बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. जूल मात्रक है-
(a) कार्य का
(b) ऊर्जा का
(c) कार्य और ऊर्जा दोनों का
(d) शक्ति का
उत्तर: (c) : सरल शब्दों में ऊर्जा को कार्य करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। ऊर्जा का SI मात्रक जूल हैं। कार्यः जब किसी वस्तु पर बल लगया जाता है तो उसमें विस्थापन उत्पन्न हो जाता है इस लगाए गए बल व विस्थापन के गुणनफल को कार्य कहतें हैं।
प्रश्न 2. रबी की फसल है-
(a) मक्का
(b) ज्वार
(c) बाजरा
(d) चना।
उत्तर: (d) : रबी की फसल सामान्यतः अकूटबर-नवम्बर के महीनों में बोई जाती है। इन फसलों को बुआई के समय कम तापमान तथा पकते समय गर्म वातावरण की आवश्यकता होती है। उदाहरण- गेहूँ, जौ, आलू, चना, मसूर, अलसी, मटर, सरसों, रबी की प्रमुख फसले हैं।
प्रश्न 3. चन्द्रग्रहण की घटना होती है-
(a) अमावस्या के दिन
(b) पूर्णिमा के दिन
(c) अमावस्या की रात
(d) कभी भी।
उत्तर: (b) : चन्द्रग्रहणः- जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सीधी रेखा में हों अर्थात् पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाये तो सूर्य प्रकाश को पृथ्वी रोक लेती है जिससे पृथ्वी की परछाईं चन्द्रमा पर पड़ती है इस घटना को चन्द्रग्रहण कहते है। चन्द्रग्रहण की घटना पूर्णिमा के दिन होता है।
प्रश्न 4. D.P.T. के टीके से बचाव होता है-
(a) डिप्थीरिया का
(b) काली खाँसी का
(c) टिटनेस का
(d) उपर्युक्त तीनों का।
उत्तर: (d) : डीपीटी (DPT) भी संयोजित टीकों की एक श्रेणी को संदर्भित करता है, जो मनुष्यों को होने वाले तीन संक्रामक रोगों (डिप्थीरिया, पर्दुसिस (काली खाँसी) और टिटनेस से बचाव के लिए दिये जाते है। D का मतलब डिप्थीरिया, T का मतलब टिटनेस और P का मतलब पटुसिस है।
प्रश्न 5. $CaSO_{4}$ में Ca की संयोजकता है-
(a) +1
(b) +2
(c) -2
(d) -1
उत्तर: (b) : $(CaSO_{4})$ कैल्शिम सल्फेट में कैल्शिम (Ca) $=20=2,8,8,2$ बाहरी कक्षा में उपस्थित (e) की संख्या $=2$ संयोजकता बाहरी कक्षा में उपस्थित (e) संख्या संयोजकता कहलाती है। अतः संयोजकता $=2$ होगी।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. नाभिकीय ऊर्जा किसे कहते हैं? इसका उपयोग क्या है?
उत्तर: नाभिकीय ऊर्जा जब कोई भारी नाभिक दो या दो से अधिक हल्कें नाभिको में टूटते हैं अर्थात् नाभिकीय विखण्डन होता है या दो या दो से अधिक हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक का निर्माण करते हैं अर्थात् नाभिकीय संलयन होता है, दोनों ही प्रक्रियाओं के दौरान प्रचुर मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है, जिसे नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं।
नाभिकीय ऊर्जा का उपयोग नाभिकीय ऊर्जा का उपयोग नाभिकीय रिएक्टर में किया जाता है जिसके द्वारा विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जिससे कारखानों में बड़ी-बड़ी मशीनों को चलाया जाता है इस ऊर्जा की सहायता से अनेक रेडियो एक्टिव आइसोटोप तैयार किए जाते हैं, जिसका उपयोग चिकित्सा, वैज्ञानिक अध्ययन, कृषि आदि में किया जाता है।
प्रश्न 7. प्रथम वर्ग के उत्तोलक को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर: प्रथम श्रेणी का उत्तोलक प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में आलम्ब को आयास एवं भार के मध्य में रखा जाता है। उदाहरण कैची, प्लिास, कील उखाड़ने की मशीन साईकिल का ब्रेक। भौतिकी, यांत्रिकी और प्रौद्योगिकी में उत्तोलक या लीवर को एक सरल यंत्र कहा जाता है। उत्तोलक, बलाघूर्ण के सिद्धान्त पर कार्य करता हैं।
प्रश्न 8. जल में घुलनशील तथा वसा में घुलनशील विटामिन के दो-दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: जल में घुलनशील विटामिन B कॉम्प्लेक्स और विटामिन C है तथा वसा में घुलनशील विटामिन A, D, E तथा K हैं।
प्रश्न 9. जल प्रदूषण के मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर: जल प्रदूषण भारत में व्याप्त सबसे बड़े संकटों में से एक है। इसका सबसे बड़ा स्त्रोत है, बिना ट्रीटमेंट किया सीवेज का पानी, औद्योगिक अपशिष्ट और अन्य प्रमुख कारण हैं- सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाज, जैसे पानी में शव को बहाने, नहाने, कचरा फेंकने जहाजों में होने वाला तेल का रिसाव, एसिड रेन, ग्लोबल वार्मिंग आदि।
प्रश्न 10. वसा को कितने समूहों में बाँटा गया है?
उत्तर: खाद्य पदार्थों में कई प्रकार की वसा होती हैं। इसमें से प्रमुख तीन प्रकार की होती हैं, संतृप्त (सैच्युरेटेड) एकल असंतृप्त (मोनो अनसेचुरेटेड) और बहु-असंतृप्त (अनसेचुरेटेड) हैं।
प्रश्न 11. दिये गये समीकरण को पूरा कीजिए-
$CaCO_{3}+2HCl\rightarrow$
उत्तर: $CaCO_{3}+2HCl\rightarrow CaCl_{2}+CO_{2}+H_{2}O$
- $CaCO_{3}$ - कैल्शियम कार्बोनेट
- HCI - हाइड्रोजनक्लोराइड
- $CaCl_{2}$ - कैल्शियम क्लोराइड
- $CO_{2}$ - कार्बनडाइऑक्साइड
- $H_{2}O$ - जल
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: भौतिक परिवर्तन भौतिक परिवर्तन ऐसा परिवर्तन हैं जिसमें पदार्थ की रासायनिक प्रकृति या रासायनिक पहचान में कोई परिवर्तन नहीं होता है बल्कि उसके रूप, आकार में परिवर्तन होता है। जो भौतिक परिवर्तन कहलाता है। जैसे पानी का जमना, पानी का उबलना, मोमबत्ती का पिघलना आदि।
रासायनिक परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन ऐसा परिवर्तन है, जिसमें आण्विक संरचना पूरी तरह बदल जाती है और एक नया उत्पाद बनता है। रासायनिक परिवर्तन में परिवर्तन अपरिवर्तनीय एवं स्थायी होते हैं। इसमें पदार्थ अपने मूल स्वरूप में वापस किसी भी प्रकार से नहीं आ सकता है। जैसे लकड़ी या कागज का जलना, कपूर का जलना, दूध का फटना, लोहे में जंग लगना आदि।
प्रश्न 13. मृदा प्रदूषण के स्त्रोत एवं प्रभाव लिखिए।
उत्तर: मृदा प्रदूषण अपमार्जकों मृदा में होने वाले प्रदूषण को मृदा प्रदूषण कहते हैं। यह मुख्यतः कृषि मे अत्यधिक कीटनाशक का उपयोग, घरेलू अपमार्जकों के मिट्टी में मिल जाने से या ऐसे पदार्थ जैसे- पॉलिथीन, प्लास्टिक आदि मृदा में नहीं होना चाहिए, इसके मिलने पर मृदा प्रदूषण होता है।
मृदा प्रदूषण के स्त्रोत
- फैक्ट्रियों, कारखानों से निकला हुआ अपशिष्ट पदार्थ।
- नगरपालिका से निकला अपशिष्ट पदार्थ
- कृषि अपशिष्ट कृषि में प्रयोग होने वाले अनेक प्रकार के कीटनाशक, रसायन आदि।
- आजकल उपयोग में लाई जाने वाली पॉलिथीन।
मृदा प्रदूषण के प्रभाव
- मृदा प्रदूषण से अनेक प्रकार के पादप रोग उत्पन्न होते हैं।
- मृदा प्रदूषण से विभिन्न प्रकार के रोगों के रोगाणुओं को पनपने का अवसर मिलता है।
प्रश्न 14. मनुष्य के श्वसन तन्त्र का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: मनुष्य में श्वसन तन्त्र का नामांकित चित्र

प्रश्न 15. प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| प्रोकैरियोटिक | यूकैरियोटिक |
|---|---|
| 1. सामान्यतः आकार छोटा (1- 10 माइक्रोमीटर) होता है। | 1. सामान्यतः आकार बड़ा (5- 100 माइक्रोमीटर) होता है। |
| 2. कोशिका विभाजन विखण्डन या मुकुलन द्वारा होता है। | 2. कोशिका विभाजन समसूत्री एवं अर्धसूत्री दोनो विधियों से होता है। |
| 3. केन्द्रक क्षेत्र, केन्द्रीय झिल्ली से घिरा नहीं होता है। | 3. केन्द्रक द्रव्य केन्द्रीय झिल्ली द्वारा घिरा रहता है। |
| 4. केन्द्रक कला तथा केन्द्रिका अनुपस्थित होती है। | 4. केन्द्रक कला तथा केन्द्रिका उपस्थित होती है। |
| 5. DNA कोशिका द्रव्य में उपस्थित होता है। | 5. DNA केन्द्रक में स्थित होता है। |
| 6. गाल्जी निकाय अन्तः प्रद्रव्यी जालिका लवक तथा माइटोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होते हैं। | 6. गाल्जी निकाय अन्तः प्रद्रव्यी जालिका तथा माइटोकाण्ड्रिया उपस्थित होते हैं। |
प्रश्न 16. उत्तोलक क्या है? इसके प्रकार उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: उत्तोलक उत्तोलक एक मुड़ी हुई अथवा सीधी मजबूत छड़ होती है, जिसे एक बिन्दु के सापेक्ष घुमा सकते हैं। आयास, आलम्ब तथा भार की स्थितियों के आधार पर उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं -
- प्रथम प्रकार के उत्तोलक जिन उत्तोलकों में आयास (बल) और भार के मध्य आलम्ब होता है। वे प्रथम प्रकार के उत्तोलक कहलाते हैं। जैसे हैण्डपम्प, प्लायर्स, कील निकालने वाली हथौंड़ी आदि।
- द्वितीय प्रकार के उत्तोलक जिन उत्तोलकों में भार, आलम्ब तथा आयास के मध्य में होता है वे द्वितीय प्रकार के उत्तोलक कहलाते हैं। जैसे सरौता, पहिए वाली ट्राली आदि।
- तृतीय प्रकार के उत्तोलक इस प्रकार के उत्तोलको में आयास, भार एवं आलम्ब के बीच में होता है। जैसे चिमटा, चाकू, फावड़ा, झाडू सीढ़ी आदि।
उत्तोलक, बलाघूर्ण के सिद्धान्त पर कार्य करता है। आम जीवन में उत्तोलक का बहुत ही महत्व है और हर जगह इसे देखा जा सकता है।
प्रश्न 17. निम्नलिखित के सूत्र एवं एक-एक उपयोग लिखिए-
(a) विरंजक चूर्ण, (b) बेकिंग सोडा, (c) धावन सोडा।
उत्तर:
- (a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम कैल्शियम आक्सीक्लोराइड है। विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र $CaOCl_{2}$ होता है। यह कॉटन टेक्सटाइल उद्योग में लिनन लाउन्ड्री में विरंजित कपड़ों को धोने के लिए प्रयुक्त होता है।
- (b) बेकिंग सोडा सोडियम बाईकार्बोनेट एक कार्बनिक यौगिक है। इसे मीठा सोडा या खाने का सोडा कहते हैं क्योंकि विभिन्न व्यंजनों को बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। जल की कठोरता को दूर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इसका अणु सूत्र $NaHCO_{3}$ है। इसका रासायनिक नाम सोडियम बाईकार्बोनेट है।
- (c) धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट एक अकार्बनिक यौगिक है। जिसका रासायनिक सूत्र $(Na_{2}CO_{3}10H_{2}O)$ है। इसे 'धावन सोडा' या धोने का सोडा भी कहते है। इसका उपयोग कपड़े धोने में किया जाता है।
प्रश्न 18. सन्तुलित आहार क्या है? मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार क्यों आवश्यक है?
उत्तर: सन्तुलित आहार ऐसा आहार जिसमें सभी पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज लवण और जल शारीरिक जरूरत के हिसाब से उचित मात्रा में पाये जाते हैं। सन्तुलित आहार कहते हैं।
एक विविध सन्तुलित आहार पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए आपको आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार आवश्यक है क्योंकि शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति स्वस्थ्य एवं तंदुरूस्त रहने के लिए जरूरी है। संतुलित आहार अनेक रोगों और संक्रमण रोगों को रोकने में सहायक होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व रोगो से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। यह मनुष्य की मानसिक क्षमताओं एवं स्मरणशक्ति में भी वृद्धि करता है।