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PYQ 2017 • वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Paper 2017

UP DELED Semester 2 वर्तमान भारतीय समाज और प्रारंभिक शिक्षा Previous Year Question Paper 2017 with solution.

Section 1 बहुविकल्पीय प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. आदर्शवाद का श्रेष्ठ योगदान किस क्षेत्र में है?

(a) शिक्षण विधि में

(b) उद्देश्य में

(c) पाठ्यक्रम में

(d) बालक में

उत्तर: (b) उद्देश्य में

आदर्शवाद शिक्षा के उद्देश्यों—चरित्र-निर्माण, आत्मानुभूति, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास—पर विशेष बल देता है। अतः इसका श्रेष्ठ योगदान शिक्षा के उद्देश्यों के क्षेत्र में माना जाता है।

प्रश्न 2. राममूर्ति समिति (1990) क्यों गठित हुई?

(a) विश्वविद्यालय की शिक्षा में सुधार के लिए

(b) बालकों के पाठ्यक्रम का बोझ कम करने के लिए

(c) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986) की समीक्षा हेतु

(d) माध्यमिक शिक्षा का व्यावसायीकरण हेतु

उत्तर: (c) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986) की समीक्षा हेतु

आचार्य राममूर्ति की अध्यक्षता में 1990 में समिति का गठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 की समीक्षा के लिए किया गया था।

प्रश्न 3. राधाकृष्णन आयोग की संस्तुतियाँ सम्बन्धित थीं—

(a) उच्च शिक्षा से

(b) माध्यमिक शिक्षा से

(c) प्राथमिक शिक्षा से

(d) तकनीकी शिक्षा से

उत्तर: (a) उच्च शिक्षा से

राधाकृष्णन आयोग को विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (1948-49) भी कहा जाता है। इसकी संस्तुतियाँ मुख्यतः विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा से सम्बन्धित थीं।

प्रश्न 4. वुड का आज्ञा-पत्र प्रकाशित हुआ—

(a) 19 जुलाई 1854 को

(b) 2 फरवरी 1835 को

(c) 24 नवम्बर 1839 को

(d) 7 मार्च 1835 को

उत्तर: (a) 19 जुलाई 1854 को

वुड का घोषणा-पत्र (Wood’s Despatch) 19 जुलाई 1854 को सर चार्ल्स वुड द्वारा भारत के गवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौजी को भेजा गया था। इसे भारतीय शिक्षा के इतिहास में महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।

प्रश्न 5. निस्पंदन सिद्धान्त किसने दिया था—

(a) हण्टर ने

(b) मैकाले ने

(c) वुड ने

(d) फ्रांसिस ने

उत्तर: (b) मैकाले ने

भारतीय शिक्षा के इतिहास में अधोमुखी निस्पंदन सिद्धान्त को मैकाले की शिक्षा नीति से जोड़ा जाता है। इसके अनुसार पहले उच्च एवं मध्यम वर्ग के सीमित लोगों को शिक्षित करके शिक्षा को क्रमशः निम्न वर्गों तक पहुँचाने की धारणा थी।

प्रश्न 6. मैकाले ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था—

(a) सन् 1835 में

(b) सन् 1833 में

(c) सन् 1831 में

(d) सन् 1854 में

उत्तर: (a) सन् 1835 में

लॉर्ड मैकाले ने अपना प्रसिद्ध शिक्षा सम्बन्धी विवरण-पत्र 2 फरवरी 1835 को प्रस्तुत किया था।

प्रश्न 7. वैदिक शिक्षा का प्रमुख संस्कार था—

(a) उपनयन संस्कार

(b) उपसम्पदा संस्कार

(c) प्रव्रज्या संस्कार

(d) बिस्मिल्लाह संस्कार

उत्तर: (a) उपनयन संस्कार

वैदिक शिक्षा में विद्यार्थी के गुरुकुलीय जीवन एवं अध्ययन का प्रारम्भ सामान्यतः उपनयन संस्कार के बाद माना जाता था।

प्रश्न 8. प्रारम्भिक शिक्षा प्रारम्भ होती है—

(a) शैशवावस्था से

(b) बाल्यावस्था से

(c) किशोरावस्था से

(d) युवावस्था से

उत्तर: (b) बाल्यावस्था से

विद्यालयी प्रारम्भिक शिक्षा मुख्यतः बाल्यावस्था में प्रारम्भ होती है। सामान्यतः 6 वर्ष की आयु से बालक औपचारिक प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश करता है।

प्रश्न 9. "शिक्षा स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण करती है।" यह कथन है—

(a) स्वामी विवेकानन्द का

(b) स्वामी दयानन्द का

(c) अरस्तु का

(d) राजा राममोहन राय का

उत्तर: (c) अरस्तु का

शिक्षाशास्त्रीय संदर्भों में "Education is the creation of a sound mind in a sound body" कथन अरस्तु से सम्बद्ध माना जाता है।

प्रश्न 10. शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है—

(a) शारीरिक विकास

(b) मानसिक विकास

(c) सर्वांगीण विकास

(d) सांवेगिक विकास

उत्तर: (c) सर्वांगीण विकास

शिक्षा का व्यापक उद्देश्य बालक के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, नैतिक एवं सांवेगिक पक्षों का संतुलित विकास करना है।

प्रश्न 11. "बालक का मस्तिष्क कोरी स्लेट की तरह है।" यह विचार किसका है?

(a) रूसो का

(b) एडम्स का

(c) नन का

(d) जॉन लॉक का

उत्तर: (d) जॉन लॉक का

जॉन लॉक ने जन्म के समय मन को Tabula Rasa अर्थात् कोरी पट्टी/कोरी स्लेट के समान माना और अनुभव को ज्ञान-निर्माण का प्रमुख आधार बताया।

प्रश्न 12. मदरसों में शिक्षा का माध्यम था—

(a) अरबी

(b) उर्दू

(c) फारसी

(d) संस्कृत

उत्तर: (c) फारसी

मध्यकालीन भारत में मदरसों में अरबी के साथ फारसी का भी प्रमुख स्थान था तथा प्रशासनिक एवं उच्च अध्ययन में फारसी का व्यापक प्रयोग होता था। दिए गए विकल्पों में सही उत्तर फारसी है।

प्रश्न 13. वैदिक कालीन शिक्षा सम्बन्धित है—

(a) रामायण से

(b) वेदों से

(c) कुरान से

(d) बाइबिल से

उत्तर: (b) वेदों से

वैदिक कालीन शिक्षा का मूल आधार वेद एवं वैदिक साहित्य था। गुरुकुलों में वेदों, मंत्रों एवं उनसे सम्बन्धित विषयों का अध्ययन कराया जाता था।

प्रश्न 14. किंडरगार्टन प्रणाली के जन्मदाता कहे जाते हैं—

(a) फ्रॉबेल

(b) मॉण्टेसरी

(c) रूसो

(d) हरबर्ट

उत्तर: (a) फ्रॉबेल

जर्मन शिक्षाशास्त्री फ्रेडरिक फ्रॉबेल किंडरगार्टन प्रणाली के जन्मदाता माने जाते हैं। उन्होंने खेल, क्रिया और स्व-अभिव्यक्ति को बाल शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार माना।

प्रश्न 15. पाण्डिचेरी में किस महान शिक्षाशास्त्री ने आश्रम की स्थापना की?

(a) महात्मा गाँधी ने

(b) स्वामी विवेकानन्द ने

(c) आचार्य विनोबा भावे ने

(d) श्री अरविन्द घोष ने

उत्तर: (d) श्री अरविन्द घोष ने

श्री अरविन्द आश्रम पाण्डिचेरी में श्री अरविन्द और उनकी आध्यात्मिक सहयोगी श्री माँ से सम्बद्ध है। आश्रम ने संगठित रूप 1926 में ग्रहण किया।

Section 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16. पाठशाला को बाग, शिशु को पौधा और शिक्षक को माली कहने वाले विचारक का नाम लिखिए।

उत्तर: यह विचार फ्रेडरिक फ्रॉबेल का है। उनके अनुसार विद्यालय बच्चों का उद्यान है और शिक्षक माली के समान उनका स्वाभाविक विकास करता है।

प्रश्न 17. प्रयोजनवाद किसमें आस्था नहीं रखता है?

उत्तर: प्रयोजनवाद ईश्वरीय अथवा सार्वभौमिक सत्ता तथा पूर्वनिर्धारित, शाश्वत और अपरिवर्तनशील सत्य एवं मूल्यों में आस्था नहीं रखता है।

प्रश्न 18. प्रश्न शिक्षण विधि के जनक कौन हैं?

उत्तर: यूनानी दार्शनिक सुकरात को प्रश्नोत्तर अथवा सुकराती शिक्षण-विधि का जनक माना जाता है।

प्रश्न 19. प्रकृतिवाद को दूसरे किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर: शिक्षा-दर्शन में प्रकृतिवाद को प्रायः भौतिकवादी दर्शन भी कहा जाता है, क्योंकि यह प्रकृति एवं भौतिक जगत को वास्तविकता का प्रमुख आधार मानता है।

प्रश्न 20. फ्रॉबेल ने किंडरगार्टन कब प्रारम्भ किया?

उत्तर: फ्रॉबेल ने 1837 में ब्लैंकनबर्ग में छोटे बच्चों के लिए संस्था प्रारम्भ की; बाद में 1840 में उन्होंने इसके लिए Kindergarten नाम अपनाया।

प्रश्न 21. समाज के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर: समाज के प्रमुख कार्य हैं—व्यक्ति का समाजीकरण, संस्कृति एवं मूल्यों का संरक्षण-संचरण, शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना तथा सहयोग और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना।

प्रश्न 22. मूल्य का अर्थ लिखिए।

उत्तर: वे मान्यताएँ, आदर्श और मानदण्ड जिनके आधार पर व्यक्ति किसी व्यवहार या वस्तु को उचित-अनुचित अथवा वांछनीय-अवांछनीय मानता है, मूल्य कहलाते हैं।

प्रश्न 23. बाल-अपराध के प्रमुख कारण लिखिए।

उत्तर: बाल-अपराध के प्रमुख कारणों में गरीबी, पारिवारिक विघटन, अशिक्षा, बुरी संगति, प्रतिकूल सामाजिक वातावरण और मनोवैज्ञानिक समस्याएँ सम्मिलित हैं।

प्रश्न 24. कलकत्ता मदरसा किस सन् में खुला?

उत्तर: 1781 ई. में वारेन हेस्टिंग्स के प्रयास से कलकत्ता मदरसा की स्थापना हुई।

प्रश्न 25. बनारस संस्कृत कॉलेज कब और किसके द्वारा प्रारम्भ किया गया?

उत्तर: बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना 1791 ई. में जोनाथन डंकन के प्रयास से हुई।

प्रश्न 26. मैकाले ने अपना विवरण-पत्र कब प्रस्तुत किया?

उत्तर: लॉर्ड मैकाले ने अपना प्रसिद्ध शिक्षा सम्बन्धी विवरण-पत्र 2 फरवरी 1835 को प्रस्तुत किया।

प्रश्न 27. वुड घोषणा-पत्र के आधार पर कम्पनी की शिक्षा नीति कब घोषित हुई?

उत्तर: वुड का घोषणा-पत्र 19 जुलाई 1854 को जारी हुआ और इसी ने ब्रिटिश भारत की शिक्षा-व्यवस्था को व्यवस्थित नीति एवं प्रशासनिक दिशा प्रदान की।

प्रश्न 28. निरौपचारिक शिक्षा के विभिन्न साधनों में किस आयु-वर्ग पर अधिक बल दिया गया?

उत्तर: निरौपचारिक शिक्षा के विभिन्न साधनों में विशेष रूप से 20 से 35 वर्ष आयु-वर्ग पर अधिक बल दिया गया।

प्रश्न 29. "शिक्षा के वैयक्तिक और सामाजिक उद्देश्यों का समन्वय आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा व्यक्ति की खुशी और राज्य-कल्याण के लिए है।" यह कथन किसका है?

उत्तर: यह विचार प्लेटो से सम्बन्धित माना जाता है। उन्होंने व्यक्ति के विकास के साथ आदर्श राज्य और सामाजिक कल्याण को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य माना।

प्रश्न 30. प्राथमिक शिक्षा कब प्रारम्भ होती है?

उत्तर: भारत में प्राथमिक विद्यालयी शिक्षा सामान्यतः 6 वर्ष की आयु से प्रारम्भ होती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारम्भिक शिक्षा का अधिकार देता है।

Section 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 31. माध्यमिक शिक्षा आयोग के अध्यक्ष कौन थे? इसकी नियुक्ति कब हुई?

उत्तर:

भारत सरकार ने 23 सितम्बर 1952 को माध्यमिक शिक्षा आयोग की नियुक्ति की। इसके अध्यक्ष डॉ. ए. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर थे, इसलिए इसे मुदालियर आयोग भी कहा जाता है।

आयोग का उद्देश्य तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा की स्थिति का अध्ययन कर उसके उद्देश्यों, संगठन, पाठ्यक्रम एवं शिक्षण-पद्धति में सुधार के लिए सुझाव देना था।

इसकी प्रमुख संस्तुतियाँ—

  • माध्यमिक शिक्षा के उद्देश्यों को लोकतांत्रिक नागरिकता एवं व्यावसायिक दक्षता से जोड़ना।
  • पाठ्यक्रम में विविधता लाना तथा व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • शिक्षण एवं परीक्षा-पद्धति में सुधार करना।
  • विद्यार्थियों के चरित्र एवं व्यक्तित्व-विकास पर बल देना।

प्रश्न 32. हण्टर कमीशन की विशेषताएँ क्या थीं?

उत्तर:

हण्टर आयोग का गठन 1882 में सर विलियम हण्टर की अध्यक्षता में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में विशेष रूप से प्राथमिक शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करना था।

इसकी प्रमुख विशेषताएँ एवं संस्तुतियाँ—

  1. प्राथमिक शिक्षा के विस्तार पर विशेष बल दिया गया।
  2. प्राथमिक शिक्षा का प्रशासन स्थानीय निकायों को सौंपने का सुझाव दिया गया।
  3. प्राथमिक स्तर पर स्थानीय एवं मातृभाषा को महत्व दिया गया।
  4. माध्यमिक शिक्षा में साहित्यिक एवं व्यावसायिक धाराओं के विकास पर बल दिया गया।
  5. निजी शिक्षण संस्थाओं के लिए अनुदान-सहायता को प्रोत्साहित किया गया।
  6. स्त्री शिक्षा के विकास की आवश्यकता स्वीकार की गई।

प्रश्न 33. वुड के घोषणा-पत्र के चार दोष लिखिए।

उत्तर:

वुड के घोषणा-पत्र ने भारतीय शिक्षा को संगठित रूप दिया, परन्तु इसकी कुछ प्रमुख सीमाएँ भी थीं—

  1. औपनिवेशिक उद्देश्य: शिक्षा का विकास भारतीय आवश्यकताओं की अपेक्षा ब्रिटिश प्रशासन की आवश्यकताओं से अधिक प्रभावित रहा।
  2. अंग्रेजी का बढ़ता प्रभाव: उच्च शिक्षा में अंग्रेजी की प्रधानता के कारण भारतीय भाषाओं एवं स्वदेशी ज्ञान-परम्पराओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिल सका।
  3. विदेशी विश्वविद्यालय-मॉडल: विश्वविद्यालयों को मुख्यतः लन्दन विश्वविद्यालय के परीक्षा-प्रधान मॉडल पर विकसित किया गया।
  4. व्यावहारिक एवं व्यावसायिक शिक्षा की कमी: व्यवहार में तकनीकी, औद्योगिक और व्यावसायिक शिक्षा का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया।

प्रश्न 34. मैकाले को भारतीय शिक्षा का अग्रदूत माना जाता है। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

मैकाले को विशेष रूप से भारत में आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है। 2 फरवरी 1835 के उसके विवरण-पत्र ने प्राच्य-पाश्चात्य शिक्षा-विवाद में अंग्रेजी एवं पाश्चात्य ज्ञान के पक्ष को निर्णायक बल दिया।

  • अंग्रेजी को उच्च शिक्षा का प्रमुख माध्यम बनाने पर बल दिया गया।
  • पाश्चात्य विज्ञान और साहित्य के अध्ययन को प्रोत्साहन मिला।
  • अंग्रेजी-शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग का विकास हुआ।
  • आधुनिक राजनीतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक विचारों तक भारतीयों की पहुँच बढ़ी।

हालाँकि मैकाले की नीति औपनिवेशिक उद्देश्यों से प्रेरित थी और उसने भारतीय भाषाओं एवं पारम्परिक ज्ञान को कम महत्व दिया, इसलिए उसके योगदान का मूल्यांकन संतुलित दृष्टि से किया जाना चाहिए।

प्रश्न 35. मिशनरी स्कूलों की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:

ब्रिटिश काल में ईसाई मिशनरियों ने अनेक विद्यालय स्थापित किए। उनकी प्रमुख विशेषताएँ थीं—

  1. विद्यालयों में व्यवस्थित कक्षा-शिक्षण एवं समय-सारणी का प्रयोग।
  2. आधुनिक विषयों, पठन-लेखन और गणित आदि की शिक्षा पर बल।
  3. प्राथमिक स्तर पर अनेक स्थानों पर स्थानीय भाषाओं का प्रयोग तथा उच्च स्तर पर अंग्रेजी शिक्षा का विस्तार।
  4. बालिका शिक्षा एवं वंचित वर्गों तक शिक्षा पहुँचाने में योगदान।
  5. शिक्षा के साथ ईसाई धार्मिक साहित्य एवं मिशनरी विचारों के प्रसार का प्रयास।

प्रश्न 36. सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत 31 मार्च 2009 तक कुल कितना खर्च हुआ?

उत्तर:

उपलब्ध राज्य-स्तरीय आँकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2009 तक उत्तर प्रदेश में सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत ₹13,328.79 करोड़ व्यय किए जा चुके थे।

सर्वशिक्षा अभियान का उद्देश्य प्रारम्भिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण, विद्यालय तक पहुँच बढ़ाना, नामांकन एवं ठहराव में सुधार तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना था।

प्रश्न 37. भारत में बाल-अपराध एवं किशोर न्याय के सम्बन्ध में वैधानिक व्यवस्था स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

भारत में किशोर न्याय के लिए एकरूप राष्ट्रीय व्यवस्था की दिशा में Juvenile Justice Act, 1986 एक महत्वपूर्ण कानून था। बाद में इसे 2000 के कानून और फिर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।

2015 के अधिनियम में सामान्य रूप से 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को बालक माना गया है। कानून का उद्देश्य कानून से संघर्षरत बच्चों के साथ दण्डात्मक दृष्टिकोण के स्थान पर देखरेख, संरक्षण, सुधार एवं पुनर्वास पर बल देना है।

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किशोर न्याय प्रशासन के लिए संयुक्त राष्ट्र के Beijing Rules को 29 नवम्बर 1985 को अपनाया गया था।

प्रश्न 38. राष्ट्रीय एकता प्राप्त करने हेतु साधन बताइए।

उत्तर:

राष्ट्रीय एकता का अर्थ विविधताओं के बावजूद देश के नागरिकों में एकता, समान राष्ट्रीय पहचान और पारस्परिक सद्भाव की भावना विकसित करना है। इसके प्रमुख साधन हैं—

  1. राष्ट्रीय एवं संवैधानिक मूल्यों की शिक्षा: स्वतंत्रता, समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की भावना विकसित करना।
  2. सांस्कृतिक विविधता का सम्मान: विभिन्न भाषाओं, धर्मों, क्षेत्रों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करना।
  3. राष्ट्रीय इतिहास का ज्ञान: स्वतंत्रता आन्दोलन एवं राष्ट्रीय निर्माण में विभिन्न समुदायों के योगदान से परिचित कराना।
  4. सामाजिक एवं आर्थिक असमानता कम करना: सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध कराना।
  5. साम्प्रदायिकता और भेदभाव का विरोध: जाति, धर्म, भाषा एवं क्षेत्र के आधार पर होने वाले भेदभाव को कम करना।

इस प्रकार शिक्षा, सामाजिक न्याय और पारस्परिक सम्मान राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करते हैं।

प्रश्न 39. अन्तर्राष्ट्रीय एकता बनाने में अध्यापक की भूमिका बताइए।

उत्तर:

अन्तर्राष्ट्रीय एकता अथवा अन्तर्राष्ट्रीय सद्भाव का उद्देश्य विद्यार्थियों में विश्व-बंधुत्व, मानवता, शान्ति और विभिन्न देशों एवं संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करना है। इसमें शिक्षक की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

  1. विश्व-बंधुत्व की भावना: शिक्षक विद्यार्थियों को मानव-मात्र की समानता एवं पारस्परिक निर्भरता का ज्ञान कराए।
  2. शान्ति एवं सहिष्णुता: हिंसा, युद्ध, घृणा और भेदभाव के स्थान पर संवाद एवं सहयोग की भावना विकसित करे।
  3. अन्य संस्कृतियों का सम्मान: विभिन्न देशों की संस्कृति, भाषा और जीवन-पद्धतियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करे।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं का ज्ञान: संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं के कार्यों से विद्यार्थियों को परिचित कराए।
  5. मानवाधिकार एवं वैश्विक समस्याएँ: मानवाधिकार, पर्यावरण, गरीबी, शान्ति और सतत विकास जैसी वैश्विक समस्याओं पर चर्चा कराए।
  6. सहयोगात्मक गतिविधियाँ: वाद-विवाद, परियोजना, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्तर्राष्ट्रीय दिवसों के माध्यम से वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करे।

इस प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों को संकीर्णता से ऊपर उठाकर विश्व-नागरिकता और अन्तर्राष्ट्रीय सद्भाव की भावना से युक्त कर सकता है।

प्रश्न 40. मूल्य का अर्थ लिखिए।

उत्तर:

मूल्य वे आदर्श, विश्वास, मानदण्ड एवं सिद्धान्त हैं जिनके आधार पर व्यक्ति अपने व्यवहार, निर्णय और जीवन के उद्देश्यों को दिशा देता है। इनके माध्यम से वह उचित-अनुचित, अच्छा-बुरा और वांछनीय-अवांछनीय का निर्णय करता है।

मूल्यों का महत्व—

  1. मूल्य व्यक्ति के चरित्र एवं व्यक्तित्व के निर्माण में सहायता करते हैं।
  2. वे व्यक्ति के व्यवहार और निर्णयों को उचित दिशा देते हैं।
  3. सत्य, ईमानदारी, सहयोग, सहिष्णुता, न्याय और उत्तरदायित्व जैसे सामाजिक गुण विकसित करते हैं।
  4. समाज में अनुशासन, सद्भाव और सामाजिक एकता स्थापित करने में सहायता करते हैं।
  5. शिक्षा के माध्यम से लोकतांत्रिक, नैतिक तथा मानवीय मूल्यों का विकास किया जा सकता है।

अतः मूल्य व्यक्ति को एक जिम्मेदार, संवेदनशील और आदर्श नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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