Home
Store Updates
Home PYQs Semester 3 विज्ञान 2019
PYQ 2019 • विज्ञान

विज्ञान Previous Year Paper 2019

UP DELED Semester 3 विज्ञान Previous Year Question Paper 2019 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. हरित लवक पाया जाता है?

(a) जन्तु कोशिका में

(b) कवक में

(c) विषाणु में

(d) वनस्पति कोशिका में

उत्तर: (d) : हरित लवक वनस्पति कोशिकाओं में पाया जाता है। हरित लवक पत्तों के हरे रंग का कारण है और प्रकाश संश्लेषण का मुख्य वर्णक है।

प्रश्न 2. टेलीफोन का आविष्कार किया था ?

(a) ग्राहम बेल

(b) न्यूटन

(c) आर्किमिडीज

(d) सैमुअल मोर्स

उत्तर: (a) : टेलीफोन का आविष्कार सबसे पहले 1876 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने किया था।

प्रश्न 3. कार्बन का क्रिस्टलीय है-

(a) काजल

(b) जन्तु चारकोल

(c) कोयला

(d) हीरा

उत्तर: (d): हीरा कार्बन का एक क्रिस्टलीय रूप है। यह प्रकृति में सबसे कठोर है और इसका उपयोग गहनों और औद्योगिक उपकरणों में किया जाता है।

प्रश्न 4. द्रव के गैस में बदलने की क्रिया को कहते हैं-

(a) गलनांक

(b) हिमांक

(c) वाष्पीकरण

(d) संघनन

उत्तर: (c) : द्रव के गैस में बदलने की क्रिया को वाष्पीकरण कहते है। पानी को उबालना वाष्पीकरण का एक उदाहरण है।

प्रश्न 5. चना/मटर की जड़ों की गाँठों में पाया जाने वाला जीवाणु है-

(a) राइजोबियम

(b) क्लास्ट्रीडियम

(c) एजोटोबैक्टर

(d) लैक्टोबैसिलस

उत्तर: (a): चना/मटर की जड़ों की गाँवों में पाया जाने वाला जीवाणु राइजोबियम है। राइजोबियम मिट्टी में रहने वाला एक जीवाणु है जो फलियां परिवार के पौधों की जड़ों में गाँठ बनाता है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने पर क्या होता है?

उत्तर: वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने पर कई नकारात्मक प्रभाव होते हैं, जिनमें शामिल हैं-

  • ग्लोबल वार्मिंग।
  • महासागरों का अम्लीकरण।
  • वायु प्रदूषण।
  • पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तन।
  • खाद्य सुरक्षा आदि।

प्रश्न 7. जड़ किसे कहते हैं? पौधों में पायी जाने वाली जड़े कितने प्रकार की होती है?

उत्तर: जड़- जड़ पौधों का एक महत्वपूर्ण भाग है जो मिट्टी में स्थित होता है। यह पौधों को मिट्टी से पानी और खनिज जैसे आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करती है।

पौधों में मुख्य रूप से दो प्रकार की जड़े होती है-

  1. मूसला जड़
  2. रेशेदार जड़

प्रश्न 8. कैंची किस प्रकार का उत्तोलक है?

उत्तर: कैंची एक प्रथम श्रेणी का उत्तोलक है जो हमें कम प्रयास से भारी वस्तुओं को काटने में मदद करता है। कैंची में, आलम्ब, आयास और भार के मध्य में होता है।

प्रश्न 9. पॉलीथीन बहुलक के दो उपयोग लिखिए।

उत्तर: पॉलीथीन बहुलक के दो उपयोग-

  1. प्लास्टिक की थैलियां और पैकेजिंग- पॉलीथीन का सबसे आम उपयोग प्लास्टिक की थैलियां और पैकेजिंग बनाने में होता है। यह हल्का, टिकाऊ और पानी प्रतिरोधी होता है, जो इसे विभिन्न प्रकार की वस्तुओं को पैक करने के लिए आदर्श बनाता है।
  2. प्लास्टिक की बोतले- पॉलीथीन का उपयोग विभिन्न प्रकार की प्लास्टिक की बोतलों, जैसे कि पानी की बोतलें, दूध की बोतलें, और डिटर्जेंट की बोतलें बनाने में भी किया जाता है। यह बोतलों को मजबूत और टिकाऊ बनाता है।

प्रश्न 10. दूरदृष्टि दोष दूर करने के लिए चश्मे में कौन-सा लेंस प्रयोग करते हैं?

उत्तर: दूरदृष्टि दोष में दूर की वस्तुएँ स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। दूरदृष्टि दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस (Convex Lens) का प्रयोग करते है। उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को केन्द्रित करता है जो दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने में मदद करता है।

प्रश्न 11. कौन-सा जन्तु मरुस्थलीय वातावरण के लिए अधिक उपयुक्त है और क्यों?

उत्तर: मरुस्थलीय वातावरण के लिए कई जन्तु उपर्युक्त है, जिनमें से कुछ प्रमुख है-

  • ऊँट- ऊँट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है। यह अपनी पीठ पर वसा का कूबड रखता है जो उसे लंबे समय तक पानी के बिना रहने में मदद करता है। इसके लंबे पैर रेत में चलने के लिए अनुकूलित होते हैं, और इसकी पलकों और नाक के बाल रेत से उसके आँखों और नाक को बचाता है।
  • साँप- कई प्रकार के साँप मरुस्थलीय वातावरण में रहते हैं। वे रेत में तेजी से घूमने में सक्षम होते है और शिकारियों से बचाव के लिए अपने जहर का उपयोग करते हैं।
Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. प्राकृतिक सम्पदा क्या है? इसके संरक्षण के उपायों को लिखिए।

उत्तर: प्राकृतिक सम्पदा- वे सभी चीजे है जो प्रकृति में मौजूद हैं और जिनका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है। इनमें शामिल हैं- जल (नदियों, झीलों, तालाबों और भूमिगत जल भंडारों का पानी), मिट्टी (कृषि, बानिकी और अन्य उपयोगों के लिए उपयुक्त मिट्टी), खनिज (खनिज पदार्थ, जैसे कि धातु, कोयला और तेल), वनस्पतियां (पेड़, पौधे और अन्य वनस्पतियां) एवं जीव-जंतु (पक्षी, जानवर और अन्य जीव-जन्तु)।

प्राकृतिक सम्पदा के संरक्षण के उपाय- प्राकृतिक सम्पदा का संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। हम निम्नलिखित उपायों द्वारा प्राकृतिक सम्पदा का संरक्षण कर सकते हैं-

  • जल संरक्षण- पानी का दुरुपयोग न करें। नल बंद करके रखें, बारिश के पानी का संग्रह करें और जल-कुशल उपकरणों का उपयोग करें।
  • मिट्टी संरक्षण- मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए वृक्षारोपण करें, उचित कृषि पद्धतियों का उपयोग करें और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें।
  • खनिज संरक्षण- खनिजों का अत्यधिक उपयोग न करें। खनिजों का पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण करें।
  • वन संरक्षण- वनों की कटाई को रोकें। वृक्षारोपण करें और वनों का प्रबंधन करें।
  • जीव-जंतु संरक्षण- जीवजंतुओं का शिकार न करें। उनके प्राकृतिक आवासों को नष्ट न करें।

प्रश्न 13. ऊष्मा संचरण की कितनी विधियाँ हैं? किसी एक विधि के बारे में लिखिए।

उत्तर: ऊष्मा संचरण- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि इसमें ऊष्मा का स्थान बदलता है अर्थात् ऊष्मा का एक स्थान से दूसरे स्थान में अथवा एक वस्तु से दूसरी वस्तु में ताप के अंतर के कारण जाने की प्रक्रिया को ऊष्मा का संचरण कहते हैं। इसे ऊष्मा स्थानांतरण भी कहते हैं। ऊष्मा का संचरण सदैव उच्च ताप से निम्न ताप की ओर होता है।

ऊष्मा स्थानांतरण की विधियाँ- ऊष्मा स्थानांतरण (संचरण) की तीन विधियाँ हैं अर्थात् किसी वस्तु में ऊष्मा तीन प्रकार से चल सकती है-

  1. चालन
  2. संवहन
  3. विकिरण

(1) चालन- जब किसी धातु की छड़ के अनेक भागों पर तापांतर होता है अर्थात् किसी स्थान पर ताप अधिक होता है तो किसी स्थान पर कम होता है तब धातु की छड़ के ऊँचे ताप वाले कण अपने निकट के नीचे ताप वाले कणों को ऊष्मा संपर्क द्वारा देते है। अतः ऊष्मा का ऊँचे ताप वाले स्थान से नीचे ताप वाले स्थान की ओर संचरण होने लगता है। ऊष्मा संचरण की इस प्रक्रिया को, जिसमें माध्यम के कण अपने स्थान से नहीं हटते और ऊष्मा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाती है, इस विधि को चालन कहते हैं।

उदाहरण- जब हम किसी धातु की छड़ के एक सिरे को गर्म करते है तो कुछ देर बाद छड़ पूरी गर्म हो जाती है अर्थात् ऊष्मा का ऊँचे ताप वाले भाग से नीचे ताप वाले भाग की ओर संचरण होने लगता है और ऊष्मा ठण्डे सिरे की ओर पहुँचकर उसे भी गर्म कर देती है, यह प्रक्रिया ही चालन कहलाती है।

प्रश्न 14. प्रतिजैविक दवाएँ किसे कहते हैं? इनका क्या उपयोग है?

उत्तर: प्रतिजैविक (Antibiotics) दवाएँ- प्रतिजैविक वे दवाएँ हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाएँ बिना किसी के शरीर में जैविक जीवों को मारने में सक्षम है।

उपयोग- इनका उपयोग सर्जरी के दौरान संक्रमण को रोकने से लेकर कीमोथेरेपी के दौर से गुजर रहे कैंसर रोगियों की सुरक्षा तक के लिए किया जाता है। सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले अनेक रोग जैसे टी.बी., हैजा, टायफाइड, निमोनिया आदि के उपचार में किया जाता है। प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक एक पदार्थ या यौगिक है, जो जीवाणु को मार डालता है या उसके विकास को रोकता है। प्रतिजैविक रोगाणुरोधी यौगिक का व्यापक समूह होता है, जिसका उपयोग कवक और प्रोटोजोआ सहित सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने वाले जीवाणुओं के कारण हुए संक्रमण के इलाज के लिए होता है।

प्रश्न 15. पत्तियों के कार्य क्या है? लिखिए।

उत्तर: पत्तियों के कार्य- पेड़ पौधों में पाया जाने वाला पत्ती सिर्फ प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में भाग नहीं लेता किंतु इसके और भी बहुत सारे कार्य है जो कि पेड़ पौधों की विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक होते है। इनके कुछ प्रमुख कार्य निम्न है-

  1. प्रकाश संश्लेषण करना- प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा पेड़ पौधों में पाए जाने वाले पत्ती सूर्य प्रकाश की उपस्थिति में वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड ग्रहण कर और जड़ तंत्र के द्वारा पानी को खींचकर अपने लिए भोजन का निर्माण करती है। पौधों में पाये जाने वाली यह घटना प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।
  2. गसों का आदान-प्रदान करना- पौधों में सिर्फ प्रकाश संश्लेषण की घटना नहीं होती इसके अतिरिक्त भी बहुत सारी घटनाएं है। आप जानते हैं कि पेड़-पौधों की पत्तियों में स्टोमेटा पाया जाता है। स्टोमेटा में छोटे-छोटे छिद्र पाए जाते हैं, इन छिद्र के द्वारा ही पौधे वातावरण से गैसों का आदान प्रदान करते हैं।
  3. वाष्प उत्सर्जन का कार्य करना- पेड़ पौधों में पाए जाने वाले रंध्रों की सहायता से जल को पेड़-पौधे से वातावरण में छोड़ा जाता है। इस स्थिति में जल का वाष्प के रूप में उत्सर्जन पर्यावरण में होता है। इसके अतिरिक्त पेड़-पौधों में पाए जाने वाले पत्ती रसारोहण और अवशोषण की क्रिया भी करने में सहायता करती है।

प्रश्न 16. प्रकाश के अपवर्तन के नियमों को लिखिए।

उत्तर: प्रकाश का अपवर्तन- जब प्रकाश एक माध्यम से चलता हुआ दूसरे किसी माध्यम में प्रवेश करता है तो दूसरे माध्यम में प्रकाश अपने मार्ग से विचलित हो जाता है, इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। दूसरे माध्यम में जाने पर प्रकाश का वेग तथा दिशा बदल जाती है। लेकिन प्रकाश की आवृत्ति नहीं बदलती है।

प्रकाश के अपवर्तन के नियम- प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं-

  1. आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलम्ब तीनों एक ही समतल में होते हैं।
  2. किन्हीं दो माध्यमों के युगल के लिए आपतन कोण की ज्या (sine) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (sine) का अनुपात एक स्थिरांक होता है।

    sin i / sin r = n

    जहाँ n एक स्थिरांक है जिसे अपवर्तनांक कहते हैं। इसे स्नैल का नियम भी कहते हैं तथा i आपतन कोण और r अपवर्तन कोण है।

प्रश्न 17. उत्तल दर्पण के द्वारा किस प्रकार का प्रतिबिम्ब बनता है?

उत्तर: उतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब निर्माण- चूँकि उत्तल दर्पण में फोकस (F) और वक्रता केन्द्र (C) दर्पण के पीछे स्थित होता है, इसलिए वस्तु की केवल दो स्थितियाँ हो सकती है, एक अनंत दूरी पर और दूसरी दर्पण के ध्रुव और अनंत के बीच।

  1. जब वस्तु अनंत पर हो- जब वस्तु अनंत दूरी पर होती है, तो दर्पण से परावर्तित किरणें, दर्पण के फोकस से आती हुई प्रतीत होती है, और प्रतिबिम्ब उत्तल दर्पण के फोकस पर बनता है।
    • प्रतिबिम्ब की स्थिति: दर्पण के पीछे फोकस (F) पर।
    • प्रतिबिम्ब का आकार: बहुत छोटा, बिन्दु प्रतिबिम्ब।
    • प्रतिबिम्ब की प्रकृति: आभासी और सीधा।
  2. जब वस्तु अनंत और ध्रुव के बीच हो- जब वस्तु उत्तल दर्पण के ध्रुव और अनंत के बीच कही भी स्थित होती है, तो प्रतिबिम्ब दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच बनता है, जो दर्पण के पीछे होता है।
    • प्रतिबिम्ब की स्थिति: दर्पण के पीछे ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच।
    • प्रतिबिम्ब का आकार: बहुत छोटा।
    • प्रतिबिम्ब की प्रकृति: आभासी और सीधा।

प्रश्न 18. सूक्ष्म जीवों की उपयोगिता लिखिए।

उत्तर: बहुत से ऐसे सूक्ष्म जीव है जो हमारे जीवन के लिए उपयोगी हैं-

  1. लैक्टोबैसिलस एक ऐसा सूक्ष्मजीव है जो दूध से दही बनाने में उपयोगी है।
  2. यीस्ट कवक प्रजाति का सूक्ष्मजीव है जिसका उपयोग ब्रेड और केक बनाने में किया जाता है।
  3. यीस्ट का उपयोग प्राचीन काल से ही एल्कोहल बनाने में किया जाता है।
  4. राइजोबियम नामक जीवाणु जो वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिरीकरण करता है।
  5. कार्बनिक अपशिष्ट जैसे सब्जियों के छिलकें जीव-जन्तुओं के अवशेष का अपघटन जीवाणु के द्वारा किया जाता है।
  6. जीवाणुओं का उपयोग औषधि उत्पादन एवं कृषि में मृदा में उर्वरता में वृद्धि करने में किया जाता है।
  7. पेनिसिलिन नामक फफूंद से पेनिसिलिन नाम का एंटीबायोटिक बनाया जाता है।
  8. प्रतिजैविक का उपयोग पौधों में होने वाले रोगों के नियंत्रण में भी किया जाता है।

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

विज्ञान Previous Year Paper 2019

Solved question paper PDF download.

Complete 10 Years Solved PYQ Collection

2015 से 2025 तक के solved previous year papers, महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं PDF resources एक ही package में प्राप्त करें और अपनी UP DELED परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएं।