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PYQ 2024 • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Paper 2024

UP DELED Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Question Paper 2024 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. “दिवास्वप्न” पुस्तक के लेखक कौन हैं?

उत्तर: गिजुभाई बधेका। ‘दिवास्वप्न’ उनकी प्रसिद्ध शैक्षिक कृति है, जिसमें बाल-केन्द्रित एवं आनंदपूर्ण शिक्षण के विचार प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रश्न 2. “विद्यया अमृतमश्नुते” कहाँ से उद्धृत किया गया है?

उत्तर: यह उक्ति ईशावास्योपनिषद् से उद्धृत है। यह ईशावास्योपनिषद् के मन्त्र 11 का अंश है।

प्रश्न 3. समाज की सबसे छोटी इकाई निम्नलिखित में से कौन-सी मानी जाती है?

उत्तर: परिवार समाज की सबसे छोटी एवं आधारभूत सामाजिक इकाई मानी जाती है।

प्रश्न 4. किन्डरगार्टन (Kindergarten) शिक्षा पद्धति के जनक कौन हैं?

उत्तर: फ्रेडरिक फ्रॉबेल किन्डरगार्टन शिक्षा पद्धति के जनक हैं।

प्रश्न 5. राष्ट्रीय एकता कमेटी (1961) के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: श्रीमती इंदिरा गांधी 1961 की राष्ट्रीय एकता समिति की अध्यक्ष थीं।

प्रश्न 6. “शिक्षा एक त्रिध्रुवीय प्रक्रिया है” यह कथन किसका है?

उत्तर: यह कथन जॉन ड्यूवी से सम्बन्धित माना जाता है। त्रिध्रुवीय शिक्षा प्रक्रिया में शिक्षक, शिक्षार्थी तथा सामाजिक वातावरण तीन प्रमुख ध्रुव हैं।

प्रश्न 7. जल संरक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: जल संरक्षण का मुख्य उद्देश्य जल की अनावश्यक बर्बादी रोकना, उपलब्ध जल का उचित उपयोग करना तथा भविष्य के लिए जल-स्रोतों को सुरक्षित रखना है।

प्रश्न 8. बौद्ध कालीन शिक्षा में शिक्षा का माध्यम कौन-सी भाषा थी?

उत्तर: बौद्धकालीन शिक्षा में सामान्यतः पाली भाषा को प्रमुख माध्यम बनाया गया।

प्रश्न 9. पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?

उत्तर: विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है।

प्रश्न 10. बच्चों को कारखानों या जोखिम वाले कार्यों में न लगाना, किस संवैधानिक अधिकार या अनुच्छेद के अंतर्गत आता है?

उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 24 के अन्तर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों तथा अन्य खतरनाक कार्यों में नियोजित करने पर रोक है।

प्रश्न 11. वैदिक काल में शिक्षा की शुरुआत किस संस्कार से होती थी?

उत्तर: वैदिककालीन शिक्षा का प्रारम्भ सामान्यतः उपनयन संस्कार से माना जाता है। इसके बाद विद्यार्थी गुरु के आश्रम में ब्रह्मचर्य जीवन प्रारम्भ करता था।

प्रश्न 12. दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) का अन्य नाम क्या है?

उत्तर: दूरस्थ शिक्षा को दूरवर्ती शिक्षा भी कहा जाता है। पत्राचार शिक्षा इसका एक पारंपरिक रूप रही है।

प्रश्न 13. औपचारिक शिक्षा (Formal Education) का मुख्य गुण क्या है?

उत्तर: औपचारिक शिक्षा नियोजित, व्यवस्थित और संस्थागत होती है। इसमें निश्चित पाठ्यक्रम, समय-सारणी, शिक्षक, शिक्षण संस्था तथा मूल्यांकन व्यवस्था होती है।

प्रश्न 14. जनसंख्या शिक्षा का मुख्य लक्ष्य निम्नलिखित में से क्या जागृत करना है?

उत्तर: जनसंख्या शिक्षा का मुख्य लक्ष्य जनसंख्या सम्बन्धी समस्याओं के प्रति जागरूकता तथा तार्किक एवं उत्तरदायी दृष्टिकोण विकसित करना है।

प्रश्न 15. मूल्य शिक्षा (Value Education) का संबंध किससे है?

उत्तर: मूल्य शिक्षा का सम्बन्ध नैतिक, सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों तथा चरित्र-निर्माण से है।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. जनसंख्या शिक्षा (Population Education) की कोई एक प्रामाणिक परिभाषा लिखिए।

उत्तर: यूनेस्को के अनुसार जनसंख्या शिक्षा वह शैक्षिक प्रक्रिया है जो परिवार, समुदाय, राष्ट्र एवं विश्व की जनसंख्या स्थिति का अध्ययन कर तार्किक एवं उत्तरदायी दृष्टिकोण विकसित करती है।

प्रश्न 17. दूरस्थ शिक्षा की दो मुख्य विशेषताएँ या गुण लिखिए।

उत्तर: दूरस्थ शिक्षा में शिक्षक और शिक्षार्थी एक ही स्थान पर होना आवश्यक नहीं तथा अध्ययन में समय और स्थान की लचीलापन प्राप्त होती है।

प्रश्न 18. औपचारिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र कौन-सा स्थान होता है?

उत्तर: औपचारिक शिक्षा का प्रमुख केन्द्र विद्यालय अथवा अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था होती है।

प्रश्न 19. जल संरक्षण (Water Conservation) से आपका क्या अभिप्राय है?

उत्तर: जल का विवेकपूर्ण उपयोग, अपव्यय रोकना, वर्षाजल संग्रह तथा जल-स्रोतों की सुरक्षा और पुनर्भरण की प्रक्रिया को जल संरक्षण कहते हैं।

प्रश्न 20. वैदिक काल में शिक्षा प्राप्त करने का परम या मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: वैदिक शिक्षा का परम उद्देश्य आत्मज्ञान, चरित्र निर्माण तथा अन्ततः मोक्ष की प्राप्ति माना जाता था।

प्रश्न 21. पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विद्यालयों में कौन-सी गतिविधियाँ आयोजित की जा सकती हैं?

उत्तर: विद्यालयों में वृक्षारोपण, पर्यावरण रैली, स्वच्छता अभियान, जल-संरक्षण गतिविधियाँ तथा इको-क्लब के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता विकसित की जा सकती है।

प्रश्न 22. अनौपचारिक शिक्षा (Informal Education) के किन्हीं दो साधनों के नाम लिखिए।

उत्तर: अनौपचारिक शिक्षा के दो प्रमुख साधन हैं— परिवार और समाज। जनसंचार माध्यम भी अनौपचारिक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन हैं।

प्रश्न 23. मोंटेसरी पद्धति में किस प्रकार की शिक्षण सामग्री या ज्ञानेंद्रियों के प्रशिक्षण पर बल दिया जाता है?

उत्तर: मोंटेसरी पद्धति में इन्द्रिय-प्रशिक्षण हेतु स्व-सुधारात्मक शिक्षण सामग्री पर बल दिया जाता है, जिससे बालक दृष्टि, स्पर्श, श्रवण आदि इन्द्रियों द्वारा स्वयं सीखता है।

प्रश्न 24. बुनियादी शिक्षा (Wardha Scheme) के प्रवर्तक कौन थे?

उत्तर: बुनियादी शिक्षा अथवा वर्धा शिक्षा योजना के प्रमुख प्रवर्तक महात्मा गांधी थे।

प्रश्न 25. राष्ट्रीय सद्भावना और राष्ट्रीय एकता के विकास में शिक्षा की क्या भूमिका है?

उत्तर: शिक्षा विद्यार्थियों में समानता, सहिष्णुता, विविधता के सम्मान, संविधान के प्रति निष्ठा एवं राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करती है।

प्रश्न 26. प्रयोजनवाद (Pragmatism) के अनुसार शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?

उत्तर: प्रयोजनवाद के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य बालक को अनुभव द्वारा सीखने, समस्याओं का समाधान करने तथा उपयोगी एवं सामाजिक रूप से सक्षम जीवन जीने योग्य बनाना है।

प्रश्न 27. प्रकृतिवाद (Naturalism) के अनुसार बालक की शिक्षा कहाँ और कैसे होनी चाहिए?

उत्तर: प्रकृतिवाद के अनुसार बालक की शिक्षा प्रकृति के निकट, स्वतंत्र एवं स्वाभाविक वातावरण में प्रत्यक्ष अनुभव और स्वयं की क्रियाओं द्वारा होनी चाहिए।

प्रश्न 28. आदर्शवाद (Idealism) में शिक्षक का स्थान कैसा माना गया है?

उत्तर: आदर्शवाद में शिक्षक को मार्गदर्शक, आदर्श व्यक्तित्व और बालक के नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास का प्रमुख प्रेरक माना गया है।

प्रश्न 29. लैंगिक असमानता (Gender Inequality) को दूर करने में शिक्षा किस प्रकार सहायक है?

उत्तर: शिक्षा समान अवसर, अधिकारों की जानकारी और रूढ़ धारणाओं को चुनौती देकर लड़कियों और लड़कों के प्रति समान दृष्टिकोण विकसित करती है।

प्रश्न 30. मानवाधिकार शिक्षा (Human Rights Education) की वर्तमान समाज में क्या आवश्यकता है?

उत्तर: मानवाधिकार शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों, समानता, गरिमा, न्याय तथा भेदभाव और शोषण के विरुद्ध संरक्षण के प्रति जागरूक बनाती है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. शिक्षा के लोकतांत्रीकरण (Democratization of Education) से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

शिक्षा का लोकतांत्रीकरण वह व्यवस्था है जिसमें जाति, लिंग, धर्म, भाषा, आर्थिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने के समान अवसर उपलब्ध हों।

इसके अन्तर्गत शिक्षा तक समान पहुँच, समान अवसर, विद्यालयी निर्णयों में सहभागिता, सामाजिक न्याय तथा वंचित वर्गों के लिए आवश्यक सहायता पर बल दिया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षा को कुछ लोगों का विशेषाधिकार न बनाकर सभी के लिए सुलभ एवं समावेशी बनाना है।

प्रश्न 32. जॉन ड्यूवी द्वारा प्रतिपादित शिक्षा की त्रिध्रुवीय प्रक्रिया (Tripolar Process) को आरेख या व्याख्या द्वारा समझाइए।

उत्तर:

जॉन ड्यूवी ने शिक्षा को त्रिध्रुवीय प्रक्रिया माना, क्योंकि शिक्षा केवल शिक्षक और विद्यार्थी की पारस्परिक क्रिया नहीं है, बल्कि सामाजिक वातावरण भी इसे प्रभावित करता है। इसके तीन ध्रुव हैं—

  1. शिक्षक — मार्गदर्शन एवं सीखने के अवसर प्रदान करता है।
  2. शिक्षार्थी — सक्रिय रूप से अनुभव प्राप्त करता एवं सीखता है।
  3. सामाजिक वातावरण — बालक के अनुभव, व्यवहार एवं सीखने की दिशा को प्रभावित करता है।

आरेख:

शिक्षक ↔ शिक्षार्थी ↔ सामाजिक वातावरण

इन तीनों की पारस्परिक क्रिया से वास्तविक शिक्षा सम्पन्न होती है।

प्रश्न 33. भारतीय संविधान में बाल श्रम उन्मूलन तथा बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु क्या संवैधानिक प्रावधान किए गए हैं?

उत्तर:

भारतीय संविधान में बच्चों के संरक्षण एवं विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान हैं—

  • अनुच्छेद 24: 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों और खतरनाक कार्यों में नियोजित करने पर रोक लगाता है।
  • अनुच्छेद 21A: 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
  • अनुच्छेद 39(e): बच्चों की कोमल आयु का दुरुपयोग न होने की दिशा में राज्य को निर्देश देता है।
  • अनुच्छेद 39(f): बच्चों को स्वस्थ विकास, गरिमा तथा शोषण से संरक्षण के अवसर देने की बात करता है।
  • अनुच्छेद 45: छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की व्यवस्था का निर्देश देता है।

प्रश्न 34. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर:

बौद्धकालीन शिक्षा मुख्यतः विहारों और मठों में दी जाती थी। शिक्षा में पाली भाषा, नैतिक आचरण, अनुशासन, ध्यान, तर्क तथा बौद्ध दर्शन को महत्व दिया जाता था। प्रवेश के लिए प्रव्रज्या और आगे उपसम्पदा संस्कार की व्यवस्था थी।

इस व्यवस्था ने शिक्षा को अपेक्षाकृत अधिक सामाजिक वर्गों तक पहुँचाया तथा नालन्दा और विक्रमशिला जैसे उच्च अध्ययन केन्द्र विकसित किए। दूसरी ओर इसका बड़ा भाग मठ-केंद्रित और धार्मिक था, जिससे सामान्य गृहस्थ जीवन एवं व्यापक व्यावसायिक आवश्यकताओं की शिक्षा अपेक्षाकृत सीमित रही।

प्रश्न 35. आज के बदलते सामाजिक परिवेश में मूल्य शिक्षा (Value Education) की क्या प्रासंगिकता और आवश्यकता है?

उत्तर:

तेजी से बदलते सामाजिक एवं तकनीकी वातावरण में मूल्य शिक्षा व्यक्ति को सही और गलत में अन्तर करने, जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा दूसरों के अधिकारों और भावनाओं का सम्मान करने में सहायता करती है।

यह सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, अनुशासन, सहयोग, सहिष्णुता, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय चेतना जैसे मूल्यों का विकास करती है। इससे विद्यार्थी केवल ज्ञानवान ही नहीं बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और समाजोपयोगी नागरिक भी बनता है।

प्रश्न 36. स्वामी विवेकानंद के शैक्षिक विचारों तथा उनके द्वारा प्रतिपादित “मैन मेकिंग एजुकेशन” की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

स्वामी विवेकानन्द शिक्षा को मनुष्य में निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति मानते थे। उनके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि चरित्र, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, इच्छाशक्ति और सेवा-भाव का विकास करना है।

मैन मेकिंग एजुकेशन ऐसी शिक्षा है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाकर उसे स्वयं अपने पैरों पर खड़ा होने और समाज की सेवा करने योग्य बनाए।

प्रश्न 37. रवीन्द्रनाथ टैगोर के अनुसार शिक्षा की रूपरेखा कैसी होनी चाहिए और उन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना किस उद्देश्य से की थी?

उत्तर:

रवीन्द्रनाथ टैगोर के अनुसार शिक्षा प्रकृति के निकट, स्वतंत्र, आनंदपूर्ण और बाल-केन्द्रित वातावरण में होनी चाहिए। उन्होंने कला, संगीत, साहित्य, सृजनात्मकता, प्रत्यक्ष अनुभव और विश्व-बंधुत्व पर विशेष बल दिया।

उन्होंने 1901 में शांतिनिकेतन में विद्यालय स्थापित किया ताकि बच्चों को बंद कक्षाओं और कठोर अनुशासन के स्थान पर प्रकृति की गोद में स्वतंत्र शिक्षा मिले तथा भारतीय संस्कृति और विश्व संस्कृति के बीच समन्वय विकसित हो।

प्रश्न 38. वैश्वीकरण (Globalization) का भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है? इसके गुण और दोषों की विवेचना कीजिए।

उत्तर:

वैश्वीकरण के कारण भारतीय शिक्षा विश्व की शिक्षा प्रणालियों, तकनीक, ज्ञान और कौशल से अधिक जुड़ी है। इसके प्रमुख प्रभाव निम्न हैं—

गुण—

  • डिजिटल एवं ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार।
  • विश्वस्तरीय ज्ञान, शोध एवं शिक्षण संसाधनों तक पहुँच।
  • विदेशी संस्थानों और विद्यार्थियों के साथ शैक्षिक आदान-प्रदान।
  • रोजगारोन्मुख कौशल एवं नई तकनीकों पर अधिक ध्यान।

दोष—

  • शिक्षा के व्यावसायीकरण की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
  • आर्थिक एवं डिजिटल असमानता शिक्षा के अवसरों में अन्तर पैदा कर सकती है।
  • स्थानीय भाषा एवं संस्कृति की उपेक्षा का खतरा हो सकता है।
  • प्रतिस्पर्धा और बाजार-केन्द्रित शिक्षा पर अत्यधिक बल बढ़ सकता है।

प्रश्न 39. प्रदूषण (वायु, जल और ध्वनि) के मानव जीवन पर पड़ने वाले कुप्रभावों को लिखते हुए इसके नियंत्रण में शिक्षा की भूमिका बताइए।

उत्तर:

वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण दोनों को प्रभावित करते हैं।

  • वायु प्रदूषण: श्वसन रोग, आँखों में जलन तथा हृदय सम्बन्धी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है।
  • जल प्रदूषण: दूषित जल से अनेक जलजनित रोग हो सकते हैं तथा जलीय जीवन प्रभावित होता है।
  • ध्वनि प्रदूषण: तनाव, नींद में बाधा, एकाग्रता में कमी एवं श्रवण क्षमता को नुकसान पहुँचा सकता है।

शिक्षा की भूमिका: विद्यालय स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, जल-संरक्षण, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के कम प्रयोग, इको-क्लब तथा जागरूकता कार्यक्रमों द्वारा विद्यार्थियों में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार विकसित कर सकते हैं।

प्रश्न 40. समाज और शिक्षा के अंतःसंबंधों को स्पष्ट कीजिए कि किस प्रकार समाज शिक्षा को और शिक्षा समाज को प्रभावित करती है।

उत्तर:

समाज और शिक्षा परस्पर निर्भर हैं। समाज की संस्कृति, मूल्य, भाषा, आवश्यकताएँ, आर्थिक दशा तथा सामाजिक संरचना शिक्षा के उद्देश्यों, पाठ्यक्रम और शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित करती हैं। इसलिए प्रत्येक समाज अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रणाली विकसित करता है।

दूसरी ओर शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार में परिवर्तन लाकर समाज को प्रभावित करती है। शिक्षा सामाजिक मूल्यों का संरक्षण करती है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करती है, सामाजिक कुरीतियों को कम करने में सहायता करती है तथा समानता, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देती है।

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