बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. जब कोई बालक किसी भी अवस्था में प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण किए बिना ही विद्यालय छोड़कर चला जाता हैं, तो कहलाता हैं-
(a) अवरोध
(b) ह्वास
(c) पृथक्करण
(d) अपव्यय
उत्तर: (d) : अपव्ययः प्राथमिक शिक्षा पूरी होने से पहले किसी भी स्तर पर बच्चें का समय से पहले स्कूल छोड़ देना 'अपव्यय' कहलाता है।
प्रश्न 2. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद का मुख्यालय कहाँ स्थित हैं?
(a) लखनऊ
(b) भुवनेश्वर
(c) मद्रास
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (d) : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित हैं।
प्रश्न 3. उत्तर प्रदेश में 'मिड डे मील' योजना का शुभारम्भ किस वर्ष हुआ?
(a) 1990-91
(b) 1997-98
(c) 1995-96
(d) 1999-20000
उत्तर: (c) : उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील योजना का शुभारम्भ वर्ष 1995-96 में शुरू की गयी माध्याह भोजन भारत सरकार का एक स्कूल भोजन कार्यक्रम हैं।
प्रश्न 4. निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम - 2009 कितने अध्यायों मे विभक्त हैं?
(a) चार
(b) दो
(c) सात
(d) तीन
उत्तर: (c) : निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 सात अध्यायों में विभक्त हैं। भारत के संविधान के मौलिक अधिकारों में सम्मिलित अनुच्छेद 21A के साथ RTE अधिनियम 2009, 1 अप्रैल 2010 से लागू हो गया है।
प्रश्न 5. नवोदय विद्यालय की स्थापना किस आयोग / नीति की संस्तुति पर की गयी?
(a) कोठारी आयोग (1964-66)
(b) माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952)
(c) नई शिक्षा नीति (1986)
(d) नई शिक्षा नीति (1968)
उत्तर: (c) : नवोदय विद्यालय की स्थापना नई शिक्षा नीति (1986) National Education policy 1986) के अनुसार की नई थी इस नीति में ऐसे आवासीय विद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव था, जिन्हे जवाहर नवोदय विद्यालय कहा जाएगा।
प्रश्न 6. शिक्षक - शिक्षा हेतु नियामक संस्था हैं-
(a) NCTE
(b) ENERT
(c) GTE
(d) MGRD
उत्तर: (a) : शिक्षक शिक्षा के लिए नियामक संस्था राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) है यह भारत सरकार का एक वैधानिक निकाय है जो शिक्षक शिक्षा को विनियमित और नियंत्रित करता है।
प्रश्न 7. शिक्षा को किस 'सूची' में रखा गया है?
(a) केन्द्रीय सूची
(b) समवर्ती सूची
(c) राज्य सूची
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : शिक्षा को भारतीय संविधान की समवर्ती सूची में रखा गया है 1976 के 42 वें संविधान संशोधन के माध्यम से इसे राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
प्रश्न 8. "सरकार को समाज के उच्च वर्गो में उच्च शिक्षा का प्रसार करना चाहिए, जिनके पास अध्ययन के लिए अवकाश है और जिनकी संस्कृति जनता में छनकर पहुँचती हैं" यह कथन किस सिद्धान्त की पुष्टि करता हैं।
(a) निष्यन्दन का सिद्धान्त
(b) पुनर्बलन का सिद्धान्त
(c) प्राच्य पाश्चात्य विवाद
(d) हण्टर आयोग
उत्तर: (a) : सरकार को समाज के उच्च वर्गों में उच्च शिक्षा का प्रसार करना चाहिए, जिनके पास अध्ययन के लिए अवकाश है और जिनकी संस्कृति जनता में छनकर पहुंचती है। यह कथन 'निष्यन्दन का सिद्धांत' की पुष्टि करता है।
प्रश्न 9. राष्ट्रीय शिक्षा आयोग (1964-66) अन्य किस नाम से जाना जाता हैं?
(a) मुदालियर आयोग
(b) कोठारी आयोग
(c) राधा कृष्णन
(d) हण्टर कमीशन
उत्तर: (b) : राष्ट्रीय शिक्षा आयोग (1964-66) को कोठरी आयोग के नाम से भी जाना जाता है यह आयोग 1964 में डॉ. दौलत सिंह कोठारी की अध्यक्षता में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए गठित किया गया था।
प्रश्न 10. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना का क्षेत्र हैं-
(a) ग्रामीण
(b) नगरीय
(c) (1) और (2) दोनों
(d) मेट्रो
उत्तर: (a) : कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना का क्षेत्र ग्रामीण हैं। कस्तरबा गाँधी बालिका विद्यालय जुलाई 2004 से भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रमुख कार्यक्रमों में से एक हैं, यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसका उद्देश्य पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद और वंचित समूहों की लड़कियो के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूत करना है।
प्रश्न 11. "सम्पूर्ण साक्षरता अभियान" का प्रेरक वाक्य हैं-
(a) एक पढ़ाये एक
(b) एक पढ़ाये दो
(c) दो पढ़ाये एक
(d) सब पढ़ायें सब
उत्तर: (a) : सम्पूर्ण साक्षरता अभियान का प्रेरक वाक्य 'एक पढ़ाये एक' है। सम्पूर्ण साक्षरता अभियान (Total literacy campaign) एक ऐसी पहल थी। जिसका उद्देश्य था सभी को साक्षर करना। इसका प्रेरक वाक्य 'एक पढ़ाये एक' था।
प्रश्न 12. स्कूली शिक्षा के शैक्षिक बोझ को कम करने से सम्बन्धित समिति के अध्यक्ष हैं-
(a) प्रो. यशपाल
(b) प्रो. डी. एस कोठारी
(c) प्रो. बी. के. पासी
(d) डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
उत्तर: (a) : स्कूली शिक्षा के शैक्षिक बोझ को कम करने से सम्बंधित समिति के अध्यक्ष 'प्रो. यशपाल' हैं इस समिति का मुख्य उद्देश्य सभी स्तरों पर स्कूली छात्रों पर बोझ को कम करने की विधियों और सलाह देना था।
प्रश्न 13. लार्ड कर्जन ने 'शिमला शिक्षा सम्मेलन' का आयोजन कब किया ?
(a) सन् 1901
(b) सन् 1900
(c) सन् 1904
(d) सन् 1905
उत्तर: (a) : लार्ड कर्जन ने शिमला शिक्षा सम्मेलन का आयोजन 1901 में किया था। यह सम्मेलन भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आयोजित किया गया था।
प्रश्न 14. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की समीक्षा के लिए श्री राममूर्ति की अध्यक्षता में समिति का गठन कब किया गया?
(a) सन् 1992
(b) सन् 1990
(c) सन् 1988
(d) सन् 1968
उत्तर: (b) : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की समीक्षा के लिए श्री राममूर्ति की अध्यक्षता में समिति का गठन सन् 1990 में किया गया था।
प्रश्न 15. 'बाल अधिकार का प्रस्ताव पारित किया-'
(a) संयुक्त राष्ट्र संघ
(b) यूनेस्को
(c) भारत सरकार
(d) विश्व बैंक
उत्तर: (a) : बाल अधिकार का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ ने पारित किया। जिसे 1989 में अपनाया गया था इसके अलावा, 1959 में बाल अधिकारों की घोषण भी संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित की गई थी
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना किस शिक्षा आयोग/नीति की संस्तुति पर हुई?
उत्तर: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) की स्थापना 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) की संस्तृति पर हुई थी इस नीति में (DIET) को शिक्षकों के सेवाकालीन प्रशिक्षण और शैक्षिक सुधार के लिए संसाधन केंद्र के रूप में स्थापित करने की सिफारिश की गई थी।
प्रश्न 17. हंसा मेहता समिति 1962 के प्रमुख सुझावों को लिखिए।
उत्तर: हंसा मेहता समिति 1962 के प्रमुख सुझावः हंसा मेहता समिति को 1962 में श्रीमती हंसा मेहता की अध्यक्षता में राष्ट्रीय महिला शिक्षा के सभी स्तरों पर लड़कों और लड़कियों के लिए पाठ्यचर्या के विभेदीकरण की सावधानी पूर्वक जांच करना था।
प्रश्न 18. स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम क्या है?
उत्तर: स्कूल रेडिनेस प्रोग्रामः स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम (School Readiness program) का मतलब है बच्चों को पहली कक्षा में स्कूल के लिए तैयार करना। यह प्रोग्राम बच्चों को स्कूल के माहौल से सहज बनाने और उनकी शिक्षा के लिए आधार तैयार करने पर केंद्रित हैं।
प्रश्न 19. (P-MOST) एवं NPEGEL का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: P- MOST का पूरा नाम "मास ओरिएंटेशन कार्यक्रम" (Mass Orientation Programme) हैं, जबकि (NPEGEL) का पूरा नाम 'प्राथमिक स्तर पर लड़कियों की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' NPEGEL (National, Programme for Education of Girls at Elementary level) है।
प्रश्न 20. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के अनुसार एक आदर्श शिक्षक के गुणों को लिखिए।
उत्तर: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार एक आदर्श शिक्षक के कई गुण होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख गुण हैंः सुविधादाता, उत्प्रेरक, सक्रिय शिक्षार्थी चहुमुखी विकास, न्यायप्रिय, संवेदनशील, और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला शिक्षक आदि।
प्रश्न 21. शैक्षिक उन्नयन में ब्लाक संसाधन केन्द्रो की क्या भूमिका हैं।
उत्तर: शैक्षिक उन्नयन में ब्लाक संसाधन केन्द्रो की भूमिकाः- ब्लॉक संसाधन केंद्र (बी.आर.सी) शैक्षिक उन्नयन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं वे शैक्षिक सहायता प्रदान करते हैं। शिक्षक प्रशिक्षण आयोजित करते हैं और शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करते हैं।
प्रश्न 22. ECCE का पूरा नाम एवं इसका उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: (ECCE) का पूरा नाम प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (Early childhood care and education) है। इसका उद्देश्य बच्चों के जन्म से लेकर 6 वर्ष तक के शुरूआती वर्षों में उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना है।
प्रश्न 23. "शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में" प्रारम्भिक शिक्षा से क्या आशय हैं?
उत्तर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में, 'प्रंभिक शिक्षा' से तात्पर्य पहली से आठवीं कक्षा तक की शिक्षा से हैं। यह अधिनियम 6 से 14 के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता हैं जिसमें पहली से आठवीं कक्षा तक की शिक्षा शामिल है।
प्रश्न 24. भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा के विकास से सम्बन्धित अनुच्छेद कौन सा हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 351 हिन्दी भाषा के विकास से सम्बंधित है। यह अनुच्छेद संघ को हिन्दी भाषा का प्रसार करने और उसके विकास के लिए निर्देशित करता है ताकि वह भारत की समग्र संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके।
प्रश्न 25. "स्कूल चलो अभियान" कब प्रारम्भ किया गया?
उत्तर: प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने और सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश में 2001-2002 में "स्कूल चलों अभियान" शुरू किया गया था।
प्रश्न 26. सर्वशिक्षा अभियान की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: सर्वशिक्षा अभियान की दो मुख्य विशेषताएँ:-
(1) प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
(2) शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार
- प्राथमिक शिक्षा का सार्वभौमीकरणः यह अभियान 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुक्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
- शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधारः यह अभियान शिक्षक प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे में सुधार और पाठ्यपुस्तक वितरण के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर भी ध्यान केन्द्रित करता हैं, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकें।
प्रश्न 27. डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन से सम्बन्धित आयोग का नाम लिखिए।
उत्तर: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से संबंधित आयोग का नाम विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (University Education Commission) है, जिसे राधाकृष्णन आयोग के नाम से भी जाना जाता है। यह आयोग भारत सरकार द्वारा 1948 में भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा की समीक्षा और सुधार के लिए नियुक्त किया गया था।
प्रश्न 28. मिशनरी स्कूल की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: मिशनरी स्कूल की दो प्रमुख विशेषताएं:-
(1) शिक्षा के साथ साथ धर्म का प्रचार
(2) अनुशासन और नैतिक शिक्षा
- शिक्षा के साथ साथ धर्म का प्रचारः- मिशनरी स्कूल में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बहुत महत्व दिया जाता है जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होता है।
प्रश्न 29. DPEP परियोजना का मुख्य कार्य क्या हैं।
उत्तर: DPEP परियोजना का मुख्य कार्य:- DPEP जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम) परियोजना का मुख्य कार्य प्राथमिक शिक्षा के लिए सुलभ बनाना हैं, विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित बच्चों के लिए यह भारत में प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण को प्राप्त करने की एक प्रमुख पहल है जिसमें विक्रेद्रीकृत प्रबंधन भागीदारी और क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाता है।
प्रश्न 30. Basic शिक्षा अधिनियम कब पारित हुआ?
उत्तर: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम 1972 में पारित हुआ था। इस अधिनियम को 19 अगस्त, 1972 को उत्तर प्रदेशीय सरकारी असाधारण गजट में प्रकाशित किया गया था, यह अधिनियम भारत गणराज्य के तेईसवें वर्ष में बनाया गया था।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का उल्लेखः- प्रारंभिक शिक्षा में कई समस्याएं है जैसे कि शिक्षकों की कमी अवसंरचना की कमी, और गुणवत्ता में असमानता इसके अलावा, बच्चों के लिए पर्याप्त संसाधन जैसे कि किताबें और खेल का मैदान, उपलब्ध नहीं होते हैं। कई ग्रामीण और गरीब बच्चे शिक्षा तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं, जबकि कुछ बच्चे स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
प्रारंभिक शिक्षा की प्रमुख समस्याएं:-
- शिक्षकों की कमीः कई प्राथमिक विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- अवसंरचना की कमीः कई स्कूलों में बुनियादी अवसंरचना की कमी होती है, जैसे कि पानी, बिजली और शौचालय।
- गुणवत्ता में असमानताः ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में भारी अंतर होता है।
- संसाधनां का अभावः कई स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त किताबे, खेल का मैदान, अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं होते है।
- माता-पिता की भागीदारीः कुछ माता पिता बच्चों की शिक्षा के प्रति लापरवाह होते हैं जिससे उनकी शिक्षा बाधित होती है।
प्रश्न 32. "कोठोरी आयोग" के पंचमुखी कार्यक्रम का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कोठारी आयोग के पंचमुखी कार्यक्रमः कोठारी आयोग ने अपने पंचमुखी कार्यक्रम में शिक्षा के पांच पहलुओं- शारीरिक, व्यावहारिक, कलात्मक, नैतिक और बौद्धिक को शामिल किया। यह कार्यक्रम शिक्षा के विभिन्न पहलुओं के बीच संतुलन स्थापित करने पर केंन्द्रित था।
पचंमुखी कार्यक्रम के पांच घटकः-
- शारीरिक शिक्षाः शारीरिक विकास और स्वास्थ्य के लिए गतिविधियों पर जोर दिया गया, जैसे कि खेल, व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण।
- व्यावहारिक शिक्षाः व्याहारिक कौशल और जीवन के लिए आवश्यक ज्ञान को विकसित करने पर ध्यान दिया गया, जैसे कि गृह विज्ञान, कृषि और तकनीकी शिक्षा आदि।
- कलात्मक शिक्षाः- कला, संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक गतिविधयों के माध्यम ये सौंदर्यबोध और रचनात्मकता को बढ़ावा देना।
- नैतिक शिक्षाः नैतिक मूल्यों सिद्धांतों और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा को शामिल किया गया, जैसे कि ईमानदारी, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी आदि।
- بौद्धिक शिक्षाः बौद्धिक क्षमता ज्ञान और समझ के विकसित करने पर ध्यान दिया गया, जैसे कि गणित, विज्ञान भाषा और सामाजिक अध्ययन आदि।
प्रश्न 33. 'आपरेशन ब्लैक बोर्ड' क्या हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: आपरेशन ब्लैक बोर्ड: 'ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड' एक शैक्षिक योजना थी। जिसे भारत सरकार द्वारा 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 1987-88 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना था।
आपरेशन ब्लैक बोर्ड की विशेषताएं:-
- प्राथमिक विद्यालयों में सुविधाओं का प्रावधानः- योजना के तहत, प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम दो कक्षाएं, दो शिक्षक (एक महिला), ब्लैकबोर्ड, मानचित्र, प्रयोगशाला उपकरण, पुस्तकालय और खेल का मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
- शिक्षक प्रशिक्षणः शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे प्रभावि ढंग से पढ़ा सकें और शिक्षण सामग्री का उपयोग कर सकें।
- महिलाओं को प्राथमिकताः योजना के तहत शिक्षकों के पदों पर 50% महिलाओं को आरक्षित किया गया था।
- केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायताः योजना के तहत, राज्य सरकारों को केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तीय सहायता दी गई थी।
- शैक्षिक गुणवत्ता में सुधारः ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना था।
प्रश्न 34. 'राधाकृष्णन आयोग' की प्रमुख विशेषताएँ का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 'राधाकृष्णन आयोग' की प्रमुख विशेषतायेः राधाकृष्णन आयोग, जिसे विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग भी कहा जाता है, की प्रमुख विशेषताएं शिक्षा के स्तर में सुधार, शिक्षकों की स्थिति में सुधार, और विश्वविद्यालय प्रशासन में बदलाव पर केंद्रित थी। आयोग ने शिक्षा के उद्देश्य को स्पष्ट किया, शिक्षकों के लिए एक मजबूत प्रणाली स्थापित की, और उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने पर जोर दिया।
(1) शिक्षा के लक्ष्यः-
- लोकतंत्र के लिए प्रशिक्षित करना
- आत्म विश्वास के लिए प्रशिक्षण देना
- सामजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए शिक्षा को एक उपकरण बनाना।
(2) शिक्षण संकायः-
- शिक्षकों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाना चाहिए: प्राफेसर, पाठक, व्याख्याता और प्रशिक्षक
- योग्यता के आधार पर पदोन्नति होनी चाहिए।
- शिक्षकों के लिए उच्च वेतन और बेहतर सेवा शर्ते होनी चाहिए।
(3) शिक्षण का स्तरः-
- विश्वविद्यालयों में 3000 से अधिक और उनसे जुड़े कॉलेजों में 1500 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या नहीं होनी चाहिए।
- विश्वविद्यालयों और कालेजों में 12 वर्ष की विद्यालयी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ही प्रवेश देना चाहिए।
- पाठ्यक्रम में भारतीय भाषाओं, संस्कृति को बढ़ावाः- उन्होने पाठ्यक्रम में भारतीय भाषाओं, संस्कृति को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 35. शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य पाश्चात्य विवाद क्या हैं?
उत्तर: शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य पाश्चात्य विवादः शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य पाश्चात्य विवाद भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शिक्षा के स्वरूप को लेकर हुए एक प्रमुख विवाद को दर्शाता है।
यह विवाद मुख्यतः दो गुटों के बीच था-
- प्राच्यविद
- आंग्लविद
प्राच्यविद शिक्षा के सर्मथक थे, जो पारंपरिक भारतीय भाषाओं और साहित्य को बढ़ावा देने के पक्ष में थे। आग्लाविद, दूसरी ओर, अंग्रेजी के माध्यम से पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा देने के पक्ष में थे।
- यह विवाद 1813 के चार्टर एक्ट के तहत भारत में शिक्षा के लिए धन आवंटित किए जाने के बाद शुरू हुआ इस धन का उपयोग किस प्रकार की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए, इस पर प्राच्यविद और आंग्लविद के बीच मतभेद थे।
- प्राच्यविद चाहते थे कि यह धन भारतीय भाषाओं और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाए, जबकि आंग्लविद चाहते थे कि यह धन पश्चिमी साहित्य और विज्ञान की शिक्षा के लिए उपयोग किया जाए।
- यह विवाद 1835 में लॉर्ड मैकाले द्वारा निर्धारित एक नीति के साथ समाप्त हुआ, जिसमें अंग्रेजी को भारत में शिक्षा का माध्यम बनाने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय ने आंग्लविद गुट को जीत दिलाई और प्राच्यविद गुट को हार का सामना करना पड़ा।
- यह विवाद भारत में शिक्षा के स्वरूप को लेकर एक महत्वपूर्ण घटना थी। इसने भारत में शिक्षा प्रणाली के भविष्य को आकार दिया और शिक्षा के माध्यम और सामग्री के बारे में महत्पूर्ण बहस पैदा की।
प्रश्न 36. भारतीय शिक्षा में लार्ड कर्जन का क्या योगदान हैं?
उत्तर: भारतीय शिक्षा में लार्ड कर्जन का क्या योगदानः- लार्ड कर्जन ने भारतीय शिक्षा में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उन्होनें शिक्षा पर ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण कों बढ़ाने के लिए भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम 1904 पारित किया, जिससे विश्वविद्यालयों में बेहतर प्रबंधन और शिक्षा प्रणाली का विकास हुआ।
- केन्द्रीय शिक्षा विभाग की स्थापनाः लार्ड कर्जन ने केन्द्रीय शिक्षा विभाग की स्थापना की, जिससे शिक्षा की नीति लागू करना और शिक्षा की व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से हुई ।
- प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावाः उन्होनें प्राथमिक शिक्षा में संख्यात्मक वृद्धि और गुणात्मक उन्नयन के लिए आर्थिक सहायता की धनराशि बढ़ाई जिससे प्राथमिक शिक्षा में सुधार हुआ।
- विश्वविद्यालय आयोग की नियुक्तिः 1902 में, उन्होने भारतीय विश्वविद्यालय आयोग की नियुक्ति की, जिसके बाद 1904 में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया।
- भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम 1904:- इस अधिनियम ने विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को बढ़ावा और शिक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित किया।
प्रश्न 37. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संरचना शिक्षक शिक्षा 2009 की आवश्यकता एवं महत्व बताइए।
उत्तर: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संरचना शिक्षक शिक्षा 2009 की आवश्यकता एवं महत्वः राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संरचना (शिक्षक शिक्षा) (NCFTE-2009) की आवश्यकता और महत्व शिक्षक शिक्षा को आधुनिक बनाने, उसे अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाने के लिए है। यह संरचना शिक्षक शिक्षा में सुधार, पेशेवर विकास और उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षक तैयार करने पर केंद्रित हैं।
NCFTE 2009 की आवश्यकताएं:-
- शिक्षक शिक्षा को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनानाः- यह संरचना शिक्षक शिक्षा को शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में परिर्वतन लाने और शिक्षकों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तैयार करती है।
- शिक्षक शिक्षा को पेशेवर बनानाः NCFTE 2009 शिक्षक शिक्षा को एक पेशेवर क्षेत्र के रूप में मान्यता देता है। और शिक्षाकं को पेशेवर विकास के अवसर प्रदान करता है।
- शिक्षक शिक्षा को निरंतर और आजीवन बनानाः यह संरचना शिक्षकों को निरंतर सीखने और विकास के लिए प्रोत्साहित करती है।
NCFTE 2009 महत्वः-
- शिक्षक शिक्षा में सुधार लानाः यह संरचना शिक्षक शिक्षा में सुधार लाने में मदद करती है, जिससे शिक्षक शिक्षा अधिक प्रासंगिक और प्रभावी हो जाती है।
- उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षक तैयार करनाः यह संरचना उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों तैयार करने में मदद करती है। जो बच्चों की शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 38. राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना क्या है? वर्णन कीजिए।
उत्तर: राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजनाः राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (NCLP), भारत सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा बाल श्रम को खत्म करने के लिए चलाई जाने वाली एक परियोजना है।
परियोजना के उद्देश्यः-
- सभी प्रकार के बाल श्रम को खत्म करना।
- खतरनाक व्यवसायों में काम करने वालें बच्चों को हटाना।
- जागरूकता बढ़ाना और बाल श्रम के मुद्रदों पर जागरूकता फैलाना।
परियोजना की कार्यप्रणालीः-
- बच्चों की पहचान करना और उन्हें काम से मुक्त करना।
- विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रम को एक साथ लाना।
- बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करना ताकि वे मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में वापस आ सकें।
परियोजना का प्रभावः-
- यह परियोजना बाल श्रम को कम करनें में मदद करती हैं।
- यह बच्चों को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मानिर्भर बनाता है।
प्रश्न 39. प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबन्ध समिति के गठन एवं कार्यो का वर्णन कीजिए।
उत्तर: प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबन्ध समिति के गठन एवं कार्यो का वर्णनः प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति (School Management Committee -SMC) का गठन शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य स्कूल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी को सुनिश्चित करना और विद्यालय के बेहतर संचालन में मदद करना है।
गठनः-
- सदस्यताः SMC में अधिकतम 21 सदस्य हो सकते हैं जिनमें से कम से कम 50% महिलाए होनी चाहिए।
- कार्यकालः SMC का कार्यकाल तीन साल का होता है
- साधारण सभा प्राथमिक विद्यालयों में SMC का गठन स्कूल की साधारण सभा द्वारा किया जाता है, जिसमें विद्यालय के अभिभावक, शिक्षक और समुदाय के अन्य सदस्य शामिल होते हैं।
कार्य :-
(1) विद्यालय की निगरानी
(2) विद्यालय विकास योजना
(3) अनुदान का उपयोग
(4) अभिभावक शिक्षक बैठक
(5) सामुदायिक भागीदारी
(6) आर. टी.ई अधिनियम का कार्यान्वयन
(7) निःशक्त बच्चों के लिए सुविधा
(8) शिक्षा में सुधार
प्रश्न 40. 'सर्व शिक्षा अभियान' के सफल क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा कौन कौन से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं?
उत्तर: 'सर्व शिक्षा अभियान' के सफल क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा चलाएँ जा रहे कार्यक्रमः -
- नए स्कूल बनाना और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करनाः- जिन क्षेत्रों में स्कूल नहीं हैं वहाँ नए स्कूल बनाए जा रहे हैं और मौजूद स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कक्षाएं, शौचालय और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- शिक्षकों को प्रशिक्षित करनाः शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों और कक्षा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है
- पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री का विकासः प्रभावी शिक्षण के लिए बच्चों की आयु और जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री विकसित की जा रही है।
- बच्चों को मुक्त शिक्षा और सामग्री प्रदान करनाः बच्चों को मुक्त में पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और स्कूल के आवश्यक समान दिए जा रहे हैं।
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बढ़ावा देनाः विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहें है।