बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. सूरदास की रचना है-
(a) प्रेम वाटिका
(b) कर्मभूमि
(c) साहित्य लहरी
(d) दोहावली
उत्तर: (c) साहित्य लहरी
'साहित्य लहरी' सूरदास की प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। 'कर्मभूमि' प्रेमचंद की तथा 'दोहावली' तुलसीदास की रचना है।
प्रश्न 2. शिक्षक बच्चों से नजदीकी प्राप्त कर सकते हैं-
(a) परिवेशीय विषयों पर
(b) सामाजिक घटनाओं पर
(c) उनके अनुभवों पर
(d) इन सभी पर बातचीत करके
उत्तर: (d) इन सभी पर बातचीत करके
शिक्षक बच्चों से परिवेशीय विषयों, सामाजिक घटनाओं तथा उनके अनुभवों पर बातचीत करके उनसे जुड़ाव स्थापित कर सकता है। इससे बच्चे शिक्षक के सामने सहज होकर अपनी बात व्यक्त करते हैं।
प्रश्न 3. बाल गीत उपयुक्त होता है-
(a) माध्यमिक स्तर पर
(b) प्रारम्भिक स्तर पर
(c) उच्च शिक्षा स्तर पर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (b) प्रारम्भिक स्तर पर
बालगीत प्रारम्भिक स्तर के बच्चों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त होते हैं। लय, ताल और सरल भाषा के कारण बच्चे इन्हें रुचिपूर्वक सीखते हैं।
प्रश्न 4. स्वतन्त्र अभिव्यक्ति से बच्चों का कौन-सा पक्ष मजबूत होता है-
(a) रचनात्मक
(b) कलात्मक
(c) सूचनात्मक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) सूचनात्मक
स्वतन्त्र अभिव्यक्ति से बच्चे अपने भावों, विचारों और सूचनाओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना सीखते हैं, जिससे उनका सूचनात्मक पक्ष मजबूत होता है।
प्रश्न 5. जो शब्द समान अर्थ रखते हैं, उन्हें कहते हैं-
(a) एकार्थी शब्द
(b) समानार्थी शब्द
(c) अनेकार्थी शब्द
(d) सार्थक शब्द
उत्तर: (b) समानार्थी शब्द
जिन शब्दों के अर्थ समान या लगभग समान होते हैं, उन्हें समानार्थी अथवा पर्यायवाची शब्द कहते हैं। जैसे- सूर्य, रवि और भानु।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. परिवेश के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?
उत्तर: परिवेश के मुख्यतः दो व्यापक भाग माने जाते हैं- प्राकृतिक या भौतिक परिवेश तथा सामाजिक परिवेश।
प्रश्न 7. 'पठन' को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: लिखित या मुद्रित सामग्री को पढ़ते हुए उसके अर्थ एवं भाव को ग्रहण करने की प्रक्रिया को पठन कहते हैं।
प्रश्न 8. 'कवि' और 'वीर' का स्त्रीलिंग शब्द लिखिए।
उत्तर: कवि — कवयित्री तथा वीर — वीरांगना।
प्रश्न 9. 'काल' किसे कहते हैं?
उत्तर: क्रिया के जिस रूप से कार्य के करने या होने के समय का बोध होता है, उसे काल कहते हैं।
प्रश्न 10. पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद लिखिए।
उत्तर: पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं- उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष और अन्य पुरुष।
प्रश्न 11. शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: एक या एक से अधिक वर्णों के सार्थक मेल से बनी स्वतंत्र भाषा-इकाई को शब्द कहते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. कहानी और लोक कथा में अन्तर बताइए।
उत्तर: कहानी और लोककथा दोनों कथात्मक विधाएँ हैं, किन्तु इनके स्वरूप और परम्परा में अन्तर होता है-
| कहानी | लोककथा |
|---|---|
| कहानी सामान्यतः किसी ज्ञात लेखक की साहित्यिक रचना होती है। | लोककथा लोक-परम्परा की सामूहिक धरोहर होती है और प्रायः इसका मूल रचनाकार अज्ञात होता है। |
| यह मुख्यतः लिखित साहित्य के रूप में निश्चित स्वरूप प्राप्त करती है। | यह मूलतः मौखिक परम्परा से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है। |
| इसके कथानक, पात्र और भाषा पर लेखक की व्यक्तिगत शैली का प्रभाव होता है। | इसमें लोकजीवन, लोकविश्वास, रीति-रिवाज और सामूहिक अनुभवों की प्रधानता होती है। |
| इसका पाठ सामान्यतः अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। | मौखिक परम्परा के कारण इसके अनेक क्षेत्रीय रूप मिल सकते हैं। |
प्रश्न 13. गद्य और पद्य में अन्तर कीजिए।
उत्तर: गद्य और पद्य साहित्य की अभिव्यक्ति के दो प्रमुख रूप हैं। इनमें निम्नलिखित अन्तर हैं-
| गद्य | पद्य |
|---|---|
| गद्य में विचार सामान्य वाक्यों और अनुच्छेदों में व्यक्त किए जाते हैं। | पद्य में भावों और विचारों की अभिव्यक्ति पंक्तियों या पदों में की जाती है। |
| गद्य में छंद, लय और तुक का बंधन आवश्यक नहीं होता। | पद्य में लय का विशेष महत्त्व होता है; यह छंदबद्ध अथवा मुक्तछंद हो सकता है। |
| कहानी, निबन्ध, उपन्यास आदि गद्य की प्रमुख विधाएँ हैं। | कविता, गीत, दोहा आदि पद्य के प्रमुख रूप हैं। |
प्रश्न 14. पद्य शिक्षण की विधियों को बताइए।
उत्तर: पद्य-शिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कविता के भाव, लय और सौन्दर्य का बोध कराना है। पद्य-शिक्षण की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं-
- गीत प्रणाली- शिक्षक लय और ताल के साथ कविता का पाठ करता है तथा विद्यार्थी उसका अनुकरण करते हैं। यह छोटी कक्षाओं के लिए उपयोगी है।
- अभिनय या नाट्य प्रणाली- अभिनय-प्रधान कविताओं को हाव-भाव और अंग-संचालन के साथ पढ़ाया जाता है।
- अर्थबोध प्रणाली- शिक्षक कविता का पाठ करते हुए उसके शब्दों और पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट करता है।
- खण्डान्वय प्रणाली- प्रश्नोत्तर के माध्यम से कविता के कठिन भावों और विचारों को स्पष्ट किया जाता है।
- व्याख्या प्रणाली- कविता के भाव, प्रसंग और आवश्यक साहित्यिक तत्त्वों की व्याख्या की जाती है।
- व्यास प्रणाली- उच्च कक्षाओं में कविता के भावों को उदाहरण, प्रसंग और अन्तर्कथाओं के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझाया जाता है।
प्रश्न 15. उच्चारण दोषों के निराकरण के उपाय लिखिए।
उत्तर: उच्चारण-दोषों को उचित मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास द्वारा दूर किया जा सकता है। इसके प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं-
- आदर्श उच्चारण- शिक्षक स्वयं शब्दों और वाक्यों का शुद्ध एवं स्पष्ट उच्चारण करके विद्यार्थियों के सामने आदर्श प्रस्तुत करे।
- उच्चारण-स्थान का ज्ञान- कठिन ध्वनियों के उच्चारण में जिह्वा, दाँत, होंठ, तालु और कण्ठ की उचित स्थिति समझाई जाए।
- नियमित अभ्यास- कठिन शब्दों तथा समान प्रतीत होने वाली ध्वनियों का बार-बार व्यक्तिगत और सामूहिक अभ्यास कराया जाए।
- दोष के कारण की पहचान- विद्यार्थी की विशेष उच्चारण-त्रुटि पहचानकर उसके अनुसार उपचारात्मक अभ्यास कराया जाए।
- सस्वर एवं अनुकरण वाचन- आदर्श वाचन सुनाकर विद्यार्थियों से उसका अनुकरण कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार शब्द-कार्ड, चार्ट या श्रव्य सामग्री का उपयोग किया जाए।
प्रश्न 16. विराम किसे कहते हैं? अर्द्धविराम चिन्ह का प्रयोग कब होता है?
उत्तर: पढ़ते, बोलते या लिखते समय अर्थ और भाव की स्पष्टता के लिए उचित स्थान पर रुकने या ठहरने को विराम कहते हैं। लिखित भाषा में इस ठहराव को प्रकट करने वाले संकेत विरामचिह्न कहलाते हैं।
अर्द्धविराम (;)- जहाँ अल्पविराम की अपेक्षा अधिक और पूर्ण विराम की अपेक्षा कम ठहराव आवश्यक हो, वहाँ अर्द्धविराम का प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग परस्पर संबंधित स्वतंत्र कथनों को अलग करने के लिए भी किया जाता है।
उदाहरण: सूर्यास्त हो गया; चारों ओर अँधेरा छा गया।
प्रश्न 17. क्रिया-विशेषण के प्रकार कितने हैं? सोदाहरण बताइए।
उत्तर: जो अविकारी शब्द मुख्य रूप से क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। अर्थ के आधार पर इसके चार प्रमुख भेद हैं-
- कालवाचक क्रिया-विशेषण- क्रिया के समय का बोध कराता है।
उदाहरण- वह आज आएगा। - स्थानवाचक क्रिया-विशेषण- क्रिया के स्थान का बोध कराता है।
उदाहरण- बच्चे बाहर खेल रहे हैं। - रीतिवाचक क्रिया-विशेषण- क्रिया के होने की रीति या ढंग का बोध कराता है।
उदाहरण- वह धीरे चलता है। - परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण- क्रिया की मात्रा या परिमाण का बोध कराता है।
उदाहरण- वह बहुत पढ़ता है।
प्रश्न 18. उपसर्ग एवं प्रत्यय में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: उपसर्ग और प्रत्यय दोनों शब्द-रचना में प्रयुक्त होने वाले शब्दांश हैं, किन्तु इनके प्रयोग-स्थान और कार्य में अन्तर होता है-
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| उपसर्ग मूल शब्द के पहले जुड़ता है। | प्रत्यय मूल शब्द या धातु के अंत में जुड़ता है। |
| यह मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है। | यह मूल शब्द से नया शब्द या नया रूप बनाता है। |
| उदाहरण- प्र + हार = प्रहार | उदाहरण- सुंदर + ता = सुंदरता |
| उदाहरण- अप + मान = अपमान | उदाहरण- भला + ई = भलाई |
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