बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. 'रानी केतकी की कहानी' के रचयिता है-
(a) प्रेमचन्द्र
(b) जयशंकर प्रसाद
(c) इंशा अल्ला खाँ
(d) किशोरी लाल गोस्वामी
उत्तर: (c) : 'रानी केतकी की कहानी' के लेखक इंशा अल्लाह खान है। इसकी भाषा शैली खड़ी बोली है।
प्रश्न 2. उच्चारण शिक्षण का सर्वाधिक उपयुक्त समय होता है
(a) प्राथमिक स्तर पर
(b) माध्यमिक स्तर पर
(c) स्नातक स्तर पर
(d) परास्नातक स्तर पर
उत्तर: (a) : उच्चारण शिक्षण का सर्वाधिक उपयुक्त समय प्राथमिक स्तर पर हैं। इस समय बच्चों में भाषा सीखने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है और वे नए शब्दों और ध्वनियों को आसानी से ग्रहण कर सकते हैं।
प्रश्न 3. क्रिया के मूलरूप को कहते हैं-
(a) कर्ता
(b) विशेषण
(c) धातु
(d) कर्म
उत्तर: (c) : क्रिया के मूलरूप को धातु कहते हैं। जैसे लिख, पढ़, जा, खा, गा, रो, आदि।
प्रश्न 4. शब्द के आदि में जुड़कर अर्थ परिवर्तन कर देते हैं-
(a) प्रत्यय
(b) समास
(c) उपसर्ग
(d) शब्द शाक्ति
उत्तर: (c) : शब्दों के आदि में जुड़कर शब्दों के अर्थ में विशेषता लाने वाले शब्दांश 'उपसर्ग' कहलाते है। उदाहरण: प्र + वीर = प्रवीर
प्रश्न 5. जो शब्द समान अर्थ रखते है, उसे कहते हैं-
(a) एकार्थी शब्द
(b) अनेकार्थी शब्द
(c) सार्थक शब्द
(d) समानार्थी शब्द
उत्तर: (d) : समानार्थी शब्द वे शब्द होते है जिनका अर्थ एक दूसरे के लगभग समान होता है। इन्हें पर्यायवाची शब्द भी कहा जाता है। उदाहरण के लिए, 'सूर्य' और 'सूरज' समानार्थी शब्द है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. लिखित अभिव्यक्ति के दो उद्देश्य लिखिए?
उत्तर: लिखित अभिव्यक्ति का अर्थ है, अपने विचारों, भावनाओं और जानकारियों को लिखकर व्यक्त करना।
लिखित अभिव्यक्ति के दो उद्देश्य हैं-
- विचारों का स्पष्ट संप्रेषण।
- भावनाओं और सूचनाओं का स्थायी रिकॉर्ड।
प्रश्न 7. अर्थ की दृष्टि से शब्द के दो भेद बताइए?
उत्तर: एक या एक से अधिक वर्णों के मेल से बनी हुई स्वतंत्र सार्थक इकाई 'शब्द' कहलाती है।
अर्थ की दृष्टि से शब्द के भेद हैं-
- पर्यायवाची शब्द
- विलोम/विपरीतार्थक शब्द
- समरूप भिन्नार्थक शब्द
- वाक्यांशों के लिए एक शब्द
- अनेकार्थी शब्द
- एकार्थक शब्द
प्रश्न 8. योजक चिन्ह का प्रयोग करते हुए दो उदाहरण लिखिए?
उत्तर: दो या दो से अधिक शब्दों को जोड़ने के लिए योजक चिन्ह का प्रयोग होता है।
उदाहरण:
- जीवन में सुख-दुःख तो चलता ही रहता है।
- रात-दिन परिश्रम करने पर ही सफलता मिलती है।
प्रश्न 9. भाववाचक संज्ञा के चार उदाहरण लिखिए?
उत्तर: भाववाचक संज्ञाएँ, जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, दशा या भाव को दर्शाती हैं।
भाववाचक संज्ञा के चार उदाहरण हैं-
- खुशी
- दुःख
- क्रोध
- मित्रता
प्रश्न 10. पत्रलेखन की चार विशेषताएं लिखिए?
उत्तर: पत्रलेखन की चार मुख्य विशेषताएँ हैं-
- स्पष्टता
- संक्षिप्तता
- शिष्टता
- प्रभावशीलता
एक अच्छा पत्र वह होता है, जो स्पष्ट रूप से अपने विचारों को व्यक्त करता है, अनावश्यक बातों से बचता है, विनम्र और सम्मानजनक भाषा का उपयोग करता है, और पाठक पर एक सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।
प्रश्न 11. 'पंच परमेश्वर' कहानी के लेखक का नाम लिखिए?
उत्तर: पंच परमेश्वर प्रेमचंद की महत्वपूर्ण कहानियों में से एक है। यह सन् 1916 में सरस्वती पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। आरम्भ में इस कहानी का मूल नाम पंचायत था, परन्तु महावीर प्रसाद द्विवेदी ने इसका नाम बदलकर पंच परमेश्वर रखा और इसी नाम से इसे सरस्वती में छापा गया।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. कहानी शिक्षण की प्रमुख विधियों का उल्लेख कीजिए?
उत्तर: कहानी शिक्षण विधि की प्रवर्तक मारिया मांटेसरी हैं। इनके द्वारा ही कहानी विधि का निर्माण किया गया। कहानी शिक्षण में तीन प्रकार की विधियाँ सम्मिलित हैं-
- कहानी कथन विधि- इस विधि का प्रयोग पूर्व प्राथमिक स्तर अर्थात् कक्षा 1 से पूर्व वाली कक्षाओं के लिए किया जाता है। जैसे- नर्सरी, LKG, HKG।
- चित्र कहानी विधि- इस विधि का प्रयोग प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के लिए किया जाता है। इसमें कक्षा 1 से लेकर 5 तक की कक्षाएँ सम्मिलित हैं। इस विधि में चित्र के माध्यम से बच्चों को कहानी बतायी जाती है।
- अधूरी कहानी पूर्ति विधि- इस विधि का प्रयोग उच्च प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के लिए किया जाता है, जिसमें कक्षा 6 से लेकर 8 तक की कक्षाएँ सम्मिलित हैं। इसमें अधूरे वाक्य दिए जाते हैं, जिनको पूरा करना होता है और बच्चा कहानी लिखना सीख जाता है। यह कहानी शिक्षण की सर्वश्रेष्ठ विधि है।
प्रश्न 13. प्राथमिक स्तर पर कविता शिक्षण की उपयोगी विधियाँ लिखिएँ?
उत्तर: प्राथमिक स्तर पर कविता शिक्षण की उपयोगी विधियाँ-
- गीत प्रणाली-
- यह विधि हाव-भाव के साथ मौखिक कौशल के विकास में सहायक है।
- इस स्तर पर बालगीतों का चयन किया जाता है, जिसमें लय की प्रधानता होती है।
- अभिनय या नाट्य प्रणाली-
- इस प्रणाली का प्रयोग भी प्रारम्भिक कक्षाओं में अभिनय प्रधान गीतों को पढ़ाने के लिए किया जाता है।
- इन पदों को पढ़ते समय बालक पद्य की लय, गीत एवं ताल के अनुसार अंग संचालन द्वारा भाव व्यक्त करना सीख जाता है।
प्रश्न 14. समास के कितने भेद हैं?
उत्तर: समास का तात्पर्य है- 'संक्षिप्तीकरण'। हिन्दी व्याकरण में समास का शाब्दिक अर्थ छोटा रूप होता है अर्थात् जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर नया और छोटा शब्द बनता है, उस शब्द को समास कहते हैं।
समास के भेद-
- अव्ययी भाव समास
- तत्पुरुष समास
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- द्वन्द समास
- बहुब्रीहि समास
प्रयोग की दृष्टि से समास के भेद-
- संयोगमूलक समास
- आश्रयमूलक समास
- वर्णनमूलक समास
पदों की प्रधानता के आधार पर वर्गीकरण-
- पूर्वपद प्रधान: अव्ययीभाव
- उत्तरपद प्रधान: तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु
- दोनों पद प्रधान: द्वंद्व
- दोनों पद अप्रधान: बहुब्रीहि (इसमें कोई तीसरा अर्थ प्रधान होता है)।
प्रश्न 15. उपसर्ग एवं प्रत्यय में अन्तर स्पष्ट कीजिए?
उत्तर: उपसर्ग और प्रत्यय में निम्नलिखित अंतर देखे जा सकते हैं-
- उपसर्ग हमेशा मूल शब्द के पहले प्रयुक्त किए जाते हैं, जबकि प्रत्यय मूल शब्द के अंत में लगाए जाते हैं।
- किसी भी शब्द में उपसर्ग को लगाने के बाद शब्द का अर्थ विपरीत भी हो सकता है, जबकि प्रत्यय को लगाने के बाद मूल शब्द का अर्थ नए शब्द से अनिवार्य रूप से संबंधित होता है।
- उपसर्ग के उद्भव एवं विकास की दिशा ऊपर से नीचे की ओर होती है, जबकि प्रत्यय के उद्भव एवं विकास की दिशा नीचे से ऊपर की ओर होती है।
प्रश्न 16. विराम चिन्हनों के प्रकार लिखिए?
उत्तर: विराम चिन्हों का उपयोग वाक्य में रूकने, ठहरने या भावों को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है। हिन्दी में निम्न विराम चिन्ह प्रयुक्त होते हैं-
- अल्प विराम (,)
- अर्द्ध विराम (;)
- अपूर्ण विराम (:)
- पूर्ण विराम (।)
- प्रश्न सूचक चिन्ह (?)
- सम्बोधन चिन्ह (!)
- योजक चिन्ह (-)
- निर्देशक चिन्ह (-)
- उदाहरण चिन्ह ("...")
- कोष्ठक चिन्ह ()
- लाघव चिन्ह (.)
- विवरण चिन्ह (:-)
- पदलोप चिन्ह (....)
- पुनरूक्ति सूचक चिन्ह (,,)
- समानता सूचक चिन्ह (=)
- त्रुटिपूरक चिन्ह (^)
- रेखांकन चिन्ह (_)
- दीर्घ उच्चारण चिन्ह (S)
प्रश्न 17. सर्वनाम किसे कहते हैं? एवं सर्वनाम के प्रकार लिखिए।
उत्तर: सर्वनाम एक ऐसा शब्द है, जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया जाता है। जैसे- वह, यह, मैं, हम, उसने, तुम, तुम लोग इत्यादि।
सर्वनाम के प्रकार-
- पुरुषवाचक सर्वनाम
- निश्चयवाचक सर्वनाम
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- सम्बन्धवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम
- निजवाचक सर्वनाम
प्रश्न 18. अनौपचारिक पत्र किसे लिख सकते हैं? अनौपचारिक पत्र लेखन के विभिन्न अंग लिखिए?
उत्तर: अनौपचारिक पत्र व्यक्तिगत पत्र होते हैं, जो आपके मित्रों या परिवार को आपके जीवन में चल रही गतिविधियों के बारे में बताने और अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करने के लिए लिखे जाते हैं। अनौपचारिक पत्र आमतौर पर किसी परिवार के सदस्य, किसी करीबी परिचित या मित्र को लिखा जाता है। अनौपचारिक पत्र में प्रयुक्त भाषा अनौपचारिक और व्यक्तिगत होती है।
अनौपचारिक पत्र लेखन के विभिन्न अंग-
- पता और तारीख
- अभिवादन/अभिवादन के प्रकार
- पत्र का परिचय व मुख्य भाग
- निष्कर्ष
- हस्ताक्षर/सदस्यता के प्रकार