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PYQ 2016 • शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Paper 2016

UP DELED Semester 3 शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Question Paper 2016 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. "मूल्यांकन वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा शिक्षक एवं छात्र यह निर्णय करते हैं कि शिक्षण लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है या नहीं।" यह परिभाषा है—

(a) क्रो एवं

(b) ली की

(c) क्रॉनबैक की

(d) विवलिन तथा हन्ना की

उत्तर: (c) क्रॉनबैक की

प्रश्न 2. मापन होता है—

(a) गुणात्मक

(b) मात्रात्मक

(c) तुलनात्मक

(d) उपरोक्त सभी

उत्तर: (b) मात्रात्मक

प्रश्न 3. व्यक्ति के सभी पक्षों का मूल्यांकन किया जाता है—

(a) सतत मूल्यांकन द्वारा

(b) दशा आधारित मूल्यांकन द्वारा

(c) व्यापक मूल्यांकन द्वारा

(d) इकाई मूल्यांकन द्वारा

उत्तर: (c) व्यापक मूल्यांकन द्वारा

प्रश्न 4. ज्ञान, बोध व अनुप्रयोग का सम्बन्ध मूल्यांकन के किस पक्ष से है?

(a) संज्ञानात्मक पक्ष

(b) भावात्मक पक्ष

(c) कौशलात्मक पक्ष

(d) नैतिक पक्ष

उत्तर: (a) संज्ञानात्मक पक्ष

प्रश्न 5. सत्र के अन्त में किया जाने वाला मूल्यांकन कहलाता है—

(a) सतत मूल्यांकन

(b) दशा आधारित मूल्यांकन

(c) वार्षिक मूल्यांकन

(d) उपयुक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (c) वार्षिक मूल्यांकन

प्रश्न 6. प्रयोगात्मक मूल्यांकन होता है—

(a) विज्ञान, भूगोल तथा कृषि में

(b) हिन्दी तथा संस्कृत में

(c) इतिहास तथा नागरिक शास्त्र में

(d) दर्शनशास्त्र में

उत्तर: (a) विज्ञान, भूगोल तथा कृषि में

प्रश्न 7. उत्तम परीक्षण की विशेषता नहीं है—

(a) वैधता

(b) विश्वसनीयता

(c) वस्तुनिष्ठता

(d) कठोरता

उत्तर: (d) कठोरता

प्रश्न 8. छात्रों के प्रारम्भिक ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है—

(a) आकस्मिक मूल्यांकन में

(b) रचनात्मक मूल्यांकन में

(c) मौखिक मूल्यांकन में

(d) निदान मूल्यांकन में

उत्तर: (c) मौखिक मूल्यांकन में

प्रश्न 9. छात्रों की रुचियों, मनोवृत्तियों एवं संवेगों से सम्बन्धित मूल्यांकन का पक्ष कहलाता है—

(a) संज्ञानात्मक पक्ष

(b) भावात्मक पक्ष

(c) कौशलात्मक पक्ष

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (b) भावात्मक पक्ष

प्रश्न 10. ब्लू प्रिन्ट का सम्बन्ध है—

(a) क्रियात्मक शोध से

(b) नवाचार से

(c) प्रश्नपत्र निर्माण से

(d) उपचारात्मक शिक्षण से

उत्तर: (c) प्रश्नपत्र निर्माण से

प्रश्न 11. छात्रों की त्रुटियों का ज्ञान होने पर उन्हें दूर करने के लिए किया जाने वाला शिक्षण कहलाता है—

(a) निदानात्मक शिक्षण

(b) नवाचारी शिक्षण

(c) उपचारात्मक शिक्षण

(d) कौशल आधारित शिक्षण

उत्तर: (c) उपचारात्मक शिक्षण

प्रश्न 12. "बच्चा निवर्तन का उच्चतम स्तर है।" यह कथन है—

(a) टी. पी. नन का

(b) क्रॉनबैक का

(c) मे का

(d) रॉस का

उत्तर: (d) रॉस का

प्रश्न 13. शैक्षिक क्षेत्र में क्रियात्मक अनुसंधान का प्रयोग किया था—

(a) स्टीफन एम. कोने ने

(b) स्किनर ने

(c) रायबर्न ने

(d) ड्यूई ने

उत्तर: (a) स्टीफन एम. कोने ने

प्रश्न 14. कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्या के कारणों को जानने व समाधान हेतु किया जाने वाला शोध कहलाता है—

(a) मौलिक शोध

(b) क्रियात्मक शोध

(c) ऐतिहासिक शोध

(d) वैज्ञानिक शोध

उत्तर: (b) क्रियात्मक शोध

प्रश्न 15. शैक्षिक उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों के पक्ष होते हैं—

(a) 1

(b) 2

(c) 5

(d) 4

उत्तर: (d) 4

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. मूल्यांकन को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: मूल्यांकन विशिष्ट परिवर्तनों का एक मात्रात्मक एवं गुणात्मक अनुमान है।

प्रश्न 17. शैक्षिक मापन का क्या अर्थ है?

उत्तर: शैक्षिक मापन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षण प्रक्रिया के विभिन्न अंगों की उपादेयता, शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति तथा छात्रों की बुद्धि, रुचि, अभिवृत्ति, उपलब्धि आदि का निर्धारण किया जाता है।

प्रश्न 18. परीक्षण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: परीक्षण एक प्रक्रिया या प्रणाली है, जिसका उपयोग विशेषताओं अथवा समस्याओं की पहचान करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 19. मूल्यांकन के दो प्रमुख पक्षों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: मूल्यांकन के दो प्रमुख पक्ष मानात्मक पक्ष तथा भावात्मक पक्ष हैं।

प्रश्न 20. व्यापक मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर: व्यापक मूल्यांकन द्वारा बच्चों की क्षमताओं एवं कमजोरियों का पता चलता है, जिससे उन्हें उपयुक्त शिक्षण प्रदान किया जा सकता है।

प्रश्न 21. मूल्यांकन के दो प्रमुख प्रकार बताइए।

उत्तर: मूल्यांकन के दो प्रमुख प्रकार रचनात्मक मूल्यांकन तथा योगात्मक मूल्यांकन हैं।

प्रश्न 22. अच्छे परीक्षण में यथार्थता (वैधता) का क्या अभिप्राय है?

उत्तर: अच्छे परीक्षण में यथार्थता से तात्पर्य उस सीमा से है, जिसमें परीक्षण उसी वस्तु का सही मापन करता है, जिसके लिए उसे बनाया गया है।

प्रश्न 23. प्रश्न करने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

उत्तर: प्रश्न करने का प्रमुख उद्देश्य छात्रों को सक्रिय रखना तथा उनकी भागीदारी को सुदृढ़ करना है।

प्रश्न 24. अच्छे प्रश्नों की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: अच्छे प्रश्न स्पष्ट तथा सरल होते हैं और विद्यार्थियों के चिंतन को प्रेरित करते हैं।

प्रश्न 25. शैक्षिक उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों के दो प्रमुख प्रकार बताइए।

उत्तर: शैक्षिक उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों के दो प्रमुख प्रकार वर्णनात्मक प्रश्न तथा निबन्धात्मक प्रश्न हैं।

प्रश्न 26. क्रियात्मक शोध को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: क्रियात्मक शोध ऐसा अनुसंधान है, जो कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित समस्याओं के कारणों को जानने तथा उनके समाधान हेतु किया जाता है।

प्रश्न 27. शिक्षा के क्षेत्र में क्रियात्मक शोध की क्या आवश्यकता है?

उत्तर: शिक्षा के क्षेत्र में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए क्रियात्मक शोध की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 28. क्रियात्मक शोध के दो प्रमुख उपकरणों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: क्रियात्मक शोध के दो प्रमुख उपकरण साक्षात्कार विधि तथा अवलोकन विधि हैं।

प्रश्न 29. क्रियात्मक शोध में परिकल्पना का क्या अर्थ है?

उत्तर: क्रियात्मक शोध में परिकल्पना वह संभावित विचार या अनुमान है, जिसके आधार पर समस्या के समाधान हेतु कार्य किया जाता है।

प्रश्न 30. शिक्षा में नवाचार से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: शिक्षा में नवाचार से अभिप्राय ऐसे परिवर्तन से है, जो पूर्व प्रचलित विधियों में नवीनता लाकर शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी बनाता है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. मूल्यांकन की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

मूल्यांकन शैक्षिक प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। यह केवल शिक्षण प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन की प्रत्येक प्रक्रिया में इसका महत्व है।

मूल्यांकन की अवधारणा को मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया जाता है—

1. मूल्यांकन की परम्परागत अवधारणा

2. मूल्यांकन की आधुनिक अवधारणा

प्रश्न 32. मूल्यांकन का क्या उद्देश्य है?

उत्तर:

मूल्यांकन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

1. ज्ञान की जाँच एवं विकास की जानकारी: विद्यार्थियों के वर्तमान एवं पूर्व ज्ञान तथा उनके विकास की जानकारी प्राप्त करना।

2. अधिगम की प्रेरणा: मापन एवं मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने के लिए प्रेरित करना।

3. निदान: विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान कर उनके सुधार हेतु सहायता प्रदान करना।

4. पाठ्यक्रम में सुधार: पाठ्यक्रम की उपयुक्तता की जाँच कर उसमें आवश्यक संशोधन करना।

5. निर्देशन: विद्यार्थियों को व्यवसाय, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना।

प्रश्न 33. मापन एवं मूल्यांकन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

मापन एवं मूल्यांकन में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं—

  • मापन का क्षेत्र संकुचित होता है, जबकि मूल्यांकन का क्षेत्र व्यापक होता है।
  • मापन का कार्य तथ्यों का एकत्रीकरण करना है, जबकि मूल्यांकन का कार्य तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना है।
  • मापन शिक्षा का एक अंश मात्र है, जबकि मूल्यांकन शिक्षा का अभिन्न अंग है।
  • मापन किसी भी समय किया जा सकता है, जबकि मूल्यांकन प्रायः मापन के बाद किया जाता है।
  • मापन में अपेक्षाकृत कम समय एवं श्रम लगता है, जबकि मूल्यांकन में अधिक समय एवं श्रम की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 34. मूल्यांकन के प्रमुख पक्ष कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

मूल्यांकन के प्रमुख पक्ष निम्नलिखित हैं—

1. संज्ञानात्मक पक्ष: यह ज्ञान, बोध तथा बौद्धिक विकास से सम्बन्धित पक्ष है।

2. भावात्मक पक्ष: यह रुचि, अभिवृत्ति, मूल्य तथा भावनाओं से सम्बन्धित पक्ष है।

3. कौशलात्मक पक्ष: यह विद्यार्थियों की क्रियात्मक एवं व्यावहारिक दक्षताओं से सम्बन्धित पक्ष है।

प्रश्न 35. सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का क्या आशय है?

उत्तर:

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन वह प्रक्रिया है, जो अध्यापन-अधिगम के साथ निरन्तर चलती रहती है।

इसमें विद्यार्थी के व्यक्तित्व के सभी पक्षों—संज्ञानात्मक, भावात्मक, कौशलात्मक तथा व्यवहारात्मक क्षेत्रों का समग्र मूल्यांकन किया जाता है।

प्रश्न 36. उत्तम परीक्षण की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:

उत्तम परीक्षण की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. वैधता
  2. विश्वसनीयता
  3. व्यावहारिकता
  4. निश्चित उद्देश्य
  5. सरलता
  6. वस्तुनिष्ठता
  7. व्यापकता
  8. रोचकता

प्रश्न 37. उपचारात्मक शिक्षण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

उपचारात्मक शिक्षण एक विशेष शिक्षण दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की सीखने सम्बन्धी कठिनाइयों एवं कमियों को दूर करना है।

इसके माध्यम से छात्रों को उनकी पूर्ण शैक्षिक क्षमता तक पहुँचने में सहायता प्रदान की जाती है।

प्रश्न 38. क्रियात्मक शोध का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसका महत्व बताइए।

उत्तर:

क्रियात्मक शोध: क्रियात्मक शोध ऐसा अनुसंधान है, जिसका संचालन उन व्यक्तियों द्वारा किया जाता है जो समस्या से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं।

क्रियात्मक शोध का महत्व:

  1. यह समस्याओं का त्वरित एवं व्यावहारिक समाधान प्रदान करता है।
  2. इसकी विषयवस्तु दैनिक जीवन एवं व्यवहार से सम्बन्धित होती है।
  3. यह विद्यार्थियों के वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में सहायक होता है।
  4. इसे वही व्यक्ति प्रभावी ढंग से कर सकता है जो समस्या से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो।

प्रश्न 39. क्रियात्मक शोध के चरणों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:

क्रियात्मक शोध के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—

  1. समस्या का अभिज्ञान: समस्या की पहचान एवं निर्धारण करना।
  2. कार्य के लिए प्रस्ताव पर विचार-विमर्श: समस्या के समाधान हेतु विभिन्न सुझावों पर विचार करना।
  3. परिकल्पना का निर्माण: समस्या के समाधान के लिए संभावित अनुमान स्थापित करना।
  4. तथ्यों का संकलन: आवश्यक आँकड़े एवं सूचनाएँ एकत्र करना।
  5. विश्लेषण एवं निष्कर्ष: प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण कर निष्कर्ष निकालना।

प्रश्न 40. शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर:

नवाचार का अर्थ किसी उत्पाद, प्रक्रिया अथवा व्यवस्था में नवीन एवं उपयोगी परिवर्तन करना है।

शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता इसलिए है कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों का सकारात्मक एवं नैतिक विकास किया जा सकता है।

नवाचार द्वारा नई शिक्षण विधियाँ, तकनीकें एवं उपाय अपनाए जाते हैं, जिससे शिक्षण अधिक प्रभावी, रोचक तथा उपयोगी बनता है।

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शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार Previous Year Paper 2016

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