वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से उभयचर प्राणी है
(a) खरगोश
(b) चूहा
(c) कछुआ
(d) गाय
उत्तर: (c) : वैसे जीव जो जल, स्थल दोनों जगह रह सकते हैं उन्हें उभयचर जन्तु कहते हैं। जैसे- मेंढक, मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुआ, बत्तख, सेलामेंडर, घोंघा आदि।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा मछली का अनुकूलन अंग नही है?
(a) धारा-रेखित शरीर
(b) पंख
(c) गलफड़े
(d) फेफड़ा
उत्तर: (d) : फेफड़ा मछली का अनुकूलन अंग नही हैं। मछलियों का शरीर मुख्यतः धारा-रेखीय होता हैं। इनकी यह आकृति इन्हें जल में तैरने में सहायता करती है। इनका शरीर चिकने शल्कों से ढका होता है। यह शल्क इन्हें सुरक्षा के साथ-साथ तैरने में भी सहायता करते हैं। इसके अलावा इनके पंख व पूँछ चपटी होती है जो इन्हें जल में दिशा परिवर्तन एवं संतुलन बनाये रखने में सहायता करते हैं। इनमें गलफड़े (गिल) क्लोम होते हैं, जो इन्हें जल में श्वास लेने में सहायता करते हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से यौगिक है -
(a) जल
(b) सोना
(c) पीतल
(d) चाँदी
उत्तर: (a) : यौगिक (compound) बह शुद्ध पदार्थ जो रासायनिक रूप से दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रायायनिक संयोग से बने हैं, यौगिक कहलाते हैं, जैसे जल।
- सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा आदि धातु हैं।
- पीतल, काँसा, गनमेटल आदि मिश्र धातु हैं।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि घुलनशील ठोस पदार्थो को द्रव पृथक करना है?
(a) निथारना
(b) वाष्पीकरण
(c) तलछटीकरण
(d) छानना
उत्तर: (b) : वाष्पीकरण (Vaporization): द्रव से वाष्प में परिणत होने की क्रिया 'वाष्पीकरण' कहलाती है।
प्रश्न 5. किसी वस्तु के तल के क्षेत्रफल का मात्रक है
(a) घन मीटर
(b) मीटर
(c) वर्ग मीटर
(d) किलोमीटर
उत्तर: (c) : किसी वस्तु के तल के क्षेत्रफल का मात्रक वर्ग मीटर है।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. घर्षण बल किसे कहते हैं लिखिये ।
उत्तर: जब किसी वस्तु की सतह पर किसी अन्य वस्तु को गति कराने का प्रयास किया जाता है या गति कराया जाता है तो दोनों सतह के बीच में एक बल उत्पन्न होता है। जिसे घर्षण बल कहते हैं। यह तीन प्रकार का होता है।
- स्थैतिक घर्षण बल
- सर्पी घर्षण बल
- लोटनिक घर्षण बल
प्रश्न 7. पेड़-पौधों में अलैंगिक प्रजनन विधियों का नाम लिखिए ।
उत्तर: पेड़-पौधों में अलैंगिक प्रजन्नन विधियाँ निम्न हैं-
- खंडन
- मुकुलन
- बीजाणु निर्माण
- कायिक प्रवर्धन
प्रश्न 8. पत्तियों का मुख्य कार्य लिखिए ।
उत्तर: पत्तियों में क्लोरोफिल पाया जाता है। जो प्रकाश संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पत्तियाँ प्रकाश संश्लेषण की क्रिया द्वारा पौधो के लिए भोजन का निमार्ण करती हैं। पत्तियाँ प्रकाश संश्लेषण एवं श्वसन के लिए विभिन्न गैसों का आदान-प्रदान करती हैं।
प्रश्न 9. ऊर्ध्वपातन किसे कहते हैं? उदाहरण देकर लिखिए ।
उत्तर: ऊर्ध्वपातन वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी ठोस पदार्थ को गर्म करने पर सीधे गैस में और ठण्डा करने पर फिर से ठोस अवस्था में आ जाता है।
उदाहरण-
- अमोनियम क्लोराइड
- कपूर
- आयोडीन
- नेफ्थलीन
- शुष्क बर्फ
प्रश्न 10. घूमते हुए लट्टू में किस प्रकार की गति होती है ?
उत्तर: घूमते हुये लट्टू में घूर्णन गति होती है। एक केन्द्रीय रेखा के परितः किसी वस्तु की वृत्तीय गति को घूर्णन गति कहते हैं।
प्रश्न 11. हमारे शरीर में कितनी ज्ञानेन्द्रियाँ पाई जाती हैं, नाम लिखिए ।
उत्तर: हमारे शरीर में पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ पाई जाती है।
- आँख
- कान
- जीभ
- नाक
- त्वचा
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. मरूस्थलीय पौधों की पत्तियाँ प्रायः नुकीली क्यों होती हैं? इन पौधों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: मरूस्थलीय क्षेत्रों में जल की अत्यधिक कमी होती है। इसलिए इन पौधों की पत्तियाँ प्रायः छोटी या काँटों के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं, जिससे पत्तियों का सतही क्षेत्र कम हो जाता है और वाष्पोत्सर्जन द्वारा जल की हानि कम होती है।
मरूस्थलीय पौधों की मुख्य विशेषताएँ-
- इनकी जड़ें प्रायः लम्बी और गहरी होती हैं, जिससे भूमि की गहराई से जल प्राप्त किया जा सके।
- पत्तियाँ छोटी या काँटों के रूप में परिवर्तित हो सकती हैं, जिससे जल की हानि कम होती है।
- तना प्रायः मोटा, हरा और मांसल होता है तथा जल का संग्रह करता है।
- तने एवं पत्तियों पर मोटी मोमी परत पाई जा सकती है, जो वाष्पोत्सर्जन को कम करती है।
प्रश्न 13. एक बर्तन की धारिता 12 लीटर है। इसकी धारिता घन सेन्टीमीटर एवं घन मीटर में ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
दिया है- बर्तन की धारिता = 12 लीटर
घन सेन्टीमीटर में-
घन मीटर में-
अतः बर्तन की धारिता = 12000 cm3 = 0.012 m3।
प्रश्न 14. बीनना एवं फटकना पृथक्करण की विधियों को सोदाहरण समझाइए ।
उत्तर:
बीनना- किसी ठोस मिश्रण में उपस्थित आकार, रंग या आकृति में स्पष्ट रूप से भिन्न अशुद्धियों को हाथ से चुनकर अलग करने की विधि बीनना कहलाती है।
उदाहरण - चावल या दाल में से कंकड़-पत्थर चुनकर अलग करना।
फटकना - वायु की सहायता से हल्के तथा भारी ठोस पदार्थों को अलग करने की विधि फटकना कहलाती है। इसमें हल्की भूसी हवा के साथ दूर चली जाती है और भारी अनाज नीचे गिर जाता है।
उदाहरण - अनाज से भूसी को अलग करना।
प्रश्न 15. बीजों की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए। मूलांकुर व प्रांकुर से क्या बनता है ?
उत्तर: सामान्यतः बीज के बाहर बीजावरण पाया जाता है, जो बीज की रक्षा करता है। बीजावरण की बाहरी परत को बीजचोल तथा भीतरी परत को टेगमेन कहते हैं। बीजावरण पर नाभि तथा बीजाण्डद्वार पाए जाते हैं। बीज के भीतर भ्रूण स्थित होता है, जिसमें बीजपत्र, प्रांकुर तथा मूलांकुर प्रमुख भाग होते हैं।
- मूलांकुर- अंकुरण के बाद इससे पौधे की जड़ का निर्माण होता है।
- प्रांकुर- अंकुरण के बाद इससे तना तथा पत्तियों सहित प्ररोह तंत्र का निर्माण होता है।
प्रश्न 16. गुरूत्व बल एवं पेशीय बल को उदाहरण द्वारा समझाइए ।
उत्तर:
गुरुत्व बल- गुरूत्व बल वह है जो वस्तुओं को पृथ्वी के केंद्र की ओर गिरने का कारण बनता है। किसी वस्तु पर पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल को प्रायः उस वस्तु पर पृथ्वी का गुरूत्व बल कहा जाता है।
उदाहरण- पृथ्वी सूर्य के चारों ओर और चन्द्रमा पृथ्वी के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही घूमता है।
पेशीय बल- वह बल जो मांसपेशियों की क्रिया के कारण, मांसपेशियों के विस्तार और संकुचन के कारण उत्पन्न होता हैं। खींचने, उठाने, धक्का देने और दौड़ने के लिए पेशीय बल की आवश्यकता होती है।
उदाहरण-
- चलना
- दौड़ना
- कूदना
प्रश्न 17. बीजों का प्रकीर्णन किसे कहते हैं ? किन-किन विधियों द्वारा बीजों का प्रकीर्णन होता है ?
उत्तर: बीजों का प्रकीर्णन- बीजों का अपने मूल पौधे से दूर विभिन्न स्थानों तक पहुँचना बीज प्रकीर्णन कहलाता है। इससे पौधों को स्थान, प्रकाश, जल तथा पोषक पदार्थों के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्धा से बचने में सहायता मिलती है।
बीजों के प्रकीर्णन की प्रमुख विधियाँ-
- वायु द्वारा- हल्के, पंखयुक्त या रोमयुक्त बीज हवा के साथ दूर तक चले जाते हैं। जैसे- कपास, मदार।
- जल द्वारा- हल्के और तैरने योग्य फल या बीज जल के साथ दूर तक पहुँच जाते हैं। जैसे- नारियल।
- जन्तुओं द्वारा- कुछ बीज या फल जन्तुओं के शरीर से चिपककर अथवा उनके द्वारा खाए जाने के बाद दूसरे स्थानों तक पहुँचते हैं।
- फल के फटने द्वारा- कुछ फलों के पकने पर वे अचानक फट जाते हैं और उनके बीज दूर जाकर गिरते हैं। जैसे- मटर, बालसम।
प्रश्न 18. पुष्प के कितने भाग होते हैं ? उनके भागों का चित्र बनाकर एक कार्य संक्षेप में बताइए ।
उत्तर: एक सामान्य पुष्प के चार मुख्य चक्र या भाग होते हैं-
- बाह्यदलपुंज- यह पुष्प का सबसे बाहरी भाग है। इसका मुख्य कार्य कली अवस्था में पुष्प की रक्षा करना है।
- दलपुंज- यह प्रायः रंगीन होता है। इसका मुख्य कार्य कीटों एवं अन्य परागणकर्ताओं को आकर्षित करना है।
- पुमंग- यह पुष्प का नर जनन भाग है। पुंकेसर के परागकोष में परागकण बनते हैं।
- जायांग- यह पुष्प का मादा जनन भाग है। इसके अण्डाशय में बीजाण्ड पाए जाते हैं।
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