वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. बाल विकास की अवस्थाएँ होती हैं-
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
उत्तर: (b) 3।
व्याख्या : बाल विकास की तीन प्रमुख अवस्थाएँ मानी जाती हैं—शैशवावस्था, बाल्यावस्था और किशोरावस्था। प्रौढ़ावस्था बाल विकास की अवस्था नहीं है।
प्रश्न 2. बाल-मनोविज्ञान का सर्वाधिक महत्त्व है-
(a) बाल विकास की दृष्टि से
(b) बाल शिक्षा की दृष्टि से
(c) बाल विकास एवं शिक्षा की दृष्टि से
(d) बाल समायोजन की दृष्टि से
उत्तर: (c) बाल विकास एवं शिक्षा की दृष्टि से।
व्याख्या : बाल-मनोविज्ञान बालक के विकास, व्यवहार, अधिगम, रुचि, आवश्यकता और वैयक्तिक भिन्नताओं को समझने में सहायता करता है, इसलिए इसका महत्त्व बाल विकास और शिक्षा दोनों की दृष्टि से है।
प्रश्न 3. "किशोरावस्था बड़े बल, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था है" यह कथन है-
(a) किलपैट्रिक
(b) स्टैनले हॉल
(c) टी. पी. नन
(d) वाटसन
उत्तर: (b) स्टैनले हॉल।
व्याख्या : जी. स्टैनले हॉल ने किशोरावस्था को तूफान और तनाव (Storm and Stress) की अवस्था कहा।
प्रश्न 4. प्रयास तथा त्रुटि सिद्धान्त के प्रतिपादक हैं-
(a) सी. एल. हल
(b) पावलॉव
(c) थार्नडाइक
(d) वुडवर्थ
उत्तर: (c) थार्नडाइक।
व्याख्या : एडवर्ड एल. थार्नडाइक ने प्रयत्न एवं भूल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। इसके अनुसार सफल प्रतिक्रिया अभ्यास द्वारा दृढ़ होती जाती है।
प्रश्न 5. केन्द्रीय प्रवृत्ति का मापक नहीं है-
(a) मध्यमान
(b) मध्यांक
(c) प्रसार
(d) बहुलक
उत्तर: (c) प्रसार।
व्याख्या : केन्द्रीय प्रवृत्ति के तीन प्रमुख मापक माध्य, माध्यिका और बहुलक हैं। प्रसार आँकड़ों के फैलाव का माप है।
प्रश्न 6. किशोरावस्था की विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करने वाला एक शब्द है-
(a) विकास
(b) परिवर्तन
(c) समायोजन
(d) अस्थिरता
उत्तर: (b) परिवर्तन।
व्याख्या : किशोरावस्था में तीव्र शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक परिवर्तन होते हैं, इसलिए परिवर्तन इस अवस्था की प्रमुख विशेषता है।
प्रश्न 7. बाल विकास को प्रभावित करने वाला कारक नहीं है-
(a) पोषण
(b) लिंग-भेद
(c) संस्कृति
(d) वातावरण
उत्तर: यह प्रश्न तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि पोषण, लिंग, संस्कृति और वातावरण—सभी बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं।
व्याख्या : बालक का विकास जैविक एवं वातावरणीय दोनों प्रकार के कारकों से प्रभावित होता है। लिंग भी जैविक विकास तथा विकास की गति में अन्तर से सम्बन्धित कारक हो सकता है।
प्रश्न 8. अभ्यास और अनुभव के द्वारा व्यवहार में होने वाला परिवर्तन कहलाता है-
(a) अवधान
(b) प्रेरणा
(c) प्रतिकार
(d) अधिगम
उत्तर: (d) अधिगम।
व्याख्या : अभ्यास और अनुभव के फलस्वरूप व्यवहार या व्यवहार-क्षमता में होने वाले अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।
प्रश्न 9. पदों के योग में पदों की संख्या से भाग देने पर जो प्राप्त होता है, कहलाता है-
(a) प्रसरण
(b) माध्यिका
(c) बहुलक
(d) माध्य
उत्तर: (d) माध्य।
व्याख्या : सभी पदों के योग को पदों की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान को माध्य या मध्यमान कहते हैं।
प्रश्न 10. बालकों में स्वतन्त्रता की आकांक्षा किस अवस्था में प्रबल हो जाती है?
(a) किशोरावस्था
(b) शैशवावस्था
(c) बाल्यावस्था
(d) प्रौढ़ावस्था
उत्तर: (a) किशोरावस्था।
व्याख्या : किशोरावस्था में आत्मनिर्भरता, स्वतन्त्र निर्णय और अपनी अलग पहचान स्थापित करने की इच्छा तीव्र होने लगती है।
प्रश्न 11. "जिन तथ्यों को भूतकाल में सीखा जा चुका है, उन्हें स्मरण करना ही स्मृति है।" यह कथन है-
(a) रॉस का
(b) वुडवर्थ का
(c) रायबर्न का
(d) स्किनर का
उत्तर: (b) वुडवर्थ का।
व्याख्या : वुडवर्थ ने स्मृति को पूर्व में सीखी गई सामग्री के पुनः उपयोग अथवा स्मरण से सम्बन्धित माना है।
प्रश्न 12. सी. ए. टी. परीक्षण किस आयु के बच्चों के व्यक्तित्व का मूल्यांकन करने हेतु प्रयुक्त होता है-
(a) 01 से 05 वर्ष
(b) 03 से 11 वर्ष
(c) 11 से 13 वर्ष
(d) 11 से 15 वर्ष
उत्तर: (b) 03 से 11 वर्ष।
व्याख्या : दिए गए विकल्पों में (b) अपेक्षित उत्तर है। Children's Apperception Test (CAT) छोटे बच्चों के व्यक्तित्व के अध्ययन के लिए प्रयुक्त एक प्रक्षेपी परीक्षण है।
प्रश्न 13. संवेग का प्रकार नहीं है-
(a) क्रोध
(b) भय
(c) ध्यान
(d) प्रेम
उत्तर: (c) ध्यान।
व्याख्या : भय, क्रोध और प्रेम संवेग हैं, जबकि ध्यान या अवधान किसी वस्तु या विचार पर चेतना को केन्द्रित करने की मानसिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 14. प्रतिभाशाली बालक की बुद्धिलब्धि होती है-
(a) 80 से 90
(b) 110 से 120
(c) 140 से अधिक
(d) 100 से 120
उत्तर: (c) 140 से अधिक।
व्याख्या : इस प्रश्न में प्रयुक्त पारम्परिक बुद्धिलब्धि-वर्गीकरण के अनुसार 140 से अधिक IQ वाले बालक को प्रतिभाशाली माना गया है।
प्रश्न 15. पियाजे के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की स्थितियाँ हैं-
(a) दो
(b) चार
(c) छः
(d) तीन
उत्तर: (b) चार।
व्याख्या : पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ बताईं—संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था।
Advertisement
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. बुद्धिलब्धि निकालने का सूत्र क्या है?
उत्तर: पारम्परिक बुद्धिलब्धि का सूत्र है—
प्रश्न 17. सृजनात्मकता से क्या आशय है?
उत्तर: नवीन, मौलिक और उपयोगी विचार, समाधान या रचना उत्पन्न करने की योग्यता को सृजनात्मकता कहते हैं।
प्रश्न 18. व्यक्तित्व की एक परिभाषा लिखिए।
उत्तर: व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा व्यवहारगत विशेषताओं के संगठित स्वरूप को व्यक्तित्व कहते हैं।
प्रश्न 19. 'रोर्शाक परीक्षण' विधि को किस मनोवैज्ञानिक ने आरम्भ किया था?
उत्तर: रोर्शाक परीक्षण का विकास स्विस मनोचिकित्सक हरमन रोर्शाक ने किया था।
प्रश्न 20. 'मध्यमान' का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर: जब सभी संख्यात्मक प्राप्तांकों को सम्मिलित करके उनका एक प्रतिनिधि औसत ज्ञात करना हो, तब मध्यमान का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 21. मध्यांक की कोई एक परिभाषा लिखिए।
उत्तर: क्रमबद्ध आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँटने वाले मध्य मान को मध्यांक या माध्यिका कहते हैं।
प्रश्न 22. सीखने के वक्र में सीखने में उन्नति होना किस रूप में प्रदर्शित की जाती है?
उत्तर: सीखने में उन्नति को अधिगम-वक्र में सामान्यतः ऊपर की ओर बढ़ते हुए वक्र के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
प्रश्न 23. बालक की वृद्धि कब रुक जाती है?
उत्तर: शारीरिक वृद्धि परिपक्वता प्राप्त होने पर धीरे-धीरे स्थिर हो जाती है; सामान्यतः इसे लगभग 20-25 वर्ष तक पूर्णता की ओर माना जाता है।
प्रश्न 24. टी. ए. टी. का सम्बन्ध किससे है?
उत्तर: टी. ए. टी. (Thematic Apperception Test) एक प्रक्षेपी व्यक्तित्व परीक्षण है, जिसका विकास मरे एवं मॉर्गन ने किया।
प्रश्न 25. स्मृति का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: स्मृति का मुख्य कार्य पूर्व अनुभवों और सीखी गई सामग्री को धारण करना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः स्मरण करना है।
प्रश्न 26. सक्रिय विस्मृति से क्या आशय है?
उत्तर: जब व्यक्ति जानबूझकर किसी अप्रिय या अनुपयोगी अनुभव को भूलने का प्रयास करता है, तो उसे सक्रिय विस्मृति कहते हैं।
प्रश्न 27. अभिप्रेरणा का क्या अर्थ है?
उत्तर: व्यक्ति के व्यवहार को सक्रिय करके उसे किसी लक्ष्य की ओर निर्देशित करने वाली आन्तरिक शक्ति को अभिप्रेरणा कहते हैं।
प्रश्न 28. 'हल' के अनुसार सीखने की प्रक्रिया का आधार क्या है?
उत्तर: सी. एल. हल के अनुसार सीखने का आधार आवश्यकता की पूर्ति या प्रणोद-न्यूनीकरण तथा प्रबलन है।
प्रश्न 29. सीखने की कोई एक परिभाषा लिखिए।
उत्तर: अनुभव एवं अभ्यास के फलस्वरूप व्यवहार या व्यवहार-क्षमता में होने वाले अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।
प्रश्न 30. बच्चों के भाषा ज्ञान में अवरोधक दो कारण लिखिए।
उत्तर: भाषा विकास में प्रमुख अवरोधक कारण हैं—श्रवण-दोष तथा वाक्-अंगों/उच्चारण सम्बन्धी दोष।
Advertisement
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. बाल विकास की आवश्यकता पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
उत्तर: बालक के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक और भाषा सम्बन्धी परिवर्तनों को समझने के लिए बाल विकास का ज्ञान आवश्यक है। इसके माध्यम से शिक्षक बालक की आयु, क्षमता और आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण की योजना बना सकता है।
बाल विकास के अध्ययन की प्रमुख आवश्यकताएँ-
- बालक की विभिन्न विकासात्मक अवस्थाओं को समझने में सहायता मिलती है।
- आयु के अनुसार अपेक्षित व्यवहार और क्षमताओं का ज्ञान होता है।
- वैयक्तिक भिन्नताओं को समझकर उचित शिक्षण दिया जा सकता है।
- बालक की रुचि, आवश्यकता और योग्यता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।
- विकास सम्बन्धी कठिनाइयों और समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है।
- शिक्षक और अभिभावक बालक के सर्वांगीण विकास में बेहतर सहयोग कर सकते हैं।
प्रश्न 32. बाल्यावस्था में संवेगात्मक विकास कैसे होता है?
उत्तर: बाल्यावस्था में संवेग पहले की अपेक्षा अधिक स्पष्ट और नियंत्रित होने लगते हैं। बालक धीरे-धीरे यह सीखता है कि विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में अपने संवेगों को किस प्रकार उचित ढंग से व्यक्त करना चाहिए।
इस अवस्था में संवेगात्मक विकास की प्रमुख विशेषताएँ-
- संवेगों की तीव्रता और अभिव्यक्ति पर नियंत्रण बढ़ता है।
- भय, क्रोध, प्रेम, ईर्ष्या, प्रसन्नता और निराशा जैसे संवेग अधिक स्पष्ट होते हैं।
- परिवार, शिक्षक और मित्रों की प्रतिक्रिया संवेगात्मक व्यवहार को प्रभावित करती है।
- बालक सामाजिक रूप से स्वीकार्य ढंग से अपनी भावनाएँ व्यक्त करना सीखता है।
- सहानुभूति, सहयोग और दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता विकसित होती है।
प्रश्न 33. बच्चों में सृजनात्मक क्षमता का विकास कैसे किया जाता है?
उत्तर: बच्चों में सृजनात्मकता के विकास के लिए ऐसा वातावरण आवश्यक है जिसमें उन्हें स्वतन्त्र रूप से सोचने, प्रश्न पूछने, नए विचार प्रस्तुत करने और विभिन्न समाधान खोजने के अवसर मिलें।
सृजनात्मकता विकसित करने के उपाय-
- बालकों की जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना।
- मौलिक उत्तरों और नए विचारों को महत्त्व देना।
- चित्रकला, कहानी, कविता, मॉडल और रचनात्मक लेखन के अवसर देना।
- एक ही समस्या के अनेक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना।
- गलती करने के भय और अनावश्यक आलोचना से मुक्त वातावरण देना।
- खेल, प्रयोग तथा समस्या-समाधान आधारित गतिविधियाँ कराना।
प्रश्न 34. बहिर्मुखी व्यक्तित्व की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर: बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाला व्यक्ति सामान्यतः बाहरी संसार, सामाजिक सम्बन्धों और समूहगत गतिविधियों में अधिक रुचि रखता है। वह लोगों के बीच रहकर तथा संवाद करके सहज अनुभव करता है।
बहिर्मुखी व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ-
- मिलनसार और सामाजिक होना।
- दूसरों से बातचीत करने में रुचि रखना।
- समूहगत गतिविधियों में सक्रिय भाग लेना।
- भावनाओं और विचारों को अपेक्षाकृत सहज रूप से व्यक्त करना।
- बाह्य गतिविधियों एवं नए अनुभवों में रुचि लेना।
- सामाजिक परिस्थितियों में अपेक्षाकृत सहज रहना।
प्रश्न 35. बच्चों में कल्पना शक्ति का विकास किस प्रकार किया जा सकता है?
उत्तर: कल्पना शक्ति के विकास के लिए बच्चों को ऐसे अनुभव और गतिविधियाँ प्रदान करनी चाहिए जिनमें वे स्वयं विचार करें, नई परिस्थितियों की कल्पना करें और अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकें।
कल्पना शक्ति के विकास के उपाय-
- कहानियाँ और बाल-साहित्य पढ़ने-सुनने के अवसर देना।
- चित्र देखकर कहानी बनाने को कहना।
- भूमिका-अभिनय और नाटकीय गतिविधियाँ कराना।
- चित्रकला, हस्तकला और रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करना।
- खुले और कल्पनात्मक खेल खेलने देना।
- नई परिस्थितियों और समस्याओं पर स्वतन्त्र रूप से विचार करने देना।
प्रश्न 36. बाल विकास पर वंशानुक्रम का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: वंशानुक्रम के माध्यम से बालक को माता-पिता से विभिन्न आनुवंशिक विशेषताएँ प्राप्त होती हैं। ये विशेषताएँ उसके विकास की सम्भावनाओं और सीमाओं को प्रभावित करती हैं, जबकि उनका वास्तविक विकास वातावरण और अनुभवों की पारस्परिक क्रिया पर भी निर्भर करता है।
बाल विकास पर वंशानुक्रम के प्रमुख प्रभाव-
- शारीरिक बनावट, ऊँचाई और शरीर की संरचना पर प्रभाव।
- आँखों, त्वचा और बालों के रंग जैसी जैविक विशेषताओं पर प्रभाव।
- स्नायु-तन्त्र और शारीरिक परिपक्वता पर प्रभाव।
- कुछ मानसिक योग्यताओं की विकास-सम्भावना पर प्रभाव।
- कुछ रोगों और जैविक अवस्थाओं के प्रति आनुवंशिक प्रवृत्ति।
अतः बालक का विकास केवल वंशानुक्रम से निर्धारित नहीं होता, बल्कि वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की अन्तःक्रिया का परिणाम होता है।
प्रश्न 37. अनुकरण द्वारा सीखने का क्या आशय है?
उत्तर: जब बालक किसी अन्य व्यक्ति के व्यवहार, क्रिया, भाषा या कौशल को देखकर उसी प्रकार करने का प्रयास करता है और उसे सीखता है, तो इसे अनुकरण द्वारा सीखना कहते हैं।
बालक माता-पिता, शिक्षक, सहपाठी तथा अन्य आदर्श व्यक्तियों को देखकर बोलना, व्यवहार करना, सामाजिक नियमों का पालन करना और अनेक व्यावहारिक कौशल सीखता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार विद्यार्थियों के लिए अनुकरण योग्य होना चाहिए।
प्रश्न 38. कोहलर के सूझ या अन्तर्दृष्टि सिद्धान्त की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: कोहलर का अन्तर्दृष्टि या सूझ द्वारा अधिगम सिद्धान्त गेस्टाल्ट मनोविज्ञान पर आधारित है। इसके अनुसार जीव समस्या की सम्पूर्ण परिस्थिति तथा उसके विभिन्न भागों के सम्बन्ध को समझकर समाधान प्राप्त करता है।
अन्तर्दृष्टि अधिगम की प्रमुख विशेषताएँ-
- समस्या की सम्पूर्ण परिस्थिति का प्रत्यक्षीकरण होता है।
- समस्या के विभिन्न अंगों के सम्बन्ध को समझा जाता है।
- उचित समाधान कई बार अचानक सूझता है।
- बुद्धि और पूर्व अनुभव की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।
- समाधान केवल अन्धाधुन्ध प्रयत्न एवं भूल पर निर्भर नहीं करता।
- एक बार प्राप्त सूझ का समान परिस्थितियों में उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 39. सीखने में पठार के क्या कारण हैं? संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: अधिगम की वह अवस्था जिसमें कुछ समय के लिए सीखने की प्रगति रुक जाती है और अधिगम-वक्र लगभग समतल दिखाई देता है, अधिगम का पठार कहलाता है।
अधिगम-पठार के प्रमुख कारण-
- शारीरिक या मानसिक थकान।
- रुचि एवं अभिप्रेरणा की कमी।
- सीखने की अनुपयुक्त विधि।
- कार्य का अत्यधिक कठिन या जटिल होना।
- पुरानी आदतों का नई सीख में बाधा डालना।
- अपर्याप्त या एकरस अभ्यास।
- ध्यान और एकाग्रता में कमी।
- उचित मार्गदर्शन तथा प्रतिपुष्टि का अभाव।
प्रश्न 40. स्मृति के प्रभावी कारकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: स्मृति की प्रभावशीलता अनेक शारीरिक, मानसिक और अधिगम सम्बन्धी कारकों पर निर्भर करती है। अनुकूल परिस्थितियों में सीखी गई सामग्री अधिक समय तक स्मरण रहती है।
स्मृति को प्रभावी बनाने वाले प्रमुख कारक-
- ध्यान एवं एकाग्रता : ध्यानपूर्वक सीखी गई सामग्री अधिक अच्छी तरह याद रहती है।
- रुचि : रुचिकर विषय अपेक्षाकृत शीघ्र और अधिक समय तक स्मरण रहता है।
- अर्थपूर्ण अधिगम : समझकर सीखी गई सामग्री रटकर सीखी गई सामग्री की अपेक्षा अधिक स्थायी रहती है।
- अभ्यास एवं पुनरावृत्ति : उचित अन्तराल पर दोहराने से स्मृति-चिह्न दृढ़ होते हैं।
- संगठन : सामग्री को क्रमबद्ध एवं समूहों में व्यवस्थित करके सीखना स्मरण में सहायक होता है।
- अभिप्रेरणा : सीखने की इच्छा और उद्देश्य स्पष्ट होने पर स्मरण बेहतर होता है।
- शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य : पर्याप्त नींद, विश्राम और अच्छा स्वास्थ्य स्मृति को प्रभावित करते हैं।
- संवेगात्मक संतुलन : अत्यधिक भय, चिन्ता और तनाव स्मरण को बाधित कर सकते हैं।
Semester 1 की Complete तैयारी
- Official Syllabus
- Comprehensive Notes
- Quick Revision Notes
- Visual Revision Notes
- Audio Revision
- Solved MCQs
- MCQ Tests
- 2015–2025 Previous Year Papers
- Repeated Exam Questions
- 10 Model Papers