वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. कबीर के सूफी गुरू कौन थे?
(a) शेखतकी
(b) अब्दुल समद
(c) मु० गौस
(d) रहमान
उत्तर: (a): कबीर के सूफी गुरू शेखतकी थे कबीर की शिक्षा और दर्शन में सूफी प्रभाव भी था।
प्रश्न 2. "क्या भूलूँ क्या याद करूँ" की विधा है-
(a) संस्मरण
(b) कहानी
(c) आत्मकथा
(d) यात्रावृतान्त
उत्तर: (c) : "क्या भूलूँ क्या याद करूँ" हरिवंश राय बच्चन की बहुप्रशंसित आत्मकथा है।
प्रश्न 3. मुंशी प्रेमचन्द की वह रचना जो अधूरी रह गई-
(a) मंगलसूत्र
(b) कर्बला
(c) रंगभूमि
(d) कर्मभूमि
उत्तर: (a): मुंशी प्रेमचन्द की रचना मंगलसूल अधूरी रह गई।
प्रश्न 4. 'घड़ीसाज' शब्द हैं-
(a) देशज शब्द
(b) संकर शब्द
(c) विकारी शब्द
(d) रूढ़ शब्द
उत्तर: (b) : संकर शब्द दो भिन्न-भिन्न भाषाओं के मेल से बने शब्द संकर शब्द कहलाते हैं। जैसे हिन्दी + फारसी = घड़ीसाज, घुड़सवार, चालबाज आदि। हिन्दी + अंग्रेजी = रेलगाड़ी, टिकटघर आदि।
प्रश्न 5. 'रसाल' पर्यायवाची शब्द हैं?
(a) कोयल का
(b) पान का
(c) आम का
(d) सगा भाई का
उत्तर: (c) : रसाल का पर्यायवाची शब्द आम, आम्र, अमृतफल, अतिसौरभ, सहुकार आदि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. त, थ, द, ध का उच्चारण स्थान बताइए।
उत्तर: जिन वर्णों का उच्चारण करने में दांतों का सहयोग होता है, उन्हें दन्त्य ध्वनियाँ कहते हैं। त वर्ग (त, थ, द, ध, न) का उच्चारण स्थान 'दन्त' है।
प्रश्न 7. 'आग' और 'हाथी' का तत्सम रूप लिखिए।
उत्तर:
- तद्भव शब्द: आग -> तत्सम शब्द: अग्नि
- तद्भव शब्द: हाथी -> तत्सम शब्द: हस्ती / गज
प्रश्न 8. उपकार के बदले किये जाने वाले उपकार को क्या कहते हैं?
उत्तर: उपकार के बदले किये जाने वाले उपकार को प्रत्युपकार कहते हैं।
प्रश्न 9. 'बारह बाट होना' लोकोक्ति का अर्थ बताते हुए इसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
- बारह बाट होना - अर्थ तितर बितर होना / अलग होना।
- वाक्य प्रयोग: भाई-भाई की लड़ाई में सोनू और सोहन को बारह बाट कर दिया।
प्रश्न 10. किस भाषा का स्वरूप अनिश्चित होता हैं?
उत्तर: भाषा का अनिश्चित स्वरूप अनौपचारिक भाषा का स्वरूप अनिश्चित होता है। इसके पीछे कोई औपचारिक या नैतिक बाह्यता न होकर प्रयोजनात्मक बाह्यता होती है। व्यक्ति अपने हृदय के भावों एवं विचारों को व्यक्त करने के उद्देश्य से इसका उपयोग करता है।
प्रश्न 11. 'योगरूढ़' शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: 'योगरूढ़' शब्द जो शब्द अन्य शब्दों के योग से बनते हो, परन्तु एक विशेष अर्थ के लिए प्रसिद्ध होते हैं, उन्हें योगरूढ़ शब्द कहते हैं।
- लम्बोदर (लम्ब + उदर) अर्थात् बड़े पेट वाला = गणेश
- दशानन = दश + आनन दस मुखों वाला = रावण
- पंकज = पंकज कीचड़ में उत्पन्न = कमल
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. मुहावरों से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: मुहावरा- मुहावरा अरबी भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है अभ्यास करना। मुहावरा सहज तथा नैसर्गिक होता है। ऐसा वाक्यांश जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण (असमान्य) अर्थ का बोध कराएँ मुहावरा कहलाता है।
मुहावरे की विशेषताएँ-
- मुहावरों का प्रयोग वाक्य के प्रसंग में किया जाता है अलग नहीं।
- मुहावरा अपना असली रूप कभी नहीं बदलता है उसे पर्यायवाची शब्दों में अनुदित नहीं किया जा सकता है।
- मुहावरे का अर्थ प्रसंग के अनुसार ही निश्चित होता है।
मुहावरे का अर्थ एवं वाक्य प्रयोग-
- अक्ल का दुश्मन होना: मूर्ख होना। वाक्य प्रयोग- राम को समझना बहुत कठिन है वह तो अक्ल का दुश्मन है।
- आग में घी डालना: क्रोध भड़काना। वाक्य प्रयोग- दो परिवारों में विघटन देखकर उसने लड़ाई कराकर आग में घी डालने का कार्य किया।
प्रश्न 13. अनौपचारिक भाषा से क्या तात्पर्य हैं?
उत्तर: अनौपचारिक भाषा- अनौपचारिक भाषा का तात्पर्य उन साधनों से है जिसका विकास समाज में स्वाभाविक रूप से होता है। इस भाषा की न तो कोई निश्चित योजना होती है और न कोई निश्चित नियम होते हैं। यह भाषा हम स्वयं वातावरण से सीखते हैं। इसे सीखने का कोई नियम नहीं होता है अर्थात् इसमें किसी व्याकरण नियम का पालन नहीं किया जाता। मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषा अनौपचारिक भाषा है। अनौपचारिक भाषा अधिक आकस्मिक और सहज होती है। इसका उपयोग दोस्तों या परिवार के साथ लिखित या बातचीत में संचार करते समय किया जाता है।
प्रश्न 14. मात्रा किसे कहते हैं?
उत्तर: मात्रा- व्यंजन के साथ स्वर को मिलाने के लिए जो चिह्न जोड़ा जाता है, वह 'मात्रा' कहलाता है। मात्रा स्वर का रूप है जो स्वर का प्रतिनिधित्व करती है। मात्रा की संख्या 11 होती है, लेकिन दृश्य रूप में 10 होती है। अ स्वर की मात्रा संकेत रूप में नहीं होती। इसलिए अ को उदासीन स्वर कहा जाता है।
प्रश्न 15. निबन्ध का क्या अभिप्राय हैं?
उत्तर: निबन्ध का अर्थ- निबंध शब्द 'नि + बंध' से बना है जिसका अर्थ है अच्छी तरह से बंधा हुआ। इनकी भाषा विषय के अनुकूल होती है। निबंध की शक्ति है अच्छी भाषा, भाषा के अच्छे प्रयोग द्वारा ही भावों विचारों और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। अत: इस प्रकार निबंध किसी विषय पर विचार प्रकट करने की कला है। इसमें विचारों को क्रमबद्ध रूप में पिरोया जाता है। इसमें ज्ञान, विचार और व्यक्तिव का अद्भुत संगम होता है। पण्डित श्यामसुन्दर दास जी के अनुसार "निबंध वह लेख है, जिसमें किसी विषय पर विस्तारपूर्वक और पाण्डित्यपूर्व (क्रमिक) तरीके से विचार किया गया हो।"
प्रश्न 16. 'हंसपद' एवं समाप्तिसूचक विरामचिन्हों का संकेत बताते हुए उनका प्रयोग सुनिश्चित कीजिए।
उत्तर:
- हंसपद (/\): जब लिखते समय कोई शब्द अथवा पद भूल से छूट जाता है, तो उसे दिखाने के लिए यह चिह्न लगाकर पंक्ति के ऊपर लिख देते हैं। जैसे- राम एक अच्छा लड़का है (छूटा हुआ शब्द: बहुत) -> राम एक (^) अच्छा लड़का है
- समाप्ति सूचक चिह्न: पूर्ण विराम (।) से आशय है पूरी तरह से ठहरना या रूकना। पूर्ण विराम का उपयोग वाक्यों के अन्त में किया जाता है।
प्रश्न 17. अर्थ के आधार पर शब्दों के कितने भेद हैं, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अर्थ के आधार पर शब्द- अर्थ के आधार पर शब्द के 5 भेद होते हैं।
- एकार्थी शब्द: वे है जिनका वाच्यार्थ एक ही होता है। व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ, स्थानों के नाम आदि इसी श्रेणी के शब्द है। जैसे राम, लखनऊ, हिन्दी आदि।
- अनेकार्थी शब्द: भाषा में अनेक शब्द ऐसे होते हैं, जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं। वे शब्द प्रसंग बदलने पर अलग-अलग अर्थ देते हैं। जैसे तारा- आँखों की पुतली, नक्षत्र; उपचार- उपाय, सेवा, इलाज।
- समरूपी भिन्नार्थक शब्द: कुछ शब्द इतने मिलते-जुलते हैं कि प्रयोगकर्ता उन्हें एक ही मान बैठते हैं, जबकि उनका अर्थ एक-दूसरे से पूर्णतः भिन्न होता है। जैसे: आदि-आरम्भ, आदी-अभ्यस्त; अंश-भाग, अंस-कंधा।
- पर्यायवाची या समानार्थी शब्द: एक अर्थ को प्रकट करने वाले अनेक शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थी कहते हैं। उदाहरण- जल: नीर, वारि, पानी; अमृत: सुधा, सोम, पीयूष, अमिय।
- विपरीतार्थक या विलोम शब्द: कुछ शब्दों के युग्म ऐसे होते हैं जो परस्पर विरोधी होते हैं, ये विलोम या विपरीतार्थक कहे जाते हैं। उदाहरण- सुख-दुःख, अमृत-विष, जड़-चेतन।
प्रश्न 18. निम्नलिखित वाक्य में विराम चिह्ननों का उचित प्रयोग कीजिए।
वाक्य: सुकरात ने कहा है कि जो मनुष्य मूर्ख है और जानता है कि वह मूर्ख है वह ज्ञानी है पर जो मूर्ख हैं और यह नहीं जानता कि वह मूर्ख है वह सबसे बड़ा मूर्ख हैं
उत्तर: सुकरात ने कहा है कि जो मनुष्य मूर्ख है और जानता है कि वह मूर्ख है, वह ज्ञानी है, पर जो मूर्ख हैं और यह नहीं जानता कि वह मूर्ख है, वह सबसे बड़ा मूर्ख है।