बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. जूल मात्रक है—
(a) कार्य का
(b) ऊर्जा का
(c) कार्य और ऊर्जा दोनों का
(d) शक्ति का
उत्तर: (c) कार्य और ऊर्जा दोनों का
जूल (J) कार्य तथा ऊर्जा दोनों का SI मात्रक है। एक न्यूटन बल द्वारा किसी वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर विस्थापित करने पर किया गया कार्य एक जूल होता है।
प्रश्न 2. रबी की फसल है—
(a) मक्का
(b) ज्वार
(c) बाजरा
(d) चना
उत्तर: (d) चना
चना रबी की फसल है। रबी की फसलें सामान्यतः शीत ऋतु में बोई जाती हैं। गेहूँ, चना, मटर और सरसों इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
प्रश्न 3. चन्द्रग्रहण की घटना होती है—
(a) अमावस्या के दिन
(b) पूर्णिमा के दिन
(c) अमावस्या की रात
(d) कभी भी
उत्तर: (b) पूर्णिमा के दिन
चन्द्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है। यह स्थिति पूर्णिमा के समय ही सम्भव होती है।
प्रश्न 4. D.P.T. के टीके से बचाव होता है—
(a) डिप्थीरिया का
(b) काली खाँसी का
(c) टिटनेस का
(d) उपर्युक्त तीनों का
उत्तर: (d) उपर्युक्त तीनों का
DPT टीका डिप्थीरिया (Diphtheria), पर्टुसिस या काली खाँसी (Pertussis) तथा टिटनेस (Tetanus) से सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 5. CaSO4 में Ca की संयोजकता है—
(a) +1
(b) +2
(c) -2
(d) -1
उत्तर: (b) +2
CaSO4 में सल्फेट आयन SO42− का आवेश −2 होता है। यौगिक को विद्युत उदासीन रखने के लिए कैल्शियम का आवेश +2 होता है। अतः कैल्शियम की संयोजकता 2 है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. नाभिकीय ऊर्जा किसे कहते हैं? इसका उपयोग क्या है?
उत्तर: परमाणु नाभिक के विखण्डन या संलयन में मुक्त होने वाली ऊर्जा नाभिकीय ऊर्जा कहलाती है। इसका उपयोग मुख्यतः विद्युत उत्पादन, चिकित्सा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान में किया जाता है।
प्रश्न 7. प्रथम वर्ग के उत्तोलक को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर: जिस उत्तोलक में आलम्ब, भार और आयास के बीच स्थित होता है, वह प्रथम श्रेणी का उत्तोलक कहलाता है। उदाहरण— कैंची, प्लायर तथा सी-सॉ।
प्रश्न 8. जल में घुलनशील तथा वसा में घुलनशील विटामिन के दो-दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: जल में घुलनशील विटामिन— विटामिन B और C; वसा में घुलनशील विटामिन— विटामिन A और D।
प्रश्न 9. जल प्रदूषण के मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर: जल प्रदूषण के प्रमुख कारण अनुपचारित सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि रसायन, कचरा, तेल रिसाव तथा अन्य प्रदूषकों का जलस्रोतों में मिलना हैं।
प्रश्न 10. वसा को कितने समूहों में बाँटा गया है?
उत्तर: वसा को मुख्यतः दो समूहों— संतृप्त वसा और असंतृप्त वसा में बाँटा जाता है। असंतृप्त वसा आगे एकल-असंतृप्त एवं बहु-असंतृप्त हो सकती है।
प्रश्न 11. दिये गये समीकरण को पूरा कीजिए—
CaCO3 + 2HCl →
उत्तर: CaCO3 + 2HCl → CaCl2 + H2O + CO2
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|
| पदार्थ के केवल भौतिक गुण जैसे आकार, आकृति अथवा अवस्था बदलते हैं। | पदार्थ की रासायनिक संरचना बदलती है। |
| कोई नया पदार्थ नहीं बनता। | एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं। |
| कई भौतिक परिवर्तन उलटे किए जा सकते हैं। | रासायनिक परिवर्तन को केवल यह कहकर परिभाषित नहीं किया जाता कि वह उलटने योग्य है या नहीं; इसकी मुख्य पहचान नया पदार्थ बनना है। |
| उदाहरण: बर्फ का पिघलना, जल का उबलना। | उदाहरण: लोहे में जंग लगना, कागज का जलना। |
प्रश्न 13. मृदा प्रदूषण के स्रोत एवं प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
मृदा प्रदूषण वह अवस्था है जिसमें हानिकारक रसायन, अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक मिट्टी में मिलकर उसके प्राकृतिक गुणों तथा उर्वरता को प्रभावित करते हैं।
मृदा प्रदूषण के प्रमुख स्रोत—
- औद्योगिक अपशिष्ट एवं विषैले रसायन।
- घरेलू एवं नगरपालिका का ठोस कचरा।
- कृषि में उर्वरकों, कीटनाशकों एवं खरपतवारनाशकों का अत्यधिक प्रयोग।
- प्लास्टिक एवं पॉलिथीन जैसे अपघटित न होने वाले पदार्थ।
- सीवेज, दूषित जल एवं अन्य अपशिष्टों का भूमि पर अनुचित निस्तारण।
मृदा प्रदूषण के प्रभाव—
- मिट्टी की उर्वरता एवं गुणवत्ता में कमी।
- लाभकारी मृदा जीवों एवं सूक्ष्मजीवों पर हानिकारक प्रभाव।
- फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन में कमी।
- हानिकारक रसायनों का पौधों एवं खाद्य-श्रृंखला में प्रवेश।
- भूजल के दूषित होने की सम्भावना।
प्रश्न 14. मनुष्य के श्वसन तन्त्र का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर: मनुष्य के श्वसन तन्त्र का नामांकित चित्र—
प्रश्न 15. प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|
| सामान्यतः आकार में छोटी होती है। | सामान्यतः आकार में बड़ी होती है। |
| सुस्पष्ट एवं झिल्ली से घिरा केन्द्रक नहीं होता; DNA न्यूक्लिऑइड क्षेत्र में रहता है। | सुस्पष्ट केन्द्रक उपस्थित होता है, जो केन्द्रकीय झिल्ली से घिरा रहता है। |
| झिल्ली-बद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं। | माइटोकॉन्ड्रिया, अन्तःप्रद्रव्यी जालिका, गॉल्जी तन्त्र आदि झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं। |
| सामान्यतः एक मुख्य वृत्ताकार गुणसूत्र पाया जाता है। | सामान्यतः एक से अधिक रैखिक गुणसूत्र पाए जाते हैं। |
| कोशिका विभाजन सामान्यतः द्विखण्डन द्वारा होता है। | कोशिका विभाजन समसूत्री अथवा अर्धसूत्री विभाजन द्वारा हो सकता है। |
| उदाहरण: जीवाणु। | उदाहरण: पादप तथा जन्तु कोशिकाएँ। |
प्रश्न 16. उत्तोलक क्या है? इसके प्रकार उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
उत्तोलक एक कठोर छड़ है जो किसी निश्चित बिन्दु, जिसे आलम्ब कहते हैं, के चारों ओर घूम सकती है। भार, आलम्ब तथा आयास की स्थितियों के आधार पर उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं—
-
प्रथम श्रेणी का उत्तोलक:
इसमें आलम्ब, भार और आयास के बीच स्थित होता है।
उदाहरण: कैंची, प्लायर, सी-सॉ। -
द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक:
इसमें भार, आलम्ब और आयास के बीच स्थित होता है।
उदाहरण: पहिए वाली ठेला-गाड़ी, सरौता, नींबू निचोड़ने का यंत्र। -
तृतीय श्रेणी का उत्तोलक:
इसमें आयास, आलम्ब और भार के बीच स्थित होता है।
उदाहरण: चिमटा, झाड़ू तथा फावड़े से मिट्टी उठाना।
उत्तोलक बलाघूर्ण के सिद्धान्त पर कार्य करता है और कम अथवा सुविधाजनक बल लगाकर कार्य करने में सहायता करता है।
प्रश्न 17. निम्नलिखित के सूत्र एवं एक-एक उपयोग लिखिए—
(a) विरंजक चूर्ण, (b) बेकिंग सोडा, (c) धावन सोडा।
उत्तर:
- (a) विरंजक चूर्ण: इसका प्रचलित सूत्र CaOCl2 है। इसका उपयोग कपड़े एवं कागज के गूदे के विरंजन तथा पेयजल को रोगाणुमुक्त करने में किया जाता है।
- (b) बेकिंग सोडा: इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट तथा सूत्र NaHCO3 है। इसका उपयोग बेकिंग पाउडर बनाने, प्रतिअम्ल तथा अग्निशामक यंत्रों में किया जाता है।
- (c) धावन सोडा: इसका रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट तथा सूत्र Na2CO3·10H2O है। इसका उपयोग कपड़े धोने तथा जल की स्थायी कठोरता दूर करने में किया जाता है।
प्रश्न 18. सन्तुलित आहार क्या है? मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
ऐसा आहार जिसमें व्यक्ति की आयु, कार्य एवं शारीरिक आवश्यकता के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल तथा आहारीय रेशा उचित मात्रा एवं अनुपात में उपलब्ध हों, सन्तुलित आहार कहलाता है।
मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार की आवश्यकता—
- शरीर को दैनिक कार्यों के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।
- शारीरिक वृद्धि एवं विकास में सहायता करता है।
- ऊतकों के निर्माण एवं मरम्मत में सहायक होता है।
- शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को सुचारु बनाए रखता है।
- पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोगों से बचाने में सहायता करता है।
- रोग-प्रतिरोधक क्षमता एवं सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक होता है।
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