वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. मनुष्य के भावों एवं विचारों की अभिव्यक्ति होती है-
(a) भाव-भंगिमाओं द्वारा
(b) संकेतों द्वारा
(c) वाणी द्वारा
(d) उपर्युक्त सभी द्वारा
उत्तर: (d): मनुष्य के भावों एवं विचारों की अभिव्यक्ति वाणी, भाव-भंगिमाओं तथा संकेतो आदि उपर्युक्त सभी द्वारा होती है।
प्रश्न 2. निम्न में से कमल का पर्यायवाची नहीं है-
(a) पुण्डरीक
(b) जलज
(c) पयोद
(d) सरोज
उत्तर: (c): 'पयोद' कमल का पर्यायवाची नहीं है। 'पयोद' बादल का पर्यायवाची शब्द है। जबकि जलज, सरोज, पुण्डरीक आदि कमल के पर्यायवाची शब्द है।
प्रश्न 3. 'मृत्यु की इच्छा रखने वाला' के लिए एक शब्द होगा-
(a) चिकीर्ष
(b) ययुत्सु
(c) मुमुक्षु
(d) मुमूर्ष
उत्तर: (d): मृत्यु की इच्छा रखने वाला के लिए एक शब्द मुमूर्ष होगा।
प्रश्न 4. अनौपचारिक स्थल
(a) डाकघर
(b) बैंक
(c) घर
(d) विद्यालय
उत्तर: (c) : 'घर' अनौपचारिक स्थल है। जबकि डाकघर, बैंक तथा विद्यालय औपचारिक स्थल हैं।
प्रश्न 5. निम्न में मूलतः हिन्दी का विराम चिन्ह है-
(a) हंसपद (^)
(b) पूर्ण विराम (।)
(c) उद्धरण चिन्ह (;)
(d) अर्द्धविराम ('')
उत्तर: (b) : पूर्ण विराम (।) मूलतः हिन्दी का विराम चिह्न है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. 'मसि कागद छुओ नहीं कलम गही नहि हाथ' पंक्ति किस कवि के विषय में कही गयी है?
उत्तर: 'मसि कागद छुओ नहीं कलम गही नहि हाथ' उक्त पंक्ति ज्ञानाश्रयी शाखा के श्रेष्ठ कवि 'कबीर' के विषय में कही गयी है।
प्रश्न 7. योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: जो शब्द यौगिक तो होते हैं, लेकिन सामान्य अर्थ को न बताकर किसी विशेष अर्थ को बताते हैं, उन्हें योगरुढ़ शब्द कहते हैं।
प्रश्न 8. तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: संस्कृत के वे शब्द जो ज्यों के त्यों हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
प्रश्न 9. मूल्यांकन के उपकरण बताइए।
उत्तर: अवलोकन, साक्षात्कार, प्रश्नावली, परीक्षण, सर्वेक्षण आदि मुल्यांकन के उपकरण है।
प्रश्न 10. किन्दी चार तत्सम शब्दों का तद्भव रूप लिखिए।
उत्तर: चार तत्सम शब्दों के तद्भव निम्न हैं-
- तत्सम: अग्नि -> तद्भव: आग
- तत्सम: दुग्ध -> तद्भव: दूध
- तत्सम: हरिद्रा -> तद्भव: हल्दी
- तत्सम: भ्रमर -> तद्भव: भौंरा
प्रश्न 11. आँखे खुलना 'मुहावरे' का अर्थ लिखिए।
उत्तर: 'आँखें खुलना' मुहावरे का अर्थ है- होश आना या सचेत होना।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. मुंशी प्रेमचन्द का संक्षिप्त जीवन परिचय लिखिए।
उत्तर: मुंशी प्रेमचन्द का संक्षिप्त जीवन परिचय-
- प्रेमचन्द का जन्म 31 जुलाई 1880 ई. को वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था। इनके बचपन का नाम धनपतराय था।
- इनके पिता का नाम अजायबराय था जो डाकखाने में मामुली नौकरी करते थे। प्रेमचन्द की बचपन से ही साहित्य में दिलचस्पी थी उन्होंने हिन्दी तथा उर्दू दोनों भाषाओं में लिखा है। प्रेमचन्द ने हिन्दी समाचार पत्र जागरण तथा साहित्यिक पत्रिका 'हंस' का संपादन और प्रकाशन भी किया। इनका निधन 8 अक्टूबर 1936 को हुआ था। इन्होंने कई कहानियां, उपन्यास, नाटक आदि लिखें हैं।
- कृतियाँ: सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कर्मभूमि, गबन, गोदान इत्यादि।
प्रश्न 13. स्वतंत्र लेखन से क्या अभिप्राय हैं?
उत्तर: स्वतंत्र लेखनः स्वतंत्र लेखन का अर्थ अंतर्ज्ञान, व्यक्तिगत अवलोकन और अनुभव से लिखना है। इस स्तर पर, शिक्षार्थी विभिन्न संरचनाओं, शब्दावली और शाब्दिक वस्तुओं के चुनने के लिए स्वतंत्र है और अपने स्वयं के विचारों को व्यक्त करते हैं। इस लिए इस प्रकार की रचना को स्वतंत्र लेखन कहते है।
प्रश्न 14. प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर: प्रेरणार्थक क्रियाः जिस क्रिया से पता चले कि कर्ता स्वयं काम न करके किसी और से कार्य करवा रहा है या किसी और को कार्य करने की प्रेरणा दे रहा है तो उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते है। जैसे करवाना, पढ़वाना, लिखवाना इत्यादि।
प्रश्न 15. भाषा में मुहावरे की प्रयोग सम्बन्धी सार्थकता पर एक संक्षिप्त नोट लिखिए एवं उदाहरण द्वारा पुष्ट कीजिए।
उत्तर: 'मुहावरा' शब्द अरबी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है- अभ्यास। मुहावरा का प्रयोग करना और ठीक-ठीक अर्थ समझना बड़ा ही कठिन है। यह अभ्यास और बात-चीत से ही सीखा जा सकता है। इस लिए इसका नाम मुहावरा पड़ा। हिन्दी भाषा में मुहावरों का प्रयोग भाषा को सुन्दर प्रभावशाली, संक्षिप्त तथा सरल बनाने के लिए किया जाता है। ये वाक्यांश होते हैं। मुहावरे का काम है किसी बात को इतनी खूबसूरती से कहना की सुनने वाला उसे समझ भी जाए और उससे प्रभावित भी हो जाए।
उदारहण: नौ दो ग्यारह होना = भाग जाना।
प्रश्न 16. औपचारिक एवं अनौपचारिक कथन से सोदाहरण अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: औपचारिक शब्द का प्रयोग उन बातों या व्यवहारों के लिए किया जाता है जो अवसर या जगह के अनुरूप नियमों के अनुसार किये जाते हैं। वहीं अनौपचारिक शब्द का इस्तेमाल उन बातों या व्यवहारों के लिए किया जाता है जिनमें अवसर या जगह के मुताबिक नियमों का बंधन नहीं होता।
उदाहरण:
- औपचारिक भाषा में व्याकरण के नियमों का पालन करना जरुरी होता है। वहीं अनौपचारिक भाषा में व्याकरण के नियमों का पालन करने की जरुरत नहीं होती।
- औपचारिक भाषा में शिष्ट और बिनयपूर्ण शब्दों का प्रयोग किया जाता है। वहीं अनौपचारिक भाषा में असंसदीय शब्दो का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. हिन्दी शिक्षण में मूल्यांकन की क्या उपयोगिता है?
उत्तर: हिन्दी शिक्षण में मूल्यांकन की उपयोगिता निम्न है-
- मूल्यांकन से शिक्षा में सुधार होता है और गुणवत्ता बढ़ती है।
- मूल्यांकन से शिक्षण के उद्देश्यों की प्राप्ति सीमा का पता चलता है।
- मूल्यांकन से छात्रों को अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाता है।
- मूल्यांकन से छात्रों की रुचियां, योग्यतएं, क्षमताएं, यक्तित्व, सामर्थ्य, कमियां आदि का पता चलता है।
- मूल्यांकन से अध्यापक की अपनी कमी का पता चलता है और वह अपने शिक्षण को बेहतर बनाता है।
प्रश्न 18. हिन्दी भाषा में उच्चारण गत अशुद्धियों के प्रमुख कारण का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: हिन्दी भाषा में उच्चारण गत अशुद्धियों के प्रमुख कारण निम्न हैं-
- वागेन्द्रियों में विकार, जैसे कष्ठ, तालु, होंठ, दांत आदि अंगो में दोष।
- मनोवैज्ञानिक कारण जैसे भय, संकोच, शीघ्रता, विलम्ब आदि।
- उच्चारण तत्व के ज्ञान का अभाव।
- ध्वनियों व शब्दों के उच्चारण में पूर्ण सावधानी न रखना।
- क्षेत्रीय बोलियों का प्रभाव।
- दोष पूर्ण आदत।