बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. 'प्रत्यय' शब्द में उपसर्ग है-
(a) प्रति
(b) प्रत्य
(c) प्र
(d) प्रत
उत्तर: (a) प्रति
'प्रत्यय' शब्द का निर्माण प्रति + अय से हुआ है। अतः इसमें प्रयुक्त उपसर्ग 'प्रति' है। मूल प्रश्न-पत्र में यहाँ 'उपसर्ग' के स्थान पर त्रुटिवश 'प्रत्यय' छपा है।
प्रश्न 2. पूर्ण विराम (।) का प्रयोग किया जाता है-
(a) वाक्य के प्रारम्भ में
(b) वाक्य के मध्य में
(c) वाक्य के अन्त में
(d) रेखा के रूप में
उत्तर: (c) वाक्य के अन्त में
सामान्य कथन वाले पूर्ण वाक्य की समाप्ति पर पूर्ण विराम (।) लगाया जाता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में स्त्रीलिंग शब्द है-
(a) मित्र
(b) सूचना
(c) उपहार
(d) अध्याय
उत्तर: (b) सूचना
'सूचना' स्त्रीलिंग शब्द है, जबकि उपहार और अध्याय पुल्लिंग हैं।
प्रश्न 4. 'चौराहा' शब्द में समास है-
(a) अव्ययीभाव समास
(b) द्वन्द्व समास
(c) द्विगु समास
(d) तत्पुरुष समास
उत्तर: (c) द्विगु समास
'चौराहा' का समास-विग्रह है- चार राहों का समाहार। पूर्वपद संख्यावाचक होने तथा समूह का बोध कराने के कारण इसमें द्विगु समास है।
प्रश्न 5. "कोई खड़ा है" इस वाक्य में प्रयुक्त 'कोई' किस प्रकार का सर्वनाम है-
(a) निश्चयवाचक
(b) प्रश्नवाचक
(c) निजवाचक
(d) अनिश्चयवाचक
उत्तर: (d) अनिश्चयवाचक
'कोई' से किसी निश्चित व्यक्ति का बोध नहीं हो रहा है, इसलिए यह अनिश्चयवाचक सर्वनाम है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'अधि' उपसर्ग लगाकर चार शब्द बनाइए।
उत्तर: 'अधि' उपसर्ग से बने चार शब्द हैं- अधिकार, अधिपति, अधिनियम और अधिवक्ता।
प्रश्न 7. क्रिया-विशेषण की परिभाषा लिखते हुए दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जो अविकारी शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। जैसे- वह धीरे चलता है। वह आज आएगा।
प्रश्न 8. 'विदुषी' एवं 'तपस्विनी' शब्द का पुल्लिंग शब्द लिखिए।
उत्तर: विदुषी — विद्वान तथा तपस्विनी — तपस्वी।
प्रश्न 9. निम्नलिखित शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए- प्रिया, बुद्धिमान, श्रीमति, उत्सव।
उत्तर: शुद्ध रूप हैं- प्रिया, बुद्धिमान, श्रीमती और उत्सव।
प्रश्न 10. 'भाववाचक' संज्ञा किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: जिस संज्ञा से गुण, भाव, अवस्था या दशा का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- सुंदरता, बचपन, मित्रता।
प्रश्न 11. 'अभि' उपसर्ग जोड़कर चार शब्द लिखिए।
उत्तर: 'अभि' उपसर्ग से बने चार शब्द हैं- अभियान, अभिमान, अभिनय और अभिवादन।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. समास विग्रह किसे कहते हैं? किन्हीं तीन समास के नाम तथा उनके एक-एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर: समस्त पद के पदों को अलग-अलग करके उनके बीच के संबंध को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है।
तीन समास उदाहरण सहित-
- अव्ययीभाव समास- प्रतिदिन = प्रत्येक दिन।
- तत्पुरुष समास- राजपुत्र = राजा का पुत्र।
- द्वन्द्व समास- माता-पिता = माता और पिता।
प्रश्न 13. भूतकाल एवं भविष्यकाल में उदाहरण सहित अन्तर लिखिए।
उत्तर: भूतकाल और भविष्यकाल में मुख्य अन्तर कार्य के समय का है-
| भूतकाल | भविष्यकाल |
|---|---|
| जिस क्रिया से बीते हुए समय में कार्य के होने का बोध होता है, उसे भूतकाल कहते हैं। | जिस क्रिया से आने वाले समय में कार्य के होने का बोध होता है, उसे भविष्यकाल कहते हैं। |
| उदाहरण- राम विद्यालय गया। | उदाहरण- राम विद्यालय जाएगा। |
प्रश्न 14. 'सर्वनाम' किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम के प्रयोग से संज्ञा की अनावश्यक पुनरावृत्ति से बचा जाता है।
उदाहरण: राम विद्यालय गया। वह समय पर पहुँचा। यहाँ 'वह' शब्द राम के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है, इसलिए यह सर्वनाम है।
प्रश्न 15. छात्रों में उच्चारण सम्बन्धी सुधार हेतु दो उपाय लिखिए।
उत्तर: छात्रों के उच्चारण-दोषों को सुधारने के दो प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं-
- आदर्श उच्चारण एवं अनुकरण- शिक्षक स्वयं शब्दों और ध्वनियों का शुद्ध उच्चारण करे तथा विद्यार्थियों से उसका अनुकरण कराए।
- नियमित अभ्यास- कठिन शब्दों और ध्वनियों का बार-बार व्यक्तिगत तथा सामूहिक अभ्यास कराया जाए और त्रुटियों को तुरंत सुधारा जाए।
प्रश्न 16. 'विराम चिह्न' कितने प्रकार के होते हैं? चिह्न भी दर्शाइए।
उत्तर: लिखित भाषा में उचित ठहराव तथा भाव और अर्थ को स्पष्ट करने के लिए विरामचिह्नों का प्रयोग किया जाता है। हिन्दी व्याकरण में सामान्यतः निम्नलिखित 13 प्रमुख विरामचिह्न पढ़ाए जाते हैं-
- पूर्ण विराम — (।)
- अल्पविराम — (,)
- अर्धविराम — (;)
- उपविराम — (:)
- प्रश्नवाचक चिह्न — (?)
- विस्मयादिबोधक चिह्न — (!)
- योजक चिह्न — (-)
- उद्धरण चिह्न — (" ")
- कोष्ठक — ( )
- निर्देशक चिह्न — (—)
- लाघव या संक्षेपसूचक चिह्न — (.)
- विवरण चिह्न — (:-)
- त्रुटिपूरक चिह्न — (^)
प्रश्न 17. 'मौन वाचन' से आप क्या समझते हैं? मौन वाचन का महत्व भी लिखिए।
उत्तर: बिना आवाज किए केवल आँखों और मन की सहायता से लिखित सामग्री पढ़कर उसका अर्थ ग्रहण करना मौन वाचन कहलाता है। इसका महत्व निम्नलिखित है-
- पठन-गति में वृद्धि होती है।
- अर्थग्रहण और चिंतन-शक्ति का विकास होता है।
- एकाग्रता बढ़ती है।
- स्वाध्याय की आदत विकसित होती है।
- कम समय में अधिक सामग्री पढ़ी जा सकती है।
प्रश्न 18. निम्नलिखित में से किन्हीं दो विषयों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
1. गणतन्त्र दिवस
2. लेखन एवं पठन क्षमता का विकास
3. पुस्तकालय
4. खेलकूद की प्रतियोगिता
उत्तर:
1. गणतन्त्र दिवस- भारत में प्रतिवर्ष 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना। यह राष्ट्रीय पर्व हमें संविधान, लोकतन्त्र, समानता तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है।
2. लेखन एवं पठन क्षमता का विकास- भाषा-शिक्षण में पठन और लेखन दोनों का विशेष महत्व है। नियमित वाचन से शब्द-भण्डार, अर्थग्रहण तथा पठन-गति का विकास होता है, जबकि निरन्तर लेखन-अभ्यास से शुद्ध वर्तनी, वाक्य-रचना तथा विचारों को क्रमबद्ध एवं स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की क्षमता बढ़ती है।
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