वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नांकित में कौन शान्ति अभिवृत्ति नहीं है?
(a) अहिंसा एवं करुणा
(b) न्याय
(c) मस्तिष्क का खुलापन
(d) हिंसा एवं विवाद
उत्तर: (d) : शांति अभिवृत्ति में हिंसा, करूणा, न्याय, मस्तिष्क का खुलापन आदि शामिल होते है जबकि हिंसा और विवाद शांति अभिवृत्ति में शामिल नही होते है।
प्रश्न 2. शान्ति कौशलों का आधार है-
(a) तनाव व दबाव
(b) सृजनात्मकता
(c) संवेगात्मक अस्थिरता
(d) संकीर्ण विचार।
उत्तर: (b) : शांति कौशलों का आधार सृजनात्मकता है। शांति शिक्षा द्वारा कौशल और व्यवहार सीखना और विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।
प्रश्न 3. किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया व्यवहार कहा जाता है-
(a) आक्रामकता
(b) अमित्रवत् व्यवहार
(c) विघटित व्यवहार
(d) भ्रष्टाचार।
उत्तर: (a) : किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया व्यवहार आक्रामकता कहलाती है। आक्रामकता में हमारे सामाजिक अंतः क्रिया में किए जाने वाले कई तरह के व्यवहार शामिल होते है।
प्रश्न 4. भावात्मक एकता समिति (1961) के अध्यक्ष थे-
(a) डॉ. जाकिर हुसैन
(b) इन्दिरा गाँधी
(c) डॉ. पूर्णानन्द
(d) डॉ. सम्पूर्णानन्द।
उत्तर: (d) : भावात्मक एकता समिति (1961) के अध्यक्ष डॉ. सम्पूर्णानन्द थें। इस समिति ने राष्ट्रीय एकता को बढ़वा देने के लिए कुछ सिफारिशें दी थी।
प्रश्न 5. 'योग दर्शन' के प्रणेता हैं-
(a) पतंजलि
(b) शंकराचार्य
(c) अरविन्द घोष
(d) मनु।
उत्तर: (a) : योग दर्शन के प्रणेता पतंजलि है। इसका उद्देश्य, मनुष्य को वह मार्ग दिखाना है जिसपर चलकर वह जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सके।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. चरित्र का निर्माण करने वाले किन्हीं दो कारकों का उल्लेख कीजिए
Ans.: विश्वसनीयता, सम्मान जिम्मेदारी निष्पक्षता, देखभाल और नागरिकता इन कारकों द्वारा चरित्र का निर्माण किया जा सकता है।
प्रश्न 7. तनाव कम करने के किन्ही दो अप्रत्यक्ष विधियों का उल्लेख कीजिए।
Ans.: तनाव कम करने की दो अप्रत्यक्ष-विधियाँ-
- शोधन- इस विधि में व्यक्ति सर्वप्रथम अपनी समस्या के विषय में शोधन करता है और अपने तनाव को कम करता है।
- पृथक्कीकरण- इस विधि में व्यक्ति स्वयं को उस समस्या से पृथक कर लेता है जो उसमें तनाव की स्थिति के जन्म देने वाली होती है।
प्रश्न 8. मानवाधिकार शिक्षा के कोई दो उद्देश्य लिखिए।
Ans.: मानवाधिकार-शिक्षा के दो उद्देश्य-
- विश्व बन्धुत्व की भावना जाग्रत करना
- समानता की भावना जगाना।
प्रश्न 9. प्रभावी शान्ति निर्माता बनाने हेतु विद्यार्थियों में कौन-से वैयक्तिक कौशल विकसित किया जाना चाहिए?
Ans.: प्रभावी शान्ति निर्माता हेतु विद्यार्थियों में खुलापन, बर्हिमुखता, कर्तव्यनिष्ठा, सहमतता आदि वैयक्तिक कौशल विकसित किया जाना चहिए।
प्रश्न 10. प्राणायाम से क्या अभिप्राय है? लिखिए।
Ans.: प्राणायाम- प्राणायाम योग के आठ अंगो में से एक है। प्राणायाम = प्राण आयाम । यहाँ प्राण का अर्थ है-श्वास श्वासोच्छावास वायु है। आयाम का अर्थ है-लम्बाई विस्तार। इस प्रकार प्राणायाम का अर्थ है श्वासों का विस्तार एवं नियंत्रण। उपनिषदों में प्राणायाम को नाड़ी शुद्धी के उपाय के रूप में स्वीकार किया गया है।
प्रश्न 11. एस.डी.जी. (S.D.G.) का पूरा नाम लिखिए।
Ans.: एस.डी.जी. (S.D.G.) का पूरा नाम सस्टनेबल डेवलपमेन्ट गोल्स है
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. व्यवहारवाद की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।
Ans.: व्यवहारवाद की आवधारणा- व्यवहारवाद को व्यवहारवादी मानोविज्ञान के रूप में भी जाना जाता है। व्यवहार प्रत्येक प्राणी के लिए अनिवार्य है। इसका जीवन में अत्यधिक महत्व है। यह पारस्परिक संबंधों एवं जीवन व्यापार के लिए भी अत्यावश्यक है। शान्ति लिए शिक्षा के संदर्भ में भी व्यवहार को जानना होता है। शान्ति के लिए निर्माणकारी व्यवहार को सकारात्मक तरीके से हतोत्साहित करना शिक्षा का प्रमुख दायित्व माना जाता है। व्यवहार के विभिन्न पक्षों के विषय में अध्ययन पर बल देने के कारण मनोविज्ञान में व्यवहारवाद नामक एक सम्प्रदाय का विकास भी हुआ है।
प्रश्न 13. वैश्विक दृष्टि से शान्ति शिक्षा की आवश्यकता सिद्ध कीजिए।
Ans.: शांति शिक्षा अर्थात मानवता की शिक्षा प्रदान करने वाली शिक्षा जिससे सभी लोग विभिन्न वर्गो समाज देशों के लोग आपस में परस्पर शांति से रहे इसके द्वारा बढ़ती हिंसा, तनाव और आत्महत्या आदि को नियंत्रित किया जा सकता है।
वैश्विक दृष्टि से शान्ति शिक्षा की आवश्यकता- विश्व में कई राष्ट्र है उनमें भौतिक सामाजिक आर्थिक आदि अनेक प्रकार की असमानताएँ दिखाई पड़ती है। कई बार एक ही राष्ट्र में विभिन्न भू-रचनाएँ जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, जीव-जन्तु आदि दिखाई पड़तें हैं। इन सब भिन्नताओं का प्रभाव निवासियों के रंग-रूप विकास, स्वभाव आदि पर भी दिखाई देता है। कोई राष्ट्र अपने वैज्ञानिक प्रगति के कारण या प्राकृतिक संसाधनों के कारण या किसी अन्य कारण से अधिक प्रगति कर जाता है। कुछ राष्ट्र विकसित तो कुछ विकासशील माने जाते है राष्ट्रों में इस प्रकार की असमानता के कारण राष्ट्रो में भेदभाव पनपने लगता है। विकसित राष्ट्र अपने से कमजोर राष्ट्र पर अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहते है। इससे परस्पर वैमनस्य उत्पन्न होने लगता है। ऐसी स्थिति किसी भी राष्ट्र के लिए उचित नहीं कहीं जा सकती है। इसलिए वैश्विक दृष्टि से शान्ति के लिए शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता के औचित्य में कोई संदेह नहीं किया जा सकता है। वर्तमान समय में शान्ति की विश्व में सर्वाधिक आवश्यकता है।
प्रश्न 14. मीडिया और हिंसा में क्या सम्बन्ध है? लिखिए।
Ans.: मीडिया का सशक्त माध्यम टेलीविजन या दूरदर्शन है जो सामान्य जीवन को प्रभावित कर रहा है। आजकल फिल्मों तथा धारावाहिकों में हत्या, बलात्कार, लूटपाट, झगड़े आदि का खूब बढ़ा चढ़ाकर दिखाया जाता है। इस प्रकार की घटनाओं का मानव के ऊपर घातक तथा विकृत प्रभाव स्पष्ट रूप से पड़ रहा है। हिंसा के नये-नये रास्ते इस माध्यम के द्वारा जनता सीख रही है कई टीवी चैनल हिंसा को प्रसारित कर रहे है छोटे बच्चो पर इसका सीधा प्रभाव ड़ रहा है। आज की नयी पीढी इस प्रकार के प्रदर्शन से अधिक प्रभावित हो रही है। हिंसात्मक दृश्यों को देखते रहने से विभिन्न प्रकार के हिंसात्मक व्यावहारों में तेजी से वृद्धि हो रही है, बच्चे जिस प्रकार के दृश्यों को देखते है वह उसी प्रकार के हिंसात्मक व्यवहार को अपनाने की चेष्ठा करते है।
प्रश्न 15. महात्मा गाँधी ने शान्ति की स्थापना हेतु किस प्रकार के आचरण पर बल दिया? लिखिए।
Ans.: महात्मा गाँधी एवं शान्ति- समाज में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति शान्तिमय जीवन व्यतित करना चाहता है। वह अपने परिवार के सुख-शान्ति के लिए कठिन परिश्रम करके अपने दायित्वों को निभाता है। शान्ति का आवश्यकता वैश्विक स्तर पर है। जिससे विश्व का कल्याण हो तथा विश्व के सभी लोग सुखी रहे। गाँधी जी को अहिंसा का पुजारी माना जाता था। उनके विचारो से प्रभावित होकर जनमानस अहिंसा का संकल्प लेते थे।
गाँधीजी के विचार निन्मलिखित थे-
- अहिंसा की शिक्षा
- सर्व धर्म समानता
- समनता की भावना
- निष्पक्ष की शिक्षा
- विश्व शान्ति की कल्पना
प्रश्न 16. बच्चे के विकास में साथी-समूह की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
Ans.: बच्चे के विकास में साथी समूह की भूमिका- बच्चो के विकास में साथियों की भूमिका अहम होती है। बच्चा साथियों को अपने व्यवहार का आदर्श मानता है। बच्चे अपने साथियों के द्वारा अपनाये गए वेशभूषा आचार-विचार बात व्यवहार को अपनाते है। वह उनकें खेलों प्रकारों, उचित-अनुचित के आदर्शों को स्वीीकर करता है। वह समूह के नियमों व आचार संहिता का पालन करते हुए उनके प्रति निष्ठावान रहने का प्रयास करता है। खेल-कूद आदि प्रतियोगिताओं के माध्यम से वह बालक अपने साथियों के साथ अपने व्यक्तित्व का विकास होता है। साथियों का संबंध बच्चों के विकास विशेष रूप से सामाजिक विकास की दृष्टि से अत्यधिक होता है।
प्रश्न 17. स्नायु विकृति से सम्बन्धित कार्य व्यवहार पर प्रकाश डालिए।
Ans.: व्यक्तित्व का यह पक्ष अरूचिकर संवेगों जैसे-डर दुश्चिन्ता, अवसाद के अनुभव करने की प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है। संवेगात्मक स्थिरता एवं आवेग नियंत्रण की मात्रा को व्यक्त करता है। स्थिरता की उच्च आवश्यकता एवं स्थिर एवं शान्त व्यक्तित्व में दिखाई पड़ती है किन्तु यह प्रेरणाविहीन एवं उदासीन होती है। स्थिरता की निम्न आवश्यकता उत्तेजनशील एवं प्रतिक्रियात्मक वयक्तित्व का निर्माण करती हैं ऐसे लोग कभी बहुत गतिशील होते है। लेकिन वे असुरक्षित या अस्थिर देखे जाते है इस प्रकार स्नायुविकृति के एक छोर पर सांवेगिक रूप से शान्त, संन्तुलित, रोगभ्रमी विचारो से मुक्त व्यक्ति दिखाई पड़ता है तो दूसरे छोर पर सांवेगिक रूप से अस्थिर, उत्तेजित, असन्तुलित रोगभ्रमी विचारों से घिरा व्यक्ति दिखाई देता है।
प्रश्न 18. साइबर बुलिंग से आप क्या समझते हो?
Ans.: साइबर बुलिंग- साइबर बुलिंग का अर्थ है किसी बच्चे अथवा वयस्क को किसी अन्य बच्चें या वयस्क द्वारा इण्टरनेट या मोबाइल का प्रयोग कर प्रताड़ित या मानसिक रूप से पेरशान किया जाए इसका बाल मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है तथा यह उन्हे नकारात्मक बना देती है।
- साइबर बुलिंग को आनलाइन रैगिंग कहा जा सकता है।
- इन आधुनिक तरीकों से किसी को अश्लील या धमकाने वाले संदेश भेजना या किसी भी रूप में परेशान करना साइबर अपराध के दायरे में ही आता है।
- किसी के खिलाफ दुर्भावना से अफवाहें फैलाना, नफरत फैलाना या बदनाम करना भी इसी श्रेणी का अपराध है।