बहुविकल्पीय प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. मूल्यांकन प्रक्रिया का केन्द्र बिन्दु होता है—
(a) शिक्षक
(b) विद्यालय
(c) विद्यार्थी
(d) प्रधानाचार्य
उत्तर: (c) विद्यार्थी
प्रश्न 2. रचनात्मक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(a) अगली कक्षा के लिये चयन
(b) छात्रों के सीखने की क्षमता को बढ़ाना
(c) कक्षा में सहयोग देने के गुण को बढ़ाना
(d) सीखने में आने वाली कठिनाइयों की समस्या
उत्तर: (b) छात्रों के सीखने की क्षमता को बढ़ाना
प्रश्न 3. मूल्यांकन मापन से अलग है। कैसे?
(a) मात्रात्मक न्याय की प्रक्रिया
(b) निर्णय लेने की व्यापक प्रक्रिया
(c) गुणात्मक न्याय की प्रक्रिया
(d) उपर्युक्त किन्हीं दोनों के आधार पर निर्णय लेना
उत्तर: (b) निर्णय लेने की व्यापक प्रक्रिया
प्रश्न 4. मापन का सामान्य सिद्धान्त सम्बन्धित है—
(a) गणित से
(b) विज्ञान से
(c) भूगोल से
(d) अर्थशास्त्र से
उत्तर: (a) गणित से
प्रश्न 5. निम्नलिखित में कौन एक प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली की विशेषता नहीं है?
(a) विश्वसनीयता
(b) लचीलापन
(c) वैधता
(d) जटिलता
उत्तर: (d) जटिलता
प्रश्न 6. “विज्ञान का आरम्भ अवलोकन से होता है तथा इसकी अंतिम पुष्टि के लिए अवलोकन में ही लौटना पड़ता है।” अवलोकन की यह परिभाषा किसकी है?
(a) ओ. एस. के. दुबे की
(b) गुड तथा हैट की
(c) क्रो एवं क्रो की
(d) मैकॉबी एवं मैकॉबी की
उत्तर: (b) गुड तथा हैट की
प्रश्न 7. सार्थक ज्ञान के लिए निदान एवं उपचार का मार्ग प्रशस्त करता है—
(a) समग्र मूल्यांकन
(b) मापन
(c) सतत मूल्यांकन
(d) व्यापक मूल्यांकन
उत्तर: (c) सतत मूल्यांकन
प्रश्न 8. विद्यार्थियों के सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) पर प्रभावी जोर दिया गया—
(a) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में
(b) प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में
(c) मुदालियर आयोग की सिफारिश में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में
प्रश्न 9. बौद्धिक योग्यता में बोध का अंग नहीं है—
(a) अनुवाद
(b) विवेचना
(c) वर्गविस्तार
(d) अनुप्रयोग
उत्तर: (c) वर्गविस्तार
प्रश्न 10. बच्चों के सीखने की प्रगति के वर्णन अभिलेख किस पर आधारित है—
(a) मौखिक तकनीक
(b) परियोजना तकनीक
(c) अवलोकन तकनीक
(d) अभिक्रम तकनीक
उत्तर: (c) अवलोकन तकनीक
प्रश्न 11. क्रियात्मक शोध का अन्तिम चरण होता है—
(a) निष्कर्ष
(b) प्रदत्त विश्लेषण
(c) परिकल्पना निर्माण
(d) सांख्यिकी विश्लेषण
उत्तर: (a) निष्कर्ष
प्रश्न 12. क्रियात्मक अनुसंधान का प्रमुख उद्देश्य है—
(a) क्रियाविधि
(b) नैदानिक
(c) विवरणात्मक
(d) व्याख्यकारी
उत्तर: (b) नैदानिक
प्रश्न 13. सामुदायिक सहभागिता में नवाचार है—
(a) एन.सी.सी.
(b) स्काउटिंग
(c) रेडक्रास संस्था
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 14. क्रियात्मक शोध के प्रवर्तक हैं—
(a) एम.एम. स्टीवेन्स
(b) जी.टी. हेल्स्टेडर
(c) स्टीफन एम. कोर
(d) ब्रेड फील्ड
उत्तर: (c) स्टीफन एम. कोर
प्रश्न 15. एक विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय की विभिन्न संवेगात्मक समस्याओं के कारणों की पहचान व उन्हें दूर करने हेतु कौन सा अनुसंधान किया जाता है?
(a) क्रियात्मक अनुसंधान
(b) गुणात्मक अनुसंधान
(c) पद्धतिगत अनुसंधान
(d) व्याख्यात्मक अनुसंधान
उत्तर: (a) क्रियात्मक अनुसंधान
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. सामुदायिक सहभागिता के सन्दर्भ में शिक्षक का क्या दायित्व होता है?
उत्तर: सामुदायिक सहभागिता के सन्दर्भ में शिक्षक का दायित्व समुदाय से जुड़ना तथा छात्रों और समुदाय के मध्य सकारात्मक सम्बन्ध स्थापित करना है, जिससे छात्रों के शैक्षिक विकास एवं सुधार में सहायता मिलती है।
प्रश्न 17. ब्लू प्रिंट क्या है?
उत्तर: ब्लू प्रिंट प्रश्न-पत्र निर्माण की आधारशिला है। इसकी सहायता से प्रश्न-पत्र का निर्माण किया जाता है।
प्रश्न 18. क्रियात्मक शोध की एक परिभाषा लिखिए।
उत्तर: स्टीफन एम. कोर के अनुसार, “क्रियात्मक अनुसंधान एक ऐसा अनुसंधान है जिसके द्वारा व्यावहारिक कार्यकर्ता वैज्ञानिक ढंग से अपनी समस्याओं का अध्ययन, निर्णय, सुधार और मूल्यांकन करते हैं।”
प्रश्न 19. परिकल्पना क्या है?
उत्तर: शोध से सम्बन्धित किसी समस्या के सम्भावित अथवा प्रस्तावित उत्तर को परिकल्पना कहते हैं।
प्रश्न 20. क्रियात्मक शोध के चरण क्या हैं?
उत्तर:
(i) समस्या की पहचान
(ii) समस्या चयन के कारण
(iii) क्रियात्मक परिकल्पना
(iv) कार्य विधि
(v) प्रदत्त विश्लेषण
प्रश्न 21. उत्तम परीक्षण के दो गुण बताइए।
उत्तर:
(i) उद्देश्यपूर्णता
(ii) व्यापकता
प्रश्न 22. मौखिक अभिव्यक्ति के साधन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति के प्रमुख साधन हैं— बोलना, गाना, भाषण देना, कविता पाठ, समाचार वाचन आदि।
प्रश्न 23. सतत मूल्यांकन के दो महत्व बताइए।
उत्तर:
(i) बालक के पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देता है।
(ii) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न अंग होने के कारण सुधार में सहायक होता है।
प्रश्न 24. मूल्यांकन के प्रकार बताइए।
उत्तर:
मूल्यांकन के प्रकार—
(1) परिणामात्मक मूल्यांकन
(i) लिखित परीक्षा
(ii) मौखिक परीक्षा
(iii) प्रायोगिक परीक्षा
(2) गुणात्मक मूल्यांकन
(i) साक्षात्कार
(ii) अवलोकन
(iii) प्रश्नावली
(iv) जाँच सूची एवं स्तर माप
प्रश्न 25. मापन एवं मूल्यांकन के दो अन्तर बताइए।
उत्तर:
मापन
(i) मापन मात्रात्मक होता है।
(ii) मापन में तुलनात्मक अध्ययन नहीं किया जाता।
मूल्यांकन
(i) मूल्यांकन मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों होता है।
(ii) इसमें तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है।
प्रश्न 26. प्रश्न निर्माण की सोपान कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
(i) परीक्षण की योजना बनाना
(ii) प्रश्नों की रचना करना
(iii) प्रश्नों का चयन करना
(iv) परीक्षण का परिष्करण करना
प्रश्न 27. साक्षात्कार से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर: साक्षात्कार क्रियात्मक शोध का एक प्रमुख उपकरण है, जिसमें शोधकर्ता और उत्तरदाता आमने-सामने बैठकर विचारों एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
प्रश्न 28. मांसपेशीय एवं अंगिक गतिविधियाँ मूल्यांकन के किस पक्ष से सम्बन्धित होती हैं?
उत्तर: मांसपेशीय एवं अंगिक गतिविधियाँ मूल्यांकन के क्रियात्मक पक्ष से सम्बन्धित होती हैं।
प्रश्न 29. शिक्षण प्रक्रिया की दृष्टि से संज्ञानात्मक पक्ष के स्तर कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
(i) ज्ञान
(ii) बोध
(iii) अनुप्रयोग
(iv) विश्लेषण
(v) संश्लेषण
(vi) मूल्यांकन
प्रश्न 30. रचनात्मक मूल्यांकन किसे कहते हैं?
उत्तर: रचनात्मक मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसमें शिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्रों की प्रगति का निरन्तर मूल्यांकन करके शिक्षण में सुधार किया जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. मूल्यांकन के भावात्मक पक्ष से सम्बन्धित उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भावात्मक पक्ष का सम्बन्ध व्यक्ति के आन्तरिक व्यवहार से होता है। यह व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण पक्ष है, जिसमें रुचियों, मूल्यों, अभिवृत्तियों तथा आदर्शों का विकास होता है। भावात्मक पक्ष के प्रमुख स्तर निम्न हैं—
(i) ग्रहण करना या ध्यान देना — अपने अभिभावकों, अध्यापकों व बड़ों द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करना।
(ii) अनुक्रिया करना — किसी उद्देश्य के प्रति सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित करना।
(iii) मूल्य ग्रहण करना — वस्तुओं, विचारों या व्यवहारों के महत्व को स्वीकार करना।
(iv) संगठन-मूल्य का आंतरिकीकरण — विभिन्न मूल्यों का समन्वय कर उन्हें जीवन में अपनाना।
(v) मूल्य द्वारा विशिष्टीकरण — मूल्य व्यक्ति के व्यवहार का स्थायी अंग बन जाते हैं।
प्रश्न 32. मूल्यांकन की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मूल्यांकन एक सतत प्रक्रिया है। यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की प्रभावशीलता का निर्धारण करता है। मूल्यांकन की आवश्यकता निम्न कारणों से होती है—
(i) विद्यार्थियों की उपलब्धियों का पता लगाने हेतु।
(ii) शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता जानने हेतु।
(iii) शिक्षार्थियों की कठिनाइयों एवं कमजोरियों की पहचान हेतु।
(iv) शिक्षण में आवश्यक सुधार करने हेतु।
(v) शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति का आकलन करने हेतु।
प्रश्न 33. शैक्षिक नवाचार के उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
(i) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाना।
(ii) छात्रों के ज्ञान को स्थायी बनाना।
(iii) शिक्षा के क्षेत्र में नवीन तकनीकों एवं विधियों का प्रयोग करना।
(iv) शिक्षक एवं छात्र दोनों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाना।
(v) शिक्षा व्यवस्था को समयानुकूल एवं उपयोगी बनाना।
प्रश्न 34. पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के लाभ का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इनके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं—
(i) व्यक्तित्व विकास में सहायता करते हैं।
(ii) सामाजिकता एवं नेतृत्व गुणों का विकास करते हैं।
(iii) व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं।
(iv) विद्यालय और समाज के बीच सम्बन्ध स्थापित करते हैं।
(v) छात्रों में आत्मविश्वास एवं अनुशासन का विकास करते हैं।
प्रश्न 35. अवलोकन प्रविधि की सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर:
(i) अवलोकन में अधिक समय लगता है।
(ii) सभी व्यवहारों का प्रत्यक्ष अवलोकन सम्भव नहीं होता।
(iii) अवलोकनकर्ता के व्यक्तिगत पक्षपात की संभावना रहती है।
(iv) प्राप्त निष्कर्षों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
प्रश्न 36. उपचारात्मक शिक्षण किसके लिए आवश्यक है और क्यों?
उत्तर: उपचारात्मक शिक्षण उन विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो अध्ययन में कठिनाइयों का सामना करते हैं। इसका उद्देश्य उनकी कमजोरियों को दूर करना, अधिगम कठिनाइयों का निदान करना तथा सीखने की क्षमता में सुधार करना है।
प्रश्न 37. क्रियात्मक शोध के बारे में बताइए।
उत्तर: क्रियात्मक शोध एक ऐसी शोध प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य विद्यालय अथवा कक्षा में उत्पन्न व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना होता है। यह वास्तविक परिस्थितियों में समस्याओं के अध्ययन एवं सुधार पर आधारित होता है।
प्रश्न 38. शैक्षिक नवाचार के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
(i) शैक्षिक नवाचार शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाता है।
(ii) विद्यार्थियों में सृजनात्मकता एवं रुचि का विकास करता है।
(iii) शिक्षण विधियों को आधुनिक एवं उपयोगी बनाता है।
(iv) शिक्षा को समाज एवं समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाता है।
(v) गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायक होता है।
प्रश्न 39. शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन के सम्बन्ध पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: शिक्षण-अधिगम तथा मूल्यांकन एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से सम्बन्धित हैं। मूल्यांकन के माध्यम से शिक्षण की प्रभावशीलता तथा विद्यार्थियों की उपलब्धियों का आकलन किया जाता है। यह शिक्षण प्रक्रिया में सुधार करने तथा शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने में सहायता करता है।
प्रश्न 40. प्रश्नों के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: प्रश्न मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—
(i) वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(ii) व्यक्तिनिष्ठ प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के प्रकार:
(a) बहुविकल्पीय प्रश्न
(b) सत्य-असत्य प्रश्न
(c) मिलान प्रकार प्रश्न
(d) रिक्त स्थान पूर्ति प्रश्न
व्यक्तिनिष्ठ प्रश्नों के प्रकार:
(a) अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(b) लघु उत्तरीय प्रश्न
(c) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न