Home
App Install Updates
Home PYQs Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा 2018
PYQ 2018 • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा Previous Year Paper 2018

UP DELED Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा Previous Year Question Paper 2018 with solution.

Section 1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. “शिक्षा एक त्रिध्रुवीय प्रक्रिया है”, यह कथन है—

(A) एडम्स

(B) कमेनियस

(C) जॉन ड्यूवी

(D) रॉस

उत्तर: (C) जॉन ड्यूवी

जॉन ड्यूवी ने शिक्षा को त्रिध्रुवीय प्रक्रिया माना। इसके तीन प्रमुख ध्रुव हैं— शिक्षार्थी, शिक्षक तथा सामाजिक वातावरण।

प्रश्न 2. फ्रॉबेल द्वारा प्रतिपादित शिक्षण पद्धति है—

(A) किण्डरगार्टन

(B) बाल उद्यान

(C) हस्त कला

(D) फिल्म प्रोजेक्ट

उत्तर: (A) किण्डरगार्टन

फ्रॉबेल किण्डरगार्टन शिक्षण पद्धति के जन्मदाता माने जाते हैं। किण्डरगार्टन का अर्थ बाल उद्यान है।

प्रश्न 3. जनसंचार का यान्त्रिक साधन है—

(A) टेलीविजन

(B) टेपरिकॉर्डर

(C) कम्प्यूटर

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी

टेलीविजन, टेपरिकॉर्डर तथा कम्प्यूटर सभी यान्त्रिक अथवा इलेक्ट्रॉनिक जनसंचार साधन हैं।

प्रश्न 4. रूढ़ीवादिता तथा निरक्षरता गम्भीर समस्या है—

(A) प्रौढ़ों की

(B) बालिकाओं की

(C) बालकों की

(D) दिव्यांगों की

उत्तर: (B) बालिकाओं की

सामाजिक रूढ़ियाँ तथा निरक्षरता विशेष रूप से बालिका शिक्षा में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।

प्रश्न 5. परोपकार, सत्यनिष्ठा, क्षमाशीलता उदाहरण हैं—

(A) सामाजिक मूल्य

(B) वैयक्तिक मूल्य

(C) मानव मूल्य

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (C) मानव मूल्य

परोपकार, सत्यनिष्ठा तथा क्षमाशीलता मनुष्य के नैतिक आचरण से सम्बन्धित मानवीय मूल्य हैं।

प्रश्न 6. वैदिक साहित्य में प्रयुक्त “शिक्षा” शब्द का आशय है—

(A) विद्या

(B) ज्ञान

(C) बोध तथा विनय

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी

वैदिक शिक्षा में शिक्षा का सम्बन्ध विद्या, ज्ञान, बोध तथा विनय के विकास से माना गया है।

प्रश्न 7. बौद्धकालीन शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य था—

(A) ज्ञान अर्जित करना

(B) मूल्य विकसित करना

(C) निर्वाण की प्राप्ति

(D) बालिकाओं का शैक्षिक विकास करना

उत्तर: (C) निर्वाण की प्राप्ति

बौद्ध शिक्षा का सर्वोच्च आध्यात्मिक उद्देश्य मनुष्य को दुःखों से मुक्ति दिलाकर निर्वाण की प्राप्ति की ओर ले जाना था।

प्रश्न 8. शिक्षा में “प्रयोजनवाद” के जन्मदाता हैं—

(A) विलियम जेम्स

(B) रूसो

(C) महात्मा गाँधी

(D) रवीन्द्रनाथ टैगोर

उत्तर: (A) विलियम जेम्स

दिए गए विकल्पों में विलियम जेम्स प्रयोजनवाद के प्रमुख प्रवर्तक माने जाते हैं। शिक्षा में जॉन ड्यूवी ने प्रयोजनवादी विचारधारा को विशेष रूप से विकसित किया।

प्रश्न 9. “सर्वोत्तम शिक्षा वही है, जो सम्पूर्ण दृष्टि से हमारे जीवन का सामंजस्य स्थापित करती है।” यह कथन है—

(A) महात्मा गाँधी का

(B) रवीन्द्रनाथ टैगोर का

(C) गिजूभाई बधेका का

(D) जवाहर लाल नेहरू का

उत्तर: (B) रवीन्द्रनाथ टैगोर का

रवीन्द्रनाथ टैगोर शिक्षा को जीवन और सम्पूर्ण सृष्टि के बीच सामंजस्य स्थापित करने की प्रक्रिया मानते थे।

प्रश्न 10. गिजूभाई बधेका ने बालकों को संज्ञा दी थी—

(A) “बाल देवो भवः”

(B) “बालक ही भावी नागरिक”

(C) “बालकों की शिक्षा उत्कृष्ट हो”

(D) “बालक, बालिकाओं से श्रेष्ठ हैं”

उत्तर: (A) “बाल देवो भवः”

गिजूभाई बधेका बालक को शिक्षा का केन्द्र मानते थे और उनका प्रसिद्ध शैक्षिक सूत्र “बाल देवो भवः” था।

प्रश्न 11. कर्मेन्द्रियों, ज्ञानेन्द्रियों व पढ़ने-लिखने की शिक्षा— इन तीन भागों में शिक्षण पद्धति को विभाजित किया है—

(A) माण्टेसरी ने

(B) फ्रॉबेल ने

(C) डाल्टन ने

(D) रूसो ने

उत्तर: (A) माण्टेसरी ने

माण्टेसरी पद्धति में कर्मेन्द्रियों के प्रशिक्षण, ज्ञानेन्द्रियों के प्रशिक्षण तथा भाषा एवं पढ़ने-लिखने की शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है।

प्रश्न 12. “निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम” पारित हुआ—

(A) 2007 में

(B) 2008 में

(C) 2009 में

(D) 2010 में

उत्तर: (C) 2009 में

निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है। यह 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

प्रश्न 13. “राष्ट्रीय जनसंख्या नीति” का मुख्य उद्देश्य था—

(A) पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से संतान वृद्धि को रोकने के उपाय बताना

(B) प्रौढ़ों को जनाधिक्य के बारे में जागृत करना

(C) AIDS नियन्त्रण करना

(D) जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी ढंग से रोकना

उत्तर: (D) जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी ढंग से रोकना

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का व्यापक उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण तथा बेहतर प्रजनन एवं स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कार्य करना है।

प्रश्न 14. वुड का घोषणा-पत्र प्रकाशित हुआ—

(A) 1854 में

(B) 1856 में

(C) 1855 में

(D) 1864 में

उत्तर: (A) 1854 में

वुड का शिक्षा घोषणा-पत्र या Wood’s Despatch सन् 1854 में जारी हुआ। इसे भारतीय शिक्षा के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।

प्रश्न 15. “पर्यावरण संरक्षण अधिनियम” लागू हुआ—

(A) सन् 1980 में

(B) सन् 1982 में

(C) सन् 1986 में

(D) सन् 1988 में

उत्तर: (C) सन् 1986 में

पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 पर्यावरण की सुरक्षा एवं सुधार तथा पर्यावरणीय खतरों की रोकथाम के लिए बनाया गया।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. गाँधी जी द्वारा प्रतिपादित शिक्षा की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: गाँधी जी के अनुसार शिक्षा से अभिप्राय बालक एवं मनुष्य के शरीर, मस्तिष्क और आत्मा में निहित सर्वोत्तम शक्तियों के सर्वांगीण विकास से है।

प्रश्न 17. “शिक्षा त्रिमुखी प्रक्रिया है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: शिक्षा की त्रिमुखी प्रक्रिया में शिक्षक, शिक्षार्थी तथा सामाजिक वातावरण तीन प्रमुख ध्रुव होते हैं। इन तीनों की परस्पर क्रिया से शिक्षा की प्रक्रिया सम्पन्न होती है।

प्रश्न 18. औपचारिक शिक्षा किसे कहते हैं?

उत्तर: विद्यालय, महाविद्यालय जैसी संस्थाओं में निश्चित उद्देश्य, पाठ्यक्रम, समय-सारिणी एवं नियमों के अनुसार योजनाबद्ध ढंग से दी जाने वाली शिक्षा औपचारिक शिक्षा कहलाती है।

प्रश्न 19. परिवार में बच्चों को मुख्य रूप से किस विधि द्वारा शिक्षा दी जाती है?

उत्तर: परिवार में बालक मुख्य रूप से अनुकरण विधि द्वारा सीखता है। वह माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार, भाषा और आदतों का अनुकरण करता है।

प्रश्न 20. प्रयोजनवादी शिक्षा के दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर: प्रयोजनवादी शिक्षा के प्रमुख उद्देश्य हैं— व्यावहारिक एवं उपयोगी जीवन-कौशलों का विकास तथा बालक में समस्या-समाधान और सामाजिक दक्षता विकसित करना।

प्रश्न 21. बुनियादी शिक्षा के जन्मदाता कौन हैं?

उत्तर: महात्मा गाँधी बुनियादी शिक्षा अथवा नई तालीम के प्रमुख प्रवर्तक माने जाते हैं।

प्रश्न 22. डॉ. मारिया मॉण्टेसरी का जन्म कहाँ हुआ था?

उत्तर: डॉ. मारिया मॉण्टेसरी का जन्म चियारावाले, इटली में 31 अगस्त 1870 को हुआ था।

प्रश्न 23. समाज की एक उपयुक्त परिभाषा लिखिए।

उत्तर: समाज व्यक्तियों के बीच स्थापित सामाजिक सम्बन्धों का जाल है, जिसमें लोग परस्पर सहयोग, अन्तःक्रिया तथा साझा नियमों के आधार पर जीवन व्यतीत करते हैं।

प्रश्न 24. शिक्षा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों को लिखिए।

उत्तर: शिक्षा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं— परिवार, विद्यालय, समाज, राज्य, आर्थिक स्थिति, संस्कृति, धर्म, जनसंचार माध्यम तथा सामाजिक वातावरण।

प्रश्न 25. शिक्षा के सार्वभौमीकरण से क्या आशय है?

उत्तर: शिक्षा के सार्वभौमीकरण का अर्थ है कि प्रत्येक पात्र बालक को विद्यालय तक पहुँच, प्रवेश, निरन्तर उपस्थिति तथा शिक्षा पूर्ण करने का समान अवसर प्राप्त हो।

प्रश्न 26. बाल श्रम से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: बच्चों से ऐसा काम कराना जो उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा अथवा सामान्य विकास में बाधा डाले, बाल श्रम कहलाता है।

प्रश्न 27. जनसंख्या शिक्षा को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: जनसंख्या की स्थिति, वृद्धि, वितरण तथा उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों के प्रति समझ विकसित करने वाली शिक्षा को जनसंख्या शिक्षा कहते हैं।

प्रश्न 28. वायु प्रदूषण के मूल रूप से कितने स्रोत माने जाते हैं?

उत्तर: वायु प्रदूषण के मूलतः दो स्रोत माने जाते हैं— प्राकृतिक स्रोत तथा मानवजनित स्रोत।

प्रश्न 29. जल संरक्षण से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: जल का विवेकपूर्ण उपयोग, अनावश्यक अपव्यय रोकना, जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण करना तथा जल स्रोतों की रक्षा करना जल संरक्षण कहलाता है।

प्रश्न 30. जनसंचार के यन्त्रेतर साधनों के नामोल्लेख कीजिए।

उत्तर: जनसंचार की यन्त्रेतर सामग्री में स्लाइड, फिल्म, फिल्म-पट्टियाँ, चित्र, चार्ट, पोस्टर तथा बुलेटिन-बोर्ड पर प्रदर्शित सामग्री आदि सम्मिलित किए जाते हैं।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. बालकों की शिक्षा के सन्दर्भ में गिजूभाई के विचारों पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए।

उत्तर:

गिजूभाई बधेका बालकेन्द्रित शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। वे बालक को देवतुल्य मानते थे और उनका प्रसिद्ध सूत्र “बाल देवो भवः” था। उनके अनुसार शिक्षा प्रेमपूर्ण, भयमुक्त, स्वतन्त्र तथा आनन्ददायक वातावरण में होनी चाहिए।

वे कहानी, खेल, गीत, नाटक, गतिविधि एवं स्वानुभव के माध्यम से सीखने पर बल देते थे। शिक्षक का कार्य बालक पर ज्ञान थोपना नहीं, बल्कि उसकी स्वाभाविक शक्तियों के विकास में सहयोग देना है।

प्रश्न 32. बालश्रम किस प्रकार निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा में बाधक है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

बालश्रम बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने और अध्ययन के लिए समय नहीं देता। काम के कारण बालक थकान, अनुपस्थिति और विद्यालय छोड़ने जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं।

इससे उनका शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है। अतः बालश्रम शिक्षा तक पहुँच, निरन्तरता और सीखने की उपलब्धि में बाधा उत्पन्न करता है और सार्वभौमिक प्रारम्भिक शिक्षा के उद्देश्य को प्रभावित करता है।

प्रश्न 33. “जातिवाद एक जटिल, सामाजिक तथा राष्ट्रीय समस्या है।” इस कथन को सिद्ध कीजिए।

उत्तर:

जातिवाद तब समस्या बनता है जब जाति के आधार पर व्यक्ति या समूह के साथ भेदभाव, पक्षपात अथवा असमान व्यवहार किया जाता है। इससे सामाजिक समानता, अवसरों की समानता तथा पारस्परिक विश्वास प्रभावित होते हैं।

यह सामाजिक तनाव और विभाजन को बढ़ाकर राष्ट्रीय एकता एवं सद्भाव को भी कमजोर कर सकता है। शिक्षा द्वारा समानता, मानव गरिमा, संवैधानिक मूल्यों और भेदभाव-मुक्त व्यवहार को बढ़ावा देकर जातिवादी प्रवृत्तियों को कम किया जा सकता है।

प्रश्न 34. लैंगिक असमानता से क्या अभिप्राय है? शिक्षा द्वारा लैंगिक समानता के प्रति समझ किस प्रकार विकसित किया जा सकता है?

उत्तर:

लिंग के आधार पर अधिकारों, अवसरों, संसाधनों अथवा व्यवहार में अनुचित भेदभाव को लैंगिक असमानता कहते हैं।

शिक्षा द्वारा बालक और बालिकाओं को समान अवसर देना, पाठ्यक्रम से रूढ़ लैंगिक धारणाएँ हटाना, कक्षा की सभी गतिविधियों में समान भागीदारी सुनिश्चित करना तथा सफल महिला और पुरुष आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। शिक्षक स्वयं भी समान व्यवहार करके लैंगिक समानता का उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।

प्रश्न 35. भूमण्डलीय ताप वृद्धि से क्या अभिप्राय है? इस भूमण्डलीय ताप वृद्धि पर नियन्त्रण किस प्रकार किया जा सकता है?

उत्तर:

पृथ्वी के औसत तापमान में दीर्घकालिक वृद्धि को भूमण्डलीय ताप वृद्धि या Global Warming कहते हैं। इसका प्रमुख कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा है।

नियन्त्रण के उपाय—

  • जीवाश्म ईंधनों के अनावश्यक उपयोग को कम करना।
  • सौर एवं पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  • ऊर्जा-दक्ष उपकरणों और सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करना।
  • वनों की कटाई रोकना तथा वृक्षारोपण करना।
  • कचरे का उचित प्रबन्धन एवं पुनर्चक्रण करना।

प्रश्न 36. मानवीय मूल्यों की शिक्षा की आवश्यकता क्यों है? संक्षेप में अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

मानवीय मूल्यों की शिक्षा व्यक्ति में सत्यनिष्ठा, करुणा, सहयोग, सहिष्णुता, उत्तरदायित्व एवं सम्मान जैसे गुणों का विकास करती है। ये मूल्य व्यक्ति को उचित-अनुचित का विवेक विकसित करने तथा जिम्मेदार व्यवहार करने में सहायता करते हैं।

मूल्य शिक्षा सामाजिक सद्भाव, अनुशासन, शान्तिपूर्ण सह-अस्तित्व तथा अच्छे नागरिक जीवन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 37. राष्ट्रीय सद्भावना के उन्नयन में शिक्षा एवं शिक्षण की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

शिक्षा राष्ट्रीय सद्भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यालय में विद्यार्थियों को समानता, स्वतंत्रता, बन्धुत्व, धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक मूल्यों की समझ दी जानी चाहिए।

विभिन्न भाषाओं, धर्मों, क्षेत्रों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करने वाली गतिविधियाँ आयोजित करनी चाहिए। शिक्षक निष्पक्ष व्यवहार, सहयोग, सामूहिक कार्य तथा संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता एवं पारस्परिक सम्मान की भावना विकसित कर सकता है।

प्रश्न 38. लोकतान्त्रिक व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? लोकतान्त्रिक व्यवस्था में शिक्षा की क्या भूमिका है? संक्षेप में लिखिए।

उत्तर:

ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता प्रत्यक्ष अथवा निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन में भाग लेती है, लोकतान्त्रिक व्यवस्था कहलाती है।

शिक्षा लोकतन्त्र के लिए जागरूक नागरिक तैयार करती है। यह व्यक्तियों में अधिकार एवं कर्तव्यों की समझ, आलोचनात्मक चिन्तन, समानता, सहिष्णुता, संवाद तथा जिम्मेदार भागीदारी की भावना विकसित करती है। शिक्षित नागरिक लोकतान्त्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकते हैं।

प्रश्न 39. जल संचयन एवं संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर:

स्वच्छ जल सीमित प्राकृतिक संसाधन है और कृषि, घरेलू उपयोग, उद्योग तथा जीव-जगत के लिए आवश्यक है। बढ़ती जनसंख्या, भूजल के अत्यधिक दोहन और अनियमित वर्षा के कारण जल संरक्षण आवश्यक हो गया है।

वर्षा जल संचयन, तालाबों एवं जलाशयों का संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, रिसाव रोकना, जल का पुनः उपयोग तथा सिंचाई में जल-दक्ष विधियाँ अपनाकर भविष्य के लिए जल उपलब्धता बनाए रखी जा सकती है।

प्रश्न 40. सामाजिक एवं पारस्परिक सौहार्द की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:

सामाजिक एवं पारस्परिक सौहार्द की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  • एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं विश्वास।
  • सहयोग एवं परस्पर सहायता की भावना।
  • धर्म, भाषा, जाति एवं संस्कृति की विविधता के प्रति सहिष्णुता।
  • समानता एवं मानवीय गरिमा का सम्मान।
  • मतभेदों का संवाद एवं शान्तिपूर्ण तरीके से समाधान।
  • सामाजिक उत्तरदायित्व और सामूहिक हित की भावना।

इन गुणों से समाज में शान्ति, एकता और स्वस्थ सामाजिक सम्बन्ध विकसित होते हैं।

UP DELED Study App

Semester 2 की Complete तैयारी

  • Official Syllabus
  • Comprehensive Notes
  • Quick Revision Notes
  • Visual Revision Notes
  • Audio Revision
  • Solved MCQs
  • MCQ Tests
  • 2015–2025 Previous Year Papers
  • Repeated Exam Questions
  • 10 Model Papers
App में पढ़ाई शुरू करें

Question Paper PDF

इस प्रश्न पत्र की PDF डाउनलोड करें।

PDF Download

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा Previous Year Paper 2018

Solved question paper PDF download.

Semester 2 Solved PYQ Master PDF

2015-2026 के solved previous year papers · 74 papers · सभी 7 विषय एक ही printable PDF में। Download के बाद offline पढ़ें या print निकालें।

PDF Store Join Telegram