बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. बाल अधिकार का प्रस्ताव पारित किया-
(a) संयुक्त राष्ट्र संघ
(b) भारत सरकार
(c) यूनेस्को
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) : बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (Convention on the Rights of the child) को 20 नवंबर 1989 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया गया था। यह 1990 में लागू हुआ और 193 देशों ने इसकी पुष्टि की है।
प्रश्न 2. शिक्षा को संविधान की किस अनुसूची में रखा गया है?
(a) केन्द्रिय सूची
(b) राज्य सूची
(c) समवर्ती सूची
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर: (c) : शिक्षा को 1976 ई. में समवर्ती सूची में स्थान दिया गया। समवर्ती सूची के अन्तर्गत केन्द्र व राज्य सरकार दोनों को कानून बनाने का अधिकार है।
प्रश्न 3. भारत में आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता किसे माना जाता है?
(a) चार्ल्स ग्राण्ट
(b) क्लाइव
(c) बैंटिक
(d) कार्नवालिस
उत्तर: (a) : चार्ल्स ग्राण्ट को आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता माना जाता है क्योंकि अंग्रेजी सिखाने के लिए स्कूलों का जाल बिछा देने का विचार सबसे पहले इनके ही मन में आया था। वास्तव में, अंग्रेजी शिक्षा की अग्रिम रूपरेखा का निर्माण चार्ल्स ग्राण्ट ने ही किया था।
प्रश्न 4. निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किस अनुच्छेद के द्वारा बनाया गया है?
(a) 21 (क)
(b) 27
(c) 29 (ग)
(d) 23 (क)
उत्तर: (a) : निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल अधिकार अधिनियम (RTE) 4 अगस्त 2009 को भारत सरकार द्वारा पारित किया गया था। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (क) के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का अधिकार देता है।
प्रश्न 5. वुड का घोषणा-पत्र किस वर्ष आया?
(a) 1857
(b) 1889
(c) 1854
(d) 1851
उत्तर: (c) : वुड का घोषणा-पत्र -
- सन् 1854 तक सभी प्रांतों में शिक्षा विभागों की स्थापना हो गई।
- सभी स्तर के स्कूलों तथा कॉलेजो की स्थापना हो गई।
- शिक्षा राज्य का दायित्व माना जाने लगा तथा राज्य के नियंत्रण में आ गई।
- उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी कर दिया गया।
- शिक्षा की पाठ्यचर्या में पाश्चात्य ज्ञान-विज्ञान का विस्तार कर दिया गया।
प्रश्न 6. देश के प्रत्येक जनपद में डायट की स्थापना की संस्तुति किस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की गयी ?
(a) 1986
(b) 1978
(c) 1981
(d) 1991
उत्तर: (a) : देश के प्रत्येक जनपद में डायट (जिला शिक्षक एवं प्रशिक्षण संस्थान) की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत की गई थी। इस नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा को विकेन्द्रीकृत करने और शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए जिला स्तर पर संस्थानों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया गया था।
प्रश्न 7. निस्पन्दन या छनाई सिद्धान्त के प्रतिपादक थे-
(a) बैटिंक
(b) आकलैण्ड
(c) मैकाले
(d) एडम स्मिथ।
उत्तर: (c) : शिक्षा छनाई का सिद्धान्त 'लार्ड मैकाले' के द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धान्त के अन्तर्गत ब्रिटिश सरकार केवल उच्च वर्ग को शिक्षित करना चाहती थी जो उनके अनुकूल हों जिससे उच्च वर्ग उनका भक्त बना रहे।
प्रश्न 8. सभी को शिक्षा उपलब्ध कराने से सम्बन्धित है-
(a) ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड
(b) नवोदय विद्यालय
(c) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद्
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d) :
- ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड- यह योजना 1987 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना था
- नवोदय विद्यालय- यह योजना 1974 में शुरू की गई थी इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा प्रदान करना था।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद- यह परिषद प्रत्येक जिले में शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए जिम्मेदार है।
प्रश्न 9. ह्रास (अपव्यय) की समस्या है-
(a) बीच में ही विद्यालय छोड़कर बच्चे का चला जाना
(b) बच्चे का अनुत्तीर्ण होना
(c) विद्यालय में अनुपस्थित रहना
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (c) : ह्रास (अपव्यय) की समस्या जब छात्र बीच में ही विद्यालय छोड़कर चले जाते हैं, तो यह ह्रास की समस्या पैदा करता है।
प्रश्न 10. BEP क्या है?
(a) बेसिक शिक्षा परियोजना
(b) जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम
(c) विद्यालय शिक्षा की तैयारी कार्यक्रम
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर: (a) : BEP का अर्थ है, बेसिक एजुकेशन प्रोग्राम। यह 1994 में शुरू किया गया भारत सरकार का एक कार्यक्रम था जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को सार्वभौमिक, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी बनाना था।
प्रश्न 11. मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य है-
(a) बच्चों के नामांकन में वृद्धि करना
(b) बच्चों को विद्यालय में पूरे समय तक रोके रखना
(c) स्कूल आने के लिए प्रेरित करना
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d) : मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य -
- जब बच्चों को विद्यालय में पौष्टिक भोजन मिलता है, तो नामांकन में वृद्धि होती है।
- जब बच्चों को विद्यालय में भोजन मिलता है, तो वे पूरे समय तक विद्यालय में रूके रहते हैं।
- जब बच्चों को विद्यालय में भोजन मिलता है तो वे विद्यालय आने के लिए प्रेरित होते हैं।
प्रश्न 12. भारत सरकार ने सन् 1992 में संशोधित कार्यान्वयन कार्यक्रम को कितने खण्डों में बाँटा है?
(a) 10 खण्डों में
(b) 23 खण्डों में
(c) 15 खण्डों में
(d) 8 खण्डों में।
उत्तर: (b) : भारत ने सन् 1992 में संशोधित कार्यान्वयन कार्यक्रम को 23 खण्डों में बाँटा है।
प्रश्न 13. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना का सुझाव दिया था-
(a) राममूर्ति समीक्षा समिति, 1990
(b) यशपाल, 1993
(c) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986
(d) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1968
उत्तर: (c) : ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड 1987 में आरम्भ हुआ था। यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरु की गई थी जिसका उद्देश्य देश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करना था। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अन्तर्गत बनायी गई थी।
प्रश्न 14. एन.पी.ई.जी.ई.एल. में किस कक्षा की अपवंचित लड़कियों के अध्ययन करने का प्रावधान है?
उत्तर: शिक्षा गारंटी योजना। यह योजना भारत सरकार द्वारा 2005 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग की उन लड़कियों को शिक्षा प्रदान करना है जो कभी स्कूल नहीं गई या बीच में ही स्कूल छोड़ चुकी हैं।
प्रश्न 15. जनशाला कार्यक्रम के अन्तर्गत कौन-सी संस्थाएँ वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही हैं?
(a) यू.एन.डी.पी.
(b) यू.एन.एस.पी.ए.
(c) यूनीसेफ
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d) : जनशाला कार्यक्रम भारत सरकार का एक कार्यक्रम है। जो प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से चलाया जाता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. स्वतंत्रता के समय भारत में साक्षरता कितने प्रतिशत थी?
उत्तर: भारत में साक्षरता स्वतंत्रता के समय 12% थी परन्तु वर्तमान समय में 79.00% हो गई है। (2011- सर्वे के अनुसार)
प्रश्न 17. लार्ड मैकाले ने अपने विवरण-पत्र में भारत में शिक्षा का क्या उद्देश्य बताया?
उत्तर: लार्ड मैकाले ने भारत में शिक्षा का उद्देश्य निम्न बताया-
- भारतीय लोगों को अंग्रेजी शिक्षा का ज्ञान देना और ब्रिटिश राज्य के हितों की रक्षा करना था।
- लार्ड मैकाले चाहता था कि भारतीय जनता को न्यायिक, सैन्य कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा में प्रशिक्षित किया जाए।
प्रश्न 18. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड का क्या उद्देश्य था?
उत्तर: ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड 1987 में आरम्भ हुआ था। यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरु की गई थी जिसका उद्देश्य देश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करना था।
प्रश्न 19. पोषाहार वितरण योजना में कितने कैलोरी ऊर्जा बालकों को देने की व्यवस्था है?
उत्तर: प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बालकों के भोजन में 450 कैलोरी व 12 ग्राम प्रोटीन आवश्यक होता है जो कि पोषाहार वितरण योजना में बालकों को देने की व्यवस्था है।
प्रश्न 20. एन.सी.एफ., 2005 का अस्तित्व किस रिपोर्ट के आधार पर आया?
उत्तर: NCF, NCERT द्वारा तैयार किया जाता है। NCF-2005 प्रोफेसर यशपाल समिति की रिपोर्ट की सिफारिश के आधार पर तैयार किया गया था जो 1993 में प्रस्तुत किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य "बिना बोझ के सीखना"। शिक्षा समझ और गतिविधि पर आधारित होनी चाहिए।
प्रश्न 21. शिक्षा के सार्वभौमीकरण से क्या आशय है?
उत्तर: शिक्षा का सार्वभौमीकरण शिक्षा के सार्वभौमीकरण का अर्थ है, सभी को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर प्रदान करना।
प्रश्न 22. बाल अधिकारों की घोषणा कब और किसके द्वारा की गई?
उत्तर: बाल अधिकारों की घोषणा 20 नवम्बर, 1989 में UNO के द्वारा दी गई।
प्रश्न 23. पी. मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: पी-मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम 'सेवारत अध्यापकों का विस्तृत अभिविन्यास कार्यक्रम (Program of mass orientation of school teachers) है।
प्रश्न 24. विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: 'विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम' बच्चों को स्कूल में जाने के लिए प्रेरित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल होती हैं, जो बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती हैं और उन्हें स्कूल में सफल होने में मदद करती हैं।
प्रश्न 25. सम्पूर्ण साक्षरता अभियान का प्रेरक वाक्य क्या है?
उत्तर: सम्पूर्ण साक्षरता अभियान का प्रेरक वाक्य "शिक्षा से कभी भी दूर मत रहना, तुम मानों यह कहना। जहाँ साक्षरता होगी उस राष्ट्र की प्रगति होगी पूरी"।
"परिवार की एक महिला को शिक्षित करना, मतलब पूरे परिवार को शिक्षित करना है। साक्षरता बढ़ाइए और उस राष्ट्र को कामयाबी के पथ पर आगे ले जाइए।"
प्रश्न 26. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: भारत सरकार द्वारा 2004 में अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग की बालिकाओं के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना के लिए कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना का शुभारम्भ किया गया था।
प्रश्न 27. NCERT के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर: NCERT के प्रमुख कार्य-
- शोध कार्य - NCERT स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में शोध कार्य करता है। यह शोध कार्य शिक्षा के विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाने में मदद करता है।
- पाठ्यक्रम विकास- NCERT स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम विकसित करता है। यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर विकसित किया जाता है।
प्रश्न 28. डी.पी.ई.पी. का प्रारम्भ किस योजना के आधार पर किया गया?
उत्तर: DPEP का प्रारम्भ नई शिक्षा नीति 1986 और 1992 के आधार पर किया गया था। यह नीति प्राथमिक शिक्षा को सार्वभौमिक, अनिवार्य, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बनाने के उद्देश्य से बनायी गयी थी।
प्रश्न 29. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या सूची, 2005 में शिक्षक के क्या दृष्टिकोण हैं?
उत्तर:
प्रश्न 30. भारत में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की उन्नति में मुख्य कठिनाई क्या हैं?
उत्तर: भारत में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की उन्नति में मुख्य कठिनाई-
- भारत में सामाजिक-आर्थिक असमानता भी एक बड़ी समस्या है। गरीब और पिछड़े वर्गों के बच्चों को अक्सर शिक्षा प्राप्त नहीं होती है।
- भारत में शिक्षकों की भारी कमी है। यह कमी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर है।
- भारत में शिक्षा की गुणवत्ता भी एक बड़ी समस्या है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता अक्सर निम्न स्तर की होती है।
- भारत में बाल श्रम भी एक बड़ी समस्या है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की विशेषताएँ निम्न हैं-
- (i) निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार- इस अधिनियम के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बालक को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होगा।
- (ii) प्रवेश न दिए गए बालकों या जिन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा पूरी नहीं की है, के लिए विशेष प्रावधान - इस अधिनियम के अन्तर्गत यदि कोई बच्चा 6 वर्ष की आयु पर किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाता है तो वह बाद में अपनी उम्र के अनुरूप कक्षा में प्रवेश ले सकता है। यदि वह निर्धारित 14 वर्ष की आयु तक प्रारम्भिक शिक्षा पूरा नहीं कर पाता तो उसके बाद भी पढ़ाई पूरी होने तक इसे निःशुल्क शिक्षा दी जाती रहेगी।
- (iii) अन्य विद्यालय में स्थानान्तरण का अधिकार- इस अधिनियम के अन्तर्गत यदि किसी कारणवश कोई छात्र एक स्कूल से दूसरे स्कूल जाना चाहता है, तो उसे किसी दूसरे स्कूल में स्थानान्तरण लेने का अधिकार होगा।
- (iv) यह RTE ACT शिक्षा में गुणवक्ता लाने के लिए विद्यालयों के बेसिक पारामीटर को स्थापित करता है।
- (v) इसके तहत ऐसे संस्थान के संचालन पर रोक लगायी जाती है, जिसे मान्यता प्राप्त न हो।
- (vi) RTE Act 2009 बालकों के शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीडन का निषेध करता है।
- (vii) किसी भी स्कूल द्वारा RTE Act 2009 के तहत मुक्त शिक्षा देने के स्थान पर बच्चों से फीस की मांग करने पर विद्यालय से 10 गुना फीस वसूली जायेगी साथ ही उसकी मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है।
प्रश्न 32. शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य-पाश्चात्य विवाद क्या है?
उत्तर: शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य एवं पाश्चात्य विवाद का जन्म ईस्ट इण्डिया कम्पनी के 1813 के आज्ञापत्र से हुआ। इस सम्बन्ध में निम्न दो कारक प्रमुख थे।
क्या होगा?
द्वितीय-एक लाख रूपये की धनराशि प्रतिवर्ष साहित्य के रख रखाव और भारतीय विद्वानों के प्रोत्साहन और भारतीयों को पाश्चात्य ज्ञान-विज्ञान का ज्ञान कराने के लिए निश्चित की गई थी, उसमें साहित्य और भारतीय विद्वान की व्यवस्था नहीं की गई थी। परिमाणतः कम्पनी के लोगों ने इन दोनों शब्दों 'साहित्य और भारतीय विद्वान' का अर्थ अलग-अलग लिया जिसके कारण दो वर्ग बन गए एक प्राच्यवादी और दूसरा-पाश्चात्यवादी।
प्राच्यवादी वर्ग-प्राच्यवादी वर्ग में अधिकतर कम्पनी के वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारी थे। ये 1813 के आज्ञापत्र के साहित्य शब्द का तात्पर्य भारतीय साहित्यों से लगाते थे और भारतीय विद्वान का अर्थ भारतीय साहित्यों के विद्वानों से लेते थे। ये चाहते थे कि भारत में-
- (i) भारतीय भाषाओं अर्थात् संस्कृत, हिन्दी और अरबी आदि के माध्यम से शिक्षा दी जाए।
- (ii) भारतीय साहित्यों एवं ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा दी जाए।
पाश्चात्यवादी वर्ग-पाश्चात्यवादी दल में कम्पनी के नवयुवक कर्मचारी और मिशनरी थे। सम्पूर्ण देश में यत्र-तत्र बिखरे हुए थे अतः इस दल का न तो कोई संगठित स्वरूप था और न उनका कोई नेता ही था फिर भी उन्होंने प्राच्यवादियों की नीति का निम्न प्रकार कटु विरोध किया।
- (i) उन्होने यह विचार प्रकट किया कि प्राच्य शिक्षा प्रणाली अन्तिम अवस्था को प्राप्त कर चुकी है और उसे पुनर्जीवन प्रदान करना मानव-प्रयास के बाहर की बात है।
- (ii) अरबी, फारसी और संस्कृत के साहित्यों में पुरातन और निरर्थक विचारों के सिवा किसी प्रकार का उपयोगी ज्ञान नहीं मिलता है। अतः भारतीयों का मानसिक विकास करने के लिए उनको अंग्रेजी माध्यम के पाश्चात्य ज्ञान व विज्ञानों से अवगत कराया जाना बहुत जरूरी है।
प्रश्न 33. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड कार्यक्रम के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड का निम्नलिखित महत्व है-
- (i) आपरेशन बलैक बोर्ड का मुख्य उद्देश्य देश के सभी प्राथमिक विद्यालयों को न्यूनतम आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना था।
- (ii) ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के क्रियान्वयन होने के कारण छात्रों का विद्यालय में ठहराव होने लगा।
- (iii) प्राथमिक स्तर के छात्रों की शिक्षा में अधिकतर सुधार हो गया।
- (iv) विद्यालय के ढाँचे में सुधार हो सका।
- (v) प्राथमिक विद्यालय में संसाधन की उपलब्धता होने से बालिकाओं की संख्या में वृद्धि हुई।
ऑपरेशन ब्लैक बार्ड की सहायता से ही सार्वभौमिक शिक्षा के सपने को साकार किया जा सकता है।
प्रश्न 34. लार्ड मैकाले के शिक्षा के दोष क्या थे? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लार्ड मैकाले के शिक्षा के दोष लार्ड मैकाले द्वारा स्थापित शिक्षा प्रणाली में निम्नलिखित दोष थे, जो इस प्रकार हैं-
- (1) पाश्चात्य संस्कृति को प्राथमिकता-मैकाले शिक्षा प्रणाली ने भारतीय संस्कृति को नीचा दिखाया और पाश्चात्य संस्कृति को प्राथमिकता दी। इस प्रणाली ने अंग्रेजी भाषा और साहित्य को भारतीय शिक्षा और संस्कृति से बेहतर माना।
- (2) शिक्षा का व्यावसायीकरण-मैकाले शिक्षा प्रणाली ने शिक्षा व्यावसायिक बना दिया। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सरकारी नौकरी के लिए तैयार करना था। रचनात्मकता, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों को शिक्षा में कोई स्थान नहीं दिया गया।
- (3) सामाजिक असमानता-मैकाले शिक्षा प्रणाली ने सामाजिक असमानता को बढ़ावा दिया। इस प्रणाली ने केवल उच्च वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। गरीब एवं पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा गया।
- (4) शिक्षा का औपनिवेशिकरण-मैकाले शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य भारतीयों को अंग्रेजों का दास बनाना था। इस प्रणाली ने भारतीयों को अंग्रेजी भाषा और संस्कृति के प्रति आकर्षित किया और उन्हें अपनी मूल संस्कृति से दूर कर दिया।
- (5) शिक्षा का असंतुलन-मैकाले शिक्षा प्रणाली ने शिक्षा में असंतुलन पैदा किया। इस प्रणाली ने शहरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी और ग्रामीण क्षेत्रों को शिक्षा से वंचित रखा।
लार्ड मैकाले द्वारा स्थापित शिक्षा प्रणाली भारत के लिए हानिकारक थी।
प्रश्न 35. प्राथमिक शिक्षा का विशेष अनुस्थापन कार्यक्रम (SOPT) के प्रमुख उद्देश्य एवं घटक बताइए।
उत्तर: प्राथमिक शिक्षा का विशेष अनुस्थापन कार्यक्रम (SOPT)-SOPT एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत शिक्षा के अधिकार को लागू करने और सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को शिक्षा प्रदान करना।
- वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाना।
- बच्चों में नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल का विकास करना।
प्राथमिक शिक्षा का विशेष अनुस्थापन कार्यक्रम के प्रमुख घटक-
- (1) शिक्षा सामग्री-बच्चों को मुफ्त शिक्षा सामग्री प्रदान की जाती है, जैसे-किताबें, कॉपी, पेंसिल, रबर आदि।
- (2) छात्रवृत्ति-गरीब परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
- (3) मिड-डे मील-बच्चों को दोपहर का भोजन प्रदान किया जाता है।
- (4) शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण-योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- (5) स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास-स्कूलों में भवनों, शौचालयों, पेयजल, बिजली आदि का विकास किया जाता है।
- (6) सामुदायिक भागीदारी-समुदाय को शिक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रश्न 36. बेसिक शिक्षा परियोजना के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर: बेसिक शिक्षा परियोजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- (1) गुणवत्तापूर्ण शिक्षा-बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, जिससे वे जीवन में सफल हो सकें।
- (2) समानता-सभी बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना, चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग या सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
- (3) निरक्षरता का उन्मूलन-देश से निरक्षरता को पूरी तरह से खत्म करना है।
- (4) कौशल विकास-बच्चों में विभिन्न प्रकार के कौशल विकसित करना, जिससे वे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
- (5) सामाजिक जागरूकता-बच्चों में सामाजिक जागरूकता पैदा करना और उन्हें नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में शिक्षित करना।
बेसिक शिक्षा परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत देश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
प्रश्न 37. स्कूल चलो अभियान का वर्णन कीजिए।
उत्तर: स्कूल चलो अभियान-एक पहल -
परिचय-'स्कूल चलो अभियान' भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना और 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को स्कूल में नामांकित करना है। यह अभियान शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत लागू किया गया है।
उद्देश्य-
- सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना।
- शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना।
- स्कूल छोड़ने की दर को कम करना।
- बाल श्रम को समाप्त करना।
- लैंगिक समानता को बढ़ावा देना।
प्रभाव-
- स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत लाखों बच्चों को स्कूल में नामांकित किया गया है
- शिक्षा छोड़ने की दर में कमी आई है
- बाल श्रम में कमी आई है।
- लैंगिक समानता में सुधार हुआ है
प्रश्न 38. राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना को समझाइए।
उत्तर: राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना (1998)- राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य बालश्रम को समाप्त करना और बाल श्रमिकों के पुनर्वास को सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना के उद्देश्य-
- बाल श्रमिकों की पहचान करना और उन्हें खतरनाक रोजगार से मुक्त कराना।
- बाल श्रमिकों के लिए शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- बाल श्रमिकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना
- बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता पैदा करना।
- लोगो को बालश्रम के दुष्प्रभावो के बारे में शिक्षित करना।
राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना की उपलब्धियां-
- इसके अन्तर्गत लाखों बाल श्रमिकों को खतरनाक रोजगार से मुक्त कराया गया।
- हजारों बाल श्रमिकों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।
- लाखों बाल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
- बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता में वृद्धि हुई है।
प्रश्न 39. वुड घोषणा-पत्र की मुख्य विशेषताओं को लिखिए ।
उत्तर: वुड घोषणा पत्र की मुख्य विशेषताएँ -
वुड घोषणा पत्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- 1. शिक्षा का माध्यम- प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होगा, जबकि उच्च शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होगा।
- 2. विश्वविद्यालयों की स्थापना- कलकत्ता, मद्रास और बम्बई में तीन विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी।
- 3. पाठ्क्रम- पाठ्यक्रम को व्यापक और व्यावहारिक बनाया जाएगा।
- 4. शिक्षकों का प्रशिक्षण- शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था की जाएगी।
- 5. महिला शिक्षा- महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।
- 6. व्यावसायिक शिक्षा- व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया।
- 7. परीक्षा प्रणाली- परीक्षा प्रणाली को अपनाया जाएगा जो अधिक उद्देश्यपूर्ण और निष्पक्ष हो।
प्रश्न 40. 'शिक्षा बिना बोझ के' इस सन्दर्भ में 'यशपाल' समिति ने अपने सुझाव में क्या-क्या कहा है?
उत्तर: यशपाल समिति (1992), 'जिसे शिक्षा बिना बोझ के' समिति भी कहा जाता है। यशपाल समिति के सुझाव निम्नलिखित हैं-
- 1. पाठ्यक्रम में बदलाव-
- पाठ्यक्रम को कम करके भार कम करना, अनावश्यक विषयों को हटाना
- पाठ्यक्रम को गतिशील और प्रासंगिक बनाना।
- कौशल विकास पर अधिक ध्यान देना।
- विभिन्न विषयों के बीच संबंध को स्थापित करना
- 2. शिक्षण विधियों में बदलाव-
- रटने के बजाय समझने पर जोर देना
- रचनात्मक और क्रियात्मक शिक्षण विधियों का उपयोग करना।
- छात्रों को सक्रिय रूप से सीखने में शामिल करना।
- मूल्यांकन में विविधता लाना।
- 3. बोझ कम करने के अन्य उपाय-
- भारी बस्तों को हटाना, स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करना
- गृहकार्य को कम करना
- परीक्षा प्रणाली में बदलाव लाना
- शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करना।
यशपाल समिति की रिपोर्ट शिक्षा में महत्वूपर्ण बदलाव लाने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इनके सुझावों को लागू करने से शिक्षा को अधिक बोझ मुक्त, रोचक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है।