वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. समावेशी शिक्षा के अन्तर्गत किस तरह के बच्चों को शिक्षा की हद में लाना होगा?
(a) सड़कों पर पाये जाने वाले बच्चे
(b) कार्यशील बच्चे
(c) एच. आई. वी. पॉजिटिव बच्चे
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) : समावेशी शिक्षा का उद्देश्य सभी बच्चों को उनकी सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक अथवा अन्य परिस्थितियों की परवाह किए बिना शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। अतः सड़कों पर रहने वाले, कार्यशील तथा एच.आई.वी. पॉजिटिव बच्चे सभी इसके अन्तर्गत आते हैं।
प्रश्न 2. पुनर्वास प्रशिक्षण एवं शोध राष्ट्रीय संस्थान कहाँ स्थित है?
(a) उत्तर प्रदेश
(b) आन्ध्र प्रदेश
(c) उड़ीसा
(d) नई दिल्ली
उत्तर: (c) : स्वामी विवेकानन्द राष्ट्रीय पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (SVNIRTAR) ओलटपुर, कटक, ओडिशा में स्थित है।
प्रश्न 3. भारतीय पुनर्वास परिषद की स्थापना की गयी?
(a) 1968
(b) 1986
(c) 1991
(d) 1993
उत्तर: (b) : भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) की स्थापना 1986 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में की गई थी। बाद में पुनर्वास परिषद अधिनियम, 1992 के अन्तर्गत यह 22 जून 1993 से वैधानिक निकाय बनी।
प्रश्न 4. अस्थिबाधिता के कारण हैं-
(a) जन्मजात
(b) दुर्घटना
(c) बीमारी
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) : अस्थिबाधिता जन्मजात कारणों, दुर्घटना अथवा विभिन्न रोगों के कारण हो सकती है। अतः सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
प्रश्न 5. दृष्टिहीन बालक ज्ञान प्राप्त करते हैं-
(a) स्पर्श द्वारा
(b) श्रवण द्वारा
(c) a एवं b दोनों
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) : दृष्टिहीन बालक मुख्यतः स्पर्श एवं श्रवण के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करते हैं। पढ़ने-लिखने के लिए ब्रेल लिपि भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रश्न 6. "वंचित होना बाल्य जीवन की उद्दीपक दशाओं की न्यूनता है।" यह परिभाषा दी गई है-
(a) वॉकमैन ने
(b) गार्डन ने
(c) आंटो ने
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : गार्डन के अनुसार वंचित होना बाल्य जीवन की उद्दीपक दशाओं की न्यूनता है।
प्रश्न 7. दृष्टिबाधिता का मुख्य कारण है?
(a) वातावरण
(b) वंशानुक्रम
(c) दोनों (a एवं b)
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : दृष्टिबाधिता के कारणों में वंशानुगत तथा वातावरणीय/अर्जित दोनों प्रकार के कारक सम्मिलित हो सकते हैं।
प्रश्न 8. साइको गैलवनिक स्किन रेजिस्टेन्स ऑडियोमीटर का प्रयोग करते हैं?
(a) श्रवणबाधित पर
(b) अस्थिबाधित पर
(c) दृष्टिबाधित पर
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (a) : साइको गैलवनिक स्किन रेजिस्टेन्स ऑडियोमीटर का प्रयोग श्रवण क्षमता के आकलन में किया जाता है, अतः सही उत्तर श्रवणबाधित है।
प्रश्न 9. टरमन के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि होती है-
(a) 120 से अधिक
(b) 135 से अधिक
(c) 140 से अधिक
(d) उपरोक्त में कोई नहीं
उत्तर: (c) : टरमन के पारम्परिक वर्गीकरण में 140 से अधिक IQ को अत्यन्त उच्च बुद्धि की श्रेणी में रखा गया है और उनके प्रतिभाशाली बच्चों के प्रसिद्ध अध्ययन में 140 अथवा उससे अधिक IQ को आधार बनाया गया था।
प्रश्न 10. अल्फ्रेड बिने ने बुद्धि परीक्षण बनाया?
(a) 1879 में
(b) 1911 में
(c) 1857 में
(d) 1905 में
उत्तर: (d) : अल्फ्रेड बिने और थियोडोर साइमन ने 1905 में प्रथम व्यावहारिक बुद्धि परीक्षण, बिने-साइमन बुद्धि मापनी, विकसित की थी।
प्रश्न 11. किसी बालक के अपराधी बनने के कारण हैं?
(a) वातावरणीय कारक
(b) वंशानुक्रम
(c) a एवं b दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) : पाठ्यक्रमीय दृष्टि से बाल-अपराध को व्यक्तिगत तथा वातावरणीय दोनों प्रकार के कारकों से प्रभावित माना गया है। आधुनिक दृष्टिकोण में किसी एक कारण को निर्णायक न मानकर परिवार, सामाजिक वातावरण, व्यवहारगत प्रवृत्तियों और अन्य जोखिम-कारकों को संयुक्त रूप से देखा जाता है।
प्रश्न 12. समावेशी बालक समूह बनाते हैं?
(a) समांगी
(b) असमांगी
(c) विषमांगी
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (c) : समावेशी कक्षा में विभिन्न क्षमताओं, आवश्यकताओं और पृष्ठभूमियों वाले बच्चे साथ पढ़ते हैं, इसलिए यह विषमांगी समूह होता है।
प्रश्न 13. लुई ब्रेल का जन्म हुआ था?
(a) 1809
(b) 1806
(c) 1820
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) : ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्म 4 जनवरी 1809 को फ्रांस में हुआ था।
प्रश्न 14. ब्रेल लिपि में कितने बिन्दु होते हैं?
(a) दस (10)
(b) छः (6)
(c) सात (7)
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) : मानक ब्रेल कोशिका में छः बिन्दु होते हैं, जो तीन-तीन बिन्दुओं के दो स्तम्भों में व्यवस्थित होते हैं। इन बिन्दुओं के विभिन्न संयोजनों से अक्षर, अंक और संकेत बनाए जाते हैं।
प्रश्न 15. दृष्टिबाधितों के लिये राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान स्थित है?
(a) हरिद्वार में
(b) कानपुर में
(c) आगरा
(d) देहरादून में
उत्तर: (d) : दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय संस्थान, वर्तमान में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में स्थित है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. बाल-अपराधी बालकों के उपचार की विधि बताइये।
उत्तर: बाल-अपराधी बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास में मनोचिकित्सा/परामर्श, व्यवहार चिकित्सा, परिवार एवं समूह चिकित्सा, परिवेश चिकित्सा तथा परिवीक्षा एवं पुनर्वास जैसी विधियों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. मन्द बुद्धि बालकों के पहचान-लक्षण बताइये।
उत्तर: ऐसे बच्चों में विकासात्मक उपलब्धियाँ देर से प्राप्त होना, सीखने और समस्या-समाधान में कठिनाई तथा दैनिक जीवन और सामाजिक समायोजन के कौशलों में सहायता की आवश्यकता प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
प्रश्न 18. अपवंचन क्या है?
उत्तर: आवश्यक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक अथवा शैक्षिक अवसरों और उद्दीपनों के अभाव के कारण व्यक्ति के विकास में उत्पन्न प्रतिकूल स्थिति को अपवंचन कहते हैं।
प्रश्न 19. वाणी बाधित (वाक्दोष) बच्चों के लक्षण बताइये।
उत्तर: अस्पष्ट उच्चारण, ध्वनियों को छोड़ना या बदलना, हकलाना, बोलने के प्रवाह में रुकावट तथा आवाज की असामान्यता वाक्-दोष के प्रमुख संकेत हैं।
प्रश्न 20. प्रतिभाशाली बालकों की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- उनकी सीखने और समझने की क्षमता सामान्य से अधिक तीव्र होती है।
- उनमें प्रायः जिज्ञासा, मौलिक चिंतन और समस्या-समाधान की उच्च क्षमता पायी जाती है।
प्रश्न 21. मनोविज्ञानशाला कब और कहाँ स्थापित हुई?
उत्तर: मनोविज्ञानशाला, उत्तर प्रदेश की स्थापना जुलाई 1947 में इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज में आचार्य नरेन्द्र देव समिति की संस्तुतियों के आधार पर की गई थी।
प्रश्न 22. श्रवण विकलांगता के प्रकार बताइये।
उत्तर: श्रवण हानि के प्रमुख प्रकार हैं—चालकीय श्रवण हानि, संवेदी-तंत्रिकीय श्रवण हानि तथा मिश्रित श्रवण हानि। कुछ वर्गीकरणों में केंद्रीय श्रवण विकार को भी अलग श्रेणी माना जाता है।
प्रश्न 23. निर्देशन क्या है?
उत्तर: निर्देशन वह सहायता-प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी क्षमताओं, रुचियों और परिस्थितियों को समझकर उचित निर्णय एवं समायोजन करना सीखता है।
स्किनर के अनुसार, “निर्देशन युवक को सहायता देने की वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा वह स्वयं के साथ, दूसरों के साथ और परिस्थितियों के साथ समायोजन करना सीखता है।”
प्रश्न 24. टेलर फ्रेम का उपयोग किस तरह के बालकों हेतु किया जाता है?
उत्तर: टेलर फ्रेम का उपयोग दृष्टिबाधित बच्चों को गणित सिखाने के लिए किया जाता है। इसकी सहायता से वे स्पर्श द्वारा अंकगणित एवं बीजगणित की संक्रियाएँ कर सकते हैं।
प्रश्न 25. हकलाने के दो कारण बताइये।
उत्तर: हकलाने से सम्बन्धित दो प्रमुख कारक हैं—(1) आनुवंशिक एवं तंत्रिका-विकासात्मक प्रवृत्ति तथा (2) वाणी एवं भाषा के विकास में समन्वय सम्बन्धी कठिनाई। तनाव हकलाहट को बढ़ा सकता है, पर वह अकेला मूल कारण नहीं है।
प्रश्न 26. समावेशी शिक्षा की दो विशेषताएँ बताइये।
उत्तर:
- सभी बच्चे एक साथ सामान्य विद्यालय एवं कक्षा में सीखते हैं।
- प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता एवं शिक्षण-अनुकूलन प्रदान किया जाता है।
प्रश्न 27. श्रवण विकृति से क्या समझते हैं?
उत्तर: ध्वनि को आंशिक या पूर्ण रूप से सुनने अथवा समझने की क्षमता में कमी को श्रवण विकृति या श्रवण बाधिता कहते हैं। यह एक या दोनों कानों को प्रभावित कर सकती है।
प्रश्न 28. निर्देशन के दो प्रमुख उद्देश्य लिखिए।
उत्तर:
- बालक को उसकी क्षमताओं, योग्यताओं, रुचियों और सीमाओं का बोध कराना।
- उसे शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में उचित निर्णय एवं समायोजन करने में सहायता देना।
प्रश्न 29. वाक्-दोष के प्रकार बताइये।
उत्तर: वाक्-दोष के प्रमुख प्रकार हैं—उच्चारण दोष, प्रवाह सम्बन्धी दोष जैसे हकलाना, स्वर या आवाज सम्बन्धी दोष, अनुनाद सम्बन्धी दोष तथा विलम्बित वाणी-विकास।
प्रश्न 30. बुद्धिलब्धि का सूत्र लिखिए।
उत्तर: बुद्धिलब्धि (IQ) = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. लेखन अयोग्यता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: लेखन अयोग्यता या डिसग्राफिया एक विशिष्ट अधिगम कठिनाई है जिसमें बच्चे को अक्षरों और शब्दों को सही ढंग से लिखने, लिखावट को व्यवस्थित रखने, वर्तनी तथा लिखित अभिव्यक्ति में कठिनाई होती है। इसमें अक्षरों की बनावट, आकार, दूरी तथा लेखन की गति प्रभावित हो सकती है। उचित अभ्यास, सहायक तकनीक और उपचारात्मक शिक्षण से सुधार किया जा सकता है।
प्रश्न 32. मन्द बुद्धि बालकों का अर्थ एवं परिभाषा बताइए।
उत्तर: पारम्परिक पाठ्यक्रम में “मन्द बुद्धि बालक” शब्द का प्रयोग ऐसे बच्चों के लिए किया गया है जिनकी बौद्धिक कार्यक्षमता सामान्य स्तर से काफी कम होती है। आधुनिक शब्दावली में इसे बौद्धिक अक्षमता कहा जाता है। इसमें बौद्धिक कार्यक्षमता के साथ-साथ संचार, सामाजिक व्यवहार तथा दैनिक जीवन से सम्बन्धित अनुकूलन कौशलों में भी महत्वपूर्ण कठिनाई होती है और यह अवस्था विकासकाल में प्रकट होती है।
प्रश्न 33. जड़, मूढ़ को परिभाषित कीजिए और यह सामान्य से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर: जड़ और मूढ़ शब्द बौद्धिक अक्षमता के पुराने पारम्परिक वर्गीकरण में प्रयुक्त होते थे। इस वर्गीकरण में लगभग 25 से कम IQ को जड़ तथा लगभग 25 से 50 IQ को मूढ़ श्रेणी में रखा जाता था। ऐसे बच्चों को सीखने एवं दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक सहायता की आवश्यकता होती थी। इसके विपरीत टरमन के पारम्परिक वर्गीकरण में सामान्य या औसत बुद्धि का IQ लगभग 90 से 110 माना गया है। वर्तमान शिक्षा एवं मनोविज्ञान में इन पुराने लेबलों के स्थान पर बौद्धिक अक्षमता की तीव्रता और अनुकूलन व्यवहार का आकलन किया जाता है।
प्रश्न 34. परामर्श से आप क्या समझते हैं? परिभाषित कीजिए।
उत्तर: परामर्श एक व्यवस्थित सहायता-प्रक्रिया है जिसमें प्रशिक्षित परामर्शदाता व्यक्ति को उसकी समस्याओं, भावनाओं, क्षमताओं एवं परिस्थितियों को समझने तथा स्वयं उचित निर्णय लेने में सहायता करता है।
परामर्श में परामर्शदाता सीधे निर्णय थोपने के बजाय व्यक्ति को आत्मबोध, समस्या-समाधान तथा बेहतर समायोजन की दिशा में सहायता प्रदान करता है। यह मुख्यतः आमने-सामने संवाद और विश्वासपूर्ण सम्बन्ध पर आधारित प्रक्रिया है।
प्रश्न 35. विशिष्ट बालकों की पहचान करने में बुद्धि परीक्षणों का विशेष उपयोग है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बुद्धि परीक्षण बालक की बौद्धिक क्षमता, तर्क, समस्या-समाधान तथा मानसिक कार्यक्षमता के स्तर का आकलन करने में सहायक होते हैं। इनके द्वारा अत्यधिक उच्च अथवा अपेक्षाकृत कम बौद्धिक क्षमता वाले बच्चों की पहचान में सहायता मिल सकती है।
किन्तु केवल बुद्धि परीक्षण के आधार पर किसी बच्चे को विशिष्ट घोषित नहीं करना चाहिए। शैक्षिक उपलब्धि, सृजनात्मकता, व्यवहार, अनुकूलन क्षमता, शिक्षक-अवलोकन और आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ परीक्षणों को भी सम्मिलित करना चाहिए। दृष्टि, श्रवण या शारीरिक अक्षमता की पहचान बुद्धि परीक्षण से नहीं की जाती।
प्रश्न 36. बुद्धि परीक्षण कितने प्रकार के होते हैं? लिखिए।
उत्तर: बुद्धि परीक्षणों को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है-
- प्रशासन के आधार पर- व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण और सामूहिक बुद्धि परीक्षण।
- प्रस्तुतीकरण के आधार पर- शाब्दिक, अशाब्दिक तथा निष्पादन या क्रियात्मक बुद्धि परीक्षण।
व्यक्तिगत परीक्षण एक समय में एक व्यक्ति पर प्रशासित किया जाता है और विस्तृत निरीक्षण की सुविधा देता है। सामूहिक परीक्षण एक साथ अनेक व्यक्तियों पर किया जा सकता है तथा समय और श्रम की बचत करता है। शाब्दिक परीक्षणों में भाषा का प्रयोग अधिक होता है, जबकि अशाब्दिक एवं क्रियात्मक परीक्षणों में चित्र, आकृतियों और कार्यों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 37. अपराधी बालकों के उपचार की विधियाँ कौन-कौन हैं? प्रकाश डालिये।
उत्तर: बाल-अपराधी बच्चों के उपचार का उद्देश्य दण्ड देना मात्र नहीं, बल्कि उनके व्यवहार में सुधार एवं पुनर्वास करना है। प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं-
- मनोचिकित्सा एवं परामर्श- बच्चे की भावनात्मक एवं व्यवहारगत कठिनाइयों को समझकर सहायता देना।
- व्यवहार चिकित्सा- सकारात्मक पुनर्बलन एवं व्यवहार-संशोधन तकनीकों से उचित व्यवहार विकसित करना।
- परिवार चिकित्सा- पारिवारिक वातावरण एवं माता-पिता-बालक सम्बन्धों में सुधार करना।
- समूह एवं क्रिया चिकित्सा- खेल, कला और समूह गतिविधियों द्वारा सामाजिक एवं संवेगात्मक विकास करना।
- परिवेश चिकित्सा- सुधार एवं समायोजन के लिए सुरक्षित और सहयोगी वातावरण प्रदान करना।
- परिवीक्षा एवं पुनर्वास- बच्चे को समुदाय में रहते हुए निगरानी, शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास की सुविधा देना।
प्रश्न 38. भारतीय पुनर्वास परिषद् के कार्य बताइये।
उत्तर: भारतीय पुनर्वास परिषद् (RCI) पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा से सम्बन्धित पेशेवरों के प्रशिक्षण और मानकों का नियमन करने वाला वैधानिक निकाय है। इसके प्रमुख कार्य हैं-
- पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विनियमित और मानकीकृत करना।
- विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम शैक्षिक एवं प्रशिक्षण मानक निर्धारित करना।
- मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम चलाने वाली संस्थाओं को मान्यता प्रदान करना तथा आवश्यक होने पर मान्यता वापस लेना।
- योग्य पुनर्वास पेशेवरों एवं कर्मियों का केन्द्रीय पुनर्वास रजिस्टर (CRR) बनाए रखना।
- पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण, सतत व्यावसायिक विकास तथा सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी करना।
प्रश्न 39. शारीरिक अक्षमता या विकलांगता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: शारीरिक अक्षमता से तात्पर्य ऐसी शारीरिक या गत्यात्मक स्थिति से है जिसके कारण व्यक्ति को चलने-फिरने, शरीर के किसी अंग का उपयोग करने अथवा दैनिक क्रियाओं को करने में कठिनाई होती है। यह जन्मजात हो सकती है अथवा रोग या दुर्घटना के कारण उत्पन्न हो सकती है।
ऐसे बच्चों की बौद्धिक क्षमता आवश्यक रूप से प्रभावित नहीं होती। उचित सहायक उपकरण, बाधारहित वातावरण, शिक्षण-अनुकूलन तथा आवश्यक पुनर्वास सेवाओं द्वारा उन्हें सामान्य शैक्षिक गतिविधियों में प्रभावी रूप से सम्मिलित किया जा सकता है।
प्रश्न 40. परामर्श के प्रकार लिखिए।
उत्तर: परामर्श के तीन प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-
- निर्देशात्मक परामर्श- इसमें परामर्शदाता समस्या का विश्लेषण कर अधिक सक्रिय भूमिका निभाता है और समाधान सम्बन्धी सुझाव देता है।
- अनिर्देशात्मक परामर्श- इसमें परामर्शार्थी को अपनी भावनाएँ और समस्याएँ स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने तथा स्वयं समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कार्ल रोजर्स इस दृष्टिकोण से विशेष रूप से सम्बन्धित हैं।
- समन्वित या उदार परामर्श- इसमें व्यक्ति और समस्या की आवश्यकता के अनुसार निर्देशात्मक तथा अनिर्देशात्मक दोनों विधियों की उपयुक्त विशेषताओं का प्रयोग किया जाता है।
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