वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. वाटसन ने प्राथमिक संवेगों के सिद्धान्त के अन्तर्गत शिशुओं के भीतर जन्म से ही विद्यमान कितने संवेगों को बताया है?
(a) 4
(b) 6
(c) 5
(d) 3
उत्तर: (d) 3।
व्याख्या : वाटसन के अनुसार शिशु में तीन मूल संवेग—भय, क्रोध और स्नेह—जन्मजात रूप से पाए जाते हैं।
प्रश्न 2. जीन पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास की कितनी अवस्थाओं का वर्णन किया है?
(a) 3
(b) 4
(c) 6
(d) 5
उत्तर: (b) 4।
व्याख्या : पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ बताईं—संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था।
प्रश्न 3. बुद्धि के द्विकारक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया है?
(a) गटमैन ने
(b) बैकमैन ने
(c) स्पीयरमैन ने
(d) गिलफोर्ड ने
उत्तर: (c) स्पीयरमैन ने।
व्याख्या : चार्ल्स स्पीयरमैन ने बुद्धि के द्विकारक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। इसमें सामान्य कारक (G) और विशिष्ट कारक (S) बताए गए हैं।
प्रश्न 4. किशोरावस्था को किस विद्वान ने उथल-पुथल की अवस्था कहा है?
(a) स्टैनले हॉल ने
(b) क्लार्क ने
(c) वेबर ने
(d) विलियम जेम्स ने
उत्तर: (a) स्टैनले हॉल ने।
व्याख्या : जी. स्टैनले हॉल ने किशोरावस्था को तूफान और तनाव (Storm and Stress) की अवस्था कहा।
प्रश्न 5. आनुवंशिकता का वाहक होता है—
(a) आर.एन.ए.
(b) केन्द्रक
(c) जीन्स
(d) शिरा
उत्तर: (c) जीन्स।
व्याख्या : जीन्स आनुवंशिक सूचनाओं एवं गुणों के वाहक होते हैं, जिनके माध्यम से माता-पिता के जैविक गुण सन्तानों तक पहुँचते हैं।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा परीक्षण व्यक्तित्व का मापन करता है?
(a) भाटिया बैटरी परीक्षण
(b) टी.ए.टी.
(c) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण
(d) कुडर प्राथमिकता प्रपत्र
उत्तर: (b) टी.ए.टी.।
व्याख्या : टी.ए.टी. अर्थात् Thematic Apperception Test एक प्रक्षेपी व्यक्तित्व परीक्षण है।
प्रश्न 7. एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया जिसमें बालक/व्यक्ति किसी नई परिस्थिति का सामना करने अथवा किसी समस्या का समाधान करने में अपने पूर्व अनुभव का प्रयोग करता है, कहलाता है—
(a) कल्पना
(b) आत्मसातन
(c) समंजन
(d) चिन्तन
उत्तर: (d) चिन्तन।
व्याख्या : चिन्तन में व्यक्ति अपने पूर्व ज्ञान और अनुभवों का उपयोग करके किसी समस्या या नवीन परिस्थिति को समझने और उसका समाधान खोजने का प्रयास करता है।
प्रश्न 8. वह मानवीय योग्यता जिसके द्वारा व्यक्ति किसी नवीन रचना या विचार को प्रस्तुत करता है, कहलाता है—
(a) सृजनात्मकता
(b) प्रत्यक्षीकरण
(c) प्रक्षेपण
(d) उदात्तीकरण
उत्तर: (a) सृजनात्मकता।
व्याख्या : नवीन एवं मौलिक विचार, समाधान या रचना प्रस्तुत करने की योग्यता को सृजनात्मकता कहते हैं।
प्रश्न 9. कोहलर ने अपने सीखने के सिद्धान्त का प्रतिपादन किसके ऊपर प्रयोग करते हुए किया था?
(a) बिल्ली
(b) कुत्ता
(c) वनमानुष
(d) मनुष्य
उत्तर: (c) वनमानुष।
व्याख्या : कोहलर ने चिम्पैंजियों, विशेष रूप से सुल्तान नामक चिम्पैंजी, पर प्रयोग करके अन्तर्दृष्टि द्वारा सीखने के सिद्धान्त को स्पष्ट किया।
प्रश्न 10. अभ्यास और अनुभव के द्वारा व्यवहार में होने वाला परिवर्तन कहलाता है—
(a) अवधान
(b) अधिगम
(c) प्रतिकार
(d) प्रेरणा
उत्तर: (b) अधिगम।
व्याख्या : अनुभव एवं अभ्यास के फलस्वरूप व्यवहार या व्यवहार-क्षमता में होने वाले अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।
प्रश्न 11. किसी विषय, कार्य अथवा परिस्थिति में अर्जित ज्ञान द्वारा अन्य किसी कार्य, विषय अथवा परिस्थिति में लाभ प्राप्त होना कहलाता है—
(a) अल्पकालिक स्मृति
(b) दीर्घकालिक स्मृति
(c) अनुसरण
(d) अधिगम अन्तरण
उत्तर: (d) अधिगम अन्तरण।
व्याख्या : पहले सीखे गए ज्ञान, कौशल या अनुभव का किसी नई परिस्थिति में उपयोग होना अधिगम अन्तरण या अधिगम स्थानान्तरण कहलाता है।
प्रश्न 12. व्यक्ति में विद्यमान वह शक्ति जिसके कारण वह किसी कार्य को करने अथवा न करने के लिए बाध्य हो जाता है, कहलाता है—
(a) अभिप्रेरणा
(b) संवेदना
(c) अभिसरण
(d) प्रतिगमन
उत्तर: (a) अभिप्रेरणा।
व्याख्या : अभिप्रेरणा वह आन्तरिक शक्ति है जो व्यक्ति के व्यवहार को सक्रिय करती है और उसे किसी लक्ष्य की ओर निर्देशित करती है।
प्रश्न 13. ऐसी मानसिक प्रक्रिया जिसमें व्यक्ति पूर्व में धारण/याद की गई सामग्री को पुनः स्मरण करने में असमर्थ हो जाता है, कहलाता है—
(a) शमन
(b) दमन
(c) विस्मरण
(d) समंजन
उत्तर: (c) विस्मरण।
व्याख्या : पूर्व में सीखी एवं धारण की गई सामग्री को आवश्यकता के समय स्मरण न कर पाना विस्मरण कहलाता है।
प्रश्न 14. विभिन्न तथ्यों के बीच किसी एक ही तथ्य पर मन को एकाग्र किए रहना कहलाता है—
(a) अभ्यसन
(b) ध्यान लगाना
(c) प्रत्यभिज्ञा
(d) प्रस्मरण
उत्तर: (b) ध्यान लगाना।
व्याख्या : किसी विशेष वस्तु, विचार या क्रिया पर चेतना को केन्द्रित करने की मानसिक प्रक्रिया को ध्यान या अवधान कहते हैं।
प्रश्न 15. पदों के योग में पदों की संख्या से भाग देने पर जो प्राप्त होता है, कहलाता है—
(a) प्रसरण
(b) माध्यिका
(c) बहुलक
(d) माध्य
उत्तर: (d) माध्य।
व्याख्या : सभी पदों के योग को उनकी कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान को माध्य या मध्यमान कहते हैं।
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 16. “तुम मुझे एक दर्जन बालक लाओ और उनके विकास के लिए मेरे कहने के अनुसार वातावरण लाओ, मैं उन्हें जो कहो—डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, कलाकार बना सकता हूँ”, यह विचार किसने दिया?
उत्तर: यह विचार व्यवहारवादी मनोवैज्ञानिक जॉन बी. वाटसन ने दिया। उन्होंने व्यवहार के निर्माण में वातावरण को विशेष महत्त्व दिया।
प्रश्न 17. बालक में संवेगात्मक विकास के अन्तर्गत विकासात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया?
उत्तर: संवेगात्मक विकास के विभेदीकरण या विकासात्मक सिद्धान्त का प्रतिपादन कैथरीन ब्रिजेज ने किया।
प्रश्न 18. क्रन्दन, बलबलाना, हावभाव, शब्द-भण्डार तथा वाक्य निर्माण किसकी विकास अवस्थाएँ होती हैं?
उत्तर: क्रन्दन, बलबलाना, हावभाव, शब्द-भण्डार और वाक्य निर्माण भाषा विकास की अवस्थाएँ हैं।
प्रश्न 19. जीन पियाजे ने बालक के संज्ञानात्मक विकास के अन्तर्गत अनुकूलन क्रिया का विभाजन किन दो उप-प्रक्रियाओं में किया है?
उत्तर: अनुकूलन की दो उप-प्रक्रियाएँ हैं—आत्मसातीकरण (Assimilation) और समायोजन (Accommodation)।
प्रश्न 20. गिलफोर्ड ने बुद्धि के त्रिआयाम सिद्धान्त के अन्तर्गत किन तीन विधाओं में मानसिक योग्यताओं को वर्गीकृत किया?
उत्तर: गिलफोर्ड ने बुद्धि को तीन आयामों—संक्रियाएँ, विषय-वस्तु और उत्पाद—में वर्गीकृत किया।
प्रश्न 21. युंग ने सामाजिक अन्तर्क्रिया के आधार पर व्यक्तित्व को किन-किन भागों में वर्गीकृत किया?
उत्तर: युंग ने मुख्यतः अन्तर्मुखी और बहिर्मुखी प्रवृत्तियाँ बताईं; इनके मध्यवर्ती रूप को उभयमुखी कहा जाता है।
प्रश्न 22. वह मानसिक प्रक्रिया जिसमें संगठित और व्यवस्थित रूप से चिन्तन किया जाता है, कहलाती है।
उत्तर: संगठित एवं व्यवस्थित रूप से किया गया उद्देश्यपूर्ण चिन्तन तर्क (Reasoning) कहलाता है।
प्रश्न 23. बालक की वह मनोस्थिति जिसके द्वारा वह विभिन्न परिस्थितियों में व्यक्तिगत तथा सामाजिक समायोजन करने में समर्थ होता है, कहलाती है।
उत्तर: ऐसी संतुलित मनोस्थिति को मानसिक स्वास्थ्य कहते हैं।
प्रश्न 24. जब बालक किसी दूसरे बालक के कार्य को देखकर उसी की तरह सीखता है तो वह सीखने की कौन-सी विधि कहलाती है?
उत्तर: इसे अनुकरण द्वारा सीखना कहते हैं, जिसमें बालक दूसरे के व्यवहार या क्रिया को देखकर सीखता है।
प्रश्न 25. अन्य बातें समान होने पर कोई बालक कई बार प्रयास करते-करते कोई चीज सीख ले तो सीखने की यह विधि थॉर्नडाइक की किस विधि के अन्तर्गत आती है?
उत्तर: यह थॉर्नडाइक की प्रयत्न एवं भूल विधि के अन्तर्गत आता है।
प्रश्न 26. भोजन देने से पहले बार-बार घण्टी बजाने के बाद केवल घण्टी की आवाज पर कुत्ते में लार स्राव होने लगे तो यह किस सिद्धान्त के अन्तर्गत आता है?
उत्तर: यह इवान पावलॉव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धान्त का उदाहरण है।
प्रश्न 27. बालक में पाए जाने वाले जन्मजात अभिप्रेरकों का नाम बताइए।
उत्तर: जन्मजात या जैविक अभिप्रेरकों में भूख, प्यास, नींद और काम-प्रेरणा प्रमुख हैं।
प्रश्न 28. वह प्रवृत्ति जो बालक का ध्यान किसी वस्तु, व्यक्ति या क्रिया की ओर केन्द्रित करती है और उसके प्रति लगाव उत्पन्न करती है, कहलाती है।
उत्तर: ऐसी प्रवृत्ति को रुचि (Interest) कहते हैं।
प्रश्न 29. स्मृति के अन्तर्गत होने वाली चार प्रक्रियाओं के नाम बताइए।
उत्तर: स्मृति की चार प्रक्रियाएँ हैं—अधिगम, धारण, पुनःस्मरण और पहचान।
प्रश्न 30. अवर्गीकृत आँकड़ों में पदों की संख्या विषम होने पर माध्यिका ज्ञात करने का सूत्र क्या होता है?
उत्तर: आँकड़ों को क्रमबद्ध करने के बाद माध्यिका का स्थान ज्ञात किया जाता है—
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लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 31. बाल्यावस्था से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: शैशवावस्था और किशोरावस्था के मध्य की विकासात्मक अवस्था को बाल्यावस्था कहते हैं। इसे सामान्यतः 6 से 12 वर्ष तक माना जाता है। इस अवस्था में बालक विद्यालय एवं सामाजिक जीवन से अधिक सक्रिय रूप से जुड़ता है।
बाल्यावस्था की प्रमुख विशेषताएँ-
- शारीरिक विकास अपेक्षाकृत नियमित होता है।
- भाषा, स्मृति, तर्क एवं समस्या-समाधान क्षमता का विकास होता है।
- सहपाठियों और समूह के प्रति रुचि बढ़ती है।
- नियमों, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ विकसित होती है।
- स्वतन्त्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
प्रश्न 32. बुद्धिलब्धि से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर: बुद्धिलब्धि (Intelligence Quotient—IQ) व्यक्ति के बौद्धिक स्तर को व्यक्त करने वाला एक सूचकांक है। पारम्परिक अनुपात-बुद्धिलब्धि में मानसिक आयु की तुलना वास्तविक या कालानुक्रमिक आयु से की जाती है।
यदि मानसिक आयु और वास्तविक आयु समान हों तो पारम्परिक सूत्र के अनुसार IQ 100 प्राप्त होता है। आधुनिक बुद्धि-परीक्षणों में प्रायः मानकीकृत प्राप्तांकों के आधार पर IQ निर्धारित किया जाता है।
प्रश्न 33. वैयक्तिक भिन्नताओं से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: व्यक्तियों में शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, संवेगात्मक, सामाजिक तथा व्यवहारगत गुणों में पाए जाने वाले अन्तर को वैयक्तिक भिन्नता कहते हैं। कोई भी दो व्यक्ति सभी गुणों में पूर्णतः समान नहीं होते।
वैयक्तिक भिन्नता के प्रमुख क्षेत्र-
- शारीरिक बनावट एवं स्वास्थ्य
- बुद्धि एवं मानसिक योग्यताएँ
- रुचि एवं अभिरुचि
- सीखने की गति एवं उपलब्धि
- संवेग एवं स्वभाव
- व्यक्तित्व
- सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
शिक्षक को विद्यार्थियों की इन भिन्नताओं को ध्यान में रखकर शिक्षण की योजना बनानी चाहिए।
प्रश्न 34. व्यक्तित्व को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा व्यवहारगत विशेषताओं के संगठित और विशिष्ट स्वरूप को व्यक्तित्व कहते हैं। व्यक्तित्व केवल बाहरी रूप नहीं, बल्कि व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यवहार और समायोजन का प्रतिमान है।
ऑलपोर्ट के अनुसार, व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर स्थित मनो-शारीरिक तंत्रों का गत्यात्मक संगठन है, जो वातावरण के प्रति उसके विशिष्ट समायोजन को निर्धारित करता है।
प्रश्न 35. वंशानुक्रम से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर: माता-पिता और पूर्वजों से सन्तानों में आनुवंशिक माध्यम से प्राप्त होने वाली जैविक विशेषताओं के हस्तान्तरण को वंशानुक्रम या आनुवंशिकता कहते हैं। जीन्स आनुवंशिक सूचनाओं के प्रमुख वाहक होते हैं।
शारीरिक बनावट, आँखों एवं बालों का रंग तथा अनेक जैविक प्रवृत्तियों पर वंशानुक्रम का प्रभाव पड़ता है। बालक का वास्तविक विकास वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की पारस्परिक क्रिया से प्रभावित होता है।
प्रश्न 36. परिपक्वता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: आयु के साथ शरीर, मस्तिष्क, स्नायु-तन्त्र तथा अन्य जैविक संरचनाओं में होने वाले स्वाभाविक विकास के फलस्वरूप किसी कार्य को करने की तैयारी उत्पन्न होने की प्रक्रिया को परिपक्वता कहते हैं।
परिपक्वता अधिगम के लिए आवश्यक आधार प्रदान करती है। उदाहरण के लिए, पर्याप्त स्नायविक और पेशीय परिपक्वता के बाद ही बालक चलने, लिखने या अन्य जटिल कौशलों को प्रभावी ढंग से सीख सकता है।
प्रश्न 37. कोहलर द्वारा वर्णित अन्तर्दृष्टि का अर्थ बताइए।
उत्तर: किसी समस्या की सम्पूर्ण परिस्थिति तथा उसके विभिन्न भागों के पारस्परिक सम्बन्ध को समझकर समाधान की सूझ प्राप्त होने को अन्तर्दृष्टि कहते हैं। कोहलर ने चिम्पैंजियों पर प्रयोग करके अन्तर्दृष्टि द्वारा अधिगम को स्पष्ट किया।
इसमें जीव केवल अन्धाधुन्ध प्रयत्न नहीं करता, बल्कि उपलब्ध साधनों और लक्ष्य के सम्बन्ध को समझकर समस्या का समाधान करता है। समाधान कई बार अचानक स्पष्ट होने के कारण इसे सूझ द्वारा सीखना भी कहा जाता है।
प्रश्न 38. ग्राम शिक्षा समिति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: ग्राम स्तर पर विद्यालय और समुदाय के बीच सहयोग एवं सहभागिता स्थापित करने के उद्देश्य से गठित समिति को ग्राम शिक्षा समिति कहा जाता है। इसका उद्देश्य विद्यालय के संचालन एवं शैक्षिक विकास में स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाना है।
इसके प्रमुख कार्य-
- विद्यालय की शैक्षिक आवश्यकताओं और समस्याओं पर विचार करना।
- बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति के लिए समुदाय को प्रेरित करना।
- विद्यालय की गतिविधियों में अभिभावकों एवं समुदाय की सहभागिता बढ़ाना।
- विद्यालय के विकास के लिए सुझाव और सहयोग प्रदान करना।
- विद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना।
प्रश्न 39. ध्यान और रुचि का सम्बन्ध बताइए।
उत्तर: ध्यान और रुचि में घनिष्ठ सम्बन्ध होता है। जिस वस्तु या कार्य में व्यक्ति की रुचि होती है, उसकी ओर ध्यान सहज रूप से आकर्षित होता है। इसी प्रकार किसी विषय पर लगातार ध्यान देने और सफलता प्राप्त करने से उस विषय में रुचि भी विकसित हो सकती है।
मैकडूगल के अनुसार, “रुचि अव्यक्त ध्यान है और ध्यान क्रियाशील रुचि है।” अतः शिक्षण में विद्यार्थियों की रुचि उत्पन्न करके उनका ध्यान विषय पर केन्द्रित किया जा सकता है।
प्रश्न 40. बहुलक से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: बहुलक या बहुलांक (Mode) केन्द्रीय प्रवृत्ति की एक माप है। किसी वितरण या आँकड़ा-समूह में जिस मान की आवृत्ति सबसे अधिक होती है, उसे बहुलक कहते हैं।
उदाहरण के लिए—2, 3, 3, 4, 5 में 3 दो बार आया है और अन्य मान केवल एक बार, इसलिए इसका बहुलक 3 है।
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