री का निर्माण मूल्याकंन तकनीकी तथा दक्षता का विकास करना प्रस्तावित करना।
- बालिका शिक्षा की उचित व्यवस्था करना।
- प्रत्येक जिले में एक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) की स्थापना करना।
- नवाचार कार्यक्रमों का संचालन करना।
प्रश्न 23. विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम से हमारा तात्पर्य है विद्यालय की ओर उन्मुख करने वाला कार्यक्रम अर्थात वह कार्यक्रम जिसके द्वारा बच्चे विद्यालय की ओर आकर्षित हों।
प्रश्न 24. पूर्व प्राथमिक शिक्षा परियोजना के अन्तर्गत शिशुओं के सर्वांगीण विकास हेतु कौन-कौन से क्रियाकलापों का आयोजन किया जाता है ?
उत्तर: पूर्व प्राथमिक शिक्षा परियोजना के अंतर्गत शिशुओं के सर्वांगीण विकास हेतु निम्न क्रियाकलापों का आयोजन किया जा सकता है -
- रोचक, मनोरंजक कहानी, गीत तथा उद्देश्य पूर्ण खेल-क्रियाओं के माध्यम से बच्चों में अच्छी आदतों एवं नैतिक मूल्यों का विकास किया जा सकता है।
- पूर्व प्राथमिक शिक्षा द्वारा बच्चों को विकासोन्मुख और समृद्ध वातावरण दे सकते हैं।
प्रश्न 25. 'सर्व शिक्षा अभियान' के सफल क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाए चलायी जा रही हैं?
उत्तर: सर्व शिक्षा अभियान संचालित किये जाने के उद्देश्य निम्नलिखित हैं -
- सन् 2003 तक प्राथमिक विद्यालयों, शिक्षा गारण्टी केन्द्रों, वैकल्पिक और विद्यालय में सभी बच्चों का प्रवेश कराना।
- सन् 2007 तक सभी बच्चे कक्षा पाँच तक की प्राथामिक शिक्षा पूरी कर लें।
- सन् 2008 तक सभी बच्चे कक्षा आठ तक की शिक्षा पूर्ण कर लें।
- जीवन के लिए शिक्षा पर बल देते हुए गुणात्मक प्रारम्भिक शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करना।
- 2010 तक विद्यालयों में शिक्षार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना।
प्रश्न 26. कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयों की मॉनीटरिंग का क्या प्रावधान है?
उत्तर: विद्यालय की नियमित मॉनीटरिंग जनपद स्तर पर D.I.E.T प्राचार्य की अध्यक्षता मे गठित जिला शिक्षा समिति द्वारा की जाती है। D.I.E.T संस्थान के महत्वपूर्ण कार्य पिछड़े बालकों से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं पर परामर्श तथा फर्स्ट जनरेशन लर्नर को उपचारात्मक शिक्षण व्यवस्था एवं मार्गदर्शन प्रदान करना। शारीरिक एवं मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों की शिक्षण व्यवस्था हेतु मार्गदर्शन। विभिन्न शाखाओं के कार्यों में सहयोग प्रदान करना।
प्रश्न 27. भारत में निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की उन्नति के मार्ग में मुख्य कठिनाई क्या हैं?
उत्तर: भारत में निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की उन्नति के मार्ग में मुख्य कठिनाइयाँ निम्नलिखित हैं -
- राजनीतिक कठिनाइयाँ
- शासन की कमजोर नीति
- प्राइमरी स्कूलो के प्रबंधन तंत्र में एकरूपीय नीति का अभाव
- शिक्षकों का अभाव
- ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में विकास की विभिन्नता
- अपव्यय एवं अवरोधन
- शिक्षण का निम्न स्तर
- दोषपूर्ण पाठ्यक्रम
प्रश्न 28. जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम की रणनीतियों के विषय में संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम की रणनीतियाँ निम्नलिखित हैं-
- विद्यालय की प्रभावकारिता बढ़ाने पर बल।
- बालिका शिक्षा को विशेष महत्व।
- वैकल्पिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण।
- अध्यापक दक्षता में वृद्धि।
- सामुदायिक सहायता एवं समानता पर बल।
प्रश्न 29. 'सम्पूर्ण साक्षरता अभियान' की किन्ही तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: सम्पूर्ण साक्षरता अभियान की तीन विशेषताएँ -
- सम्पूर्ण साक्षरता अभियान को संचालित करने के लिए जिला स्तर पर पंजीकृत समितियों को अनुमति प्रदान की गयी है।
- सम्पूर्ण साक्षरता अभियान की सफलता पूर्णतया जनता की अभिप्रेरणा एवं सामुदायिक सहयोग पर आधारित है।
- सम्पूर्ण साक्षरता अभियान लक्ष्योन्मुखी है केवल नामांकन वृद्धि करना इसका उद्देश्य नहीं है।
प्रश्न 30. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में 'प्रारम्भिक शिक्षा' से क्या आशय है?
उत्तर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में प्रारम्भिक शिक्षा से आशय कक्षा 1 से 8 तक 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। भारत की संसद का आरटीई अधिनियम 4 अगस्त 2009 को अधिनियमित किया गया था और 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ था। इसके प्रावधान के कारण इस अधिनियम को बच्चों के निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिकार के रूप में भी जाना जाता है। 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. हमारे देश में 'राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना' की आवश्यकता क्यों महसूस की गई ?
उत्तर: हमारे देश में राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना की आवश्यकता बालश्रमिकों के पुनर्वास एवं बालश्रम समस्या को पूर्णरूपेण दूर करने के लिए हुई। प्रथम चरण में बाल श्रमिकों को सर्वेक्षण द्वारा चिन्हित किया जाता है, फिर उन्हें उनकी परिस्थितियों से निकालकर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जाता है। प्रारम्भ में राष्ट्रीय बालश्रम योजना से 100 जनपद आच्छादित थे। दसवीं पंचवर्षी योजना (2002-07) में राष्ट्रीय बालश्रम योजना को आगे बढ़ाने का निश्चय हुआ जिसके अन्तर्गत निम्नवत प्रयास किये गये-
- बालश्रम अधिनियम (1986) का सख्ती से क्रियान्वयन होगा।
- कालांतर में तय किया गया कि और अधिक जनपदों में एन.सी.एल.पी. संचालित किया जाए।
- उन कार्यक्रमों तथा विभागों का प्रभावी समन्वयन होगा बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था हो सकेगी।
प्रश्न 32. 'न्यूनतम् अधिगम स्तर' की अवधारणा स्पष्ट कीजिए। यह प्राथमिक स्तर की शिक्षा की गुणवत्ता के लिए किस प्रकार सहायक है?
उत्तर: न्यूनतम अधिगम स्तर मूलरूप से एक ऐसा उपागम है जो मानता है कि सभी छात्र किसी भी कार्य को न्यूनतम स्तर तक सीख सकते हैं। सभी शिक्षण कार्य सीखे नही जा सकते हैं। सभी उद्देश्य को प्राप्त नही किया जा सकता है।
न्यूनतम अधिगम स्तर प्राथमिक स्तर की शिक्षा की गुणवत्ता के लिए इस प्रकार सहायक है जो निम्नलिखित है -
- अपव्यय एवं अवरोधन
- छात्रो के स्तर में अन्तर
- शिक्षा का गिरता हुआ स्तर
प्रश्न 33. 'शिक्षा बिना बोझ' के इस सन्दर्भ में यशपाल समिति के मुख्य सुझाव क्या थे?
उत्तर: "शिक्षा बिना बोझ" के सन्दर्भ में यशपाल समिति के सुझाव :-
- पब्लिक स्कूलों की प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के स्कूल बस्ते का औसत भार चार किग्रा के लगभग है।
- हमारे शिक्षा की सबसे बड़ी त्रुटि यह है कि बच्चों को पढ़ाते ज्यादा हैं और समझाते कम हैं।
- हम जिस बोझ का अध्ययन करना चाहते हैं वह न केवल भौतिक बोझ है बल्कि सीखने का बोझ भी है जिसका असर बच्चों पर सीधा पड़ता है।
- बचपन में विशेषकर मध्यम वर्ग के बच्चे गृहकार्य, ट्यूशन, कोचिंग संस्थाओं में भाग लेने के लिए विवश हो जाते हैं। अवकाश उनके लिए दुर्लभ हो गया है।
प्रश्न 34. "केन्द्रीय दस्तकारी के द्वारा सम्पूर्ण शिक्षा नहीं दी जा सकती है।" इस कथन के आधार पर बुनियादी शिक्षा की समीक्षा कीजिए।
उत्तर: गाँधी जी ने वर्धा सम्मेलन 1937 में भारतीय शिक्षाविदो के सम्मुख बुनियादी शिक्षा योजना को प्रस्तुत किया। गाँधी जी ने बुनियादी शिक्षा योजना का आधार एक बेसिक क्राफ्ट को रखा और उनका उद्देश्य था कि शिक्षा का कार्य सिर्फ मानसिक शिक्षण देना ही नहीं वरन उसका आधार हाथ व ज्ञानेन्द्रियों के माध्यम से शिक्षा का प्रारम्भ करके उसे मानसिक स्तर पर पहुंचाना है और साथ ही मानव के हृदय व उसकी आत्मा का उन्नयन करना है।
प्रश्न 35. सन् 1813 के आज्ञापत्र ने भारतीय शिक्षा के इतिहास को किस प्रकार एक नई दिशा प्रदान की ?
उत्तर: वर्ष 1813 में ब्रिटेन की संसद द्वारा पारित चार्टर अधिनियम में भारतीय शिक्षा के विकास हेतु प्रतिवर्ष 1 लाख रूपये के अनुदान का प्रावधान किया गया। मैकाले के विवरण पत्र से भारत के लिए प्राच्य-पाश्चात्य ज्ञान-विज्ञान का द्वार खुल गया क्योंकि अंग्रेजी भाषा को माध्यम के रूप में स्वीकृत किये जाने पर पाश्चात्य वैज्ञानिक ज्ञान भारतीयों के लिए सुलभ हो गया।
प्रश्न 36. 'निस्पन्दन सिद्वान्त' क्या है?
उत्तर: भारत में शिक्षा के विस्तार के विषय में एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी था कि जनता को शिक्षित किया जाये या किसी वर्ग विशेष को उच्च शिक्षित किया जाये। व्यापारियों की कम्पनी होने के कारण ईस्ट इण्डिया भारतीयों की शिक्षा पर कम से कम धन व्यय करना चाहती थी। लार्ड मैकाले जन साधारण को शिक्षा देने के पक्ष में नहीं था। उसका विचार था कि उच्च वर्ग का निर्माण अति आवश्यक है। जो शिक्षा पाने के बाद हमारे बीच दु-भाषियों का कार्य कर सकें।
1837 में लिखा है कि वर्तमान समय में हमारा उद्देश्य निम्न वर्गों के लोगों को प्रत्यक्ष रूप से शिक्षा देना नही है, बल्कि हमारा उद्देश्य ऐसे वर्ग का निर्माण करना है जो अपने देशवासियों में उस शिक्षा का कुछ अंग वितरित कर सके। इसलिए वह उच्च वर्ग के सम्पन्न लोगों को शिक्षा प्रदान करना चाहता था। उसने यह सिद्धान्त प्रतिपादित किया कि शिक्षा की व्यवस्था केवल उच्च वर्ग के व्यक्तियों के लिए की जाये, जहाँ से वह स्वतः छनकर निम्न वर्ग में पहुंच जायेगी। इस सिद्धान्त को अधोगामी निस्पन्दन सिद्धांत कहा जाता है।
प्रश्न 37. 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986' के अन्तर्गत प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन हेतु दिए गए सुझाव लिखिए।
उत्तर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अन्तर्गत प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन हेतु दिये गये सुझाव -
- 14 वर्ष की आयु तक के बालकों हेतु सार्वभौमिक स्थायित्व।
- शिक्षा में गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार पर जोर दिया जायेगा।
- बालकों के संज्ञानात्मक अधिगम में वृद्धि होनी चाहिए।
- विद्यालय में शारीरिक दण्ड की प्रथा को बिल्कुल समाप्त कर देना चाहिए।
प्रश्न 38. 'पूर्व-प्राथमिक शिक्षा' की मुख्य समस्याएँ क्या हैं ?
उत्तर: पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की मुख्य समस्याएँ-
- पूर्व प्राथमिक शिक्षा का महँगी होना
- स्नेह रहित शिक्षक
- दोषपूर्ण शिक्षण प्रक्रिया
- अनुपयुक्त पाठ्यक्रम
- उद्देश्यों की अस्पष्टता
- दोषपूर्ण प्रबंध व्यवस्था
- अनुसंधान एवं नवाचार की कमी
- पूर्व प्राथमिक शिक्षा के साथ एक और समस्या यह है कि यह विभिन्न उम्र के छात्रों के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित नहीं है
- इससे जीवन में बाद में कम उपलब्धि या ड्रॉप आउट दर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
प्रश्न 39. शिक्षा का सार्वभौमीकरण से क्या अभिप्राय है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: शिक्षा के सार्वभौमीकरण से तात्पर्य शिक्षा के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव से है। विश्व के सभी देश के स्कूल अपने-अपने देश के बच्चों को अपने देश से प्रेम करने की शिक्षा तो देते हैं लेकिन सारे विश्व से प्रेम करना नही सिखाते हैं। यदि विश्व सुरक्षित रहेगा तभी उसके देश सुरक्षित रहेंगे। लोकतंत्र में जाति-धर्म रंग-भेद आदि का भेद-भाव किये बिना सभी को अपने व्यक्तित्व का पूर्ण विकास करने के लिए समान शिक्षा के अवसर प्रदान किये जाने चाहिए।
प्रश्न 40. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धान्तों की विवेचना कीजिए।
उत्तर: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धान्तों की विवेचना-
- ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना।
- यह सुनिश्चित करना कि अधिगम को कण्ठस्थ विधि से दूर रखा जाए।
- पाठ्यपुस्तकों से पूरे पाठ्यक्रम से समृद्ध करना।
- प्राथमिक स्तर पर भाषा का माध्यम मातृभाषा में होना चाहिए।
- प्रत्येक बच्चे की परिवेशीय विशिष्टता एवं अनुभव को मान्यता हो।
- बच्चों को सक्रिय सीखने वालों के रूप में पहचानना न कि निष्क्रिय ग्रहणकर्ता के रूप में।
- क्रियाकलापों के आधार पर बच्चों के अवलोकन एवं मूल्यांकन की दक्षता।
- तथ्यों एवं सूचनाओं को ज्ञान समझने के स्थान पर अनुभव के माध्यम से निर्मित मानने की दक्षता हो।