Home
App Install Updates
Home PYQs Semester 2 हिन्दी 2023
PYQ 2023 • हिन्दी

हिन्दी Previous Year Paper 2023

UP DELED Semester 2 हिन्दी Previous Year Question Paper 2023 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. लिपि विकास का प्रथम सोपान है-

(a) वर्ण लिपि

(b) अक्षर लिपि

(c) चित्र लिपि

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर: (c) चित्र लिपि

लिपि-विकास का प्रारम्भिक रूप चित्रलिपि माना जाता है, जिसमें विचारों और वस्तुओं को चित्रों अथवा संकेतों के माध्यम से व्यक्त किया जाता था।

प्रश्न 2. पर्वत शब्द का समानार्थी शब्द है-

(a) कूट

(b) पादप

(c) नग

(d) आगार

उत्तर: (c) नग

'नग' पर्वत का प्रचलित समानार्थी शब्द है। पादप का अर्थ पौधा तथा आगार का अर्थ घर या भण्डार होता है।

प्रश्न 3. अल्पप्राण ध्वनि नहीं है-

(a) क

(b) ख

(c) ग

(d) ब

उत्तर: (b) ख

'ख' महाप्राण व्यंजन है, जबकि क, ग और ब अल्पप्राण व्यंजन हैं।

प्रश्न 4. अं, अः वर्ण कहलाते हैं-

(a) अयोगवाह

(b) ऊष्म व्यंजन

(c) स्पर्श व्यंजन

(d) स्वर

उत्तर: (a) अयोगवाह

अनुस्वार (अं) और विसर्ग (अः) को अयोगवाह कहा जाता है। इन्हें स्वतंत्र स्वर या व्यंजन नहीं माना जाता।

प्रश्न 5. 'कामायनी' के लेखक हैं-

(a) मुंशी प्रेमचन्द

(b) जयशंकर प्रसाद

(c) सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

(d) सुमित्रानंदन पंत

उत्तर: (b) जयशंकर प्रसाद

'कामायनी' जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित प्रसिद्ध महाकाव्य है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. कहानी शिक्षण की विधियाँ बताइए।

उत्तर: कहानी शिक्षण की प्रमुख विधियाँ हैं- कहानी-कथन विधि, चित्र-कहानी विधि, नाट्यीकरण विधि, प्रश्नोत्तर विधि तथा अधूरी कहानी-पूर्ति विधि।

प्रश्न 7. उच्चारण दोष के सामान्य कारण क्या हैं?

उत्तर: उच्चारण-दोष के प्रमुख कारण हैं- वागेन्द्रियों के दोष, अनुकरण की त्रुटि, स्थानीय बोली का प्रभाव, भय या संकोच, अशुद्ध उच्चारण का अभ्यास तथा उच्चारण में असावधानी।

प्रश्न 8. मौखिक अभिव्यक्ति के सोपान क्या हैं?

उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति के प्रमुख सोपान हैं- स्वाभाविकता, स्पष्टता, विचारों की क्रमबद्धता, प्रवाह, अवसरानुकूलता और प्रभावोत्पादकता।

प्रश्न 9. शब्द की शक्तियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: शब्द की तीन शक्तियाँ हैं- अभिधा, लक्षणा और व्यंजना। इनसे क्रमशः वाच्यार्थ, लक्ष्यार्थ और व्यंग्यार्थ का बोध होता है।

प्रश्न 10. हिन्दी व्याकरण के अनुसार वाक्यों के प्रकार लिखिए।

उत्तर: रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं- सरल, संयुक्त और मिश्र; अर्थ के आधार पर इनके आठ प्रमुख भेद हैं- विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक और विस्मयादिबोधक।

प्रश्न 11. उपसर्ग क्या है? सोदाहरण समझाइए।

उत्तर: जो शब्दांश किसी शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं। जैसे- प्र + हार = प्रहार, अप + मान = अपमान।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. प्राथमिक स्तर पर कहानी शिक्षण के उद्देश्य लिखिए।

उत्तर: प्राथमिक स्तर पर कहानी-शिक्षण बच्चों की भाषा, कल्पना, चिंतन और सामाजिक गुणों के विकास का प्रभावी माध्यम है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

  1. रुचि का विकास- कहानी के माध्यम से बच्चों में भाषा तथा अध्ययन के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. श्रवण-कौशल का विकास- ध्यानपूर्वक सुनने और सुनी हुई सामग्री का अर्थ ग्रहण करने की क्षमता विकसित करना।
  3. कल्पनाशक्ति का विकास- कहानी की घटनाओं और पात्रों के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशक्ति एवं सृजनात्मकता विकसित करना।
  4. मौखिक अभिव्यक्ति का विकास- बच्चों को कहानी दोहराने, प्रश्नों के उत्तर देने तथा अपने विचार व्यक्त करने के अवसर देना।
  5. शब्द-भण्डार में वृद्धि- नए शब्दों, वाक्य-रचनाओं और भाषा-प्रयोग से परिचित कराना।
  6. तर्क एवं चिंतन का विकास- कहानी से संबंधित कब, क्यों, कैसे आदि प्रश्नों के माध्यम से तार्किक चिंतन विकसित करना।
  7. सामाजिक एवं नैतिक विकास- कहानी के माध्यम से सहयोग, सहानुभूति, सत्य, साहस आदि मूल्यों का विकास करना।

प्रश्न 13. लिखित अभिव्यक्ति की विधाओं पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: अपने विचारों, भावों, अनुभवों और सूचनाओं को व्यवस्थित रूप से लिखकर व्यक्त करना लिखित अभिव्यक्ति कहलाता है। इसकी प्रमुख विधाएँ निम्नलिखित हैं-

  • अनुच्छेद-लेखन- किसी एक विषय पर क्रमबद्ध रूप से विचार लिखना।
  • निबन्ध-लेखन- किसी विषय का व्यवस्थित एवं विस्तृत विवेचन करना।
  • पत्र-लेखन- व्यक्तिगत अथवा औपचारिक उद्देश्य से विचारों और सूचनाओं का लिखित आदान-प्रदान करना।
  • कहानी-लेखन- घटनाओं और पात्रों को क्रमबद्ध तथा रोचक रूप में प्रस्तुत करना।
  • संवाद-लेखन- दो या दो से अधिक व्यक्तियों के वार्तालाप को लिखित रूप देना।
  • प्रतिवेदन अथवा रिपोर्ट-लेखन- किसी घटना या गतिविधि का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करना।
  • नाटक एवं अन्य सृजनात्मक लेखन- कल्पना और रचनात्मकता के आधार पर साहित्यिक अभिव्यक्ति करना।

प्रश्न 14. किन्हीं चार विरामचिह्नों को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लिखित भाषा में उचित ठहराव, भाव और अर्थ को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त चिह्नों को विरामचिह्न कहते हैं। चार प्रमुख विरामचिह्न निम्नलिखित हैं-

  1. पूर्ण विराम (।)- सामान्य कथनात्मक वाक्य की समाप्ति पर लगाया जाता है।
    उदाहरण- राम विद्यालय गया।
  2. अल्पविराम (,)- थोड़े समय के विराम अथवा समान पदों को अलग करने के लिए लगाया जाता है।
    उदाहरण- राम, मोहन, सीता और गीता आए।
  3. प्रश्नवाचक चिह्न (?)- प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में लगाया जाता है।
    उदाहरण- तुम कहाँ जा रहे हो?
  4. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)- हर्ष, आश्चर्य, शोक आदि तीव्र भावों को व्यक्त करने के लिए लगाया जाता है।
    उदाहरण- वाह! कितना सुंदर दृश्य है।

प्रश्न 15. उपसर्ग एवं प्रत्यय में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: उपसर्ग और प्रत्यय दोनों शब्द-रचना में सहायक शब्दांश हैं, किन्तु इनके प्रयोग-स्थान और कार्य में अन्तर होता है-

उपसर्ग प्रत्यय
मूल शब्द के पहले लगाया जाता है। मूल शब्द या धातु के अंत में लगाया जाता है।
शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है। नया शब्द अथवा नया रूप बनाता है।
उदाहरण- प्र + बल = प्रबल उदाहरण- सुंदर + ता = सुंदरता
उदाहरण- अप + मान = अपमान उदाहरण- भला + ई = भलाई

प्रश्न 16. अव्ययीभाव समास की सोदाहरण परिभाषा लिखिए।

उत्तर: जिस समास में पूर्वपद प्रधान एवं प्रायः अव्यय होता है और समस्त पद भी अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।

उदाहरण:

  • प्रतिदिन = प्रत्येक दिन
  • यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार
  • भरपेट = पेट भरकर
  • आजीवन = जीवन भर

इन शब्दों में पूर्वपद प्रधान है और पूरा सामासिक पद अव्यय की तरह प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 17. सर्वनाम किसे कहते हैं? सर्वनाम के प्रकार भी लिखिए।

उत्तर: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं, तुम, वह, यह आदि। हिन्दी में सर्वनाम के छह प्रमुख भेद माने जाते हैं-

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम- बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य व्यक्ति का बोध कराते हैं। जैसे- मैं, हम, तुम, आप, वह, वे।
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम- किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराते हैं। जैसे- यह, वह, ये, वे।
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम- किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराते हैं। जैसे- कोई, कुछ।
  4. संबंधवाचक सर्वनाम- वाक्य के दो पदों या उपवाक्यों में संबंध स्थापित करते हैं। जैसे- जो, जिसका, जिसे।
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम- प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होते हैं। जैसे- कौन, क्या।
  6. निजवाचक सर्वनाम- स्वयं या अपनेपन का बोध कराते हैं। जैसे- स्वयं, खुद, अपना, अपने आप।

प्रश्न 18. औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्र में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: औपचारिक और अनौपचारिक पत्रों में उद्देश्य, भाषा, शैली और प्रारूप के आधार पर अन्तर होता है-

औपचारिक पत्र अनौपचारिक पत्र
अधिकारी, संस्था, कार्यालय, संपादक आदि को औपचारिक उद्देश्य से लिखे जाते हैं। परिवार के सदस्यों, मित्रों और परिचितों को व्यक्तिगत उद्देश्य से लिखे जाते हैं।
भाषा शिष्ट, स्पष्ट, संक्षिप्त और औपचारिक होती है। भाषा सहज, आत्मीय और व्यक्तिगत होती है।
इनका निश्चित एवं व्यवस्थित प्रारूप होता है। इनका प्रारूप अपेक्षाकृत लचीला होता है।
तथ्यों, सूचना और उद्देश्य की स्पष्टता पर विशेष बल दिया जाता है। व्यक्तिगत भावनाओं, अनुभवों और समाचारों की अभिव्यक्ति प्रमुख होती है।
उदाहरण- आवेदन-पत्र, शिकायत-पत्र, संपादक को पत्र। उदाहरण- मित्र, माता-पिता, भाई या बहन को पत्र।
UP DELED Study App

Semester 2 की Complete तैयारी

  • Official Syllabus
  • Comprehensive Notes
  • Quick Revision Notes
  • Visual Revision Notes
  • Audio Revision
  • Solved MCQs
  • MCQ Tests
  • 2015–2025 Previous Year Papers
  • Repeated Exam Questions
  • 10 Model Papers
App में पढ़ाई शुरू करें

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

हिन्दी Previous Year Paper 2023

Solved question paper PDF download.

Semester 2 Solved PYQs Pack

2015-2026 के solved previous year papers · 74 papers · सभी 7 विषय एक ही printable PDF pack में। Download के बाद offline पढ़ें या print निकालें।

App में पढ़ें Join Telegram