वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निर्देशन का प्रकार नहीं है-
(a) शैक्षिक निर्देशन
(b) लिखित निर्देशन
(c) व्यक्तिगत निर्देशन
(d) व्यावसायिक निर्देशन
उत्तर: (b) : लिखित निर्देशन, निर्देशन का प्रकार नहीं है। निर्देशन के प्रकार है-व्यवसायिक निर्देशन, व्यक्तिगत निर्देशन, सामाजिक निर्देशन, शैक्षिक निर्देशन, स्वास्थ्य निर्देशन आदि।
प्रश्न 2. ब्रेल लिपि सम्बन्धित है-
(a) श्रवण दोष
(b) मानसिक दोष
(c) अपंगहीनता
(d) दृष्टि दोष
उत्तर: (d) : ब्रेल लिपि का अविष्कार 1821 ई. में फ्रांसीसी नेत्रहीन लुईस ब्रेल ने की थी। उनके नाम पर ही इस लिपि को ब्रेल लिपि कहा जाता है। यह दृष्टि दोष से सम्बन्धित है।
प्रश्न 3. भारतीय पुनर्वास अधिनियम कब पारित हुआ-
(a) 1991
(b) 1992
(c) 1993
(d) 1995
उत्तर: (b) : भारतीय पुनर्वास परिषद की स्थापना 1886 ई. में एक पंजीकृत सोसाइटी के रूप में की गई थी, जिसे सितंबर, 1922 में संसद द्वारा पारित किया गया।
प्रश्न 4. अच्छी निर्देशन सेवा होती है-
(a) बाल केन्द्रित
(b) शिक्षक केन्द्रित
(c) समाज केन्द्रित
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (a) : अच्छी निर्देशन सेवा बाल केन्द्रित होती है।
प्रश्न 5. डिस्प्रेफिया (Dysgraphia) सम्बन्धित है-
(a) पठन अयोग्यता
(b) लेखन अयोग्यता
(c) गणितीय अयोग्यता
(d) उपर्युक्त मे से कोई नहीं
उत्तर: (b) : डिस्त्रोफिया (Dysgraphia) लेखन संबंधी विकार है।
प्रश्न 6. दृष्टिबाधियों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान स्थित है-
(a) देहरादून
(b) कानपुर
(c) आगरा
(d) हरिद्वार
उत्तर: (a) : दृष्टिबाधियों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान देहरादून (उत्तराखण्ड) में स्थित है।
प्रश्न 7. मनोवैज्ञानिक क्रिक के अनुसार सामान्य एंव प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान का आधार है-
(a) खेल द्वारा
(b) पढ़ाई द्वारा
(c) व्यायाम द्वारा
(d) बच्चों द्वारा किये गये कार्य की गति द्वारा
उत्तर: (d): मनोवैज्ञानिक क्रिक (1962) ने सामान्य एवं प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान उनके द्वारा सीखे गए कार्यों को सीखने की गति के आधार पर की।
प्रश्न 8. "निर्देशन युवकों को स्वंय से, अन्य से और परिस्थितियों से सामंजस्य करना एवं सीखने के लिए सहायता देने की प्रक्रिया है।" यह कथन है-
(a) स्किनर का
(b) शिक्षा आयोग का
(c) रायबर्न का
(d) जोन्स का
उत्तर: (a): स्किनर के अनुसार, "निर्देशन युवकों को स्वयं से, अन्य से और परिस्थितियों से सामंजस्य करना एवं सीखने के लिए सहायता देने की प्रक्रिया है।"
प्रश्न 9. परामर्श एवं निर्देशन देने वाली संस्था मनोविज्ञानशाला स्थित है-
(a) बरेली
(b) आगरा
(c) कानपुर
(d) इलाहाबाद (प्रयागराज)
उत्तर: (d): परामर्श एवं निर्देशन देने वाली संस्था मनोविज्ञानशाला इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित है।
प्रश्न 10. "निरीक्षण एक आधार है जिस पर शिक्षा में उन्नति के सभी कार्यक्रम बनाये जाने चाहिए।" यह कथन है-
(a) डॉ. मुखर्जी का
(b) बर्टन का
(c) बार एवं बर्टन का
(d) बार का
उत्तर: (c) : बार एवं बर्टन के अनुसार, "निरीक्षण एक आधार है जिस पर शिक्षा में उन्नति के सभी कार्यक्रम बनाए जाने चाहिए।"
प्रश्न 11. केन्द्रीय शिक्षा तथा व्यावसायिक ब्यूरो की स्थापना किस वर्ष की गयी थी-
(a) सन् 1952
(b) सन् 1953
(c) सन् 1954
(d) सन् 1955
उत्तर: (c) : केन्द्रीय शिक्षा तथा व्यावसायिक व्यूरो की स्थापना सन् 1954 में की गयी थी।
प्रश्न 12. वर्तमान में निःशक्त बच्चों की शिक्षा कहलाती है-
(a) विशेष शिक्षा
(b) समेकित शिक्षा
(c) समावेशी शिक्षा
(d) उपर्युक्त से कोई नहीं
उत्तर: (b): वर्तमान में, निःशक्त बच्चों की शिक्षा को समावेशी शिक्षा कहा जाता है।
प्रश्न 13. भाटिया बैटरी में कुल कितने उप-परीक्षण है-
(a) 2
(b) 3
(c) 7
(d) 5
उत्तर: (d): भाटिया बैटरी में कुल 5 उप-परीक्षण है।
प्रश्न 14. प्रारम्भिक अवस्था में मन्दबुद्धि बालको की पहचान हो सकती है-
(a) अवलोकन से
(b) परीक्षण से
(c) साक्षात्कार से
(d) प्रक्षेपी प्रविधि से
उत्तर: (a): प्रारम्भिक अवस्था में मन्दबुद्धि बालको की पहचान अवलोकन विधि से की जा सकती है।
प्रश्न 15. परामर्श से सम्बन्धित जिले की विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व करता है-
(a) जिला मजिस्ट्रेट
(b) जिले का मुख्य चिकित्साधिकारी
(c) अपर जिलाधिकारी
(d) जिला विद्यालय निरीक्षक
उत्तर: (a): परामर्श से सम्बन्धित जिले की विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट करता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. बुद्धि लब्धि का सूत्र बताइए।
उत्तर: बुद्धि लब्धि का सूत्र: बुद्धि लब्धि = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) * 100
प्रश्न 17. डायट का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: डायट का पूरा नाम-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET: District Institute of Education and Training)
प्रश्न 18. सृजनात्मकता के प्रमुख तत्व बाताइए।
उत्तर: सृजनात्मक शब्द अंग्रेजी के क्रियेटीविटी शब्द का हिन्दी रूपान्तर है। शब्द कोशो में क्रियेटिव शब्द के हिन्दी रूपान्तरण के रूप में सृजनात्मक, रचनात्मक तथा सर्जक शब्दों का प्रयोग किया है। सृजनात्मकता के तत्व है-
- (i) तत्कालीन स्थिति के ऊपर जाने की योग्यता
- (ii) समस्या की पुनर्व्याख्या
- (iii) सामंजस्य
- (iv) अन्य के विचारों में परिवर्तन।
प्रश्न 19. किन्हीं दो व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण के नाम लिखिए।
उत्तर: व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण के दो नाम-
- (i) स्टेनफोर्ड-बिने परीक्षण
- (ii) बिने-साइमन परीक्षण।
प्रश्न 20. भारत सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम कब पारित किया गया?
उत्तर: भारत सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 7 अप्रैल, 2017 को पारित किया गया और 29 मई, 2018 को लागू हुआ।
प्रश्न 21. परामर्श में सहयोग देने वाली दो संस्थाओं के नाम बताइए।
उत्तर: परामर्श में सहयोग देने वाली दो संस्थाएँ है-
- (i) जिला चिकित्सालय
- (ii) मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मण्डल स्तर पर) आगरा।
प्रश्न 22. भाषा कौशल का सही क्रम बताइए।
उत्तर: किसी भी वातावरण में प्रभावी संचार के लिए और दूसरे के साथ बातचीत करने के लिए शिक्षण भाषा कौशल आवश्यक है। भाषा कौशल का सही क्रम है- सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना।
प्रश्न 23. An Enriched Curriculum for Rapid Learners पुस्तक के लेखक कौन है?
उत्तर: An Enriched Curriculum for Rapid Learners पुस्तक के लेखक वीर कुंवर सिंह है।
प्रश्न 24. निर्देशन के दो उपकरण बताइए।
उत्तर: निर्देशन के दो प्रमुख उपकरण है-
- (i) दृश्य उपकरण- इनमें चार्ट, ग्राफ, चित्र, डायग्राफ, फ्लैशकार्ड, वीडियो, आदि शामिल होते हैं, जो शिक्षण को अधिक स्पष्ट और आकर्षण बनाने में मदद करते हैं।
- (ii) श्रव्य उपकरण- इनमें ऑडियों, रिकार्डिंग, संगीत, भाषण, रेडियो, कार्यक्रम आदि आते है, तो सुनने के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी बनाते है।
प्रश्न 25. परामर्श के चार गुण बताइए।
उत्तर: परामर्श के चार गुण निम्नलिखित है-
- (i) अच्छा परामर्श वह है जहाँ उपबोध्य अपने को सामान्य अनुभव करता है, तथा उनकी भावनाओं को कोई आघात नहीं पहुँचाया जाता है।
- (ii) परामर्श में जितना उपबोध्य में समस्या समाधान के लिए आत्मविश्वास पैदा होता है, अच्छा माना जाता है।
- (iii) परामर्श वही अच्छा है, जिसमें परामर्श प्रक्रिया उपबोध्य केन्द्रित होती है। उपबोधक को परामर्श में हावी नहीं होना चाहिए।
- (iv) परामर्श दो व्यक्तियों के मध्य संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया है, जिसमें परामर्श दाता और उपबोध्य सम्मिलित होते हैं। अच्छा परामर्श कभी भी सामूहिक रूप में सम्पादित नहीं होता है।
प्रश्न 26. समूह परामर्श से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: समूह परामर्श से तात्पर्य एक ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमे एक प्रशिक्षित परामर्शदाता (काउंसलर) कई व्यक्तियों के समूह के साथ एक ही समय पर परामर्श सत्र का संचालन करता है।
प्रश्न 27. छात्रों को निर्देशन प्रदान करने के लिए विधियों के नाम बताइए।
उत्तर: छात्रों को निर्देशन प्रदान करने के लिए दो विधियाँ निम्नवत् है-
- (i) वैयक्तिक विधि
- (ii) सामूहिक विधि।
प्रश्न 28. शैक्षिक लब्धि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शैक्षिक लब्धि से तात्पर्य किसी व्यक्ति द्वारा शिक्षा प्राप्त करने के दौरान प्राप्त किए गये ज्ञान, कौशल और समझ से प्राप्त होता है।
प्रश्न 29. समस्यात्मक बालक किसे कहते है?
उत्तर: समस्यात्मक बच्चों से हमारा तात्पर्य उन बच्चों से है, जो परिवार एवं कक्षा व विद्यालय में भांति-भांति की समस्याएँ उत्पन्न करते हैं। ऐसे बच्चों का व्यवहार सामान्य प्रकार के बच्चों से भिन्न होता है।
प्रश्न 30. विद्यालय निरीक्षण के प्रकार बताइए।
उत्तर: विद्यालय निरीक्षण मुख्य रूप से चार प्रकार के होते है-
- (i) नियमित निरीक्षण
- (ii) विशेष निरीक्षण
- (iii) अधिकारित निरीक्षण
- (iv) आकस्मिक निरीक्षण।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. प्रतिभाशाली बालक किसे कहते है? उनकी मुख्य विशेषता बताइए।
उत्तर: सामान्यतया औसत स्तर के बालकों से अधिक बुद्धिमान बालकों को प्रतिभाशाली बालक कहा जाता है। मनोवैज्ञानिको के अनुसार 130 या इससे अधिक बुद्धि लब्धि वाले बालक प्रतिभाशाली होते हैं। ये बालक किसी विषय वस्तु अथवा कार्य को सामान्य बालकों की अपेक्षा जल्दी सीख जाते हैं।
प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएँ-
- (i) प्रतिभाशाली बालक शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ्य होते है
- (ii) इनकी लंबाई एवं वजन सामान्य बालकों की अपेक्षा कुछ अधिक होती है।
- (iii) प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि 125 से अधिक होती है।
- (iv) प्रतिभाशाली बालक प्रायः उदार एवं हास्य प्रकृति के होते है
प्रश्न 32. समावेशी शिक्षा के सिद्धांत बताइए।
उत्तर: समकालीन भारत में समावेशी शिक्षा, एक नवोदित संकल्पना के रूप में नित्य नये स्वरूप की प्राप्ति की ओर अग्रसर है। समावेशी शिक्षा के मूल सिद्धांतों को संक्षेप में निम्नवत् व्यक्त किया जा सकता है-
- समावेशी शिक्षा में हर विद्यालय और सारी शिक्षा व्यवस्था में सामान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चों को भी सारी सुविधाएँ, समान सहभागिता प्रदान किया जाना चाहिए।
- विद्यालय में सामान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चों की विशिष्ट क्षमताओं की पहचान की जानी चाहिए।
- विद्यालय ने सामान्य छात्रों के साथ-साथ दिव्यांग छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रश्न 33. परामर्श के महत्व बताइए।
उत्तर: परामर्श का तात्पर्य दो व्यक्तियों के संपर्क से है, जिसमें एक को किसी प्रकार की दूसरे व्यक्ति द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
परामर्श की आवश्यकत या महत्व -
- छात्रों की वर्तमान समस्याओं को हल करने में सहायता देने के लिए।
- विशेष योग्यताओं और उचित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित एवं विकसित करने के लिए।
- छात्रों को अपने उत्तर दायित्व को समझने के लिए सहायता देना।
- छात्रों को सामाजिक और संवेगात्मक सामंजस्य स्थापित करने में सहायता करने के लिए।
प्रश्न 34. बाल अपराध किसे कहते है? इसके चार प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर: ऐसे बालक जो बुरा आचरण एवं व्यवहार करते है, जो दूसरे लोगों को अच्छा नहीं लगता और कष्ट दायक होता है, घातक होता है, व्यवस्था संतुलन में दिक्कत पैदा करता है ऐसे बालक को बाल अपराधी कहते है। बाल अपराध के अनेक कारण हो सकते हैं, किन्तु संक्षेप में कतिपय कारणों को निम्नवत् व्यक्त किया जा सकता है-
- (i) अनुवांशिकता
- (ii) शारीरिक कारण
- (iii) आर्थिक कारण
- (iv) पारिवारिक कारण
- (v) सामाजिक कारण
- (vi) विद्यालयी कारण आदि।
प्रश्न 35. निर्देशन एवं परामर्श की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: निर्देशन एक व्यापक प्रक्रिया है, परन्तु परामर्श इसका एक महत्वपूर्ण अंग है। परामर्श के बिना निर्देशन का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। परामर्श चाहने वाले की कुछ समस्याएं होती है, जिनका समाधान वह अकेले नहीं कर सकता। इन समस्याओं के समाधान के लिए उसे किसी दूसरे व्यक्ति के सुझाव की आवश्यकता होती है और ये सुझाव ही परामर्श कहलाते है जो परामर्शदाता द्वारा दिये जाते है।
प्रश्न 36. पर्यवेक्षण क्या है? एक अच्छे पर्यवेक्षक की विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।
उत्तर: पर्यवेक्षण- पर्यवेक्षण से आशय एक ऐसी क्रिया से है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति अपने अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों के कार्य की देखभाल करता है तथा उनका मार्गदर्शन करता है। इस प्रकार कर्मचारियों द्वारा किये जाने वाले कार्य की देखभाव करने की क्रिया को पर्यवेक्षण कहते है।
एक अच्छे पर्यवेक्षक की विशेषताएँ- एक अच्छा पर्यवेक्षक होने का मतलब है दूसरो को प्रभावी ढंग से कार्य पूरा करने के लिए प्रेरित करने की क्षमता होनी चाहिए। अच्छे पर्यवेक्षक के पास मजबूत संचार कौशल और दूसरों के साथ सकारात्मक संबंध बनाने की क्षमता होनी चाहिए।
प्रश्न 37. वाक् दोष के प्रकार बताइए।
उत्तर: वाक् वाधित बच्चों से तात्पर्य उन बच्चों से है, जिनमें सामान्य वाक् ध्वनि नहीं होती है। जिसमें बोलने वाले का व्यक्ति सुनने वाला नहीं समझ पाता है, या अस्पष्टता से या देर से समझ पाता है, वाक् दोष से प्रभावित बालकों को निम्नलिखित प्रकार से बाँटा जा सकता हैं-
- प्रक्रियात्मक उच्चारण दोष
- हकलाना
- आवाज की समस्या
- अंगीय बोलने के दोष
- कम सुनने वाले बालक के साथ बोलने की समस्या।
प्रश्न 38. श्रवण क्षति युक्त बालकों के प्रकार बताइए। इन बालकों की पहचान कैसे करेंगे।
उत्तर: जब कोई व्यक्ति सामान्य ध्वनि को सुनने में असक्षम पाया जाता है, तो उसे श्रवण अक्षम कहा जा सकता है और इस अवस्था को श्रवण क्षति ग्रस्तता कहा जा सकता है।
श्रवण वाधित बालकों की पहचान उनके बोलने से ही हो जाती है, परन्तु इन्हें पहचानने के लिए कई चिकित्सकीय परीक्षण करने पड़ते है क्योंकि कक्षा में श्रवण वाधित बालक आसानी से शिक्षकों की दृष्टि में नहीं आते। श्रवण वाधितों को निम्नलिखित आधार पर पहचाना जा सकता है-
- (i) चिकित्सकीय परीक्षण द्वारा
- (ii) विकासात्मक मापनी द्वारा
- (iii) बालक का अध्ययन द्वारा
- (iv) मनो-नाडी परीक्षण
- (v) बालकीय व्यवहार का निरीक्षण आदि।
प्रश्न 39. विकलांग बालकों की पुनर्वास योजना तैयार कीजिए।
उत्तर: संविधान की निदेशिका में कहा गया है कि सभी बालक/बालिकाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है तथा सभी व्यक्तियों की समता, स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान को सुनिश्चित करता है। विकलांग व्यक्तियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सरकार द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लिए निम्नलिखित विधायन (Legislation) अधिनियमित किए है-
- भारतीय पुनर्वास परिषद् अधिनियम 1993
- समान अवसर, अधिकार संरक्षण तथा पूर्ण सहभागिता अधिनियम 1995
- राष्ट्रीय ट्रस्ट अधिनियम 1999
प्रश्न 40. अपराधी बालकों की उपचार विधियों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: बच्चे या बालक अपराध करने पर न्यायालय द्वारा दण्डित नहीं किए जाते हैं बल्कि अपराध के अनुसार उनको सुधार गृहों में भेज दिया जाता है। उपचार की प्रमुख विधियाँ हैं-
- वातावरण में सुधार करना
- मनोवैज्ञानिक विधियों का प्रयोग
- मनोविश्लेषणात्मक विधियाँ
- कारावास
- किशोर न्यायालय
- किशोर बन्दी गृह आदि।