वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. दाब का मात्रक है -
(a) जूल
(b) न्यूटन मीटर
(c) किलोग्राम
(d) न्यूटन/मीटर2
उत्तर: (d) : दाब का मात्रक न्यूटन/मीटर2 (N/m2) होता है। दाब = बल / क्षेत्रफल। दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है।
प्रश्न 2. कुकिंग गैस (L.P.G.) में किसकी मात्रा अधिक होती है-
(a) मेथेन
(b) ब्यूटेन
(c) एथेन
(d) एथिलीन
उत्तर: (b) : कुकिंग गैस (L.P.G.) में सबसे अधिक मात्रा ब्यूटेन की होती है। द्रवित पेट्रोलियम गैस (L.P.G.) में 95% प्रोपेन और ब्यूटेन गैस तथा शेष 5% में एथेन, एथिलीन, प्रोपेलीन, ब्यूटिलीन, आइसोब्यूटेन तथा आइसोब्यूटीलीन गैसें होती है।
प्रश्न 3. भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक है -
(a) आर्य भट्ट
(b) डा. हारवर्ड माइकल
(c) डा. विक्रम साराभाई
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (c): भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई हैं। विक्रम साराभाई एक भारतीय भौतिक विज्ञानी और खगोलशास्त्री थे जिन्होंने हमारे देश में अंतरिक्ष अनुसंधान की शुरूआत की थी।
प्रश्न 4. प्रतिजैविक औषधि है -
(a) पेनिसिलीन
(b) इन्सुलिन
(c) ऑक्सिन
(d) अल्ड्रिन
उत्तर: (a): प्रतिजैविक औषधि है-पेनिसिलीन। जीवाणु को नष्ट करने वाला रासायनिक पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों से स्रावित होता है तथा रोगजनक को नष्ट कर देता है, प्रतिजैविक कहलाता है। उदाहरण-पैनीसिलीन तथा स्ट्रैप्टोमाइसिन।
प्रश्न 5. संचारी रोग है -
(a) हैजा
(b) कैन्सर
(c) मधुमेह
(d) जोड़ों में दर्द
उत्तर: (a): संचारी रोग है- हैजा। संचारी रोग हानिकारक सूक्ष्मजीव सीधे संपर्क या वाहक के माध्यम से एक से दूसरे में संचारित होता है। उदाहरण-हैजा, खसरा, मलेरिया, टीबी।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. फुलरीन किसे कहते हैं?
उत्तर: फुलरीन- यह कार्बन का बहुत ही उपयोगी अपररूप है। कार्बन के इस जटिल रूप में कार्बन परमाणु एक दूसरे से षटफलाकार या पंच भुजाकार रूप में जुड़कर एक पिंजड़ा की रचना बनाते है। इसे 1995 में राइस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आर.ई. स्मैली तथा उनके सहकर्मियों द्वारा बनाया गया।
प्रश्न 7. परावर्तन के नियम लिखिए।
उत्तर: परावर्तन के नियम- जब प्रकाश की किरणें चिकनी सतह पर पड़ती हैं, तो परावर्तन का कोण आपतन कोण के बराबर होता है, साथ ही आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलम्ब सभी एक ही तल में स्थित होते हैं।
प्रश्न 8. जीवाणु द्वारा फैलने वाले दो रोगों के नाम लिखो।
उत्तर: शरीर के अंदर या शरीर पर हानिकारक बैक्टीरिया के फैलने से उत्पन्न संक्रमण को तकनीकी रूप से जीवाणु संक्रमण या जीवाणु रोग कहा जाता है। जीवाणु द्वारा फैलने वाले दो रोग निम्नलिखित हैं-
- हैजा
- क्षय रोग
प्रश्न 9. किस शिरा में शुद्ध रूधिर पाया जाता है?
उत्तर: फुफ्फुस शिरा (Pulmonary Vein) में शुद्ध रुधिर पाया जाता है। फुफ्फुस शिराएँ शुद्ध रक्त को फेफड़ों से हृदय तक ले जाती है।
प्रश्न 10. पौधों में पायी जाने वाली जड़ों के नाम लिखो।
उत्तर: पौधों में तीन प्रकार की जड़ प्रणालियाँ होती है-
- मूसला जड़- एक मुख्य जड़ जो बड़ी होती है और शाखा जड़ों की तुलना में तेजी से बढ़ती है।
- रेशेदार जड़- सभी जड़ों का आकार लगभग एक जैसा होता है।
- साहसिक जड़- जड़े जो जड़ों के अलावा पौधे के किसी भी भाग पर बनती है।
प्रश्न 11. प्रकृति के कठोरतम पदार्थ का नाम लिखो।
उत्तर: सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ हीरा है। यह पृथ्वी पर सबसे कठोर सामग्रियों में से एक है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. पेट्रोल को जीवाश्म ईंधन क्यों कहा जाता है?
उत्तर: कच्चे तेल और पेट्रोलियम को जीवाश्म ईंधन कहते है क्योंकि वे हाइड्रोकार्बन के मिश्रण हैं जो जानवरों और पौधों के अवशेषों से बने होते हैं जो लाखों साल पहले डायनासोर के अस्तित्व में आने से पहले समुद्री वातावरण में रहते थे। जीवाश्म ईंधन एक प्रकार का कई वर्षों पहले बना प्राकृतिक ईंधन है।
प्रश्न 13. मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र का नामांकित चित्र बनाओ। (वर्णन की आवश्यकता नहीं है)
उत्तर: मनुष्य के उत्सर्जी तन्त्र के मुख्य अंगों में वृक्क (Kidneys), मूत्रवाहिका (Ureters), मूत्राशय (Urinary Bladder) और मूत्रमार्ग (Urethra) शामिल हैं।
प्रश्न 14. ऊँट की संरचना मरूस्थलीय जीवन के अनुकूल है। सिद्ध कीजिए।
उत्तर: ऊँट की शारीरिक संरचना उसे मरूस्थलीय परिस्थितियों में रहने योग्य बनाती है। इसके पैर लम्बे होते हैं, जिससे शरीर रेत की गर्मी से दूर रहता है।
- ऊँट के लम्बे पैर गर्म रेत से उसकी सुरक्षा करते हैं।
- ऊँट कम मात्रा में मूत्र उत्सर्जित करता है। उसका गोबर शुष्क होता है। उन्हें पसीना नहीं आता है। इस तरह ऊँट के शरीर से बहुत कम जल की क्षति होती है।
- ऊँट कई दिनों तक बिना पानी पिए रह सकता है।
- इसके पैर चौड़े और गद्देदार होते हैं, जिससे भारी वजन के बाद भी पैर बालू में धसते नहीं है तथा आसानी से बालू में चल सकता है।
प्रश्न 15. अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनाने के नियम लिखो।
उत्तर: अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनाने के नियम- इसके निम्नलिखित नियम हैं-
- नियम 1: मुख्य अक्ष के समान्तर चलने वाली प्रकाश की किरण अवतल दर्पण से टकराकर मुख्य फोकस से निकल जाती है।
- नियम 2: अवतल दर्पण के मुख्य फोकस से होकर जाने वाली प्रकाश की किरण परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समान्तर हो जाती है।
- नियम 3: प्रकाश की एक आपतित किरण जो मुख्य अक्ष के समान्तर या लम्बवत नहीं है, जो अवतल दर्पण के ध्रुव (P) से टकराती है, एक परावर्तित किरण बनाती है जिसका परावर्तन कोण मुख्य अक्ष और प्रत्येक किरण के बीच मापे गए आपतन कोण के बराबर होता है।
- नियम 4: वक्रता केन्द्र से होकर जाने वाली प्रकाश की किरण परावर्तन के बाद अपने ही मार्ग में वापस चली आती है।
प्रश्न 16. प्राकृतिक सम्पदा क्या है? इसके संरक्षण के उपाय लिखो।
उत्तर: प्राकृतिक सम्पदा- प्रकृति में उपलब्ध उपयोगी पदार्थ, प्राकृतिक संपदा कहलाता है। प्राकृतिक संसाधन हवा, पानी, सूर्य की रोशनी, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जीवाश्म ईंधन, तेल आदि हैं।
प्राकृतिक सम्पदा के संरक्षण के उपाय-
- मृदा सर्वेक्षण तथा भूमि क्षमता मूल्यांकन।
- वर्षा जल संचयन तथा जल संरक्षण।
- प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन हेतु मास्टर योजना की तैयारी।
- बंजर भूमि विकास।
- जलग्रस्त विकास हेतु एकीकृत प्रबंधन योजना।
प्रश्न 17. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से होने वाली हानियों को संक्षेप में बताइए।
उत्तर: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से मनुष्य को केवल लाभ ही नहीं मिला है बल्कि इससे अनेक प्रकार की हानियाँ भी हुई है-
- बड़े-बड़े उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों को नदियों में अथवा भूमि पर विसर्जित कर दिया जाता है, जिसके कारण नदी का जल तथा भूमि प्रदूषित हो रही है।
- कृषि में उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से मृदा प्रदूषण हो रहा है।
- स्वचालित मशीनों का प्रयोग बढ़ने से बेरोजगारी बढ़ रही है।
- जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है और अनेक वन्य प्राणियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है।
प्रश्न 18. यकृत के कार्य लिखो।
उत्तर: यकृत हमारे शरीर की सबसे बड़ी ग्रंधि होती है, इसका वजन लगभग 1.5 kg होता है। यह 15 से 22 सेमी. लम्बा व चौड़ा होता है।
यकृत के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
- भोजन को सड़ने से रोकता है।
- हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है।
- पित्त को स्स्रावित करता है।
- यूरिया का संश्लेषण करता है।
- विषैले पदार्थों का विषहरण करता है।