बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. निम्न में से कौन-सा अनुच्छेद अल्पसंख्यक वर्गों के हितों के संरक्षण से सम्बन्धित है?
(a) अनुच्छेद 45
(b) अनुच्छेद 21
(c) अनुच्छेद 29 (1)
(d) अनुच्छेद 17
उत्तर: (c) अनुच्छेद 29 (1)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29(1) के अनुसार भारत में रहने वाले नागरिकों के किसी भी ऐसे वर्ग को, जिसकी अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे सुरक्षित रखने का अधिकार है।
प्रश्न 2. 6-14 वर्ष तक के बच्चों की निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा को 'मौलिक अधिकार' किस संविधान संशोधन द्वारा बनाया गया?
(a) 82वाँ
(b) 85वाँ
(c) 86वाँ
(d) 87वाँ
उत्तर: (c) 86वाँ
86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जिसके अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया।
प्रश्न 3. केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड द्वारा प्रस्तुत शिक्षा योजना किस नाम से जानी जाती है?
(a) बेसिक शिक्षा योजना के नाम से
(b) सार्जेण्ट योजना के नाम से
(c) हण्टर कमीशन के नाम से
(d) हांग समिति के नाम से
उत्तर: (b) सार्जेण्ट योजना के नाम से
केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड द्वारा 1944 में प्रस्तुत युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की व्यापक योजना सार्जेण्ट योजना अथवा सार्जेण्ट रिपोर्ट के नाम से प्रसिद्ध हुई।
प्रश्न 4. उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान कहाँ स्थित है?
(a) लखनऊ में
(b) दिल्ली में
(c) वाराणसी में
(d) प्रयागराज में
उत्तर: (d) प्रयागराज में
उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान (Institute of Advanced Studies in Education—IASE) प्रयागराज में स्थित है।
प्रश्न 5. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 कब लागू हुआ?
(a) मार्च 2010
(b) अप्रैल 2010
(c) जुलाई 2010
(d) मई 2010
उत्तर: (b) अप्रैल 2010
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 पूरे भारत में 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।
प्रश्न 6. निम्न आयोगों/दस्तावेजों का सही कालानुक्रमिक क्रम बताइए—
(a) हण्टर आयोग
(b) राधाकृष्णन आयोग
(c) वुड डिस्पैच
(d) कोठारी आयोग
विकल्प:
(a) a, b, c, d
(b) a, c, b, d
(c) c, a, b, d
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (c) c, a, b, d
सही क्रम है— वुड डिस्पैच (1854) → हण्टर आयोग (1882) → राधाकृष्णन आयोग (1948-49) → कोठारी आयोग (1964-66)।
प्रश्न 7. उत्तर प्रदेश में मिड-डे-मील योजना कब लागू की गई?
(a) 11 सितम्बर, 2004
(b) 1 सितम्बर, 2004
(c) 29 सितम्बर, 2004
(d) 14 सितम्बर, 2004
उत्तर: (b) 1 सितम्बर, 2004
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था 1 सितम्बर 2004 से प्रारम्भ की गई।
प्रश्न 8. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय योजना भारत सरकार द्वारा कब प्रारम्भ की गई?
(a) 2004
(b) 2005
(c) 2006
(d) 2007
उत्तर: (a) 2004
कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय (KGBV) योजना 2004 में शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की वंचित बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर पर आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ की गई।
प्रश्न 9. 'जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम' की क्या विशेषता है?
(a) शिक्षा में सबकी भागीदारी
(b) शिक्षा में बराबरी पर बल
(c) नये शैक्षणिक प्रयोग
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
DPEP में सामुदायिक सहभागिता, शैक्षिक समानता, विकेन्द्रीकृत नियोजन, शिक्षक-दक्षता और नवीन शैक्षणिक प्रयोगों पर बल दिया गया।
प्रश्न 10. अध्यापक शिक्षा हेतु नियामक संस्था है—
(a) NCTE
(b) NCERT
(c) CTE
(d) MHRD
उत्तर: (a) NCTE
National Council for Teacher Education (NCTE) भारत में अध्यापक शिक्षा के मानकों, नियोजन एवं नियमन से सम्बन्धित सांविधिक संस्था है।
प्रश्न 11. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या, 2005 के प्रारम्भ का अंश रवीन्द्रनाथ टैगोर के किस निबन्ध से लिया गया?
(a) सभ्यता और संस्कृति
(b) सभ्यता और प्रगति
(c) सभ्यता और समाज
(d) सभ्यता और मानव
उत्तर: (b) सभ्यता और प्रगति
NCF-2005 के प्रारम्भ में रवीन्द्रनाथ टैगोर के निबन्ध “Civilisation and Progress” (सभ्यता और प्रगति) का अंश दिया गया है।
प्रश्न 12. 1992 में गठित यशपाल समिति किससे सम्बन्धित है?
(a) स्कूली छात्रों के बोझ को कम करने से
(b) उच्च शिक्षा में गुणवत्ता से
(c) व्यावसायिक शिक्षा से
(d) तकनीकी शिक्षा से
उत्तर: (a) स्कूली छात्रों के बोझ को कम करने से
प्रो. यशपाल की अध्यक्षता में गठित समिति का उद्देश्य विद्यार्थियों पर शैक्षिक बोझ कम करना और अधिगम को अर्थपूर्ण बनाना था। इसकी रिपोर्ट 1993 में Learning Without Burden नाम से प्रस्तुत हुई।
प्रश्न 13. 'छनाई का सिद्धान्त' किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया?
(a) विलियम वुड
(b) लॉर्ड कर्जन
(c) लॉर्ड मैकाले
(d) माइकल सैडलर
उत्तर: (c) लॉर्ड मैकाले
अधोमुखी निस्पन्दन अथवा छनाई सिद्धान्त को मैकाले की शिक्षा-नीति से जोड़ा जाता है। इसमें पहले उच्च वर्ग को शिक्षित कर शिक्षा के क्रमशः सामान्य जनता तक पहुँचने की कल्पना की गई थी।
प्रश्न 14. नवोदय विद्यालय की स्थापना किसकी संस्तुति पर की गई?
(a) कोठारी आयोग
(b) माध्यमिक शिक्षा आयोग
(c) नई शिक्षा नीति (1986)
(d) यशपाल समिति
उत्तर: (c) नई शिक्षा नीति (1986)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में देश के विभिन्न भागों में नवोदय विद्यालय स्थापित करने का प्रावधान किया गया था।
प्रश्न 15. जब कोई बालक किसी भी अवस्था में प्राथमिक शिक्षा पूर्ण किये बिना ही विद्यालय छोड़कर चला जाता है, तो यह कहलाता है—
(a) अवरोध
(b) पृथक्करण
(c) अपव्यय
(d) विभाजन
उत्तर: (c) अपव्यय
निर्धारित शिक्षा-स्तर पूरा किए बिना विद्यालय छोड़ देना अपव्यय (Wastage) कहलाता है, जबकि एक ही कक्षा में अपेक्षित समय से अधिक रुकना अवरोधन कहलाता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51क के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर: संविधान का अनुच्छेद 51A [51क] नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों से सम्बन्धित है। वर्तमान में इसमें संविधान-सम्मान, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण-संरक्षण आदि सहित 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
प्रश्न 17. वुड का घोषणा-पत्र 1854 के शिक्षा सम्बन्धी उद्देश्य क्या थे?
उत्तर: वुड्स डिस्पैच का उद्देश्य पाश्चात्य ज्ञान का प्रसार, क्रमबद्ध शिक्षा-व्यवस्था का विकास, शिक्षक-प्रशिक्षण तथा जनशिक्षा का विस्तार करना था।
प्रश्न 18. 'हण्टर आयोग' के दो कार्य लिखिए।
उत्तर: हण्टर आयोग ने प्राथमिक शिक्षा की स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा की तथा उसके विस्तार, प्रबन्ध और सुधार के लिए सुझाव दिए।
प्रश्न 19. राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के कौन-कौन से अभिकरण हैं?
उत्तर: राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख शैक्षिक अभिकरण हैं— NCERT, NCTE, NIEPA, NIOS तथा IGNOU।
प्रश्न 20. शैक्षिक उन्नयन में ब्लॉक संसाधन केन्द्रों की क्या भूमिका है?
उत्तर: BRC शिक्षकों को सेवाकालीन प्रशिक्षण, विषयगत अकादमिक सहायता, शिक्षण-सामग्री, विद्यालय भ्रमण एवं शिक्षण-सुधार हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है।
प्रश्न 21. लॉर्ड कर्जन ने प्राथमिक स्तरीय शिक्षा में क्या-क्या सुधार किये?
उत्तर: कर्जन ने प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकारी अनुदान बढ़ाने, मातृभाषा को महत्व देने, शिक्षक-प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम और निरीक्षण व्यवस्था सुधारने पर बल दिया।
प्रश्न 22. प्रोग्राम ऑफ एक्शन के कौन-कौन से लक्ष्य निर्धारित किये गये?
उत्तर: POA-1992 ने सार्वभौमिक नामांकन एवं ठहराव, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षिक समानता तथा महिलाओं एवं वंचित समूहों की शिक्षा पर विशेष बल दिया।
प्रश्न 23. ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड परियोजना क्या है?
उत्तर: यह 1987 में प्रारम्भ कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों को न्यूनतम भवन-सुविधाएँ, शिक्षक एवं आवश्यक शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराना था।
प्रश्न 24. स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम क्या है?
उत्तर: स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम नवप्रवेशी बच्चों को खेल एवं गतिविधियों द्वारा विद्यालयी वातावरण, भाषा, संख्या-बोध, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार के लिए तैयार करता है।
प्रश्न 25. शिक्षा को संविधान में समवर्ती सूची में रखने का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: शिक्षा को समवर्ती सूची में रखने का उद्देश्य केन्द्र और राज्य दोनों की सहभागिता से शिक्षा का नियोजन, विकास एवं गुणवत्ता-सुधार सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 26. स्कूल चलो अभियान कब प्रारम्भ हुआ?
उत्तर: उत्तर प्रदेश में प्रारम्भिक शिक्षा के लिए स्कूल चलो अभियान जुलाई 2000 में प्रारम्भ किया गया।
प्रश्न 27. राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना क्या है?
उत्तर: राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (NCLP) 1988 में बाल श्रमिकों को कार्य से हटाकर शिक्षा, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ की गई।
प्रश्न 28. सी.टी.ई. किस स्तर के शिक्षकों को तैयार करता है?
उत्तर: College of Teacher Education (CTE) मुख्यतः माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों तथा शिक्षक-प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक विकास से सम्बन्धित है।
प्रश्न 29. 'मिड-डे-मील' योजना को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण, नामांकन, उपस्थिति एवं ठहराव में सुधार हेतु संचालित विद्यालय भोजन कार्यक्रम है; राष्ट्रीय योजना 15 अगस्त 1995 से शुरू हुई।
प्रश्न 30. 'बिना बोझ के शिक्षा' में कितने प्रकार के बोझ, बच्चों में होने की बात कही गयी है?
उत्तर: बच्चों पर मुख्यतः दो प्रकार के बोझ—भौतिक बोझ और मानसिक/शैक्षिक बोझ की चर्चा की जाती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. राष्ट्रीय साक्षरता मिशन पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीय साक्षरता मिशन (National Literacy Mission—NLM) की स्थापना 1988 में वयस्क निरक्षरता को कम करने तथा विशेष रूप से 15 से 35 वर्ष आयु-वर्ग को कार्यात्मक साक्षरता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई।
इसके प्रमुख उद्देश्य थे—
- निरक्षर वयस्कों में पढ़ने, लिखने एवं गणना की कार्यात्मक क्षमता विकसित करना।
- साक्षरता को दैनिक जीवन एवं सामाजिक जागरूकता से जोड़ना।
- महिलाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित समूहों पर विशेष ध्यान देना।
- सम्पूर्ण साक्षरता अभियान के माध्यम से जनभागीदारी आधारित साक्षरता कार्यक्रम चलाना।
- नवसाक्षरों के लिए उत्तर-साक्षरता एवं सतत् शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना।
इस मिशन ने साक्षरता को केवल अक्षर-ज्ञान न मानकर कार्यात्मक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की प्रक्रिया के रूप में विकसित करने पर बल दिया।
प्रश्न 32. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के क्रियान्वयन में समस्याएँ बताइए।
उत्तर:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 ने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया, किन्तु इसके प्रभावी क्रियान्वयन में अनेक व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आती हैं—
- आधारभूत सुविधाओं की कमी: अनेक विद्यालयों में पर्याप्त कक्षाएँ, शौचालय, पेयजल एवं अन्य सुविधाओं का अभाव।
- शिक्षकों की कमी: पर्याप्त प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता एवं समान तैनाती की समस्या।
- भाषायी विविधता: मातृभाषा एवं स्थानीय भाषा में उपयुक्त शिक्षक और सामग्री उपलब्ध कराने की कठिनाई।
- ड्रॉपआउट: गरीबी, बाल-श्रम, प्रवासन और सामाजिक कारणों से बच्चों का विद्यालय छोड़ना।
- 25 प्रतिशत प्रवेश प्रावधान: निजी विद्यालयों में कमजोर एवं वंचित वर्गों के प्रवेश और प्रतिपूर्ति प्रक्रिया के क्रियान्वयन में कठिनाइयाँ।
- अधिगम गुणवत्ता: केवल प्रवेश सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं; अपेक्षित अधिगम स्तर प्राप्त कराना भी चुनौती है।
- निगरानी एवं स्थानीय सहभागिता: स्थानीय निकायों एवं विद्यालय प्रबन्ध समितियों की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना।
प्रश्न 33. 'वंचित वर्ग' से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
वंचित वर्ग से आशय ऐसे बच्चों अथवा सामाजिक समूहों से है जिन्हें सामाजिक, आर्थिक, जातीय, भौगोलिक, लैंगिक या अन्य कारणों से शिक्षा एवं विकास के समान अवसर प्राप्त नहीं हो पाते।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के सन्दर्भ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग तथा सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य वंचित समूह इस श्रेणी में आ सकते हैं।
इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए समान अवसर, विशेष सहायता, भेदभाव-मुक्त वातावरण और आवश्यक शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना आवश्यक है।
प्रश्न 34. विद्यालय प्रबन्ध समिति पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
विद्यालय प्रबन्ध समिति (School Management Committee—SMC) विद्यालय और समुदाय के बीच सहभागिता बढ़ाने वाली संस्था है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में इसके गठन का प्रावधान किया गया है।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ एवं कार्य—
- कम-से-कम तीन-चौथाई सदस्य बच्चों के माता-पिता अथवा अभिभावक होते हैं।
- कम-से-कम आधे सदस्य महिलाएँ होती हैं।
- वंचित एवं कमजोर वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
- विद्यालय के कार्य, बच्चों की उपस्थिति एवं शैक्षिक गतिविधियों की निगरानी करना।
- विद्यालय विकास योजना तैयार करना।
- विद्यालय को प्राप्त अनुदान एवं संसाधनों के उपयोग की निगरानी करना।
- अभिभावकों, शिक्षकों एवं समुदाय के बीच सहयोग बढ़ाना।
प्रश्न 35. प्राथमिक शिक्षा हेतु शिमला सम्मेलन में क्या विचार व्यक्त किये गये थे?
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन ने सितम्बर 1901 में शिमला शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया। इसमें भारतीय शिक्षा की प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक की स्थिति पर विचार किया गया। प्राथमिक शिक्षा की खराब स्थिति, अपर्याप्त प्रसार एवं निम्न गुणवत्ता पर विशेष चिंता व्यक्त की गई।
प्राथमिक शिक्षा के सम्बन्ध में प्रमुख विचार थे—
- प्राथमिक शिक्षा का अधिक विस्तार किया जाए और सरकार इस पर अधिक ध्यान दे।
- प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकारी आर्थिक सहायता बढ़ाई जाए।
- शिक्षा का माध्यम स्थानीय अथवा मातृभाषा रखा जाए।
- प्राथमिक शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं सेवा-स्थिति में सुधार किया जाए।
- पाठ्यक्रम को स्थानीय परिस्थितियों और जीवनोपयोगी आवश्यकताओं से जोड़ा जाए।
- विद्यालयों के निरीक्षण एवं प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
शिमला सम्मेलन में व्यक्त विचार आगे चलकर कर्जन की 1904 की शिक्षा नीति के आधार बने।
प्रश्न 36. शिक्षक शिक्षा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका लिखिए।
उत्तर:
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) जिला स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा एवं शिक्षक-शिक्षा का प्रमुख शैक्षिक संसाधन केन्द्र है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में इसकी स्थापना का प्रावधान किया गया।
शिक्षक शिक्षा में इसकी प्रमुख भूमिकाएँ—
- सेवापूर्व प्रशिक्षण: भावी प्रारम्भिक शिक्षकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देना।
- सेवाकालीन प्रशिक्षण: कार्यरत शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण, पुनश्चर्या एवं अभिविन्यास कार्यक्रम चलाना।
- अकादमिक सहायता: शिक्षकों, BRC एवं CRC को विषयगत एवं शिक्षण-विधि सम्बन्धी सहयोग देना।
- शिक्षण-सामग्री विकास: स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित करना।
- अनुसंधान: स्थानीय शैक्षिक समस्याओं पर क्रियात्मक अनुसंधान एवं अध्ययन करना।
- नवाचार: नवीन एवं बाल-केन्द्रित शिक्षण-विधियों को बढ़ावा देना।
- नियोजन एवं मूल्यांकन: जिला स्तर के शैक्षिक कार्यक्रमों के नियोजन, निगरानी एवं मूल्यांकन में सहयोग देना।
प्रश्न 37. बाल अधिकार से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
बाल अधिकार वे मूल अधिकार हैं जो प्रत्येक बच्चे को उसके सुरक्षित, स्वस्थ एवं सम्मानजनक विकास के लिए प्राप्त होने चाहिए। संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय, 1989 ने इन अधिकारों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की।
बाल अधिकारों के प्रमुख पक्ष—
- जीवन एवं विकास का अधिकार: पोषण, स्वास्थ्य एवं समुचित विकास के अवसर।
- शिक्षा का अधिकार: गुणवत्तापूर्ण एवं समान शिक्षा तक पहुँच।
- सुरक्षा का अधिकार: हिंसा, शोषण, बाल-श्रम, दुर्व्यवहार एवं तस्करी से संरक्षण।
- भागीदारी का अधिकार: आयु एवं परिपक्वता के अनुसार अपने विचार व्यक्त करने का अवसर।
- भेदभाव से मुक्ति: जाति, धर्म, लिंग, भाषा या सामाजिक स्थिति के कारण भेदभाव न होना।
परिवार, विद्यालय, समाज और सरकार का दायित्व है कि बच्चों के इन अधिकारों का संरक्षण किया जाए।
प्रश्न 38. भारतीय शिक्षा में लॉर्ड कर्जन का योगदान लिखिए।
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन के शासनकाल में भारतीय शिक्षा की विभिन्न अवस्थाओं में प्रशासनिक एवं गुणात्मक सुधार के प्रयास किए गए। 1901 का शिमला शिक्षा सम्मेलन, 1902 का विश्वविद्यालय आयोग तथा 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम उसके प्रमुख शैक्षिक कदम थे।
प्रमुख योगदान—
- प्राथमिक शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर बल दिया।
- प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकारी अनुदान बढ़ाने की नीति अपनाई।
- मातृभाषा/स्थानीय भाषा को प्राथमिक शिक्षा के माध्यम के रूप में महत्व दिया।
- शिक्षक-प्रशिक्षण एवं शिक्षकों की कार्यकुशलता सुधारने पर बल दिया।
- विद्यालय निरीक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया।
- माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता एवं गुणवत्ता के मानकों को सुदृढ़ किया।
- 1902 में भारतीय विश्वविद्यालय आयोग गठित किया।
- भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 के माध्यम से विश्वविद्यालयी प्रशासन एवं शिक्षा में परिवर्तन किए।
कर्जन की नीतियों की अत्यधिक सरकारी नियंत्रण के लिए आलोचना भी हुई, किन्तु उसके काल में शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षण एवं प्रशासन पर व्यवस्थित ध्यान बढ़ा।
प्रश्न 39. स्वतंत्रता पश्चात् के किन्हीं दो शिक्षा आयोगों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर:
(i) विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (1948-49) — राधाकृष्णन आयोग
- भारत सरकार ने 1948 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता में इसका गठन किया।
- इसका प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा की स्थिति का अध्ययन करना था।
- उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक, पाठ्यक्रम, अनुसंधान एवं विश्वविद्यालय प्रशासन में सुधार के सुझाव दिए।
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसी संस्था की आवश्यकता पर बल दिया।
(ii) माध्यमिक शिक्षा आयोग (1952-53) — मुदालियर आयोग
- इसके अध्यक्ष डॉ. ए. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर थे।
- इसका उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा की स्थिति एवं समस्याओं का अध्ययन करना था।
- पाठ्यक्रम के विविधीकरण, बहुउद्देशीय विद्यालयों तथा व्यावसायिक शिक्षा पर बल दिया।
- लोकतांत्रिक नागरिकता, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास को माध्यमिक शिक्षा के महत्वपूर्ण उद्देश्य माना।
प्रश्न 40. शिक्षकों के अकादमिक सपोर्ट में डायट की क्या भूमिका है?
उत्तर:
DIET जिला स्तर पर शिक्षकों को निरन्तर अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग प्रदान करने वाला प्रमुख संसाधन संस्थान है। इसका कार्य केवल शिक्षक-प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सतत् सुधार करना भी है।
शिक्षकों के अकादमिक सहयोग में DIET की प्रमुख भूमिकाएँ—
- सेवारत शिक्षकों के लिए विषयगत एवं शिक्षण-विधि आधारित प्रशिक्षण आयोजित करना।
- BRC, CRC एवं अन्य अकादमिक संसाधन व्यक्तियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देना।
- विद्यालय एवं कक्षा की समस्याओं के समाधान के लिए शैक्षिक परामर्श देना।
- शिक्षण-अधिगम सामग्री, प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं स्थानीय संसाधनों का विकास करना।
- शिक्षकों को बाल-केन्द्रित, गतिविधि-आधारित एवं समावेशी शिक्षण अपनाने में सहायता देना।
- विद्यालय भ्रमण, फीडबैक एवं अकादमिक मॉनीटरिंग के माध्यम से शिक्षण की गुणवत्ता सुधारना।
- क्रियात्मक अनुसंधान एवं नवाचारों के माध्यम से स्थानीय शैक्षिक समस्याओं के समाधान विकसित करना।
इस प्रकार DIET जिला स्तर पर शिक्षक के सतत् व्यावसायिक विकास और विद्यालयी गुणवत्ता-सुधार की महत्वपूर्ण संस्था है।
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