वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. विशिष्ट बालक किस बुद्धि-लब्धि में नहीं आते हैं?
(a) 70-75
(b) 75-85
(c) 90-110
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) विशिष्ट बालक 70-75 network 75-85 बुद्धि लब्धि में आते है क्योंकि विशिष्ट बालक की बुद्धि लब्धि (90-110) को छोड़कर बाकी सभी बालकों की बुद्धिलब्धि इसके अंतर्गत आ जाएगी
प्रश्न 2. विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों में सम्मिलित नहीं है-
(a) सामान्य बालक
(b) दिव्यांग बालक
(c) तीव्र बुद्धि वाले बालक
(d) इनमें से सभी
उत्तर: (a) सामान्य बालक विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों में सम्मिलित नही है।
प्रश्न 3. ब्रेल लिपि का विकास किया-
(a) किर्क
(b) इताई
(c) लुइस
(d) ऐलिस
उत्तर: (c) ब्रेल लिपि का विकास लुईस ब्रेल ने 1821 में किया था। लुइस ब्रेल फ्रांस के शिक्षाविद तथा अन्वेषक थे। जिन्होंने अन्धों के लिए लिखने तथा पढने की प्रणाली विकसित की।
प्रश्न 4. भाषा कौशलों के विकास हेतु उपकरण है-
(a) कम्प्यूटर
(b) दृश्य-श्रव्य सामग्री
(c) भाषा प्रयोगशाला
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) भाषा कौशलो के विकास हेतु उपकरण कम्प्यूटर, दृश्य श्रव्य सामग्री एवं भाषा प्रयोगशाला है।
प्रश्न 5. भारतीय पुनर्वास परिषद् की स्थापना हुई थी -
(a) 1995 ई.
(b) 1993 ई.
(c) 1994 ई.
(d) 1992 ई.
उत्तर: (d) भारतीय पुनर्वास परिषद् को एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में 1986 में किया गया था। सितम्बर 1992 को भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम संसद द्वारा पारित किया गया और उस अधिनियम के द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद एक सांविधिक निकाय के रूप में 22 जून 1993 को अस्तित्व में आयी।
प्रश्न 6. ब्रेल लिपि उपकरण उपयोग आती है-
(a) दृष्टि दोष बालकों के लिए
(b) वाणी दोष बालकों के लिए
(c) मन्द बुद्धि बालकों के लिए
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर: (a) ब्रेल लिपि दृष्टि दोष बालकों के लिए उपयोग में आती है।
प्रश्न 7. अस्थि बाधितों हेतु आरक्षण का प्रावधान है-
(a) 2%
(b) 4%
(c) 3%
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) अस्थि बाधितों हेतु आरक्षण का प्रावधान 4% है। इसका पालन सभी को करना है।
प्रश्न 8. अस्थि बाधितों हेतु संस्थान स्थित है-
(a) कानपुर
(b) नागपुर
(c) देहरादून
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (c) राष्ट्रीय अस्थि विकलांग संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र देहरादून में हैं इसकी स्थापना 1988-99 में राष्ट्रीय दृष्टिवाधितार्थ संस्थान के परिसर में स्थापित की गयी।
प्रश्न 9. विशिष्ट शिक्ष के अन्तर्गत कौन आता है?
(a) विकलांगता
(b) रोगग्रस्तता
(c) अक्षमता
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) विशिष्ट शिक्षा के अन्तर्गत विकलांगता, रोगग्रस्तता, अक्षमता सभी आते है।
प्रश्न 10. परामर्श एवं निर्देशन देने वाली संस्था मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश में स्थित है-
(a) लखनऊ में
(b) बरेली में
(c) वाराणसी में
(d) इलाहाबाद में
उत्तर: (d) आचार्य नरेद्र देव समिति की सिफारिश पर 1947 में परामर्श एवं निर्देशन देने वाली संस्था मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित है।
प्रश्न 11. निर्देशन एवं परामर्श द्वारा बताया जा सकता है-
(a) क्या बनने योग्य है
(b) क्या न करने योग्य है
(c) अ और ब दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) निर्देशन एवं परामर्श द्वारा क्या बनने योग्य है एवं क्या न करने योग्य है बताया जा सकता है।
प्रश्न 12. सही दृष्टि कहलाती है-
(a) 6/6
(b) 6/9
(c) 6/12
(d) 0.6/018
उत्तर: (a) 6/6 सही दृष्टि कहलाती है। 6/6 का मतलब आपके दोनो नेत्रों की देखने की क्षमता सामान्य है।
प्रश्न 13. प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा में क्या आवश्यक है?
(a) तीव्र गति से अध्ययन
(b) संयुक्त कार्यक्रम
(c) व्यक्तिगत ध्यान
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा में तीव्र गति से अध्ययन, संयुक्त कार्यक्रम व्यक्तिगत ध्यान आवश्यक है।
प्रश्न 14. भारत सरकार स्वयंसेवी संस्थानों को अनुदान देती है-
(a) 90%
(b) 50%
(c) 40%
(d) 60%
उत्तर: (a) भारत सरकार स्वयंसेवी संस्थानों को 90% अनुदान देती है तथा 10% हिस्सा स्वयंसेवी संस्था का होता है।
प्रश्न 15. समस्यात्मक बालक है-
(a) झूठ बोलने वाला
(b) चोरी करने वाला
(c) माता-पिता का कहना न मानने वाला
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) माता-पिता का कहना न मानने वाला, झूठ बोलने वाला एवं चोरी करने वाला बालक समस्यात्मक बालक है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. पर्यवेक्षण का क्या अर्थ है?
उत्तर: पर्यवेक्षण किसी कार्य, प्रक्रिया या गतिविधि को बिना कोई टीका टिप्पणी या हस्तक्षेप किये ध्यान पूर्वक देखने की क्रिया पर्यवेक्षण कहलाती है।
प्रश्न 17. निदान एवं उपचार को समझाइए।
उत्तर: निदान- परम्परागत रूप से निदान को उसके संकेतों और लक्षणों से किसी बीमारी की पहचान करने की कला के रूप में परिभाषित किया गया है। निदान मे समस्या का पता लगाया जाता है । उपचार- उन सभी पदार्थों या प्रक्रियाओं को उपचार कहते है जो रोग से मुक्ति प्रदान करते है जैसे औषधियाँ, शल्यचिकित्सा, जीवन शैली में परिवर्तन। उपचार में समस्या का समाधान करते हैं।
प्रश्न 18. पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण में अन्तर बताइए।
उत्तर: पर्यवेक्षण और निरीक्षण में अन्तर-
- पर्यवेक्षण अनौपचारिक है इसकी माँग उत्पन्न होती है। जबकि निरीक्षण औपचारिक एवं अस्वभाविक है।
- पर्यवेक्षण का क्षेत्र व्यापक होता है। जबकि निरीक्षण का स्वरूप अत्यन्त सीमित होता है।
- पर्यवेक्षण का उद्देश्य सूचना को समुचित देना है। जबकि निरीक्षण का उद्देश्य सूचना प्राप्त करना है।
प्रश्न 19. मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश में कब और कहां स्थापित की गई?
उत्तर: नरेन्द्र समिति 1935 की सिफारिश पर जुलाई 1947 में उत्तर प्रदेश की प्रयागराज (इलाहाबाद) में मनोविज्ञानशाला की स्थापना की गयी।
प्रश्न 20. परामर्श में सहयोग देने वाली दो संस्थाओं का नाम लिखिए।
उत्तर: परामर्श में सहयोग देने वाली संस्थाएं है-
- जिला चिकित्सालय
- मनोविज्ञानशाला प्रयागराज उत्तर प्रदेश
- मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र
प्रश्न 21. परामर्श के उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: परामर्श का उद्देश्य- व्यक्ति को भविष्य की समस्याओ को हल करने में मदद करना और व्यक्तिगत, सामाजिक, भावनात्मक, शैक्षिक विकास, को बढ़ाना भी है।
प्रश्न 22. शिक्षण एवं निर्देशन में अन्तर लिखिए।
उत्तर: शिक्षण एवं निर्देशन में अन्तर-
- शिक्षण एक औपचारिक प्रक्रिया है। जबकि निर्देशन एक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है।
- शिक्षण के लिए शिक्षक का पूर्ण शिक्षित होना अनिवार्य होता है। जबकि निर्देशन के लिए एक शिक्षक का पूर्व शिक्षित होना अनिवार्य नही है।
- शिक्षण के लिए निश्चित पाठ्यक्रम का होना आवश्यक है। जबकि निर्देशन पाठ्यक्रम के चयन से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान में सहायक होता है।
प्रश्न 23. विशिष्ट बालक किन्हें कहा जाता है?
उत्तर: विशिष्ट बालक- क्रो एवं क्रो के कथनानुसार "वह बालक जो मानसिक, शारीरिक सामाजिक और संवेगात्मक आदि विशेषताओं में औसत विशिष्ट हो और यह विशिष्टता इस स्तर की हो कि उसे अपनी विकास क्षमता की उच्चतम सीमा तक पहुँचने के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता हो, विशिष्ट बालक कहलाता है।
प्रश्न 24. शारीरिक विकलांग बालक कौन होते है?
उत्तर: विकलांग बालक- जो व्यक्ति शारीरिक/मानसिक रूप से सामान्य गतिविधियाँ करने में सक्षम नही है या वह किसी कष्ट या बाधा का अनुभव करता है विकलांग बालक कहलाता है। उस बालक का कोई अंग कमजोर या विक्षिप्त होता है।
प्रश्न 25. पिछड़ापन मापने की इकाई क्या होती है?
उत्तर: पिछड़ापन मापने की ईकाई बुद्धि लब्धि होती है। बुद्धि लब्धि = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) * 100
प्रश्न 26. अपंगता के दो कारण बताइए।
उत्तर: अपगंता के दो प्रमुख कारण- (1) जन्मजात (2) दुर्घटना वश
प्रश्न 27. समावेशी शिक्षा का सूक्ष्म आशय बताइए।
उत्तर: समावेशी शिक्षा का सूक्ष्म आशय सार्व भौमिकता से समावेशी शिक्षा ऐसी शिक्षा है जिसके अन्तर्गत शारीरिक रूप से बाधित बालक तथा सामान्य बालक साथ-साथ सामान्य कक्षा में शिक्षा ग्रहण करते है।
प्रश्न 28. शैक्षिक लब्धि का सूत्र लिखिए।
उत्तर: शैक्षिक लब्धि- शैक्षिक लब्धि विद्यार्थी की आयु के अनुरूप सभी विषयो में उसकी उपलब्धि का औसत है। अर्थात शैक्षिक दृष्टि से बालक या विद्यार्थी के अर्जन को ही शैक्षिक लब्धि कहते है। शैक्षिक लब्धि (E.Q) = (शैक्षिक आयु (Educational Age) / वास्तविक आयु (Chronological Age)) * 100
प्रश्न 29. श्रवण विकृति क्या है?
उत्तर: श्रवण विकृति- श्रवण बाधित से पीड़ित व्यक्ति को सुनने में परेशानी या बहरापन ही सकता है यदि कोई व्यक्ति कुछ नही सुन सकता है। तो वह बहरेपन से पीड़ित हो सकता है। इसे ही श्रवण विकृति कहते हैं।
प्रश्न 30. आवाज की समस्या क्या दोष है?
उत्तर: आवाज की समस्या वह होती है जब कोई व्यक्ति बोलते समय हिचकिचाते हैं, बोलते समय तुतलाते और बोलते समय शब्दो का ठीक से उच्चारण नहीं कर पाते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. अधिगम बाधित बालकों हेतु शिक्षण सिद्धान्त बताइए।
उत्तर: अधिगम बाधित बालकों हेतु शिक्षण सिद्धान्त-
- व्यक्तिगत शिक्षा - प्रत्येक बच्चें की अपने सीखने की गति और तरीके होते है इसलिए शिक्षण को व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा देनी चाहिए ।
- विशिष्ट कक्षा - सामान्य विद्यालयों में विशिष्ट कक्षा का आयोजन करना चाहिए। यहाँ पर विशिष्ट शिक्षक अधिगम बाँधित बालकों को विशिष्ट शिक्षा देते हैं इस कक्षा में शिक्षक पाठ्य विषयों के सम्बन्ध में बालकों की सहायता प्रदान करते हैं।
- संरचना और अनुक्रम - शिक्षण सामग्री को क्रमबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 32. अपंग बालकों को शिक्षा किस प्रकार की दी जानी चाहिए।
उत्तर: शारीरिक अपंगता से ग्रसित बालकों को अधिगम व समायोजन की विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के कारण बालकों में हीन भावना का विकास होता है इसलिए अपंग बालक सामान्य बालक से अलग होता है इसलिए इन्हें विशेष शैक्षणिक सुविधा प्रदान किया जाना आवश्यक है। उचित प्रयासों द्वारा इन बालकों को कुछ हद तक शिक्षित किया जा सकता है। शिक्षा की निम्न विधियों द्वारा इन्हें शिक्षित किया जा सकता है-
- विशेष शिक्षा।
- अतिरिक्त कक्षा।
- विशेष अध्यापक।
- विशेष विद्यालय
- उपचार सुविधा।
प्रश्न 33. श्रवण बाधित बालकों को शिक्षा किस प्रकार दी जाती है?
उत्तर: श्रवण बाधित बालकों सांकेतिक शिक्षा दी जाती है। सांकेतिक भाषा सम्प्रेषण का एक माध्यम है जहाँ हाथ के इशारों, शरीर तथा चेहरे के हाव-भाव का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार सांकेतिक भाषाएं बोली जाने वाली भाषाओं से संरचनात्मक रूप से अलग होती है और इसका प्रयोग श्रवण बाधित लोगों द्वारा किया जाता है। WHO के एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2016 में तकरीबन 5 मिलियन भारतीय बच्चे श्रवण विकलांगता का सामना कर रहे है।
प्रश्न 34. हकलाने की समस्या क्या है?
उत्तर: हकलाना- हकलाना एक भाषण का विकार है जो आपके बात करने की लय और प्रवाह को प्रभावित करता है। हकलाना बोलने के तरीकों को बाधित करता, जिससे अनपेक्षित आवाजे या सुचारू रूप से बात करने के अनेक समस्याए पैदा होती है। हकलाना सामान्यतः 2 साल या 7 साल में शुरू हो सकता है।
प्रश्न 35. अधिगम असमर्थी बालक कौन होते है?
उत्तर: अधिगम असमर्थी बालक- अधिगम असमर्थ बालकों की भाषा सीखने में और भाव व्यक्त करने में भी कठिनाई का अनुभव होता है। भावों को व्यक्त करने में भाषा सीखने की अपेक्षा अधिक कठिनाई का अनुभव होता है। अधिगम असमर्थी बालकों में भाषा कौशलों का विकास नहीं हो पाता है।
प्रश्न 36. माननीय मानसिक मन्दित बालक कौन होते हैं? संक्षेप में बताइए।
उत्तर: मानसिक मंदता- मानसिक मंदता एक ऐसी समस्या है जो किसी के भी विकास को प्रभावित करती है। यह समस्या बच्चे के विकास वर्षों यानी 0 से 18 साल के दौरान प्रकट होती है। इस समस्या से जूझ रहें बच्चे की सीखने की क्षमता और बुद्धिमत्ता अपनी उम्र के अन्य बच्चों के मुकाबले बहुत कम होती हैं। अपनी इसी अक्षमता के चलते पीडित सामान्य रूप से कार्य करने में असमर्थ रहते हैं। यह समस्या जन्म से या बचपन से ही पीडित में मौजूद रहती है।
प्रश्न 37. शारीरिक एवं बौद्धिक कमजोर बालकों से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शारीरिक एवं बौद्धि कमजोर बालक- इसके अर्न्तगत वे बालक आते हैं जिनकी शारीरिक एवं बौद्धिक विकास अन्य बालकों की अपेक्षा कम हुआ होता है इनकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ है-
मानसिक विशेषताएँ-
- (i) बौद्धिक कमजोर बालकों की बुद्धिलब्धि सामान्य बालकों से कम होती है।
- (ii) इनमें पढ़ने एवं ध्यान केन्द्रण एवं समन्वय की योग्यता में कमी आती है।
- (iii) कल्पनाशीलता एवं चिन्तन योग्यता निम्न स्तर की होती है।
- (iv) अर्मूत चिन्तन की योग्यता एवं तर्कशक्ति का अभाव होता है।
- (v) इनमें सामान्य बालकों की अपेक्षा जन्मजात मानसिक क्रियाएँ कम होती है।
शारीरिक विशेषताएँ-
- (i) शारीरिक क्रियाओं जैसे चलना, दौड़ना, बोलना, स्वयं भोजन करना आदि में प्रगति अत्यन्त धीमी होती है।
- (ii) किसी भी उद्दीपक से प्रतिक्रिया देने में अधिक समय लेते हैं
- (iii) जटिल संवेगों का पूर्णतया अभाव होता है। जैसे- इर्ष्या, प्रतिस्पर्धा इत्यादि।
प्रश्न 38. समावेशी शिक्षा को प्रकृति बताइए।
उत्तर: समावेशी शिक्षा की प्रकृति- समावेशी शिक्षा की आवश्यकता निम्न कारणों से हैं-
- समावेशी शिक्षा अन्य छात्रों की अपनी उम्र के छात्रों के साथ कक्षा वातावरण में भाग लेने और व्यक्तिगत लक्ष्यों या काम करने हेतु अभिप्रेरित करती है।
- समावेशी शिक्षा प्रत्येक बालक के लिए उच्च और उचित अपेक्षाओं के साथ उसकी व्यक्तिगत शक्तिओं का विकास करती है।
- समावेशी शिक्षा बालकों को शिक्षा के क्षेत्र में व उनके स्थानीय स्कूलों की गति विधियों में उनके माता-पिता को भी सम्मिलित करने की पक्षधर है।
- समावेशी शिक्षा सम्मान और अपनेपन की स्कूल संस्कृति के साथ-साथ व्यक्तिगत मतभेदों को स्वीकार करने के लिए भी अवसर प्रदान करती है।
प्रश्न 39. प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा के सिद्धान्त बताइए।
उत्तर: प्रतिभाशाली बालक- वे बालक होते हैं जो शैक्षिक प्रयासों में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हैं। उनके पास आबादी की सीमा के अन्तर्गत अतिरिक्त दो से तीन प्रतिशत बेहतर बौद्धिक क्षमता है। प्रतिभाशाली बालक जो स्कूलों में 15% से 20% तक के अन्तर्गत आते हैं।
प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षा के सिद्धांत-
- पाठ्य सहभागी क्रियाओं का अवलोकन करना।
- नेतृत्व का प्रशिक्षण देना।
- सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा।
- श्रेष्ठ एवं विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापको द्वारा प्रशिक्षण।
- विशेष विद्यालय में शिक्षा।
- विशेष एवं समृद्ध पाठ्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा।
- शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करना।
प्रश्न 40. शैक्षिक पर्यवेक्षण की विशेषता बताइए।
उत्तर: शैक्षणिक पर्यवेक्षण की विशेषताएं -
- पर्यवेक्षण का स्वरूप गत्यात्मक हो।
- पर्यवेक्षण का आधुनिक प्रत्यय प्रजातांत्रिक होता है।
- पर्यवेक्षण वैज्ञानिक होता है अतः पर्यवेक्षण में विश्वनीयता आवश्यक है।
- पर्यवेक्षण का परम्परागत रूप सत्तात्मक होता है।
- पर्यवेक्षण का आधुनिक प्रत्यय नेतृत्व पर आधारित होता है।
- पर्यवेक्षण में सीखने की क्रियाओं का विस्तार किया जाता है।
- यह विद्यालय में संचालित होने वाली गतिविधयों का मूल्यांकन करने में मदद करता है।