वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. एसिटिलीन का रासायनिक सूत्र है-
(a) CH4
(b) C2H6
(c) C2H4
(d) C2H2
उत्तर: (d) : एसिटिलीन का रासायनिक सूत्र C2H2 है इसे एथाइन या विनाइलीन भी कहा जाता है। यह एक रंगहीन गैस है और इसका उपयोग ईंधन और रासानिक निर्माण ब्लॉक के रूप में किया जाता है। कच्चे फलों को पकाने में एसिटिलीन गैस का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 2. निकट दृष्टि दोष को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है-
(a) उत्तल लेंस
(b) उत्तल दर्पण
(c) अवतल लेंस
(d) अवतल दर्पण
उत्तर: (c) : निकट दृष्टि दोष को दूर करने के लिए "अवतल लेंस" प्रयोग किया जाता है। निकट दृष्टि दोष-जब किसी व्यक्ति को दूर की वस्तु को स्पष्ट रूप से देखने में कठिनाई आती हैं, उसे निकट दृष्टि दोष कहते हैं। निकट दृष्टि दोष को चिकित्सीय भाषा में मायोपिया कहते हैं। मायोपिया में आँख की पुतली आई (वॉल) का आकार बढ़ने से प्रतिबिम्ब रेटिना पर बनने के बजाय थोड़ा आगे बनता है।
प्रश्न 3. समुद्री तल पर दाबमापी के पारे की ऊँचाई होती है-
(a) 80 सेमी
(b) 76 सेमी
(c) 60 सेमी
(d) 100 सेमी
उत्तर: (b) : समुद्री तल पर दाबमापी के पारे की ऊँचाई 76 सेमी. होती है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से पत्ती से सम्बन्धित अंग नहीं है-
(a) पर्णधार
(b) पर्णवृन्त
(c) पर्वसन्धियाँ
(d) पर्णफलक
उत्तर: (c) : पर्वसन्धियाँ पत्ती से सम्बन्धित अंग नहीं है। पर्वसन्धियाँ तने या शाखा का वह भाग है, जहाँ से पत्तियाँ निकलती हैं।
प्रश्न 5. कार्बन का अक्रिस्टलीय अपरूप है-
(a) ग्रेफाइट
(b) फुलरीन
(c) चारकोल
(d) हीरा
उत्तर: (c) : कार्बन का अक्रिस्टलीय अपरूप चारकोल है। अक्रिस्टलीय अपरूप-जिस अपररूप में कार्बन परमाणु एक अनिश्चित सुव्यवस्था में व्यवस्थित रहते हैं, अक्रिस्टलीय अपररूप कहलाते हैं। जैसे-चारकोल, कोक, काजल आदि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. ऊष्मा संचरण की तीन विधियाँ कौन-कौन सी है? उनके नाम बताइए।
उत्तर: ऊष्मा संचरण ऊष्मा का एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरित होना ही ऊष्मा संचरण कहलाता है। ऊष्मा संचरण की तीन विधियाँ है।
- चालन
- संवहन
- विकिरण
- (i) चालन- ऊष्मा संचरण की वह प्रक्रिया जिसमें माध्यम के कण अपने स्थान से नहीं हटते और ऊष्मा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाती है। इस विधि को चालन कहते हैं। ठोस पदार्थों में इस विधि द्वारा संवहन होता है।
- (ii) संवहन- ऊष्मा संचरण की वह प्रक्रिया जिसमें द्रव को गर्म करने पर ऊँचे ताप वाले कण ऊपर उठते हैं तथा उनका स्थान लेने के लिए कम ताप वाले कण आ जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती है, जब तक सम्पूर्ण द्रव एक समान न हों जायें। ऊष्मा संचरण की इस प्रक्रिया में माध्यम के कण अपना स्थान बदलते रहते हैं। उदाहरण-द्रव पदार्थों में ऊष्मा संचरण इस विधि द्वारा होता है।
- (iii) विकिरण- ऊष्मा संचरण की वह विधि जिसमें न तो पदार्थ के कणों का स्थानांतरण होता है और न ही पदार्थ के बीच पड़ने वाला माध्यम गर्म होता है। इस विधि में माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है। बल्कि ऊष्मा, स्रोत से सीधे प्राप्त हो जाती है। इस प्रक्रिया को विकिरण कहते हैं। उदाहरण-सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर विकिरण द्वारा ही पहुँचता है।
प्रश्न 7. रेगिस्तान का जहाज किसे कहते है?
उत्तर: ऊँट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है क्योंकि ऊँट के पैर गद्देदार होते हैं जिससे ऊँट को चलने और दौड़ने में आसानी होता है। ऊँट से सवारी करने के साथ ही आप भार बाहक कार्य कर सकते हैं। ऊँट लम्बे समय तक बिना पानी के जीवित रह सकता है।
प्रश्न 8. खाने का सोडा और धावन सोडा का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर: खाने का सोडा का रासायनिक नाम सोडियम बाई कार्बोनेट है, इसका रासायनिक सूत्र-NaHCO₃ है। धावन सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट है। इसका रासायनिक सूत्र-Na₂CO₃ है।
प्रश्न 9. मछली तथा तिलचट्टे के श्वसन अंगों के नाम लिखिए।
उत्तर: तिलचट्टे के श्वसन अंग का नाम श्वासनली है। तिलचट्टे का श्वसन तंत्र अनेक श्वासनलिकाओं से बनता है। ये नलिकाएँ बाहर की ओर श्वासरंध्रो द्वारा खुलती है। तिलचट्टे में 10 जोड़ी श्वासरंध्र होते हैं। दो वक्ष में और आठ उदर में होते हैं। जबकि मछली में श्वसन अंग गलफड़े (गिल्स) होते हैं। मछलियों को पानी में घुले हुए ऑक्सीजन के अणुओं को खींचना होता है। इसके लिए उनके खास अंग गिल्स काम में आते हैं।
प्रश्न 10. पेट्रोलियम को द्रव सोना (Liquid Gold) क्यों कहा जाता है?
उत्तर: पेट्रोल की स्थिति धीरे-धीरे खत्म होने के कगार पर जिसके कारण इसका मूल्य बढ़ता जा रहा है, इसी प्रकार सोना भी ठोस वस्तुओं में महँगा है। पेट्रोल की कीमत अधिक होने के कारण इसे द्रव सोना (Liquied Gold) कहा जाता है।
प्रश्न 11. अनुप्रस्थ तरंगों में दो श्रृंगो (शीर्ष) के बीच की दूरी क्या कहलाती है?
उत्तर: अनुप्रस्थ तरंगों में दो क्रमागत श्रृंगों (या दो क्रमागत गर्तों) के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। इसे λ (लैम्ब्डा) से प्रदर्शित करते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. प्रकाश के अपवर्तन के नियम लिखिए।
उत्तर: जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है तो अपने मार्ग से विचलित हो जाती हैं, इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं-
- आपतित किरण, आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब और अपवर्तित किरण तीनों एक ही तल में होते हैं।
-
किन्हीं दो माध्यमों एवं प्रकाश के किसी विशेष वर्ण के लिए आपतन कोण की ज्या (sin i) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात एक नियतांक होता है।
sin i / sin r = μ (स्नैल का नियम)
जहाँ μ (म्यू) माध्यम का अपवर्तनांक है।
प्रश्न 13. भोज्य पदार्थों के परिरक्षण (Food Preservation) से आप क्या समझते है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: भोज्य पदार्थों का परिरक्षण- खाद्य-पदार्थों के मौलिक आकार एवं रूप को परिवर्तित कर या अपरिवर्तित रखकर इनके पोषक तत्व एवं विटामिनों को यथा सम्भव बनाये रखते हुए बिना विकृति के दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने की विधियों एवं तकनीकों को परिरक्षण कहा जाता है। खाद्य संरक्षण तकनीक भोजन में भोजन नुकसान, विषाक्त भोजन, और सूक्ष्म जीव संदूषण को रोकने के लिए होता हैं।
खाद्य पदार्थों के संरक्षण की आवश्यकता-
- खाद्य पदार्थों को खराब होने और खाद्य विषाक्ता को कम करने के लिए।
- सूक्ष्मजीव संदूषण को रोकने के लिए।
- इसे पूरे साल उपलब्ध कराने के लिए।
- इसके स्वाद को अधिक समय तक बनाये रखने के लिए।
- इसे अधिक समय तक संचय करने एवं ताजा बनाये रखने के लिए।
प्रश्न 14. जीवाणु कोशिका की संरचना का नामांकित चित्र बनाइये।
उत्तर: जीवाणु कोशिका की संरचना का नामांकित चित्र-
प्रश्न 15. मधुमेह (डायबिटीज) क्यों होता है? इसके प्रकार, कारण तथा लक्षण लिखिए।
उत्तर: मधुमेह तब होता है, जब अग्न्याशय, आमाशय के पीछे की एक ग्रन्थि, हार्मोन इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं करता है या शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर सकता हैं। जिससे मरीज के शरीर के रक्त में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, जब व्यक्ति के भीतर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन (Insulin) नहीं बन पाता है और शरीर की कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं कर पाती है। उस स्थिति में व्यक्ति में मधुमेह या डायबिटीज रोग हो जाता है। इंसुलिन ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलने में मदद करता है और रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। इंसुलिन शर्करा को रक्त प्रवाह से कोशिकाओं में ले जाने में मदद करता है।
मधुमेह (Diabetes) दो प्रकार का होता है-
- टाइप-1 मधुमेह (Type-1 Diabetes)
- टाइप-2 मधुमेह (Type-2 Diabetes)
- टाइप-1 मधुमेह- टाइप 1 में शरीर में इन्सुलिन बनना कम हो जाता है या बंद हो जाता है। इन्सुलिन एक तरह का हार्मोन है, जो सुगर को रक्त में मिलाने में सहायक होता हैं। इसकी कमी डायबिटीज का कारण बनती है। टाइप-1 डायबिटीज दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है।
- टाइप-2 मधुमेह- इस प्रकार के मधुमेह में, शरीर इंसुलिन (इंसुलिन प्रतिरोध) का ठीक से उपयोग नहीं करता है और सामान्य सीमा पर रक्त शर्करा को नियंत्रित नहीं कर पाता है।
कारण:
- हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)-गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा हार्मोन जारी करता है जो इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बनता है। यदि अग्नाशय इंसुलिन प्रतिरोध को दूर करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर सकता हैं तो गर्भावस्था में मधुमेह विकसित हो सकता है। जिससे हाई ब्लड ग्लूकोज यानी हाइपर ग्लाइसीमिया होता है।
मधुमेह (Diabetes) के लक्षण-
- (1) प्यास के साथ मुँह सूखना।
- (2) जल्दी जल्दी पेशाब का आना।
- (3) अचानक वजन घट या बढ़ जाना।
- (4) लगातार थकान महसूस होना।
- (5) स्किन या जननांगों में यीस्ट इंफेक्शन होना।
- (6) हाथों या पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी।
प्रश्न 16. हाइड्रोकार्बन यौगिक क्या होता हैं? उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर: हाइड्रोकार्बन यौगिक- कार्बन तथा हाइड्रोजन तत्वों के परस्पर संयोग से बने यौगिक, हाइड्रोकार्बन यौगिक कहलाते हैं। हाइड्रोकार्बन दो प्रकार का होता है-
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन
- असंतृप्त हाइड्रोकार्बन
- (1) संतृप्त हाइड्रोकार्बन- ऐसे हाइड्रोकार्बन जिनमें सभी कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से बंधे होते हैं और एक ही सहसंयोजी आबन्धों द्वारा संतुष्ट होते हैं। उसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं। जैसे- मेथेन (CH4), इथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन आदि।
- (2) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन- ऐसे हाइड्रोकार्बन जिनमें सभी carbon परमाणु आपस में द्विआबन्द या त्रिआबन्ध के द्वारा जुड़ी रहती है उसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं। जैसे-एथीन, एल्काइन, प्रोपीन, प्रोपाइन आदि।
प्रश्न 17. किसी गुब्बारे में हाइड्रोजन गैस भरकर छोड़ने पर वह ऊपर उठने लगता है, क्यों?
उत्तर: जब गुब्बारे में वायु से हल्की गैस भरी जाती है तो गुब्बारा ऊपर उड़ने लगती है। हाइड्रोजन या हीलियम गैस हवा से हल्की होने के कारण आसानी से ऊपर चली जाती है। ऊपर जाने पर वायुमंडलीय दबाव कम होने के कारण गुब्बारा फूलता जाता है और अंततः दबाव के कारण फट जाता है।
प्रश्न 18. ओजोन परत अवक्षय से आप क्या समझते है? इसके कारणों पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: हमारी पृथ्वी के चारों ओर का वायुमण्डल ओजोन नामक गैस की मोटी परत से ढका है, ओजोन की यह परत सूर्य के प्रकाश की पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है। ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक होती है। मानव द्वारा रेफ्रिजरेटर, अग्निशमन यंत्र तथा एरोसाल में उपयोग किये जाने वाले (क्लोरो-फ्लोरो कार्बन) के कारण ओजोन परत का ह्रांश होता है, इसे ओजोन परत का अवक्षय कहते हैं।