Home
Store Updates
Home PYQs Semester 4 शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास 2021
PYQ 2021 • शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास

शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास Previous Year Paper 2021

UP DELED Semester 4 शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास Previous Year Question Paper 2021 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. सतत् विकास के तीन आयाम तैयार किए गए-

(a) आर्थिक आयाम

(b) सामाजिक आयाम

(c) पर्यावरणीय आयाम

(d) उपर्युक्त सभी।

उत्तर: (d) : सतत् विकास को तीन आयामों में विभाजित किया गया है- (1) आर्थिक आयाम (2) सामाजिक आयाम (3) पर्यावरणीय आयाम। सतत् विकास के सभी आयाम एक-दूसरे पर परस्पर निर्भर करते हैं।

प्रश्न 2. व्यक्तित्व की समाज द्वारा उत्पन्न की जाने वाली शान्ति प्रक्रिया का प्रमुख तथ्य है-

(a) संवेगात्मक स्थिरता

(b) वैज्ञानिक दृष्टिकोण

(c) सांस्कृतिक विकास

(d) उपर्युक्त सभी।

उत्तर: (d) : व्यक्तित्व की समाज द्वारा उत्पन्न की जाने वाली शांति प्रक्रिया का प्रमुख तथ्य है- संवेगात्मक विकास वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सांस्कृतिक विकास, मानसिक विकास, समाजीकरण आदि।

प्रश्न 3. राष्ट्रीयता है-

(a) देशभक्ति का पुराना प्रत्यय

(b) देशभक्ति का नया प्रत्यय

(c) देशभक्ति का समान प्रत्यय

(d) विघटन प्रत्यय।

उत्तर: (b) : राष्ट्रीयता देश भक्ति का नया प्रत्यय है।

प्रश्न 4. लोकतन्त्र का मूल सिद्धान्त नहीं है-

(a) विशेषाधिकार

(b) स्वतन्त्रता

(c) समानता

(d) बन्धुत्व।

उत्तर: (a) : लोकतन्त्र का मूल सिद्धान्त विशेष अधिकार नही है।

  1. स्वतन्त्रता
  2. समानता
  3. बन्धुत्व
  4. व्यक्ति की गरिमा
  5. स्वतंत्र न्यायपालिका
  6. मौलिक अधिकार सिद्धान्त आदि लोकतन्त्र के मूल सिद्धान्त है।

प्रश्न 5. सतत् विकास के लिए आवश्यक है-

(a) शुद्ध एवं स्वच्छ पर्यावरण

(b) आर्थिक स्थिरता का अभाव

(c) संसाधनों का कम प्रयोग

(d) असन्तुलित विकास।

उत्तर: (a) : सतत् विकास के लिए शुद्ध एवं स्वच्छ पर्यावरण आवश्यक है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. नैतिकता क्या है?

Ans.: नैतिकता अनिवार्य रूप से एक सामाजिक व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य समाज का हित होता है।

प्रश्न 7. अष्टांग योग किसे कहते हैं?

Ans.: अष्टांग योग में आठो आयामो का अभ्यास किया जाता है। योग के आठ अंग निम्न है- (1) यम, (2) नियम, (3) आसन, (4) प्राणायाम, (5) प्रत्याहार, (6) धारणा, (7) ध्यान, (8) समाधि

प्रश्न 8. पुरुषार्थ चतुष्ट्य का क्या अर्थ है?

Ans.: पुरूषार्थ से तात्पर्य मानव के लक्ष्य या उद्देश्य से है। प्रायः मनुष्य के लिए वेदों में चार पुरूषार्थों को बताया गया है- धर्म, अर्थ, काम और, मोछ।

प्रश्न 9. साइबर बुलिंग का क्या अर्थ है?

Ans.: साइबर बुलिंग- साइबर बुलिंग का अर्थ है किसी बच्चे अथवा वयस्क को किसी अन्य बच्चें या वयस्क द्वारा इण्टरनेट या मोबाइल का प्रयोग कर प्रताड़ित या मानसिक रूप से पेरशान किया जाए इसका बाल मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है तथा यह उन्हे नकारात्मक बना देती है।

प्रश्न 10. तनाव प्रबन्ध कौशल का क्या अभिप्राय है?

Ans.: तनाव प्रबन्ध कौशल ऐसा प्रबंधन जिसके द्वारा व्यक्ति को असामान्य मानसिक स्थिति से सामान्य स्थिति में लाया जाता है, तनाव प्रबंधन कहलाता है। तनाव की स्थिति में यदि किसी बालक या व्यक्ति को प्रकृति संगीत, खेल आदि से जोड़ दिया जाए तो बालक या व्यक्ति का तनाव समाप्त हो जाएगा।

प्रश्न 11. राष्ट्रीय एकता की क्या आवश्यकता है?

Ans.: राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि इसके अभाव में हम फिर से दासतापूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए प्रतिबद्ध हो सकते है। राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र को सशक्त एवं संगठित बनाती है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 12. मूल्यों की प्रकृति को स्पष्ट कीजिए।

Ans.: मूल्य मानव अस्तित्व में किसी महत्वपूर्ण चीज का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी प्रकृति मुख्यतः तीन हैं-

  1. आत्मनिष्ठ मत- मनुष्य के व्यक्तिगत जीवन संतोष पसंद वगौरह के आधार पर मूल्य निर्भर करते है। ये सभी व्यक्ति के अनुभवों से संबंधिक होते है, जिनमें मूल्यों का विकास होता है।
  2. वस्तुनिष्ठ मत- मूल्य व्यक्ति से स्वतंत्र होते है अर्थात वे व्यक्ति के भीतर नहीं होते है ऐसे मूल्यों में वस्तुनिष्ठता होती है।
  3. आपेक्षकीय मत- नियामक तथा संरचनात्मक नियम के मिलन स्थल का मिलन बिन्दु है मूल्य। मनुष्य की किसी विशेष सभ्यता अथवा संस्कृति का प्रतिभागी होता हैं। उसका असर उसका मूल्य निर्धारण करता है जिसे अपेक्षकीय मत कहते है।

प्रश्न 13. चरित्र निर्माण का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Ans.: चरित्र व्यक्ति का वह मानसिक गुण है जो उसके सामाजिक व्यवहार को निर्धारत करता है। चरित्र व्यक्ति के व्यक्तित्व का प्रमुख गुण है।
बी.एन.झा के अनुसार, "चरित्र व्यक्त का वह मानसिक तत्व है, जो उसके सामाजिक व्यवहार को निर्धारित करता है। यह एक मानसिक संरचना है जो उसकी सभी क्रियाओं के मूल में विद्यमान रहती है"
मानोवैज्ञानिकों ने चरित्र को व्यक्तित्व, नैतिकता या स्वभाव या इन सबका पूर्ण योग माना है। चरित ही वह आधार है जो व्यक्ति को सर्वप्रथम स्वयं से और तत्पश्चात समाज से सद्भवना का व्यवहार करने की प्रेरणा देता है। मनुष्य का सशक्त चरित्र उसी व्यक्तिगत सफलता का सबसे बड़ा आधार होता है।

प्रश्न 14. वैश्विक दृष्टि से शान्ति शिक्षा की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

Ans.: वैश्विक दृष्टि से शान्ति शिक्षा- शान्ति शिक्षा एक सुसंगठित विचार के साथ समस्त समाज को सामंजस्य पूर्ण वातावरण में रहने को प्रेरित करती है, जिससे वह समाज में रहने को प्रेरित करती है जिससे वह समाज को व्यवस्थापूर्ण अपने दायित्वों को अहिंसात्मक तरीके से निर्वहन कर सके।
विश्व में कई राष्ट्र है। इनमें भौतिक, सामाजिक, आर्थिक आदि तमाम प्रकार की असमानताएँ दिखाई पड़ती है। कई बार एक ही राष्ट्र में विभन्न भू-रचनाएँ, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु आदि दिखाई पड़ते है। इन सब भिन्नताओं का प्रभाव वहाँ के निवासियों के रंग-रूप कोई राष्ट्र अपने वैज्ञानिक प्रवृत्ति के कारण या प्राकृतिक संसाधनों के कारण या अन्य कारण अधिक प्रगति कर जाता है। वहाँ जीवन की सुविधाए अधिक हो जाती है। अपनी प्रगति के कारण कुछ राष्ट्र विकसित राष्ट्र माने जाने लगते हैं तो कुछ विकासशील। राष्ट्रों में इस प्रकार का की असमानता के कारण ऊँच-नीच का भाव पनपने लगता है जिससे परस्पर वैमनस्य उत्पन्न होने लगता है। यह स्थिति किसी भी राष्ट्र के लिए उचित नहीं कही जा सकती है। इसलिए वैश्विक दृष्टि से शक्ति के लिए शिक्षा की वर्तमान में आवश्यकता है।

प्रश्न 15. स्वस्थ साथी सम्बन्धों को बढ़ावा देने में अभिभावकों की भूमिका है?

Ans.: स्वस्थ साथी सम्बन्धों को बढ़ावा देने में अभिभावकों की भूमिका-

  1. अभिभावकों को अपने बच्चों के संगी-साथियों के विषय में पूर्ण जानकारी रखनी चाहिए।
  2. जब बच्चे अपने साथियों से बात कर रहे है तो उनके वार्तालाप का निरीक्षण करना चाहिए।
  3. यदि कोई अन्य आपके बच्चे की शिकायत लेकर आए तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
  4. यदि ऐसा प्रतित हो कि बच्चे का कोई साथी गलत है तो उसे विश्वास में लेकर उचित परामर्श दे।
  5. बच्चे से उसके साथियो और उनके व्यवहार के बारे में समय-समय पर बातचीत करें।

प्रश्न 16. व्यक्तित्व की कोई पाँच विशेषताएँ लिखिए।

Ans.: व्यक्तित्व की पाँच विशेषताएँ- व्यक्तित्व, मनुष्य के व्यवहार की वह शैली है जिसे वह अपने आन्तरिक तथा बाहरी गुणों के आधार पर प्रकट करता है। व्यकित्तव की निम्न विशेषताएँ है-

  1. सामाजिकता- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह समाज के बीच रहता हैं व्यक्ति समाज के बीच ही रहकर सारे क्रिया-कलाप करता हैं।
  2. लक्ष्य प्राप्ति- प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कोई लक्ष्य जरूर होता है, जिसकों ध्यान में रखकर व्यक्ति उस लक्ष्य प्राप्ति कें लिए हमेशा प्रयत्नशील रहता हैं। क्योंकि व्यक्ति अपने लक्ष्य के अनुरूप ही कार्य करता है।
  3. आत्म-चेतना- व्यक्ति आत्मचिंतन के जरिए इस बात का ध्यान रखता है कि समाज में उसकी क्या छवि बन रही है, और समाज के लोग उसके प्रति-कैसी भावना रखते हैं ।
  4. बहिर्मुखता- बहिर्मुखता का गुण व्यक्ति को सामाजिक बनाता है ओर ऐसे व्यक्ति समाज में अत्यन्त प्रसिद्ध होते है।
  5. स्नायु विकृति- स्नायु विकृति से ग्रसित व्यक्ति अच्छे व्यक्तित्व वाला नही होता है।

प्रश्न 17. महात्मा गाँधी के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य बताइए।

Ans.: महाँत्मा गाँधी के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य- गाँधी जी ने शिक्षा को 'सा विद्या या विमुक्तये' के रूप में परिभाषित किया है-

  1. स्वालम्बन का उद्देश्य- शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को स्वालम्बी बनाना होना चहिए। जिससे वह अपनी आजीविका कमा सके और आत्मा निर्भर बन सके।
  2. व्यक्ति की अन्तर्निहित क्षमताओं का प्रस्फुटन- महात्मा गाँधी ने हरिजन पत्रिका में शिक्षा की जो व्यख्या की, उससे शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बालक या व्यक्ति के मस्तिष्क एवं आत्मा में निहित क्षमताओं का पूर्ण विकास करना माना गया हैं।
  3. काम करने की भावना का विकास- गाँधी जी का मानना था कि शिक्षा वह है जो व्यक्ति को कर्म से विमुख न करे।
  4. चरित्रिक एवं नैतिक विकास- शिक्षा का उद्देश्य उच्च चरित्र का निमार्ण एवं नैतिक गुणों का विकास करना हैं।
  5. सामाजिक बुराइयों का विनाश- समाज में फैली बुराइयों का विनाश शिक्षा के द्वारा ही समाप्त किया जा सकता हैं।

प्रश्न 18. साम्प्रदायिकता के दुष्परिणाम लिखिए।

Ans.: साम्प्रदायिकता के दुष्परिणाम-

  1. सामप्रदायिकता से देश की एकता व अखण्डता को खतरा पैदा होता है।
  2. साम्प्रदायिकता से आपसी द्वेष को बढ़ावा मिलता है।
  3. साम्प्रदायिकता से आर्थिक हानि होती है।
  4. राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न होता है।
  5. साम्प्रदायिकता के कारण जनहानि भी होती है।
  6. राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है।

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

शान्ति शिक्षा एवं सतत् विकास Previous Year Paper 2021

Solved question paper PDF download.

Complete 10 Years Solved PYQ Collection

2015 से 2025 तक के solved previous year papers, महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं PDF resources एक ही package में प्राप्त करें और अपनी UP DELED परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाएं।