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PYQ 2022 • शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास

शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास Previous Year Paper 2022

UP DELED Semester 4 शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास Previous Year Question Paper 2022 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के महत्व को बताया है-

(a) अरविन्द घोष ने

(b) रवीन्द्र नाथ टैगोर ने

(c) महात्मा गाँधी ने

(d) विवेकानन्द ने।

उत्तर: (c) : महात्मा गाँधी जी ने सत्य अहिंसा और सत्याग्रह के महत्व को बताया है। गाँधी जी ने सत्य या सत्य की खोज के लिए अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया और अपने आंदोलन को 'सत्याग्रह' कहा' जिसका अर्थ है," सत्य के लिए अपील "। स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली अध्यात्मिक गुरू थे। उनका मानना था कि जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना भी चाहिए। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्व प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार दार्शनिक और पहले भारतीय साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता थे, वे मानवता को देशभक्ति से ऊपर रखते थे। अरबिन्द घोष एक योगी एवं दार्शनिक थे इनका मानना था कि मानव सांसारिक जीवन में भी दैवीय शक्ति प्राप्त कर सकता है।

प्रश्न 2. तनाव प्रबन्धन की तकनीक नहीं है-

(a) सामाजिक सरोकार

(b) व्यायाम करना

(c) परिस्थितियों के साथ सामंजस्य स्थापित करना

(d) सदैव चिन्ताग्रस्त रहना।

उत्तर: (d) : तनाव प्रबंधन का अर्थ है मानसिक तनाव में कमी लाना। कुछ तकनीक किसी व्यक्ति के तनाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है जैसे- सामाजिक सरोकार व्यायाम करना, परिस्थितियों के साथ सामंजस्य स्थापित करना, संगीत सुनना भरपूर नींद लेना, गहरी सांस लेना, विश्राम तकनीक, प्राकृतिक चिकित्सा, समय प्रबंधन आदि। जबकि सदैव चिन्ताग्रस्त रहना यह तनाव को और बढ़ाने में मदद करता है इसलिए यह तनाव प्रबंधन की तकनीक में शामिल नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से सतत विकास का आयाम नहीं है-

(a) सांस्कृतिक

(b) पर्यावरणीय

(c) असीमित संसाधन

(d) सामाजिक।

उत्तर: (c) : सतत विकास का उद्देश्य मानव विकास के लक्ष्यो को पूरा करना है। जो आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय संगतता और पर्यावरण संरक्षण के समावेशन से विकास का आह्मन करती है तथा जो भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान की आवश्यक्ताओं को पूरा करने पर जोर देता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सतत विकास के चार आयाम है- समाज पर्यावरण संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था-जो परस्पर अंतसंबंधित है, जिन्हे अलग नही किया जा सकता है।

प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया मौखिक हिंसा है?

(a) मारना

(b) धक्का देना

(c) सामाजिक बहिष्कार

(d) गालियाँ देना।

उत्तर: (d) : मौखिक हिंसा, हिंसा का एक सामान्य प्रकार है, जिसमें आरोप लगाना, मौखिक धमकी देना, आदेश देना, तुच्छ बनाना, लगातार भूलना, चुप कराना, दोष देना, नाम पुकारना, गालियां देना आदि, शामिल है।

प्रश्न 5. बच्चों को सुयोग्य नागरिक बनाया जा सकता है-

(a) गुणवत्तापूर्ण शिक्षण द्वारा

(b) नैतिकता का पाठ पढ़ाने से

(c) सद्गुणों के विकास

(d) उपर्युक्त सभी।

उत्तर: (a) : बच्चों को सुयोग्य नागरिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा द्वारा बनाया जा सकता है। शिक्षा मानव जीवन की एक महत्वपूर्ण इकाई है एक राष्ट्र के निर्माण के लिए, उस राष्ट्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करनी चाहिए।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. शान्ति शिक्षा का अर्थ बताइए।

Ans.: शान्ति शिक्षा वह शिक्षा है जो आशोषित, अहिंसक तथा न्याय प्रिय समाज का निर्माण करती है जो मतभेद विरोध भय संश्य रहित शिक्षा हो उसे शांति शिक्षा कहते है।

प्रश्न 7. व्यक्तित्व की दो विशेषताएँ लिखिए।

Ans.: व्यक्तित्व की विशेषताएँ-

  1. अनुभव के प्रति खुलापन
  2. कर्तव्यनिष्ठा
  3. बहिर्मुखता
  4. सहमतता

प्रश्न 8. चरित्र-निर्माण का क्या तात्पर्य है?

Ans.: चरित्र निर्माण मानव के व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले विभिन्न तत्वों में चरित्र का सबसे अधिक महत्व है। चरित्र व्यक्ति का मानासिक गुण है जो उसके सामाजिक व्यवहार को निर्धारित करता है।

प्रश्न 9. मानवाधिकार शब्द से क्या आशय है?

Ans.: मानवाधिकार वे अधिकार है जो किसी भी व्यक्ति को जन्म के साथ ही प्राप्त हो जाते हैं। किसी भी व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता ओर प्रतिष्ठा का अधिकार ही मानवाधिकार है।

प्रश्न 10. सत्याग्रह से क्या तात्पर्य है?

Ans.: सत्याग्रह का शाब्दिक अर्थ है सत्य के लिये आग्रह / अन्याय का सर्वदा विरोध करना और अन्यायी के प्रति बैरभाव न रखना।

प्रश्न 11. सहपाठी या साथी समूह की दो विशेषताएँ बताइए।

Ans.: सहपाठी की विशेषताएँ-

  1. सहपाठी एक-दूसरे के प्रति स्वीकृति का भाव रखे,
  2. साथी के प्रति जागरूक होना चाहिए।
Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. सामाजिक तनाव से क्या अभिप्राय है?

Ans.: सामाजिक तनाव वह तनाव है जो समाज द्वारा व्यक्ति पर थोपे जाते हैं। सामाजिक घटनाएँ जैसे परिवार में किसी की मृत्यु या बीमारी तनावपूर्ण संबंध पड़ोसियों से परेशानी सामाजिक तनाव के कुछ उदाहरण हैं। इसमें व्यक्ति सामाजिक संपर्क से दूर हो जाते हैं। और चिड़चिड़े और शत्रुतापूर्ण हो जाते हैं।

प्रश्न 13. बच्चों के विकास के लिए शिक्षकों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

Ans.: शिक्षक ही बालकों की योग्यता, क्षमता, रूचि, आदि के अनुरूप शिक्षा प्रदान करते हैं। शिक्षक प्रत्येक बच्चे के विकास और सीखने को बढ़वा देने के लिए पर्यावरण कार्यक्रम और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाते है। वह छात्रों को ज्ञान व अधिगम कराने के लिए उचित वातावरण की तैयारी करता ताकि छात्र भविष्य में सफलता प्राप्त कर सके।

प्रश्न 14. सतत् विकास में क्यों आवश्यकता होती है? अपने विचार लिखिए।

Ans.: सतत् विकास ऐसा विकास है जो भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करता है। सतत विकास की आवश्यकताएँ-

प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग प्राकृतिक संसाधन मानव जाति के लिए वरदान है। पर्यावरणीय संसाधनो का सन्तुलित विकास होना मानव जाति एवं पृथ्वी के सभी जीवो के लिए अति आवश्यक है।

  1. सामाजिक विकास- सतत विकास का संबंध सामाजिक विकास से होता है। विकास एक समाजिक प्रक्रिया है। सामाजिक विकास के द्वारा किसी समाज को इस योग्य बनाना कि उसके सदस्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।
  2. आर्थिक विकास- समाज के सभी व्यक्ति अर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते है। प्राकृतिक संसाधनों से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति ठीक रहती है, परंतु यह देखना अति आवश्यक है कि समाज के लोग इनका दुरूपयोग न करें।

प्रश्न 15. शान्ति शिक्षा में कौशल का समावेश क्यों आवश्यक है? कोई दो शान्ति कौशलों का उल्लेख कीजिए।

Ans.: शान्ति शिक्षा में कौशल का समावेश समाज में व्याप्त हिंसात्मक संघर्ष आदि को समाप्त करने हेतु शान्ति शिक्षा का सहारा लिया जा सकता है। शांति शिक्षा द्वारा व्यक्तियों में एसे मूल्यों, कौशलो, अभिवृत्तियों का समावेश करे जिससे उन्हें दूसरों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखने वाले एवं उत्तरदायी नागरिक में मदद मिले। शांति कौशल का उल्लेख- प्रायः यह अपेक्षा की जाती है कि विद्यार्थियों में ऐसा कौशल या व्यवहार उत्पन्न किया जाए जो उन्हें प्रभावी शांति निर्माता बना सके। इनका परिचय हम चिंतन कौशल, सम्प्रेषण कौशल और वैयाक्तिक कौशल के तहत संक्षिप्त जानकारी के रूप में दे सकते है-

  1. चिंतन कौशल - चिंतन एक आन्तरिक मानसिक प्रक्रिया है जिसका अनुमान बाह्य या प्रकट व्यवहार से लगाया जाता है। इसमें तर्क करना, कल्पना करना, समस्या का समाधान करना समझने एवं निर्णय लेने के माध्यम से उत्पन्न होता है।
  2. सम्प्रेषण कौशल - सम्प्रेषण का अर्थ है, "सूचनाओं तथा भावनाओं का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को आदान-प्रदान करना होता है।" अतः सूचनाओं, तथ्यों तथा विचारों का कुशलता से आदान-प्रदान करना ही सम्प्रेषण कौशल कहलाता है।

प्रश्न 16. विश्वबन्धुत्व के सन्दर्भ में रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख कीजिए।

Ans.: रवीन्द्रनाथ टैगोर जी का मानना था कि सभी लोगों को एकसमान आदर और विचार का अधिकर है चाहे उनकी नागरिकता की स्थिति या अन्य सम्पर्क कुछ भी हो। हालाँकी टैगोर की विश्वबन्धुत्व की आवधारण भी अद्वितीय है और यह विश्वबन्धुत्व की पारंपरिक समझ से अलग है।

  • सहयोग सह-अस्तित्व मानवता और आध्यात्मिक सार्वभौमिकता- टैगोर का विश्वबन्धुत्व सहयोग, सह-अस्तित्व, मानवता और आध्यात्मिक सार्वभौमिक्ता के मूल्यों से जुड़ा हुआ है उनका मानना था कि नागरिकता की अवधारणा एक मानवतावादी आदर्श पर आधारित होनी चाहिए।
  • देशभक्ति एवं विश्वबन्धुत्व- देशभक्ति एक भावनात्मक अभिव्यक्ति, बंधन या निवेश है यह एक भावना है। राष्ट्रवाद एक विचारधारा है। उन्होने कभी भी देशभक्ति को आत्मा, विवेक और मानवता के प्रति प्रेम से ऊपर नहीं रखा। संकीर्ण और आक्रामक राष्ट्रवाद की आलोचना ने टैगोर को, ऐसे विश्वबन्धुतव के विचार के करीब ला दिया जो सार्वभौमिक मानवतावाद आध्यात्मिक सार्वभौमिकता सहयोग और सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं।

प्रश्न 17. वैश्वीकरण के क्या अभिप्राय है?

Ans.: वैश्वीकरण विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध ओर तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण हैं। वैश्वीकरण का शाब्दिक अर्थ स्थानीय या क्षेत्रीय वस्तुओं या घटनाओं के विश्व स्तर पर रूपान्तरण की प्रक्रिया है। इसे एक ऐसी प्रक्रिया का वर्णन करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। जिसके द्वारा सम्पूर्ण विश्व के लोग मिलकर एक समाज बनाते है तथा एक साथ कार्य करते है।

प्रश्न 18. नैतिक शिक्षा छात्रों के लिए क्यों आवश्यक है?

Ans.: नैतिक शिक्षा बालक के अचारण और व्यवहार में परिवर्तन लाती है। किसी भी बालक के जीवन में नैतिक मूल्यों की अहम भूमिका होती वे करूणा, सम्मान, दयालुता और निम्रता जैसे गुणों के साथ एक सकारात्मक चरित्र बनाने में मदद करते है। नैतिक शिक्षा बालक के चरित्र का मूल होता है। बालक का चरित्र किसी देश या समाज के लिए अत्यन्त आवश्यक है। यदि नैतिक शिक्षा की अपेक्षा की जाती है तो बालक का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है उसे समाज में रहकर ही अपना विकास करना पड़ता है इसलिए बालक के समाजीकरण के लिए उसे नैतिक शिक्षा दी जानी आवश्यक है।

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