बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. बाल अधिकार का प्रस्ताव पारित किया—
(a) संयुक्त राष्ट्र संघ
(b) भारत सरकार
(c) यूनेस्को
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) संयुक्त राष्ट्र संघ
बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (Convention on the Rights of the Child) को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 नवम्बर 1989 को अपनाया था। यह 2 सितम्बर 1990 को प्रभावी हुआ।
प्रश्न 2. शिक्षा को संविधान की किस अनुसूची में रखा गया है?
(a) केन्द्रीय सूची
(b) राज्य सूची
(c) समवर्ती सूची
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) समवर्ती सूची
42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा शिक्षा को राज्य सूची से हटाकर संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में रखा गया।
प्रश्न 3. भारत में आधुनिक शिक्षा का जन्मदाता किसे माना जाता है?
(a) चार्ल्स ग्राण्ट
(b) क्लाइव
(c) बैंटिक
(d) कार्नवालिस
उत्तर: (a) चार्ल्स ग्राण्ट
भारतीय शिक्षा के इतिहास में चार्ल्स ग्राण्ट को आधुनिक अंग्रेजी एवं पाश्चात्य शिक्षा के प्रारम्भिक प्रवर्तकों में माना जाता है। उन्होंने भारत में अंग्रेजी भाषा और पाश्चात्य ज्ञान के प्रसार पर बल दिया।
प्रश्न 4. निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किस अनुच्छेद के द्वारा बनाया गया है?
(a) 21 (क)
(b) 27
(c) 29 (ग)
(d) 23 (क)
उत्तर: (a) 21 (क)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A [21(क)] के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार दिया गया है। इसी संवैधानिक अधिकार को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 बनाया गया।
प्रश्न 5. वुड का घोषणा-पत्र किस वर्ष आया?
(a) 1857
(b) 1889
(c) 1854
(d) 1851
उत्तर: (c) 1854
वुड्स डिस्पैच 1854 में जारी हुआ। इसमें प्रान्तों में लोक शिक्षा विभाग की स्थापना, स्थानीय भाषाओं में प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा में अंग्रेजी, अनुदान-सहायता, शिक्षक-प्रशिक्षण, स्त्री शिक्षा तथा कलकत्ता, बम्बई और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करने की संस्तुति की गई।
प्रश्न 6. देश के प्रत्येक जनपद में डायट की स्थापना की संस्तुति किस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की गयी?
(a) 1986
(b) 1978
(c) 1981
(d) 1991
उत्तर: (a) 1986
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) स्थापित करने पर बल दिया गया, ताकि प्रारम्भिक शिक्षा एवं शिक्षक-प्रशिक्षण को जिला स्तर पर अकादमिक सहायता मिल सके।
प्रश्न 7. निस्पन्दन या छनाई सिद्धान्त के प्रतिपादक थे—
(a) बैंटिक
(b) ऑकलैण्ड
(c) मैकाले
(d) एडम स्मिथ
उत्तर: (c) मैकाले
भारतीय शिक्षा के इतिहास में अधोमुखी निस्पन्दन सिद्धान्त को मैकाले की शिक्षा-नीति से जोड़ा जाता है। इसके अनुसार पहले उच्च एवं प्रभावशाली वर्ग को शिक्षित कर शिक्षा को क्रमशः सामान्य जनता तक पहुँचाने की धारणा थी।
प्रश्न 8. सभी को शिक्षा उपलब्ध कराने से सम्बन्धित है—
(a) ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड
(b) नवोदय विद्यालय
(c) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद्
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
ये सभी विद्यालयी शिक्षा के विकास से सम्बन्धित पहलें हैं। ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड ने प्राथमिक विद्यालयों की न्यूनतम सुविधाओं पर बल दिया, नवोदय विद्यालय ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों के लिए आवासीय शिक्षा से सम्बन्धित हैं तथा DIET प्रारम्भिक शिक्षा और शिक्षक-प्रशिक्षण को जिला स्तर पर शैक्षिक सहायता प्रदान करते हैं। नवोदय के पहले दो विद्यालय 1985-86 में प्रारम्भ हुए थे।
प्रश्न 9. ह्रास (अपव्यय) की समस्या है—
(a) बीच में ही विद्यालय छोड़कर बच्चे का चला जाना
(b) बच्चे का अनुत्तीर्ण होना
(c) विद्यालय में अनुपस्थित रहना
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (a) बीच में ही विद्यालय छोड़कर बच्चे का चला जाना
शिक्षा में अपव्यय (Wastage) से आशय विद्यार्थी द्वारा निर्धारित शिक्षा-स्तर पूरा किए बिना विद्यालय छोड़ देने से है। एक ही कक्षा में अपेक्षित अवधि से अधिक समय तक रुकना अवरोधन (Stagnation) कहलाता है।
प्रश्न 10. BEP क्या है?
(a) बेसिक शिक्षा परियोजना
(b) जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम
(c) विद्यालय शिक्षा की तैयारी कार्यक्रम
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) बेसिक शिक्षा परियोजना
BEP का अर्थ Basic Education Project अर्थात् बेसिक शिक्षा परियोजना है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परियोजना को 1993 में प्रारम्भिक शिक्षा की पहुँच, गुणवत्ता, समानता एवं संस्थागत क्षमता में सुधार के लिए प्रारम्भ किया गया।
प्रश्न 11. मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य है—
(a) बच्चों के नामांकन में वृद्धि करना
(b) बच्चों को विद्यालय में पूरे समय तक रोके रखना
(c) स्कूल आने के लिए प्रेरित करना
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति एवं ठहराव में वृद्धि करने के साथ उनके पोषण स्तर में सुधार करना है। अतः दिए गए सभी विकल्प इससे सम्बन्धित हैं।
प्रश्न 12. भारत सरकार ने सन् 1992 में संशोधित कार्यान्वयन कार्यक्रम को कितने खण्डों में बाँटा है?
(a) 10 खण्डों में
(b) 23 खण्डों में
(c) 15 खण्डों में
(d) 8 खण्डों में
उत्तर: (b) 23 खण्डों में
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संशोधित कार्यान्वयन कार्यक्रम (Programme of Action), 1992 में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों को 23 प्रमुख खण्डों में व्यवस्थित किया गया था।
प्रश्न 13. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना का सुझाव दिया था—
(a) राममूर्ति समीक्षा समिति, 1990
(b) यशपाल, 1993
(c) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986
(d) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1968
उत्तर: (c) राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के अन्तर्गत ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड कार्यक्रम की परिकल्पना की गई। इसे 1987 में प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक भौतिक एवं शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ किया गया।
प्रश्न 14. एन.पी.ई.जी.ई.एल. में किस कक्षा की अपवंचित लड़कियों के अध्ययन करने का प्रावधान है?
(a) कक्षा 2 से 4
(b) कक्षा 1 से 8
(c) कक्षा 3 से 5
(d) कक्षा 4 से 7
उत्तर: (b) कक्षा 1 से 8
National Programme for Education of Girls at Elementary Level (NPEGEL) का उद्देश्य शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की वंचित एवं कठिन पहुँच वाली बालिकाओं को प्रारम्भिक स्तर अर्थात् कक्षा 1 से 8 तक अतिरिक्त शैक्षिक सहायता प्रदान करना था।
प्रश्न 15. जनशाला कार्यक्रम के अन्तर्गत कौन-सी संस्थाएँ वित्तीय सहायता प्रदान कर रही हैं?
(a) यू.एन.डी.पी.
(b) यू.एन.एफ.पी.ए.
(c) यूनिसेफ
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
जनशाला कार्यक्रम भारत सरकार और पाँच संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों—UNDP, UNICEF, UNESCO, ILO तथा UNFPA—का सहयोगी कार्यक्रम था। इनमें UNDP, UNICEF और UNFPA सहित सूचीबद्ध संस्थाएँ कार्यक्रम की वित्तीय सहायता से जुड़ी थीं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. स्वतंत्रता के समय भारत में साक्षरता कितने प्रतिशत थी?
उत्तर: स्वतंत्रता के समय भारत की साक्षरता दर लगभग 14 प्रतिशत थी।
प्रश्न 17. लार्ड मैकाले ने अपने विवरण-पत्र में भारत में शिक्षा का क्या उद्देश्य बताया?
उत्तर: मैकाले का उद्देश्य अंग्रेजी माध्यम से पाश्चात्य ज्ञान का प्रसार तथा अंग्रेजी-शिक्षित भारतीयों का एक मध्यवर्ती वर्ग तैयार करना था।
प्रश्न 18. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड का क्या उद्देश्य था?
उत्तर: इसका उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक भवन, शिक्षक तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी गुणवत्ता सुधारना था।
प्रश्न 19. पोषाहार वितरण योजना में कितने कैलोरी ऊर्जा बालकों को देने की व्यवस्था है?
उत्तर: प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे को मध्याह्न भोजन में लगभग 450 कैलोरी ऊर्जा तथा 12 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराने का मानक है।
प्रश्न 20. एन.सी.एफ., 2005 का अस्तित्व किस रिपोर्ट के आधार पर आया?
उत्तर: NCF-2005 के निर्माण पर यशपाल समिति की Learning Without Burden (1993) रिपोर्ट की सिफारिशों का महत्वपूर्ण प्रभाव था।
प्रश्न 21. शिक्षा के सार्वभौमीकरण से क्या आशय है?
उत्तर: शिक्षा के सार्वभौमीकरण का अर्थ सभी पात्र बच्चों के लिए शिक्षा की पहुँच, नामांकन, ठहराव तथा अपेक्षित अधिगम सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 22. बाल अधिकारों की घोषणा कब और किसके द्वारा की गई?
उत्तर: बाल अधिकारों की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 20 नवम्बर 1959 को स्वीकार की गई थी।
प्रश्न 23. पी. मोस्ट कार्यक्रम का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: P-MOST का पूरा नाम Programme of Mass Orientation of School Teachers है।
प्रश्न 24. विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: विद्यालयोन्मुखी कार्यक्रम नवप्रवेशी बच्चों को खेल एवं गतिविधियों द्वारा विद्यालय के वातावरण और प्रारम्भिक सीखने के लिए तैयार करने वाला कार्यक्रम है।
प्रश्न 25. सम्पूर्ण साक्षरता अभियान का प्रेरक वाक्य क्या है?
उत्तर: सम्पूर्ण साक्षरता अभियान से जुड़ा प्रचलित प्रेरक सूत्र है— “Each One, Teach One” अर्थात् “एक पढ़ाए, एक को।”
प्रश्न 26. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: KGBV योजना 2004 में वंचित वर्गों की बालिकाओं के लिए शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में आवासीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध कराने हेतु प्रारम्भ की गई।
प्रश्न 27. NCERT के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर: NCERT के प्रमुख कार्यों में विद्यालयी पाठ्यचर्या एवं पाठ्यपुस्तकों का विकास, शैक्षिक अनुसन्धान तथा शिक्षक-प्रशिक्षण एवं अकादमिक सहायता शामिल हैं।
प्रश्न 28. डी.पी.ई.पी. का प्रारम्भ किस योजना के आधार पर किया गया?
उत्तर: DPEP का आधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के 1992 में संशोधित स्वरूप तथा Programme of Action, 1992 की सार्वभौमिक प्रारम्भिक शिक्षा सम्बन्धी रणनीति थी।
प्रश्न 29. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 में शिक्षक के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
उत्तर: NCF-2005 में शिक्षक को केवल ज्ञान देने वाला न मानकर सहायक, सुगमकर्ता एवं ऐसा मार्गदर्शक माना गया है जो बालक को स्वयं ज्ञान-निर्माण के अवसर देता है।
प्रश्न 30. भारत में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की उन्नति में मुख्य कठिनाइयाँ क्या हैं?
उत्तर: गरीबी, बाल-श्रम, सामाजिक असमानता, विद्यालय एवं शिक्षकों की कमी, ड्रॉपआउट तथा शिक्षा की निम्न गुणवत्ता इसके प्रमुख अवरोध हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
बच्चों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 संविधान के अनुच्छेद 21A को प्रभावी बनाने के लिए बनाया गया और 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
- 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार।
- विद्यालय से बाहर बच्चे को उसकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश तथा आवश्यक विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था।
- प्रारम्भिक शिक्षा पूरी होने तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था।
- स्थानान्तरण की स्थिति में बच्चे को दूसरे विद्यालय में प्रवेश का अधिकार।
- कैपिटेशन फीस एवं प्रवेश के लिए अनुचित स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर रोक।
- विद्यालयों के लिए शिक्षक, भवन, कार्य-दिवस एवं अन्य न्यूनतम मानक निर्धारित करना।
- बच्चों के शारीरिक दण्ड एवं मानसिक उत्पीड़न का निषेध।
- निर्दिष्ट निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश स्तर पर कमजोर एवं वंचित वर्गों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों का प्रावधान।
- विद्यालय प्रबन्ध समिति एवं विद्यालय विकास योजना का प्रावधान।
प्रश्न 32. शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य-पाश्चात्य विवाद क्या है?
उत्तर:
1813 के चार्टर एक्ट में भारतीय शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई, किन्तु इस धन का उपयोग किस प्रकार की शिक्षा पर किया जाए, इस प्रश्न को लेकर प्राच्य-पाश्चात्य विवाद उत्पन्न हुआ।
प्राच्यवादी विचार—
- संस्कृत, अरबी और फारसी जैसी भारतीय एवं प्राच्य भाषाओं के माध्यम से शिक्षा दी जाए।
- भारतीय साहित्य, दर्शन एवं पारम्परिक ज्ञान के अध्ययन को संरक्षण दिया जाए।
पाश्चात्यवादी विचार—
- अंग्रेजी भाषा के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाए।
- पाश्चात्य विज्ञान, साहित्य और आधुनिक ज्ञान के प्रसार को प्राथमिकता दी जाए।
यह विवाद अन्ततः 1835 में मैकाले के विवरण-पत्र और बैंटिक के निर्णय के बाद अंग्रेजी एवं पाश्चात्य शिक्षा के पक्ष में निर्णायक रूप से झुक गया।
प्रश्न 33. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड कार्यक्रम के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ किया गया। इसका महत्व निम्नलिखित है—
- विद्यालयों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष एवं उपयोगी भवन-सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर बल।
- कम-से-कम आवश्यक संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था।
- श्यामपट्ट, नक्शे, चार्ट, खिलौने, पुस्तकें तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराना।
- प्राथमिक विद्यालयों को अधिक आकर्षक एवं गतिविधि-आधारित बनाना।
- विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता, नामांकन एवं ठहराव में सुधार के लिए आवश्यक आधारभूत वातावरण तैयार करना।
प्रश्न 34. लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति के दोष क्या थे? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मैकाले के 1835 के विवरण-पत्र ने भारत में अंग्रेजी एवं पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार को निर्णायक बल दिया, किन्तु उसकी नीति की अनेक सीमाएँ थीं—
- भारतीय भाषाओं की उपेक्षा: उच्च शिक्षा में अंग्रेजी को प्राथमिकता देने से भारतीय भाषाओं के विकास को अपेक्षित महत्व नहीं मिला।
- भारतीय ज्ञान-परम्परा की उपेक्षा: संस्कृत, अरबी एवं पारम्परिक भारतीय ज्ञान के प्रति नीति का दृष्टिकोण अत्यन्त सीमित था।
- जनशिक्षा की उपेक्षा: सीमित उच्च वर्ग को शिक्षित करने वाली अधोमुखी निस्पन्दन नीति से व्यापक प्राथमिक शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
- साहित्यिक शिक्षा पर अधिक बल: व्यावसायिक, तकनीकी एवं जीवनोपयोगी शिक्षा को अपेक्षित स्थान नहीं मिला।
- औपनिवेशिक प्रशासन की आवश्यकता: अंग्रेजी-शिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता भी इस नीति का महत्वपूर्ण उद्देश्य थी।
फिर भी इस नीति के परिणामस्वरूप अंग्रेजी भाषा के माध्यम से आधुनिक विज्ञान, साहित्य एवं राजनीतिक विचारों तक भारतीयों की पहुँच भी बढ़ी।
प्रश्न 35. प्राथमिक शिक्षा का विशेष अनुस्थापन कार्यक्रम (SOPT) के प्रमुख उद्देश्य एवं घटक बताइए।
उत्तर:
SOPT का पूरा नाम Special Orientation Programme for Primary Teachers है। यह प्राथमिक शिक्षकों के सेवाकालीन अभिविन्यास के लिए प्रारम्भ किया गया कार्यक्रम था, जिसने PMOST के बाद प्राथमिक स्तर पर विषय-वस्तु एवं शिक्षण-विधि पर अधिक केन्द्रित प्रशिक्षण प्रदान किया।
इसके प्रमुख उद्देश्य एवं घटक—
- प्राथमिक शिक्षकों की विषय-वस्तु एवं शिक्षण-विधि सम्बन्धी दक्षता में सुधार करना।
- बाल-केन्द्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना।
- न्यूनतम अधिगम स्तरों की प्राप्ति के लिए प्रभावी शिक्षण विकसित करना।
- शिक्षण-अधिगम सामग्री एवं उपलब्ध विद्यालयी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना।
- प्राथमिक कक्षाओं में आने वाली विषयगत एवं शिक्षण सम्बन्धी कठिनाइयों पर प्रशिक्षण देना।
- प्रशिक्षण के लिए Key Resource Persons → Resource Persons → Teachers की त्रिस्तरीय cascade व्यवस्था का प्रयोग करना।
प्रश्न 36. बेसिक शिक्षा परियोजना के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर:
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) का उद्देश्य प्रारम्भिक शिक्षा की पहुँच, समानता और गुणवत्ता में सुधार करना था। इसके प्रमुख उद्देश्य थे—
- सभी बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा की पहुँच एवं नामांकन बढ़ाना।
- बच्चों के विद्यालय में ठहराव एवं प्राथमिक शिक्षा की पूर्णता में सुधार करना।
- बालिकाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित समूहों की शैक्षिक असमानता कम करना।
- विद्यार्थियों की अधिगम उपलब्धियों एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना।
- शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं अकादमिक सहायता व्यवस्था को मजबूत करना।
- विकेन्द्रीकृत शैक्षिक नियोजन तथा समुदाय की सहभागिता बढ़ाना।
- शैक्षिक प्रशासन एवं संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना।
प्रश्न 37. स्कूल चलो अभियान का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्कूल चलो अभियान उत्तर प्रदेश में बच्चों के विद्यालयी नामांकन एवं समुदाय में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाया गया अभियान है। वर्ष 2002 में इसे प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक रूप से संचालित किया गया।
इसके प्रमुख उद्देश्य—
- विद्यालय आयु के सभी बच्चों की पहचान एवं नामांकन सुनिश्चित करना।
- विद्यालय से बाहर एवं ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना।
- अभिभावकों एवं समुदाय को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना।
- बालिकाओं तथा वंचित वर्गों के बच्चों के नामांकन को प्रोत्साहित करना।
- रैली, प्रभात फेरी, अभिभावक सम्पर्क एवं जनजागरूकता गतिविधियों द्वारा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना।
इस प्रकार अभियान का प्रमुख लक्ष्य बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन एवं विद्यालयी सहभागिता बढ़ाना है।
प्रश्न 38. राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना को समझाइए।
उत्तर:
राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (National Child Labour Project—NCLP) की शुरुआत भारत सरकार ने 1988 में बाल श्रमिकों के पुनर्वास एवं उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए की।
इसके प्रमुख उद्देश्य एवं प्रावधान—
- बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराना।
- विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से ब्रिज शिक्षा प्रदान करना।
- व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास की सुविधा देना।
- बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं निर्धारित सहायता उपलब्ध कराना।
- विशेष प्रशिक्षण के बाद बच्चों को औपचारिक विद्यालयी शिक्षा में मुख्यधारा से जोड़ना।
- बाल-श्रम के विरुद्ध समुदाय में जागरूकता बढ़ाना।
इस परियोजना का मूल उद्देश्य बाल श्रमिकों को केवल काम से हटाना नहीं, बल्कि उनका शैक्षिक एवं सामाजिक पुनर्वास करना था।
प्रश्न 39. वुड घोषणा-पत्र की मुख्य विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:
वुड का घोषणा-पत्र, 1854 ब्रिटिशकालीन भारतीय शिक्षा के इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं—
- शिक्षा विभाग: प्रत्येक प्रान्त में लोक शिक्षा विभाग स्थापित करने की संस्तुति की गई।
- विश्वविद्यालय: कलकत्ता, बम्बई और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
- भाषा: प्राथमिक स्तर पर भारतीय स्थानीय भाषाओं तथा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी को महत्व दिया गया।
- अनुदान-सहायता: निजी शिक्षण संस्थाओं के लिए Grant-in-Aid प्रणाली विकसित करने की सिफारिश की गई।
- शिक्षक-प्रशिक्षण: प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता तथा शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों के विकास पर बल दिया गया।
- स्त्री शिक्षा: महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने की सिफारिश की गई।
- व्यावसायिक शिक्षा: उपयोगी एवं व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार पर बल दिया गया।
- शैक्षिक क्रम: प्राथमिक विद्यालय से उच्च शिक्षा तक एक क्रमबद्ध शिक्षा-व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया।
प्रश्न 40. 'शिक्षा बिना बोझ के' इस सन्दर्भ में 'यशपाल' समिति ने अपने सुझाव में क्या-क्या कहा है?
उत्तर:
प्रो. यशपाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने 1993 में Learning Without Burden रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसका उद्देश्य बच्चों के शैक्षिक बोझ को कम कर सीखने को समझ, अनुभव एवं गतिविधि से जोड़ना था।
समिति के प्रमुख सुझाव—
- पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों में अनावश्यक सामग्री और तथ्यात्मक बोझ कम किया जाए।
- रटने के स्थान पर समझ, तर्क, अनुभव एवं ज्ञान-निर्माण पर बल दिया जाए।
- पाठ्यपुस्तक को ज्ञान का एकमात्र स्रोत न माना जाए।
- पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तक निर्माण में शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
- बच्चों पर भारी बस्ते एवं अनावश्यक गृहकार्य का बोझ कम किया जाए।
- परीक्षा को स्मरण-शक्ति के बजाय समझ और ज्ञान के प्रयोग से जोड़ा जाए।
- शिक्षक-प्रशिक्षण एवं शिक्षक-विद्यार्थी सम्बन्ध को अधिक बाल-केन्द्रित बनाया जाए।
इस प्रकार यशपाल समिति ने शिक्षा को बोझमुक्त, अर्थपूर्ण, अनुभवपरक और बाल-केन्द्रित बनाने पर बल दिया।
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