बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. काव्य को कितने भागों में बाँटा जाता है?
(a) दृश्य काव्य
(b) श्रव्य काव्य
(c) (a) तथा (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) (a) तथा (b) दोनों
काव्य के मुख्यतः दो भेद माने जाते हैं- श्रव्य काव्य और दृश्य काव्य। श्रव्य काव्य पढ़ा या सुना जाता है, जबकि दृश्य काव्य अभिनय के माध्यम से देखा और सुना जाता है।
प्रश्न 2. पठन का अर्थ है-
(a) सस्वर वाचन
(b) मौन वाचन
(c) (a) तथा (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (c) (a) तथा (b) दोनों
पठन के अंतर्गत सस्वर तथा मौन दोनों प्रकार का वाचन आता है। पठन में लिखित सामग्री को पढ़ने के साथ उसका अर्थ ग्रहण करना भी महत्त्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 3. मौन वाचन का उद्देश्य है-
(a) वाचन गति का विकास
(b) पठित सामग्री का अधिग्रहण
(c) वाचन का अभ्यास
(d) (a) और (b) दोनों
उत्तर: (d) (a) और (b) दोनों
मौन वाचन के प्रमुख उद्देश्य पठन-गति का विकास करना तथा पढ़ी गई सामग्री का अर्थ ग्रहण करना हैं। इससे स्वाध्याय और एकाग्रता का भी विकास होता है।
प्रश्न 4. जो शब्दांश किसी शब्द के आदि में लगकर उसके अर्थ को बदल देता है, वह कहलाता है-
(a) उपसर्ग
(b) प्रत्यय
(c) सन्धि
(d) समास
उत्तर: (a) उपसर्ग
जो शब्दांश किसी शब्द के आरम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं। जैसे- प्र + बल = प्रबल।
प्रश्न 5. संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द कहलाते हैं-
(a) संज्ञा
(b) सर्वनाम
(c) विशेषण
(d) क्रिया
उत्तर: (b) सर्वनाम
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं, तुम, वह, यह, हम आदि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. समास किसे कहते हैं?
उत्तर: दो या दो से अधिक परस्पर संबंधित पदों को मिलाकर उनके बीच के संबंधसूचक शब्दों या विभक्तियों का लोप करते हुए एक संक्षिप्त पद बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं।
प्रश्न 7. मौलिक लेखन किसे कहते हैं?
उत्तर: लेखक द्वारा अपने स्वतंत्र विचारों, भावों, अनुभवों और कल्पना के आधार पर किया गया स्वनिर्मित लेखन मौलिक लेखन कहलाता है।
प्रश्न 8. लिंग किसे कहते हैं?
उत्तर: शब्द के जिस रूप से उसके पुरुष या स्त्री जाति का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं। हिन्दी में लिंग के दो भेद हैं- पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।
प्रश्न 9. गद्य और पद्य में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: गद्य में विचार सामान्य वाक्यों और अनुच्छेदों में व्यक्त किए जाते हैं तथा छंद का बंधन नहीं होता; पद्य में भावों की लयात्मक अभिव्यक्ति होती है और वह छंदबद्ध या मुक्तछंद हो सकता है।
प्रश्न 10. वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर: सार्थक शब्दों का ऐसा व्यवस्थित समूह, जिससे किसी भाव या विचार का पूर्ण अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है।
प्रश्न 11. काल के कितने प्रकार माने जाते हैं?
उत्तर: काल के तीन मुख्य प्रकार माने जाते हैं- वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्यत् काल।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. कर्मधारय समास किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जिस समास में उत्तरपद प्रधान होता है और पूर्वपद तथा उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का संबंध होता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
उदाहरण:
- नीलगगन = नीला है जो गगन। — विशेषण-विशेष्य संबंध
- चरणकमल = कमल के समान चरण। — उपमान-उपमेय संबंध
प्रश्न 13. कहानी या लोककथा सुनाकर शिक्षक किन-किन उद्देश्यों की पूर्ति कर सकता है?
उत्तर: कहानी या लोककथा भाषा-शिक्षण का रोचक और प्रभावशाली माध्यम है। इसके द्वारा शिक्षक निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति कर सकता है-
- रुचि उत्पन्न करना- कहानी बच्चों का ध्यान आकर्षित करती है और सीखने के प्रति रुचि उत्पन्न करती है।
- श्रवण-कौशल का विकास- ध्यानपूर्वक कहानी सुनने से बच्चों की श्रवण एवं अर्थग्रहण क्षमता विकसित होती है।
- मौखिक अभिव्यक्ति का विकास- कहानी दोहराने और प्रश्नों के उत्तर देने से अभिव्यक्ति-कौशल बढ़ता है।
- कल्पनाशक्ति एवं सृजनात्मकता- कहानी बच्चों की कल्पना और सृजनात्मक चिंतन को विकसित करती है।
- शब्द-भण्डार का विकास- बच्चों को नए शब्दों, वाक्य-रचनाओं और भाषा-प्रयोग का ज्ञान होता है।
- मूल्यों का विकास- लोककथाओं और कहानियों के माध्यम से सामाजिक, नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का विकास किया जा सकता है।
प्रश्न 14. वाचन के दोषों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है?
उत्तर: विद्यार्थियों के वाचन-दोषों को नियमित अभ्यास और उचित मार्गदर्शन द्वारा दूर किया जा सकता है। इसके प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं-
- आदर्श वाचन- शिक्षक स्वयं शुद्ध उच्चारण, उचित गति और सही स्वराघात के साथ पाठ पढ़े।
- अनुकरण वाचन- विद्यार्थियों से शिक्षक के आदर्श वाचन का अनुकरण कराया जाए।
- कठिन शब्दों का अभ्यास- कठिन ध्वनियों और शब्दों का बार-बार शुद्ध उच्चारण कराया जाए।
- विरामचिह्नों का अभ्यास- उचित स्थान पर रुकने तथा स्वर में आवश्यक परिवर्तन का अभ्यास कराया जाए।
- गति पर नियंत्रण- बहुत तेज या बहुत धीमे पढ़ने की आदत को सुधारकर स्वाभाविक वाचन-गति विकसित की जाए।
- निरन्तर अभ्यास- व्यक्तिगत वाचन तथा पुनरावृत्ति के माध्यम से दोषों को धीरे-धीरे दूर किया जाए।
प्रश्न 15. औपचारिक पत्रों के प्रकार लिखिए।
उत्तर: औपचारिक पत्र वे पत्र हैं जो किसी अधिकारी, संस्था, कार्यालय या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को औपचारिक उद्देश्य से लिखे जाते हैं। इनके प्रमुख प्रकार हैं-
- प्रार्थना-पत्र अथवा आवेदन-पत्र- किसी अनुमति, सुविधा, नियुक्ति या समस्या के संबंध में लिखे जाने वाले पत्र।
- कार्यालयी अथवा सरकारी पत्र- कार्यालयों और सरकारी विभागों के औपचारिक पत्र-व्यवहार से संबंधित पत्र।
- व्यावसायिक पत्र- व्यापार, क्रय-विक्रय, भुगतान, आदेश आदि से संबंधित पत्र।
प्रश्न 16. हिन्दी में किन विरामचिह्नों का प्रयोग होता है? संक्षिप्त विवेचना कीजिए।
उत्तर: लिखित भाषा में भाव और अर्थ को स्पष्ट करने तथा उचित विराम का संकेत देने के लिए विरामचिह्नों का प्रयोग किया जाता है। हिन्दी के प्रमुख विरामचिह्न निम्नलिखित हैं-
- पूर्ण विराम (।)- वाक्य की समाप्ति पर लगाया जाता है।
- अल्पविराम (,)- थोड़े समय के विराम या एक ही प्रकार के पदों को अलग करने के लिए।
- अर्धविराम (;)- अल्पविराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहराव के लिए।
- उपविराम (:)- किसी कथन के बाद विवरण या सूची देने के लिए।
- प्रश्नवाचक चिह्न (?)- प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में।
- विस्मयादिबोधक चिह्न (!)- हर्ष, शोक, आश्चर्य आदि तीव्र भावों को व्यक्त करने के लिए।
- उद्धरण चिह्न (" ")- किसी के कथन या विशेष उद्धरण को दर्शाने के लिए।
- कोष्ठक ( )- अतिरिक्त या स्पष्टीकरणात्मक जानकारी देने के लिए।
- योजक चिह्न (-)- दो शब्दों या पदों को जोड़ने के लिए।
- निर्देशक चिह्न (—)- किसी कथन की ओर विशेष संकेत करने या अतिरिक्त सूचना देने के लिए।
- लोप चिह्न (...)- कथन के किसी अंश के छूटने अथवा अपूर्णता का संकेत देने के लिए।
प्रश्न 17. उच्चारण के विभिन्न भेदों को लिखिए।
उत्तर: वर्णों का वर्गीकरण उनके उच्चारण-स्थान के आधार पर किया जाता है। प्रमुख उच्चारण-स्थान और उनसे संबंधित वर्ण निम्नलिखित हैं-
- कण्ठ्य- अ, आ, क, ख, ग, घ, ङ, ह।
- तालव्य- इ, ई, च, छ, ज, झ, ञ, य, श।
- मूर्धन्य- ऋ, ट, ठ, ड, ढ, ण, र, ष।
- दन्त्य- त, थ, द, ध, न, ल, स।
- ओष्ठ्य- उ, ऊ, प, फ, ब, भ, म।
- कण्ठतालव्य- ए, ऐ।
- कण्ठोष्ठ्य- ओ, औ।
- दन्तोष्ठ्य- व।
- नासिक्य- ङ, ञ, ण, न, म तथा अनुस्वार।
वर्ण का उच्चारण करते समय मुख के जिस भाग की मुख्य भूमिका होती है, उसी के आधार पर उसका उच्चारण-स्थान निर्धारित किया जाता है।
प्रश्न 18. लिखित अभिव्यक्ति के कौन-कौन-से मुख्य साधन हैं?
उत्तर: लिखित अभिव्यक्ति के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों, भावों और अनुभवों को लिखित रूप में प्रस्तुत करता है। इसके प्रमुख साधन हैं-
- पत्र-लेखन
- निबन्ध-लेखन
- कहानी-लेखन
- संवाद-लेखन
- अनुच्छेद-लेखन
- रिपोर्ट अथवा प्रतिवेदन-लेखन
- नाटक एवं अन्य सृजनात्मक लेखन
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