बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. किस प्रणाली से छात्रों में सक्रियता बनी रहती है-
(a) प्रश्नोत्तर प्रणाली
(b) अभिनय प्रणाली
(c) गति प्रणाली
(d) व्याख्या प्रणाली।
उत्तर: (a) : प्रश्नोत्तर विधि से विद्यार्थी में सोचने, समझने और तर्क करने की क्षमता का विकास होता है। विद्यार्थी इस विधि के माध्यम से अध्ययन अध्यापन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। अभिनय प्रणाली- अभिनय अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। संवाद प्रधान कहानी का अभिनय छात्रों को पात्र बनाकर कराया जा सकता है। मुखौटों का प्रयोग अभिनय प्रयोग को और आकर्षक बना सकता है।
प्रश्न 2. 'जाग्रत' शब्द का विलोम शब्द है-
(a) सुषुप्त
(b) विसुप्त
(c) शयन
(d) चेतना।
उत्तर: (a) : 'जाग्रत' शब्द का विलोम शब्द 'सुषुप्त' है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में जातिवाचक संज्ञा है-
(a) पुस्तक
(b) ममता
(c) अच्छाई
(d) सुरेश।
उत्तर: (a) : उपर्युक्त विकल्पों में से विकल्प (a) 'पुस्तक' सही है जातिवाचक संज्ञा जिस शब्द से एक जाति के सभी प्राणियों अथवा वस्तुओं का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं जैसे-बच्चा, जानवर, नदी, अध्यापक इत्यादि।
प्रश्न 4. बच्चों की शिक्षा ग्रहण करने के मार्ग में बाधक होने वाले भाव हैं-
(a) संकोच
(b) झिझक
(c) शर्मीला होना
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर: (d) : विद्यालयी दुनिया, उनकी दुनिया से कुछ अलग होती है, जिसके कारण उनमें संकोच, झिझक शर्मीला होना आदि का भाव प्रायः देखने को मिलता है। ये भाव बच्चों के शिक्षा ग्रहण करने के मार्ग में बाधक होते हैं।
प्रश्न 5. भूतकाल के कितने भेद हैं?
(a) चार
(b) छः
(c) आठ
(d) दस।
उत्तर: (b) : भूतकाल के छः भेद होते हैं। अन्य विकल्प असंगत हैं। अतः सही उत्तर विकल्प (b) होगा। (i) सामान्य भूतकाल (ii) आसन्न भूतकाल (iii) पूर्ण भूतकाल (iv) अपूर्ण भूतकाल (v) संदिग्ध भूतकाल (vi) हेतुहेतुमद् भूतकाल
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. किन्हीं चार विराम चिह्नों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: भाषा के लिखित रूप में ठहरने के स्थान पर जो निश्चित संकेत चिन्ह लगाये जाते हैं, उन्हें विराम चिन्ह कहते हैं।
हिन्दी में 13 प्रकार के विराम चिन्ह इस प्रकार हैं-
- पूर्ण विराम (।)
- अर्द्ध विराम (;)
- अल्प विराम (,)
- उप विराम (:)
- प्रश्नवाचक चिन्ह (?)
- योजक चिन्ह (-)
- कोष्ठक चिन्ह ()
- अवतरण या उद्धरण चिन्ह (".....")
- विस्मयादिबोधक चिन्ह (!)
- लाघव/संक्षेपसूचक चिन्ह (.)
- निर्देशक चिन्ह (-)
- विवरण चिन्ह (:-)
- विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह (^)
किन्हीं चार विराम चिन्हों के उदाहरण-
- पूर्ण विराम (।) - लड़के का पैर फिसल गया।
- अर्द्ध विराम (;) - सूर्यास्त हो गया; लालिमा का स्थान कालिमा ने ले लिया।
- अल्प विराम (,) - बी.ए., एम.ए., पी.एच.डी.।
- उपविराम (:) - माँ : ममता की प्रतिमूर्ति।
प्रश्न 7. समास कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: समास जब दो या दो से अधिक शब्दों के बीच में से विभक्ति हटाकर उन्हें मिलाया जाता है, तो उस मेल को समास कहते हैं।
समास के 6 भेद हैं-
- अव्ययीभाव समास
- तत्पुरूष समास
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- द्वन्द्व समास
- बहुव्रीहि समास
प्रश्न 8. 'क्ष' संयुक्त वर्ण किन दो वर्णों से मिलकर बना है?
उत्तर: जो व्यंजन 2 या 2 से अधिक व्यंजनों के मिलने से बनते हैं, उन्हें संयुक्त वर्ण या संयुक्त व्यंजन कहा जाता है।
संयुक्त व्यंजन की हिन्दी वर्णमाला में कुल संख्या 4 है-
- क्ष = क् + ष + अ
- त्र = त् + र् + अ
- ज्ञ = ज् + ञ् + अ
- श्र = श् + र् + अ
प्रश्न 9. दिये गये प्रत्यय का प्रयोग करते हुए दो शब्द बनाइए- (अ) आई-
उत्तर: प्रत्यय वह शब्दांश या अव्यय है, जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता ला देता है या उसका अर्थ ही बदल देता है, प्रत्यय कहलाता है।
उदाहरण:
- पढ़ाई = पढ़ + आई
यहाँ 'पढ़' मूल शब्द तथा 'आई' प्रत्यय है।
प्रश्न 10. मौखिक अभिव्यक्ति की उपयोगिता बताइए।
उत्तर: मौखिक अभिव्यक्ति से तात्पर्य मन के विचारों को स्वतंत्र रूप से बोलकर अभिव्यक्ति करने से है। व्यक्तित्व विकास के लिए सरल, स्पष्ट व प्रभावशाली मौखिक अभिव्यक्ति का होना आवश्यक होता है।
प्रश्न 11. पत्र के प्रकार लिखिए।
उत्तर: सामान्य तौर पर पत्र दो प्रकार के होते हैं-
- औपचारिक - जो पत्र अधिकारिक व्यवसाय और जानकारी देने के लिए लिखे जाते हैं, औपचारिक पत्र कहलाते हैं।
- अनौपचारिक - जो पत्र व्यक्तिगत, दोस्तों और परिवार के साथ संवाद करने के लिए लिखे जाते हैं, अनौपचारिक पत्र कहलाते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. गद्य शिक्षण के सामान्य उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: गद्य शिक्षण में शिक्षक पहले गद्यांश का वाचन करता है, फिर उसमें आये कठिन शब्दों का अर्थ बताता है तथा बाद में सभी वाक्यों का सरलार्थ बताते हुए गद्यांश का अर्थ स्पष्ट कर देता है।
गद्य शिक्षण के उद्देश्य-
- छात्रों के शब्द उच्चारण को शुद्ध करना।
- विद्यार्थियों के शब्द भंडार को बढ़ाना।
- भाषा से संबंधित ज्ञान में वृद्धि करना।
- छात्रों में रचनात्मक शक्ति का विकास करना।
विशिष्ट उद्देश्य-
- भाषिक तत्वों का ज्ञान कराना- इसके अन्तर्गत उच्चारण, शब्द रचना, संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय इत्यादि शब्द प्रयोग का उल्लेख किया जाता है।
- विशेष सामग्री का उल्लेख- पाठ के अन्तर्गत भाव या विचारों का उल्लेख किया जाता है।
प्रश्न 13. मौखिक अभिव्यक्ति तथा लिखित अभिव्यक्ति की विधाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मौखिक अभिव्यक्ति-
- बातचीत में सक्रिय भागीदारिता का निर्वाह करना।
- वाद-विवाद में बेझिझक होकर बोलना।
- कहानी सुनकर शब्दशः दोहराना।
- अपनी कल्पनाओं की मौखिक अभिव्यक्ति।
लिखित अभिव्यक्ति- लिखित अभिव्यक्ति से तात्पर्य लिखने की स्वतंत्रता, अपने समाचार पत्र छापने, अपने मन के विचार और किसी भी पार्टी/समूह/दल/गठबंधन के खिलाफ लिखने की स्वतंत्रता तथा आरटीआई अभिव्यक्ति से है।
प्रश्न 14. छात्रों में उच्चारण सम्बन्धी सुधार हेतु दो उपाय लिखिए।
उत्तर: छात्रों में उच्चारण सम्बन्धी सुधार हेतु दो उपाय निम्नलिखित हैं-
- ध्वनि यंत्रों का सम्पूर्ण ज्ञान कराना- बालकों को यह बताना अनिवार्य है कि ध्वनियाँ कैसे बनती हैं? ध्वनियों के उच्चारण में जीभ, ओष्ठ, कण्ठ आदि का क्या योगदान है? अल्पप्राण एवं महाप्राण ध्वनियों में क्या अन्तर है? स्वर और व्यंजन में क्या अन्तर है? इन सभी तथ्यों को उसे उदाहरण देकर शिक्षा प्रदान करनी चाहिए।
- उच्चारण प्रतियोगिताएँ- कक्षा शिक्षण में मुख्यतयः भाषा के कलांश में उच्चारण की प्रतियोगिताएँ करानी चाहिए। कठिन शब्द श्यामपट्ट पर लिखकर उनका उच्चारण कराना चाहिए। सर्वथा शुद्ध उच्चारण करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
प्रश्न 15. काल किसे कहते हैं? काल के भेद लिखिए।
उत्तर: क्रिया के जिस रूप से उसके करने या होने के समय का बोध होता है, उसे काल कहते हैं।
काल के भेद-
- वर्तमान काल - क्रिया का वह रूप जिससे कार्य के वर्तमान समय में होने का पता चले, उसे वर्तमान काल कहते हैं। जैसे- राम पत्र लिखता है।
- भूतकाल - क्रिया का वह रूप जिससे कार्य के बीते हुए समय में करने या होने का पता चले, उसे भूतकाल कहते हैं। जैसे- मोहन विद्यालय गया।
- भविष्य काल - क्रिया का वह रूप जिससे किसी कार्य के आने वाले समय में करने या होने का पता चले, उसे भविष्य काल कहते हैं। जैसे- सीता विद्यालय जायेगी।
प्रश्न 16. कविता शिक्षण के लिए ध्यान देने योग्य बातें बताइए।
उत्तर: कविता भाषा का एक ऐसा माध्यम है, जिसके द्वारा भावनाएँ व्यक्त की जाती हैं। इसमें रसानुभूति, भावबोध व सौन्दर्यबोध होता है। पाठक की स्थिति व भाव के आधार पर कविता के एक से अधिक अर्थ हो सकते हैं।
कविता शिक्षण की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
- कविता में सौन्दर्य तथा भावना की सहज अभिव्यक्ति होती है।
- कविता पाठक के मन को आसानी से छू जाती है।
- कविता में भावबोध की प्रधानता होती है।
- कल्पना के मिश्रण से सौन्दर्य चित्रण की कविता को सहज और ग्राह्य बनाया जाता है।
- कविता की लयात्मकता शब्दावली को पढ़ने के लिए सस्वर पठन अनिवार्य है।
प्रश्न 17. पत्र लेखन की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: अच्छे पत्र की विशेषता पत्र के प्रकार पर निर्भर करती है। कुछ बातें सभी प्रकार के पत्र लेखन में प्रभावी होती हैं।
- उचित भाषा- पत्रों की भाषा शुद्ध, स्पष्ट, पाठक के लिए पठनीय एवं भद्र शब्दावली वाली होनी चाहिए।
- उचित संबोधन- पत्र लेखन में पाठक के लिए संबोधन का विशिष्ट महत्व रहता है, अतः उचित संबोधन पत्र को प्रभावपूर्ण बनाता है।
- त्रुटि मुक्त लेखन- पत्र लेखन में व्याकरण सम्बन्धित त्रुटियाँ खोजकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए। शुद्ध लेखन विषय में प्रभावोत्पादकता उत्पन्न करता है।
प्रश्न 18. क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: वे शब्द जो हमें क्रिया की विशेषता के बारे में बताते हैं, क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
उदाहरण:
- हिरण तेज भागता है। इस वाक्य में तेज क्रिया विशेषण है, जो क्रिया 'भागना' की विशेषता बताता है।
- राम अच्छा लिखता है। इस वाक्य में अच्छा शब्द लिखने की विशेषता बता रहा है। अतः अच्छा क्रिया विशेषण है।
- वह तेज दौड़ता है। इस वाक्य में तेज, दौड़ने की विशेषता बताता है। दौड़ना क्रिया है। अतः तेज शब्द क्रिया विशेषण है।
- हवा धीरे-धीरे चल रही है। इस वाक्य में धीरे-धीरे, क्रिया 'चल रही है' की विशेषता बताता है। अतः धीरे-धीरे क्रिया विशेषण है।