Home
App Install Updates
Home PYQs Semester 2 विज्ञान 2019
PYQ 2019 • विज्ञान

विज्ञान Previous Year Paper 2019

UP DELED Semester 2 विज्ञान Previous Year Question Paper 2019 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. पित्त रस बनता है—

(a) आमाशय में

(b) ग्रहणी में

(c) छोटी आँत में

(d) यकृत में

उत्तर: (d) यकृत में

पित्त रस का निर्माण यकृत में होता है तथा इसका संग्रह पित्ताशय में होता है। पित्त लवण वसा का इमल्सीकरण करके उसे छोटी बूंदों में तोड़ते हैं, जिससे वसा-पाचक एंजाइमों की क्रिया सुगम हो जाती है।

प्रश्न 2. तृतीय श्रेणी के उत्तोलक का उदाहरण है—

(a) सरौंता

(b) कैंची

(c) बोझ (कूड़ा) उठाने वाली गाड़ी

(d) चिमटा

उत्तर: (d) चिमटा

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास, आलम्ब और भार के बीच स्थित होता है। चिमटा इसका उदाहरण है।

प्रश्न 3. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में कौन-सी गैस निकलती है?

(a) CO2

(b) O2

(c) NH3

(d) N2

उत्तर: (b) O2

प्रकाश संश्लेषण में हरे पौधे कार्बन डाइऑक्साइड और जल की सहायता से भोजन बनाते हैं तथा ऑक्सीजन मुक्त करते हैं।

प्रश्न 4. किसी तत्व के समस्थानिक में होते हैं—

(a) परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न

(b) परमाणु संख्या भिन्न लेकिन द्रव्यमान संख्या समान

(c) परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या दोनों भिन्न

(d) परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या दोनों समान

उत्तर: (a) परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न

समस्थानिक एक ही तत्व के वे परमाणु हैं जिनकी परमाणु संख्या समान, परन्तु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। इनमें प्रोटॉनों की संख्या समान तथा न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।

प्रश्न 5. चन्द्रमा क्या है?

(a) देवता

(b) तारा

(c) उपग्रह

(d) ग्रह

उत्तर: (c) उपग्रह

चन्द्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है और पृथ्वी की परिक्रमा करता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. विटामिन D का रासायनिक नाम लिखिए। इसकी कमी से शरीर में कौन-कौन से रोग होते हैं?

उत्तर: विटामिन D को सामान्यतः कैल्सिफेरॉल कहा जाता है। इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स तथा वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया हो सकता है।

प्रश्न 7. बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र एवं उपयोग लिखिए।

उत्तर: बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट है, जिसका सूत्र NaHCO3 है। इसका उपयोग बेकिंग पाउडर, प्रतिअम्ल तथा अग्निशामक यंत्रों में किया जाता है।

प्रश्न 8. जल में घुलनशील विटामिन और वसा में घुलनशील विटामिन्स के नाम लिखिए।

उत्तर: विटामिन B-समूह तथा विटामिन C जल में घुलनशील होते हैं, जबकि विटामिन A, D, E तथा K वसा में घुलनशील होते हैं।

प्रश्न 9. घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में ऊर्जा किस रूप में एकत्रित हो जाती है?

उत्तर: घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में ऊर्जा प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाती है।

प्रश्न 10. कशेरुकी प्राणियों के उत्सर्जी अंगों के नाम लिखिए।

उत्तर: कशेरुकी प्राणियों के प्रमुख उत्सर्जी अंग वृक्क हैं। मनुष्य में फेफड़े, त्वचा और यकृत भी उत्सर्जन में सहायक भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 11. कार्य किसे कहते हैं? इसकी इकाई लिखिए।

उत्तर: किसी वस्तु पर बल लगाने से यदि उसमें बल की दिशा में विस्थापन उत्पन्न हो, तो कार्य होता है। कार्य का SI मात्रक जूल (J) है। बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों तो W = F × S।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह क्यों कहा जाता है?

उत्तर:

माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका में वायवीय श्वसन का प्रमुख स्थान है। यहाँ भोजन के ऑक्सीकरण से मुक्त ऊर्जा को मुख्यतः ATP (Adenosine Triphosphate) के रूप में संचित किया जाता है।

ATP कोशिका की विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराता है। इसी कारण माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह या Powerhouse of the Cell कहा जाता है।

प्रश्न 13. भास्मिक ऑक्साइड किसे कहते हैं?

उत्तर:

वे ऑक्साइड जो अम्लों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, भास्मिक अथवा क्षारीय ऑक्साइड कहलाते हैं। सामान्यतः धातुओं के अनेक ऑक्साइड भास्मिक प्रकृति के होते हैं।

उदाहरण— Na2O, CaO, MgO, CuO आदि।

उदाहरण के लिए—

CuO + 2HCl → CuCl2 + H2O

यहाँ कॉपर ऑक्साइड अम्ल से अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाता है, इसलिए यह भास्मिक ऑक्साइड है।

प्रश्न 14. फसल चक्र से क्या लाभ होता है?

उत्तर:

फसल चक्र का अर्थ एक ही खेत में निश्चित क्रम से अलग-अलग प्रकार की फसलें उगाना है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं—

  1. मृदा उर्वरता बनाए रखना: अलग-अलग फसलों की पोषक आवश्यकताएँ अलग होती हैं, जिससे किसी एक पोषक तत्व का अत्यधिक ह्रास नहीं होता।
  2. नाइट्रोजन की पूर्ति: दलहनी फसलों की जड़ों में पाए जाने वाले राइजोबियम जीवाणु वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं।
  3. कीट एवं रोग नियंत्रण: लगातार एक ही फसल न उगाने से फसल-विशिष्ट कीटों और रोगों का जीवन-चक्र टूटता है।
  4. खरपतवार नियंत्रण: अलग-अलग फसलों के क्रम से कुछ खरपतवारों का प्रसार कम किया जा सकता है।
  5. मृदा संरक्षण: उपयुक्त फसल-क्रम मिट्टी की संरचना बनाए रखने तथा मृदा क्षरण कम करने में सहायक होता है।
  6. उत्पादन में स्थिरता: मृदा स्वास्थ्य अच्छा रहने से दीर्घकाल में फसल उत्पादन बेहतर बना रहता है।

प्रश्न 15. नाभिकीय ऊर्जा क्या है? इसका क्या उपयोग है?

उत्तर:

परमाणु के नाभिक में होने वाली नाभिकीय विखण्डन अथवा नाभिकीय संलयन जैसी प्रक्रियाओं के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा को नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं।

इन प्रक्रियाओं में थोड़ी मात्रा में द्रव्यमान ऊर्जा में परिवर्तित होता है, जिसे आइंस्टीन के सम्बन्ध—

E = mc2

से समझाया जाता है।

नाभिकीय ऊर्जा के प्रमुख उपयोग—

  • परमाणु विद्युत गृहों में बिजली उत्पादन।
  • चिकित्सा में कैंसर के उपचार एवं कुछ रोगों की जाँच में रेडियोसमस्थानिकों का उपयोग।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान में।
  • कृषि में कुछ फसल-सुधार एवं खाद्य संरक्षण सम्बन्धी कार्यों में।
  • उद्योगों में मोटाई, घनत्व एवं रिसाव आदि की जाँच में रेडियोसमस्थानिकों का उपयोग।

प्रश्न 16. सन्तुलित आहार से क्या तात्पर्य है? हमें सन्तुलित आहार क्यों लेना चाहिए?

उत्तर:

ऐसा आहार जिसमें शरीर की आवश्यकता के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल तथा आहारीय रेशा उचित मात्रा एवं अनुपात में उपस्थित हों, सन्तुलित आहार कहलाता है।

सन्तुलित आहार की मात्रा व्यक्ति की आयु, लिंग, कार्य, स्वास्थ्य तथा शारीरिक गतिविधि के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

सन्तुलित आहार लेने की आवश्यकता—

  • शरीर को दैनिक कार्यों के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।
  • शरीर की वृद्धि एवं विकास में सहायता करता है।
  • क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत एवं निर्माण में सहायक होता है।
  • शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को सुचारु रखता है।
  • कुपोषण एवं पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोगों से बचाने में सहायता करता है।
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता एवं समग्र स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक होता है।

प्रश्न 17. प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय करना चाहिए?

उत्तर:

प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन-धन की हानि कम करने के लिए पूर्व तैयारी, सही चेतावनी, सुरक्षित व्यवहार एवं त्वरित राहत अत्यन्त आवश्यक हैं।

प्रमुख सुरक्षा उपाय—

  1. पूर्व तैयारी: अपने क्षेत्र में सम्भावित भूकम्प, बाढ़, चक्रवात आदि आपदाओं और सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें।
  2. चेतावनी का पालन: सरकार एवं प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों और निकासी निर्देशों का पालन करें।
  3. आपातकालीन किट: पीने का पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक उपचार सामग्री, टॉर्च, आवश्यक दवाएँ और महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार रखें।
  4. सुरक्षित निर्माण: भवनों का निर्माण स्थानीय आपदा-जोखिम के अनुरूप सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए।
  5. निकासी योजना: परिवार एवं विद्यालय में पहले से सुरक्षित निकास मार्ग और एकत्र होने का स्थान निर्धारित करें।
  6. प्राथमिक उपचार: घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार दें तथा आवश्यकता होने पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
  7. बाढ़ एवं चक्रवात: चेतावनी मिलने पर निचले एवं तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित ऊँचे स्थानों या निर्धारित आश्रय स्थलों पर जाएँ।
  8. भूकम्प: झटकों के समय घर के भीतर हों तो मजबूत मेज के नीचे झुककर सिर और गर्दन की रक्षा करें तथा झटके समाप्त होने तक सुरक्षित स्थान पर रहें।

जन-जागरूकता, आपदा-अभ्यास और प्रशासन तथा समुदाय के बीच समन्वय प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 18. ऐच्छिक एवं अनैच्छिक पेशी में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

ऐच्छिक पेशियाँ हमारी इच्छा के अनुसार कार्य करती हैं, जबकि अनैच्छिक पेशियों की क्रिया सामान्यतः हमारी इच्छा के नियन्त्रण में नहीं होती। यहाँ अनैच्छिक पेशी से आशय मुख्यतः चिकनी पेशी से है।

ऐच्छिक पेशियाँ अनैच्छिक पेशियाँ
इनकी क्रिया हमारी इच्छा के नियन्त्रण में होती है। इनकी क्रिया हमारी इच्छा के नियन्त्रण में नहीं होती।
ये मुख्यतः अस्थियों से जुड़ी होती हैं। ये आमाशय, आँत, रक्त वाहिनियों आदि आन्तरिक अंगों की भित्तियों में पाई जाती हैं।
इनकी कोशिकाएँ लम्बी, बेलनाकार एवं अशाखित होती हैं। इनकी कोशिकाएँ धुरी या तकुआ के आकार की होती हैं।
इनमें स्पष्ट अनुप्रस्थ धारियाँ पाई जाती हैं। इनमें अनुप्रस्थ धारियाँ नहीं पाई जातीं।
एक पेशी-तन्तु में अनेक केन्द्रक हो सकते हैं। प्रत्येक कोशिका में सामान्यतः एक केन्द्रक होता है।
इनका संकुचन अपेक्षाकृत तीव्र होता है और जल्दी थक सकती हैं। इनका संकुचन अपेक्षाकृत धीमा एवं लम्बे समय तक चलने वाला होता है।
उदाहरण: हाथ-पैर की कंकाली पेशियाँ। उदाहरण: आँत, आमाशय और रक्त वाहिनियों की चिकनी पेशियाँ।
UP DELED Study App

Semester 2 की Complete तैयारी

  • Official Syllabus
  • Comprehensive Notes
  • Quick Revision Notes
  • Visual Revision Notes
  • Audio Revision
  • Solved MCQs
  • MCQ Tests
  • 2015–2025 Previous Year Papers
  • Repeated Exam Questions
  • 10 Model Papers
App में पढ़ाई शुरू करें

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

विज्ञान Previous Year Paper 2019

Solved question paper PDF download.

Semester 2 Solved PYQs Pack

2015-2026 के solved previous year papers · 74 papers · सभी 7 विषय एक ही printable PDF pack में। Download के बाद offline पढ़ें या print निकालें।

App में पढ़ें Join Telegram