वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. क्ष, त्र, ज्ञ व्यंजन हैं-
(a) लुण्ठित व्यंजन
(b) संयुक्त व्यंजन
(c) ऊष्म व्यंजन
(d) उत्क्षिप्त व्यंजन
उत्तर: (b) संयुक्त व्यंजन
दो या दो से अधिक व्यंजनों के मेल से बने व्यंजनों को संयुक्त व्यंजन कहते हैं। क्ष = क् + ष, त्र = त् + र तथा ज्ञ = ज् + ञ इसके उदाहरण हैं।
प्रश्न 2. अनुनासिक चिह्न है-
(a) ँ
(b) :
(c) =
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) ँ
चन्द्रबिन्दु (ँ) अनुनासिकता का चिह्न है। जैसे- चाँद, माँ, हँसना।
प्रश्न 3. गणित में मूल संक्रियाएँ हैं-
(a) 3 (तीन)
(b) 4 (चार)
(c) 6 (छः)
(d) 7 (सात)
उत्तर: (b) 4 (चार)
गणित की चार मूल अंकगणितीय संक्रियाएँ हैं- जोड़, घटाना, गुणा और भाग।
प्रश्न 4. समान वितरण करने की क्रिया कहलाती है-
(a) जोड़
(b) गुणा
(c) घटाना
(d) भाग
उत्तर: (d) भाग
किसी मात्रा को बराबर समूहों में बाँटने की प्रक्रिया भाग से सम्बन्धित है।
प्रश्न 5. सही कथन है-
(a) भाज्य × भाजक = भागफल + शेषफल
(b) 5 + 5 + 5 + 5 + 5 + 5 में 5 गुणज है
(c) किसी संख्या में अंकों का स्थानीय मान और आंकिक मान सदैव समान ही रहेगा
(d) विषम संख्याएँ 2 से भाज्य नहीं होती हैं
उत्तर: (d) विषम संख्याएँ 2 से भाज्य नहीं होती हैं
विषम संख्या 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होती है। जैसे- 3, 5, 7, 9 आदि। भाग का सही सम्बन्ध है- भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल।
प्रश्न 6. 445 में 4 के स्थानीय मानों का अन्तर होगा-
(a) शून्य
(b) 396
(c) 360
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) 360
445 में पहले 4 का स्थानीय मान 400 तथा दूसरे 4 का स्थानीय मान 40 है। अतः अन्तर = 400 - 40 = 360।
प्रश्न 7. सही सुमेल है-
(a) कण्ठ्य - क वर्ग
(b) दन्त्य - प वर्ग
(c) ओष्ठ्य - च वर्ग
(d) तालव्य - त वर्ग
उत्तर: (a) कण्ठ्य - क वर्ग
उच्चारण-स्थान के आधार पर क-वर्ग कण्ठ्य, च-वर्ग तालव्य, ट-वर्ग मूर्धन्य, त-वर्ग दन्त्य तथा प-वर्ग ओष्ठ्य होता है।
प्रश्न 8. भाषा शिक्षण में शारीरिक समस्याएँ हैं-
(a) दृष्टि दोष
(b) श्रवण दोष
(c) उच्चारण दोष
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
दृष्टि, श्रवण तथा उच्चारण से सम्बन्धित कठिनाइयाँ भाषा सीखने के पठन, श्रवण, बोलने और लेखन पक्षों को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रश्न 9. ओष्ठाकृति के आधार पर स्वर होते हैं-
(a) वृत्ताकार
(b) अवृत्ताकार
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) (a) और (b) दोनों
ओष्ठाकृति के आधार पर स्वर दो प्रकार के होते हैं- वृत्ताकार और अवृत्ताकार। वृत्ताकार स्वर- उ, ऊ, ओ, औ; अवृत्ताकार स्वर- अ, आ, इ, ई, ऋ, ए, ऐ।
प्रश्न 10. निम्न में से चित्र लिपि है-
(a) चीनी लिपि
(b) तमिल लिपि
(c) गुजराती लिपि
(d) बंगाली लिपि
उत्तर: (a) चीनी लिपि
विद्यालयी वर्गीकरण में चीनी लिपि को चित्रात्मक लिपि के उदाहरण के रूप में दिया जाता है। प्राचीन चीनी लेखन में अनेक चिह्नों का विकास चित्रात्मक संकेतों से हुआ था।
प्रश्न 11. 2, 3, 5, 7 संख्याएँ हैं-
(a) प्राकृत संख्या
(b) अभाज्य संख्या
(c) परिमेय संख्या
(d) अपरिमेय संख्या
उत्तर: (b) अभाज्य संख्या
जिन प्राकृतिक संख्याओं के केवल दो धनात्मक भाजक- 1 और स्वयं वह संख्या- होते हैं, उन्हें अभाज्य संख्या कहते हैं। 2, 3, 5 और 7 अभाज्य संख्याएँ हैं।
प्रश्न 12. महाप्राण वर्ण हैं-
(a) क, ग
(b) च, ज
(c) ख, घ
(d) प, ब
उत्तर: (c) ख, घ
जिन व्यंजनों के उच्चारण में अपेक्षाकृत अधिक श्वास-वायु निकलती है, वे महाप्राण व्यंजन कहलाते हैं। ख और घ दोनों महाप्राण हैं।
प्रश्न 13. कविता छन्दोमय रचना है- यह कथन किसका है?
(a) आचार्य वामन
(b) कार्लाइल
(c) जानसन
(d) मिल्टन
उत्तर: (a) आचार्य वामन
प्रश्न-पत्र की स्वीकृत उत्तर-कुंजी के अनुसार आचार्य वामन सही उत्तर है।
प्रश्न 14. एक परिमेय संख्या को किस रूप में व्यक्त किया जा सकता है?
(a) q ≠ 0
(b) p/q
(c) p ≠ 0
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) p/q
परिमेय संख्या को p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हों तथा q ≠ 0 हो।
प्रश्न 15. व्यंजन 'त', 'थ', 'द', 'ध' अवयव हैं-
(a) कण्ठ
(b) तालु
(c) दन्त
(d) ओष्ठ
उत्तर: (c) दन्त
त-वर्ग के व्यंजन त, थ, द, ध, न दन्त्य होते हैं। इनके उच्चारण में जिह्वा का अग्रभाग दाँतों के निकट या उनसे स्पर्श करता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. विराम चिह्न का प्रयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: लिखित भाषा में ठहराव, वाक्य की समाप्ति तथा भाव और अर्थ की स्पष्टता दिखाने के लिए विराम चिह्नों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. वर्ण किसे कहते हैं?
उत्तर: भाषा की ऐसी मूल ध्वनि जिसका और विभाजन न किया जा सके, वर्ण कहलाती है। जैसे- अ, आ, क, ख आदि।
प्रश्न 18. गंगा के चार पर्यायवाची शब्द बताइए।
उत्तर: गंगा के चार पर्यायवाची हैं- भागीरथी, जाह्नवी, सुरसरि और त्रिपथगा।
प्रश्न 19. तुकान्त शब्द क्या हैं?
उत्तर: जिन शब्दों के अन्त में समान या मिलती-जुलती ध्वनियाँ आती हैं, उन्हें तुकान्त शब्द कहते हैं। जैसे- हाथ-साथ, सरल-तरल।
प्रश्न 20. आरोही क्रम व अवरोही क्रम में क्या अन्तर है?
उत्तर: संख्याओं को छोटी से बड़ी ओर लिखना आरोही क्रम तथा बड़ी से छोटी ओर लिखना अवरोही क्रम कहलाता है। जैसे- 3, 5, 8 आरोही तथा 8, 5, 3 अवरोही क्रम है।
प्रश्न 21. "गणित वह मार्ग है जिसके द्वारा बच्चों के मन या मस्तिष्क में तर्क करने की आदत स्थापित होती है।" यह कथन किसका है?
उत्तर: यह कथन लॉक (John Locke) का माना जाता है।
प्रश्न 22. गुणक किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस संख्या से किसी दूसरी संख्या को गुणा किया जाता है, उसे गुणक कहते हैं। जैसे- 12 × 15 = 180 में 15 गुणक है।
प्रश्न 23. स्थानीय मान से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: किसी संख्या में किसी अंक का उसके स्थान के अनुसार प्राप्त मान स्थानीय मान कहलाता है। जैसे- 482 में 8 का स्थानीय मान 80 है।
प्रश्न 24. 'द्विज' शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: द्विज का शाब्दिक अर्थ दो बार जन्म लेने वाला है। इसके अर्थों में पक्षी तथा परम्परागत रूप से द्विज कहलाने वाले व्यक्तियों का उल्लेख मिलता है। पक्षी पहले अण्डे और फिर अण्डे से निकलकर दूसरा रूप प्राप्त करता है।
प्रश्न 25. 'लिपि' किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी भाषा की ध्वनियों को लिखित रूप में व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त निश्चित चिह्नों की व्यवस्था को लिपि कहते हैं। हिन्दी की लिपि देवनागरी है।
प्रश्न 26. मिश्रित वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य तथा एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, उसे मिश्रित वाक्य कहते हैं। जैसे- अध्यापक ने कहा कि कल विद्यालय बन्द रहेगा।
प्रश्न 27. सह-अभाज्य संख्याएँ किसे कहते हैं?
उत्तर: जिन दो या अधिक संख्याओं का महत्तम समापवर्तक (HCF) 1 हो, वे सह-अभाज्य संख्याएँ कहलाती हैं। जैसे- 4 और 5।
प्रश्न 28. 40 पुस्तकों को 6 विद्यार्थियों में समान रूप से वितरित करने पर कितनी पुस्तकें शेष बचेंगी?
उत्तर: 40 ÷ 6 = 6 शेष 4। अतः समान वितरण के बाद 4 पुस्तकें शेष बचेंगी।
प्रश्न 29. अपरिमेय संख्याएँ किसे कहते हैं?
उत्तर: जिन वास्तविक संख्याओं को p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, जहाँ p और q पूर्णांक तथा q ≠ 0 हो, वे अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं। जैसे- √2, √3, π।
प्रश्न 30. काव्य का क्या अभिप्राय है?
उत्तर: भाव, विचार, अनुभूति और कल्पना की कलात्मक एवं प्रभावपूर्ण भाषिक अभिव्यक्ति को काव्य कहते हैं। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार रसात्मक वाक्य काव्य है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. सम तथा विषम संख्याओं में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| सम संख्या | विषम संख्या |
|---|---|
| जो पूर्ण संख्या 2 से पूर्णतः विभाजित हो जाती है, वह सम संख्या कहलाती है। | जो पूर्ण संख्या 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होती, वह विषम संख्या कहलाती है। |
| इसे 2n के रूप में लिखा जा सकता है। | इसे 2n + 1 के रूप में लिखा जा सकता है। |
| उदाहरण: 2, 4, 6, 8, 10। | उदाहरण: 1, 3, 5, 7, 9। |
प्रश्न 32. अनुनासिक और अनुस्वार में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| अनुनासिक | अनुस्वार |
|---|---|
| स्वर के उच्चारण में वायु मुख और नासिका दोनों से निकलती है। | यह नासिक्य ध्वनि को सूचित करने वाला चिह्न है। |
| इसे सामान्यतः चन्द्रबिन्दु (ँ) से दर्शाया जाता है। | इसे बिन्दु (ं) से दर्शाया जाता है। |
| उदाहरण: माँ, चाँद, हँसना। | उदाहरण: अंक, पंख, संकल्प। |
प्रश्न 33. वाक्य कितने प्रकार के होते हैं? उनका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यतः रचना और अर्थ के आधार पर किया जाता है। रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं-
- सरल वाक्य- जिसमें एक मुख्य उद्देश्य और एक मुख्य विधेय हो। जैसे- राम भोजन करता है।
- संयुक्त वाक्य- जिसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य योजक शब्दों द्वारा जुड़े हों। जैसे- राम दिल्ली गया और शाम को लौट आया।
- मिश्रित वाक्य- जिसमें एक प्रधान उपवाक्य तथा एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों। जैसे- अध्यापक ने बताया कि कल छुट्टी है।
अर्थ के आधार पर विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक और विस्मयादिबोधक आदि भेद किए जाते हैं।
प्रश्न 34. हासिल की अवधारणा को आप बच्चों को किस प्रकार समझाएँगे?
उत्तर:
जोड़ करते समय किसी स्थान के अंकों का योग 10 या उससे अधिक होने पर इकाई का अंक उसी स्थान पर लिखा जाता है और शेष दहाई को अगले स्थान में जोड़ दिया जाता है। इसे सामान्यतः हासिल लेना या पुनर्समूहन कहते हैं।
उदाहरण- 42583 + 42489
- इकाई: 3 + 9 = 12। 2 लिखेंगे और 1 दहाई हासिल लेंगे।
- दहाई: 8 + 8 + 1 = 17। 7 लिखेंगे और 1 सैकड़ा हासिल लेंगे।
- सैकड़ा: 5 + 4 + 1 = 10। 0 लिखेंगे और 1 हजार हासिल लेंगे।
- हजार: 2 + 2 + 1 = 5।
- दस-हजार: 4 + 4 = 8।
अतः-
42583 + 42489 = 85072
बच्चों को पहले तीलियों, बंडलों या स्थान-मूल्य सामग्री से 10 इकाइयों को 1 दहाई में बदलना दिखाने पर हासिल की अवधारणा अधिक स्पष्ट होती है।
प्रश्न 35. किसी बालक में भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न करने के लिए आप किन विधियों का प्रयोग करेंगे?
उत्तर: बालक में भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न करने के लिए निम्न विधियों एवं गतिविधियों का प्रयोग किया जा सकता है-
- कहानी विधि- रोचक कहानियों द्वारा शब्द-भण्डार, कल्पना और भाषा-बोध विकसित करना।
- प्रश्नोत्तर विधि- बच्चों के पूर्वज्ञान से जुड़े प्रश्नों द्वारा उन्हें सक्रिय रूप से पाठ में सम्मिलित करना।
- संवाद एवं वार्तालाप- दैनिक जीवन के विषयों पर बच्चों को स्वतंत्र रूप से बोलने का अवसर देना।
- कविता एवं गीत- लय, तुक और सरल गीतों के माध्यम से भाषा-अध्ययन को आनन्ददायक बनाना।
- चित्र एवं गतिविधि विधि- चित्र देखकर कहानी कहना, वर्णन करना तथा शब्द बनाना।
- खेल विधि- शब्द-खेल, अन्त्याक्षरी, पहेली और भूमिका-अभिनय द्वारा सीखना।
इन विधियों में बालक की सक्रिय सहभागिता, रुचि और अनुभव को केन्द्र में रखना चाहिए।
प्रश्न 36. चित्रलिपि के लाभ लिखिए।
उत्तर:
चित्रलिपि में वस्तुओं, घटनाओं या विचारों को चित्रात्मक संकेतों द्वारा व्यक्त किया जाता है। इसके प्रमुख लाभ हैं-
- चित्र सरल वस्तुओं एवं क्रियाओं का अर्थ प्रत्यक्ष रूप से समझाने में सहायक होते हैं।
- भाषा का पूरा ज्ञान न होने पर भी कई सामान्य संकेतों को समझना सम्भव होता है।
- दृश्य संकेत स्मृति में आसानी से टिक सकते हैं।
- प्राचीन समाजों के जीवन, संस्कृति और घटनाओं की जानकारी के संरक्षण में चित्रात्मक लेखन उपयोगी रहा है।
- आरम्भिक शिक्षण में चित्र बच्चों की रुचि और समझ बढ़ाने में सहायक होते हैं।
प्रश्न 37. स्वर किसे कहते हैं? दीर्घ स्वर को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
जिन वर्णों का उच्चारण किसी अन्य वर्ण की सहायता के बिना तथा वायु के पूर्ण अवरोध के बिना स्वतंत्र रूप से होता है, उन्हें स्वर कहते हैं। हिन्दी में परम्परागत रूप से 11 स्वर माने जाते हैं- अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर स्वर ह्रस्व, दीर्घ और प्लुत होते हैं।
दीर्घ स्वर- जिन स्वरों के उच्चारण में ह्रस्व स्वर की अपेक्षा लगभग दुगुना समय लगता है, उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं। जैसे- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।
प्रश्न 38. श्रवण कौशल का उद्देश्य एवं महत्व बताइए।
उत्तर:
श्रवण कौशल का अर्थ बोली गई भाषा को ध्यानपूर्वक सुनकर उसका अर्थ, भाव और आशय समझने की क्षमता है।
श्रवण कौशल के उद्देश्य-
- सुनकर अर्थ एवं भाव ग्रहण करने की क्षमता विकसित करना।
- ध्वनियों और शब्दों में अन्तर पहचानना।
- ध्यानपूर्वक एवं धैर्य से सुनने की आदत विकसित करना।
- शुद्ध उच्चारण एवं शब्द-भण्डार का विकास करना।
- निर्देशों, संवादों, कहानियों और कविताओं को समझना।
महत्व- भाषा सीखने की प्रारम्भिक प्रक्रिया में बालक सुनकर ही अनेक ध्वनियों, शब्दों और वाक्य-रूपों से परिचित होता है। अच्छा श्रवण बोलने, पढ़ने और लिखने के विकास का आधार बनता है तथा कक्षा में निर्देश और विषय-वस्तु समझने में भी सहायता करता है।
प्रश्न 39. गणित शिक्षण का महत्व एवं उपयोगिता बताइए।
उत्तर:
गणित का ज्ञान दैनिक जीवन, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक तथा तार्किक चिंतन में अत्यन्त उपयोगी है।
- दैनिक जीवन में- क्रय-विक्रय, समय, धन, दूरी, माप-तौल तथा आय-व्यय में गणित की आवश्यकता होती है।
- तार्किक विकास में- गणित तर्क, विश्लेषण, तुलना, अनुमान और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करता है।
- वैज्ञानिक अध्ययन में- विज्ञान, तकनीक, खगोल, सांख्यिकी और अन्य क्षेत्रों में गणितीय ज्ञान आवश्यक है।
- व्यावसायिक उपयोग में- व्यापार, बैंकिंग, लेखा, निर्माण तथा विभिन्न व्यवसायों में गणना का व्यापक उपयोग होता है।
- सटीकता एवं आत्मविश्वास में- गणित विद्यार्थी को व्यवस्थित ढंग से सोचने, परिणाम जाँचने और उचित निष्कर्ष तक पहुँचने का अभ्यास कराता है।
प्रश्न 40. लेखन की किन्हीं दो विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आरम्भिक लेखन-शिक्षण की अनेक विधियों में खण्डशः रेखालेखन विधि और मॉन्टेसरी विधि प्रमुख हैं।
- खण्डशः रेखालेखन विधि- इसमें अक्षर की आकृति को सरल रेखाओं एवं छोटे भागों में बाँटकर प्रत्येक भाग का अभ्यास कराया जाता है। बाद में इन भागों को जोड़कर पूरा अक्षर लिखना सिखाया जाता है। इससे बालक अक्षरों की बनावट को क्रमशः समझता है।
- मॉन्टेसरी विधि- इसमें स्पर्श और हाथ की गति पर विशेष बल दिया जाता है। बालक पहले उभरे या खुरदरे अक्षरों पर उँगली फेरकर उनकी आकृति और गति का अनुभव करता है। पर्याप्त अभ्यास के बाद वह उसी आकृति को लिखने का प्रयास करता है। इससे अक्षर पहचान और लेखन-गतियों का समन्वय विकसित होता है।
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