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विज्ञान Previous Year Paper 2020

UP DELED Semester 3 विज्ञान Previous Year Question Paper 2020 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. दाब का मात्रक है—

(a) जूल

(b) न्यूटन मीटर

(c) किलोग्राम

(d) न्यूटन/मीटर2

उत्तर: (d) : दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है। एक पास्कल एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर होता है।

दाब = बल / क्षेत्रफल 1 Pa = 1 N/m²

प्रश्न 2. कुकिंग गैस (L.P.G.) में किसकी मात्रा अधिक होती है—

(a) मेथेन

(b) ब्यूटेन

(c) एथेन

(d) एथिलीन

उत्तर: (b) : दिए गए विकल्पों में सही उत्तर ब्यूटेन है। LPG मुख्यतः प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है; इनका वास्तविक अनुपात स्थान, मौसम एवं आपूर्ति के अनुसार बदल सकता है।

प्रश्न 3. भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक हैं—

(a) आर्यभट्ट

(b) डॉ. हारवर्ड माइकल

(c) डॉ. विक्रम साराभाई

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (c) : डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उन्होंने भारत में संगठित अन्तरिक्ष अनुसंधान के विकास में प्रमुख भूमिका निभाई।

प्रश्न 4. प्रतिजैविक औषधि है—

(a) पेनिसिलिन

(b) इन्सुलिन

(c) ऑक्सिन

(d) एल्ड्रिन

उत्तर: (a) : पेनिसिलिन एक प्रतिजैविक औषधि है। प्रतिजैविक जीवाणुओं को नष्ट करते हैं अथवा उनकी वृद्धि को रोकते हैं।

प्रश्न 5. संचारी रोग है—

(a) हैजा

(b) कैंसर

(c) मधुमेह

(d) जोड़ों में दर्द

उत्तर: (a) : हैजा जीवाणुजनित संचारी रोग है। इसका संक्रमण मुख्यतः दूषित जल या भोजन के माध्यम से फैलता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. फुलरीन किसे कहते हैं?

उत्तर: कार्बन के वे अपररूप जिनमें कार्बन परमाणु बन्द खोखली पिंजरे जैसी संरचना बनाते हैं, फुलरीन कहलाते हैं। C60 इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।

प्रश्न 7. परावर्तन के नियम लिखिए।

उत्तर: परावर्तन में आपतन कोण = परावर्तन कोण होता है तथा आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलम्ब एक ही समतल में होते हैं।

प्रश्न 8. जीवाणु द्वारा फैलने वाले दो रोगों के नाम लिखिए।

उत्तर: जीवाणुजनित दो रोग हैं—हैजा तथा क्षय रोग (टी.बी.)।

प्रश्न 9. किस शिरा में शुद्ध रुधिर पाया जाता है?

उत्तर: फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) में ऑक्सीजनयुक्त रक्त पाया जाता है, जो फेफड़ों से बाएँ आलिन्द तक पहुँचता है।

प्रश्न 10. पौधों में पाई जाने वाली जड़ों के नाम लिखिए।

उत्तर: जड़ों के प्रमुख प्रकार हैं—मूसला जड़, रेशेदार जड़ तथा अपस्थानिक जड़।

प्रश्न 11. प्रकृति के कठोरतम पदार्थ का नाम लिखिए।

उत्तर: प्रकृति में पाया जाने वाला कठोरतम पदार्थ हीरा है, जो कार्बन का क्रिस्टलीय अपररूप है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. पेट्रोल को जीवाश्म ईंधन क्यों कहा जाता है?

उत्तर: पेट्रोल पेट्रोलियम से प्राप्त किया जाता है। पेट्रोलियम का निर्माण करोड़ों वर्षों पूर्व समुद्री जीवों एवं अन्य जैविक पदार्थों के अवशेषों के अवसादों के नीचे दबने तथा लंबे समय तक ताप और दाब के प्रभाव से हुआ है।

चूँकि इसका मूल स्रोत प्राचीन जीवों के अवशेष अर्थात जीवाश्मीय जैव पदार्थ हैं, इसलिए पेट्रोल को जीवाश्म ईंधन कहा जाता है। यह अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।

प्रश्न 13. मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र का नामांकित चित्र बनाइए। (वर्णन की आवश्यकता नहीं है)

उत्तर: मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र के मुख्य भाग हैं—दो वृक्क, दो मूत्रवाहिनियाँ, मूत्राशय तथा मूत्रमार्ग।

मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र का नामांकित चित्र
मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र का नामांकित चित्र

प्रश्न 14. ऊँट की संरचना मरुस्थलीय जीवन के अनुकूल है। सिद्ध कीजिए।

उत्तर: ऊँट में अनेक संरचनात्मक एवं शारीरिक अनुकूलन पाए जाते हैं, जिनके कारण वह गर्म एवं शुष्क मरुस्थलीय वातावरण में जीवित रह सकता है—

  • चौड़े एवं गद्देदार पैर— रेत पर शरीर का भार बड़े क्षेत्र में फैलाते हैं, इसलिए पैर रेत में अधिक नहीं धँसते।
  • लम्बे पैर— शरीर को गर्म रेत से अपेक्षाकृत दूर रखते हैं।
  • लम्बी पलकें एवं बन्द हो सकने वाली नासिकाएँ— आँखों और नाक को रेत से बचाती हैं।
  • कूबड़— इसमें मुख्यतः वसा संचित रहती है, जल नहीं। आवश्यकता पड़ने पर यह वसा ऊर्जा का स्रोत बनती है।
  • जल-संरक्षण— ऊँट बहुत सघन मूत्र तथा शुष्क मल त्यागकर शरीर से जल की हानि कम करता है।
  • वह शरीर के तापमान में अपेक्षाकृत अधिक परिवर्तन सह सकता है, जिससे पसीने द्वारा होने वाली जल-हानि कम रहती है।

प्रश्न 15. अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनाने के नियम लिखिए।

उत्तर: अवतल दर्पण में किरण आरेख बनाने के लिए निम्न प्रमुख नियमों का उपयोग किया जाता है—

  1. मुख्य अक्ष के समानान्तर किरण— परावर्तन के बाद मुख्य फोकस (F) से होकर गुजरती है।
  2. मुख्य फोकस से होकर आने वाली किरण— परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानान्तर हो जाती है।
  3. वक्रता केन्द्र से होकर आने वाली किरण— दर्पण पर लम्बवत पड़ती है और परावर्तन के बाद उसी मार्ग से वापस लौटती है।
  4. ध्रुव पर पड़ने वाली किरण— परावर्तन के नियम का पालन करती है, अर्थात आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।

प्रश्न 16. प्राकृतिक सम्पदा क्या है? इसके संरक्षण के उपाय लिखिए।

उत्तर: प्रकृति से प्राप्त वे पदार्थ एवं संसाधन जो जीवों के लिए उपयोगी हैं, प्राकृतिक सम्पदा अथवा प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। इनमें जल, वायु, मिट्टी, वन, वन्यजीव, खनिज, कोयला, पेट्रोलियम आदि सम्मिलित हैं।

प्राकृतिक सम्पदा के संरक्षण के प्रमुख उपाय—

  • वृक्षारोपण एवं पुनर्वनीकरण करना तथा वनों की अनियन्त्रित कटाई रोकना।
  • वर्षा जल-संचयन एवं जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना।
  • मृदा-अपरदन को रोकने के लिए उचित कृषि एवं भूमि-संरक्षण पद्धतियाँ अपनाना।
  • खनिज एवं जीवाश्म ईंधनों का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग करना।
  • धातुओं, कागज, काँच एवं अन्य पदार्थों के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना।
  • वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना।

प्रश्न 17. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से होने वाली हानियों को संक्षेप में बताइए।

उत्तर: विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास अत्यन्त उपयोगी है, किन्तु इनके अनुचित अथवा अनियन्त्रित प्रयोग से कुछ समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं—

  • पर्यावरण प्रदूषण— उद्योगों एवं वाहनों से वायु, जल तथा मृदा प्रदूषण बढ़ सकता है।
  • प्राकृतिक संसाधनों का अधिक दोहन— औद्योगिकीकरण से खनिज, जल, वन एवं जीवाश्म ईंधनों पर दबाव बढ़ता है।
  • हानिकारक रसायनों का प्रभाव— उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मृदा और जल प्रदूषित हो सकते हैं।
  • ई-कचरा— इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग से हानिकारक इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट उत्पन्न होता है।
  • विनाशकारी उपयोग— विज्ञान का उपयोग घातक हथियारों एवं युद्ध तकनीकों के विकास में भी किया जा सकता है।

अतः विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रयोग मानव कल्याण एवं पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

प्रश्न 18. यकृत के कार्य लिखिए।

उत्तर: यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है और पाचन तथा उपापचय में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके प्रमुख कार्य हैं—

  1. पित्त का निर्माण— यकृत पित्त का निर्माण करता है, जो वसा के पाचन में सहायक होता है।
  2. कार्बोहाइड्रेट उपापचय— अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संचित करता है और आवश्यकता पड़ने पर रक्त-ग्लूकोज के नियमन में सहायता करता है।
  3. विषहरण— अनेक औषधियों, विषैले पदार्थों एवं हानिकारक रसायनों का रासायनिक रूपान्तरण करता है।
  4. यूरिया निर्माण— अमीनो अम्लों के विघटन से बनने वाली विषैली अमोनिया को यूरिया में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  5. वसा एवं प्रोटीन का उपापचय— वसा और प्रोटीन के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा अनेक प्लाज्मा प्रोटीन बनाता है।
  6. भण्डारण— ग्लाइकोजन के अतिरिक्त कुछ विटामिन एवं लौह जैसे खनिजों का भण्डारण करता है।
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