वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. क्ष, त्र, ज्ञ व्यंजन हैं-
(a) लुण्ठित
(b) ऊष्म
(c) संयुक्त
(d) उत्क्षिप्त
उत्तर: (c) संयुक्त
क्ष, त्र और ज्ञ संयुक्त व्यंजन हैं, क्योंकि ये दो व्यंजनों के मेल से बने हैं। जैसे- क्ष = क् + ष, त्र = त् + र, ज्ञ = ज् + ञ।
प्रश्न 2. जिन शब्दों में काम का होना या करना प्रकट होता है, उन्हें कहते हैं-
(a) संज्ञा
(b) सर्वनाम
(c) क्रिया
(d) विशेषण
उत्तर: (c) क्रिया
जिन शब्दों से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं। जैसे- पढ़ना, खाना, जाना, सोना।
प्रश्न 3. जिन शब्दों के अर्थ समान होते हैं उन्हें कहते हैं-
(a) तत्सम शब्द
(b) पर्यायवाची शब्द
(c) विलोम शब्द
(d) विशेषण शब्द
उत्तर: (b) पर्यायवाची शब्द
समान अथवा बहुत निकट अर्थ प्रकट करने वाले शब्द पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहलाते हैं। जैसे- वायु, पवन, समीर, अनिल।
प्रश्न 4. मुखाकृति के आधार पर स्वरों का वर्गीकरण है-
(a) अग्र स्वर
(b) पश्च स्वर
(c) संवृत स्वर
(d) ये सभी
उत्तर: (d) ये सभी
दिए गए पाठ्य-वर्गीकरण में स्वर-उच्चारण के समय मुख एवं जिह्वा की स्थिति के अनुसार अग्र, पश्च तथा संवृत आदि स्वर-भेद किए जाते हैं। अतः दिए गए विकल्पों में उपर्युक्त सभी सम्मिलित हैं।
प्रश्न 5. वे संख्याएँ जो 2 से पूर्ण रूप से विभाजित नहीं होती हैं, उन्हें कहते हैं-
(a) विषम संख्या
(b) भाज्य संख्या
(c) सम संख्या
(d) अपरिमेय संख्या
उत्तर: (a) विषम संख्या
जो पूर्ण संख्याएँ 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होतीं, वे विषम संख्याएँ कहलाती हैं। जैसे- 3, 5, 7, 9, 11 आदि।
प्रश्न 6. एक परिमेय संख्या को किस रूप में व्यक्त किया जा सकता है?
(a) q ≠ 0
(b) p ≠ 0
(c) p/q
(d) कोई नहीं
उत्तर: (c) p/q
परिमेय संख्या वह संख्या है जिसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों तथा q ≠ 0 हो। जैसे- 2/3, 5/6, 1/2।
प्रश्न 7. शून्य की खोज कहाँ हुई थी?
(a) यूनान
(b) ब्रिटेन
(c) बेबिलोनिया
(d) भारत
उत्तर: (d) भारत
आधुनिक दशमलव स्थान-मूल्य पद्धति में शून्य को संख्या के रूप में विकसित करने में भारतीय गणित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सातवीं शताब्दी में भारतीय गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त ने शून्य के साथ गणितीय संक्रियाओं के नियम स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए।
प्रश्न 8. 990 में 9 का स्थानीय मान है-
(a) 10
(b) 100
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर: (d) कोई नहीं
990 में पहला 9 सैकड़े के स्थान पर है, इसलिए उसका स्थानीय मान 900 है; दूसरा 9 दहाई के स्थान पर है, इसलिए उसका स्थानीय मान 90 है। दिए गए विकल्पों में 900 या 90 नहीं है, अतः सही विकल्प (d) कोई नहीं है।
प्रश्न 9. "आँचल में है दूध और आँखों में पानी" यह कथन है-
(a) मैथिलीशरण गुप्त
(b) सुमित्रानन्दन पन्त
(c) जयशंकर प्रसाद
(d) सुभद्राकुमारी चौहान
उत्तर: (a) मैथिलीशरण गुप्त
यह प्रसिद्ध पंक्ति राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की रचना से है।
प्रश्न 10. 1 से 9 तक की संख्याओं का ज्ञान छोटे छात्रों को किन माध्यमों से कराया जाना चाहिए?
(a) खेल द्वारा
(b) कविता द्वारा
(c) मूर्त वस्तुओं द्वारा
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
आरम्भिक स्तर पर संख्या-बोध को रोचक और ठोस बनाने के लिए खेल, कविता तथा मूर्त वस्तुओं का उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 11. निम्नलिखित में दन्त्य व्यंजन है-
(a) क
(b) प
(c) ड
(d) न
उत्तर: (d) न
न त-वर्ग का दन्त्य व्यंजन है। त, थ, द, ध और न के उच्चारण में जिह्वा का अग्रभाग दाँतों के निकट या उनसे स्पर्श करता है।
प्रश्न 12. सबसे छोटी सम अभाज्य संख्या है-
(a) 1
(b) 3
(c) 2
(d) 5
उत्तर: (c) 2
2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या तथा एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
प्रश्न 13. 22 × 34 का गुणनफल है-
(a) 748
(b) 874
(c) 487
(d) कोई नहीं
उत्तर: (a) 748
22 × 34 = 22 × (30 + 4) = 660 + 88 = 748।
प्रश्न 14. गणित की मूल संक्रियाएँ हैं-
(a) जोड़-घटाना
(b) भाग-गुणा
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) (a) और (b) दोनों
गणित की चार मूल अंकगणितीय संक्रियाएँ हैं- जोड़, घटाना, गुणा और भाग।
प्रश्न 15. 'त' वर्ग का उच्चारण स्थान है-
(a) स्पर्श
(b) कंठ
(c) ओष्ठ
(d) दन्त
उत्तर: (d) दन्त
त-वर्ग के व्यंजनों त, थ, द, ध, न का उच्चारण स्थान दन्त है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. वर्ण का अर्थ बताइए।
उत्तर: भाषा की ऐसी मूल ध्वनि जिसका और विभाजन न किया जा सके, वर्ण कहलाती है। हिन्दी वर्ण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं- स्वर और व्यंजन।
प्रश्न 17. हिन्दी भाषा सीखने के प्रमुख अंग कौन-कौन हैं?
उत्तर: भाषा सीखने के चार प्रमुख कौशल हैं- सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना। सुनना एवं पढ़ना ग्रहणात्मक तथा बोलना एवं लिखना अभिव्यक्तिपरक कौशल हैं।
प्रश्न 18. संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्यों के योजक शब्दों द्वारा जुड़ने से बना वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाता है। जैसे- राधा पढ़ रही है, लेकिन राजा सो रहा है।
प्रश्न 19. कहानी शिक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: कहानी के माध्यम से भाषा, विचार, कल्पना, नैतिक मूल्यों और अभिव्यक्ति-कौशल का विकास कराने की शिक्षण प्रक्रिया कहानी शिक्षण कहलाती है।
प्रश्न 20. सौभाग्य का विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर: सौभाग्य का विलोम शब्द दुर्भाग्य है।
प्रश्न 21. इकाई किसे कहते हैं?
उत्तर: स्थान-मूल्य पद्धति में किसी संख्या का सबसे दाहिना स्थान इकाई का स्थान कहलाता है। दस इकाइयाँ मिलकर एक दहाई बनाती हैं।
प्रश्न 22. अंक का स्थानीय मान किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी संख्या में किसी अंक का उसके स्थान के अनुसार प्राप्त मान स्थानीय मान कहलाता है। जैसे- 982 में 8 का स्थानीय मान 80 है।
प्रश्न 23. सरल वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस वाक्य में एक मुख्य उद्देश्य और एक मुख्य विधेय हो, उसे सरल या साधारण वाक्य कहते हैं। जैसे- मीना दौड़ती है।
प्रश्न 24. विकारी शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, पुरुष अथवा काल आदि के कारण परिवर्तन होता है, वे विकारी शब्द कहलाते हैं। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया इसके प्रमुख वर्ग हैं।
प्रश्न 25. 356 में सभी अंकों का स्थानीय मान लिखिए।
उत्तर: 356 में 3 का स्थानीय मान 300, 5 का 50 तथा 6 का 6 है।
प्रश्न 26. आरोही क्रम किसे कहते हैं?
उत्तर: संख्याओं को छोटी से बड़ी संख्या की ओर व्यवस्थित करने को आरोही क्रम कहते हैं। जैसे- 15, 18, 20, 25, 31।
प्रश्न 27. संख्यापूर्व तैयारी से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: संख्या सीखने से पहले बच्चों में छोटा-बड़ा, कम-ज्यादा, वर्गीकरण, क्रमबद्धता, मिलान तथा एक-एक संगति जैसी अवधारणाओं का विकास करना संख्यापूर्व तैयारी कहलाता है।
प्रश्न 28. हंसपद विराम चिह्न से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: लिखते समय कोई शब्द या पद छूट जाने पर उसके स्थान को दर्शाने के लिए प्रयुक्त हंसपद चिह्न (^) लगाया जाता है और छूटा हुआ शब्द ऊपर लिखा जाता है।
प्रश्न 29. आकाश के तीन समानार्थी शब्द लिखिए।
उत्तर: आकाश के तीन समानार्थी शब्द हैं- नभ, गगन और आसमान।
प्रश्न 30. प्राकृतिक संख्या किसे कहते हैं?
उत्तर: गिनती में प्रयुक्त संख्याएँ 1, 2, 3, 4, 5... प्राकृतिक संख्याएँ कहलाती हैं। इनके समुच्चय को सामान्यतः N से दर्शाया जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. श्रवण कौशल के उद्देश्य बताइए।
उत्तर: श्रवण कौशल के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
- सुनकर अर्थ एवं भाव ग्रहण करने की क्षमता विकसित करना।
- ध्वनियों, शब्दों एवं उच्चारण में अन्तर पहचानने की क्षमता विकसित करना।
- विद्यार्थियों में ध्यानपूर्वक सुनने की आदत विकसित करना।
- शब्द-भण्डार में वृद्धि करना।
- निर्देश, संदेश, कहानी, कविता एवं संवाद को समझने की क्षमता विकसित करना।
- शुद्ध उच्चारण और भाषा-प्रयोग को सीखने में सहायता करना।
- विद्यार्थियों को अच्छा एवं संवेदनशील श्रोता बनाना।
प्रश्न 32. कविताओं के प्रकार बताइए।
उत्तर:
पाठ्य-सन्दर्भ में काव्य को इन्द्रियों द्वारा ग्रहण करने के आधार पर मुख्यतः दो प्रकार- दृश्य काव्य और श्रव्य काव्य में बाँटा जाता है।
- दृश्य काव्य- जिसका रसास्वादन अभिनय को देखकर और सुनकर किया जाता है। जैसे- नाटक और एकांकी।
- श्रव्य काव्य- जिसका रसास्वादन पढ़कर अथवा सुनकर किया जाता है। कविता इसी व्यापक श्रेणी के अन्तर्गत आती है।
पद्य-काव्य को आगे प्रबन्ध काव्य और मुक्तक काव्य में भी विभाजित किया जाता है।
प्रश्न 33. गणित शिक्षण का महत्व एवं उपयोगिता बताइए।
उत्तर:
गणित का ज्ञान दैनिक जीवन, शिक्षा, विज्ञान, व्यापार तथा तार्किक चिंतन के लिए अत्यन्त उपयोगी है। इसके प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं-
- दैनिक जीवन में- क्रय-विक्रय, समय, दूरी, माप-तौल, आय-व्यय और धन की गणना में गणित आवश्यक है।
- तार्किक विकास में- गणित तर्क, विश्लेषण, तुलना तथा समस्या-समाधान क्षमता का विकास करता है।
- वैज्ञानिक अध्ययन में- विज्ञान, तकनीक एवं अनेक प्राकृतिक घटनाओं को समझने में गणितीय ज्ञान आवश्यक होता है।
- व्यावसायिक जीवन में- व्यापार, बैंकिंग, लेखा, निर्माण और विभिन्न व्यवसायों में गणित का व्यापक उपयोग होता है।
- सटीकता एवं आत्मविश्वास में- गणित व्यवस्थित ढंग से सोचने, जाँचने और सही निष्कर्ष तक पहुँचने की आदत विकसित करता है।
प्रश्न 34. देवनागरी लिपि की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: देवनागरी लिपि की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- देवनागरी का विकास ब्राह्मी लिपि-परम्परा से हुआ है।
- यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
- इसके वर्णों के ऊपर सामान्यतः शिरोरेखा होती है।
- व्यंजनों के साथ स्वरों को व्यक्त करने के लिए मात्राओं का प्रयोग किया जाता है।
- व्यंजनों की व्यवस्था उच्चारण-स्थान एवं उच्चारण-प्रयत्न के आधार पर सुव्यवस्थित है।
- इसमें संयुक्ताक्षरों तथा आधे वर्णों को लिखने की व्यवस्था है।
- देवनागरी का प्रयोग हिन्दी, संस्कृत, मराठी और नेपाली सहित अनेक भाषाओं में किया जाता है।
प्रश्न 35. संख्याओं का गिनना एवं पढ़ना सिखाने की किन्हीं दो गतिविधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
- मूर्त वस्तुओं से गिनती- बच्चों को कंकड़, तीलियाँ, खिलौने या फल देकर एक-एक वस्तु छूते हुए गिनवाएँ और फिर उसी संख्या के अंक-कार्ड से मिलान कराएँ।
- संख्या-क्रम खेल- 1 से 9 तक के संख्या-कार्ड बच्चों को देकर उन्हें सही क्रम में खड़ा कराया जाए अथवा फर्श पर बनी संख्या-रेखा पर उचित संख्या तक छलाँग लगवाई जाए।
प्रश्न 36. बच्चों को तीलियों के माध्यम से जोड़ कैसे सिखाएँगे?
उत्तर:
तीलियों द्वारा जोड़ सिखाते समय दो संख्याओं को अलग-अलग तीलियों के समूहों से प्रदर्शित किया जाता है और फिर दोनों समूहों को मिलाकर कुल तीलियाँ गिनवाई जाती हैं।
उदाहरण- 3 + 2
पहले बच्चे के सामने 3 तीलियाँ रखें और फिर अलग से 2 तीलियाँ रखें। दोनों समूहों को मिलाकर गिनने पर 5 तीलियाँ प्राप्त होंगी। इस प्रकार बच्चा प्रत्यक्ष रूप से समझता है कि-
3 + 2 = 5
इसी प्रकार धीरे-धीरे बड़ी संख्याओं के जोड़ का अभ्यास कराया जा सकता है।
प्रश्न 37. लेखन की विधियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
आरम्भिक लेखन-शिक्षण की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं-
- खण्डशः रेखालेखन विधि
- मॉन्टेसरी विधि
- जैकॉटॉट विधि
- पेस्टालॉजी विधि
- अनुकरण विधि
- स्वतन्त्र लेखन विधि
- खण्डशः रेखालेखन विधि- अक्षर की आकृति को सरल रेखाओं एवं भागों में विभाजित करके प्रत्येक भाग का अभ्यास कराया जाता है और बाद में उन्हें जोड़कर पूरा अक्षर लिखना सिखाया जाता है।
- मॉन्टेसरी विधि- बालक स्पर्श द्वारा अक्षर की आकृति पहचानता है। उभरे हुए या खुरदरे अक्षरों पर उँगली फेरने के बाद उसी गति का लेखन में अभ्यास कराया जाता है।
- जैकॉटॉट विधि- बालक शिक्षक द्वारा दिए गए आदर्श शब्द या वाक्य को देखकर लिखता है, अपने लेख की मूल प्रति से तुलना करता है और स्वयं त्रुटि-सुधार करता है। बाद में स्मृति के आधार पर लिखने का अभ्यास कराया जाता है।
- पेस्टालॉजी विधि- इसमें सरल से कठिन की ओर बढ़ते हुए अक्षरों को रेखाओं और छोटे भागों में विभाजित करके अभ्यास कराया जाता है तथा भागों को जोड़कर पूर्ण अक्षर बनवाया जाता है।
- अनुकरण विधि- शिक्षक आदर्श लेख प्रस्तुत करता है और विद्यार्थी देखकर उसी प्रकार लिखने का अभ्यास करते हैं।
- स्वतन्त्र लेखन विधि- पर्याप्त अभ्यास के बाद बालक बिना नमूना देखे अपने ज्ञान एवं मानसिक प्रतिमा के आधार पर स्वयं लिखता है।
प्रश्न 38. लोकगीत से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जनसामान्य द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी परम्परा से गाए जाने वाले ऐसे गीत जिनमें किसी क्षेत्र के जीवन, संस्कृति, रीति-रिवाज, पर्व, श्रम, सुख-दुःख और लोकभावनाओं की अभिव्यक्ति होती है, लोकगीत कहलाते हैं।
लोकगीत प्रायः मौखिक परम्परा से चलते हैं और उनकी रचना किसी एक ज्ञात रचनाकार से जुड़ी होना आवश्यक नहीं है। उत्तर प्रदेश की कजरी, सोहर और बिरहा तथा राजस्थान के अनेक विवाह एवं पर्व-गीत इसके उदाहरण हैं।
प्रश्न 39. समानार्थी शब्दों का आशय उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जिन शब्दों के अर्थ समान अथवा बहुत निकट हों, उन्हें समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
- हवा- वायु, पवन, समीर, अनिल।
- जंगल- वन, कानन, विपिन, अरण्य।
- सूर्य- रवि, भानु, दिनकर, आदित्य।
प्रश्न 40. अशुद्ध उच्चारण के कारण बताइए।
उत्तर: अशुद्ध उच्चारण के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
- ध्वनियों एवं उनके सही उच्चारण-स्थान का ज्ञान न होना।
- शब्दों को बहुत जल्दी या असावधानी से बोलना।
- श, ष, स; ब, व; ड, ड़ आदि मिलती-जुलती ध्वनियों में भेद न कर पाना।
- मात्राओं एवं वर्णों का अपर्याप्त ज्ञान।
- क्षेत्रीय बोली एवं मातृभाषा का प्रभाव।
- अनुचित भाषिक आदतें और शुद्ध भाषा सुनने के अवसरों की कमी।
- भय, संकोच या आत्मविश्वास की कमी।
- श्रवण सम्बन्धी कठिनाई।
- जिह्वा, होंठ, दाँत, तालु अथवा अन्य उच्चारण-अवयवों से सम्बन्धित शारीरिक कठिनाई।
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