वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. फल का पेड़ से गिरना उदाहरण है-
(a) चुम्बकीय बल
(b) घर्षण बल
(c) गुरुत्व बल
(d) पेशीय बल
उत्तर: (c) : गुरुत्व बल : पृथ्वी जिस बल से किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है या जो बल पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु पर लगाया जाता है उसे गुरूत्वीय बल या गुरूत्व बल कहते हैं। जैसे - फल का पेड़ से गिरना।
चुम्बकीय बल : चुम्बकीय बल वह बल है जो एक चुम्बक द्वारा लोहा, निकल और कोबाल्ट जैसी कुछ धातुओं पर लगाता है यह बल एक प्रकार का गैर सम्पर्क बल है, क्योंकि यह दूर से कार्य कर सकता है। इसमें वस्तुओं का भौतिक सम्पर्क में होना आवश्यक नही है।
घर्षण बल : जब एक वस्तु दूसरे वस्तु पर चलती है अथवा चलने की चेष्टा करती है तब सम्पर्क सतह पर एक विरोधी बल कार्य करता है जो गति में बाँधा पहुँचाता है अथवा पहुँचाने की चेष्टा करता है इस बल को घर्षण बल कहते हैं।
पेशीय बल : जब हम अपने हाथ से कोई वस्तु उठाते है अथवा पैरों से किसी वस्तु को ठोकर मारते हैं तो पेशीय बल लगाते है, क्योंकि यह बल हमारी माँसपेशियों से लगता है हमारी माँसपेशियों के क्रियास्वरूप लगने वाले बल को पेशीय बल कहते हैं।
प्रश्न 2. बालू और लोहे की छीलन को पृथक् किया जाता है-
(a) बीन कर
(b) चुम्बकीय पृथक्करण द्वारा
(c) फटक कर
(d) चाल कर
उत्तर: (b) : चुम्बकीय पृथक्करण विधि चुम्बकीय पृथक्करण विधि इस सिद्वान्त पर कार्य करता है कि किसी अयस्क में उपस्थित धातु और अशुद्धियों में से एक चुम्बक से प्रभावित होती हो। इस विधि में अयस्क को बारीक पीसकर चुम्बक पर चलने वाले रबर के पट्टे (कन्वेयर बेल्ट) पर डाला जाता है चुम्बकीय पदार्थ पट्टे पर चिपके रहते हैं। जबकि अशुद्धियाँ चुम्बकीय पट्टीयों द्वारा अप्रभावित रहती है। इसलिए पट्टे से दूर जा कर गिरती है। इस प्रकार दो अलग-अलग ढेर लग जाते हैं इस प्रकार शुद्ध अयस्क और अशुद्धियाँ पृथक हो जाती है इस सम्पूर्ण विधि को चुम्बकीय पृथक्करण विधि कहते हैं जैसे बालू और लोहे का छीलन का मिश्रण।
प्रश्न 3. पत्ती द्वारा जनन होता है-
(a) अजूबा में
(b) बबूल में
(c) केला में
(d) आम में
उत्तर: (a) : अजूबा अजूबा में पत्तियों द्वारा जनन होता है। अजूबा की पत्तियाँ अपने ऊपर अपस्थानिक कलिकाँए तथा जड़ें उत्पन्न कर अनुकूल परिस्थितियों में जनन करती हैं तथा किनारे पर उपस्थित अपस्थानिक जड़ें नए पौधों को जन्म देती हैं।
प्रश्न 4. उभयचर जन्तु है-
(a) मेढ़क
(b) मछली
(c) चिड़ियाँ
(d) कुत्ता
उत्तर: (a) : उभयचर उभयचर कशेरूकी प्राणियों का एक बहुत महत्वपूर्ण वर्ग है जो जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार मत्स्य और सरीसृप वर्गों के बीच की श्रेणी में आते हैं। उभयचर जल तथा स्थल दोनों में रह सकते है इनमें अधिकांश में दो जोड़ी पैर होते हैं, शरीर शिर तथा धड़ में विभाजित होता है। जैसे, मेढ़क मगरमच्छ, केचुआं आदि। जबकि मछली जलचर, चिड़िया- नभचर, कुत्ता थलचर के अन्तर्गत आते हैं।
प्रश्न 5. द्रव्यमान का मानक मात्रक क्या है?
(a) क्विटल
(b) क्रिग्रा
(c) ग्राम
(d) न्यूटन
उत्तर: (b) : द्रव्यमान का S.I मात्रक किलोग्राम (kg) होता है अन्य मात्रक ग्राम (g) और मिलिग्राम (mg) है। जबकि बड़ा द्रव्यामान क्विंटल या मीट्रिक टन में मापा जाता है।
जहाँ - 1 क्विटल = 100 kg
1 मीट्रिक टन = 1000 Kg
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. पुष्प के मादा अंग का नाम लिखिए।
उत्तर: पुष्प के मादा जनन अंग स्त्रीकेसर होता है। स्त्रीकेसर में वतिर्काग्र, वर्तिका और अण्डाशय होते हैं। अंडाशय में एक या अधिक बीजाण्ड होते हैं। इसमें मादा युग्मक बनते हैं। यह मादा जनन अंग का मुख्य भाग होता है।
प्रश्न 7. सजीव का एक लक्षण लिखिए।
उत्तर: सजीव के लक्षण निम्न है -
(1) सजीवों में जीवन होता है और उनकी जन्म व मृत्यु निश्चित है लेकिन निर्जीवों में जीवन नही होता है।
(2) सजीव के प्रमुख लक्षण में श्वसन, उत्प्रेरणा, पोषण, वृद्धि, विकास तथा प्रतिक्रियाशीलता शामिल है。
प्रश्न 8. शाकाहारी तथा मांसाहारी जन्तुओं के दो-दो नाम लिखिए।
उत्तर: शाकाहारी: वे जीव जो केवल वनस्पत्ति एवं पौधे खाते है शाकाहरी जीव कहलाते हैं जैसे गाय, तोता, खरगोश आदि।
माँसाहारीः वे जीव जो केवल माँस खाते है माँसाहारी जीव कहलाते हैं। जैसे बाघ, चीता, शेर, सील, लोमड़ी आदि。
प्रश्न 9. घर्षण बल किसे कहते हैं?
उत्तर: घर्षण बलः दो सम्पर्क तत्वों के बीच सापेक्षिक गति का विरोध करने वाले बल को घर्षण बल कहते हैं। घर्षण के दो प्रकार है स्थैतिक घर्षण एवं गतिक घर्षण। स्थैतिक घर्षण दो पिण्डों के सम्पर्क पृष्ठ की सामान्तर दिशा में लगता है लेकिन गतिक घर्षण गति की दिशा पर निर्भर नहीं करती है。
प्रश्न 10. पदार्थ की कितनी भौतिक अवस्थाएँ होती हैं?
उत्तर: पदार्थ की तीन भौतिक अवस्था होती है-
(1) ठोस अवस्था
(2) द्रव अवस्था
(3) गैस अवस्था
उदाहरण: पानी बर्फ के रूप में ठोस अवस्था, पानी के रूप में द्रव अवस्था, तथा पानी भाप के रूप में गैस अवस्था में रह सकता है。
प्रश्न 11. जरायुज और अण्डायुज में क्या अन्तर है?
उत्तर: जरायुजः ऐसे जन्तु जो सीधे ही शिशुओं को जन्म देते हैं जरायुज कहलाते हैं। इसके अन्तर्गत स्तनधारी प्राणियों (पशु मनुष्य व अन्य स्तनी) को शामिल किया गया है。
अण्डायुज : वे जन्तु जो अण्डे देते हैं अण्डयुज जन्तु कहलाते है इस उपसमूह के अन्तर्गत अण्डे देने वाले जन्तु (उभयचर, मत्स्य, सरीसृप, उभयचर) आदि शामिल है。
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. गति किसे कहते हैं? गति के प्रकार लिखिए।
उत्तर: किसी भी दिशा में वस्तु की स्थिति बदलने को गति कहा जाता है, अर्थात समय के सापेक्ष वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं।
गति के प्रकार होते हैं-
(i) एक समान गति
(ii) परिवर्तनीय गति
(iii) औसत गति
(iv) तात्कालिक गति
(i) एक समान गति :- एक वस्तु को समान गति में तब कहा जाता है जब वस्तु समान समय अंतराल में समान दूरी को तय करती है ।
(ii) परिवर्तनीय गति एक वस्तु को परिवर्तनीय गति में तब कहा जाता है, जब वस्तु समय के समान अन्तराल पर एक अलग दूरी को तय करती है。
(iii) औसत गति : औसत गति को एक समान गति के रूप में परिभाषित किया जाता है जो वस्तु द्वारा यात्रा की गई कुल दूरी तथा वस्तु द्वारा यात्रा की गई कुल समय का अनुपात होता है。
(iv) तात्कालिक गति : जब कोई वस्तु परिर्वतनीय गति के साथ आगे बढ़ रही होती है, तो किसी भी क्षण में उस वस्तु की गति को तात्कालिक गति के रूप में जाना जाता है。
प्रश्न 13. जरायुज और अण्डयुज में क्या अन्तर है?
उत्तर: जरायुजः ये शिशुओं को जन्म देते हैं निषेचित अण्डे (युग्मनज) में कवक नहीं होता है, इसमें मादा जनक शरीर के भीतर शिशु का विकास होता है, जैसे- बिच्छू के जीवित रहने के आसार ज्यादा होते है क्योंकि वह मादा जनक शरीर के भीतर पूरी देखभाल में वृद्धि करता है जैसे स्तनधारी, मनुष्य, पशु इत्यादि。
अण्डयुजः ये निषेचित या अनिषेचित अण्डे देते हैं इनके अण्डे कैल्सियम युक्त कवच से ढके होते हैं। शिशु के जीवित रहने के आसार कम होते हैं। क्योंकि मादा शरीर के बाहर अण्डे देती है वहीं युग्मनज का विकास होता है। जैसे सरीसृप, पक्षी, आदि ।
प्रश्न 14. मरुस्थलीय पौधों की पत्तियाँ प्रायः नुकीली क्यों होती हैं? इन पौधों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: मरूस्थलीय पौधों की पत्तियाँ प्रायः नुकीली या काँटेदार होती है क्योंकि इनकी जड़ों की यह विशेषता होती है कि वे पौधों के लिए जल भरण का कार्य करती है। यही कारण है कि मरूस्थलीय क्षेत्र में जल का स्तर अत्यधिक नीचे होने के कारण ये जल की खोज में काफी नीचे तक पहुँच जाती हैं। मरूस्थलीय क्षेत्र में वार्षिक वर्षा लगभग नगण्य होने के कारण जल का स्तर बहुत नीचे रहता है जिससे वहाँ कम पानी सोखने वाले पौधे ही उगते हैं तथा जिसकी पत्तियाँ कटीली या नुकीली जल अवशोषित करने वाली होती हैं。
उदाहरण: नागफनी, खेजड़ी, युफोर्बिय, एकासिया, कैजुराइना आदि。
मरूस्थलीय पौधों की विशेषता :- मरूस्थलीय पौधे कम पानी में जीवित रह सकते हैं इनकी पत्तियों में रध्र होते हैं जिससे वाष्पोत्सर्जन कम होता है ताकि पादप जल संरक्षण कर लम्बे समय तक जीवित रहे। इनकी पत्तियों में रन्ध्रो की संख्या अन्य पादपों की तुलना में कम होती है। रन्ध्र पत्तियों की निचली सतह पर होते हैं पादप कम पानी की उपस्थिति में भी जीवनयापन कर लेते हैं।
प्रश्न 15. पुष्प के कितने भाग होते हैं? प्रत्येक का नाम लिखिए।
उत्तर: पुष्प के निम्नलिखित भाग होते हैं-
(1) बाह्य दल
(2) दल (पंखुड़ी)
(3) पुंकेसर
(4) स्त्रीकेसर
(1) बाह्य दलः फूल में यह पत्तों का बाह्य दल होता है यह सामान्यतः हरे होते है तथा फूल के अन्दर वाले भागों की रक्षा करते है इन्हे हरी पत्तियाँ भी कहते है। बाह्य दल वर्षा तथा धूप से पुष्प की सुरक्षा करते हैं।
(2) दल (पंखुड़ी) : यह फूल में पत्तियों का दूसरा चक्र होता है यह बाह्य दल चक्र के भीतर या ऊपर रंगीन पत्रों का एक चक्र होता है। इन रंगीन पत्रों को दल (पंखुड़ी) कहते है। यह कीटों को आकर्षित करती तथा परागण में सहायता करती है。
(3) पुंकेसर : यह पुष्प का तीसरा चक्र एवं नर भाग होता है। इसमें लम्बी लम्बी रचनाएँ होती हैं जिन्हे पुंकेसर कहते हैं। पुंकेसर पुष्प का वास्तविक नर जनन भाग है。
(4) स्त्रीकेसर : यह फूल का मादा जनन अंग है, स्त्रीकेसर मुख्य तीन भागों का बना होता है आधार पर उभरा हुआ भाग अण्डाशय है। मध्य में लम्बा भाग वर्तिका तथा शीर्ष भाग वर्तिकाग्र है। जो प्रायः चिपचिपा होता है जिस पर परागकण आकर चिपक जाते है अण्डाशय बीजाण्ड होते है तथा प्रत्येक बीजाण्ड में एक अण्ड कोशिका होती है। इस अण्ड कोशिका में भी गुण सूत्रों की संख्या अगुणित होती है।
प्रश्न 16. तम्बाकू के सेवन से होने वाली दो हानियाँ लिखिए।
उत्तर: तम्बाकू के सेवन से होने वाली हानियाँ निम्न है-
(i) तम्बाकू के लगातार सेवन से मुहँ जीभ गले व फेफड़े आदि का कैंसर होने की सम्भवना बढ़ जाती है।
(ii) गर्भवती महिलाओं द्वारा तम्बाकू का सेवन करने पर भ्रूण विकास की गति मंद पड़ जाती है。
(iii) तम्बाकू में पाये जाने वाला निकोटिन धमनियों की दीवारों को मोटा कर देती है जिससे रक्तदाब (BP) हृदय स्पंदन की दर बढ़ जाती है。
(iv) सिगरेट के धुँए में उपस्थित कार्बन मोनोआक्साइड लाल रूधिर कणिकाओं को नष्ट कर रूधिर की ऑक्सीजन परिवहन की क्षमता कम कर देती है。
प्रश्न 17. मृतिका किसे कहते हैं? इसमें किस प्रकार की मिट्टी उपयोग में लायी जाती है?
उत्तर: मृतिका एक व्यापक शब्द है प्रायः माइक्रॉन से छोटे व्यास वाले कणों वाले अवशादी शैलो को मृतिका कहते हैं।
चार प्रकार की मिट्टी प्रयोग में लायी जाती है-
(i) जलोढ़ मिट्टी
(ii) लाल मिट्टी
(iii) काली मिट्टी
(iv) लैटेराइट मिट्टी
प्रश्न 18. पर-परागण के दो लाभ लिखिए।
उत्तर: पर-परागण के लाभ निम्न हैं-
(i) पर-परागण से नई जातियाँ उत्पन्न होती हैं ।
(ii) पर-परागण से उत्पन्न बीजों से बने पौधें मजबूत तथा स्वस्थ होते हैं।
(iii) पर-परागण से बीज अधिक संख्या में बनते हैं。
(iv) पर-परागण से फल अधिक संख्या में बनते हैं।